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सीतापुर में लाइसेंसी पिस्टल से सुरक्षा गार्ड ने खुद को गोली मार दी, मौत
Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर। ब्रेक लाईसेंसी बंदूक से सिक्योरिटी गार्ड ने खुद को मारी गोली। गोली लगने से सिक्योरिटी गार्ड की हुई मौत। गोली चलने की आवाज से घर में मचा हड़कंप। ग्रामीणों के अनुसार मानसिक स्थिति नहीं रहती थी ठीक। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अटरिया थाना क्षेत्र का मामला।0
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बसवा रोड पर डंपर हादसे में मानसिंह मीणा की मौत
Dausa, Rajasthan:जिला दौसा अनियंत्रित डंपर ने युवक को कुचला बसवा रोड़ एसडीएम कार्यालय के पास की घटना मौके पर ही वार्ड 13 निवासी मानसिंह मीना ने तोडा दम मजदूरी कर घर लौटते समय हुआ हादसा सूचना पर पहुंची पुलिस मौके पर शव पहुचाया उपजिला अस्पताल बांदीकुई दौसा के बांदीकुई में बसवा रोड पर एसडीएम कार्यालय के समीप सड़क हादसे में वार्ड 13 निवासी मानसिंह मीणा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई बताया जा रहा है एक अनियंत्रित डंपर की चपेट में बाइक सवार मानसिंह मीणा आ गया ऐसे में उसकी मौत हो गई मृतक मजदूरी कर घर लौट रहा था उस समय हादसे का शिकार हो गया हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई तो वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची घटनास्थल का मौका मुआयना किया मृतक के शव को बांदीकुई उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया तो वहीं डंपर को जप्त कर लिया है0
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61 लाख की ठगी: जयपुर से आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर दी गई लाखों की ठगी
Jaipur, Rajasthan:डिजीटल अरेस्ट कर रिटायर्ड टीचर से 61 लाख की ठगी, जयपुर से एक आरोपी गिरफ्तार, खाते में आई रकम जयपुर vishnu मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर रिटायर्ड टीचर से 61 लाख की ठगी के एक आरोपी को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिस इंस्पेक्टर बताकर पीड़ित को सात दिन डिजीटल अरेस्ट रखा और गिरफ्तारी का डर दिखाकर 61 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर करवा ली। मामले में राजस्थान पुलिस के सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन ने जयपुर के एक आरोपी किशोर कुमार को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस ठगी की रकम की मनी ट्रेल खंगालने के साथ पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। वीडियो कॉल पर वर्दीधारी फर्जी पुलिस अधिकारी... गिरफ्तारी का डर और लाखों रुपये की ठगी। साइबर अपराधियों ने बांसवाड़ा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विद्याशंकर व्यास को अपना निशाना बनाया। 29 जुलाई 2025 को उनके पास व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिस इंस्पेक्टर बताया। आरोपी पुलिस की वर्दी में था, जिससे पीड़ित को उसकी बातों पर भरोसा हो गया। इसके बाद ठग ने पीड़ित को इस्लामिक संगठन से संबंध, मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक खातों से जुड़े गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी वारंट जारी होने का भय दिखाकर उन्हें मानसिक दबाव में ले लिया। डर ऐसा बनाया कि खातों में रकम ट्रांसफर करते चले गए पीड़ित .... आरोपीयोंने गिरफ्तारी से बचाने और पुलिस कार्रवाई रुकवाने का झांसा दिया। इसी बहाने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए रकम जमा करवाई गई। 30 जुलाई से 5 अगस्त 2025 के बीच पीड़ित से 61 लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई। इसके अलावा पेटीएम के जरिए दो ट्रांजेक्शन में एक लाख रुपए भी ट्रांसफर करवाए गए। ठग यहीं नहीं रुके। लगातार वीडियो कॉल कर पीड़ित को धमकाया गया और 30 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग भी की गई। बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल से आरोपी तक पहुंची पुलिस.... पीड़ित ने 8 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, बांसवाड़ा में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का कुछ हिस्सा 30 जुलाई 2025 को कोटक महिंद्रा बैंक के एक खाते में यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए पहुंचा था। बैंक रिकॉर्ड से इस खाते के धारक की पहचान जयपुर निवासी किशोर कुमार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने किशोर कुमार को दस्तयाब कर पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खाते में रकम आई, फिर हुआ सेल्फ विड्रॉल.... पुलिस के मुताबिक आरोपी किशोर कुमार की भूमिका ठगी की रकम प्राप्त करने वाले बैंक खाते के खाताधारक के रूप में सामने आई है। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित से ठगी गई रकम में से कुछ राशि उसके खाते में पहुंची और इसके बाद खाते से सेल्फ विड्रॉल किया गया। हालांकि, ठगी की पूरी रकम का लेन-देन और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। पुलिस अब व्हाट्सऐप रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीएएफ, आईपीडीआर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल का विश्लेषण कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि ठगी की रकम आगे किन खातों में पहुंची और इस साइबर नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। बाइट - गजेंद्र शर्मा प्रभारी स्टेट साइबर क्राइम थाना साइबर ठगी से बचाव डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराएं तो रहें सावधान ... किसी भी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी बताकर डराना, गिरफ्तारी की धमकी देना और मामले को खत्म करने के नाम पर पैसे मांगना साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। याद रखें, किसी भी धमकी के दबाव में आकर रकम ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। फिलहाल जयपुर से गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और पैसों के लेन-देन की जांच जारी है। पुलिस का फोकस अब ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर है। यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि वर्दी, वीडियो कॉल और गिरफ्तारी की धमकी देखकर घबराने के बजाय सतर्क रहना जरूरी है।0
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करौली के गुडला गांव में गाय के रेस्क्यू ने तीन घंटे में निकाला सुरक्षित
Karauli, Rajasthan:100 फीट गहरे कुएं में गिरी गाय, सिविल डिफेंस टीम ने तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला करौली जिले के जमीन पूरा गुडला गांव में करीब 100 फीट गहरे कुएं में गिरी गाय को सिविल डिफेंस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम के इस साहसिक रेस्क्यू अभियान की ग्रामीणों ने सराहना की। जानकारी के अनुसार, जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि जमीन पूरा गुडला गांव में एक गाय गहरे कुएं में गिर गई है। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस प्रभारी आशीष कुमार जैन ने तत्परता दिखाते हुए टीम को मौके के लिए रवाना किया। मौके पर पहुंची टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने लगातार प्रयास करते हुए गाय को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान सफल हुआ और गाय को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। इस अभियान में फरमान खान, देवेंद्र, अखलाक, अबरार खान, विकेश कुमार, भूपेंद्र और गौरव सेन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौ सेवा समिति के अध्यक्ष अभिनव शर्मा ने भी रेस्क्यू में सहयोग किया।0
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13 मासूमों की मौत: मंत्री बोले—सिर्फ तबादला नहीं, होगी मुकम्मल कार्रवाई
Hajipur, Bihar:13 तारीख को नाव हादसे में 13 मासूम बच्चे की मौत के तीन दिन बाद बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश रामपुर श्यामचंद गांव पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की।इस दौरान मंत्री ने बड़ा बयान दिया और कहा की कार्रवाई के नाम पर सिर्फ तबादला से नहीं मुकम्मल कार्रवाई होगी।राघोपुर हादसे के बाद तीन दिनों से लगातार नेता और मददगार लोगों का दौरा हो रहा है।इसी कड़ी मे बिहार सरकार केे पंचायतीराज मंत्री दीपक प्रकाश रामपुर श्यामचंद गांव पहुंच कर मृतक के परिजनों से मुलाकात किया है और हर संभव मदद करनेे का भरोसा दिलाया है।इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि सिर्फ तबादला से काम नहीं चलेगा मुकम्मल और बड़ी कार्रवाई होगी प्रशासन के तरफ से कॉलेज हुई है सभी को तुरंत ठीक किया जाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सुधार किया जाएगा ताकि पुनः इस तरीके का घटना नहीं हो। बाइट-दीपक प्रकाश,पंचायती राज मंत्री0
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