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दिल्ली में छठ महापर्व के लिए यमुना साफ, झाग मुक्त पानी का दावा

New Delhi, Delhi: राजधानी दिल्ली में महापर्व छठ को लेकर तैयारी दिल्ली सरकार के द्वारा तेज कर दी गई है। तो वहीं जब से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब से महापर्व छठ का आयोजन यमुना किनारे होने लगा है जिसका संबंध कालिंदी कुंज यमुना नदी पर सफाई देखने को मिला जहां यमुना किनारे घाटों को साफ किया गया है। वहीं यमुना नदी के पानी में सफेद झाग बड़े पैमाने पर पानी पर तैरता हुआ दिखाई दे रहा था। अब यमुना के पानी पर से सफेद झाग गायब हो गया है, जहां लगातार दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी पानी की शुद्धता को लेकर पानी की जांच करने के लिए टेम्परेरी टेंट भी लगाया है और पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए पैरामीटर लगाए गए हैं ताकि केमिकल के माध्यम से पानी को साफ रखा जा सके। दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि कालिंदी कुंज यमुना नदी पर पानी पर सफेद झाग बड़े पैमाने पर तैर रहा था, जिसे आप दिल्ली सरकार ने एक्शन लेते हुए टेंट लगाकर कर्मचारियों को नियुक्त किया है ताकि पानी पर सफेद झाग को खत्म किया जा सके; नाव द्वारा रसायन का छिड़काव किया जा रहा है जिससे झाग गायब हुआ और यमुना पहले से साफ दिखाई दी। पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए दिल्ली जल बोर्ड की टीम नमूना इकट्ठा कर रही है और पैरामीटर के अनुसार केमिकल के माध्यम से पानी को साफ रखने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड के एक chemist संदीप वर्मा ने बताया कि कालिंदी घाट पर इंफ्रास्ट्रक्चर लगा हुआ है। छठ महापर्व से पहले यमुना नदी में डिफॉमिंग का कार्य 2022 से किया जाता आ रहा है। 2025 में आईकॉन कंपनी द्वारा डिफ़ॉमिंग किया गया था। 19 तारीख को टेंडर ओपन हुआ और 17 तारीख को इन्वेंटरी भेज दी गई। दोनों कंपनियां टेक्निकल क्वालिफाई हुईं हैं। जल बोर्ड ने साइट पर इंफ्रास्ट्रक्चर और टेंट लगाकर तैयारी पूरी कर ली है ताकि आने वाले छठ महापर्व में झाग को डिफॉम किया जा सके। दोनों कंपनियों ने साइट पर अपने टेंट लगाए हैं और 500 मीटर दूरी पर दूसरी कंपनी भी तैयारी कर रही है। दिल्ली सरकार के अनुसार 1400 छठ घाटों का निर्माण कराया जाएगा, यमुना किनारे भी छठ मनाने की अनुमति दी गई है, श्रद्धालुओं को यमुना किनारे छठ घाट की सफाई कराई जा रही है। यमुना में आस्था की डुबकी लगाने वालों के लिए स्वच्छ पानी आवश्यक है, इसके लिए दिल्ली सरकार जल बोर्ड के कर्मचारी यमुना के पानी की स्वच्छता की पैरामीटर से जाँच कर रहे हैं। दावा है कि महापर्व छठ के दौरान यमुना में किसी भी प्रकार का झाग नहीं दिखेगा; इसके लिए पूरी तैयारी की गई है और जल बोर्ड निगरानी कर रहा है।
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201304

पौड़ी में गुलदार के हमले से चार साल की मासूम की मौत, आक्रोश

Noida, Uttar Pradesh:पौड़ी। स्लग- गुलदार के हमले में चार साल की मासूम की मौत के बाद तनाव। एंकर- पौड़ी से सटे देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के समीप चार वर्षीय आरुषि को गुलदार ने उस वक्त अपना निवाला बना लिया जब वह देर शाम अपने घर के आंगन में खेल रही थी। घटना के बाद जहां पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान विधायक को करीब 2 घंटे तक भीड़ के बीच फंसे रहे। ग्रामीणों ने विधायक का घेराव कर वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई। देर रात तक प्रशासन और स्थानीय लोगों में तनातनी बनी रही। दरअसल खांड्यूसैंण के समीप चार वर्षीय आरुषि घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की ओर ले गया। घटना को आरुषि के सात वर्षीय भाई आर्यन ने अपनी आंखों से देखा। परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए बच्ची की तलाश शुरू की। घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में मासूम का शव बरामद हुआ। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। लेकिन विधायक के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। आए दिन गुलदार गांव में दिखाई देते हैं और लोगों पर हमले कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वही आज पौड़ी में घटना को लेकर तनाव देखा जा सकता है।
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