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चंद्रपुर के चिमूर में स्कूल में सर्पज्ञान जागरूकता कार्यक्रम शुरू

Chandrapur, Maharashtra:टायटल: आश्रमशाळेतील सर्पदंश घटनेने चंद्रपूर जिल्ह्यातील चिमूर येथे शाळेत सर्पज्ञान जागृती कार्यक्रम राबविला जातोय। अँकर: आश्रमशाळेतील सर्पदंश आणि 3 विद्यार्थिनींच्या मृत्यूच्या घटनेनंतर चंद्रपूर जिल्ह्यातील चिमूर येथे शाळेत सर्पज्ञान जागृती कार्यक्रम राबविला जात आहे। चंद्रपूर जिल्ह्यातील चिमूर तालुक्यातील आंबोली येथील याच धर्तीवर राजाराम पाटील वारजुकर विद्यालयात तरुण पर्यावरणवादी मंडळ शंकरपूरच्या वतीने सर्पज्ञान आणि अंधश्रद्धा या विषयावर जनजागृती कार्यक्रम आयोजित करण्यात आला। चंद्रपूरचे मानद वन्यजीव रक्षक अमोद गौरकर यांच्या पुढाकाराने आयोजित या कार्यक्रमात सर्पमित्र विजय गजभे यांनी सापाची ओळख, सापाचे प्रकार विषारी, सापापासून बचाव या विषयावर मार्गदर्शन केले.
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पानी की बर्बादी पर महापालिका ने 10 हजार जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई शुरू की

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगर शहरात नागरिकांना पिण्याच्या पाण्यासाठी ८ ते १० दिवसांची प्रतीक्षा करावी लागत असताना दुसरीकडे पाण्याचा मोठ्या प्रमाणात अपव्यय होत असल्याचे चित्र आहे. अनेक ठिकाणी घरातील पाण्याच्या टाक्या भरल्यानंतरही नळ सुरूच राहिल्याने पाणी רस्त्यावर वाहून जाते. या प्रकाराला आळा घालण्यासाठी आता महानगरपालिकेने थेट दंडात्मक कारवाई सुरू केली आहे. मनपा आयुक्त पैठण गेट परिसरातून जात असताना त्यांना एका घरातून मोठ्या प्रमाणात पाणी रस्त्यावर वाहत असल्याचे निदर्शनास आले. रहिवासी   देशमुख यांच्या घरातील पाण्याची टाकी भरल्यानंतरही नळ बंद करण्यात आला नव्हता. त्यामुळे मोठ्या प्रमाणात पिण्याचे पाणी रस्त्यावर आणि गटारीत वाया जात होते. या प्रकाराची गंभीर दखल घेत आयुक्त अमोल येडगे यांनी संबंधित नागरिकावर १० हजार रुपयांचा दंड आकारण्याचे निर्देश दिले. पाण्याचा अपव्यय करणाऱ्यांविरोधात यापुढेही अशाच प्रकारची कारवाई केली जाणार असल्याचा स्पष्ट संदेश मनपाकडून देण्यात आला आहे.
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त्योहार से पहले राजनांदगांव में मिलावट के खिलाफ खाद्य विभाग की भारी कार्रवाई

Rajnandgaon, Chhattisgarh:रक्षा बन्धन त्यौहार को देखते हुए राजनांदगांव जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। शहर सहित जिले की मिठाई दुकानों और दूध डेयरियों में विभाग की टीम पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है। इस दौरान दूध, पनीर, खोवा और छेने से तैयार होने वाली मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खाद्य विभाग की विशेष नजर पनीर की गुणवत्ता पर है। अधिकारियों द्वारा डेयरियों और मिठाई दुकानों से पनीर के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि लैब जांच में किसी प्रतिष्ठान का पनीर एनालॉग पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फूड एंड सेफ्टी विभाग के अधिकारी तरुण बिरला ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा लगातार जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रक्षा बंधन के पहले खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से शहर की मिठाई दुकानों और डेयरियों में हड़कंप मचा हुआ है। आने वाले दिनों में भी विभाग की जांच कार्रवाई जारी रहने की बात कही जा रही है। ऐसे में त्योहारी सीजन में ग्राहकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दुकानदारों पर भी है।
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एमपी के किसानों के लिए ई-टोकन से खाद यूरिया 24 घंटे में मिलेगी

Damoh, Madhya Pradesh:किसानों में खुशी की लहर, खाद यूरिया के लिए ई टोकन से हुई आसानी... एंकर/ एमपी के किसानों को अब खाद और यूरिया के लिए भटकना नहीं पड़ रहा बल्कि 24 घंटों के अंदर उनकी मांग के मुताबिक उन्हें खाद मिल रहा है। किसानों को खेती में आसानी लाने और सहज सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र और प्रदेश सरकारें लगातार कोशिशें कर रही है तो अब एमपी के किसानों के लिए सूबे की सरकार ने सौगात देते हुए किसानों को खाद यूरिया के लिए ई विकास पोर्टल से जोड़कर नई व्यवस्था लागू की और इसे ई टोकन का नाम दिया गया है। ये व्यवस्था दूसरे चरण की व्यवस्था है और इसमें कई सुधार भी हुए है। इस ई टोकन के तहत अब किसान घर बैठे ही अपना रजिस्ट्रेशन ई विकास पोर्टल पर करके अपनी मांग के अनुरूप खाद की डिमांड भर सकता है और विभिन्न खाद वितरण केन्द्रों पर इसकी उपलब्धता को देखते हुए किसान को उतने बेग का टोकन दिया जाएगा और इस टोकन को लेकर खाद वितरण केन्द्रों पर जाकर किसान आसानी से यूरिया खाद ले रहे है। ई टोकन व्यवस्था में कई आमूल चूल परिवर्तन भी किए गए है और टोकन मिलने के 24 घंटे के भीतर किसान को खाद यूरिया मिल जाएगा। बेहद आसान इस व्यवस्था का किसान लाभ लेने लगे हैं और अब किसानों को कतार में भी नहीं लगना पड़ा बल्कि किसी निजी दुकान में जाने जैसा अनुभव इन्हें हो रहा है और किसानों के चेहरों पर आई मुस्कान ये बता रही है कि किसान की परेशानी अब दूर हो गई है। लंबी कतारों से मिली मुक्ति के बाद किसान अब दोहरी मेहनत अपने खेतों में कर सकेगा और फसल की अच्छी पैदावर के लिए उसे पर्याप्त खाद यूरिया भी मिलेगा, इस व्यवस्था को लेकर आला अधिकारी भी वितरण व्यवस्था के दुरुस्त होने की उम्मीद जता रहे है और सरकार द्वारा की जा रही कोशिशों को किसान हित की पहल बता रहे हैं। खेती किसानी में कड़ी मेहनत मशक्कत करने वाले किसानों को भटकने के साथ लाइनों से मुक्ति का रास्ता खुला है और जब खेत लहलहाएंगे तो किसान की खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।
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बेगूसराय के मटिहानी में गंगा का रौद्र रूप, बाढ़ का खतरा बढ़ा

Begusarai, Bihar:बेगूसराय के मटिहानी में गंगा का रौद्र रूप लगातार देखने को मिल रहा है। वहीं गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के सिहमा इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। और गंगा के पानी आने के बाद सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब कर क्षतिग्रस्त हो गया है। वही गंगा का पानी आने के बाद सिहमा दियारा से लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। गंगा का पानी अब गांव की ओर बढ़ रहा है, इसके बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, गंगा आने के बाद सैकड़ों एकड़ फसल नदी में समा चुकी है। खेतों में लगी फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के सिहमा गंगा घाट की हैं, जहां पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में पानी गांव की ओर प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। वहीं, खेतों में लगी फसल भी पानी में डूबने से बर्बाद होने की कगार पर है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है, उससे आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है और अब गांव की ओर प्रवेश कर चुका है। पिछले साल भी गंगा के पानी ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी। इस बार भी जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को बड़ी बाढ़ की आशंका सता रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, अगर गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ सकती है। सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है, जिनके घर और खेत नदी के आसपास हैं। फिलहाल ग्रामीण गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से राहत एवं बचाव की तैयारी करने की मांग कर रहे हैं।
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