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दिल्ली शिक्षा मंत्री के मामले पर किताबों के टेंडर: पारदर्शिता और आरोपों पर सवाल

New Delhi, Delhi:आशीष सूद शिक्षा मंत्री दिल्ली सरकार शिक्षा विभाग पर झूठे आरोप लगाए की किताब खरीद में घोटाला हुआ है जो किताब दिखाई गई, कहा गया कि किताब का साइज छोटा कर दिया गया मल्हार किताब को लेकर आरोप लगाए गए गृह विज्ञान किताब को लेकर भी झूठे आरोप लगाए ये किताब 2022 कि छपी हुई किताब है मल्हार किताब 28 रुपए 61 पैसे में खरीदी गई जबकि 65 रुपए में एनसीआरटी बेचती है गृह विज्ञान किताब 55 रुपए में खरीदी गई है एनसीआरटी ने इस वर्ष अपनी किताबें बदली है 17.8.2023 में सेक्रेटरी एजुकेशन ने लिखा था कि सरकार खराब क्वॉलिटी की किताबें छपवाते है एक और पत्र लिखा गया कि काम बहुत खराब हो रहा है दिल्ली सरकार के किताब के टेंडर बेहद ट्रांसपेरेंट तरीके से हुए हैं पिछली सरकार कमिशन में किताबें बेची जाती थी
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दिल्ली में बाढ़ से निपटेगी 622 करोड़ की परियोजनाएं, 4.7 किमी दी_wall बननी है

New Delhi, Delhi:दिल्ली में बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए ₹622 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में फ्लड कंट्रोल बोर्ड की 40वीं बैठक आयोजित。 दिल्ली में जल निकासी और बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के लिए ₹622 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी。 यमुना किनारे 4.7 किलोमीटर लंबी RCC दीवार बनेगी, परियोजना पर ₹99 करोड़ खर्च होंगे。 मैगजीन रोड नाले से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक यमुना के संवेदनशील हिस्से में बनेगी दीवार。 यमुना का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों को सुरक्षा देने में मिलेगी मदद。 गाद के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए ₹260 करोड़ की तीन बायोमाइनिंग परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी。 नजफगढ़ नाले सहित दिल्ली के प्रमुख नालों से निकलने वाली गाद का वैज्ञानिक प्रसंस्करण और निस्तारण किया जाएगा。 नालों से निकाली गई गाद सड़कों और किनारों पर पड़े रहने की समस्या का स्थायी समाधान करने पर जोर。 बारिश के दौरान गाद दोबारा नालों में पहुंचने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की समस्या दूर करने की तैयारी。 बरापुला की तर्ज पर दिल्ली के अन्य नालों के किनारों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा。 नालों के किनारे पैदल रास्ते, हरित क्षेत्र, पौधारोपण, लाइटिंग और सुरक्षा के लिए फेंसिंग विकसित करने की योजना。 नालों के आसपास के उपेक्षित और अतिक्रमण की आशंका वाले क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और जनोपयोगी बनाया जाएगा。 बैठक में जलभराव के स्थायी समाधान, ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और मानसून की तैयारियों पर विशेष चर्चा。 मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए。 मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के बयान- नालों की गाद निकालने का कोई मतलब नहीं, अगर वही गाद वापस नालों में पहुंच जाए। बायोमाइनिंग के जरिए गाद का वैज्ञानिक निस्तारण कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। दिल्ली के नाले गंदगी और बदहाली की पहचान नहीं, बल्कि बेहतर शहरी विकास का हिस्सा बनने चाहिए। बरापुला की तर्ज पर दिल्ली के अन्य नालों के किनारों को भी हरा-भरा, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाएगा।
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