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माधव टाइगर रिजर्व में शावकों के जन्म से बाघ कुनबा 11 हुआ
Shivpuri, Madhya Pradesh:माधव टाइगर रिजर्व में गूंजी नन्हें शावकों की किलिकारी, बाघों का कुनबा बढ़कर हुआ 11: बलारपूर इलाके में दो नए शावकों ने लिया जन्म; केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट और फेसबुक पोस्ट कर जताई खुशी शिवपुरी: शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क (माधव टाइगर रिजर्व) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खुशखबरी सामने आई है। पार्क के बलारपुर इलाके में एक बाघिन ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। इस नए आगमन के साथ ही अब माधव नेशनल पार्क में bाघों का कुनबा बढ़कर 11 हो गया है। रविवार शाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बधाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि माधव टाइगर रिजर्व में नन्हे शावकों का आना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और सुखद कामयाबी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवाई में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे लगातार प्रयास अब रंग ला रहे हैं। सिंधिया ने इस सफलता के लिए वन विभाग की पूरी टीम और संरक्षण कार्यों में जुटे कर्मचारियों को बधाई दी। पार्क में अब तक 6 शावकों का जन्म जानकारी के अनुसार, माधव टाइगर रिजर्व की शुरुआत में अलग-अलग समय पर 5 बड़े बाघ-बाघिन लाए गए थे। इसके बाद यहाँ बाघों का परिवार बढ़ना शुरू हुआ। पहले 4 शावकों के जन्म के बाद अब 2 और नए शावकों के आने से रिजर्व में जन्मे कुल बच्चों (शावकों) की संख्या 6 हो गई है। इस तरह पार्क में अब 5 बड़े बाघ और 6 नन्हे शावक मिलाकर कुल 11 बाघ हो गए हैं। हालांकि, दो साल से लापता एक बाघिन की तलाश में वन विभाग की टीम अब भी जुटी हुई है।0
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मिशन-2028 के संकल्प के साथ भाजपा ने पूर्ण बहुमत लौटाने का विश्वास व्यक्त किया
Raipur, Chhattisgarh:दिनभर हुई बैठक को लेकर भाजपा की ओर से दी गई अधिकृत जानकारी में बताया गया कि स्मृति ईरानी ने बैठक में कहा- पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत दिखना चाहिए. भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता 'मिशन-2028' के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और पार्टी आगामी समय में निश्चित रूप से पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी. ईरानी ने कहा कि 'मिशन-2028' केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, विकास और सुशासन की पुनर्प्रतिष्ठा का संकल्प है. बूथ स्तर तक संगठन को अभेद्य बनाएं और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें. चुनाव केवल मतपत्रों या मशीनों से नहीं जीते जाते, चुनाव कार्यकर्ता के पसीने, जन-जन से उसके आत्मीय जुड़ाव और संगठन के सुदृढ़ तंत्र से जीते जाते हैं......0
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बंगाल की खाड़ी सिस्टम से चक्रवात के आसार, प्रदेश में भारी बारिश
Raipur, Chhattisgarh:प्रदेश में तापमान में गिरावट का दौर जारी. मौसम विभाग ने आज प्रदेश में कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं जारी की है. लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से चक्रवात का दिखेगा असर. कृषि विश्विद्यालय ने आज से 29 अक्टूबर तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी, भारी और अति भारी बारिश का जारी किया है अलर्ट. तेज हवाएं भी चलेंगी, बस्तर में ज्यादा असर. रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना0
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492009
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में 'शनि-दर्शन' का विशेष आयोजन, दूरबीन से निहारे गए शनि के छल्ले
Raipur, Chhattisgarh:पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के खगोल अध्ययन विभाग द्वारा रविवार शाम 6 से 8 बजे तक विशेष "शनि-दर्शन" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र में आधुनिक दूरबीन के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और खगोल प्रेमियों को शनि ग्रह और उसके मनोहारी वलय (छल्लों) का प्रत्यक्ष दीदार कराया गया। विभाग के विशेषज्ञों ने आगंतुकों को शनि की भौतिक संरचना, उपग्रहों और कक्षीय विशेषताओं की वैज्ञानिक जानकारी दी। खगोलीय घटनाओं के प्रति उत्सुकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।0
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842002
वाराणसी के महामृत्युंजय मंदिर में सदियों से होती है सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र कि जाप।
Muzaffarpur, Bihar:वाराणसी के महामृत्युंजय मंदिर में सदियों से होती है सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र कि जाप। ऐसी मान्यता हैं आयुर्वेद की जनक भगवान धनवंतरी ने अपनी दिव्य औषधी के पोटली को इस मंदिर के कुएं में डाला था जिससे इस कुएं के पानी पीने से अनेकों रोगों का लोगों को लाभ मिलता हैं साथ ही इस मंदिर में भगवान महामृत्युंज क निरंतर पूजा के साथ कई शिवलिंग व कालसर्प दोष निवारण, एवं ग्रह शांति की पूजा पूरी विधिविधान स होती है एक अखाड़ा भी होती है जिसकी पूजा आरती के बाद कई पहलवान भी पहलवानी का जौहर दिखाते है। कासी विश्वनाथ मंदिर के बाद इस मंदिर का भी बड़ी मान्यता हैं।0
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