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जयपुर की सफाई पर नया सवाल: क्या शहर की व्यवस्था वाकई सक्षम है?

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में शनिवार रात चला ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ सिर्फ सफाई अभियान नहीं, बल्कि नगर निगम की व्यवस्था पर खुद एक बड़ा सवाल भी छोड़ गया। आधी रात को कलेक्टर संदेश नायक और निगम आयुक्त ओम कसेरा स्कूटी पर शहर की गलियों में निकले, 2000 से ज्यादा सफाईकर्मी सड़कों पर उतरे, बाजारों में झाड़ू चली, कचरा उठाया गया, लेकिन इस पूरे अभियान ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा कर दिया कि जब शहर में प्रतिदिन सफाई होती है, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, तो फिर जयपुर को साफ करने के लिए ऑपरेशन मोड में उतरने की जरूरत क्यों पड़ रही है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि रोजाना घर-घर से कचरा उठाया जा रहा है। इसके बावजूद शहर की गलियों, बाजारों और सड़क किनारे कचरे के ढेर दिखाई देना निगम के सिस्टम की असली तस्वीर सामने लाता है। खुद अभियान के दौरान अधिकारियों को कई जगहों पर कचरा जमा मिला। कलेक्टर संदेश नायक ने छोटी चौपड़ पहुंचते ही निगम कमिश्नर ओम कसेरा से कहा कि मैं जब रास्ते से आ रहा था तो जगह-जगह कचरा के ढेर लगे हुए थे। इस पर आयुक्त ने जवाब देते हुए कहा कि अभियान शुरू हुआ है कुछ देर में साफ हो जाएगा। इसी बीच जब आयुक्त को भी दौरे के दौरान सड़क पर कचरा दिखा तो उन्होंने कचरा उठाकर हूपर में डाला। और मौके पर कर्मचारियों को फटकार लगाई। यानी सवाल सिर्फ सफाई का नहीं, बल्कि पूरी मॉनिटरिंग और कचरा प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता का है। सफाई इवेंट बेस्ड नहीं बल्कि सिस्टम बेस्ड हो। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा का तर्क है कि दिन में चारदीवारी क्षेत्र में ट्रैफिक और भीड़ के कारण सफाई प्रभावी नहीं हो पाती, इसलिए रात में अभियान चलाया गया। लेकिन शहरी प्रबंधन से जुड़े एक्सपर्ट मानते हैं कि किसी भी शहर की सफाई इवेंट बेस्ड नहीं बल्कि सिस्टम बेस्ड होनी चाहिए। अगर सफाई व्यवस्था मजबूत हो तो विशेष अभियान चलाने की नौबत नहीं आती। असल चुनौती यह है कि जयपुर में अभी भी कचरा संग्रहण से लेकर ट्रांसफर स्टेशन तक की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक नहीं बन पाई है। कई जगह कचरा पात्र से कचरा सड़क पर खाली कर दोबारा हूपर में भरा जाता है। खुद आयुक्त ने माना कि कचरा सीधे डंपिंग यार्ड तक जाना चाहिए, बीच में सड़क पर नहीं फैलना चाहिए। यानी सिस्टम में खामियां निगम प्रशासन भी स्वीकार कर रहा है। 100 % डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद भी सड़क पर कचरा क्यों? -कई इलाकों में समय पर कचरा हूपर नहीं पहुंचते। -नगर निगम 100 फीसदी कचरा संग्रहण का दावा करता,लेकिन फेल -बाजारों और कमर्शियल क्षेत्रों में दिनभर अतिरिक्त कचरा निकलता है। -कचरा सेग्रीगेशन नहीं होने से प्रोसेसिंग प्रभावित होती है。 -निगरानी और जवाबदेही कमजोर है। -नागरिकों की आदतें भी बड़ी चुनौती हैं। -यानी समस्या सिर्फ सफाईकर्मियों की नहीं, बल्कि पूरे शहरी प्रबंधन मॉडल की है। सूरत मॉडल’ की बात,लेकिन क्या जयपुर तैयार है? जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक ने सूरत मॉडल लागू करने की बात कही है। सूरत की पहचान सिर्फ नाइट स्वीपिंग से नहीं बनी, बल्कि वहां मजबूत मॉनिटरिंग, तकनीकी सिस्टम, जवाबदेही और नागरिक अनुशासन ने शहर को बदला। जयपुर में अभी सबसे बड़ी कमी बिहेवियर चेंज और सिस्टम कंट्रोल दोनों की दिखाई दे रही है। सफाई का इवेंट या स्थायी समाधान? रात में स्कूटी पर निकले अफसरों की तस्वीरें निश्चित तौर पर संदेश देती हैं कि प्रशासन एक्टिव है। इससे सफाईकर्मियों का मनोबल भी बढ़ता है। लेकिन शहर की असली परीक्षा अगली सुबह होती है। जब बाजार खुलते हैं, लोग निकलते हैं और कचरा फिर सड़कों पर दिखने लगता है। अगर हर कुछ महीनों में “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” चलाना पड़े, तो इसका मतलब साफ है कि रोजमर्रा की सफाई व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी कमी है। जयपुर को सचमुच स्वच्छ बनाना है तो अभियान से ज्यादा जरूरत सिस्टम सुधार, जवाबदेही और नागरिक अनुशासन की है। वरना रात की चमक सुबह की गंदगी में दब जाती रहेगी।
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मंडला में अवैध रेत परिवहन पर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। हिरदेनगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अवैध रेत ले जा रहे दो डंपरों को जब्त किया गया। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे के निर्देश पर खनिज विभाग अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान चला रहा है। कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक MP 20 XC 2621 और MP 20 JD 9963 को अवैध रेत परिवहन करते पकड़ा गया। दोनों डंपरों को हिरदेनगर चौकी की सुपुर्दगी में रखा गया है। खनिज विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
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302015

डिप्टी CM दिया कुमारी मोरिजा पहुंचे; जनता के द्वार सरकार, फोर-लाइन हाईवे पर उम्मीदें

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर डिप्टी CM दिया कुमारी गांव में राजस्थानी परम्परा के साथ स्वागत किया गया। पूर्व विधायक रामलाल शर्मा की अगुवाई में स्वागत हुआ। चौमूं- कालाडेरा- दूदू मेघा हाइवे को चार लाइन बनाने की मांग उठी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। दिया कुमारी ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की और कहा कि अब आमजन सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेंगे; सरकार उनके द्वार पहुंचेगी। चौमूं क्षेत्र में सड़कों के लिए करोड़ों रुपए के बजट का उल्लेख किया गया और चौमूं-कालाडेरा मेगा हाईवे को फोर लाइन में बदलने का आश्वासन दिया गया, ताकि अधिकारियों से बातचीत कर फोर लाइन बनवाने की बात हो सके।
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मदर्स डे पर सादुलपुर अस्पताल में छह बेटियों का जन्म, क्षेत्र में खुशी

Churu, Rajasthan:मदर्स डे पर सादुलपुर अस्पताल में गूंजी 6 बेटियों की किलकारियां, खुशियों से झूम उठा पूरा परिसर मदर्स डे पर अनूठा संयोग : एक ही दिन में 6 बेटियों का जन्म, अस्पताल में बंटी मिठाइयां, स्टाफ बोला- ‘घर आई लक्ष्मी’ सादुलपुर मदर्स डे के खास मौके पर राजकीय उप जिला अस्पताल में ऐसा सुखद संयोग बना जिसने हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दी। रविवार को अस्पताल में एक साथ छह महिलाओं ने छह बेटियों को birth दिया। मदर्स डे पर बेटियों की किलकारियों से अस्पताल परिसर खुशियों से गूंज उठा और पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। सुबह से ही अस्पताल में प्रसूताओं और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहे। जैसे-जैसे नवजात बच्चियों के जन्म की खबर सामने आती गई, वैसे-वैसे अस्पताल में मौजूद लोगों की खुशी भी बढ़ती गई। बेटियों के जन्म को लेकर परिवारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। परिजनों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की, वहीं अस्पताल स्टाफ ने भी इस पल को बेहद भावुक और यादगार बताया। अस्पताल के पीएमओ डॉ. संतोष भागासरा ने बताया कि मदर्स डे की पूर्व रात्रि से ही प्रसूताओं का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया था। अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतर्कता व मेहनत के चलते सभी छह महिलाओं की सफल नार्मल डिलीवरी करवाई गई। उन्होंने बताया कि सभी नवजात बच्चियां और उनकी माताएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉ. भागासरा ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। ऐसे में मदर्स डे जैसे विशेष अवसर पर छह बेटियों का जन्म समाज को सकारात्मक सोच और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का प्रेरणादायक संदेश देता है।इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी माताओं को शुभकामनाएं दी गईं। जिला कलेक्टर की ओर से भेजे गए विशेष बधाई संदेश भी प्रसूताओं को सौंपे गए और नवजात बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इन परिवारों में गूंजी बेटियों की किलकारिया सुशीला पत्नी कृष्ण कुमार, वार्ड 27 सादुलपुर चूरू, ममता पत्नी अनिल कुमार, भगेला, धापा पत्नी विनीत, थानमठुई, देवकी पत्नी बलजीत, चनाना छोटा, दर्शना पत्नी सुनील, कालाना ताल, पूजा पत्नी पवन कुमार, सरदारपुरा ने बेटियों को जन्म दिया है। एक ही दिन में छह बेटियों के जन्म की यह खबर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों ने इसे शुभ संकेत बताते हुए बेटियों के जन्म पर खुशी जताई। अस्पताल परिसर में पूरे दिन जश्न जैसा माहौल बना रहा और हर कोई नवजात बच्चियों को आशीर्वाद देता नजर आया।
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