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भावनगर बस स्टैंड पर महिला की हत्या: प्रेमी फैजल उर्फ खाटकी गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:भावनगर बस स्टैंड में महिला की हत्या, पुलिस ने आरोपी से कराया रिकंस्ट्रक्शन और सरेआम की धुनाई। भावनगर में सरेआम महिला की हत्या से हड़कंप मच गया है। बस स्टैंड के मुख्य द्वार के पास ही महिला को घसीटकर, पटककर और बेरहमी से पीटा गया। इस हमले का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसके साथ पिछले सात वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाला उसका प्रेमी बताया जा रहा है। मृतक महिला का नाम काजल बारैया है, जबकि आरोपी का नाम फैजल उर्फ खाटकी है। आरोप है कि फैजल को काजल के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। इसी शक को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका खौफनाक अंत हुआ। बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर हुई बेरहम मारपीट में काजल गंभीर रूप से घायल हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। तो क्या महज एक शक ने सात साल के रिश्ते का दर्दनाक अंत कर दिया? देखिए भावनगर के इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी... भावनगर बस स्टैंड के बाहर का यह सनसनीखेज हत्याकांड का मामला है। जहां आमतौर पर लोगों की भारी आवाजाही रहती है, ऐसी जगह पर एक महिला को सरेआम बेरहमी से पीटने की घटना सामने आई है। महिला का नाम काजल बारैया है और हत्या के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ा है फैजल उर्फ खाटकी। पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, काजल और फैजल पिछले सात सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लेकिन कुछ समय पहले फैजल एक आपराधिक मामले में जेल चला गया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जब फैजल उर्फ खाटकी जेल से बाहर आया, तो उसे काजल के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की आशंका हुई। इसी शक को लेकर दो दिन पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, और इसके बाद फिर से विवाद हुआ। यह विवाद इतना बढ़ा कि फैजल ने काजल पर हमला कर दिया और बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया。 फैजल ने बस स्टैंड के प्रवेश द्वार के पास काजल से मारपीट शुरू की थी। फैजल ने गुस्से में आकर काजल को घसीटा, पटका और बेरहमी से पीटा। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना से आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। इस घटना में काजल गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस तरह सात साल से साथ रह रहे दो प्रेमियों का रिश्ता आखिरकार महिला की मौत के साथ खत्म हुआ। भावनगर बस स्टैंड में हुई हत्या की इस पूरी वारदात में रवि उर्फ बाडा का नाम भी चर्चा में आया है। फैजल उर्फ खाटकी को शक था कि काजल और रवि के बीच अवैध संबंध हैं, लेकिन जी मीडिया की टीम ने जब रवि से बात की तो एक अलग ही बात सामने आई। रवि उर्फ बाड़ा ने बताया, "मैं और काजल भाई-बहन की तरह रहते थे." बातचीत के दौरान रवि ने काजल के साथ किसी भी तरह के अवैध संबंध से साफ इनकार किया है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि फैजल को जिस बात का शक था, वह सच था या सिर्फ एक वहम? हालांकि इस सवाल का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। काजल बारैया मूल रूप से भावनगर के खेडूतवास इलाके की रहने वाली बताई जा रही है। खेडूतवास में काजल अपनी मां के साथ रहती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से खेडूतवास की जगह उसका जीवन बस स्टैंड इलाके के फुटपाथ पर बीत रहा था। काजल और फैजल के बीच प्रेम संबंध बन गए थे और दोनों लंबे समय से साथ रह रहे थे। लेकिन हंसी-खुशी चल रहे इस प्रेम संबंध में शक ने दस्तक दे दी, जिसके चलते दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए और आखिरकार इस शक ने काजल की जान ले ली। हालांकि इस हत्या के पीछे की असल वजह क्या थी? काजल और रवि के बीच वास्तव में कैसा रिश्ता था? फैकल के शक के पीछे कोई सच्चाई थी या नहीं? इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस जांच में ही सामने आएंगे। भावनगर बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर महिला की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी फैजल उर्फ खाटकी को पुलिस ने कुछ ही घंटों में धर दबोचा। हत्या की घटना के बाद मौके पर पहुंची नीलमनबाग पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और हत्या के आरोपी फैजल उर्फ खाटकी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले गई और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि फैजल उर्फ खाटकी के खिलाफ भावनगर शहर के अलग-अलग थानों में 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। काजल और फैजल के बीच पहले कब-कब झगड़े हुए थे? हत्या के दिन वास्तव में क्या हुआ था? घटना के चश्मदीद कौन हैं? सीसीटीवी फुटेज में क्या है? और रवि उर्फ बाड़ा के साथ संबंध के शक के पीछे का सच क्या है? पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। प्रेम संबंध और उसमें शक की एंट्री का अंत हत्या में हुआ। भावनगर का यह हत्याकांड न केवल सात साल के रिश्ते का दर्दनाक अंत लेकर आया है, बल्कि इस घटना ने सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और शहर की कानून-व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस महिला को आरोपी सालों से अपनी प्रेमिका मानता था, उसी महिला की जिंदगी उसकी शक की सनक के कारण खत्म हो गई। अब इस पूरे मामले में पुलिस की जांच सबसे अहम होगी... भावनगर में सात साल के प्रेम संबंध का अंत हत्या के साथ हुआ。 सरेआम हुई इस घटना से शहर में सनसनी फैल गई है。 फिलहाल फैजल उर्फ खाटकी पुलिस हिरासत में है और हत्या के मामले में आगे की जांच जारी है。 बाइट - आर.आर.सिंघल,DYSP, भावनगर वॉक थ्रू: नवनीत दलवाड़ी, भावनगर।
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BJP का 4C प्लान: 2027 के विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर?

Noida, Uttar Pradesh:बीजेपी का 4C प्लान यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने किया फोकस बन सकता है गेमचेंजर उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा ने अब चुनाव के लिहाज से एक नया प्लान तैयार किया है जो विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर की भूमिका निभा सकता है। यह प्लान खुद उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी विनोद तावड़े ने तैयार किया है उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश में प्रभारी के तौर पर आते ही एक बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। इस फूल प्रूफ प्लान के जरिए भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव में जमीन पर उतरेगी. भाजपा संगठन के स्तर पर तावड़े का तुरंत ध्यान 4Cs यानी कोऑर्डिनेशन (समन्वय), कैडर (कार्यकर्ता),कास्ट (जाति) और कैंडिडेटचर (उम्मीदवारी) पर होगा। कॉर्डिनेशन यानी समन्वय का मतलब है संगठन और सरकार में आपसी तालमेल जिससे चुनाव में सरकार की तमाम लाभकारी योजनाएं जनता तक संगठन के जरिए पहुंचाया जा सके और संगठन और सरकार के बीच एक सेतु बना रहे। कैडर (कार्यकर्ता) से मतलब है कि कार्यकर्ताओं पर पूरा फोकस करना है चाहे वह बूथ प्रमुख हो या पन्ना प्रमुख हो या मंडल अध्यक्ष। इन सभी को हर एक जिले में तवज्जो देनी है ताकि यह नाराज ना हो और ज्यादा से ज्यादा उनकी समस्याओं का निदान करना है ताकि चुनाव में उनकी नाराजगी पार्टी को नहीं झेलनी पड़े। जाति (उम्द ... घनघोर राजनीतिक चर्चा) की राजनीति करने वाले अलग अलग दलों का कितना प्रभाव है इसकी भी जानकारी ली जाएगी। कैंडिडेटचर (उम्मीदवारी) ये ऐसा पॉइंट है जिसपर तमाम उम्मीदवारी तय की जाएगी ।जाति बाहुल्य इलाकों में उसी जाति के नेताओं को तवज्जो दी जाएगी जो वहां पर लोकप्रिय होगा। इसके साथ ही छवि साफ होनी चाहिए अगर मौजूदा विधायक है तो वह अपने क्षेत्र में कितना काम किया है उसकी भी जानकारी ली जाएगी विपक्ष के उम्मीदवार से मौजूद भाजपा उम्मीदवार कितना मजबूत रहेगा इसका भी आंकलन किया जाएगा।इसमें उन लगभग 100 विधानसभा क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा जहां भाजपा का प्रदर्शन 2024 के लोकसभा चुनावों में खराब रहा था। ग्राफ़िक्स आउट--- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने वाले हैं ।ऐसे में अब बीजेपी के तमाम बड़े योद्धा नई-नई योजना बना रहे हैं जिसमें एक नया फार्मूला 4c का भी लाया गया है ऐसे में देखना यह होगा कि यह फार्मूला कितना सटीक बैठता है और 2027 में बीजेपी को क्या जीत दिला पाएगा वाक थ्रू
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201304

सहारनपुर मस्जिद मुद्दे पर साक्षी महाराज का दावा: कब्जे हों तो हटेंगे, कहीं भी

Noida, Uttar Pradesh:नागपुर: सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर BJP सांसद साक्षी महाराज कहते हैं, "शायद मस्जिद पर बुलडोज़र नहीं चलाया गया, लेकिन अगर कहीं गैर-कानूनी कब्ज़ा था, तो ऐसे सभी कब्ज़ों को हटाया जाएगा, चाहे वे कहीं भी हों..." महाराष्ट्र में आने वाले नवरात्रि कार्यक्रमों को लेकर VHP की गाइडलाइंस पर वे कहते हैं, "...हमारे नेता मोहन भागवत ने कहा है कि भारत के सभी मुस्लमानों के पूर्वज राम थे वे हमारे भाई हैं... ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। चाहे लोकसभा हो, राज्यसभा हो, विधानसभा हो या ब्लॉक स्तर पर कोई संवैधानिक पद हो, कहीं भी ऐसी कोई पाबंदी नहीं है कि कोई मुस्लमान वहां नहीं जा सकता।"
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