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कपिल देव अग्रवाल: नेम प्लेट से कावड़ यात्राओं में भ्रम रोकना जरूरी

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:नेम प्लेट पर योगी के मंत्री का बयान ( कावड़ यात्रा शुरू होने से ठीक पहले फिर गर्माने लगा नेम प्लेट का मुद्दा, पिछली कावड़ यात्रा में नेम प्लेट को लेकर हुआ था बड़ा विवाद, इस बार यूपी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नेम प्लेट पर दिया बड़ा बयान, किसी ढाबे रेस्टोरेंट पर ऐसा नाम अंकित ना हो जिसके कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो, होटल पर नाम लिखा हो गणेश ढाबा और अंदर नॉनवेज मिलता हो वह विवाद का कारण बनता है ये चीज ना पहले बर्दाश्त हुई है और ना आगे बर्दाश्त होगी, अगर कोई नॉनवेज का होटल है तो वह उस पर नॉनवेज लिखें।) एंकर - 30 जुलाई से सावन मास की कावड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक बार फिर से कावड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल रेस्टोरेंट और खान-पीन की दुकानों पर नेम प्लेट का मुद्दा गर्माने लगा है। इस बार योगी सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नेम प्लेट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहां है कि ये मुद्दा कावड़ का विषय नहीं है बल्कि यह 12 महीने का विषय है जो ये मार्ग है ये हरिद्वार ऋषिकेश गोमुख बद्रीनाथ केदारनाथ जाता है उत्तराखंड के अंदर इतने सारे तीर्थ स्थल है जहां पर लोग जाते हैं। इसलिए ऐसे समय में जो लोग जाते हैं परिवार के साथ कम से कम अगर वे किसी ढाबे किसी रेस्टोरेंट पर रुकते हैं तो उस पर ऐसा नाम ना अंकित हो जिसके कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो पिछली बार कई प्रकार के विवाद हुए हैं माहौल थोड़ा तनावपूर्ण भी हुआ था। इसलिए ढाबे और रेस्टोरेंट वाले ऐसा कोई नाम अपने ना रखें कि बाहर कुछ हो और अंदर नॉनवेज बेचते हो इसलिए जो नॉनवेज बेचता है वे उसके ऊपर लिखे कि यहाँ नॉनवेज मिलता है। ताकि कोई भ्रम की स्थिति ना हो क्योंकि जब कोई व्यक्ति अपनी मां और बहन के साथ परिवार के साथ खाने के लिए जाता है और उसपर लिखा होता है गणेश ढाबा लेकिन अंदर नॉनवेज मिलता है तो वह विवाद का कारण बनता है यह चीज ना तो पहले बर्धाश्त हुई है और ना आगे बर्धाश्त होगी। आपको बता दे की हरिद्वार हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर लाखों करोड़ों शिव भक्त कावड़िए मुजफ्फरनगर जनपद से होकर ही दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए प्रस्थान करते हैं। इसलिए ऐसे में यहां के हिंदूवादी लोगों का मानना है की कावड़ यात्रा के दौरान होटल रेस्टोरेंट और खाने पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगी होनी चाहिए जिसपर यह लिखा हो कि ये दुकान किसकी है और क्या यहां पर मिलता है। बरहाल इस नेम प्लेट के मुद्दे को लेकर मंत्री कपिल देव अग्रवाल की माने तो देखिए सावन मास शुरू होने वाला है। और हम सब जानते हैं। हमारा सौभाग्य है। जनपद मुजफ्फरनगर का है। कि करोड़ों की संख्या में अनंत संख्या है। कोई दो करोड़, कोई चार करोड़, कोई 10 करोड़ पता नहीं कितने कावड़िया होते हैं। और सब जानते हैं। उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला सबसे बड़ी यात्रा शिवभक्त कावड़ियों की होती है। गोमुख से हरिद्वार से लोग जल लेकर के यहां से मुजफ्फरनगर, हरियाणा, राजस्थान,दिल्ली, और बहुत-बहुत दूर तक लोग जाते हैं। 300, 400,500 किलोमीटर तक और जल भी अनलिमिटेड 10 लीटर से लेकर 100 लीटर ढाई सौ लीटर 300 लीटर जल लेकर के लोग चलते हैं। और मुजफ्फरनगर उनकी पलक पाउडी बिछा करके स्वागत अभिनंदन करता है। जिलाधिकारी और हमारे एसएसपी मुजफ्फरनगर उनको हमने कहा है। सभी जनप्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाए। सभी सम्मानित विधायक सांसदगण हो, अन्य जनप्रतिनिधियों नगर पालिका टाउन एरिया हो क्योंकि उनके पास भी बड़ी जिम्मेदारी होती है। और सब लोग मिलकर ताल-मेल मिलाकर समन्वय स्थापित करें। ताकि किसी प्रकार की असुविधा ना हो कई बार कावड़िया जब आती हैं। तो बड़ी-बड़ी कावड़िया आ जाती हैं। उसके कारण से भी कहीं ना कहीं नगर में दिक्कतें हो सकती हैं। अच्छा है। सब चीज मर्यादित हो और जो निर्देश शासन का होता है। उसका सब लोग पालन भी करें ।और शासन प्रशासन के अधिकारियों से हमने कहा है। आगे मीटिंग में भी हम लोग बातचीत करेंगे। की कावड़ियों की जो भावनाएं हैं। उनका सम्मान रखने की जिम्मेदारी भी हमारे अधिकारियों की होती है। उसी के क्रम में मैंने कहा है। सभी माननीय विधायकों को और सांसदों को बुला करके नगर पालिकाओं को और उनका भी कोई सुझाव होता है। तो उसको भी आगे भी मेनूप्लेट करें। हमारे पूरा प्रयास है। कि विवाद ना हो पिछली बार हुआ था। कहा गया था। की यह कावड़ का विषय नहीं है। यह विषय 12 महीने का है। जो यह मार्ग है। हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख बद्रीनाथ की, केदारनाथ जी और पूरे उत्तराखंड के अंदर इतने सारे तीर्थ हैं। उन सबके लिए रहता है। गंगोत्री ,यमुनोत्री के लिए लोग जाते हैं। तो परिवार के लिए जो लोग हिंदुओं के अंदर भी शाकाहारी नहीं है। वह भी अगर पवित्र यात्रा पर जाते हैं। तो वह भी शाकाहारी हो जाते हैं। तो ऐसे समय में जो लोग जाते हैं। परिवार के साथ कम से कम किसी ढाबे पर किसी रेस्टोरेंट पर ऐसा नाम ना अंकित हो। जिसके कारण से भग की स्थिति ना हो। इसमें पिछली बार कई प्रकार के विवाद हुए। एक माहौल थोड़ा तनाव पूर्ण हुआ। और मेरा अग्रिम स्वभाव सबको है। ढाबे वाले और रेस्टोरेंट वालों से कोई ऐसा नाम अपने ना रखें अगर कोई नॉनवेज बेचता है। तो उसके ऊपर लिखे। कि मेरे यहां नॉनवेज मिलता है। ताकि कोई भ्रम की स्थिति ना हो। जब कोई व्यक्ति अपनी मां के साथ बहन के साथ परिवार के साथ होता है। और गणेश ढाबा लिखा हुआ है। उसके अंदर नॉनवेज मिलता है तो वह विवाद का कारण बढ़ता है। यह चीज ना पहले बर्दाश्त हुई है। और ना आगे बर्दाश्त हुई मेरा सभी से अनुरोध भी है। प्रशासन को मेरा निर्देश है। की इन चीजों की पहले से देखभाल करने ताकि इसकी पूर्ववर्ती ना हो। और किसी प्रकार का तनाव का माहौल ना बने। बाइट - कपिल देव अग्रवाल ( स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री - उत्तर प्रदेश )
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किन्नौर में भारी बारिश से मकान डूबे, पुल टूटने का खतरा बढ़ा

Dhar Chhiling Khola, Himachal Pradesh:जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार जारी भारी बारिश से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। लिप्पा खड्ड में आए तेज उफान के कारण लिप्पा बस स्टैंड के पास मकान बाढ़ के पानी में एक मंजिल तक पूरी तरह डूब गया। आसपास के कई मकानों के लिए भी खतरा बढ़ गया है और लोग दहशत में हैं। बाढ़ के तेज बहाव से भारी भूमि कटाव हो रहा है, जिससे सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उधर सांगला घाटी में भी सांगला बस अड्डे के समीप टोंगटोंगचे नाले में आई बाढ़ के कारण पिछले वर्ष स्थापित किया गया वेली ब्रिज ढह गया। गौरतलब है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने कल इस पुल को असुरक्षित घोषित कर दिया था। फिलहाल किन्नौर में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
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