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सीधी में मजिस्ट्रेटियल चेकिंग: स्कूल बसों में सुरक्षा मापदंडों की बड़ी खामियां
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी शहर के न्यू बस स्टैंड के सामने मजिस्ट्रेटियल चेकिंग से स्कूल बस संचालकों में हड़कंप मच गया. बच्चों की सुरक्षा के लिए तय नियमों को दरकिनार कर कहीं क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया, तो कहीं सुरक्षा उपकरण और जरूरी दस्तावेज नहीं मिले. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खुद सड़क पर उतर कर वाहनों की जाँच की. जाँच के दौरान दो स्कूल बसों के साथ प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का वाहन भी जब्त किया गया. तीन वाहनों पर करीब 9 हजार रुपये चालानी कार्रवाई की गई. सवाल यह है कि मजिस्ट्रेटियल चेकिंग में इतनी अनियमितताएं सामने आ गईं, तो नियमित जांच के दौरान जिम्मेदार अमला क्या कर रहा था? यातायात पुलिस के अनुसार, चेकिंग में फायर सेफ्टी उपकरण, स्पीड गवर्नर, सुरक्षा सामग्री, चालक की यूनिफॉर्म और जरूरी दस्तावेजों की भी जाँच की गई. कुछ वाहनों में ओवरलोडिंग पाई गई और अन्य सुरक्षा मानकों व दस्तावेजों में कमी मिली. चालान ऑनलाइन किया गया. विद्यार्थियों की सुरक्षा के नियमों के पालन को सुनिश्चित कराने के लिए चेकिंग आगे भी जारी रहेगी. यातायात प्रभारी के अनुसार आने वाले दिनों में भी स्कूल बसों और अन्य वाहनों की जाँच होती रहेगी; जिन वाहनों में जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.0
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75 साल पुरानी रामलीला तनोड़िया नगर में गणेशोत्सव के साथ जीवंत
Agar, Madhya Pradesh:आगर मालवा के ग्राम तनोड़िया नगर में गणेशोत्सव के साथ 75 साल पुरानी रामलीला की परंपरा आज भी जीवंत है. वर्ष 1951 से चली आ रही इस परंपरा में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक स्थानीय कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों का मंचन करते हैं. ग्राम तनोड़िया के रामलीला चौक में इन दिनों भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाली 10 दिवसीय रामलीला का समापन अनंत चतुर्दशी पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होता है. खास बात यह है कि रामलीला में राम, लक्ष्मण, भरत, रावण, मेघनाथ और विभीषण सहित कई पात्रों की भूमिका स्थानीय लोग ही निभाते हैं. बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. आयोजन समिति द्वारा हारमोनियम, ढोलक और नृत्य कलाकारों को बाहर से भी बुलाया जाता है. स्थानीय कलाकारों और ग्राम वासियो के सहयोग से 75 साल से अधिक पुरानी यह सांस्कृतिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है. आयोजकों का कहना है कि रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और हमारी संस्कृति से जोड़ने का माध्यम भी है.0
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ग्रेटर नोएडा में सड़क हादसे में एक छात्र की मौत, दो घायल
Noida, Uttar Pradesh:सड़क हादसे में एक छात्र की मौत ग्रेटर नोएडा भीषण सड़क हादसे में एक छात्र की मौत दो घायल, स्कूटी पर जा रहे तीन छात्रों को ब्रेजा कार ने मारी टक्कर, टक्कर लगते ही ट्रक के नीचे आए तीनों छात्र, एक की मौत दो गंभीर रूप से घायल, पुलिस ने घायलों को कराया अस्पताल में भर्ती, चक्रसैनपुर कोट पुल पर लगा भीषण लंबा जाम को खुलवाने में लगी हुई पुलिस, ट्रक को लिया कब्जे में, दादरी थाना क्षेत्र का मामला।0
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तपोवन स्कूल ने पर्यूषण के दौरान मेथी सब्जी लाने पर छात्र पर लगाया ₹50 जुर्माना
Noida, Uttar Pradesh:भायंदर: एक घटना सामने आई है जिसमें भायंदर के तपोवन विद्यालय ने एक छात्र पर पर्यूषण के दौरान अपने लंचबॉक्स में मेथी की सब्जी लाने के लिए ₹50 का जुर्माना लगाया। इस मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की शिकायत के बाद, मीरा-भायंदर नगर निगम के शिक्षा विभाग ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तपोवन विद्यालय ने पर्यूषण के दौरान छात्रों के लंचबॉक्स में मांसाहारी भोजन के साथ-साथ प्याज, लहसुन और चुकंदर जैसी चीजें लाने पर रोक लगा दी थी। इसी दौरान, एक छात्र अपने लंचबॉक्स में मेथी की सब्जी ले आया। नतीजतन, स्कूल ने उस पर ₹50 का जुर्माना लगाया और उसे कैंटीन से खाने की दूसरी चीज दी। तपोवन विद्यालय की यह घटना विधायक नरेंद्र मेहता के सेवन स्क्वायर स्कूल से जुड़े एक ऐसे ही मामले के कुछ समय बाद सामने आई है, जिसने भी पर्यूषण के दौरान छात्रों के लंचबॉक्स में प्याज, लहसुन और ऐसी ही चीजें लाने पर रोक लगा दी थी।0
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201304
पुडुचेरी की पूर्व LG किरण बेदी के सुझाव: बेल कैंसिल करैं, कैमरे बढ़ाएं
Noida, Uttar Pradesh:पुडुचेरी की पूर्व LG किरण बेदी "देखिए, आप इसे कोई भी नाम दे सकते हैं। आप इसे पिंक, ग्रीन या ब्राउन कह सकते हैं सवाल उठते हैं। इसे कोई रंग दें, यह बहुत अच्छा है, बहुत अच्छा आइडिया है, लेकिन सवाल उठते हैं: असलियत क्या है? ज़मीनी हकीकत... ग्राउंड लेवल पर पेट्रोलिंग, विजिबिलिटी, और फिर अलग-अलग जगहों पर कैमरे बढ़ाएं। कैमरे भी बढ़ाएं, लेकिन पुराने अपराधियों, जो बेल पर हैं, और जिन्हें कई बार बेल मिल चुकी है—उनकी बेल कैंसिल करवाएं... घटनाएं तो होंगी, लेकिन डर का माहौल रहेगा।0
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