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MGCU में CAG खुलासे से बड़े वित्तीय घपले का पर्दाफाश

Motihari, Bihar:मोतिहारी केंद्रीय विश्वविद्यालय में CAG کا बड़ा खुलासा—नियम ताक पर मोतिहारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर मोतिहारी में स्थापित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (MGCU) इस वक्त शिक्षा नहीं, बल्कि वित्तीय धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन के भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। सालों से बिना अपनी पक्की बिल्डिंग और कैंपस के चल रहे इस विश्वविद्यालय में सरकारी धन की जिस तरह से बर्बादी हुई है, उसने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। ​DPR में लेट-लतीफी: 850 करोड़ का प्रोजेक्ट 1338 करोड़ पहुंचा कैग रिपोर्ट का सबसे हैरान करने वाला खुलासा विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर है। ​विश्वविद्यालय परिसर का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) समय पर तैयार न करने और सुस्त रवैए के कारण निर्माण लागत में लगभग 58% की भारी बढ़ोतरी हो गई। ​जो प्रोजेक्ट शुरुआती आकलन में 850 करोड़ रुपये का था, वह प्रशासनिक देरी के चलते बढ़कर 1338 करोड़ रुपये का हो गया। ​अधिकारियों की इस एक लापरवाही से देश के खजाने पर 488 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ गया। ​टेंडर खेल: प्रतिस्पर्धा को दिया गया ‘दफना’, चहेती एजेंसी को मिला काम सार्वजनिक धन के उपयोग में निष्पक्षता और 'कंपटीटिव बिडिंग' (प्रतिस्पर्धी बोली) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं: ​टेंडर प्रक्रिया में कुल तीन एजेंसियों ने भाग लिया था。 ​विश्वविद्यालय प्रशासन ने तकनीकी मूल्यांकन (Technical Evaluation) के नाम पर दो एजेंसियों को 'अयोग्य' घोषित कर रेस से बाहर कर दिया। ​इसके बाद बिना किसी प्रतिस्पर्धा के अकेली बची एजेंसी की झोली में टेंडर डाल दिया गया। ​गायब मिले अहम दस्तावेज, फर्जीवाड़े की बू कैग की ऑडिट टीम को जांच के दौरान विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड्स में भारी गड़बड़ियां मिलीं。 ​कई बड़े कामों के वर्क ऑर्डर, एग्रीमेंट पेपर्स और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र) फाइलों से गायब पाए गए。 ​कागजातों का न होना सीधे तौर पर इस ओर इशारा करता है कि बिना काम पूरा हुए या बिना नियमानुसार एग्रीमेंट किए करोड़ों का भुगतान कर दिया गया。 ​10 सेमिनार में 58 लाख स्वाहा, नाश्ते-खाने का बिल 9 लाख! भवन भले न बना हो, लेकिन पैसों की फिजूलखर्ची में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। वर्ष 2024 के आयोजनों के नाम पर कैग ने बड़ा वित्तीय घपला पकड़ा है: ​आयोजनों पर उड़ाए लाखो: 2024 में आयोजित 10 वर्कशॉप, सेमिनार और मीडिया कॉन्फ्रेंस पर 58 लाख रुपये पानी की तरह बहा दिए गए。 ​वीआईपी नाश्ता और खाना: महज 5 आयोजनों में मेहमानों और आयोजकों के नाश्ते व खाने पर लगभग 9 लाख रुपये का बिल बना दिया गया। ​बिना वर्क ऑर्डर वेंडर चयन: इन इवेंट्स के लिए वेंडरों और एजेंसियों को बिना किसी आधिकारिक वर्क ऑर्डर या टेंडर के मनमर्जी से चुना गया और सीधे पेमेंट रिलीज कर दी गई। ​राष्ट्रपिता के नाम पर बने संस्थान में यह खुलासा बेहद शर्मनाक है। जहां छात्र बुनियादी सुविधाओं और अपने खुद के कैंपस के लिए तरस रहे हैं, वहीं कागजों पर करोड़ों रुपये का यह झोल पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियां इस रिपोर्ट पर क्या सख्त कार्रवाई करती हैं। पूरे मामले में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर प्रसून ने कहा है कि यह कैग का रिपोर्ट नहीं है यह तो कैग का प्रारंभिक अवलोकन है जिसका हमने करीब 250 पन्ना में तथ्य और प्रमाण के साथ कैग को जवाब दे दिया है। यूनिवर्सिटी में कही से भी कोई गड़बड़ी नहीं हुआ है।
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सिमडेगा हॉकी: पुरुष वर्ग में COE सिमडेगा ने लिटिल टाइगर को हराकर खिताब दोहराया

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा। 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर जिला हॉकी चैंम्पियनशिप का रविवार को भव्य समापन हुआ। पुरुष वर्ग में सीओई सिमडेगा ने लिटिल टाइगर को 5-3 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता। वहीं महिला वर्ग में सीओई सिमडेगा ‘ए’ ने एसटीसी सिमडेगा को 5-3 से हराकर लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। समापन समारोह में एसडीएम सुमन तिर्की ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने खिलाड़ियों से लगातार अभ्यास कर राष्ट्रीय स्तर पर सिमडेगा का नाम रोशन करने का आह्वान किया। विधायक भूषण बाड़ा ने सिमडेगा को हॉकी की नर्सरी बताते हुए खेल के विकास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने कहा कि 58 टीमों और 128 मुकाबलों वाली यह प्रतियोगिता ऐतिहासिक रही है और सिमडेगा हॉकी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। संबोधन- एसडीओ- सुमंत तिर्की बाइट-3- महासचिव मनोज कोनबेगी हॉकी झारखंड
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