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ताला से पनपथा पहुंच वनमार्ग पर एक चलती कार में आग लगने से मचा हड़कंप टला बड़ा हादसा।
Manpur, Madhya Pradesh:*ताला–पनपथा मार्ग पर चलती कार में लगी आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा* ताला–पनपथा मार्ग पर सोमवार सुबह मझौली के पहले चहली पुलिया के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक चलती डस्टर कार अचानक धुआं छोड़ते हुए आग की चपेट में आ गई। वाहन में केवल चालक सवार था, जिसने हालात को भांपते हुए तुरंत गाड़ी किनारे लगाई और सुरक्षित बाहर निकल गया। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच इस तरह की घटनाएं अब सामने आने लगी हैं, जो आम लोगों के लिए चेतावनी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी में वाहनों में तकनीकी खराबी और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है। लोगों से अपील की गई है कि इस भीषण गर्मी में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें, वाहन की नियमित जांच कराएं, इंजन और वायरिंग की स्थिति पर ध्यान दें और किसी भी असामान्य संकेत जैसे धुआं या जलने की गंध महसूस होते ही तुरंत वाहन रोककर सुरक्षित दूरी बना लें। सतर्कता ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।0
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ताला–पनपथा मार्ग पर 4 घंटे से ठप्प रफ्तार:हाइवा का ब्रेकडाउन बना वजह, लापरवाही ने बढ़ाया संकट।
Manpur, Madhya Pradesh:ताला–पनपथा मार्ग पर रविवार सुबह 8 बजे से लगा जाम दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं खुल पाया। एक हाइवा के बीच सड़क खराब होने से शुरू हुई समस्या, सिंगल रोड और अधूरी पटरी के कारण विकराल रूप लेती गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक उदासीनता पर खड़ा हो रहा है। मौके पर न तो पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखी, न ही वन विभाग का कोई अमला। नतीजा—हजारों की संख्या में फंसे लोग 42 डिग्री की झुलसाती गर्मी में बेहाल रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के लिए तरसते नजर आए, कई लोग मजबूरी में जंगल की ओर भटकते दिखे और पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते रहे। स्थिति और चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि यह पूरा इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में जाम में फंसे लोगों का जंगल की ओर जाना, जंगली जानवरों के खतरे को भी बढ़ा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे तीखा सवाल यहीं से उठता है—चार घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमा मौके से गायब क्यों रहा? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पूर्व योजना नहीं? एक सामान्य ब्रेकडाउन ने पूरे सिस्टम की तैयारी की पोल खोल दी। यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। जब हालात इतने बिगड़ जाएं कि लोग पानी के लिए जंगल की ओर भटकने लगें, और फिर भी प्रशासन हरकत में न आए—तो यह सीधे-सीधे जवाबदेही का मुद्दा बनता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।0
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जानलेवा जाम से नहीं मिलती दिख रही मानपुर को राहत प्रशासनिक सख्ती के बाद भी हालात बद्तर।
Manpur, Madhya Pradesh:*मानपुर जाम से बेहाल: चार साल में वादे ठंडे, व्यापार चौपट, अफसर सड़क पर—फिर भी समाधान नहीं* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।0
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मानपुर की बीच बस्ती स्थित सुने घर पर चोरों ने धावा बोलकर लाखों पर किया हाथ साफ।
Manpur, Madhya Pradesh:*सूने मकान को बनाया निशाना मानपुर में लाखों के जेवर-नकदी पर चोरों का हाथ साफ* नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 5 में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अज्ञात चोरों ने सूने घर को निशाना बनाते हुए नगदी और लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण पार कर दिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड निवासी डॉ. अशोक द्विवेदी कुछ समय से घर से बाहर थे। इसी दौरान बीती रात चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया। चोर मुख्य गेट से अंदर घुसे और घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घर में रखी करीब 45 हजार रुपये की नगदी तथा कीमती सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिजनों ने तत्काल मानपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इन शातिर चोरों का सुराग लग पाता है और चोरी का खुलासा हो पाता है।0
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भगवान परशुराम जयंती पर मानपुर हुआ भगवामई आस्था धर्म संस्कृति और एकता का दिखा अद्भुत समागम।
Manpur, Madhya Pradesh:सर्व विप्र समाज मानपुर के तत्वाधान में भव्यता पूर्वक मनाया गया विप्र कुल शिरोमणि श्री हरि परशुराम जी का प्राकट्य उत्सव-मानपुर नगर में भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, भक्ति और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर पूरा नगर श्रद्धा और उल्लास के रंग में रंग गया। रविवार प्रातः 11 बजे से पुरानी बाजार स्थित मां काली मंदिर में धार्मिक आयोजनों का शुभारंभ हुआ। कन्या पूजन एवं ब्राह्मण भोज के साथ भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ गूंजता रहा, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शाम 5 बजे भगवान श्रीराम मंदिर एवं मां काली मंदिर से भगवान परशुराम की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। शंख, घड़ियार, डीजे और आतिशबाजी के बीच निकली यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों—पुरानी बाजार, बस स्टैंड और मध्य नगर—से होते हुए राम-जानकी मंदिर पहुंची और पुनः काली मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था—गले में रामनामी पट्टियां, हाथों में भगवान श्रीराम की तस्वीरें और हनुमान ध्वज, तथा “जय परशुराम” के जयघोष से पूरा मानपुर गूंज उठा। हर गली और चौक आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विप्र समाज द्वारा सम्मानित किया गया। श्रीराम की तस्वीर, श्रीफल, चंदन, शाल एवं नगद पुरस्कार के साथ किया गया यह सम्मान युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। इस भव्य आयोजन में मानपुर नगर सहित आसपास की दर्जनों ग्राम पंचायतों से हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग—बच्चे, युवा और बुजुर्ग—शामिल हुए। भगवा वेशभूषा में सजे श्रद्धालुओं की एकजुट उपस्थिति ने आयोजन को एक विराट सांस्कृतिक महोत्सव का रूप दे दिया। मां आदि शक्ति काली मंदिर समिति एवं क्षेत्र के समस्त विप्रजनों के सहयोग से आयोजित यह महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का भी सशक्त संदेश दे गया। मानपुर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था जागृत होती है, तो पूरा नगर एक परिवार बन जाता है—और यही भाव इस दिव्य आयोजन में स्पष्ट रूप से झलकता रहा।0
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