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पीड़ित का पुलिस टक्कर का आरोप, पुलिस ने कहा निराधार; जांच की मांग तेज

Pratapgarh, Rajasthan:हेडर/हेडलाईन : कार हादसे पर पीड़ित ने पुलिस वाहन पर लगाया टक्कर मारने का आरोप, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार एंकर/इंट्रो : छोटीसादड़ी-नीमच मार्ग स्थित नाराणी बायपास पर कल देर रात हुए कार हादसे को लेकर पीड़ित परिवार और पुलिस के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हादसे में एक मासूम सहित दंपती घायल हो गए। घायलों को छोटीसादड़ी के जयचंद मोहिल उपजिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद नीमच रेफर किया गया। पीड़ित शाहरुख मंसूरी का आरोप है कि वह परिवार के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे चल रहे पुलिस वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। उनका दावा है कि पुलिस वाहन में चार पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में सवार थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार हादसे के बाद उन्होंने पत्नी और बच्चे को सीधे नीमच अस्पताल ले जाने का अनुरोध किया, लेकिन पहले उन्हें दूसरी दिशा में ले जाया गया और बाद में छोटीसादड़ी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से 108 एंबुलेंस के जरिए उन्हें नीमच रेफर किया गया। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराने की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर छोटीसादड़ी थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी अस्पताल पहुंचे और घायलों व उनके परिजनों से जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र हो गए。 वहीं, थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी ने पीड़ित पक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि कार संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने उसे रुकवाने का प्रयास किया था, लेकिन चालक वाहन को तेज गति से भगाकर ले गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर फिसल गई और हादसा हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस वाहन द्वारा पीछे से टक्कर मारने का आरोप सही नहीं है। सोनी ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों का मेडिकल भी कराया गया है। घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। इनमें एक वीडियो में पुलिसकर्मी घायल बच्चे को घटनास्थल से सुरक्षित ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल मामले में पीड़ित पक्ष और पुलिस के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। ऐसे में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, सीसीटीवी या वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी क्या भूमिका रही。
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बागेश्वर के जीआईसी भटखोला में प्रधानाचार्य हत्या बाद स्कूल में भय, उपस्थिति गिर गई

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर के जीआईसी भटखोला में प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की हत्या के छह दिन बाद भी स्कूल का माहौल सामान्य नहीं हो पाया है। छात्र-छात्राएं अब भी डरे हुए हैं, उपस्थिति घट गई है और पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय परिवार ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। 18 जुलाई को हुअ सनसनीखेज हत्या के बाद स्कूल में भय का माहौल बना हुआ है। कई विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। दिवंगत प्रधानाचार्य गणित भी पढ़ाते थे, जिससे इंटर के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। प्रभारी प्रधानाचार्य की नियुक्ति न होने से टीसी और अन्य जरूरी दस्तावेज जारी करने में भी दिक्कत आ रही है।
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