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Jodhpur

राजस्थान हाईकोर्ट का नया नियम: क्रिमिनल रिट पिटीशन अब सिर्फ रिट पिटीशन, जानें जानकारी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों से जुड़ी रिट याचिकाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नया कार्यालय आदेश जारी किया है। रजिस्ट्रार (न्यायिक) की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब हाईकोर्ट में किसी भी याचिका का पंजीकरण क्रिमिनल रिट पिटीशन के नाम से नहीं किया जाएगा। आपराधिक विषयों से संबंधित सभी नई रिट याचिकाएं अब केवल रिट पिटीशन के रूप में दर्ज होंगी। जयपुर पीठ द्वारा डीबी क्रिमिनल रिट पिटीशन में 7 जुलाई 2026 को दिए गए निर्देशों की पालना में जारी किया गया है। आदेश के अनुसार वर्तमान में लंबित सभी डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच की क्रिमिनल रिट याचिकाओं का सांख्यिकीय रूप से निस्तारण कर उन्हें डीबी/एसबी सिविल रिट पिटीशन के रूप में पुनः पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद इन मामलों को नियमित रोस्टर पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। हाईकोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। इसे मोस्ट अर्जेंट श्रेणी में जारी किया गया है।
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Jodhpur

राजस्थान हाईकोर्ट: उपभोक्ता आयोग के सदस्यों की आयु-सीमा पर सरकार से रिपोर्ट मांगी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार के खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात के प्रमुख सचिव के प्रार्थना पत्र पर गत 18 मार्च के आदेश पर स्पष्ट किया कि राज्य में कार्यरत उपभोक्ता आयोग के सदस्यों को वैधानिक नियमानुसार 65 वर्ष और अध्यक्ष पद पर 67 वर्ष की आयु तक सेवा अवधि समाप्त होने पर भी रिलीव नहीं करे और सेवानिवृत हो चुके अध्यक्ष और सदस्यों को पुनः कार्य पर लेवें। प्रमुख सचिव की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि उपभोक्ता अधिनियम प्रावधानों के तहत निर्धारित अधिकतम आयु तक ही सेवा विस्तार दिया जाए और सेवानिवृत हो चुके अध्यक्ष और सदस्यों को पुनः सेवा में लेने पर राज्य सरकार पर बहुत ही ज्यादा आर्थिक भर बढ़ जाएगा। राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक वास्तविक रूप से 18 मार्च के आदेश का पूर्ण क्रियान्वन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिला और राज्य उपभोक्ता आयोग में स्टेनोग्राफर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के काफी पद रिक्त होने से आयोग की न्यायिक कार्यवाही बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला आयोग अध्यक्ष और सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी निर्धारित वेतन और भत्ते नहीं दिए जा रहे है,जबकि अनेक राज्यों ने इसकी पालना कर दी है,जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि आगामी पेशी 5 अगस्त तक इन सभी बाबत प्रगति से रिपोर्ट पेश करे.
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जोधपुर हाईकोर्ट ने डोली तालाब के अतिक्रमण मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर के ऐतिहासिक और सबसे बड़े जलाशयों में शामिल डोली तालाब की जमीन पर कथित अतिक्रमण और कॉलोनियों के विकास के मामले में नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। न्यायाधीश डॉ पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने राज्य सरकार, जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), नगर निगम और जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अध्यात्म क्षेत्र पर्यावरण संस्थान की ओर से दायर जनहित याचिका में अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी और अधिवक्ता गोपाल सांदू ने कहा कि डोली तालाब जिसमें अखेराज जी का तालाब भी शामिल है जोधपुर की पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पूर्व में यह तालाब शहर के प्रमुख तालाबों से नहरों के माध्यम से जुड़ा हुआ था और गर्मियों के दौरान यहां से उम्मेद सागर सहित अन्य जलाशयों में पानी पहुंचाकर पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका रहती थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि समय के साथ तालाब का मूल स्वरूप सिमटकर लगभग एक-चौथाई रह गया है। तालाब की भूमि पर अतिक्रमण कर आवासीय कॉलोनियां विकसित कर दी गई हैं। इतना ही नहीं, जेडीए द्वारा भी तालाब के नाम दर्ज भूमि पर कॉलोनियां काटने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि संबंधित भूमि देवस्थानी (डोली) भूमि होने के कारण देवता स्वयं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय नहीं पहुंच सकते। ऐसे में पुजारी या अन्य संबंधित व्यक्तियों के सामने नहीं आने पर पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक हित को देखते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई है। खंडपीठ ने मामले को संवेदनशील मानते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है.
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अलवर: बुजुर्ग की संदिग्ध हत्या, हाथ-पैर बंधे मिले, चोरी का शक

Alwar, Rajasthan:अलवर में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत, हाथ-पैर बंधे शव के , चोरी की वारदात और हत्या का अंदेशा अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के खदाना मोहल्ले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मकान में बुजुर्ग व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पलंग पर मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक के मुंह और हाथ बंधे हुए मिले , और सामान बिखरा हुआ मिला जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है चोरी की वारदात में आए बदमाशों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया , घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तहकीकात शुरू की । घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार और रिश्तेदारों सहित आस पास के लोगों की भीड़ लग गई । अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र खदाना मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग दिनेश चंद अग्रवाल की उनके ही घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया और घर में जमकर लूटपाट की। मृतक दिनेश चंद अग्रवाल नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। वीआईपी परिवार से जुड़े बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया मृतक की पुत्रवधू रीमा अग्रवाल ने रोते हुए बताया कि उनके ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे गुरुवार रात को जब वे काफी देर तक खाना खाने नहीं पहुंचे, तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद दिनेश चंद का बेटा और पोती उन्हें देखने के लिए खदाना मोहल्ले वाले घर पहुंचे परिजन जब रात करीब साढ़े नौ बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था ताकि वे चिल्ला न सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया, "दिनेश जी रिश्ते में मेरे سगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़اپे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में प्रवेश किया और उनकी हत्या कर दी।" सूचना मिलते ही अलवर पुलिस के आला अधिकारी भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला लूट के इरादे से हत्या का लग रहा है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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