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भिवानी पहाड़ी माता मंदिर चोरी मामले में सुनवाई 30 जून को निर्धारित

Bhiwani, Haryana:भिवानी भिवानी के पहाड़ी माता मंदिर चोरी प्रकरण, शिकायतकर्ता बोला- मुझे जान का खतरा, पूर्व कर्मचारी के पास मिले सोने-चांदी के आभूषण व अन्य सामान, एडीसी कर रहे सुनवाई भिवानी के पहाड़ी माता मंदिर से कथित सोने-चांदी के आभूषण व अन्य सामान चोरी होने का मामला सामने आया है। हालांकि इसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) द्वारा की जा रही है। यह मामला मंदिर के पूर्व कर्मचारी के घर सोने-चांदी के आभूषण व अन्य सामान मिलने के बाद तुल पकड़ा है। वहीं इसके बाद ही पहाड़ी निवासी नरेश ने बताया कि उसने मामला पता लगने के बाद शिकायत दी। वहीं शिकायत देने के बाद उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि पहाड़ी माता मंदिर का संचालन वर्ष 2009 से प्रशासन के पास है। वहीं प्रशासन हीं इसकी देखरेख कर रहा है। वहीं मंदिर के एक कर्मचारी को करीब तीन-चार माह पहले हटाया गया था। जिसके घर से पुलिस ने दबिश करके सोने-चांदी के आभूषण व अन्य सामान बरामद किया है। 30 जून को होगी सुनवाई पहाड़ी माता मंदिर में कथित आभूषण चोरी प्रकरण से जुड़े मामले की सुनवाई एडीसी कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता नरेश पहाड़ी तथा पहाड़ी माता ट्रस्ट के खजांची प्यारेलाल उपस्थित हुए थे, जिनके बयान दर्ज किए गए। हालांकि दूसरे पक्ष के उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की अगली सुनवाई अब 30 जून को निर्धारित की गई है। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय द्वारा 22 जून को जारी पत्र के माध्यम से मंदिर से जुड़े पक्षों को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता पक्ष कार्यालय पहुंचा और अपने बयान दर्ज करवाए। मामला उठाने के बाद दबाव बनाया जा रहा: नरेश कुमार शिकायतकर्ता नरेश कुमार पहाड़ी ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण को उठाने के बाद उन पर मामले को दबाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोग फोन कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से उन्हें मामले से पीछे हटने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है तथा उनकी जान को खतरा हो सकता है। यह मामला पहाड़ी माता मंदिर से जुड़ा हुआ है, जिससे लाखों लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की।
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उज्जैन: साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आरम्भ, 500 से अधिक लोग शामिल

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन पुलिस कंट्रोल रूम से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलने वाले साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई। शुरुआत साइबर जागरूकता रैली से की गई, जिसमें जनप्रतिनिधि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे। रैली में लोगों को साइबर ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी शेयर करने जैसी ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य जिले के लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति, विधायक, यूडीए अध्यक्ष, गृह विभाग सदस्य, भाजपा नगर अध्यक्ष के साथ संभागायुक्त, एडीजी, डीआईजी, कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे। रैली में 500 से अधिक लोगों की भागीदारी बताई गई है।
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नशा विरोधी जागरूकता के साथ गिरिडीह में अवैध शराब के खिलाफ भारी छापेमारी

Giridih, Jharkhand:एभीबी : राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान के तहत मंगलवार की रात गिरिडीह प्रखंड की बरमोरिया पंचायत सचिवालय में रात्रि चौपाल का आयोजन हुआ. इसमें उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से आगाह किया. बड़ी तादाद में लोगों ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया. चौपाल के अगले ही दिन बुधवार को प्रशासन एक्शन में दिखा. मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो के नेतृत्व में उत्पाद विभाग की टीम ने बरमोरिया गांव में बड़ी छापेमारी की. छापेमारी में करीब 9000 केजी जावा महुआ और 350 लीटर अवैध जावा महुआ शराब जब्त की गई. टीम ने गांव में चल रही अवैध शराब भट्ठियों को भी नष्ट कर दिया. पुलिस की भनक लगते ही सभी धंधेबाज मौके से फरार हो गए. पुलिस फरार धंधेबाजों की तलाश में छापेमारी कर रही है. थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि नशा मुक्ति सिर्फ जागरूकता से नहीं, सख्त कार्रवाई से भी होगी. रात में शपथ, सुबह छापा यही संदेश है.
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मोतिहारी में ड्रग्स पैसा मामला: 35 लाख की बरामदगी और जांच जारी

Motihari, Bihar:ड्रग्स का पकड़ा गया 25 लाख रुपया को मैनेज करने में लिया गया पैंतीस लाख रुपया पुलिस की गले की हड्डी बन गया है,दोहरी जांच शुरू। मोतिहारी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पटना की तरफ से ड्रग्स का रुपया लेकर तस्कर आ रहे हैं। पुलिस को खबर देने वाला पुलिस का स्पाई मोहम्मद था। सूचना के बाद चकिया टॉल प्लाजा पर सदर पुलिस की टीम ने एक गाड़ी के तहखाने से करीब 25 लाख रुपया बरामद किया। हालांकि पुलिस ने रुपया की बरामदगी तुरकौलिया थाना क्षेत्र दिखाकर सभी को तुरकौलिया थाना में बंद कर दिया घटना करीब 25 मई की है। सूत्र बताते हैं कि खेल अब यही से शुरू हुआ। पकड़ा गया चार तस्करों में दो नेपाल के और दो आदापुर के काफी सम्पन्न लोग थे। लिहाजा मोलजोल शुरू हो गया। इस दौरान एसपी ने तुरकौलिया थाना को एफआईआर दर्ज करने को बोला तो दो दिन तक तुरकौलिया थाना अध्यक्ष एसपी को ही टहलाते रहे। एसपी ने फिर से थानाध्यक्ष को धारा के साथ बताया कि इन धारा में एफआईआर दर्ज करो, इस बीच एसपी ने डीजीपी के वीसी में ड्रग्स की पैसा बरामदगी और गिरफ्तारी की सूचना दे दिया पर थानाध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज नहीं किया था। अब जब यह जानकारी एसपी को हुआ तो उन्होंने थानाध्यक्ष से लेकर अन्य अधिकारी को जमकर हड़काया तब एफआईआर दर्ज हुआ। दरअसल एफआईआर दर्ज नहीं होने के पीछे की वजह जो अब चर्चा में है बताया जा रहा है कि 35 लाख रुपया कथित तस्करों को बचाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर और दो लाख रुपया कथित तौर पर थानाध्यक्ष के गले के चेन के नाम पर लिया गया था। एफआईआर दर्ज नहीं होने पर एसपी ने थानाध्यक्ष को खूब डांट पिलाया था जिसके बाद 28 मई को एफआईआर दर्ज हुआ था। अब जब एफआईआर दर्ज हो गया तो तस्करों का शुभचिंतक जायसवाल नाम का व्यक्ति पटना के पुलिस महकमे के एक बड़े साहब तक मामला पहुंचाया कि कैसे तस्करों से 35 लाख रुपया लिया गया है। फिर क्या था पटना के आला अधिकारी ने आर्थिक अपराध इकाई की टीम को मोतिहारी भेजा जांच करने के लिए। इधर मोतिहारी एसपी ने भी प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ से अपना जाँच शुरू करवा दिया। जब आर्थिक अपराध इकाई और मोतिहारी पुलिस ने दोहरी जांच शुरू कर दिया तो तस्करों को बचाने के नाम पर पैसा लेने वाले का हाथ पांव फूल गए। फिर दो किस्तों में तस्करों का 35 लाख रुपया शर्मा नाम के व्यक्ति ने पिछले सप्ताह लौटाया फिर कथित तस्करी के पैसा मामले में गिरफ्तार हुए लोगों के बयान का वीडियो बनाया गया जिसमें वो बोल रहा है कि मेरा कोई पैसा किसी के पास नहीं है। हम भूलवश रुपया लेने का शिकायत कर दिए थे। एक बारगी तो करप्ट सिस्टम को लगा कि पैसा लौटा देने और बयान को रिकॉर्ड कर लेने के बाद मामला खत्म हो गया पर ऐसा नहीं हुआ। जांच अब शर्मा और इरफान नाम के व्यक्ति के इर्दगिर्द घूम रहा है। शर्मा का एक पुलिस अधिकारी से कैसा रिश्ता है? उसने कहा से और क्यों लौटाया है 35 लाख रुपया? गलत करने वाले को कभी कभी लगता है कि मामला खत्म हो गया पर हर मामला अपने पीछे एक सुराग छोड़ जाता है जिस रास्ते कानून गुनहगार तक पहुंच ही जाता है। आने वाले दिनों में अगर ऐसा होता हुआ इस मामले में भी दिख जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा, क्योंकि मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात मामले के तहत जाने की कसम खाए बैठे हैं। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आया है कि पैसा हरHZीबाग से लाया जा रहा था जबकि गिरफ्तार लोगों ने झूठ बोला था कि मनी एक्सचेंज का पैसा है जो पटना से लाया गया है।
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