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गढ़वा के खपरो गांव में फॉर्म-7 की बड़ी संख्या, भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी

Narayanpur, Jharkhand:ANCHOR-झारखंड के गढ़वा जिले में एसआईआर को लेकर घमासान तेज हो गया है। रंका थाना क्षेत्र के खपरो गांव में एक ही व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में फॉर्म-7 मिलने के मामले में दो भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन ने बड़ी संख्या में फॉर्म-7 बरामद कर जब्त किए हैं। डीसी ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। मामला गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र के रंका प्रखंड अंतर्गत खपरो गांव का है, जहां एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान बीएलओ के माध्यम से अधिकारियों को सूचना मिली कि एक पार्टी से जुड़े व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में फॉर्म-7 मौजूद हैं। सूचना मिलते ही बीडीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे और फॉर्म-7 को जब्त कर रंका थाना पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया। मामले में शिकायत के आधार पर रंका थाने में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने कहा कि एसआईआर का कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। मतदाता सूची से नाम हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। डीसी के मुताबिक, किसी आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए फॉर्म-7 का मिलना गंभीर विषय है। जांच के दौरान संबंधित प्रपत्रों पर बीएलओ के हस्ताक्षर भी नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के पास इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म-7 मिलने से एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे आम मतदाताओं के बीच गलतफहमी फैलने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका भी है। डीसी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए पुनरीक्षण कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता, भ्रम या निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन को प्रशासन गंभीरता से लेगा। खबर — पीएन मिश्रा, डीसी, गढ़वा। रенка एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि खपरो गांव से एक ही समुदाय के लोगों के नाम से जुड़े करीब 200 फॉर्म-7 बरामद किए गए हैं। इन प्रपत्रों के जरिए संबंधित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया की बात सामने आई है। एसडीपीओ के मुताबिक, फॉर्म-7 लेकर आने वाले और फॉर्म उपलब्ध कराने वाले दोनों लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रोहित रंजन सिंह, एसडीपीओ, रंका, गढ़वा इधर, एक पार्टी के कार्यकर्ता के पास बड़ी संख्या में फॉर्म-7 मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 का इस्तेमाल करने की कथित कोशिश की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्वाहर पासवान, केंद्रीय सदस्य, झारखंड मुक्ति मोर्चा
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झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन पर शोक गूंजे

Ranchi, Jharkhand:प्रेस विज्ञप्ति सुदिव्य कुमार सोनू का असामयिक निधन झारखंड के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन की अपूरणीय क्षति : राजेश ठाकुर झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह के लोकप्रिय विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू जी के असामयिक निधन की खबर स्तब्ध एवं मर्माहत करने वाली है। उनके निधन से झारखंड के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को एक ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। सुदिव्य जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में जिस समर्पण, सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ जनता की आवाज को उठाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। एक युवा और कर्मठ जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने अपने क्षेत्र और राज्य के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दिखाई। गठबंधन की जब भी बात होती , नोक झोंक के बावजूद वो निष्कर्ष पर पहुंचना चाहते थे। माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी जब भी कोई गंभीर मसला होता, उनसे विमर्श करते थे। उनका अचानक हमारे बीच से चले जाना न केवल उनके परिवार और समर्थकों के लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक गहरा आघात है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों, मानवीय संवेदनाओं और सार्वजनिक जीवन की गरिमा का स्थान सबसे ऊपर है। सुदिव्य जी के निधन की इस दुखद घड़ी में मैं उनके परिवार, परिजनों, मित्रों, सहयोगियों और झारखंड मुक्ति मोर्चा के समस्त साथियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। सुदिव्य जी का संघर्ष, उनकी जनसेवा और उनकी स्मृतियाँ लंबे समय तक झारखंड के राजनीतिक जीवन में जीवित रहेंगी। सादर राजेश ठाकुर
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