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टोंक में कांस्टेबल की संदिग्ध मौत पर माली समाज प्रदर्शन, 1.10 करोड़ मुआवजे

Tonk, Rajasthan:टोंक में कांस्टेबल की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ गया. रविवार सुबह बनेठा थाना क्षेत्र के ककोड़ गांव से रूपपुरा जाने वाले रास्ते पर एक स्कूल के पास उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. शव पर गले, सीने और आंख के पास चोट के निशान मिलने से परिजन और माली समाज हत्या की आशंका जता रहे हैं. घटना के बाद परिजनों और माली समाज के लोगों ने टोंक के सआदत अस्पताल में शव के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया और पोस्टमार्टम से इनकार करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के प्रयास किए. लंबी वार्ता के बाद प्रशासन और समाज के बीच सहमति बनी, जिसमें मृतक के परिजनों को 1 करोड़ 10 लाख रुपए का मुआवजा, राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने पर सहमति बनी. इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया गया है.
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NCB catches 349 kg cocaine in Rahanal-Kalamboli, worth 1745 crore

Thane, Maharashtra:राहनाळ व कळंबोली क्षेत्र में एनसीबी ने छापा मारकर 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की कोकेन जप्त की, जिसकी कीमत लगभग 1745 करोड़ रुपए बताई जा रही है. परिसर में भय का माहौल बना हुआ है और ठोस कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों में है. ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक के अंतर्गत नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कलंबोली व भिवंडी तालुक्यात स्थित राहनाळ गांव के गोदाम पर छापा मारकर 349 किलो कोकेन जप्त की. इसके साथ ही नई जानकारी के अनुसार मुंबई के कलंबोली क्षेत्र में MH-03-DV-3803 नंबर की एक सुपर कैरी गाड़ी रोकी गई, जिसमें क्रिकेट पैड और ग्लव्स के भीतर 136 किलो कोकेन छिपाकर रखा गया था. गिरफ्तार किए गए आरोपी के तलाश में भिवंडी के राहनाळ गांव स्थित गोदाम की गहन जांच की गई, जहां 213 किलो कोकेन और मिला. जांच में पता चला कि गोदाम में बाहर से आयातित लोहे की मशीनों के गुप्त कमरों में कोकेन रखा गया था. भिवंडी गोदाम पट्टी में पहले भी बड़े कारवायें की गयी हैं, जिसमें अमली पदार्थ व रासायनिक सामग्री जप्त की गई है. इस कार्रवाई से राहनाळ ग्राम पंचायत व भिवंडी तालुक्यात भय फैल गया है और संबंधितों की सख्त चौकसी की मांग स्थानीय लोगों ने की है.
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कानपुर के बिधनू होटल में युवक की मौत संदिग्ध, फोरेंसिक जांच शुरू

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर -बिधनू में oyo कमरे में युवक की मौत -संदिग्ध परिस्थितियों में बेड पर पड़ा मिला शव पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल जांच पड़ताल कर मौके से साक्ष्य लिए और युवक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि देर रात सड़क हादसे के बाद तीनों होटल में रुके थे सिर पर चोट लगने से युवक की मौत हो गई। हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर के लखनपुरवा के रहने वाले दयाराम वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका 24 साल का बेटा संदीप कुमार बिन्दकी में होटल मैनेजमेंट का काम करता था। शुक्रवार शाम अपनी ससुराल साढ़ थाना क्षेत्र में गया था। इस दौरान वह गांव के रहने वाले सर्वेश और आशीष के साथ निजी काम से बाइक से कानपुर गए थे। शनिवार सुबह बिधनू थाना क्षेत्र के थाना कठेरुआ स्थित क्षत्रीय पैलेस के oyo कमरे के अंदर उनके बेटे संदीप कुमार का शव बेड पर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा हुआ था, बेड में खून लगा था। होटल संचालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस ने दोनो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
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जहानाबाद में हार्डकोर नक्सली प्रतिमा हटाने की कार्रवाई रोक दी गई, ग्रामीण नाराज़

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है, जहां पुलिस प्रशासन एक हार्डकोर नक्सली की प्रतिमा को ध्वस्त करने पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई के बीच में ही उसे उलटे पांव वापस लौटना पड़ा। मामला सिकरिया थाना क्षेत्र के शुकुलचक गांव का है। दरअसल सुकुलचक गांव निवासी दिवंगत हार्डकोर नक्सली देवकुमार उर्फ अरविंद की प्रतिमा उसके परिजनों ने अपनी निजी जमीन पर बनवाई थी। इस प्रतिमा को हटाने के लिए रविवार को भारी संख्या में पुलिस बल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गांव पहुंची थी। जैसे ही प्रतिमा को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी पुलिस के वरीय अधिकारियों का एक फोन कॉल आया और अचानक कार्रवाई को स्थगित करने का निर्देश दिया गया। देवकुमार उर्फ अरविंद कोई साधारण नाम नहीं था। वह एक कुख्यात नक्सली था, जिसके खिलाफ झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दर्जनों नक्सली कांड दर्ज थे। सरकार ने उसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले के लिए एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मार्च 2018 में झारखंड के जंगलों में बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने गांव में उसकी प्रतिमा स्थापित की थी। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा निजी जमीन पर बनाई गई है। हर साल उसकी पुण्यतिथि पर लोग यहां आकर श्रद्धांजलि देते थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार के समय सब ठीक था, लेकिन राज्य की सत्ता में भाजपा के आते ही इस तरह की मनमानी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ प्रतिमा गिराने पहुंचा था, लेकिन ऐन वक्त पर आए फोन कॉल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया है कि कार्रवाई को बीच में ही क्यों रोका गया। फिलहाल पुलिस बिना कार्रवाई के वापस लौट चुकी है।
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