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सड़क पर पड़े बांस के डंडे से एक युवक ने कई लोगो को जमकर पीटा
Mau, Uttar Pradesh:एक महिला की हुई मौत जबकि तीन लोग हुए घायल सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम मामले की जांच में जुटी पुलिस राम अवतार सोनकर के द्वारा कथित रूप मुहल्ले के कई लोगो को पीटा गुलाबी देवी नाम की महिला की हुई मौत पुलिस ने आरोपी हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है आरोपी सुबह भोर में सड़क पर पड़े बांस से लोगो को पीटा घायलो का चल रहा है इलाज मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर फोर्स तैनात घोसी थाना क्षेत्र के कस्बा खास का मामला बाईट - सत्येंद्र तिवारी - सीओ घोसी0
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गांव में मुखिया चुनाव में मतदान बढ़ा, पंचायत चुनाव से ज्यादा भागीदारी
Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की सरकार चुनने में वोटरों ने दिलचस्प तस्वीर दिखाई है...पहले चरण में ईवीएम के मुकाबले बैलेट पेपर पर ज्यादा वोट बरसे। 104 पंचायत समितियो में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए 63 फीसदी वोटिंग हुई... लेकिन दो दिन बाद ही जब बात गांव का मुखिया चुनने की आई तो मतदान 83 फीसदी पार पहुंच गया। यानी करीब 20 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान। साफ है कि गांव की चौधर के चुनाव में वोटरों का जोश अलग ही नजर आया। अब सवाल ये है कि जिस उत्साह से ग्रामीणों ने अपना मुखिया चुना... क्या उसी रफ्तार से गांव की सड़क, पानी और विकास की समस्याएं भी दूर होंगी? ---------------------------------------- VO-1-गांव की सरकार चुनने के लिए ग्रामीण मतदाताओं का उत्साह दो अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग नजर आया। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का बटन दबाने वाले मतदाताओं ने दो दिन बाद सरपंच चुनने के लिए बैलेट पेपर पर कहीं ज्यादा मतदान किया। प्रदेश के 16 जिलों में 104 पंचायत समितियों के पहले चरण के आंकड़े यही तस्वीर दिखा रहे हैं। पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में जहां 63.36 फीसदी मतदान हुआ, वहीं सरपंच चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 83.05 फीसदी पहुंच गया। यानी गांव के मुखिया के चुनाव में 19.69 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। वही पिछले चुनाव की तुलना करें तो इस बार पहले चरण में सरपंच पद के लिए 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले चुनाव में 81.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस तरह पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान में 1.77 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। मतदान के इन आंकड़ों ने ग्रामीण लोकतंत्र की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। पंचायत समिति सदस्य चुनने की तुलना में सरपंच चुनने के लिए ज्यादा मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे। इसकी एक वजह सरपंच पद का गांव की रोजमर्रा की समस्याओं और स्थानीय फैसलों से सीधा जुड़ाव भी हो सकता है। सड़क, पानी, सफाई, नालियां और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों का सबसे सीधा संपर्क सरपंच से होता है। हालांकि, मतदान प्रतिशत के आधार पर मतदाताओं की प्राथमिकताओं का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ---------------------------------------- VO-2-प्रदेश में पहले चरण के पंचायत समिति चुनाव में करीब 53.66 लाख मतदाताओं ने मतदान किया था। इसके मुकाबले सरपंच चुनाव में करीब 69.10 लाख वोट पड़े। दोनों चुनावों में पड़े मतों की संख्या में करीब 15.44 लाख का अंतर रहा। इस तुलना की खास बात यह भी है कि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान ईवीएम से हुआ, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदाताओं ने बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया। बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया अलग होने के बावजूद सरपंच चुनाव में मतदान प्रतिशत काफी अधिक रहा। जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में भी यही रुझान सामने आया। जयपुर जिले की पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में झोटवाड़ा में 72.02 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 89.70 फीसदी पहुंच गया। यानी 17.68 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह दूदू में पंचायत समिति चुनाव के 69.87 फीसदी के मुकाबले सरपंच चुनाव में 88.66 फीसदी मतदान हुआ। चौमूं में यह आंकड़ा 67.84 से बढ़कर 87.19 फीसदी पहुंच गया। जयपुर की आठों पंचायत समितियों में सरपंच चुनाव का मतदान प्रतिशत पंचायत समिति सदस्य चुनाव से ज्यादा रहा। इससे स्थानीय स्तर पर सरपंच पद के चुनाव में अधिक मतदाता भागीदारी की तस्वीर सामने आई। वही बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच चुनाव के लिए 93.03 फीसदी मतदान हुआ, जबकि पंचायत समिति सदस्य चुनाव में 71.10 फीसदी वोट पड़े थे। यहां 21.93 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में पंचायत समिति सदस्य चुनाव के दौरान महज 40.02 फीसदी मतदान हुआ था। सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 57.63 फीसदी पहुंच गया। हालांकि, यहां सरपंच चुनाव में मतदान का प्रतिशत अन्य कई क्षेत्रों की तुलना में कम रहा। ---------------------------------------- बहरहाल, अब गांव की सरकार के गठन के साथ ग्रामीणों की निगाहें नए जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर रहेंगी। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करने वाले ग्रामीणों के लिए अगला सवाल यही है कि उनके गांव की समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से होगा। मतदान के आंकड़ों का संदेश साफ है गांव के मुखिया के चुनाव में ग्रामीणों ने ज्यादा भागीदारी दिखाई। अब इस भागीदारी के बाद गांव की नई सरकार के सामने विकास और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती होगी।0
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मुख्य चुनाव आयुक्त समर्थन में वैश्य संगठनों ने बिरला मंदिर मार्ग पर मोर्चा निकाला
New Delhi, Delhi:मुख्य चुनाव आयुक्त गणेश कुमार के समर्थन में मेग्लोबल वैश्य फेडरेशन, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट, दिल्ली अग्रोहा विकास ट्रस्ट दिल्ली के देश के प्रमुख वैश्य, अग्रवाल, व्यापारिक संगठनों विपक्षी के खिलाफ खुला मोर्चा निकाला। मंदिर मार्ग पर ही पुलिस ने रोका March. विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कई आरोप भी लगाए गए। दिल्ली एनसीआर संत मंडल ने आज बिरला मंदिर मंदिर मार्ग पर ज्ञानेश कुमार के समर्थन में धरना प्रदर्शन और मार्च किया।0
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न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए खुद की मौत का ड्रामा
Mau, Uttar Pradesh:slug - न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए खुद की मौत का ड्रामा: फर्जी दाह संस्कार और डेथ सर्टिफिकेट बनवाने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार प्रकाश पाण्डेय/मऊ मऊ जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में न्यायालय में चल रहे हत्या के एक संगीन मामले की कार्रवाई और सजा से बचने के लिए एक शातिर अभियुक्त ने खुद को मृत साबित करने का अजीबोगरीब और हैरान करने वाला खेल रचा। मऊ जनपद की थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे फरार चल रहे वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। ख्वाजाजहाँपुर मोहल्ले के पास से अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार राजभर (पुत्र स्व० रामनाथ, निवासी- ग्राम ख्वाजाजहाँपुर, थाना कोतवाली नगर, मऊ, उम्र करीब 38 वर्ष) को धर दबोचा। पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 19 दिसंबर 2016 को थाना कोतवाली नगर में धारा 302 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी अविनाश सिंह (निवासी- नगरीपार, थाना दोहरीघाट) ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा योगेश सिंह की मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त सुदर्शन राजभर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अभियुक्त राजू शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का काम करता था और कई लोगों से पैसे लेकर शेयर मार्केट में लगा चुका था। न्यायालय में चल रहे ट्रायल के दौरान सजा से बचने और लोगों के लिए गए पैसे वापस न करने पड़ने के कारण उसने यह शातिर साजिश रची। उसने 30 मई 2025 को जनपद गाजीपुर में स्वयं को मृत दर्शाते हुए श्मशान घाट पर एआई (AI) जनरेटेड खुद के शव की चिता पर लेटे हुए फोटो तैयार करवाए। इसके बाद घाट और नगर पालिका मऊ से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य जाली कागजात बनवा लिए। इन तमाम फर्जी दस्तावेजों को माननीय न्यायालय में दाखिल कर उसने खुद को मृत साबित कर दिया और फरार हो गया। इस कृत्य को लेकर पूर्व में भी थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार राजभर को पुलिस ने नियमानुसार गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। बाइट एएसपी अनूप कुमार मऊ0
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चित्रकूट में आयोजित हुई संकुल स्तरीय विज्ञान, गणित एवं संस्कृति बोध प्रतियोगिता
Chitrakoot Dham, Uttar Pradesh:बैजनाथ भारद्वाज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेड़ीपुलिया, कर्वी (चित्रकूट) में आयोजित संकुल स्तरीय विज्ञान, गणित एवं संस्कृतिबोध प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में बी.के. शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति।इस दौरान उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विज्ञान व संस्कृति के समन्वय के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।0
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