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गरसंडा के 46 बच्चों के लिए स्कूल भवन नहीं, मंदिर बरामदे में पढ़ाई
Lakhisarai, Bihar:लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड के गरसंडा गांव से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां नव सृजित प्राथमिक विद्यालय का अपना भवन नहीं रहने के कारण पहली से पांचवी कक्षा तक के 46 बच्चों की पढ़ाई हनुमान मंदिर के छोटे से बरामदे में हो रही है। जगह कम होने के कारण बच्चों को बैठने में परेशानी होती है और पढ़ाई के दौरान शोर व अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। दरअसल, विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हो चुका है। शिक्षकों के मुताबिक भवन की छत कई जगहों से क्षतिग्रस्त है और बारिश के दिनों में कमरों के अंदर पानी टपकता है। ऐसे में किसी हादसे की आशंका को देखते हुए बच्चों को जर्जर भवन से निकालकर मंदिर के बरामदे में पढ़ाना शुरू किया गया। विडंबना देखिए, सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं गरसंडा के इन बच्चों के पास पढ़ाई के लिए न अपना भवन है और न ही पर्याप्त बैठने की व्यवस्था। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक इन 46 बच्चों की पढ़ाई मंदिर के छोटे से बरामदे में होती रहेगी? विभागीय अधिकारी इस समस्या का समाधान कब करेंगे और बच्चों को उनका अपना विद्यालय भवन कब मिलेगा?0
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नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक शुरू
Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक0
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दिल्ली में भारी बारिश से सरोजिनी नगर क्षेत्र में जलभराव, तस्वीरें वायरल
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: HEAVY RAIN CAUSES WATERLOGGING IN SAROJINI NAGAR AREA0
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GORAKHPUR में बारिश ने शहर के कई हिस्सों को भिगोया; दृश्य और प्रतिक्रियाएं जारी
Noida, Uttar Pradesh:GORAKHPUR (UTTAR PRADESH): RAIN LASHES IN SEVERAL PARTS OF CITY VISUALS REAX0
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चाइनीज मांझे से हादसा: पूर्वी दिल्ली में बाइक सवार के गले पर सात टांके, फिर भी खतरे बने
Delhi, Delhi:चाइनीज मांझे का कहर: बाइक सवार की गर्दन पर आए सात टांके, पहले भी ले चुका है कई जानें उत्तर-पूर्वी दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले पतंगबाजी बढ़ने के साथ प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हो रहा है। यमुनापार में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहले पुश्ते के पास बाइक से गुजर रहे अंकित चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। मांझा पहले उनके हेलमेट में उलझा और देखते ही देखते उनकी गर्दन तक पहुंच गया। मांझे से गर्दन पर गहरा घाव हो गया, जिसमें डॉक्टरों को सात टांके लगाने पड़े। मांझे को हटाने की कोशिश में उनका अंगूठा भी कट गया। अंकित गामड़ी एक्सटेंशन में अपने परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे वह बाइक से एक्सप्रेसवे की तरफ से गुजर रहे थे। अचानक उन्हें हेलमेट में मांझा फंसने का एहसास हुआ। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, मांझा उनकी गर्दन में जा लगा। उन्होंने बचने के लिए हाथ आगे किया, लेकिन उनका अंगूठा भी घायल हो गया। हादसे के बाद उन्होंने गर्दन पर कपड़ा बांधा और किसी तरह जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी एमएलसी की और इलाज किया। अंकित के मुताबिक, अस्पताल में उस समय चाइनीज मांझे से घायल होकर कई अन्य लोग भी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि करीब पांच लोग इसी तरह घायल होकर अस्पताल आए थे। इनमें एक डॉक्टर और पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी भी मिली। अंकित के पिता सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें एहसास हुआ कि सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए प्रतिबंधित मांझा कितना बड़ा खतरा है। खासकर एक्सप्रेसवे और पुश्ते के आसपास पतंग उड़ाए जाने से हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। लगातार सामने आ रहे हादसे चाइनीज मांझे से घायल होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में दिल्ली-एनसीआर में इस खतरनाक मांझे की चपेट में आकर कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कई मामलों में लोगों की जान तक जा चुकी है। दोपहिया वाहन सवारों के लिए यह मांझा बेहद घातक साबित होता है, क्योंकि तेज रफ्तार में गर्दन या शरीर के किसी हिस्से में उलझने पर गंभीर कट लग सकता है। स्वतंत्रता दिवस से पहले पतंगबाजी बढ़ने के कारण पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल न करने की लगातार अपील की जा रही है। 627 चरखियां जब्त, 12 गिरफ्तार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि पुलिस प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि इस साल जिले में अब तक नायलॉन से बने मांझे की 627 चरखियां जब्त की जा चुकी हैं और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोपहिया वाहन सवारों की सुरक्षा के लिए जिले के कई फ्लाईओवर की चारदीवारी के समानांतर तार भी लगाए गए हैं, ताकि सड़क तक पहुंचने से पहले मांझा इन तारों में फंस जाए और वाहन चालकों की जान बचाई जा सके। चाइनीज मांझा क्यों है खतरनाक? NGT ने वर्ष 2017 में नायलॉन, सिंथेटिक और सिंथेटिक पदार्थ से कोटेड गैर-बायोडिग्रेडेबल मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक के निर्देश दिए थे। यह मांझा इंसानों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. चाइनीज मांझा पर क्या है सजा? बीएनएस धारा 223: वैध प्रशासनिक आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने पर कार्रवाई हो सकती है। मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होने की स्थिति में एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान हो सकता है। बीएनएस धारा 125: किसी व्यक्ति की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हरकत पर परिस्थितियों और चोट की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई का प्रावधान है। बीएनएस धारा 106: लापरवाही या जल्दबाजी के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने की स्थिति में यह धारा लागू हो सकती है। सजा मामले की परिस्थितियों और लागू उपधारा के अनुसार तय होती है। बीएनएसएस धारा 163: प्रशासन की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करना जरूरी है। आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986: प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल दंडनीय अपराध हो सकता है। उल्लंघन पर पांच वर्ष तक की कैद, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है。 बाइट: अंकित, पीड़ित बाइट: पीड़ित के मामा0
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