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आंध्र तट पर डिप्रेशन से भारी बारिश की चेतावनी जारी

Noida, Uttar Pradesh:Visakhapatnam (Andhra Pradesh): Depression over Bay of Bengal moves towards coast, IMD issues heavy rain alert for Andhra Pradesh. आंध्र प्रदेश: विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र के डॉ. पी. एल. मूर्ति का कहना है, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। अभी यह सिस्टम गोपालपुर (ओडिशा) से 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इसके उसी दिशा में आगे बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान और तेज़ होकर डिप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इस सिस्टम के कारण, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अगले चार दिनों तक आंध्र प्रदेश के तट के पास या समुद्र में न जाएं।
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फर्जी अभिलेखों से पिता को मृत दिखाकर शिक्षक की नौकरी पाने का आरोप उन्नाव। सरकारी अभिलेखों में पिता

Kanpur, Uttar Pradesh:फर्जी अभिलेखों से पिता को मृत दिखाकर शिक्षक की नौकरी पाने का आरोप उन्नाव। सरकारी अभिलेखों में पिता को मृत दर्शाकर बेटे द्वारा मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2002 में शिक्षक श्रीराम को मृत दिखाकर उनके बेटे रामबरन ने मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी प्राप्त की थी। वर्तमान में रामबरन हिलौली क्षेत्र के खेरवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब वर्ष 2014 में कथित रूप से मृत दिखाए गए श्रीराम के नाम जमीन का बैनामा कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि श्रीराम वर्ष 2002 में मृत हो चुके थे तो वर्ष 2014 में उनके नाम से जमीन का बैनामा कैसे हुआ। इसी आधार पर मृतक आश्रित कोटे से प्राप्त की गई नौकरी के अभिलेखों की सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत उपमुख्यमंत्री, शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से करते हुए जांच की मांग की है। शिकायत में शिक्षक रामबरन की सेवा पुस्तिका में दर्ज हस्ताक्षर तथा वर्ष 2014 के जमीन के बैनामे में दर्ज हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का मिलान कराने की मांग की गई है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। शिकायत के बाद बेसिक शिक्षा विभाग मामले की जांच में जुट गया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वर्ष 2002 में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने के लिए प्रस्तुत किए गए अभिलेख सही थे अथवा उनमें किसी प्रकार की हेराफेरी की गई थी।
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