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महिता रोड की झुग्गियों में धमाका, पुलिस ने जांच शुरू कर दी

Amritsar, Punjab:ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਮਹਿਤਾ ਰੋਡ ਤੇ ਬਣੀਆਂ ਝੁੱਗੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਧਮਾਕਾ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਜਤਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਝੁੱਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇੱਥੇ ਰਾਤੀ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਝੁੱਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ 16 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਵੀ ਇੱਕ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਸੀ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਬੱਬਰ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਇੱਕ ਚਿੱਠੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਡਰਾਇ ਧਮਕਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਐਂਕਰ ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਮਹਿਤਾ ਰੋਡ ਦੇ ਉੱਪਰ ਬਣੀਆਂ ਝੁੱਗੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਧਮਾਕਾ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਜਤਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਝੁਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਬੀਤੀ ਰਾਤ 9 ਵਜੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਇੱਕ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਕਾਫੀ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਇਆ ਹੈ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਡੀਐਸਪੀ ਜੰਡਿਆਲਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਕੋਈ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਵੇ ਵਿਸਫੋਟਕ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਗਈ ਇੱਥੇ ਕਾਫੀ ਜਿਆਦਾ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਮੀਟ ਵਾਲੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਹਨ ਭੀੜ ਭਾਲ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਹੈ ਡੀਐਸਪੀ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਿਛਲੀ ਵੀ 16 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਹ ਚਾਰ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਥਾਣੇ ਪਹੁੰਚੇ ਸੀ ਰਿਪੋਰਟ ਲਿਖਾਉਣ ਵਾਸਤੇ ਉਹ ਵੀ ਫੇਕ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਬੱਬਰ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਚਿੱਠੀ ਵੀ ਜਿਹੜੀ ਆ ਉਹ ਵੀ ਇਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਫੇਕ ਪਾਈ ਗਈ ਹੈ ਇਸ ਜਿਸ ਜਗ੍ਹਾ ਦੇ ਉੱਪਰ ਝੁੱਗੀਆਂ ਬਣਾਈਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸੇ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਉੱਪਰ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਨਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਾ ਕੀਤਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਅਜੇ ਤੱਕ ਉਹ ਮਾਲਕ ਸਾਡੇ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚ ਕੀਤੀ ਜਿਵੇਂ ਹੀ ਸਾਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਦਰਖਾਸਤ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਝੂਠੀ ਅਫਵਾਹ ਡਾਈ ਸੀ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਆਸ ਪਾਸ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਕਾਫੀ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਕੋਈ ਝੂਠੀ ਖਬਰ ਹੋਈ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਬਣਦੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਇਹ ਜਮੀਨੀ ਝਗੜਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹ ਜਮੀਨ ਨਹੀਂ ਛੱਡਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਤੇ ਇਹੋ ਜਿਹੀਆਂ ਅਫਵਾਵਾਂ ਉਡਾ ਰਹੇ ਹਨ
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माल ITI कॉलेज में अधिकारी घेराव: वेतन समेत सुविधाओं के लिए शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन

Mal Bazar, West Bengal:মাল আইটিআই কলেজে আধিকারিকদের ঘিরে বিক্ষোভ। রাত সাড়ে নটায় অবরোধ মুক্ত আদিকারিকেরা...\n\n শিক্ষকদের অভিযোগে উত্তেজনা\nমাল ব্লকের চেল বস্তি এলাকায় অবস্থিত গভর্নমেন্ট আইটিআই (রানিং আন্ডার পিটিপি) কলেজে বৃহস্পতিবার পরিদর্শনে আসেন ছয়জন আধিকারিক। তাঁরা কলেজের বিভিন্ন বিষয় খতিয়ে দেখেন। পরিদর্শন শেষে সন্ধ্যা দিকে শিক্ষকেরা নিজেদের দীর্ঘদিনের বিভিন্ন সমস্যার কথা উল্লেখ করে একটি লিখিত অভিযোগপত্র আধিকারিকদের হাতে তুলে দেন। অভিযোগ, সেই অভিযোগপত্র গ্রহণের রিসিভ কপি দিতে এবং তাতে স্বাক্ষর করতে অস্বীকার করেন আধিকারিকেরা।\nএর প্রতিবাদে শিক্ষকেরা আধিকারিকদের কলেজ চত্বর ছেড়ে যেতে বাধা দেন। ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় উত্তেজনার সৃষ্টি হয়।\nখবর পেয়ে রাত সাড়ে ৯টা নাগাদ ঘটনাস্থলে পৌঁছান মাল থানার আইসি সৌম্যজিৎ মল্লিক-সহ পুলিশ আধিকারিকেরা। ঘটনাস্থলে উপস্থিত হন মালের বিডিও-ও। বর্তমানে পুলিশ প্রশাসন, বিডিও এবং সংশ্লিষ্ট আধিকারিকদের উপস্থিতিতে বিষয়টি নিয়ে আলোচনা হয়।\nশিক্ষকদের দাবি, ২০১৬ সালে তাঁরা ৭,৫০০ টাকা মাসিক বেতনে কাজে যোগদান করেন। দীর্ঘ ১০ বছর পরও তাঁদের বেতন মাত্র ১০ হাজার টাকার আশেপাশে পৌঁছেছে। এছাড়াও এখনও পর্যন্ত তাঁরা ইএসআই (ESI), পিএফ (PF) সহ অন্যান্য প্রাপ্য সামাজিক সুরক্ষা সুবিধা পাননি। কলেজে একাধিক অনিয়মের অভিযোগও তাঁদের লিখিতভাবে আধিকারিকদের কাছে জমা দিতে চেয়েছিলেন। কিন্তু অভিযোগপত্র গ্রহণের রিসিভ কপি দিতে অস্বীকার करায় তাঁরা এই অবস্থান-বিক্ষোভে সামিল হন।\nঘটনার জেরে এলাকায় উত্তেজনা ছড়ালেও প্রশাসনের উদ্যোগে আলোচনার মাধ্যমে পরিস্থিতি স্বাভাবিক হয় সড়ে নটা নাগাদ। আধিকারিকেরা অবরোধ মুক্ত হয়\n\nবাইট ১) শিক্ষক বিভাস সরকার।\n\n২) তনুময় মিত্র প্রন্সিপাল।\n\n৩) বিডিও মাল
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रायदिघी सड़क बरसात में बदहाल, पिच उखड़ कर जलजमाव, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा

Jalabaria, West Bengal:রায়দিঘি রাস্তা बেহাল নকিব উদ্দিন গাজী দক্ষিণ ২৪ পরগনা রায়দিঘি লক্ষ্মীকান্তপুর মন্দির বাজার সহ বিভিন্ন জায়গায় অতিরিক্ত বৃষ্টি ফলে বেহাল হয়ে পড়েছে পিচের রাস্তা। খালা খনদে ভরে আছে জল, দুর্ঘটনা বাড়ছে স্থানীয় মানুষরা চাইছে রাস্তা অবিলম্বে তাড়ানো হোক। দক্ষিণ 24 পরগনা ডায়মন্ড হারবার থেকে রায়দিঘি, প্রায় 40 কিলোমিটার রাস্তা জুড়േ কেন এভাবে বেহাল হয়ে থাকার কারণে গাড়ি দুর্ঘটনা বাড়ছে। রায়দীঘি রোডে দেউলার মোর মতি কালি মোর হটুগঞ্জ মোড় বিভিন্ন জায়গায় পিচ উঠে গিয়ে খালা হয়ে গেছে পুকুরের পরিণত হয়েছে। জল টপকে যেতে হচ্ছে চার চাকা কত বড় সব গাড়ি। বাশগাড়ীর যাতায়াত করতে অনেক সময় সমস্যা করতে হচ্ছে গাড়ির যন্ত্রাংশ নষ্ট হচ্ছে। এই রাস্তার বেহাল থেকে দুর্ঘটনা যন্ত্রণা কবে স্বস্তি পাবে সেটাই এখন প্রশ্ন
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महाराष्ट्र सरकार ने नकली नॉन-डेयरी पनीर पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया

Mumbai, Maharashtra:महाराष्ट्र सरकार ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में नकली (एनालॉग/नॉन-डेयरी) पनीर के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। FDA के अनुसार, पिछले कुछ समय से “पनीर” के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह कर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा तथा अन्य गैर-दुग्धीय तत्वों से तैयार नकली उत्पाद बेचे जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। विभिन्न जांचों, प्रयोगशाला रिपोर्टों और प्रवर्तन कार्रवाई में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18, 29 और 30(2)(ए) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। एफडीए के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों से 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच एकत्र किए गए 308 पनीर नमूनों की जांच की गई। इनमें से 109 नमूने नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि 79 नमूने सब-स्टैंडर्ड और 30 नमूने असुरक्षित (Unsafe) घोषित किए गए। यानी जांचे गए कुल नमूनों में करीब 35.4 प्रतिशत नमूनों निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। वैज्ञानिक जांच में कई नमूनों में दूध की प्राकृतिक वसा की जगह वनस्पति वसा के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। एफडीए ने स्पष्ट किया कि पनीर खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के तहत एक मानकीकृत दुग्ध उत्पाद है। लेकिन “एनालॉग” या “नॉन-डेयरी पनीर” के लिए कोई वैज्ञानिक गुणवत्ता मानक निर्धारित नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहा है। विभाग ने यह भी कहा कि कई होटल, रेस्तरां, भोजनालय, कैटरर्स और क्लाउड किचन ग्राहकों को बिना जानकारी दिए ऐसे नकली पनीर का उपयोग कर खाद्य पदार्थ परोस रहे हैं। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा कानून का गंभीर हनन माना गया है。 एफडीए ने सभी उत्पादकों, प्रोसेसिंग इकाइयों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, परिवहनकर्ताओं, गोदाम संचालकों, वितरकों, होटल, रेस्तरां, कैटरर्स, क्लाउड किचन तथा अन्य फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत माल जब्त करने, उत्पाद नष्ट करने, आर्थिक दंड, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और गंभीर मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना उसका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को धोखा देकर मुनाफाखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ईमानदार उद्योगों को संरक्षण देते हुए मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी भी है।
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