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चतरा में मचान टूटने से मजदूर की मौत, परिवार में शोक फैल गया
Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में मचान टूटने से मजदूर की दर्दनाक मौत चतरा शहर के मेन रोड स्थित सुजीत जायसवाल के मकान में प्लास्टर का काम कर रहे एक मजदूर की मचान टूटने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के मोहनादिह गांव निवासी संजू भारती के रूप में हुई है घटना सोमवार संध्या करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार संजू भारती मकान में प्लास्टर का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक मचान का जुगाड़ टूट गया, जिससे वह सीधे जमीन पर आ गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं पुलिस मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है0
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डूंगरपुर में नदी में भ्रूण मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी
Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में दो नदी में एक भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से भ्रूण को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद भ्रूण को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भ्रूण 8 से 9 माह के बताया जा रहा है। डूंगरपुर जिले के सदर थाने के एसआई भवानीशंकर ने बताया कि सुंदरपुर ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 7 निवासी प्रवीण पुत्र किशनलाल कोटेड दो नदी पुल की ओर गया था। इस दौरान उसने नदी में कोई वस्तु तैरती हुई देखी। पास जाकर देखने पर वह भ्रूण नजर आया। इसके बाद उसने सदर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से भ्रूण को बाहर निकाला गया। पुलिस ने बताया की भ्रूण पूरी तरह से विकसित था। भ्रूण के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात महिला या व्यक्ति ने भ्रूण को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। बालक भ्रूण करीब 8 से 9 माह का बताया जा रहा है। वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्रों में जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब भ्रूण को नदी में फेंकने वाले व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है।0
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सहयोग पोर्टल व हेल्पलाइन 1100 से अब शिकायतें 30 दिनों में निपटेंगी
Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहाँ विकसित बिहार की ओर एक और कदम के लिए सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ हुआ अब कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत sahyog.bihar.gov.in कर सकता है दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिन के अंदर सुनिश्चित होगा और लिखित तौर पर जवाब मिलेगा बिहार सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 'सहयोग पोर्टल' एवं सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'सबका सम्मान, जीवन आसान' निश्चय के तहत लोगों की शिकायतों का प्रभावी निपटारा करना है। पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में आयोजित इस मुख्य समारोह का जिला स्तर पर सीधा प्रसारण किया गया। समाहरणालय के एनआईसी सभागार में इस कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुभारंभ को लाइव देखा और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस नई व्यवस्था के तहत अब जनता अपनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुँचा सकेगी: हेल्पलाइन नंबर 1100: नागरिक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे के बीच इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in): ऑनलाइन माध्यम से कभी भी अपनी शिकायत दर्ज करने की सुविधा। सहयोग शिविर: 19 मई 2026 से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। निश्चित समय सीमा: दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस पोर्टल और हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें पोर्टल के रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई।0
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302015
जेडीए की बड़ी कार्रवाई: जोन-12 में दो स्थानों पर अवैध कॉलोनियाँ ध्वस्त
Jaipur, Rajasthan:जयपुर जेडीए ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जोन-12 क्षेत्र में दो स्थानों पर चल रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान जेडीए की टीम ने जेसीबी मशीनों से बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सड़कें, बाउंड्री वॉल और अन्य अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। पहली कार्रवाई ग्राम कालवाड़-मुंडोता रोड क्षेत्र में की गई, जहां करीब 6 बीघा कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया गया था। जेडीए की अनुमति के बिना भूमि पर सड़कें और अन्य निर्माण कार्य किए गए थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी निर्माणों को ध्वस्त कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश को विफल कर दिया। दूसरी कार्रवाई ग्राम पीथावास हाथोज क्षेत्र में की गई। यहां करीब 10 बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जेडीए अधिकारियों ने यहां भी मिट्टी-ग्रेवल सड़कें और अन्य निर्माण कार्यों को जेसीबी से हटवाया। जेडीए के DIG आनंद शर्मा ने बताया कि दोनों ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों में करीब 40-40 हजार रुपए का खर्च आया है। नियमानुसार यह राशि संबंधित व्यक्तियों से वसूली जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।0
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302015
कोटपूतली में अवैध शराब गोदामों के विरोध में ठेकेदारों का प्रदर्शन
Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली शहर में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शराब ठेकेदारों में भारी रोष व्याप्त है। ठेकेदारों ने विभाग के उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मिलीभगत की बात कही है। मामला शहर में नियमों को ताक पर रखकर खोले गए अवैध शराब के ठेकों और गोदामों से जुड़ा है, जिसे लेकर अब जिला प्रशासन के दखल की मांग की जा रही है। ठेकेदारों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नियमों के अनुसार शराब के गोदाम दुकान के 100 मीटर के दायरे में होने चाहिए। लेकिन कोटपूतली नगर परिषद क्षेत्र में नियमों को दरकिनार करते हुए 2000 मीटर (2 किमी) से अधिक की दूरी पर गोदाम संचालित किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार शहर में ऐसे 5 अवैध गोदाम खोले गए हैं, जो पूरी तरह से आबकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। शराब ठेकेदारों का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साद रखी है। ठेकेदारों ने सीधे आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध गोदामों का संचालन संभव नहीं है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अब ठेकेदारों ने लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अवैध गोदामों और अवैध बिक्री से परेशान शहरवासियों और वैध शराब ठेकेदारों ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि इन गोदामों के कारण राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है। “नियम स्पष्ट हैं कि गोदाम 100 मीटर के भीतर होने चाहिए, लेकिन यहाँ 2 किलोमीटर दूर गोदाम चलाए जा रहे हैं। प्रशासन को तुरंत इन 5 अवैध गोदामों को सील करना चाहिए। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।”0
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