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नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर से चैन पट्टी पर तटबंध टूट गया, ग्रामीण विस्थापित
Noida, Uttar Pradesh:Kushinagar (Uttar Pradesh): River Embankment Breaches Near Chain Patti As Narayani River Swells; Villagers Evacuate. Visuals / Ajay Kumar Lallu (Congress Leader, Former MLA) नारायणी नदी में जलस्तर बढ़ने से चैन पट्टी के पास नदी का तटबंध टूट गया; ग्रामीण विस्थापित हुए / दृश्य / प्रतिक्रिया अजय कुमार लल्लू (कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक)0
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नोएडा: आयकर विभाग की जांच प्राधिकरण के कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी खबर
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में आयकर विभाग की जांच से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली में पिछले चार दिनों से चल रही आयकर विभाग की जांच सोमवार को पांचवें दिन नोएडा पहुंच गई。 सोमवार तड़के आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें नोएडा पहुंचीं। टीमों ने चार लोगों को उनके घर से पूछताछ और जांच में सहयोग के लिए अपने साथ ले गई। बतायाजा रहा है कि इनमें तीन लोग नोएडा प्राधिकरण के संविदाकर्मी हैं。 इनमें एक जीएम का पीएस बताया जा रहा है。 दूसरा कर्मचारी एक वर्क सर्किल में मेट के पद पर कार्यरत है。 तीसरा कर्मचारी भी वर्क सर्किल के कामकाज से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है。 वहीं, चौथा व्यक्ति प्राधिकरण का कर्मचारी नहीं है, लेकिन उसका प्राधिकरण में आना-जाना बताया जाता है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई को लेकर प्राधिकरण को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि यह संबंधित कर्मचारियों का निजी मामला है। हालांकि, आयकर विभाग की कार्रवाई की चर्चा पूरे दिन नोएडा प्राधिकरण और शहर में बनी रही।0
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पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का निधन, नागौद में शोक की लहर
Noida, Uttar Pradesh:पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का दुखद निधन, क्षेत्र में शोक की लहर नागौद के पूर्व विधायक स्व. रामप्रताप सिंह (पतौरा गढ़ी) के अस्वस्थ होने पर दो दिन सतना में इलाज चला, सुधार न होने पर उन्हें एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था। डाक्टरों द्वारा मना करने के बाद आज वापस सतना लौटते समय रास्ते में उनका दुखद निधन हो गया। वे भाजपा नेता गगनेंद्र प्रताप सिंह के पूज्य पिताजी थे。 स्व. रामप्रताप सिंह (पतौरा गढ़ी) नागौद सीट से 3 बार विधायक चुने गए थे। ▪️1985 – कांग्रेस टिकट पर ▪️1990 – कांग्रेस टिकट पर ▪️1998 – निर्दलीय के रूप में (कांग्रेस ने टिकट न देने के बाद उन्होंने बागी होकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। पूरे क्षेत्र में उन्हें जुझारू और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय नेता के रूप में जाना जाता था। वे क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से वे 'नर्मदा जल सतना लाओ संघर्ष समिति' के संयोजक के रूप में सतना जिले को उसके हिस्से का नर्मदा जल (बरगी टनल प्रोजेक्ट) दिलाने के लिए बड़े आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं।0
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नोएडा की तीन जगहों पर बदहाल सड़कों के गड्ढे, ई-रिक्शा क्षुब्ध
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा की 3 लोकेशन से WT किया.. बदहाल सड़कों को दिखाते हुए.. सड़कों में गड्ढा हो गए हैं..ई रिक्शे वालों का कहना है..बहुत बुरा हाल है..हमारी ई रिक्शा इसमें पलट जाती है..धीरे धीरे चलाना पड़ता है 1- पृथला के पास सेक्टर 121 से WT किया है..सड़क पर गड्ढों को दिखाते हुए 2- नोएडा के सेक्टर 71 पर भी सड़क का बुरा हाल है..सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है 3- सेक्टर 71 इलाके में भी सड़क का बुरा हाल है..बड़े गड्ढे बने हुए हैं..0
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Voice of Hind आतंकी साजिश केस: 4 दोषियों को सजा, तीन को 6-6 साल
New Delhi, Delhi:ISIS के ‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी साजिश मामले में 4 दोषियों को सजा, 3 को 6-6 साल और एक को 5 साल की जेल दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित NIA की स्पेशल एक्सक्लूसिव कोर्ट-01 ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS की ‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी sाजिश से जुड़े मामले में चार दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी (A-1), रमीज अहमद लोन (A-2) और तनवीर अहमद भट (A-3) को 6-6 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। वहीं अफशान परवेज जराबी (A-5) को 5 साल की कठोर कैद की सजा मिली है। इसके साथ ही कोर्ट ने उमर निसार पर 36 हजार रुपये, रमीज अहमद लोन पर 31 हजार रुपये, तनवीर अहमद भट पर 23 हजार रुपये और अफशान परवेज जराबी पर 9 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। चारों आरोपियों को कोर्ट ने इससे पहले 17 सितंबर 2026 को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने इन्हें आपराधिक साजिश, UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। इन पर ISIS की विचारधारा और प्रचार सामग्री को फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और ISIS में भर्ती के लिए प्रेरित करने से जुड़े आरोप साबित हुए। ISIS ने ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए चलाया था प्रचार NIA के मुताबिक, यह मामला ISIS की उस साजिश से जुड़ा है, जिसके तहत भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर हिंसक जिहाद के लिए तैयार करने और ISIS में भर्ती करने की कोशिश की जा रही थी। जांच में सामने आया कि अलग-अलग संघर्ष क्षेत्रों में सक्रिय ISIS के आतंकियों और भारत में मौजूद उसके सदस्यों ने छद्म ऑनलाइन पहचान के जरिए एक नेटवर्क तैयार किया था। इस नेटवर्क के जरिए ISIS की विचारधारा और प्रचार सामग्री सोशल मीडिया तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जाती थी। इसी नेटवर्क के जरिए भारत-केंद्रित ISIS की ऑनलाइन पत्रिका ‘Sawt-al-Hind’ यानी ‘The Voice of Hind’ को तैयार कर उसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। NIA के मुताबिक, ऑनलाइन प्रचार के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग का नेटवर्क भी संचालित किया गया था। युवाओं को ISIS में शामिल होने के लिए किया जाता था प्रेरित NIA की जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े साइबर नेटवर्क के लोग ‘Voice of Hind’ की सामग्री तैयार करने, एडिट करने, प्रकाशित करने और अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने में शामिल थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को ISIS के कब्जे वाले संघर्ष क्षेत्रों—सीरिया, इराक, अफगानिस्तान और अन्य इलाकों में तथाकथित ‘हिजरत’ यानी पलायन के लिए भी प्रेरित और मदद की जाती थी। आरोपियों की क्या भूमिका रही? उमर निसार: कोर्ट के मुताबिक वह ‘Voice of Hind’ पत्रिका, Telegram और अन्य ऑनलाइन चैनलों के जरिए ISIS की सामग्री के प्रचार-प्रसार में शामिल था। इसका उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाना और ISIS में भर्ती के लिए प्रेरित करना था。 रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट: दोनों पर ISIS की विचारधारा का प्रचार करने तथा युवाओं को ISIS में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बनाने और भर्ती के लिए प्रेरित करने की भूमिका साबित हुई。 अफशान परवेज जराबी: वह ‘Voice of Hind’ के लिए लेखों के प्रकाशन और Telegram चैनलों के जरिए उनके प्रसार में शामिल था। कोर्ट के मुताबिक उसने ISIS की विचारधारा के प्रचार और युवाओं को संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने में भी भूमिका निभाई。 NIA ने बरामद किया था डिजिटल और आतंकी प्रचार का सामान जांच के दौरान NIA ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद की थी। इनमें ‘Voice of Hind’ की PDF फाइलें, मारे गए आतंकियों के पोस्टर, कट्टरपंथी साहित्य, ISIS के प्रचार से जुड़े वेब लिंक, ISIS के झंडे वाला टी-शर्ट, चैट और हथियारों की खरीद से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग शामिल थीं。 इसके अलावा मीडिया, वैचारिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध से संबंधित सामग्री तथा ISIS के बैनर और झंडे भी बरामद किए गए थे। 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट इस मामले में NIA ने कुल 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और चार सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थीं। जांच में आरोपियों के ISIS के ‘Voice of Hind’ मॉड्यूल से जुड़े होने और ऑनलाइन गतिविधियों के जरिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की बात सामने आई。 चार आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अभी जारी है。0
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