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यमराज के तौर पर पुलिस का अनोखा प्रचार: हेल्मेट और सीट बेल्ट जागरूकता

Kharagpur, West Bengal:special story হেলমেটহীন বাইক আরোহী দেখলেই ‘যমরাজের তাড়া’! সবংয়ের তেমাথানিতে জমজমাট সচেতনতা অভিযান ই গোপী: রাস্তায় বেরিয়েছেন, কিন্তু মাথায় নেই হেলমেট? কিংবা গাড়িতে উঠেছেন, অথচ সিটবেল্ট বাঁধেননি? সাবধান! এবার আপনাকে থামাতে রাস্তায় হাজির স্বয়ং যমরাজ, সঙ্গে আবার হিসেবের খাতা হাতে চিত্রগুপ্ত। তবে প্রাণ নিতে নয়, প্রাণ বাঁচানোর বার্তা দিতেই পুলিশের এই অভিনব উদ্যোগ। রাজ্য সরকার, পরিবহণ দফতর ও ট্রাফিক পুলিশের উদ্যোগে ৩ থেকে ৯ আগস্ট ২০২৬ পর্যন্ত পালিত হচ্ছে ‘পথ নিরাপত্তা সপ্তাহ ২০২৬’। পথ দুর্ঘটনা রোধ এবং সাধারণ মানুষের মধ্যে ট্রাফিক আইন মেনে চলার সচেতনতা বাড়াতে সপ্তাহজুড়ে নেওয়া হয়েছে একাধিক কর্মসূচি। তারই অঙ্গ হিসেবে পশ্চিম মেদিনীপুর জেলার সবং ও পিংলা ট্রাফিক বিভাগের উদ্যোগে দেখা গেল ব্যতিক্রমী সচেতনতা প্রচার। শুক্রবার সবং ব্লকের তেমাথানি বাজার এলাকায় হঠাৎ করেই নাটকীয় ভঙ্গিতে হাজির হন যমরাজ ও চিত্রগুপ্ত। হাতে গদা নিয়ে যমরাজের ‘হা হা হা’ হাসি, আর পাশে নোটবুক হাতে চিত্রগুপ্ত এই দৃশ্য দেখে প্রথমে রীতিমতো চমকে যান পথচারীরা। পরে বিষয়টি বুঝতে পেরে হাসি-ঠাট্টায় মেতে ওঠেন অনেকেই। হেলমেট ছাড়া বাইক চালাতে দেখলেই সেই বাইক আরোহীর দিকে ছুটে যাচ্ছেন যমরাজ। সামনে দাঁড়িয়ে প্রশ্ন করছেন, “হেলমেট পরে আসোনি কেন? জানো আমি যমরাজ? যে কোনও মুহূর্তে তোমার বাড়িতে পৌঁছে যেতে পারি!” এরপরই শুরু হচ্ছে ‘হিসেব-নিকেশ’। যমরাজের নির্দেশে চিত্রগুপ্ত খাতা খুলে জানতে চাইছেন গাড়ির কাগজপত্র ও প্রয়োজনীয় নথি সম্পর্কে। কোথাও নথিপত্রের ঘাটতি ধরা পড়লে চিত্রগুপ্তের কণ্ঠে বিস্ময়“যমরাজ, এ তো অবাক কাণ্ড! গাড়ির লাইসেন্স নেই, প্রয়োজনীয় নথিপত্রও নেই, হেলমেট নেই!” নাটকীয় এই পরিবেশের মধ্যেই বাইক ও চারচাকার চালকদের দেওয়া হচ্ছে গুরুত্বপূর্ণ বার্তা। বাইক আরোহীদের হেলমেট পরার অঙ্গীকার করানো হচ্ছে। একইসঙ্গে চারচাকার চালকদের সিটবেল্ট ব্যবহার এবং সমস্ত ট্রাফিক আইন মেনে চলার জন্য সচেতন করা হচ্ছে। ট্রাফিক পুলিশের এই অভিনব উদ্যোগ দেখতে তেমাথানি বাজার এলাকায় ভিড় জমে যায়। 많은 ব্যক্তি মোবাইল ফোনে গোটা সচেতনতা কর্মসূচির ভিডিও ও ছবি তুলে রাখেন। কারও মুখে হাসি, কেউ আবার হাততালি দিয়ে ট্রাফিক পুলিশের উদ্যোগকে স্বাগত জানান। সাধারণ মানুষের একাংশের মতে, শুধুমাত্র আইন প্রয়োগ বা জরিমানার মাধ্যমে নয়, এমন অভিনব ও নাটকীয় পদ্ধতিতে সচেতনতার বার্তা মানুষের কাছে পৌঁছে দিলে তার প্রভাব আরও বেশি হতে পারে। পথ নিরাপত্তা সপ্তাহে সবং ও পিংলা পুলিশের এই উদ্যোগ যেন হাসির আড়ালে একটি কঠিন বার্তাই দিয়ে গেল হেলমেট ও সিটবেল্ট এড়িয়ে চলা মানেই নিজের জীবনকে ঝুঁкির মুখে ঠেলে দেওয়া। তাই রাস্তায় বেরোনোর আগে নিয়ম মানুন, সতর্ক থাকুন এবং নিরাপদে বাড়ি ফিরুন。
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बाड़ी सदर पुलिस ने एक सप्ताह में 15 लाख की 14 भैंसें बरामद

Dholpur, Rajasthan:बाड़ी सदर पुलिस की बड़ी कामयाबी, एक सप्ताह में चोरी की 15 लाख की 14 भैंसें झोर जंगल से बरामद, आरोपी फरार चोरों ने सोचा डांग के जंगल में भैंस छिपा देंगे तो पुलिस नहीं पहुंचेगी। पर भूल गए ये बाड़ी सदर पुलिस है - तकनीक और हौसले से एक हफ्ते में 15 लाख की भैंसें भी ढूंढ निकालीं। बाड़ी। बाड़ी सदर थाना पुलिस ने मेहनत और मुस्तैदी से करीब एक सप्ताह पहले हुई भैंस चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस टीम ने झोर गांव के घने जंगल और दुर्गम डांग क्षेत्र में दबिश देकर 15 लाख रुपये कीमत की 14 भैंसें सुरक्षित बरामद कर ली हैं। हालांकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं। थाना प्रभारी मोहर सिंह ने बताया कि 1 अगस्त 2026 की रात करीब 1:30 बजे मोतीकोटरा निवासी देशराज पुत्र, कल्लू पुत्र और राकेश गुर्जर सहित 5-6 अज्ञात लोगों द्वारा जमूरा गांव के एक बाड़े से भैंस चोरी करने की शिकायत मिली थी। पीड़ित परिवार के अनुसार सुबह करीब 4 बजे जब वे बाड़े पर पहुंचे तो वहां ताला टूटा हुआ था और 14 भैंसें गायब थीं। परिजनों ने आसपास के क्षेत्र में काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद पीड़ितों ने बाड़ी सदर थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP के निर्देश पर चोरी गई भैंसों की बरामदगी और आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में थाना प्रभारी मोहर सिंह के साथ हेड कांस्टेबल अशोक मीणा और अन्य जवानों को शामिल किया गया। टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साथ ही इलाके के मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों पर नजर रखी गई। पुलिस टीमों ने पिछले एक सप्ताह तक सोने का गुर्जा, झोर, मोतीकोटरा और बाड़ी सदर थाना क्षेत्र से लगे जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। डांग क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन है, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर रात झोर गांव के जंगल में दबिश दी गई। वहां झाड़ियों के बीच बंधी हुई 14 भैंसें बरामद हुईं। पुलिस को देखकर आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। बरामद भैंसों को कब्जे में लेकर उनके असली मालिकों को सुपुर्द किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस इलाके में सक्रिय थे और चोरी की भैंसों को बेचने की फिराक में थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और उनके नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है।
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