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बाइक चोरी में पति-पत्नी गिरफ्तार, चोरी की अपाचे बरामद

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। थाना बहेड़ी पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने क्षेत्र से कई बाइक चोरी कर बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल चोरी के मामलों की जांच के दौरान वन विभाग तिराहे के पास से कृष्णा पुत्र नन्हे और उसकी पत्नी दिव्या निवासी पंजाबी कॉलोनी, थाना किच्छा, जनपद ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया गया। दोनों उस समय चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद अपाचे बाइक उन्होंने बहेड़ी स्थित वी मार्ट के पास से चोरी की थी। इसके अलावा शिव शक्ति मैरिज लॉन के पास से एक एचएफ डीलक्स तथा नुमाइश क्षेत्र से एक अन्य अपाचे मोटरसाइकिल चोरी कर अलग-अलग लोगों को बेच चुके हैं। पुलिस द्वारा बरामद बाइक के चेसिस नंबर की जांच करने पर वाहन स्वामी का नाम इसरार खान निवासी जाजूनगर, बहेड़ी पाया गया। यह वाहन थाना बहेड़ी में दर्ज बाइक चोरी के मुकदमे से संबंधित निकला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक नीरज कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विकास, कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल पंकज कुमार, महिला आरक्षी रीतू, आरक्षी अभिषेक तथा आरक्षी सूरज शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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302015

एसिडिटी दवा के दीर्घकालिक उपयोग से हड्डियाँ कमजोर, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा

Jaipur, Rajasthan:लंबे समय तक एसिडिटी की दवा से हड्डियाँ हो रही कमजोर नेशनल कॉन्फ्रेंस आईएसबीएमआर मिडटर्म 2026 में विशेषज्ञों ने दी जानकारी जयपुर। आम तौर पर देखा गया है कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज की दवाइयां लंबे समय तक चलती है। ऐसे रोगियों को एसिडिटी की दवा भी सुबह खाली पेट लेनी होती है। नई शोध में सामने आया है कि एसिडिटी की दवा का भी साइड इफेक्ट देखने में आ रहा है। पेट की जलन या गैस की समस्या के लिए रोज़ सुबह खाली पेट ली जाने वाली दवाएं अगर महीनों या सालों तक लगातार ली जाएं तो यह हड्डियों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर (जैसे ओमेप्राज़ोल, पैंटोप्राज़ोल आदि) दवाएं पेट में बनने वाले एसिड को कम करती हैं जबकि एसिड शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी भी होता है। जब एसिड का स्तर लंबे समय तक कम रहता है तो कैल्शियम सही से शरीर में नहीं पहुंच पाता और धीरे-धीरे हड्डियाँ कमजोर पड़ने लगती हैं। यही स्थिति आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस का रूप ले लेती है। यह चिंताजनक जानकारी रविवार को जयपुर में आयोजित नेशनल कॉर्नफ्रेंस आईएसबीएमआर 2026 में विशेषज्ञों ने दी। आंकड़ों की मानें तो भारत में 25 से 40 प्रतिशत लोग लंबे समय से सुबह खाली पेट गैस की दवा लेते हैं। महात्मा गांधी अस्पताल में हार्मोन रोग विभागाध्यक्ष तथा कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. राजीव कासलीवाल ने बताया कि जयपुर में आईएसबीएमआर की पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है जिसमें एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया (राजस्थान एफ़िलिएट) और राजस्थान ऑर्थोपेडिक सर्जन्स एसोसिएशन भी शामिल हैं। इस दौरान 400 से अधिक डेलीगेट्स और फैकल्टी ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस के वैज्ञानिक सत्रों में मेटाबॉलिक बोन डिज़ीज़ और ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. संजय भड़ाडा ने हाइपरपैराथायरॉइडिज्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. शैलेश लोढ़ा ने बताया कि मोटापा और हड्डियों के संबंध पर आयोजित सत्र में डॉ. नितिन कपूर ने "हेवी बॉडी, फ्रैजाइल बोन्स" विषय पर व्याख्यान दिया। ऑस्टियोपोरोसिस सत्र में डॉ. राजेश खड़गावत ने बाल्यावस्था में ऑस्टियोपोरोसिस के मूल्यांकन और प्रबंधन पर जानकारी दी, वहीं डॉ. संबित दास ने सेकेंडरी ऑस्टियोपोरोसिस के कारणों और पहचान पर विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। खाली पेट गैस की दवा लेने से कैसे होता है असर – दिल्ली एम्स के डॉ. राजेश खड़गावत ने बताया कि इन दवाओं के लगातार सेवन से मैग्नीशियम और विटामिन बी12 की कमी भी हो जाती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। कई शोधों में पाया गया है कि जो लोग एक साल से अधिक समय तक एसिडिटी की दवाएं नियमित रूप से लेते हैं, उनमें हड्डी टूटने का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। सबसे ज्यादा असर मेनोपॉज़ के बाद की महिलाओं और बुजुर्गों में देखा गया है, जिनकी हड्डियाँ पहले से ही नाजुक होती हैं। ओस्टियोपोरोसिस ग्रसित मरीज के हिप फ्रैक्चर के बाद बढ़ जाता है मौत का खतरा – वेल्लोर से आए डॉ. थॉमस पॉल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस वाले मरीजों में हिप फ्रैक्चर होने के बाद हालात अक्सर गंभीर हो जाते हैं। चिकित्सा अध्ययनों के अनुसार, ऐसे करीब 20 प्रतिशत मरीजों की एक साल के भीतर मृत्यु हो जाती है। इसका कारण केवल हड्डी का टूटना नहीं बल्कि उसके बाद होने वाली शारीरिक जटिलताएं हैं। फ्रैक्चर के बाद मरीजों को महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ता है, जिससे फेफड़ों में संक्रमण, खून के थक्के और प्रेशर सोर्स जैसी समस्याएं हो जाती हैं। दर्द और निष्क्रियता के कारण दिल और फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं भूख कम लगने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी और प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट आती है। कई बुजुर्गों में यह मानसिक रूप से भी गहरा असर छोड़ती है, जिससे अवसाद और तनाव बढ़ जाता है।
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201303

ड्रीम हाई स्कूल: शिक्षा-खेल से जिला स्तर की चैंपियन बनाने की पहल

Noida, Uttar Pradesh:ड्रीम हाई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में हमारा विश्वास है कि उत्कृष्टता कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि एक आदत है। पाटन रोड, डीडवाना स्थित हमारा सीबीएसई से संबद्ध संस्थान विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार एवं भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने हेतु उत्कृष्ट शैक्षणिक शिक्षा और उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण का समन्वय प्रदान करता है। उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणामों से लेकर बास्केटबॉल एवं रोलर स्केटिंग में जिला स्तरीय चैंपियन तैयार करने तक, हम अपने विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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