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सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते समय ब्लास्ट, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल, एसपी मयंक गुर्जर ने दी जानकारी
Sukma, Chhattisgarh:4 CRPF Jawans Injured in IED Blast During Defusal in Chhattisgarh's Sukma, Confirms SP Mayank Gurjar छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में आईईडी (IED) निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के चार जवान घायल हो गए। सुकमा पुलिस अधीक्षक (SP) मयंक गुर्जर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यह हादसा भेज्जी थाना क्षेत्र स्थित येल्लामड़गु कैंप के पास उस समय हुआ, जब सीआरपीएफ 50वीं बटालियन की टीम गश्त पर थी। बरामद आईईडी को डिफ्यूज करते समय अचानक जोरदार धमाका हो गया। एसपी मयंक गुर्जर के अनुसार, घायलों में से गंभीर रूप से जख्मी जवानों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार जारी है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।0
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गोरखपुर में ओवरलोडिंग पर उपचारात्मक कार्रवाई पर सवाल उठाने वाला वीडियो वायरल
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में आज ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सामने आया है। कूड़ाघाट तिराहे पर एक पिकअप में करीब 35 से 40 मजदूरों को बेहद खतरनाक तरीके से बैठाकर ले जाते हुए देखा गया। दावा है कि ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को रोका, मजदूरों को नीचे उतरवाया और पिकअप को वापस भेज दिया, लेकिन सवाल कार्रवाई को लेकर उठ रहे हैं। खास बात ये है कि पिकअप से उतारे गए मजदूरों को बाद में चालक सहित 5 सवारी की परमिट वाली ऑटो व 4 सवारी में पास ई रिक्शा में भी क्षमता से कहीं ज्यादा संख्या में बैठाकर ले जाया गया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद कथित ओवरलोडिंग का यह सिलसिला जारी रहा। गुरुवार दोपहर का यह वीडियो गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के कूड़ाघाट तिराहे का बताया जा रहा है। वीडियो में एक पिकअप वाहन, नंबर PB65BC 4140, में बड़ी संख्या में मजदूरों को बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। दावा है कि पिकअप कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र से गोरखपुर की तरफ आई थी। कूड़ाघाट तिराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने पिकअप को रोकने का इशारा किया। इसके बाद वाहन से मजदूरों को नीचे उतारा गया। लेकिन आरोप है कि वाहन चालक के खिलाफ ओवरलोडिंग और यात्रियों को मालवाहक वाहन में बैठाकर ले जाने जैसी गंभीर लापरवाही को लेकर मौके पर कोई स्पष्ट दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई और वाहन को वापस जाने दिया गया। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि माल ढोने के लिए बने वाहन में इस तरह लोगों को बैठाकर ले जाना सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा है। ओवरलोड वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, चालक के नियंत्रण पर असर पड़ सकता है और आपात स्थिति में यात्रियों के लिए सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सवाल सिर्फ एक पिकअप का नहीं, बल्कि सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था का है। और तस्वीर यहीं खत्म नहीं होती। पिकअप से उतारे गए मजदूरों को मौके पर मौजूद ऑटो चालकों ने कथित तौर पर ऑटो में बैठा लिया। वीडियो में ऑटो में भी क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर ले जाने का आरोप है। यानी पिकअप से मजदूर उतरे तो ओवरलोडिंग का तरीका बदल गया—पिकअप की जगह ऑटो सामने आ गये। अब सवाल यह है कि अगर मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, तो कथित तौर पर क्षमता से अधिक सवारी ले जा रहे ऑटो पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? गोरखपुर में छोटी-छोटी ट्रैफिक गलतियों पर चालान की פעולה आम है, लेकिन कूड़ाघाट के इस मामले में सामने आया वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर वीडियो में दिख रहा वाहन नियमों का उल्लंघन कर रहा था, तो क्या सिर्फ मजदूरों को उतार देना पर्याप्त कार्रवाई थी? क्या मालवाहक वाहन में लोगों को बैठाकर ले जाने और क्षमता से अधिक सवारी ढोने के मामलों में तत्काल चालान और नियमानुसार कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी? और सबसे बड़ा सवाल—अगर एक वाहन को रोककर मजदूर उतार दिए गए, तो उनके लिए दूसरा ओवरलोड वाहन उपलब्ध होने से सड़क सुरक्षा का उद्देश्य आखिर कितना पूरा हुआ? गोरखपुर में कुछ दिन पहले कोनी चौराहे के पास श्रद्धालुओं को लेकर जा रही पिकअप के पलटने का मामला भी सामने आया था। बताया गया था कि वाहन में बड़ी संख्या में लोग सवार थे और हादसे में कई लोग घायल हुए थे। ऐसे हादसों के बाद मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाकर ले जाने और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्ती की जरूरत और बढ़ जाती है। अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या गोरखपुर यातायात पुलिस ऐसे मामलों में सिर्फ मौके पर वाहन खाली कराकर खानापूर्ति करेगी या फिर नियमों के मुताबिक जिम्मेदार चालक और वाहन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी करेगी? सवाल यह भी है कि मालवाहक वाहनों में मजदूरों और श्रद्धालुओं को क्षमता से ज्यादा संख्या में बैठाकर ले जाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक कैसे लगेगी? गोरखपुर में यातायात पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही सामने आई है। इस वीडियो ने गोरखपुर में ओवरलोडिंग, मालवाहक वाहनों में यात्रियों की ढुलाई और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटी गलती पर चालान करने वाली पुलिस क्या ऐसे मामलों में भी उतनी ही सख्ती दिखाएगी—अब निगाहें इसी पर हैं।0
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कटवा थाना ने देशव्यापी साइबर धोखाधड़ी का बड़ा पर्दाफाश, पूर्व शिक्षक अमोल कुमार घोष गिरफ्तार
Katwa, West Bengal:দেশ জুড়ে সাইবার জালিয়াতির বড়সড় পর্দাফাঁস করল কাটোয়া থানার পুলিশ৷ দেশের কার্যত সমস্ত রাজ্যের ঘটে যাওয়া বহু সাইবার প্রতারণার টাকা ঢুকত কাটোয়ার প্রাক্তন স্কুল শিক্ষকের ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে৷ বৃহস্পতিবার অমল কুমন ঘোষ নামে ওই ব্যক্তিকে কাটোয়া থানার পুলিশ গ্রেপ্তার করেছে৷ তার বাড়ি কাটোয়ার ডাকবাংলো রোডে৷ এদিন ধৃতকে কাটোয়া মহকুমা এসিজেএম আদালতে তোলা হলে তাকে ৫ দিন পুলিশ হেফাজতে রাখার নির্দেশ দেয়৷ সারা দেশ জুড়ে বিভিন্ন সময়ে सাইবার জালিয়াতির ঘটনা ঘটে৷ কখনও ডিজিটাল অ্যারেস্টের নাম করে প্রতারণা করে লক্ষ লক্ষ টাকা হাতিয়ে নেয় প্রতারকরা৷ আবার কখনও পার্ট টাইম চাকরি দেওয়ার নাম করে জালিয়াতি করে৷ কখনও বা শেয়ার মার্কেটে লগ্নি করার নাম করেও সাইবার জালিয়াতির ঘটনা ঘটে৷ এই সমস্ত জালিয়াতির টাকা ঢুকত কাটোয়ার ধৃত প্রাক্তন স্কুল শিক্ষক অমল কুমার ঘোষের ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে৷ কাটোয়ার খাসিমার্কেটে একটি রাষ্ট্রায়ত্ত ব্যাঙ্কের শাখার অ্যাকাউন্টে টাকা গুলি নিয়মিত ঢোকত৷ আর সেই টাকা নিয়মিত তুলে নিত ধৃত ব্যক্তি৷ পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, সারা দেশ জুড়ে ধৃত ব্যক্তির বিরুদ্ধে মোট ১৯৫ টি মামলা রয়েছে৷ অন্ধ্রপ্রদেশ, দিল্লি, গোয়া, জন্মু ও কাশ্মীর, উত্তর প্রদেশ, হরিয়ানা, কেরল, কর্নাটক, পুদুচ্ছেৰি, কর্নাটক, মহারাষ্ট্র, মধ্যপ্রদেশ, পাঞ্জাব, বিহার, গুজরাট, তামিলনাড়ু, রাজস্থান সহ বহু রাজ্যের বিভিন্ন জেলায় বহু সাইবার প্রতারণার টাকা ঢুকত ধৃত ব্যক্তির ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে৷ শুধু ওই প্রাক্তন স্কুল শিক্ষকেরই নয়৷ তদন্তকারীরা প্রাথমিক তদন্তে এর সঙ্গে একটি বড়সড় চক্রের হদিশ পেয়েছে৷ যারা নিয়মিত ধৃত ব্যক্তির সঙ্গে যোগাযোগ রাখত৷ গ্রেপ্তার হওয়া অমল কুমার ঘোষ মুর্শিদাবাদ জেলায় সোনারুন্দি এলাকায় একটি অনাথ আশ্রম চালাত৷ ওই আশ্রমের সাহায্যের নাম করে বড়সড় সাইবার জালিয়াতি চক্রের কাছে এমন কাজ করেছিল৷ ধৃত প্রাক্তন স্কুল শিক্ষকের একটি মিউল অ্যাকাউন্ট রয়েছে৷ সেই অ্যাকাউন্ট থেকেই এমন ধরনের বড়সড় প্রতারণার চক্র চালাত৷ পুলিশ অফিসারেরা তাজ্জব বনে যান কাটোয়ার ধৃত প্রাক্তন স্কুল শিক্ষকের কাণ্ডকারখানা দেখে৷ দেশ জুড়ে সাইবার প্রতারণার টাকা নিয়মিত ঢোকত তার অ্যাকাউন্টে৷ প্রশ্ন উঠছে তাহকে মিউল অ্যাকাউন্ট তৈরি করে ওই ব্যক্তি কি সাইবার অপরাধীদের ভাড়া দিত৷ নাকি নিজেই ওই বড় চক্রের মাথা হিসাবে কাজ করত৷ তা নিয়ে জোর তদন্ত শুরু করেছে কাটোয়া থানার পুলিশ৷0
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हाईकोर्ट के निर्देश: CID टाकी नगर परिषद भ्रष्टाचार मामले की जांच करेगी; चेयरमैन सहयोगी
Basirhat, West Bengal:টাকি পুরসভার আর্থিক দুর্নীতির মামলায় হাইকোর্টের তদন্তের নির্দেশ ক্ষেত্রে সি আই ডি কে সব রকম সাহায্য সহযোগিতা করবেন বলে জানান টাকি পৌর সভার চেয়ার ম্যান সোমনাথ মুখার্জী টাকি পুরসভার আর্থিক দুর্নীতি মামলার তদন্তভার রাজ্য পুলিসের গোয়েন্দা সংস্থা সিআইডি (CID)-র হাতে তুলে দিয়েছে কলকাতা হাইকোর্ট। আদালতের এই নির্দেশের পর টাকি পৌরসভার বর্তমান চেয়ারম্যান সোমনাথ মুখোপাধ্যায় সংবাদমাধ্যমকে জানান যে, তাঁরা মহামান্য আদালতের এই নির্দেশকে সম্মান জানান এবং তদন্তের ক্ষেত্রে সিআইডি-কে সব ধরনের প্রয়োজনীয় সহযোগিতা ও সাহায্য করবেন। টাকি পুরসভার ৬ নম্বর ওয়ার্ডের তৃণমূলের পদত্যাগী কাউন্সিলর প্রদুৎ দাস এই দুর্নীতি নিয়ে কলকাতা হাইকোর্টে একটি জনস্বার্থ মামলা দায়ের করেন তাঁর অভিযোগ অনুযায়ী, ২০১৮ থেকে ২০২২ সালের মধ্যে চার বছরের অডিটে একাধিক বেনিয়ম ধরা পড়েছে। নিয়ম বহির্ভুতভাবে এক লোয়ার ডিভিশন ক্লার্কের (LDC) অ্যাকাউন্টে ৭২ লক্ষ ৭২ হাজার টাকা আসার পাশাপাশি পুরবোর্ড পরিচালনায় ব্যাপক আর্থিক অনিয়ম ও টেন্ডার দুর্নীতির অভিযোগ তোলা হয়। সিআইডি-কে মামলার তদন্তভার দেওয়ার পাশাপাশি আদালত জানিয়েছে, আগামী ১০ ডিসেম্বর এই মামলার পরবর্তী শুনানি হবে। ওই দিনই সিআইডি-কে তাদের প্রাথমিক তদন্ত রিপোর্ট আদালতে জমা দিতে নির্দেশ দেওয়া হয়েছে বলে জানাযায়।0
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पश्चिम मेदिनीपुर में ‘दीशा’ बैठक: पूजा से पहले विकास गति और हाथी समस्या पर जोर
Mollar Chak, West Bengal:पूसो से पहले जिले के विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन करने के लिए जिला प्रशासन के आयोजन में महत्वपूर्ण ‘दीशा’ बैठक आयोजित हुई। Pujo से पहले जिले के विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति कितनी है, किन क्षेत्रों में अभी भी समस्याएं हैं और क्या आम लोग सरकारी योजनाओं के लाभ सही से प्राप्त कर रहे हैं—इस बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राज्य के मंत्री दिलीप घोष, मेदिनीपुर के सांसद जून मलिया, जिलाधिकारी विजिन कृष्णा, विधायक शंकर गूचहैत- सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही जिले के विभिन्न दफ्तरों के शीर्ष अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। प्रत्येक दफ्तर के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और क्रियान्वयन के मामले में कहाँ-कहाँ समस्याएं हैं, इस पर चर्चा हुई। खास तौर पर पूजा के मौके पर जिले की सड़कों-गलियों, सेवाओं, विभिन्न सरकारी परियोजनाओं और आम लोगों के साथ सीधे जुड़े विकास कार्यों की स्थिति पर जोर दिया गया। परियोजनाओं के काम को निर्धारित समय पर पूरा करने और आम लोग ताकि उसका लाभ पा सकें, इसकी तरफ प्रशासन की निगरानी बढ़ाने की बात सामने आई। हालांकि विकास परियोजनाओं के अलावा पश्चिम मेदिनीपुर के एक बड़े मुद्दे जंगलमहलों में हाथियों के उत्पात पर भी चर्चा हुई। जंगल से लगने वाले क्षेत्रों में हाथियों की गति-प्रवृत्ति, आम लोगों की सुरक्षा और पूजा के समय लोगों के आवागमन को सामान्य बनाए रखने के विषय में प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर गया। पूजा के समय जिले के विभिन्न भागों में लोगों की भीड़ बढ़ती है। ताकि उस समय किसी भी प्रकार की समस्या न हो, जनजीवन सामान्य रहे और प्रशासनिक सेवाएं सही ढंग से पहुँचाई जा सकें, इन विषयों पर बैठक में भी जोर दिया गया। बैठक के अंत में सांसद जून मलिया ने कहा कि पूजा से पहले जिले के विभिन्न विकास परियोजनाओं पर इस बैठक में चर्चा हुई। वहीं राज्यमंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जिले के विकास पर विस्तृत चर्चा हुई और आम लोग विभिन्न सरकारी विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त करें, इसकी दिशा में ध्यान दिया गया। अर्थात्, पूजा से पहले विकास कार्यों की गति, आम लोगों की सेवाएं और जंगलमहलों के हाथी समस्या—ये तीन प्रमुख मुद्दे हैं जिनके साथ पश्चिम मेदिनipur में प्रशासन की ‘दीशा’ बैठक सामने आई।0
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