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बीजापुर महतारी वंदन योजना: 1726 अपात्रों को करीब 1.93 करोड़ का भुगतान उजागर

Dantewada, Chhattisgarh:बीजापुर में महिलाओं के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना में बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। केवाईसी और एम-रवाई ऑडिट में 1726 अपात्र हितग्राहियों को करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऑडिट के मुताबिक, 21 साल से कम उम्र की 501 महिलाओं को करीब 91 लाख 73 हजार 500 रुपये दिए गए। वहीं आयकर दायरे में आने वाली 141 महिलाओं को करीब 45 लाख रुपये और शासकीय सेवा से जुड़ी महिलाओं को 33 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ। इतना ही नहीं, 675 मृत हितग्राहियों के नाम पर भी 7 लाख 33 हजार रुपये जारी होने की बात सामने आई है। जबकि 96 मामलों में एक ही बैंक खाते में दो हितग्राहियों की राशि पहुंचने का भी खुलासा हुआ है। बीजापुर जिले में योजना के तहत 42 हजार 884 महिलाएं पंजीकृत हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, विभाग फिलहाल करीब 700 मामलों की बात कह रहा है, जबकि ऑडिट रिकॉर्ड में 1726 अपात्र हितग्राहियों का आंकड़ा सामने आया है।
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अंधविश्वास के नाम पर महिला पर आग से हमला: धार-झाबुआ में खौफनाक मामला

Dhar, Madhya Pradesh:अंधविश्वास के चलते महिला को कोयले से जलाया मध्य प्रदेश के धार जिले में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला को जलते अंगारों से प्रताड़ित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धार में अंधविश्वास की इंतहा: भूत-प्रेत भगाने के नाम पर महिला के हाथ जलाए लक्षणनाथिनिनामा ने हथेलियों पर रखे दहकते कोयले, महिला गंभीर रूप से झुलसी। धामनोद अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद धार जिला अस्पताल रेफर। झाबुआ जिले के भेरूपाडा गांव में रहता है तांत्रिक। मध्य प्रदेश के धार जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। धामनोद के पास की रहने वाली एक महिला जो सामान्य रूप से लंबे समय से बीमार है जिसे परिजन झाबुआ जिले के भेरूपाड़ा गांव ले गए जहाँ के रहने वाले लक्षमण निनामा ने भूत-प्रेत बाधा दूर करने के नाम पर एक महिला के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। इलाज के नाम पर तांत्रिक ने महिला की हथेलियों पर जलते हुए दहकते कोयले रख दिए, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई है। इतба ही नहीं महिला को मारा और उसके पेट पर लात रखकर तांत्रिक क्रिया की। धार जिले की महिला के साथ यह घटना झाबुआ जिले के भेरूपाड़ा गांव में यह खौफनाक घटना घटी, जहां भूत-प्रेत के साए का दावा करते हुए एक ढोंगी ने महिला के दोनों हाथों पर दहकते हुए कंडे और कोयले रख दिए। बेबसी की हालत में महिला दर्द से चीखती रही, लेकिन अंधविश्वास के खेल में किसी ने उसकी एक न सुनी। आग की लपटों से महिला के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। घटना के तुरंत बाद परिजन गंभीर रूप से घायल महिला को लेकर धामनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टर पंकज धाकड़ ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन घावों की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए धार जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉ. पंकज धाकड़ ने बताया महिला को काफी जली हुई हालत में लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया है... महिला के पति ने बताया उसकी पत्नी कई दिनों से बीमार थी डॉक्टर इलाज करवाने के बाद में भी फर्क नहीं पड़ा लिहाजा किसी के कहने पर वह झाबुआ जिले के रूपखेड़ा गाँव गए जहाँ के तांत्रिक लक्षमण नाथ निनामा ने उसकी पत्नी को घर के अंदर बने हुए एक कमरे में ले जाकर तांत्रिक क्रिया के नाम पर पहले जलते हुए अंगारों से जलाया और उसके पेट पर लात रखकर क्रिया की परिजनों को अंदर नहीं जाने दिया इस दौरान महिला चिल्लाती रही जब स्थिति बिगड़ गई तो तांत्रिक ने उसे ले जाने के लिए कहा हम फिर उसे घर ले और धामनोद स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार करवाया महिला का पति क्लोज़िंग..... 21वीं सदी में भी अंधविश्वास की ये जड़ें समाज को किस कदर खोखला कर रही हैं, यह घटना उसकी जीती-जागती मिसाल है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन और पुलिस इस ढोंगी ओझा पर कब तक शिकंजा कसती है। कमल सिंह सोलंकी ZEE मीडिया धार
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सीतामढ़ी के बीच सड़क पर हथियारों के साथ जन्मदिन जश्न, लोगों में हड़कंप

Sitamarhi, Bihar:सीतामढ़ी में रुन्नीसैदपुर से सामने आई एक तस्वीर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देती नजर आ रही है। बघारी गांव में आयुष चौधरी नाम का युवक अपने दोस्तों के साथ बीच सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन करता दिखाई दे रहा है। कार के बोनट पर एक के बाद एक कई केक काटे जाते हैं और उसके बाद जमकर स्प्रे उड़ाया जाता है। लेकिन जश्न का अंदाज यहीं नहीं रुकता। वीडियो में युवक हाथ में हथियार लेकर फायरिंग करता नजर आ रहा है। सड़क पर खुलेआम हथियार का प्रदर्शन और फायरिंग का यह वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि आखिर बीच सड़क पर हथियार लहराकर फायरिंग करने की इतनी हिम्मत कहां से आई और पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
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निंदिर गाँव की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह से लघु उद्योग बनाकर आमदनी बढ़ाई

Latehar, Jharkhand:लातेहार सदर प्रखंड के निंदير गांव की महिलाओं ने यह कहावत सच साबित कर दिया है। गांव की मजदूर महिलाएं आज अपनी मेहनत के बल पर मजदूर से मालकिन बन गई हैं। महिलाओं के द्वारा उद्योग लगाकर साबुन, वाशिंग पाउडर, बाथरूम क्लीनर समेत कई अन्य प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं जिससे महिलाओं को काफी अच्छी आमदनी भी होने लगी है। लातेहार जिले के निंदिर गांव का माहौल कुछ वर्ष पहले तक सामान्य नहीं था; नक्सली गतिविधियां और विकास में पिछड़ापन इस इलाके की पहचान थी। गांव की अधिकांश गरीब महिलाओं को घर से निकलना भी मुश्किल होता था; सिर्फ मजदूरी करने ही घर से बाहर निकलती थीं, कई महिलाएं रोजगार की तलाश में पूरे परिवार के साथ पलायन कर जाती थीं। अब यहां वर्तमान में गांव की सूरत बिल्कुल बदल गई है। शारदा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस गांव में जागरूकता की क्रांति ला दी है। हालांकि इस बदलाव के अंतराल में महिलाओं ने कई मुश्किलों का भी सामना किया है; मगर मुश्किलों से लड़ते हुए आज इस मुकाम पर पहुंच गई हैं जहां लोग इनका उदाहरण देने लगे हैं। महिलाओं के द्वारा अपने गांव में लघु उद्योग लगाकर साबुन, वाशिंग पाउडर, टॉयलेट क्लीनर समेत कई प्रकार के प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं और उसे मार्केट में बेचा जा रहा है; इनके प्रोडक्ट्स की काफी डिमांड है। गांव की महिलाएं संगीता देवी, मीना देवी और सीतामुनी देवी ने बताया कि पूर्व के वर्षों में उनका जीवन काफी कठिन परिस्थितियों में बीत रहा था; तंगहाली के साथ-साथ कई अन्य तरह की परेशानियां भी जिंदगी में थीं। इन्हीं परेशानियों से लड़ते हुए गांव की महिलाओं ने मिलकर स्वयं सहायता समूह का गठन किया और झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ गईं। लातेहार डीसी संदीप कुमार ने बताया कि सारदा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं। इन महिलाओं के द्वारा जो प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं, उससे इन्हें अच्छी आमदनी भी हो रही है और लातेहार का नाम भी हो रहा है। विभाग का प्रयास है कि महिलाओं को इसी प्रकार जागरूक कर लघु उद्योग से जोड़ा जाए ताकि गांव से बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सके।
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