icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Pinewz
110085

यमुना पुस्ता स्टोन पिचिंग पर गंभीर आरोप, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

New Delhi, Delhi:दिल्ली राजधानी में मानसून की पहली बारिश ने यमुना पुस्ता बांध को मजबूत करने के दावों की पोल खोल दी है. वजीराबाद से पल्ला गांव तक फ्लड विभाग द्वारा कराई जा रही स्टोन पिचिंग कई जगह पहली ही बारिश में उखड़ती और खिसकती नजर आई है. झंगोला गांव के पास 7 नंबर ठोकर की तस्वीरें निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. दिल्ली सरकार की ओर से यमुना पुस्ता बांध को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से स्टोन पिचिंग कराई जा रही है, ताकि मानसून के दौरान यमुना के बढ़ते जलस्तर से रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके. झंगोला गांव के पास 7 नंबर ठोकर पर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. पहली ही बारिश में स्टोन पिचिंग का बड़ा हिस्सा खिसक गया और कई स्थानों पर निर्माण कार्य कमजोर दिखाई देने लगा. ग्रामीणों का आरोप है कि फ्लड विभाग ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है. उनका कहना है कि स्टोन पिचिंग से पहले पुस्ता बांध की मजबूत बेस लेयर तैयार नहीं की गई, मिट्टी को तकनीकी मानकों के अनुसार सुदृढ़ नहीं किया गया और सुरक्षा के लिए कोई रिटेनिंग वॉल या बाउंड्री भी नहीं बनाई गई. केवल पत्थरों की एक परत बिछाकर निर्माण पूरा दिखाने की कोशिश की गई, जिसका नतीजा पहली ही बारिश में सामने आ गया. ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. उनका कहना है कि यदि पहली बारिश ही इस निर्माण को नहीं झेल पाई, तो यमुना में बाढ़ आने पर यह पुस्ता आसपास की आबादी को कैसे सुरक्षित रख पाएगा. लोगों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल मानसून की शुरुआत ही हुई है और आने वाले दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी रहेगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कमजोर होती स्टोन पიჩिंग बाढ़ के खतरे को रोक पाएगी, या फिर लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ेगा? अब सबकी निगाहें फ्लड विभाग और दिल्ली सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
0
0
Report
Pinewz
305001

Ajmer में निजी स्कूलों के भुगतान मुद्दे पर CM के नाम ज्ञापन—हाई वोल्टेज प्रदर्शन

Ajmer, Rajasthan:निजी स्कूलों में राइट टू एजुकेशन के तहत दाखिले और उसके बाद विद्यार्थी की फीस को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ लामबद्ध हुए निजी स्कूल संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है. अजमेर में भी जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में निजी स्कूलों के संचालकों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यानाकर्षण किया. अजमेर में जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए निजी स्कूल संचालकों ने जोरदार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करवाया. निजी स्कूल संचालकों ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा के अनुरूप शिक्षा का अधिकार के तहत प्रदेश और वर्ष भर अध्यन के बाद भी सरकार उनका भुगतान नहीं कर रही. कमोबेश यही नजारा अराई, सांवर सहित अनेक तहसील और उपखंड पर भी देखा गया जहां निजी स्कूल संचालकों ने सीएम के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top