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नवाबगंज थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म, दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। छात्रा बकरी चरा रही थी तभी दो युवकों ने उसे गन्ने के खेत में खींचकर दुष्कर्म किया।छात्रा की मां की तहरीर पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। घटना की जानकारी पड़ोसी लड़के ने दी, जो छात्रा के साथ खेतों में था। मां कुछ दूरी पर घास काट रही थीं। मौके पर पहुंचने पर दोनों आरोपी भाग निकले। छात्रा बदहवास हालत में मिली। मां ने पुलिस को तहरीर दी।एसएसपी, एसपी उत्तरी, सीओ नीलेश मिश्रा और इंस्पेक्टर अरुण कुमार मौके पर पहुंचे एसएसपी अनुराग आर्य ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।एक आरोपी के दूसरे समुदाय से होने की चर्चा भी हो रही है। पुलिस जांच जारी है0
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दो सभासदों की ‘सेंटिंग कराने में चर्चा’ और चैयरमेन खामोश,जमीन पर रातों-रात निर्माण कराया
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पँडित शामली योगी राज में कब्जे का खेल या सिस्टम की चुप्पी? करोड़ों की बताई जा रही जमीन पर रात में निर्माण, जिला स्तर पर हलचल और नगर पंचायत में सन्नाटा—आखिर किसके इशारे पर चली ईंट-गारा की गाड़ी? शामली जनपद के थानाभवन में सरकारी जमीन पर कब्जा होकर बिल्डिंग खड़ी की जा रही है।और स्थानीय जिम्मेदारों को खबर तक न हो—यह सवाल जितना सीधा है, मामला उतना ही पेचीदा होता जा रहा है।कस्बे के दिल्ली-सहारनपुर मार्ग किनारे वर्षों से सरकारी बताई जा रही जमीन पर रातों-रात निर्माण खड़ा होने के बाद अब चर्चा सिर्फ कब्जे की नहीं, बल्कि उस निर्माण के पीछे कथित संरक्षण और स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वालों की भूमिका को लेकर भी है। स्थानीय चर्चाओं में दो प्रभावशाली सभासदों के नाम उछल रहे हैं, जबकि नगर पंचायत की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जब मामला जिला स्तर के अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा और कार्रवाई की हलचल शुरू हुई, तब तक निर्माण काफी आगे बढ़ चुका था। ऐसे में जनता पूछ रही है—जब सरकारी जमीन की पहचान और संरक्षण की जिम्मेदारी व्यवस्था के पास थी, तो रात में चलता निर्माण तंत्र की नजर से कैसे बच गया? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि दो नगर पंचायत के सभासदों की कथित भूमिका निर्माण को लेकर सवालों के घेरे में है। वही आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि उनके स्तर से निर्माण को सहयोग अथवा संरक्षण मिला। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सभासदों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि जांच में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो निर्माण कराने वालों के साथ-साथ कथित संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच होगी या नहीं? अध्यक्ष की चुप्पी… कहीं ‘कलम’ बचाने की कोशिश तो नहीं? मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। नगर पंचायत क्षेत्र में सरकारी बताई जा रही भूमि पर रातों-रात निर्माण खड़ा हो जाए और पालिका स्तर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने न आए, तो सवाल तो बनता है।वही स्थानीय लोग पूछ रहे हैं—चैयरमेन, जब जमीन सरकारी बताई जा रही थी तो निगरानी किसकी थी? निर्माण की भनक कब लगी? और अब कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है? हालांकि चैयरमेन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनकी चुप्पी को किसी निष्कर्ष से जोड़ना उचित नहीं होगा, लेकिन जनता के सवालों का जवाब देना ही शायद सबसे सुरक्षित ‘कलम’ है। वही अब गोर करने वाली बात है।कि पूरे मामले में राजस्व अभिलेखों की जांच उच्च स्तर से होती है तो, मौके की पैमाइश और निर्माण की वैधता सबसे अहम है। यदि भूमि सरकारी पाई जाती है और निर्माण अवैध साबित होता है तो प्रशासन को केवल निर्माण हटाने तक सीमित न रहकर यह भी जांचना चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई रातों-रात कैसे हो गई और जिम्मेदार विभागों को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। फिलहाल जिला स्तर पर मामले को लेकर कार्रवाई की हलचल के बीच थानाभवन की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में एक ही सवाल तैर रहा है—सरकारी जमीन पर रातों-रात निर्माण खड़ा हुआ तो ईंटें लगाने वालों से पहले यह पता चलेगा कि उन्हें हौसला देने वाला कौन था?0
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अज्ञात वाहन ने मारा टक्कर युवक की मौत
Bbrasi, Uttar Pradesh:चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र के मोहरगंज पुलिस चौकी अंतर्गत सुरतापुर पथरा गांव के समीप बीती रात एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक सुनील विश्वकर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार को घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। परिजनों के अनुसार फुटियां चंदौली निवासी सुनील विश्वकर्मा पेशे से बढ़ई का काम करते थे और परिवार के अकेले कमाऊ सदस्य थे। सोमवार शाम वे अपने ननिहाल देवरापुर गए थे वह देर रात अपनी बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुरतापुर पथरा गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह राहगीरों ने सड़क किनारे शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी शादी धानापुर के अमरा गांव निवासी गुड़िया देवी से हुई थी। इनके दो बेटो 5 वर्षीय सूर्या और 6 माह के मासूम हैं। घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की असमय मौत से माता आशा देवी, पिता बुल्लू विश्वकर्मा,पत्नी गुड़िया,भाइयों सचिन,राजकुमार अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बलुआ थाना उपनिरीक्षक अनन्त भार्गव ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे ग्रामीणों द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास लगे सीसी फुटेज कैमरों को खंगाले जा रहे हैं, जल्द ही अज्ञात वाहन का पता लगाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।0
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झाँसी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में निकली भव्य तिरंगा यात्रा..
Jhansi, Uttar Pradesh:महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, झाँसी में प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर कुमार एवं उप-प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह के कुशल मार्गदर्शन में तिरंगा वितरण एवं भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। देशभक्ति एवं राष्ट्र गौरव की भावना से ओत-प्रोत इस तिरंगा यात्रा में लगभग 521 एमबीबीएस, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लिए विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ राष्ट्रप्रेम एवं एकता का संदेश दिया। इस कार्यक्रम का आयोजन महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज की सोशियो-कल्चरल सोसायटी के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सोशियो-कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. ओम शंकर चौरसिया, उपाध्यक्ष डॉ. आराधना कनकने, एन.एम.ओ. कानपुर प्रांत के सचिव डॉ. सुनील पांडेय एवं सोशियो-कल्चरल सोसायटी के सचिव प्रियांश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली। यात्रा ने राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा चिकित्सा विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उन्हें देश की एकता, अखंडता एवं गौरव के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा। “हर हाथ में तिरंगा, हर दिल में हिंदुस्तान” के भाव के साथ आयोजित यह तिरंगा यात्रा महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की एक अनुपम झलक प्रस्तुत करती रही।0
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औरैया जंजीरों में जकड़ा देवकली धाम पहुंचा संदीप, अनोखे अंदाज में दिया बुराई छोड़ने का संदेश
Auraiya, Uttar Pradesh:यूपी के औरैया जनपद में भगवान भोलेनाथ का अनोखा भक्त पहुंचा देवकली मंदिर , कैदियों की वेशभूषा के साथ हाथ और पैरों में जंजीरो से जकड़ा हुआ संदीप एक कैदी की तरह पहुंचा देवकली धाम , भगवान शिव की भक्ति के साथ सामाजिक जागरूकता का एक अनोखा संदेश देखने को मिला। सदर ब्लॉक के चिरहूली गांव निवासी संदीप गुप्ता मंगलवार को देवकली धाम पहुंचे, लेकिन उनका अंदाज देखकर हर कोई हैरान रह गया। संदीप कैदी की वेशभूषा में थे और उनके हाथ-पैर जंजीरों से बंधे हुए थे। उनका यह रूप सिर्फ आकर्षण का हिस्सा नहीं था, बल्कि समाज को बुराइयों से दूर रहने का संदेश देने का एक अनोखा प्रयास था। संदीप गुप्ता का कहना है कि जिस तरह अपराध करने वाला व्यक्ति जेल की चारदीवारी और बेड़ियों में कैद हो जाता है, उसी तरह इंसान जब नशे, अपराध और दूसरी सामाजिक बुराइयों के रास्ते पर चलता है, तो धीरे-धीरे उन्हीं बुराइयों का गुलाम बन जाता है। इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए संदीप ने कैदी का रूप धारण किया और हाथ-पैरों में जंजीरें बांधकर कांवड़ यात्रा शुरू की। शनिवार को वह इसी अनोखे रूप में कांवड़ लेकर श्रृंगी बिठूर पहुंचे थे। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने देवकली धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। देवकली धाम पहुंचते ही संदीप का अनोखा रूप श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गया। मंदिर परिसर में मौजूद लोग उन्हें देखने के लिए जुटने लगे। कई लोगों ने उनके इस संदेश को ध्यान से सुना और समाज में फैली बुराइयों से दूर रहने की बात कही। संदीप ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि नशा, अपराध और गलत संगत इंसान की जिंदगी को बर्बाद कर सकती है। उन्होंने लोगों से धर्म, सदाचार और ईश्वर की भक्ति के रास्ते पर चलने की अपील की। संदीप का कहना है कि जेल का जीवन बेहद कठिन होता है और कोई भी व्यक्ति जानबूझकर उस स्थिति में नहीं पहुंचना चाहता। इसलिए जरूरी है कि जिंदगी में ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे परिवार और समाज के साथ-साथ खुद का भविष्य भी बर्बाद हो। उनके मुताबिक जंजीरें केवल हाथ-पैरों को ही नहीं बांधतीं, बल्कि बुरी आदतें भी इंसान को मानसिक और सामाजिक रूप से बांध देती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने भगवान शिव के दरबार से लोगों को बुराइयां छोड़ने का संदेश दिया। देवकली धाम में संदीप का यह अनोखा अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। भक्ति, कांवड़ यात्रा और सामाजिक जागरूकता को जोड़कर दिए गए इस संदेश की श्रद्धालुओं ने सराहना की। संदीप का कहना है कि अगर उनका यह प्रयास किसी एक व्यक्ति को भी नशे या अपराध से दूर कर अच्छे रास्ते पर ले आता है, तो उनका उद्देश्य सफल माना जाएगा।0
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