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बेतिया में बारिश से पहाड़ी नदियां उफान, गौनाहा के तारा बसवरिया में बाढ़
Bettiah, Bihar:बेतिया में बारिश से पहाड़ी नदियां उफान, गौनाहा के तारा बसवरिया में बाढ़. तीन दिन की भारी वर्षा से पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है; तारा बसवरिया गांव में दर्जनों घरों में पानी घुस गया है, सड़क पर जलजमाव है. पहाड़ी मनियारी नदी के जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी घुस गया है; बाढ़ के पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्कूल में भी पानी भरा है और सड़क पर तेजी से बहाव हो रहा है.0
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जहानाबाद में जमीन के लालच से महिला पर हमला: वीडियो वायरल
Jehanabad, Bihar:सूबे में आधी आबादी की सुरक्षा के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो जहानाबाद नगर थाना क्षेत्र की बूंद बिहार कॉलोनी का यह खौफनाक मंजर काफी है। यहाँ जमीन की भूख में अंधे दबंगों ने मर्यादा और इंसानियत की सारी सीमाएं तार-तार कर दीं। मानसिक रूप से अस्वस्थ पति की ढाल बनी एक बेबस महिला को सरेआम जमीन पर पटका गया, बाल पकड़कर घसीटा गया और जानवरों की तरह पीटा गया। 22 सितंबर की इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जो सीधे तौर पर सवाल दाग रहा है, क्या बिहार में महिलाएं सचमुच सुरक्षित हैं? वायरल वीडियो इलाके में खाकी के घटते खौफ की गवाही दे रहा है। Footage में साफ दिख रहा है कि घर के बाहर तीन लोग घात लगाए खड़े थे। जैसे ही महिला दरवाजे से बाहर निकली, आरोपियों ने सरेआम गालियां बकना शुरू कर दिया। जब लाचार महिला ने आत्मरक्षा में जमीन से ईंट उठाई, तो एक युवक ने झपट्टा मारकर उसके बाल पकड़ लिए। इसके बाद महिला को बेरहमी से घसीटते हुए थप्पड़ और घूंसों से पीटा गया। चीख-पुकार मची तो आसपास के लोग जुटे, जिसके बाद दोनों ओर से भिड़ंत हो गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर महिला की जान बचाई। पीड़िता की आपबीती रूह कंपा देने वाली है। महिला का कहना है कि उसके पति मानसिक रूप से कमजोर हैं। इसी लाचारी को ढाल बनाकर उसके ही गोतिया ने साजिश रची और पहले ही दो कट्टा जमीन कौड़ियों के भाव अपने नाम लिखवा ली। अब दबंगों की गिद्ध दृष्टि घर के पास पड़े खाली प्लॉट पर टिकी है। आरोपी उस जमीन का भी जबरन एग्रीमेंट कराने पर आमादा हैं।inkan करने पर गाली-गलौज और हिंसा आम बात हो चुकी है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी पहले भी घर में घुसकर जानलेवा हमला कर चुके हैं, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई न होने से उनके हौसले सातवें आसमान पर पहुंच गए। घटना के कई दिनों बाद, जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और थू-थू होने लगी, तब जाकर मामला सुर्खियों में आया। सवाल लाजिमी हैं कि क्या बिहार में पुलिसिया कार्रवाई के लिए हर बार वीडियो का वायरल होना जरूरी है? क्या एक कमजोर परिवार की महिला को अपनी ही जमीन बचाने के लिए यूं सड़क पर पिटना पड़ेगा? फिलहाल, नगर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया हैं और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई का दावा कर रही है। लेकिन बड़ा सवाल यही बना हुआ हैं कि ऐसे दरिंदों को कानून का खौफ कब होगा, ताकि किसी और लाचार महिला के बाल खींचने की जुर्रत कोई न कर सके।0
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अलवर में 48 सरकारी आवास दो महीनों में बनेंगे, नई तकनीक से तस्वीर बदलेगी
Alwar, Rajasthan:अलवर में निर्माण के क्षेत्र में एक नई तकनीक दस्तक दे रही है। यहां देश का पहले बीएमटीपीसी के प्रोजेक्ट 48 सरकारी आवास बनाए जा रहे है जो मात्र दो माह में बनकर तैयार हो जाएंगे , इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी PSP ग्रुप को मिली है और इसमें स्टे-इन-प्लेस PVC फॉर्मवर्क तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है साथ ही लेबर कॉस्ट की कमी निर्माण में भी लागत कम के साथ साथ पर्यावरण संतुलन का भी ध्यान रखा जा रहा है । इस परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम पीएसपी के सीएमडी बी के श्रीवास्तव और कार्तिक ने बताया इस प्रोजेक्ट में फैक्ट्री में तैयार किए गए इंटरलॉकिंग PVC पैनल साइट पर पहुंचाए जाएंगे और वहां उन्हें तय डिजाइन के अनुसार असेंबल कर सरिया और सर्विस कंड्यूट लगाए जाएंगे। इसके बाद कंक्रीट की ढलाई होगी। खास बात यह है कि कंक्रीट जमने के बाद फॉर्मवर्क को हटाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि PVC पैनल भवन का स्थायी हिस्सा बन जाएंगे। इस तकनीक का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ कम विशेषज्ञ ट्रेड पर निर्भरता घटाना और उत्पादकता बढ़ाना है। साथ ही दीवार और स्लैब की मोनोलिथिक ढलाई से काम के अलग-अलग चरणों के बीच समन्वय और समय को बेहतर करने का प्रयास होगा। प्रोजेक्ट में सरिया बांधने के लिए रोबोटिक्स के परीक्षण और चरणबद्ध इस्तेमाल की दिशा में भी काम किया जा रहा है। निर्माण के दौरान समय, श्रम-घंटे, सामग्री की खपत, अपशिष्ट और ऊर्जा उपयोग का रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि तकनीक के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सके।0
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माधव विश्वविद्यालय ने 14वें स्थापना दिवस गरिमा और उत्साह के साथ मनाया
Sirohi, Rajasthan:माधव विश्वविद्यालय में 14वां स्थापना दिवस समारोह उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। टीवीटीसीसी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, सेवा, सामाजिक सरोकार और विद्यार्थी कल्याण से जुड़े आयोजन हुए। मुख्य अतिथि उदयपुर स्थित अर्थ डायग्नोस्टिक के सीईओ एवं पेनशिया दिव्यांग अधिकार संगठन के अध्यक्ष डॉ. अरविंदर सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता चेयरमैन डॉ. राजकुमार ने की。 कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। चेयरमैन डॉ. राजकुमार के पिता स्वर्गीय जगमल सिंह की स्मृति में स्थापित स्मारक प्रतिमा का अनावरण किया गया। विशेष विद्यार्थियों को साइकिल, हियरिंग डिवाइस सहित आवश्यक सामग्री वितरित की गई। शिक्षकों और अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुईं。 शैक्षणिक एवं विश्वविद्यालय विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. संदीप गेहलोत, डॉ. गगन गोयल और डॉ. वैभव दवे को माधव एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय परिवार ने शिक्षा, शोध, नवाचार, सेवा और विद्यार्थी कल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया。0
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रजौली में बारिश से परतौनिया नदी पुल टूट गया, सड़क कीचड़ में डूबी
Nawada, Uttar Pradesh:रजौली में आफत बनी बारिश : परतौनिया नदी का पुल टूटा, कीचड़ और पानी में तब्दील हुई सड़क, जान जोखिम में डालकर सफर को मजबूर ग्रामीण नवादा में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही ग्रामीण विकास के दावों की पोल खोल दी है। रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत अंतर्गत फुलवरिया डैम के समीप बहने वाली परतौनिया नदी इन दिनों पूरी तरह उफान पर है। पहाड़ी क्षेत्र से आ रहे तेज पानी के कारण सड़क पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और अब स्थिति यह है कि सड़क पर बारिश का पानी नदी की तरह बह रहा है। पूरी सड़क कीचड़ से सनी हुई है, जिससे फिसलन और हादसे का खतरा बना हुआ है。 तेज बहाव के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। दर्जनों गांवों के ग्रामीण घंटों पानी उतरने का इंतजार करने को विवश हैं। थोड़ी सी असावधानी बड़ा हादसा बन सकती है। मौके पर फंसे प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज ने बताया कि वे ड्यूटी कर लौट रहे थे, तभी नदी के उफान ने रास्ता रोक दिया। उन्होंने बताया कि परतौनिया नदी पर यह पुलिया लगभग दो साल पहले बनी थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण एक साल के अंदर ही टूट गई। पिछले एक साल से स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकार और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश में रोज दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ता है। सुबह पानी आ जाए तो स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। इस मार्ग से चोरडीहा, पिपरा, परतौनिया, चरघरवा, नवाडीह, झराही सहित दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क रजौली मुख्यालय से जुड़ा है। सैकड़ों परिवार इसी खतरनाक रास्ते पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है。0
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