icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Pinewz
123401

रेवाड़ी HSVP का अतिक्रमण हटाव, गरीबों पर तंज, रोटरी रसोई पर ढिलाई

Rewari, Haryana:रेवाड़ी में HSVP ने अतिक्रमण हटवाया... दुकानदारों की JE से बहस, नोटिस के बावजूद रोटरी रसोई नहीं हटी, भेदभाव के आरोप... सरकार जमीन पर बनी रसोई पर कार्रवाई न करने का आरोप... रेवाड़ी में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम सेक्टर-5 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी. इस दौरान टीम पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगे. लोगों का कहना है कि गरीबों की झुग्गियों पर तुरंत बुलडोजर चलाया गया, जबकि 6 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर बनी रोटरी रसोई को 10 महीने के नोटिस के बावजूद नहीं हटाया गया. स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों ने HSVP की टीम पर निष्पक्ष नहीं होने के आरोप लगाए. सेक्टर-5 मार्केट में तीन साल पुरानी शिकायत के बाद HSVP ने झोपड़ियों को तोड़ा. आरोप है कि गरीबों को दो घंटे का भी समय नहीं दिया गया, जबकि प्रभावशाली लोगों को दो दिन का समय मिलता है. सेक्टर-5 में करीब 6 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर र Rotery रसोई का निर्माण किया जा रहा है. HSVP के EO ने करीब 10 महीने पहले इसे हटाने के लिए दो दिन का नोटिस जारी किया था. हालांकि, यह रसोई अभी भी उसी स्थान पर मौजूद है. व्यापारियों का कहना है कि इस निर्माण के पीछे प्रभावशाली नेताओं का हाथ है. उन्होंने बताया कि HSVP विभाग की जमीन पर शेड डालकर यह निर्माण कार्य किया गया है. लोगों ने मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए. निवासियों का कहना है कि HSVP अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति के लिए गरीबों की झुग्गियां तोड़ी. एक स्थानीय निवासी ने कहा गरीबों पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े लोगों की बात आने पर फाइलें सालों तक पड़ी रहती हैं. इस कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई से सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास कम हो रहा है. रेवाड़ीवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि र Rotery रसोई सहित सभी अतिक्रमणों को बिना किसी भेदभाव के हटाया जाए.
0
0
Report
Pinewz
273004

गोरखपुर जीआरपी ने 310 खोए मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर जीआरपी ने खोए हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले दो माह के दौरान जीआरपी की सर्विलांस सेल और थाना-चौकी पुलिस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 310 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। करीब 60 लाख रुपये कीमत के इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी टीम का धन्यवाद किया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए एसपी रेलवे ने टीम को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया है। गोरखपुर जीआरपी लगातार खोए और गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में पिछले दो माह के दौरान सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों ने तकनीकी सहायता और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए 310 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है। अधिकांश मोबाइल फोन की कीमत 25 से 30 हजार रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइलों की कीमत 60 हजार रुपये तक है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह की मौजूदगी में मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। लोगों ने जीआरपी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल वापस मिल जाएगा। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की पुलिस टीमों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक रेलवे के अनुसार मई 2025 से अब तक जीआरपी गोरखपुर 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस दिला चुकी है। टीम के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एसपी रेलवे ने सर्विलांस सेल की टीम को 2 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया है।
0
0
Report
Advertisement
Pinewz
132001

करनाल में गैस सिलेंडर से पानी निकलने पर उपभोक्ता धोखाधड़ी का आरोप

Karnal, Haryana:करनाल में गैस सिलेंडर में गड़बड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक उपभोक्ता के सिलेंडर से गैस की बजाय भारी मात्रा में पानी निकला। घटना तब सामने आई जब सिलेंडर अचानक बंद हो गया और उसे हिलाने पर पानी की आवाज आई। उपभोक्ता सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंचा, जहां कर्मचारियों के सामने ही सिलेंडर से पानी निकालकर दिखाया गया। मामले को बढ़ता देख एजेंसी संचालक ने उपभोक्ता को 400 रुपए का मुआवजा देकर समझौता करने का प्रयास किया। कुंजपुरा निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसने 10 मई को सिलेंडर लगाया था। बीती रात के समय उन्होंने गैस चलाई, लेकिन कुछ देर बाद ही बंद हो गई। दोबारा सिलेंडर को हिलाकर चालू किया तो फिर कुछ देर बाद बंद हो गई। शक होने पर उन्होंने सिलेंडर को ध्यान से हिलाया, जिसमें पानी के हिलने जैसी आवाज सुनाई। इसके बाद वे तुरंत सिलेंडर उठाकर गैस एजेंसी पहुंच गए। राजेश कुमार ने बताया कि एजेंसी पहुंचकर उन्होंने संचालक और कर्मचारियों के सामने सिलेंडर से पानी निकालकर दिखाया। सिलेंडर के अंदर से करीब 10 किलो पानी निकला। उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने सिलेंडर लिया था, लेकिन केवल 18 दिन में ही गैस खत्म हो गई, जबकि अंदर पानी भरा मिला। इससे साफ है कि उपभोक्ता के साथ धोखा हुआ है। मामला बढ़ता देख एजेंसी संचालक ने उपभोक्ता को 400 रुपए का मुआवजा दे दिया। राजेश कुमार का कहना है कि जितनी गैस इस्तेमाल हुई, उतने पैसे काट लिए गए और बाकी के नाम पर सिर्फ 400 रुपए थमा दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सिलेंडर इतना महंगा है तो इस तरह की गड़बड़ी क्यों हो रही है। एजेंसी संचालक गुप्ता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से सिलेंडर में पानी नहीं भरा जाता, बल्कि बीच में कहीं गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी गई है और दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कंपनी में भी शिकायत भेजी जाएगी।
0
0
Report
Advertisement
Back to top