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16वीं करणी माता पदयात्रा सुलताना से देशनोक धाम पहुंची, भक्तों में उत्साह

Jhunjhunu, Rajasthan:सुलताना, झुंझुनूं सुलताना से देशनोक धाम के लिए रवाना हुई 16वीं पदयात्रा मालुपुरा रोड स्थित करणी माता मंदिर से रवाना हुई पदयात्रा शारदीय नवरात्र पर निकली मां करणी के भक्तों की 16वीं पदयात्रा झुंझुनूं, मंडावा, फतेहपुर और डूंगरगढ़ होते हुए सप्तमी को पहुंचेगी देशनोक देशनोक धाम में मां करणी के दरबार में चढ़ाया जाएगा निशान शारदीय नवरात्र के अवसर पर झुंझुनूं जिले के सुलताना कस्बे के मालुपुरा रोड स्थित करणी माता मंदिर परिसर से मां करणी के भक्तों की 16वीं पदयात्रा देशनोक धाम के लिए रवाना हुई। पदयात्रा के रवाना होने से पहले मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ निशान की पूजा-अर्चना की गई। पंडित मधुसूदन जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करवाई। इसके बाद मां करणी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए देशनोक धाम के लिए रवाना हुई। पदयात्रा में श्रद्धालु हाथों में निशान लेकर नाचते-गाते और मां करणी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भजन-कीर्तन के बीच पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल नजर आया। पदयात्रा के रवाना होने के दौरान कस्बेवासियों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया ।पदयात्रा संयोजक जितेंद्र ने बताया कि मां करणी के प्रति आस्था और श्रद्धा के साथ यह 16वीं पदयात्रा निकाली गई है। पदयात्रा सुलताना से रवाना होकर झुंझुनूं, मंडावा, फतेहपुर और डूंगरगढ़ होते हुए शारदीय नवरात्र की सप्तमी को देशनोक धाम पहुंचेगी। वहां श्रद्धालु माँ करणी के दरबार में निशान चढ़ाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।पदयात्रा के रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। मां करणी के जयकारों और भजनों के साथ आगे बढ़ते पदयात्रियों के कारण कस्बे का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
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ह हिमाचल के शिंकुला दर्रे पर 3 इंच से अधिक बर्फबारी, बाइकर्स फंसे, रेस्क्यू

Yoche, Himachal Pradesh:हिमाचल में मौसम का यू-टर्न, शिंकुला दर्रे पर 3 इंच से ज्यादा बर्फबारी… फंसे बाइकर्स का रेस्क्यू हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की दस्तक के साथ ही मौसम ने करवट बदली है। प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है, तो वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति के शिंकुला दर्रे पर तीन इंच से ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई है। ताजा बर्फबारी के चलते यहां यातायात प्रभावित हुआ है। इसी दौरान दर्रा पार कर रहे कुछ बाइकर्स के फंसने की सूचना मिली, जिसके बाद लाहौल-स्पीति पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी सैलानियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस भेजा। पुलिस ने पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि बर्फबारी और सड़क से बर्फ हटाने का काम पूरा होने तक ऊंचाई वाले इलाकों की ओर यात्रा करने से बचें। फिलहाल शिंकुला दर्रे पर मौसम की स्थिति क्या है और ताजा बर्फबारी के बाद वहां कैसे हालात बने हुए हैं, देखिए ये तस्वीरें। स्नोफ्लेक्स/ हिमाचल की बर्फबारी के दृश्य और रेस्क्यू किए बाइकर की तस्वीरें
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निगोही में किसानों ने सिस्टम को 'मृत' घोषित कर फ्रीजर में पुतला रखा

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:अक्सर आपने सुना होगा कि सरकारी सिस्टम ‘कोमा’ में चला गया है, लेकिन शाहजहांपुर के निगोही में तो किसानों ने सीधे सिस्टम का 'डेथ सर्टिफिकेट' ही जारी कर दिया। चार दिन से धरने पर बैठे किसान जब कागजी कार्रवाई और आश्वासनों से थक गए, तो उन्होंने एक अनोखा इलाज ढूंढा। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) को जिंदा रहते ही 'मृत' घोषित कर दिया। यही नहीं, बकायदा शव रखने वाला फ्रीजर मंगाया गया, पुतला अंदर लिटाया गया और कफन के लिए राहगीरों से चंदे की झोली फैला दी गई। तस्वीरें उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की नगर पंचायत निगोही की हैं। पहली नजर में लगे कि किसी बड़े रसूखदार की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही है। सड़क पर मातम का माहौल, सामने रखा शव सुरक्षित करने वाला डीप फ्रीजर, और अंदर लेटा हुआ एक पुतला। लेकिन ठहरिए, यह कोई सचमुच का जनाजा नहीं, बल्कि 'मरी हुई व्यवस्था' का जीता-जागता पोस्टमार्टम है। ​भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि निगोही में विकास कार्य इतने ठंडे बस्ते में चले गए हैं कि अब अधिकारी को भी ठंडे फ्रीजर की ही जरूरत महसूस हो रही थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। सड़कें टूटी हैं, नालियां बजबजा रही हैं, विकास फाइलों में दम तोड़ चुका है। लेकिन साहब के कान पर जूं तक रेंगी नहीं। जब जिंदा अधिकारी तक आवाज नहीं पहुंची, तो किसानों ने मान लिया कि शरीर भले कुर्सी पर हो, लेकिन अफसर की ‘संवेदनशील आत्मा’ का देहांत हो चुका है। ​और जब आत्मा ही नहीं बची, तो फिर जिंदा होने का ढोंग कैसा? फौरन बाजार से फ्रीजर मंगवाया गया, पुतला तैयार हुआ और दफ्तर के बाहर ससम्मान 'पार्थिव शरीर' को स्थापित कर दिया गया। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जनाजा उठता तो कफन भी चाहिए था। किसानों ने हाथ में झोली उठाई और बाजार में निकल पड़े कफन के लिए भीख मांगने। राहगीरों से एक-एक, दो-दो रुपये जुटाए गए ताकि सिस्टम के इस प्रतीकात्मक शव को कफन नसीब हो सके। किसानों का सीधा तंज था—"जब विकास के लिए बजट नहीं है, तो कफन के लिए भी जनता ही चंदा दे दे।" फिलहाल किसान यूनियन का यह धरना प्रदर्शन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।
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पिलानी में गेट तोड़ विवाद, बुजुर्ग की मौत; अस्पताल में पोस्टमार्टम की तैयारी

Jhunjhunu, Rajasthan:पिलानी, झुंझुनूं पिलानी में मारपीट की शिकायत देने पहुंचे बुजुर्ग की मौत बिशनपुरा गांव में घर के बाहर अस्थायी गेट तोड़ने पर हुआ विवाद मृतक की पत्नी राजवंती से मारपीट, बीच-बचाव करने पहुंचे सुमेर सिंह से भी मारपीट का आरोप 70 वर्षीय सुमेर सिंह शिकायत लेकर पहुंचे थे पिलानी थाने प्रार्थना पत्र देते समय अचानक चक्कर खाकर गिरे, अस्पताल में मृत घोषित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, पुलिस कर रही मामले की जांच झुंझुनूं जिले के पिलानी क्षेत्र के बिशनपुरा गांव में घर के बाहर लगे अस्थायी गेट को तोड़ने को लेकर विवाद हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस दौरान सुमेर सिंह की पत्नी राजवंती देवी के साथ मारपीट की गई। पत्नी को बचाने पहुंचे झगड़े में सुमेर सिंह also?— Correction: ادامه परिजनों के अनुसार, राजवंती देवी के साथ मारपीट होते देख सुमेर सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई। इसके बाद सुमेर सिंह परिजनों के साथ शिकायत दर्ज करवाने पिलानी थाने पहुंचे। पुलिस को प्रार्थना पत्र देने के दौरान सुमेर सिंह को अचानक चक्कर आया और वह गिर पड़े। पुलिसकर्मियों और परिजनों ने उन्हें CPR दिया तथा तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। वहीं, मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
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छोटी काशी में शारदीय नवरात्र का उत्साह: अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना

Jaipur, Rajasthan:Anchor-आज से शक्ति की भक्ति का महापर्व शुरू हो गया है... छोटी काशी के देवी मंदिर माता के जयकारों से गूंज उठे हैं... कहीं मां के दर्शनों की आस में घंटों इंतजार करते श्रद्धालु, तो कहीं हाथों में चुनरी और पूजा की थाली लेकर सुख-समृद्धि की कामना करते भक्त नजर आए... तीन साल बाद विशेष संयोग में सुबह के बजाय अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना हुई... आमेर के प्रसिद्ध शिला माता मंदिर में सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर घटस्थापना के बाद भक्तों के लिए पट खोले गए... मां शैलपुत्री की आराधना के साथ इस बार दस दिवसीय शारदीय नवरात्र का आगाज हुआ है... देखिए छोटी काशी में आस्था, भक्ति और शक्ति के अद्भुत संगम की ये रिपोर्ट... VO-1-जय माता दी... जय अम्बे गौरी... के जयकारों से रविवार को छोटी काशी के देवी मंदिर गूंज उठे। कहीं मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करते श्रद्धालु, तो कहीं हाथों में पूजा की थाली और चुनरी लेकर दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार करते भक्त। शारदीय नवरात्र के पहले दिन राजधानी में आस्था, भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां शैलपुत्री की आराधना के साथ शक्ति साधना के महापर्व का शुभारंभ हुआ। घरों से लेकर देवी मंदिरों तक अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना कर मां भगवती का आह्वान किया गया। मंदिरों में शंख, घंटा-घड़ियाल और माता के जयकारों के बीच विशेष पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। आamer स्थित प्रसिद्ध शिला माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। भक्तों को मां के दर्शनों के लिए घटस्थापना का इंतजार करना पड़ा। सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर विधि-विधान से घटस्थापना हुई। इसके बाद मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। लंबे इंतजार के बाद मां की एक झलक पाकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धा के अलग-अलग रंग नजर आए। कोई परिवार की खुशहाली की मन्नत लेकर पहुंचा तो कोई जीवन के संकट दूर होने की प्रার্থना करता दिखाई दिया। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में माता के दर्शनों को लेकर उत्साह रहा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में नारियल, चुनरी और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों की आस्था के आगे दर्शनों का इंतजार भी छोटा नजर आया। VO-2-आमेर के शिला माता मंदिर के साथ ही मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा माता मंदिर, सूरजपोल स्थित रुद्र घंटेश्वरी माता मंदिर, घाटगेट स्थित काली माता मंदिर, झालाना पहाड़ी स्थित कालक्या माता मंदिर और राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नवरात्र की विशेष आराधना का दौर शुरू हुआ। मंदिरों में मां भगवती के विशेष शृंगार, आरती, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र के दौरान नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मंदिरों में भक्ति का उल्लास बना रहेगा। इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास रही। तीन साल बाद घटस्थापना का मुहूर्त सुबह के बजाय अभिजित काल में रहा। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक सुबह चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के कारण घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त को श्रेष्ठ माना गया। सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में कलश स्थापित कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की और मां भगवती का आह्वान किया। इस बार शारदीय नवरात्र में सप्तमी तिथि की वृद्धि होने के कारण पर्व दस दिन तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य शर्मा के अनुसार पिछले दो वर्षों में तृतीया तिथि की वृद्धि हुई थी, जबकि इस बार सप्तमी तिथि की वृद्धि का संयोग बना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मां भगवती की आराधना के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलेगा। देवी मंदिरों के साथ घरों में भी नवरात्र का उल्लास दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने पूजा स्थलों को फूलों से सजाकर मिट्टी के पात्रों में ज्वारे बोए और कलश स्थापना की। मां शैलपुत्री को पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-शांति की कामना की गई। Bhoe-नवरात्र के बीच श्रद्धालु अपने-अपने आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ निकल पड़े।
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