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राखी के साथ सरहद पर सुरक्षा को सलाम: 1100 महिलाएं जवानों को राखी बांधी

Fazilka, Punjab:रक्षाबंधन का पर्व इस बार परिवार की चौखट से निकलकर देश की सरहद तक पहुंच गया है । भारत-पाक सीमा से sट फाजिल्का के असफवाला वॉर मैमोरियल में आज ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे। इस दौरान करण फाउंडेशन के संयोजक करण गिल्होत्रा, मेजर जनरल अनुज कालिया और कर्नल शमशेर सिंह खास तौर पर मौजूद रहे । बता दे कि इस आयोजन में फाजिल्का की 1100 महिलाएं अपने परिवारों के साथ पहुंचकर भारतीय सेना और बी.एस.एफ. के 1100 जवानों की कलाई पर राखी बांधी । इसके माध्यम से महिलाओ ने देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों के प्रति सम्मान, विश्वास और कृतज्ञता व्यक्त की । असफवाला वॉर मैमोरियल में हुए इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि यह स्मारक 1971 के भारत-पाक युद्ध में फाजिल्का सैक्टर की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 232 भारतीय सैनिकों की शहादत की याद दिलाता है। ऐसे पवित्र स्थल पर जवानों को राखी बांधना शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक माना जा रहा है । इस मौके पर पहुंचे इलाके की महिलाओं ने कहा कि देश की रक्षा कर रहे जवान अपने परिवार और घरों से बहुत दूर सरहदों पर बैठे है। जिसके चलते इलाकेंकी महिलाओं द्वारा इन भाइयों की कलाई पर राखो बांधना उनके लिए सौभाग्य की बात है ।
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बारामती में रोहित पवार के निजी सहायक की बेटी की मौत: जांच शुरू

Rui, Maharashtra:बारामती आमदार रोहित पवार बाईट स्वीय सहायक मुलगी अकस्मात मृत्यू ऑन_स्वीय सहायकाच्या मुलीचा मृत्यू अजित माझ्या सोबत जिल्हा परिषदेनपासून आहे. त्याच्या पंधरा वर्षाच्या मुलीच मृत्यू काल झाला आज सकाळी झाला हे पोलीस सांगतील. काय झालं हे तपासणी झाल्यानंतर कळेल एवढ्या कमी वयात अशी घटना घडली असेल तर समजण्यापलीकडे आहे. उपविभागीय पोलिस अधिकारी आणि डॉक्टर यांसोबत चर्चा झाली. शव विच्छेदन होत असतांना हलगर्जीपणा नको. पोलिसांकडून अपेक्षा आहे हलगर्जीपणा न करता खर काय घडलं कशामुळे घडलं हे समजवायला हवं. तपासणं झाल्यामुळे आणि लहान मुलीचा हा मृत्यू असल्याने आता तरी मला काही सांगता येणार नाही पुढील काही तासात खरंच काही घडलं काय कारण आहेत ते कळेल. ऑन_बारामती गुन्हेगारी पोलीस वचक सामान्य लोकांवर अन्याय होत असेल तरी गोष्ट आपल्याला पटणार नाही. ही जी घटना घडली आहे खरं काय घडले लगेच सांगता येणार नाही या घटनेसाठी पोलिसांचा वचप कमी झाला किंवा ते जबाबदार आहे हे सांगता येणार नाही. बारामती आणि राज्यात इतर ठिकाणी ज्या घटना घडत आहेत त्याबाबत होम डिपार्डमेंट कमी पडतंय बारामतीत नवजात लहान मुलगी एक सापडली सुदैवाने ती वाचली पण ती तिथे कशी सापडली बारामतीत अजित दादांनी प्रत्येक काना कोपऱ्यात सीसीटीव्ही मंजूर केला होता,कर्जत आणि जामखेड या ठिकाणीही तो मंजूर झाला होता.दुर्दैवाने अनेक वर्षे जाऊन सुध्दा हा प्रकल्प मंजूर नाही झाला बारामतीचे नाव होत म्हणून हे झालं नाही का. बारामतीचं नाव होतं म्हणून मंजूर झाला नाही की वेगळं कारण आहे म्हणून झालं नाही हे सांगता येणार नाही. ज्या ठिकाणी घटना घडली त्या ठिकाणी सीसीटीव्ही कॅमेरा नाहीत. त्यामुळे प्रत्येक मोठ्या शहरात सीसीटीव्ही कॅमेरे असणे गरजेचे आहे. ऑन _प्रथमदर्शनी यात काय वाटतं तपास पूर्ण न झाल्याने आम्ही आताच काही बोलणार नाही आम्ही हे सगळं पोलिसांवर सोडला आहे. पोलिसांकडून सीसीटीव्ही कॅमेरे पाहत आहेत. पोलिसांनी काम चुकरपणा झाला तर महागात पडेल ऑन_बारामती व्हायरल पत्र त्यातला गुन्हेगारीचा मुद्दा महत्त्वाचा आहे. बऱ्यापैकी आम्हाला ज्या गोष्टी करता येतील. जेव्हा अजितदादा होते तेव्हा गुन्हेगारी काही प्रमाणात कमी होते, दादांचा एक वचक असायचा भीती वाटायची. कायदा आणि सुव्यवस्थेची घडी विस्कटली आहे. व्यापारांना काही लोक धमकावत आहेत, गुन्हेगारीचे प्रमाण बारामतीत वाढल आहे, कायदा सुव्यवस्थेच्या बाबतीत मी स्वतः एस पी यांच्यासोबत घेतली होती त्यानंतर सहा सात दिवसात दोन अडीच कोटी रुपयांचा गांजा सापडला होता अजित दादा असताना कायदा सुव्यवस्थेची जी घडी बारामतीत बसली होती ती आता विस्कटली असा आपल्याला सांगावं लागेल, पोलीस प्रशासना व धाक असल्याशिवाय हे डिपार्टमेंट तिथे काम करत नाही हे मात्र खरं ऑन_व्हायरल पत्र तुमच्या कार्यकर्त्यांच असा दावा चिरकुट लोक यावरती काही वक्तव्य करत आहेत आज ती वेळ नाही थोडे दिवस जाऊ द्या , योग्य वेळेत उत्तर देईल. बौद्धिक लो लेवल फार खालचे आहे अशा लोकांवर न बोललेलं बरं असं मी ठरवलं आहे. एखादा नेता मंत्री असेल त्यांनी माझ्यावर वक्तव्य केलं असेल तर त्याला उत्तर देणे हे मी जास्त उचित समजतो.
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लटागुड़ी नहर बाजार में अवैध शराब बिक्री पर छापा, 3 गिरफ्तार

Mal Bazar, West Bengal:লাটাগুড়ি ক্যানেল হাটে অবৈধ মদ বিক্রির অভিযোগে অভিযান চালান ক্রান্তি ফাঁড়ির পুলিশ। অভিযানে হাটের বিভিন্ন দোকান ও স্টলে তল্লাশি চালানো হয়। অবৈধভাবে মদ বিক্রির সঙ্গে যুক্ত বেশ কয়েকটি দোকান ও স্টল ভেঙে দেয় পুলিশ। অভিযান চলাকালীন সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিদের অবৈধভাবে মদ বিক্রি না করার জন্য কঠোরভাবে সতর্ক করা হয়েছে। প্রশাসনের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, ভবিষ্যতে এই ধরনের বেআইনি কার্যকলাপের বিরুদ্ধে আরও কঠোর পদক্ষেপ নেওয়া হবে জানান ক্রান্তি ফাঁড়ির ওসি তেনজিং ভুটিয়া। অভিযানের সময় তিনজনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে লাটাগুড়ি ক্যানেল হাট এলাকায় চাঞ্চল্যের সৃষ্টি হয়েছে। প্রশাসনের এই অভিযানে অবৈধ মদ বিক্রির কারবারে যুক্তদের মধ্যে আতঙ্ক ছড়িয়েছে।
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Ashutosh TripathiAshutosh TripathiFollow2m ago

भदार नदी में युवक के डूबने की खबर, पुल की वर्षों पुरानी मांग पर फिर उठे सवाल

Manpur, Madhya Pradesh:भदार नदी में युवक के डूबने की खबर, पुल की वर्षों पुरानी मांग पर फिर उठे सवाल सलैया-पड़वार के बीच पुल नहीं होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी, अवैध रेत उत्खनन से गहरे गड्ढे बनने के आरोप उमरिया/मानपुर। रविवार सुबह करीब 9 बजे तेज बहाव से उफन रही भदार नदी में मुडगुड़ी निवासी 37 वर्षीय जितेंद्र पिता रामनरेश द्विवेदी के डूबने की खबर सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही इंदवार पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू कर दी गई। हादसे के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता के साथ-साथ वर्षों से चली आ रही सलैया-पड़वार के बीच पुल निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी भी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में भदार नदी उनके लिए आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जान जोखिम में डालने वाली चुनौती बन जाती है। एक किलोमीटर की दूरी के लिए 20 किलोमीटर का सफर ग्रामीणों के मुताबिक भदार नदी पार करने के बाद पड़वार गांव की दूरी करीब एक किलोमीटर है। लेकिन नदी पार करने का सुरक्षित रास्ता और पुल नहीं होने के कारण लोगों को घूमकर करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। यही वजह है कि कम दूरी और लंबा वैकल्पिक रास्ता होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में नदी पार करने का जोखिम उठाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सलैया, मुडगुड़ी, कुड़ी, बचहा और भरौली सहित आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी शासकीय विद्यालय पड़वार में पढ़ने जाते हैं। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने के बावजूद कई बार बच्चे और ग्रामीण कम दूरी के लिए नदी पार करने को मजबूर हो जाते हैं। हादसे के बाद रेत उत्खनन के आरोप भी चर्चा में रविवार को हुई घटना ने भदार नदी में लंबे समय से जारी बताए जा रहे अवैध रेत उत्खनन के आरोपों को भी फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत निकासी के कारण नदी के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। तेज बहाव के दौरान ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे नदी पार करने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की वास्तविक गहराई और बदली हुई भौगोलिक स्थिति की जानकारी नहीं होने के कारण हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। हालांकि, रेत उत्खनन संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। आखिर कब बनेगा सलैया-पड़वार के बीच पुल? फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोग नदी में डूबे जितेंद्र की तलाश में जुटे हैं। घटना ने एक बार फिर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर कितनी जिंदगियां जोखिम में पड़ने के बाद सलैया-पड़वार के बीच पुल की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी? ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन घटना को गंभीरता से लेते हुए नदी के आवागमन वाले स्थान का तत्काल निरीक्षण कराए, बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे और स्थायी समाधान के रूप में सलैया-पड़वार के बीच पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए।
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