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इरफान अंसारी का मोदी पर तीखा हमला: राहुल गांधी के साथ डिबेट की मांग
Ranchi, Jharkhand:राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक डिबेट की चुनौती दिए जाने के मामले पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी राहुल गांधी के सामने डिबेट में खड़े भी नहीं हो सकते। देश आज डिबेट मांग रहा है और प्रधानमंत्री को राहुल गांधी के साथ आमने-सामने बैठकर देश के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। इरफान अंसारी ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डिबेट के आधार पर जनता नेताओं का प्रदर्शन देखती है। उन्होंने 40 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के सड़क पर होने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं को संयमित रख रहे हैं और देशहित में प्रधानमंत्री को उनकी बात सुननी चाहिए।0
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रतलाम में अवैध शराब पर पुलिस-आबकारी की भिड़ंत, क्या आबकारी पीछे रहेगा?
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस आगे तो आबकारी पीछे नजर आ रही है. कहावत है... तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात. इसी तरह पुलिस आगे तो आबकारी पीछे पीछे कार्रवाई करटी नजर आ रही है. दरअसल, बुधवार रात पुलिस ने ढाबों पर दबिश देकर अवैध शराब परोसने के मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा. तो वही वहीं, गुरुवार रात आबकारी विभाग भी हरकत में आया और शराब परोसने वाले ढाबों पर कार्रवाई की. लेकिन सवाल यह है कि शहर और आसपास लंबे समय से चल रहे इन अवैध मयखानों पर आबकारी विभाग की नजर पहले क्यों नहीं पड़ी? जब पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, तो आबकारी विभाग की सक्रियता बाद में ही क्यों दिखाई देती है? शहर के बीच भी बेखौफ शराब परोसी जा रही है. ऐसे में आबकारी की कार्रवाई महज औपचारिकता है या अवैध शराब के खिलाफ कोई ठोस अभियान, यह बड़ा सवाल है. अब देखना होगा कि आबकारी विभाग पुलिस से आगे निकलकर कार्रवाई करता है या फिर इसी तरह पीछे-पीछे चलता नजर आएगा.0
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धनतेरस पर यूपी की ODOP से कला और उद्यमिता की नई पहचान सामने
Noida, Uttar Pradesh:Yogi Adityanath धनतेरस का पावन पर्व समृद्धि, शुभता और मंगल का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अपने उत्सव के उल्लास में प्रदेश के उन कर्मठ कारीगरों और शिल्पकारों को भी सहभागी बनाएं, जिनकी कला और अनवरत साधना हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी समृद्ध कर रही है। भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज का मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ खिलौने उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। प्रदेश का निर्यात वर्ष 2016-17 के ₹84 हजार करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंचना हमारे शिल्पकारों-दस्तकारों की उद्यमशीलता और सामर्थ्य का प्रमाण है। लखनऊ और ग्रेटर नोएडा के आधुनिक एक्सपो मार्ट तथा भदोही का ‘कार्पेट बाजार’ प्रदेश के पारम्परिक शिल्पों को आज वैश्विक मंचों पर नई पहचान दिला रहे हैं。 आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को आत्मसात करते हुए, इस धनतेरस ओडीओपी (ODOP) उत्पादों को ही उपहार स्वरूप चुनें। आपकी एक खरीदारी किसी हुनरमंद परिवार के आंगन में स्वावलंबन और सम्मान का दीप प्रज्वलित कर सकती है。 आइए, ‘लोकल वाली दिवाली’ मनाएं और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। धन्वंतरि जयंती एवं धनतेरस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।0
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दीपावली में उल्लू पर अंधविश्वास का साया; संरक्षण जरूरी
टॉप: चकराता。 स्लगं : दिपावली पर मंडराया उल्लूओ पर खतरा。 V/O 01: दीपावली के आते ही हर साल एक खामोश जंग शुरू हो जाती है। एक तरफ जहां अंधविश्वास और गलतफहमी के चलते कुछ लोग यह मान बैठते हैं कि तंत्र साधना और धन प्राप्ति के लिए उल्लू की बलि देना या उसका अनुष्ठान करना जरूरी है, वहीं विज्ञान और समाज सुधारक इसे पूरी तरह खारिज करते हैं। जानकारों का साफ कहना है कि ये महज़ अज्ञानता और क्रूरता है, जिसका हकीकत से कोई तालुक नहीं है। दूसरी तरफ, भारतीय जनजीवन और ज्योतिषीय परंपराओं में इसका एक बिल्कुल अलग और सकारात्मक पक्ष भी मौजूद है। स्थानीय ज्योतिषाचार्य कमलेश शास्त्री के अनुसार, शास्त्रों में उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन यानी सवारी माना गया है। लोक मान्यता है कि जिसे दीपावली की रात उल्लू के दर्शन हो जाएं, उसके घर सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। शास्त्री जी का यह भी कहना है कि इस मूक और पर्यावरण-प्रेमी पक्षी को नुकसान पहुंचाना या मारना नहीं, बल्कि इसकी रक्षा करना ही हमारी सच्ची श्रद्धा और सूझबूझ है。 बाइट : सुनील पेनुली ज्योतिषाचार्य V/O 02: अंधविश्वास और अवैध तस्करी के इस खेल पर लगाम लगाने के लिए इस बार वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। कालसी की डीएफओ संदीपा शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि उल्लू, 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972' के तहत एक पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित प्रजाति है। विभाग के मुताबिक, इसका शिकार करना, इसे घर में कैद रखना या इसका किसी भी तरह से अवैध व्यापार करना कानूनन एक गंभीर अपराध है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसा करते हुए जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और जेल का प्रावधान है। इसके लिए जंगलों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी दल तैनात कर दिए गए हैं。 बाइट : संदीपा शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी कालसी Final V/O : प्रकृति ने हर जीव को पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए गढ़ा है। अंधविश्वास की बेड़ियों में जकड़कर किसी बेजुबान की जान लेना न तो धर्म है और न ही इंसानियत। वन विभाग की ओर से आम नागरिकों से यह अपील की गई है कि यदि दीपावली के इन दिनों में आपको भी कहीं उल्लू की तस्करी या उसके शिकार से जुड़ी कोई भनक लगे, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। इस दीपावली, अंधविश्वास के अंधेरे को पीछे छोड़ें और प्रकृति की इस अनमोल धरोहर की रक्षा में अपनी हिस्सेदारी निभाएं।0
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राजस्थान बॉर्डर से 2500 किग्रा संदिग्ध पनीर जप्त, मौके पर नष्ट
Mathura, Uttar Pradesh:खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई: राजस्थान बॉर्डर से लाया जा रहा 2500 किग्रा संदिद्घ पनीर जब्त, मौके पर ही कराया गया नष्ट मथुरा। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी मथुरा के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय, डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित खाद्य सचल दल एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम ने राजस्थान बॉर्डर की ओर से आ रही भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर की खेप को पकड़ा और उसे जनहित में मौके पर ही नष्ट करवा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 06 नवंबर 2026 की देर रात लगभग 01:30 बजे एनएच-19 स्थित बांके (बाठेन) गेट पुलिस चौकी, थाना-कोसी कलां (तहसील छाता) के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कमा राजस्थान बॉर्डर की दिशा से आ रही बोलेरो पिकअप गाड़ी (संख्या UP-85-CT-4449) को रोककर उसका निरीक्षण किया गया। गाड़ी चालक सलीम (पुत्र इस्माईल) ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी में कमा (राजस्थान) स्थित एक पनीर निर्माण डेयरी से लगभग 2500 किलोग्राम पनीर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹5,05,000 है, बिक्री हेतु लाया जा रहा था। हालांकि, मौके पर कारोबारकर्ता द्वारा पनीर के क्रय-विक्रय से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। भंडारित पनीर की गुणवत्ता अत्यधिक संदिग्ध एवं अस्वच्छकर प्रतीत होने पर खाद्य सुरक्षा टीम ने नियमानुसार जांच हेतु पनीर के 02 नमूने (Samples) संग्रहित कर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए। इसके पश्चात, आम जनता के स्वास्थ्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए पूरे 2500 किग्रा दूषित एवं संदिग्ध पनीर को त्वरित रूप से विनष्ट (Destroy) करा दिया गया। सहायक आयुक्त डॉ. जतिन कुमार सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत संबंधित कारोबारकर्ता एवं दोषियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान खाद्य सचल दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश भारती, धर्मेंद्र सिंह एवं जितेंद्र सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे।0
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