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पश्चिमी राजस्थान के दबाव क्षेत्र से मौसम चक्र सक्रिय, दिल्ली पर असर की संभावना

Noida, Uttar Pradesh:• पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र आज, 26 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे (IST) भी उसी इलाके में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। • समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ़ अब पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, शिवपुरी, सीधी, जमशेदपुर, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के आस-पास के इलाकों में बने डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजरती है; इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ती है और समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है। • पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के कम दबाव वाले क्षेत्र तथा उत्तर-पश्चिम बंगाला की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के आस-पास के इलाकों में बने डिप्रेशन से जुड़े चक्रवाती परिसंचरणों वाला पूर्व-पश्चिम शियर ज़ोन, मध्य भारत में लगभग 23°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है। • मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ़ के रूप में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ), जिसकी धुरी समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है, अब लगभग 66°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में चल रहा है। Weather Report • अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और अगले 7 दिनों में दिल्ली में तापमान 2-3°C तक गिरेगा। बीता हुआ मौसम • दिन के दौरान दिल्ली में कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी हुई। • पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और अधिकतम तापमान 1-2°C तक बढ़ा। • पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में न्यूनतम तापमान 24-28°C और अधिकतम तापमान 35-37°C के बीच रहा। • दिल्ली के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम (-1.6°C से -3.0°C) और बाकी हिस्सों में सामान्य (-1.5°C से 1.5°C) रहा। • दिल्ली के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज़्यादा (1.6°C से 3.0°C) है, जबकि बाकी हिस्सों में यह सामान्य (-1.5°C से 1.5°C) है। • दिल्ली में दक्षिण-पूर्वी हवाएँ 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलीं।
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NSUI ने धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद ऐतिहासिक विजय जुलूस निकाला

Kota, Rajasthan:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर NSUI ने एक विशाल विजय जुलूस निकाला, लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल के नेतृत्व में यह कार्यक्रम हुआ। इस दौरान छात्रों पर दिल्ली में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की पुरजोर मांग भी उठाई गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम की मौजूदगी में जश्न मनाया गया। कोटा- पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में NSUI कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल के नेतृत्व में एक विशाल विजय जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लेने की मांग को दोहराया। शिक्षा नगरी कोटा से शुरू हुई राहुल गांधी की छात्रों की गूंज मुहिम ने अहंकारी मोदी सरकार को झुकने और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया...
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बारां अंता में 400 साल पुराने किले की मरम्मत के लिए 30 लाख स्वीकृत

Baran, Rajasthan:खबर-अंता (बारां) बारां जिले के अंता में 400 वर्ष पुराना ऐतिहासिक प्राचीन किला जीर्ण शीर्ण के चलते देख रेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता जा रहा हे ऐसे में समय रहते इसकी सार सम्भाल पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका अस्तित्व ही खत्म हो सकता हे । बता दे कि कस्बे के बीचों बीच स्थित विरासत कालीन किला वीरान पड़ा होने के कारण किले में झाड़ियां उग चुकी है, परिसर गंदगी से दूषित हो रहा है वही बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से किले की दीवारों में पानी का रिसाव हो रहा है। एक और जहां किले की सौन्दर्यता कम होती जा रही है वहीं जीर्ण-शीर्ण होने के कारण मुख्य द्वार दुर्घटनाओं को भी आमंत्रण दे रहा है। किले की मुख्य द्वार की बनी दीवारों में दरारें आने लगी है वही किले के कंगूरे व परकोटे धीरे-धीरे टूट-टूटकर नीचे गिर रहे है। ऐसे में इस ऐतिहासिक धरोहर की सार सम्भाल को लेकर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत हे । समय रहते किले की दोबारा मरम्मत करके दार्शनिक वस्तुओं का निर्माण किया जाए जिससे किले की सौन्दर्यता बढ़ने के साथ साथ किले में आने वालों की संख्या में भी इजाफा होगा दूसरी ओर किले में प्राचीन गोवर्धन नाथ का मंदिर स्थित है, इस कारण यहां सैकड़ों की संख्या में रोजाना श्रद्धालु आते-जाते रहते हैं। वही सावन माह के चलते दर्शन करने के लिए वर्तमान में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ रही है। इसी किले में तहसील कार्यालय का भी संचालन हो रहा है और बाहर शीतला माता का मंदिर बना हुआ हैं। लेकिन रख रखाव के अभाव में समय के साथ-साथ किला जीर्ण-शीर्ण होता जा रहा है। अभी हाल ही में केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत द्वारा किले में स्थित प्राचीन गोवर्धननाथ मंदिर विकास के लिए तीस लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। लेकिन किले के विकास कार्य की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं होने के कारण यह अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है ।किले की सुरक्षा को लेकर बनाए हुए मुख्य द्वार के दरवाजे भी क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। यह दरवाजा कई क्विंटल भारी वजनी और आकर्षक लोहे के कीले लगाकर बनाया हैं, जो भी रंग रोगन नही होने के कारण टूटने लगा हे इसकी मरम्मत के साथ रंग रोगन करा दिया जाए तो यह फिर से निखर सकता हे ।
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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नारायणपुर में श्रद्धांजलि सभा

Narayanpur, Jharkhand:एंकर - कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नारायणपुर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सल्यूट तिरंगा के अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम एवं जिला रेड क्रॉस अधिकारी, नारायणपुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के सभी अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि "कारगिल के अमर वीरों का शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।" वक्ताओं ने कहा कि 26 जुलाई का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और सम्मान का प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए लगभग 60 दिनों के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए विजय प्राप्त की थी। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि माँ भारती की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा। कारगिल विजय दिवस केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का जीवंत स्रोत है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देकर यह सिद्ध किया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। इस अवसर पर सेवानिवृत्त सेना के जवान, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं जवान, नारायणपुर के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।
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