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Ashutosh TripathiAshutosh TripathiFollow22 Aug 2024, 10:35 am
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झुंझुनूं में ओवरलोड डंपर पर कार्रवाई, चालान बनाकर सीज

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं ओवरलोड डंपरों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई सुलताना-किशोरपुरा मार्ग पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान परिवहन विभाग की जांच में ओवरलोड मिले दो डंपर दोनों डंपरों के चालान बनाकर सुलताना थाने में किए सीज जिला परिवहन अधिकारी के निर्देश पर चलाया गया अभियान ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई झुंझुनूं जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को सुलताना-किशोरपुरा मार्ग पर परिवहन विभाग की टीम ने जांच की। इस दौरान ओवरलोड संचालित दो डंपर पाए गए, जिनके चालान बनाकर सुलताना पुलिस थाने में सीज कर दिया गया। परिवहन निरीक्षक रोहताश कुमार ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से सुलताना और किशोरपुरा के बीच ओवरलोड वाहनों के संचालन की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर जिला परिवहन अधिकारी के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहनों की जांच की। जिला परिवहन कार्यालय झुंझुनूं से परिवहन निरीक्षक रोहताश कुमार और सुमित कुमार ने मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की जांच की। जांच के दौरान दो डंपर ओवरलोड पाए गए।टीम ने दोनों डंपरों के खिलाफ नियमनुसार चालान की कार्रवाई करते हुए उन्हें सुलताना पुलिस थाने में सीज करवा दिया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से ओवरलोड वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया।परिवहन निरीक्षक रोहताश कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
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चंबा में हर्ष महाजन जल्द कांग्रेस में शामिल: पठानिया का बड़ा दावा

Chamba, Himachal Pradesh:चंबा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि आजकल हर्ष महाजन राजनीतिक भविष्यवाणी कर रहे हैं कि 15-20 साल तक कांग्रेस नहीं आएगी। लेकिन वह भूल गए हैं कि कांग्रेस ने ही उन्हें पैदा किया है। इसलिए मैं उनकी फितरत जानता हूं। वह जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह जानते हैं कि हर्ष महाजन भाजपा में क्यों गए हैं और कैसे गए हैं? यह तो चाह रहे थे कि 2024 में ही कांग्रेस की सरकार गिर जाए, क्योंकि यही तो षड्यंत्रकारी थे। आज नौ व्यक्ति जिनमें से छह घर में बैठे हैं, वो उनके पास विधानसभा में आकर आज रोते और बिलखते हुए कहते हैं उन्हें तो पता ही नहीं लगा कि कैसे हर्ष महाजन ने उन्हें उस्तरा लगाया है। उन्होंने कहा कि वह हर्ष को जानते हैं इसलिए उनके प्रयास और सोच कभी कामयाब नहीं होगी। कुलदीप पठानिया ने कहा कि चंबा अगर आज एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की श्रेणी में आता है तो इसके लिए हर्ष महाजन और उनका परिवार ही जिम्मेदार है। क्योंकि, उनसे पहले हर्ष महाजन का परिवार ही तो सियासत में था। उन्होंने दो टूक कहा कि हर्ष महाजन भटियात और टनल निर्माण की चिंता न करें। उन्हें मालूम है कि टनल का विरोध कौन कर रहा है, लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं टनल बनेगी और जरुर बनेगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह टनल अन्य टनलों से पहले बनेगी।
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हरियाणा में तापमान गिरने से सरसों की बुवाई के लिए किसानों में उम्मीद जगी

Hisar, Haryana:हरियाणा में मौसम के बदलते मिजाज के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश और बादलवाई के बाद तापमान में लगभग 5°C तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. मदन खीचड़ ने जी मीडिया को विशेष बातचीत में बताया कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि शुष्क मौसम के चलते तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने आगे बताया कि तापमान में आई इस गिरावट से विशेष तौर पर किसानों को बड़ा फायदा मिलने वाला है; पहले तापमान अधिक होने की वजह से सरसों की बिजाई की सिफारिश नहीं की जा रही थी, लेकिन अब ठंडा हुआ यह मौसम सरसों की बिजाई के लिए बेहद अनुकूल और फायदेमंद है, इसलिए किसान अब बिना किसी देरी के सरसों की बुवाई कर सकते हैं।
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जमुई में प्रशांत किशोर ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, स्नातक एमएलसी चुनाव

Jamui, Bihar:जमुई में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जमुई में स्नातक मतदाताओं को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान की तारीख और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आयोग पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि स्नातक निर्वाचन में शिक्षक मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इस वर्ग को ध्यान में रखकर निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने के बजाय आयोग की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, प्रशांत किशोर ने मतदान के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि स्नातक एमएलसी चुनाव में पहले रविवार को मतदान होता था, लेकिन अब शुक्रवार को मतदान कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण मुस्लिम शिक्षक मतदाताओं को मतदान करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने इस फैसले को लेकर निर्वाचन आयोग की मंशा पर सवाल उठाए और इसे हिंदू-मुस्लिम के संदर्भ में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया। बहरहाल, प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में 28 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बात सिर्फ ज्ञानेश कुमार की नहीं है। उन्हें नहीं पता कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका क्या है, लेकिन जिस तरह से निर्वाचन आयोग की ओर से लगातार एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप सामने आ रहा है, उससे सवाल उठना लाजिमी है। वही प्रशांत किशोर अपने कोसी स्नातक के उम्मीदवार रजनीश कुमार के पक्ष में मतदाताओं को जागरूक करने और रजनीश कुमार के पक्ष में मतदान करने की अपील के लिए जमुई पहुंचे थे वहीं निजी विवाह भवन में कार्यक्रम के दौरान होने यह बात कहीहै।
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सरदारशहर के होटल शांति पैलेस में देह व्यापार का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

Churu, Rajasthan:सरदारशहर। सरदारशहर में होटल की आड़ में देह व्यापार का खुलासा! शांति पैलेस पर पुलिस की रेड, संचालक गिरफ्तार, बोगस ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस ने बिछाया जाल, युवती का रेस्क्यू कर परिजनों को सौंपा सरदारशहर थाना अधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत के सरदारशहर पुलिस थाने में आने के बाद शहर में संचालित होने वाली अवैध गतिविधियों पर मानो पूरी तरह से रोक लग गई है, शहर में संचालित होने वाले जुआ सट्टा, देह व्यापार, अवैध कैफे, मादक पदार्थ सहित तमाम अवैध कार्यों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सरदारशहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोडवेज बस स्टैंड के पीछे स्थित होटल शांति पैलेस पर दबिश दी। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। होटल की आड़ में कथित देह व्यापार संचालित किए जाने के मामले में पुलिस ने होटल संचालक को गिरफ्तार किया है। वहीं, मौके से एक युवती का रेस्क्यू कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। थाना अधिकारी धीरेंद्रसिंह शेखावत ने बताया कि होटल संचालक सरदारशहर के वार्ड नंबर 25 निवासी 42 वर्षीय भंवरलाल पुत्र नानूराम माली को गिरफ्तार किया गया है। मामले में पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी कुलदीप वालिया ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि रोडवेज बस स्टैंड के पीछे वाली गली में स्थित होटल शांति पैलेस में कथित रूप से देह व्यापार करवाया जा रहा है। सूचना में आरोप लगाया गया था कि होटल संचालक बाहर से युवतियों को बुलाकर होटल में ठहराता था और ग्राहकों से कमीशन लेकर अनैतिक गतिविधियां संचालित करवाता था। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने बोगस ग्राहक के जरिए कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद डीएसपी कुलदीप वालिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान होटल संचालक को गिरफ्तार किया गया और मौके से एक युवती को रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरी कार्रवाई में सरदारशहर थाना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत सहित पुलिस टीम मौजूद रही। मामले में पीटा एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। थाना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत ने होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि किसी भी होटल में अवैध गतिविधियां संचालित होने की पुष्टि होने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर में होटल व्यवसाय की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित करने वालों में हलचल मचचि है।
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झुंझुनूं में सुशीला सीगड़ा की कांग्रेस वापसी, बीजेपी हिल गई

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं - झुंझुनूं में तीन बार प्रधान रही सुशीला सीगड़ा की कांग्रेस में घर वापसी - नामांकन के आखिरी दिन झुंझुनूं की राजनीति में बड़ा उलटफेर - तीन बार प्रधान रहीं सुशीला सीगड़ा ने सात साल बाद छोड़ी बीजेपी - कांग्रेस ने सुशीला सीगड़ा को जिप वार्ड नंबर छह से दिया टिकट - पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार पर सुशीला सीगड़ा ने लगाए गंभीर आरोप - बोलीं, पूर्व सांसद अपने राशन कार्ड में लिखे नामों को ही टिकट देते हैं - कार्यकर्ताओं की अनदेखी और परिवारवाद को लेकर उठाए सवाल - सांसद बृजेंद्र ओला और रीटा चौधरी की भूमिका से हुई घर वापसी - पूर्व सांसद की पुत्रवधू अनामिका के सामने सुशीला सीगड़ा की चुनौती झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन झुंझुनूं की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पंचायतराज की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाली झुंझुनूं पंचायत समिति की तीन बार प्रधान रह चुकीं सुशीला सीगड़ा ने करीब सात साल बाद बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में घर वापसी कर ली। नामांकन की अंतिम समय सीमा से करीब दो घंटे पहले हुए इस घटनाक्रम ने जिले के सियासी समीकरणों को चर्चा में ला दिया है। कांग्रेस ने सुशीला सीगड़ा को जिला परिषद के वार्ड नंबर 6 से अपना प्रत्याशी बनाया है। सुशीला सीगड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी के विद्यार्थी भवन स्थित कार्यालय पहुंचीं। जहां रीटा चौधरी ने कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सुशीলা की कांग्रेस में वापसी करवाने में सांसद बृजेंद्र ओला और विधायक रीटा चौधरी की अहम भूमिका बताई जा रही है। कांग्रेस में उनकी वापसी से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं बीजेपी के लिए इसे चुनाव के ठीक पहले बड़ा झटका माना जा रहा है। सुशीला सीगड़ा पहले बीजेपी से जिला परिषद के वार्ड नंबर 6 का टिकट मांग रही थीं। इसी वार्ड से पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की छोटी पुत्रवधू अनामिका को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला सामने आने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। टिकट को लेकर बने हालात के बीच सुशीला ने बीजेपी छोड़ने और कांग्रेस में लौटने का निर्णय किया। सुशीला सीगड़ा ने इस घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की कार्यशैली और टिकट वितरण की सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई और टिकट वितरण में सीमित दायरे के लोगों को प्राथमिकता दी गई। सुशीला के मुताबिक, जब उनके साथ जुड़े कार्यकर्ताओं को ही राजनीतिक अवसर नहीं मिल रहे थे, तो बीजेपी में बने रहने का औचित्य क्या था? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि— पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार के राशन कार्ड में जितने नाम हैं, पूर्व सांसद साहब उनको ही टिकट देते हैं। वो बाहर देखते नहीं हैं कि कोई और कार्यकर्ता भी हैं चुनाव लड़ने वाले | सुशीला ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली में आम कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। सुशीला सीगड़ा की राजनीतिक ताकत का अंदाजा उनके लंबे चुनावी अनुभव से लगाया जा सकता है। वर्ष 2000 में पहली बार चुनाव जीतकर प्रधान बनने के बाद उन्होंने झुंझुनूं पंचायत समिति की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखा। वे तीन बार स्वयं प्रधान बनीं, जबकि आरक्षण के कारण एक कार्यकाल में अपनी करीबी एवं पारिवारिक सदस्य मंजू सीगड़ा को प्रधान की जिम्मेदारी दिलाने में उनकी भूमिका रही। इस तरह करीब दो दशक तक पंचायत समिति के नेतृत्व से जुड़े रहने के कारण सुशीला सीगड़ा को क्षेत्र की अनुभवी महिला नेताओं में गिना जाता है। वे सीगड़ा परिवार की बहू हैं। इस परिवार की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से मजबूत उपस्थिति रही है। उनके ससुर स्वर्गीय बृजलाल सीगड़ा सात वर्षो तक झुंझुनूं पंचायत समिति के प्रधान रहने के साथ साथ करीब 25 साल तक सरपंच रहे थे। यही वजह है कि सुशीला सीगड़ा का कांग्रेस में लौटना महज एक प्रत्याशी का दल बदलना नहीं, बल्कि पंचायत राज चुनाव में पुराने राजनीतिक समीकरणों के बदलने के रूप में देखा जा रहा है। जिला परिषद चुनाव के ठीक पहले सुशीला सीगड़ा की कांग्रेस में वापसी ने बीजेपी के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी की है। एक तरफ पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की पुत्रवधू अनामिका वार्ड नंबर 6 से चुनावी मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक पंचायत समिति की राजनीति में सक्रिय रहीं और पंचायतराज चुनावों में अब तक एक भी चुनाव ना हारने का रिकॉर्ड रखने वाली सुशीला सीगड़ा अब कांग्रेस के टिकट पर इसी वार्ड से चुनाव लड़ेंगी। इस मुकाबले में राजनीतिक अनुभव, स्थानीय संपर्क, कार्यकर्ताओं की भूमिका और परिवारों की राजनीतिक पकड़ जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के फैसले से ही तय होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि सुशीला सीगड़ा की कांग्रेस में वापसी वार्ड नंबर 6 के चुनाव को किस तरह प्रभावित करती है और बीजेपी के भीतर टिकट वितरण को लेकर उठे सवालों का पार्टी किस तरह सामना करती है। नामांकन के आखिरी दिन हुए इस उलटफेर ने झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव की सियासत को नया मोड़ दे दिया है.
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