- Your PIN
- Trending
- Following
कुरुक्षेत्र में वंदे मातरम के अपमान पर भाजपा का कैंडल मार्च, कांग्रेस के विरोध
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में वंदे मातरम्’ के अपमान के आरोपों पर BJP पार्टी का कैंडल मार्च, कांग्रेस के खिलाफ जताया रोष कुरुक्षेत्र: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के दौरान कांग्रेस नेताओं के कथित तौर पर सम्मानजनक व्यवहार नहीं करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कुरुक्षेत्र में कैंडल मार्च निकालकर रोष प्रदर्शन किया。 कैंडल मार्च द्रोणाचार्य स्टेडियम से होते हुए, लघु सचिवालय स्थित शहीदी स्मारक पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में कैंडल लेकर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, युवा मोर्चा अध्यक्ष साहिल सुधा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की। बाइट : रमेश सैनी,भाजपा जिला अध्यक्ष, कुरुक्षेत्र बाइट : साहिल सुधा युवा मोर्चा अध्यक्ष0
0
Report
241124
मारपीट के आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज
Shahabad, Uttar Pradesh:कोतवाली क्षेत्र मे अलग अलग स्थानों पर मारपीट की घटना में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ग्राम कौहरिया निवासी के अनुसार उसकी भूमि पर रंजिश के चलते सुबह गांव निवासी अजय ने अपने भाई रोहित, राममूर्ति और अनिल के साथ मिलकर गाली गलौज करते हुए पीट कर घायल कर दिया। शोर करने पर आरोपी उसे जान से मार डालने की धमकी देकर चले गए। ग्राम रामपुर ह्रदय निवासी राजेश्वरी के अनुसार सुबह उसकी पुत्री सरस्वती अपने खीरे के खेत पर गई थी। गांव निवासी भानू ने रंजिशन अपनी पत्नी,पुत्र कौशल और मुनीश के साथ मिलकर उसकी पुत्री को लात घूंसो और डंडो से मारपीट कर घायल कर दिया। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय ने बताया रिपोर्ट दर्ज की गई है।0
0
Report
241124
बैठक में किसानों समस्याओं पर चर्चा हुई
Shahabad, Uttar Pradesh:विकासखंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत जलालपुर के मजरा हुसैनापुर में रविवार को दोपहर तीन बजे किसान बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान को लेकर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन की ओर से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही गई। बैठक में किसान नेता सत्यवीर सिंह सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे। क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।0
0
Report
Advertisement
243201
गांव-गांव पहुंची आजाद समाज पार्टी की बैठकें, संगठन मजबूती पर दिया जोर
Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। आज दिनांक 16 अगस्त 2026 को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क एवं बैठकों का आयोजन किया गया। पार्टी पदाधिकारियों ने हरेरपुर, पचपेड़ा, गवारी, मिंतरपुर और पूरेनिया समेत कई गांवों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से संवाद किया। बैठकों में बहेड़ी विधानसभा प्रभारी नवल किशोर मौर्य ने कार्यकर्ताओं को संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही समाज की आवाज को मजबूती से आगे ले जाने का माध्यम है। इस दौरान भीम आर्मी जिला अध्यक्ष महेंद्र पाल सागर, विधानसभा अध्यक्ष आकाश सागर, भीम आर्मी विधानसभा अध्यक्ष सुरेंद्र बौद्ध, दक्ष गौतम, विधायक सचिव अनिल आजाद, कुलदीप आजाद, प्रताप, फहीम, बादल सागर, विष्णु सागर, राहुल आजाद सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। गांवों में हुई बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। पदाधिकारियों ने आगामी कार्यक्रमों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी कार्यकर्ताओं से चर्चा की तथा पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।0
0
Report
हाड़ौती के वरिष्ठ गीतकार दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन, साहित्य जगत में शोक
Kota, Rajasthan:हाड़ौती के ख्यात गीतकार और वरिष्ठ कवि दुर्गादान सिंह गौड़ के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। दुर्गादान सिंह गौड़ हाड़ौती गीत परंपरा के अतिसम्मानित रचनाकारों में शामिल रहे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हाड़ौती भाषा, लोकजीवन और मानवीय संवेदनाओं को साहित्यिक पहचान दिलाई। उनकी पहली प्रकाशित गीत-पुस्तक ‘पाणी में चांद घुळै छै’ ने उन्हें हाड़ौती साहित्य में विशिष्ट पहचान दी। ‘गोरी गोरी गजबण’ जैसे गीतों से उन्हें मंचीय लोकप्रियता भी मिली। उनकी रचनाओं में प्रेम, श्रृंगार, ग्रामीण जीवन, प्रकृति, सामाजिक सरोकार और लोक संस्कृति के विविध रंग दिखाई देते हैं। पांच दशक से अधिक लंबी उनकी साहित्यिक यात्रा में उन्होंने हाड़ौती को केवल बोली नहीं, बल्कि प्रभावशाली साहित्यिक अभिव्यक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन को हाड़ौती साहित्य की बड़ी क्षति माना जा रहा है। साहित्यकारों और रचनाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।0
0
Report
