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201303
जहाजपुर में लाइनमैन की लापरवाही से अस्थायी कर्मी की करंट से मौत, प्रशासन जांच में
Noida, Uttar Pradesh:लाइनमैन की लापरवाही से अस्थायी कर्मचारी की करंट लगने से मौत। जहाजपुर क्षेत्र के जालमपुरा गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही के चलते एक अस्थायी कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान अमर सिंह मीणा (37) पुत्र राजू लाल मीणा निवासी जालमपुरा के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमर सिंह मीणा 11 हजार केवी लाइन में पिछले तीन दिनों से चल रहे फॉल्ट को ठीक करने के लिए खेतों में स्थित डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन प्वाइंट) पर चढ़ा था। बताया जा रहा है कि लाइन में लगातार खराबी होने के बावजूद संबंधित लाइनमैन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि लाइनमैन हंसराज बैरवा के कहने पर अमर सिंह डीपी पर चढ़ा, लेकिन इसी दौरान पीछे से अचानक लाइन चालू कर दी गई। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे तीन छोटे बच्चों (दो लड़कियां और एक लड़का) को छोड़ गया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं।0
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कैला भट्टा विवाद: विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने घायलों का हल लिया, पुलिस करेगी कड़ी कार्रवाई
Ghaziabad, Uttar Pradesh:कैला भट्टा में हुए विवाद के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर हिंदू परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर घायलों का हाल जानते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि योगी सरकार आरोपियों पर कार्यवाही कर रही है। इस प्रकरण में जो भी आरोपी हैं उनको पुलिस ने कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। अगर इस मामले से कोई और व्यक्ति भी जुड़ा हुआ मिला तो उस पर भी कार्रवाई होगी.0
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201303
अयोध्या में गर्मी के बीच श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त ORS वितरण शुरू
Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या (UP): गर्मियों के दौरान बढ़ते तापमान को देखते हुए, नगर निगम और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने एक संयुक्त पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का सामना न करना पड़े। वे तीन स्थानों पर मुफ़्त ORS घोल उपलब्ध करा रहे हैं: लता मंगेशकर चौक, हनुमानगढ़ी चौराहा और राम जन्मभूमि बिड़ला मंदिर के मुख्य द्वार के सामने। इसके अतिरिक्त, यह सुविधा मंदिर परिसर के भीतर भी दो स्थानों पर उपलब्ध है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को ORS घोल देकर उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखना है, और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु को स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यातायात या पेयजल के संबंध में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। नगर निगम अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है。0
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शाहदरा में नगर निगम कर्मचारी की आत्महत्या: AAP ने सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग
Delhi, Delhi:शाहदरा जोन में दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी के द्वारा की गई आत्महत्या का मामला अब तुल पकड़ने लगा है आज आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इस पर प्रेस कांफ्रेंस के द्वारा मांग की किस मामले में सीबीआई के द्वारा जांच की जाए साथ ही एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए और उसके बेटे को इस पद पर नियुक्त किया जाए आम आदमी पार्टी ने साफ कहा कि अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो सड़क से लेकर सदन तक हम इस मामले को उठाते रहेंगे राजीव चौधरी पार्षद आप0
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दिल्ली अभिभावकों के लिए खुशी: अब एक महीने से अधिक फीस नहीं ली जाएगी
Delhi, Delhi:दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों के लिए खुशखबरी- दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने जारी किया एक महत्वपूर्ण नोटिस. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक अहम नोटिस जारी करके दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों की मुश्किलें हल कर दी हैं. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है जिसके तहत अब राजधानी के स्कूल किसी भी अभिभावक को एक महीने से ज्यादा स्कूल फीस भरने पर मजबूर नहीं कर सकते. दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं राजधानी के स्कूलों को, कि अब वह एक बार में सिर्फ एक महीने की फीस ही लेंगे. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों को साफ निर्देश दिया है कि वे किसी भी अभिभावक को एक बार में एक महीने से ज्यादा फीस जमा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। शिक्षा निदेशालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों से दो महीने, तीन महीने या एडवांस में फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं इसके बाद प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है. स्कूल की ऐसी डिमांड के बाद सबसे ज्यादा कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. जारी किए गए आदेश के मुताबिक अगर कोई अभिभावक अपनी इच्छा से एक महीने से ज्यादा फीस एक साथ जमा करना चाहता है, तो स्कूल इसकी अनुमति दे सकते हैं। लेकिन स्कूल इसे अनिवार्य नहीं बना सकते। स्कूल की तरफ से किसी भी तरीके का दबाव नहीं डाला जा सकता यह सिर्फ अभिभावक की मर्जी है अगर वह एक से ज्यादा महीने की फीस देना चाहते हैं. इसी के साथ-साथ सरकार ने स्कूलों को यह भी आदेश दिए हैं कि अगर कोई अभिभावक ज्यादा महीनों की फीस एक साथ जमा नहीं करता तो किसी छात्र के दाखिले, पढ़ाई जारी रखने या किसी सुविधा को नहीं रोका जा सकता। सभी स्कूलों के लिए यह भी अनिवार्य है कि उन्हें यह आदेश 7 दिन के अंदर अपने नोटिस बोर्ड पर लगाना है और अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना है. नियम नहीं मानने वाले स्कूलों के खिलाफ दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट और नियमों के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी.0
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