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24 घंटे में जुलाई की बारिश ने मुंबई की रफ्तार थामी, लोकल ट्रेनें प्रभावित

Mumbai, Maharashtra:24 घंटे में बरसा जुलाई का 40% कोटा, थम सी गई मुंबई की रफ्तार!\n\nमुंबई में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जुलाई महीने के औसत बारिश के आंकड़े का करीब 40 फीसदी हिस्सा सिर्फ एक दिन में पूरा कर दिया। वहीं पिछले चार दिनों में हुई बारिश जुलाई के पूरे महीने की औसत वर्षा का लगभग 74 फीसदी तक पहुंच गई है। हाई टाइड और लगातार बारिश के बीच मुंबई की रफ्तार मानो थम सी गई लाइफ लाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेन की सेवाओं पर भी बड़ा असर दिखायी दिया .\nबृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुताबिक, 3 से 4 जुलाई के बीच 24 घंटे में शहर के अलग-अलग हिस्सों में 250 से 300 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। यह पूरे साल की औसत बारिश का करीब 25 फीसदी और जुलाई महीने की औसत वर्षा का लगभग 40 फीसदी है। वहीं पिछले चार दिनों में मुंबई में 588 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो जुलाई महीने की सामान्य औसत वर्षा का करीब 74 फीसदी है।\nसबसे ज्यादा बारिश उपनगर विक्रोली में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटे में 316 मिलीमीटर वर्षा हुई। यह इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे अधिक बारिश मानी जा रही है।\nशनिवार दोपहर करीब 2:50 बजे समुद्र में 4.26 मीटर ऊंचा ज्वार (हाई टाइड) आना और लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर भारी जलजमाव का सामना लोगो को करना पड़ा .\nबीएमसी के आपदा प्रबंधन विभाग को इस दौरान पेड़ और शाखाएं गिरने से जुड़ी 103 शिकायतें मिलीं, जिनमें 18 पेड़ गिरने की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा 17 घरों और दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।\nशहर के करीब 10 से अधिक निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आईं, वहीं भांडुप (पश्चिम) के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग के पास एक निजी निर्माण स्थल पर खुदाई का हिस्सा ढस गया, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की बैरिकेडिंग कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए।\nबीएमसी के अनुसार, भारी बारिश की स्थिति से निपटने के लिए महानगरपालिका सहित विभिन्न एजेंसियों के करीब 10 हजार अधिकारी और कर्मचारी लगातार मैदान में तैनात हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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GDCE पेपर लीक: CBI की बड़ी कार्रवाई, बेंगलुरु से दो गिरफ्तार

New Delhi, Delhi:बेंगलुरु से रेलवे भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है。 CBI के मुताबिक, दोनों आरोपियों को 3 जुलाई को बेंगलुरु से पकड़ा गया। मामला साल 2022 में साउथ वेस्टर्न रेलवे की ओर से आयोजित जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जाम (GDCE-2022) का है, जो गुड्स ट्रेन मैनेजर की भर्ती के लिए कराया गया था。 इस मामले में CBI ने साउथ वेस्टर्न रेलवे की शिकायत पर पहले ही 23 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी में स्कैनर, प्रिंटर, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अभ्यर्थियों का डेटा बरामद हुआ है। CBI का दावा है कि इन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल रेलवे परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के लिए किया गया था。 जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पेपर लीक की साजिश के मुख्य सूत्रधार थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले चुनिंदा अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुँचाने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को 4 जुलाई को बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है。 CBI अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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हरियाणा HTET में बड़ी चूक: सीलबंद पेपर नहीं, ओएमआर सीरियल नंबर गड़बड़ी, परीक्षा देरी

Rewari, Haryana:हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2026 के पहले ही दिन रेवाड़ी में बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई। दिल्ली रोड स्थित सूरज स्कूल परीक्षा केंद्र के एक कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र वितरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परीक्षा देने से साफ इनकार कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा और बोर्ड के अधिकारी परीक्षा केंद्र पहुंचे। शिकायतों का समाधान करने और अभ्यर्थियों को आश्वस्त करने के बाद ही परीक्षा शुरू हो सकी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उन्हें दिए गए प्रश्नपत्र सीलबंद नहीं थे। इसके अलावा OMR शीट और प्रश्नपत्र के सीरियल नंबर का मिलान नहीं हो रहा था। प्रश्नपत्र वितरण में हुई इन गंभीर गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए परीक्षा देने से मना कर दिया। स्थिति को सामान्य करने में करीब दो घंटे लग गए। निर्धारित समय दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली परीक्षा काफी देर बाद शुरू हो सकी। देर से परीक्षा शुरू होने के कारण करीब 22 अभ्यर्थी रात 8 बजे तक परीक्षा देते रहे। शनिवार को आयोजित पीजीटी (लेवल-3) परीक्षा में जिले के विभिन्न केंद्रों पर कुल 4455 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 690 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। हालांकि अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन सूरज स्कूल केंद्र पर हुई गड़बड़ी ने बोर्ड की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस मामले पर उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रश्नपत्र वितरण में तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसी स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या केवल रेवाड़ी ही नहीं बल्कि हरियाणा के कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी सामने आई। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा बाद में शुरू कराई गई। वहीं, अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा बोर्ड की परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उनका कहना था कि कभी पेपर लीक, कभी परीक्षा रद्द और अब प्रश्नपत्र वितरण में इतनी बड़ी गड़बड़ी, इन सबका सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि ऐसी लापरवाहीयाँ युवाओं के भविष्य और उनके सपनों के साथ खिलवाड़ हैं। उनका सवाल था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया ही पारदर्शी और व्यवस्थित नहीं होगी तो युवाओं का भरोसा आखिर किस पर कायम रहेगा?
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