icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement

केजरीवाल सरकार पर CAG: 15 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा

Noida, Uttar Pradesh:*PC: प्रवेश वर्मा – मंत्री, दिल्ली सरकार* विधानसभा के मानसून सत्र में 24 वी रिपोर्ट को पेश किया गया था CAG रिपोर्ट केजरीवाल सरकार का भ्रष्टाचार का WRITTEN डाक्यूमेंट है केजरीवाल सरकार में कामों का ऑडिट नहीं होता था डेढ़ साल के हमारी सरकार में 24 रिपोर्ट आ चुकी हैं हर रिपोर्ट में सैकड़ों का भ्रष्टाचार हमारे सामने आया 31 मार्च 2023 की रिपोर्ट परसो आई हर फाइनेशियल ईयर में केजरीवाल सरकार क्या क्या भ्रष्टाचार करती है इन सबके बारे में CAG रिपोर्ट में हमारे सामने आता है सबसे बड़ी बात 70 हजार 410 करोड़ का GST दिल्ली की जनता का बकाया था 65% से भी ज्यादा राशि 5 साल से भी ज्यादा समय से दिल्ली सरकार वसूल नहीं करती थी यानी जिन व्यापारियों ने पैसा देना होता था उनसे GST डिपार्टमेंट सांठगांठ कर के वर्षों तक उनका पैसा निलंबित रहता था बहुत से लोगों का GST रजिस्ट्रेशन भी कैंसिल हो चुका था 8 हजार 334 टैक्स पेयर्स जिनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हुआ वह अपना E WAY BIL जारी करते रहे 68,680 करोड़ 4 हजार 76 जो नॉन टैक्स पेयर्स फ़ाइल्स थे उन्होंने भी 11,635 करोड़ के ईवे बिल बनाए यह सब केजरीवाल सरकार की नाक के नीचे हो रहा था यह CAG की दूसरी सबसे बड़ी फाइंडिंग थी उसके बाद बार बार टैक्स चोरी हो रहा है मगर उसके ऊपर भी सरकार कभी कार्रवाई नहीं करती थी 6 करोड़ 10 लाख ईवे बिल जो बने उसमें केवल 0.1% ही कार्रवाई की गई यानी केवल 70 मामलों में ही सरकार ने कार्रवाई की यह कोई छोटी बात नहीं गंभीर विषय है सरकार के पास सारा डाटा था जो लोग GST की चोरी कर रहे हैं केवल 70 मामलों की ही इंक्वायरी होती है इसमें केवल 3 हजार 71 करोड़ का नुकसान पाया गया जो सरकार को राजस्व आता है उसमें 3 हजार 71 करोड़ की हेरा फेरी हुई केवल 70 मामले में जबकि मामले 6 करोड़ से ज्यादा थे ALग अलग विभागों में सरकारी टेंडर में खेल किया गया बिजली सब्सिडी योजना में 50000 ऐसे लोग थे जिनका 12 महीने का 0 बिल था मगर उन्हें भी 17 करोड़ 81 लाख की सब्सिडी दे दी गई जो लोग अपने घरों में नहीं रह रहे वो कहाँ गए यह तो हमारी खोज में आ जाएगा ऐसे 90 गाजर ग्राहक थे जो 6 से 11 महीने तक अपने घर में नहीं थे उनके लिए भी सरकार ने 11 करोड़ अपने खाते से निकाल दिए कुल मिलकर लगभग 42 करोड़ रुपीस बिना किसी पावर कंजंप्शन के सब्सिडी के नाम पर उन्होंने कहा डाला यह सब जांच का विषय होगा। हर डिपार्टमेंट में कोई पोस्ट ही नहीं होती थी मगर इलेक्शन से पहले दिल्ली जल बोर्ड के इन्होंने जूनियर इंजिनियर पोस्ट के टेस्ट करा दिया उसमें करोड़ों रूपये खर्च भी करा दिये बाद में इलेक्शन खत्म होने के बाद कह दिया था तो पोस्ट ही नहीं है इसके अलावा सरकार के पास ई प्रोक्योरमेंट सिस्टम था मगर केजरीवाल सरकार ने 1185 मैनुअल टेंडर किए जबकि हमारे पास ऑनलाइन टेंडर का सिस्टम था यह सारे टेंडर्स में 14 हजार 527 बोलियाँ लगी जब वह बोली लगाते थे तो उनके विभाग, ठेकदार का IP एड्रेस एक ही रूम में बैठकर रेट डिसाइड करते थे और मैनुअल टेंडर को जमा करते थे वह सब IP एड्रेस सेम दिखाई दिए इसमें केवल कुछ ही टेंडर ऐसे थे जिसमें कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड होने की फाइल मिली बाकी 96% फाइल्स गायब हैं क्यूंकि मैनुअल टेंडर किया गया यह केजरीवाल सरकार का मॉडल था इस लिए वह कभी ऑडिट की तरफ नहीं जाते थे कभी भी केजरीवाल साइन नहीं करते थे उनके मंत्री करते थे इस लिए केजरीवाल जेल नहीं जाते थे उनके मंत्री जाते थे। LNJP अस्पताल में बार बार सतेंद्र जैन जा कर विजिट करते थे अपनी मन मर्जी का सिक्का आर्किटेक रखा आज वहां बेड का 33 लाख पर बेड का कॉस्ट बढ़ कर 72 लाख हो गया मगर उस बिल्डिंग की सॉइल टेस्टिंग कभी नहीं होती थी CAG ने बार बार सवाल उठाया है केजरीवाल सरकार ने दिल्ली का पैसा लूट हज़ारों करोड़ों का घोटाला हुआ अगर सही से काम हुआ होता तो इसी रिपोर्ट में कई पैसा सरकार का बच सकता था अब तक के रिपोर्ट के अनुसार कुल आंकलन करें तो लगभग 15 हजार करोड़ रुपया इन 24 रिपोर्टों का खुलासा है इतना पैसा केजरीवाल सरकार ने जनता का लूटा* अगर ढंग से काम किया होता तो सरकार का पैसा बच जाता
0
0
Report
0
0
Report

No news available yet.

Noida, Uttar Pradesh:
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top