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फतेह जंग बाजवा: HC चीफ जस्टिस को लेकर कंट्रोवर्सी; अमृतसर एयरपोर्ट पर फ्लाइट डायवर्ट

Noida, Uttar Pradesh:भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता फतेह जंग बाजवा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस को लेकर बिना वजह है कि कंट्रोवर्सी आम आदमी पार्टी की ओर से खड़ी की गई है उन्होंने कहा कि यह सब कुछ क्लोज़िंग के ज़रिए होता है । -उन्होंने कहा कि अमृतसर के एयरपोर्ट पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी इसलिए यह फ़्लाइट डायवर्ट की गई अकाली दल पर गैंगस्टर को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्री अब ख़ुद गैंगस्टरों की शरण में जा रहे हैं अकाली भाजपा से गठबंधन को लेकर पार्टी हाई कमांड ने फ़ैसला करना है हम तो 117 सीटों पर काम कर रहे हैं
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नेहरू विहार की तिरछी इमारत बन सकती है बड़ी आपदा, प्रशासन कब करेगा कार्रवाई

New Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली के नेहरू विहार में एक तिरछी और जर्जर इमारत लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। करीब तीन साल पहले नगर निगम ने इसे डेंजर घोषित कर नोटिस चस्पा किया था, लेकिन अब तक इसे गिराने की कार्रवाई नहीं हुई। इमारत के ठीक सामने कोचिंग सेंटर है, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में सवाल है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? तस्वीरें नेहरू विहार की उस इमारत की हैं, जो अपनी हालत के चलते कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इमारत एक तरफ झुकी हुई नजर आ रही है और इसके आसपास घनी आबादी है। यहां हर रोज बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ठीक इस इमारत के सामने एक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है, जहां सैकड़ों छात्र पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। अगर अचानक इमारत का कोई हिस्सा गिरता है, तो इसकी चपेट में आसपास मौजूद लोगों के साथ छात्र भी आ सकते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन साल पहले नगर निगम की ओर से इस इमारत पर नोटिस चस्पा किया गया था और इसे खतरनाक इमारत के तौर पर चिन्हित किया गया था। लेकिन सवाल ये है कि नोटिस लगाने के बाद आगे की कार्रवाई कहां अटक गई? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद इमारत को हटाने या ध्वस्त करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि इमारत की हालत लगातार खराब होती जा रही है और अब इसका झुकाव भी चिंता बढ़ा रहा है। दिल्ली में जर्जर इमारतों को लेकर पहले भी बड़े हादसे सामने आते रहे हैं। सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। हादसों के बाद प्रशासन हरकत में आता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किए बिना खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? नेहरू विहार के लोग भी इसी सवाल का जवाब मांग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में सिर्फ यही एक इमरात नहीं, बल्कि कई पुरानी और जर्जर इमारतें मौजूद हैं। कुछ इमारतों के अंदर कोचिंग सेंटर भी चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम ने किसी इमारत को खतरनाक घोषित किया है तो उसके बाद सुरक्षा के लिए जरूरी कदम भी उठाने चाहिए। सिर्फ नोटिस चस्पा कर जिम्मेदारी खत्म कर देना काफी नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर है। क्या अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? क्या शिकायतों और पत्राचार के बावजूद कार्रवाई के लिए किसी हादसे का होना जरूरी है? और सबसे अहम सवाल- जब इमारत को करीब तीन साल पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था, तो अब तक इसे सुरक्षित करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नेहरू विहार के लोगों को डर है कि कहीं ये तिरछी इमारत किसी दिन बड़ी तबाही की वजह न बन जाए। अब देखना ہوگا कि प्रशासन इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए कब कार्रवाई करता है।
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201304

ओवैसी के यूपी दौरे पर मौलाना रिजवी बरेलवी का तीखा हमला

Noida, Uttar Pradesh:इफराहीम हुसैन (मुस्लिम धर्मगुरु) असदुद्दीन ओवैसी के यूपी दौरे पर मौलाना रिज़वी बरेलवी का तीखा हमला- 'नफरत फैलाने आ रहे हैं ओवैसी, यूपी का मुसलमान नहीं करेगा पसंद!' बरेली- एआइएमआइएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के यूपी दौरा पर मौलाना सहाबुद्द्दीन रिजवी बरेलवी का बड़ा बयान। ओवैसी साहब की यूपी में इच्छा पूरी नहीं होगी। ओवैसी उत्तर प्रदेश में आकर हिंदू मुस्लिम के बीच नफरत फैलाएंगे। नफरत पहले से ही है वह उसमें घी डालने का काम करेंगे। ओवैसी की सोच की सियासत हैदराबाद में चल सकती है उत्तर प्रदेश में नहीं। उत्तर प्रदेश की सियासत भाईचारा प्यार मोहब्बत और एक दूसरे के सहयोग की सियासत है। ओवैसी की सियासत यूपी के मुसलमान पसंद नहीं करते।
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