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लखनऊ नगर निगम ने 8 जोनों में जनगणना नियंत्रण कक्ष स्थापित, हेल्पलाइन शुरू

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ नगर निगम ने 8 जोनों में स्थापित किए 'जनगणना नियंत्रण कक्ष', त्वरित समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी\n\nलखनऊ, 22 मई। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकान गणना' के सफल संचालन हेतु लखनऊ नगर निगम द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर के सभी 8 जोनों में 'जनगणना नियंत्रण कक्ष' स्थापित किए गए हैं।\n\nअपर नगर आयुक्त/नगर जनगणना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के क्रम में, ये नियंत्रण कक्ष दिनांक 22 मई, 2026 से 20 जून, 2026 तक क्रियाशील रहेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य से संबंधित जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण, सूचनाओं का आदान-प्रदान एवं प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।\n\nप्रत्येक जोनल नियंत्रण कक्ष में एक वरिष्ठ लिपिक को प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। लखनऊ की जनता अपनी जनगणना संबंधी किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए सुबह 8:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक सीधे संबंधित जोन के प्रभारी अधिकारी से संपर्क कर सकती है।\n\nजोनवार नियंत्रण कक्ष प्रभारी एवं हेल्पलाइन नंबर: \n*जोन*\t* *नियंत्रण कक्ष प्रभारी*\t* *हेल्पलाइन नं०*\nजोन-01 आरिफ नकवी, लिपिक 9415026695\nजोन-02 अर्चना, लिपिक 9044477306\nजोन-03 Asiś Chandra, लिपिक 9305888263\nजोन-04 विरेन्द्र कुमार, लिपिक 7905873935\nजोन-05 मनोज कुमार, लिपिक 8318903325\nजोन-06 मिर्जा इरसाद बेग, लिपिक 8576067280\nजोन-07 प्रवीन सिंह, लिपिक 8299778548\nजोन-08 आशुतोष गुप्ता, लिपिक 9919476939\nनगर आयुक्त, आई.ए.एस. गौरव कुमार ने जनता से अपील की है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। यदि किसी भी नागरिक को प्रगणक के संबंध में कोई शंका हो या कोई समस्या आए, तो वे तत्काल अपने जोन के नियंत्रण कक्ष पर संपर्क करें। सभी प्रगणकों के पास नगर निगम द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान-पत्र होना अनिवार्य है तथा जनगणना का कार्य पूर्णतः निःशुल्क है।
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लखनऊ: गोमती नगर में नया विधानभवन कॉम्प्लेक्स बनना तय, टेंडर जारी

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर अब नई विधानसभा बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर शुक्रवार को मुहर लग गई, जब एलडीए ने विधानभवन कॉम्प्लेक्स की डिजाइन और प्लानिंग के लिए कंसल्टेंट व आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया। एलडीए की ओर से जारी आरएफपी के अनुसार कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकेंगी। कंसल्टेंट चयन के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण अवधि तय की जाएगी। जिस जमीन पर नया विधानभवन प्रस्तावित है, उसका कुल क्षेत्रफल 245 एकड़ है। इसमें 170 एकड़ जमीन नगर निगम की और 75 एकड़ एलडीए की है। यह वही जमीन है, जो पहले सहारा इंडिया को लीज पर दी गई थी। बताया जा रहा है कि केवल विधानसभा ही नहीं, बल्कि यहां सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और अन्य सरकारी दफ्तरों को भी विकसित करने की तैयारी है। इसी वजह से टेंडर में "विधानभवन कॉम्प्लेक्स" शब्द का इस्तेमाल किया गया है। सरकार लंबे समय से नई विधानसभा के लिए बड़े भूखंड की तलाश में थी। मगर शहर में इतनी बड़ी और उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही थी। गोमती नगर की यह जमीन लोकेशन और कनेक्टिविटी दोनों लिहाज से बेहतर मानी जा रही है। शासन स्तर पर फैसला होने के बाद बीते कुछ महीनों में जमीन की पैमाइश और तकनीकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, हालांकि तब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। नगर निगम ने 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी थी। शर्त थी कि यहां आवासीय कॉलोनी और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। नगर निगम का आरोप था कि कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया। इसको लेकर वर्षों तक विवाद चलता रहा। पिछले साल 30 साल की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम ने लीज आगे नहीं बढ़ाई और जमीन वापस अपने कब्जे में ले ली। वहीं एलडीए ने भी अपनी 75 एकड़ जमीन पहले ही वापस ले ली थी। इसके बाद से यहां विधानसभा निर्माण की चर्चा तेज हो गई थी। एलडीए वीसी बोले-आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण के लिए कंसल्टेंट औ
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CBI ने पुष्प विहार में सहायक आयुक्त को रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया

New Delhi, Delhi:दिल्ली के पुष्प विहार में सीबीआई ने दस हजार के साथ सहायक आयुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार राशन कार्ड को लेकर की गई थी 50 हजार की डिमांड सीबीआई रेड के बाद फूड एंड सप्लाई विभाग में मचा हड़कंप दिल्ली के पुष्प विहार में सीबीआई ने 21 मई को रेड मारी और फूड एंड सप्लाई विभाग के सहायक आयुक्त विनोद कुमार को दस हजार रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पीड़ित उचित दर दुकान के दीपक कुमार के वकील राहुल अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से राशन शॉप कीपर को सहायक आयुक्त द्वारा राशन कार्डों को लेकर परेशान किया जा रहा था।यही नहीं राशन शॉप पर राशन कार्ड बढ़ाने को लेकर प्रति कार्ड के 100 रुपये मांग की गई थी जिसमें 475 कार्ड की बात हुई जिसमें 50 हजार की डिमांड की गई थी।लेकिन दीपक देने में असमर्थ था और उसने इस बारे में अपने वकील से बात की और शिकायत सीबीआई में की।सीबीआई की टीम ने अपना जाल बिछाया और पुष्प विहार में सहायक आयुक्त को दस हजार के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया।काफी देर तक सीबीआई पूछताछ की और उसके बाद उसे गिरफ्तार कर ले गई।फूड एंड सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार का कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप में कई अधिकारी गिरफ्तार हो चुके है।यही नहीं राशन शॉप कीपर ने अपना नाम सामने ना आने पर बताया कि सहायक आयुक्त ऑफिस में ही नहीं बल्कि सभी राशन दफ्तरों में पैसो का खेल खुले आम चल रहा है।बताया जा रहा है कि नीचे से लेकर उच्च अधिकारी तक राशन शॉप कीपर को राशन का लाइसेंस कैंसिल कराने के नाम पर डरा धमकाकर उगाई की जाती है।और दीपक कुमार ने हिम्मत जुटाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई में शिकायत की और फूड एंड सप्लाई विभाग के सहायक आयुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
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ग्रेटर नोएडा: ऑनलाइन परीक्षा धांधली गैंग का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा से 7 गिरफ्तार, प्रॉक्सी सर्वर से बाहर बैठकर सॉल्वर करा रहे थे पेपर हल ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट ने नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 50 लाख रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल, राउटर और अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई है。 गिरफ्तार आरोपी SSC द्वारा आयोजित CAPF और SSF कांस्टेबल (GD) तथा असम राइफल्स में राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल करा रहे थे। STF के मुताबिक आरोपी परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर प्रॉक्सी सर्वर के जरिए स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन से बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करा रहे थे。 सेंटर संचालक निकला मास्टरमाइंड एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान ने बताया कि वह बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र संचालित करता है। उसने मेरठ कॉलेज से एमकॉम किया है और लंबे समय से ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली करा रहा था। उसकी मुलाकात बागपत निवासी अमित राणा से हुई थी, जिसने परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर बाहर से पेपर सॉल्व कराने की तकनीक विकसित की।आरोपी अरुण कुमार परीक्षा केंद्र पर आईटी हेड के तौर पर काम करता था और वही प्रॉक्सी सर्वर लगाने का काम संभालता था। बताया गया कि वह करीब ढाई साल पहले इसी सेंटर पर इनविजिलेटर बनकर आया था और बाद में गिरोह से जुड़ गया。 4 लाख में होता था ‘पेपर सेट’ एसटीएफ जांच में सामने आया कि गिरोह एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए 4 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें 50 हजार रुपए अभ्यर्थी लाने वाले एजेंट को दिए जाते थे, जबकि बाकी रकम प्रदीप चौहान, अमित राणा और सॉल्वर के बीच बांटी जाती थी。 संदीप भाटी नामक आरोपी का काम ऐसे अभ्यर्थियों को तलाशना था जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। वह विभिन्न कंपनियों में लैब सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुका है。 दो अभ्यर्थी भी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में दो अभ्यर्थियों शाकिर मलिक और विवेक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। दोनों परीक्षा देने पहुंचे थे और गिरोह के जरिए पेपर हल कराने की तैयारी में थे。 ये सामान हुआ बरामद आरोपियों से 50 लाख रुपए नकद ,10 मोबाइल फोन ,5 लैपटॉप ,1 राउटर ,अभ्यर्थियों की सूची ,2 एडमिट कार्ड, Eduquity कंपनी के 4 एंट्री/आईडी कार्ड, इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी प्रदीप चौहान, मुजफ्फरनगर अरुण कुमार, मथुरा संदीप भाटी, बुलंदशहर निशांत राघव, बुलंदशहर अमित राणा, बागपत शाकिर मलिक, बागपत विवेक कुमार, बुलंदशहर एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में बीएनएस, आईटी एक्ट और भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है。
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