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KDKamesh Dwivedi Follow6 Jan 2025, 06:38 am

आजादी के दीवानों की चीख का गवाह है महाकुंभ नगरी प्रयागराज का फांसी इमली, जानें आखिर क्या है इसका इतिहास?

Prayagraj, Uttar Pradesh:

प्रयागराज। आज भारत को आजाद हुए 78 साल हो चुके हैं, और आजादी से जुड़ी आप सबने तमाम कहानियों को सुना व पढ़ा होगा. बहुत से क्रांतिकारियों के निशान आज भी कहीं ना कहीं स्मारकों और प्रतीकों के रूप में जीवित हैं. आजादी के दीवानों ने अंग्रेजों से आजादी पाने के लिए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की और फांसी के फंदे तक को हंसते हुए गले लगा लिया. आज महाकंप्रयागराज के ऐसे ही एक इमली के पेड़ का इतिहास जानेंगे, जिसने सैकड़ों बलिदानों की चीख सुनी है.

 

अंग्रेजों की क्रूरता का गवाह फांसी इमली का इतिहास
महाकुंभ नगरी प्रयागराज जो धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, इस धर्म की नगरी में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. यह सिर्फ धार्मिक तक ही नहीं सीमित है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के लिए भी इस जगह से आजादी की अलख जगी. 


फांसी इमली का पेड़ प्रयागराज के सुलेमसराय में स्थित है, जो गढ़वा मोड़ पर मौजूद है. इसे अंग्रेजी सरकार ने क्रांतिकारियों को सजा देने के लिए फांसी का स्थल बना रखा था. इस पेड़ पर 1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों ने सैकड़ों क्रांतिकारियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया था, जिनके बलिदानों की चीख आज भी प्रयागराज की मिट्टी में गूंजती है. फर्जी मुकदमा चलाकर भारतीयों को फंसा कर अंग्रेज उन्हें फांसी दे दिया करते थे.

 

आज का ये ऐतिहासिक पेड़
आज भी वहां उस पेड़ की कुछ सहयोगी पेड़ मौजूद हैं, जो लोगों को प्रेरणा देने का काम करती है. आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अपना सब कुछ बलिदान कर दिया. ये पेड़ स्वतंत्रता संग्राम की यादों को ताजा करने का एक स्थल है.

 

महाकुंभ में 40 करोड़ की आबादी प्रयागराज पहुंचने वाली है और जिसमें लोग प्रयागराज की धरती से पनपे स्वतंत्रता का इतिहास और धार्मिकता को करीब से जानने का प्रयास करेंगें. इसलिए ये फांसी इमली का पेड़ आजादी के प्रतीक के रूप में भारतीयों को प्रेरणा देने का काम करता रहेगा.

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2027 विधानसभा चुनाव तैयारियाँ तेज, 18 जिलों की समीक्षा मेरठ में

मेरठ. उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त श्री मनीष गर्ग एवं आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने मेरठ आ रहे हैं। यह अहम समीक्षा बैठक दिनांक 02 नवम्बर, 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे जनपद मेरठ स्थित ऊर्जा भवन, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, जेल चुंगी रोड, साकेत में आयोजित होगी। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार मंडलों - मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद एवं अलीगढ़ मंडलों के अंतर्गत आने वाले 18 जनपदों में निर्वाचन तैयारियों की गहन समीक्षा की जाएगी。 इन 18 जनपदों की होगी समीक्षा - मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, सम्भल, अलीगढ़, एटा, हाथरस एवं कासगंज。 बड़े अधिकारी रहेंगे मौजूद - बैठक में संबंधित मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक, सभी जिला निर्वाचन अधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक प्रतिभाग करेंगे。 बताया गया है कि बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जनपदों में निर्वाचन तैयारियों से जुड़ी प्रगति, कानून-व्यवस्था, मतदाता सूची पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, EVM-VVPAT की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। आयोग के अधिकारी बूथ लेवल की तैयारियों, संवेदनशील मतदान केंद्रों और सुरक्षा प्लान की भी समीक्षा करेंगे। 2027 चुनाव से पहले यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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बैतूल की ब्रह्मचारिणी दीदी ने जज की तैयारी छोड़ साध्वी बनने का लिया संकल्प

Betul, Madhya Pradesh:जिस बेटी ने अपनी मेहनत से जज बनने का सपना साकार किया,जिसके हाथों में जल्द ही लोगों को न्याय देने की जिम्मेदारी आने वाली थी,उसी बेटी ने जज की कुर्सी पर बैठने से पहले सांसारिक सुखों का त्याग कर संयम और वैराग्य का मार्ग चुन लिया,जी हां यह कहानी है मध्य प्रदेश के बैतूल की बेटी ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी की। जिन्होंने जज की परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद साध्वी बनने का संकल्प लिया है। बेटी के इस फैसले पर परिवार ने उसे ऐसी भव्य विदाई दी कि पूरा शहर इस अनूठे आयोजन का साक्षी बन गया। बैतूल की सड़कों पर आस्था,भक्ति और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैन समाज की पांच दीक्षार्थी बहनों की जैनेश्वरी दीक्षा से पहले भव्य बिनौली चल समारोह निकाला गया। इनमें बैतूल की नगर गौरव ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी भी शामिल रहीं। इस आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा रही प्रखरश्री दीदी की, जिन्होंने जज बनने की परीक्षा क्वालीफाई कर ली थी और जॉइनिंग से पहले ही सांसारिक जीवन छोड़कर महावीर के बताए मार्ग पर चलने का फैसला कर लिया। परिवार ने अपनी लाडली बेटी को विदाई देने के लिए शाही इंतजाम किए। विंटेज कारों का काफिला,आकर्षक शाही बग्घियां और उदयपुर से आए बैंड की धुनों के बीच पांचों दीक्षार्थी बहनों की भव्य बिनौली निकाली गई। रास्तेभर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर जयकारों के साथ बहनों का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग और दूर-दराज से आए श्रद्धालु शामिल हुए। चल समारोह जैन दादावाड़ी पहुंचा,जहां पांचों दीक्षार्थी बहनों की गोदभराई की पारंपरिक रस्म निभाई गई। प्रखरश्री दीदी का कहना है कि माता-पिता का सपना था कि वह एक बार जज की परीक्षा क्वालीफाई करें। उन्होंने यह सपना पूरा किया,लेकिन बचपन से ही उनके मन में वैराग्य की भावना थी। उनका मानना है कि महावीर के मार्ग पर चलकर वह समाज की बेहतर सेवा कर सकेंगी। रंगोली दीदी ने बताया कि यह हर बेटी की अंतिम सांसारिक विदाई जैसा भावुक पल है। अभी उन्होंने रंगीन वस्त्र धारण किए हैं,लेकिन दीक्षा के बाद सफेद वस्त्रों में संयम का जीवन शुरू होगा। बैतूल सकल जैन समाज के सहयोग से आयोजित इस भव्य समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जीवन में सफलता की परिभाषा हर किसी के लिए अलग हो सकती है। किसी के लिए ऊंचा पद और प्रतिष्ठा मंजिल है,तो किसी के लिए त्याग,तपस्या और आत्मकल्याण सर्वोच्च लक्ष्य। पाँचों दीक्षार्थी बहनें 22 नवंबर को जैनेश्वरी दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन से विदा होंगी। बैतूल की सड़कों पर निकली यह बिनौली सिर्फ एक शोभायात्रा नहीं,बल्कि त्याग,आस्था और वैराग्य की एक यादगार तस्वीर बन गई।
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जौनपुर में यातायात माह शुरू, स्कूलों में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियम सिखाए जाएंगे

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में यातायात माह का आगाज, एसपी ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना एनसीसी कैडेट्स और यातायात पुलिस संभालेंगे जागरूकता की कमान, स्कूलों में विद्यार्थियों को बताए जाएंगे सड़क सुरक्षा के नियम जौनपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जनपद में यातायात माह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक एस. वीर सिंह ने जागरूकता rैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में यातायात पुलिस के जवानों के साथ एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यातायात माह के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पुलिस और एनसीसी कैडेट्स स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। बच्चों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा यातायात संकेतों का पालन करने की जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों को अपनी जिम्मेदारी समझें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें और शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे की हालत में वाहन न चलाएं। तेज rफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ police अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करेगी। तेज आवाज करने वाले वाहनों और नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करना है। यातायात माह के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों, मार्गों और शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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कलेक्टर ने एमसीएच वार्ड में आकस्मिक निरीक्षण से सफाई और नाश्ते की गुणवत्ता पर जोर

Shajapur, Madhya Pradesh:एंकर- शाजापुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर ने सोमवार को एमसीएच (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य) वार्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और महिलाओं एवं बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते की गुणवत्ता का जायजा लिया। नीरीक्षण के दौरान कलेक्टर को वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए। अस्पताल परिसर और वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े。 इसके साथ ही कलेक्टर ने एमसीएच वार्ड में भर्ती महिलाओं और बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले नाश्ते की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने स्वयं नाश्ते को चखकर उसकी गुणवत्ता का जायजा लिया। वहीं वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे चर्चा कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और किसी प्रकार की परेशानी के संबंध में जानकारी ली。 कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साफ-सफाई, भोजन और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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100 रुपये के विवाद में बेकसूर युवक जलकर घायल, मुलताई में सनसनीखेज मामला

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के मुलताई में महज 100 रुपये के विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि दो युवकों की दुश्मनी में एक बेकसूर जिंदगी आग की लपटों में घिर गई! परागेांव रोड पर राजेश परते पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर रूप से झुलसे राजेश को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर भोपाल रेफर करने की तैयारी की जा रही है। बताए जा रहा है कि सोनू देशमुख और अभिषेक के बीच पुरानी रंजिश चल रही है। राजेश परते, सोनू के लिए काम करता है। आरोप है कि अभिषेक ने राजेश को 100 रुपये दिए थे, इसी बात से सोनू नाराज हो गया। वह अभिषेक को निशाना बनाने निकला था,लेकिन रास्ते में राजेश मिल गया। आरोप है कि गुस्से में बौखलाए सोनू ने राजेश पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वहीं सोनू और अभिषेक के बीच जुए को लेकर विवाद होने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सवाल यह है कि आखिर महज 100 रुपये के विवाद में एक बेकसूर को इतनी खौफनाक सजा देने की कोशिश क्यों की गई।
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रीवा में ठंड ने दस्तक दी, अर्णव के असर से मौसम हुआ करवट बदला

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। विंध्य क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान अर्णव का असर कमजोर पड़ने के बाद अब रीवा संभाग में ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। मौसम में आए बदलाव के साथ हवाओं का रुख बदल गया है, वहीं तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह और देर शाम ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। कुछ इलाकों में सुबह के समय धुंध और कोहरे की स्थिति भी देखने को मिल रही है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से पिछले दिनों मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और शहडोल सहित आसपास के जिलों में मौसम का असर दिखाई दिया। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट आई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
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झाबुआ पुलिस ने 165 लापता युवक-युवतियों को परिजनों से मिलवाकर दिवाली की खुशियाँ लौटाईं

Ratlam, Madhya Pradesh:दिवाली... अपनों के साथ, अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने का त्योहार। लेकिन जब रोशनी के इस पर्व पर कोई अपना ही पास न हो, तो जगमगाते दीयों के बीच भी जिंदगी में अंधेरा महसूस होता है। ऐसे में सालों से बिछड़ा कोई अपना दिवाली के मौके पर परिवार के सामने लौट आए, तो इससे बड़ी खुशी और यादगार दिवाली क्या होगी। झाबुआ पुलिस ने इस बार 165 परिवारों की दिवाली को यादगार बनाने का सराहनीय काम किया है। दरअसल, अक्टूबर महीने में झाबुआ पुलिस ने 165 लापता युवक-युवतियों और बच्चों को तलाशकर उनके परिवारों तक पहुंचाया है। इनमें कई लोग साल 2019 से लापता थे। इनमें 88 प्रतिशत महिलाएं और युवतियां शामिल हैं। सालों के इंतजार के बाद अपनों की वापसी इन परिवारों के लिए किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं है। झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि इस अभियान में बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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मौलाना जार्जिश अंसारी के विवादित बयान से राजनीति गर्म, फिर चर्चा तेज

Noida, Uttar Pradesh:मौलाना जार्जिश अंसारी का बयान वायरल फिर दिया विवादित बयान आज भी खौफ का माहौल हमारे पास आता है और हो कर गुजर जाता है, जब इलेक्शन का जमाना आता है ना, इलेक्शन करीब आता है, अरे पता नहीं अगर ये सरकार फिर दोबारा आ गई तो फिर हमारे घर जलाए जाएंगे, बुलडोजर चलेंगे, हमारे घर तोड़े जाएंगे। खौफ کا माहौल होता है लेकिन उस वक्त भी हम बिखरे हुए होते हैं, अलग-अलग होते हैं। हमारी यूनिटी नहीं होती, हम एक प्लेटफॉर्म पर कायम नहीं होते। फिर वही होता है कि हमारे गलत फैसलों का फायदा कोई और उठा लेता है और उसके बाद में फिर वो माहौल हमारे यहाँ से गुजर जाता है। फिलिस्तीन के मुसलमानों पर जरा नजरें डालिए, खौफ का माहौल उनके पास चौबीस घंटे रहता है। अगर रात आ जाती है तो वो सुबह जिंदा उठने का तसव्वुर नहीं करते कि हम यकीन नहीं करते कि हम सुबह जिंदा उठेंगे। फिलस्तीन के लोगों पर नजर डालिए खौफ का माहौल 24 घंटे रहता है।रात हो जाती है तो यकीन नहीं करते कि सुबह जिंदा उठेंगे
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दिवाली के दौरान सिंधीकैम्प बस स्टैंड से 3–9 नवंबर तक बसें नहीं चलेंगी

Jaipur, Rajasthan:ऐसे तो एक सप्ताह के लिए बंद हो जाएगा सिंधीकैम्प बस स्टैंड ? दिवाली पर रोडवेज बसों के रूट को लेकर अजीबोगरीब आदेश。 ट्रैफिक पुलिस ने रोडवेज प्रशासन को जारी किया आदेश。 कहा, 3 से 9 नवंबर तक सिंधीकैम्प नहीं आएंगी रोडवेज बसें。 आगरा और दिल्ली रूट की बसें रोटरी सर्किल बस स्टैंड से चलेंगी。 अजमेर रूट की बसें हीरापुरा बस स्टैंड से संचालित होंगी。 टोंक रोड की बसें पुराना बाईपास क्लोवरलीफ के नीचे से चलेंगी。 सीकर रोड की बसें विद्याधर नगर स्टेडियम से होंगी संचालित。 डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक नूनावत ने दिए रोडवेज प्रशासन को निर्देश。 इस आदेश में सिंधीकैम्प बस स्टैंड से बसें नहीं चलाने के निर्देश。 सवाल यह कि शहर के यात्री आखिर बसें पकड़ेंगे कैसे ?
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गुना स्थापना दिवस: पन्नालाल शाक्य के तंज से सत्ता-लालसा पर राजनीति गरम

Morena, Madhya Pradesh:गुना गुना में स्थापना दिवस समारोह में विधायक के बोल से सियासी हलचल, कहावत की आड़ में सत्ता की चाह पर कसा तंज मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का संबोधन सुर्खियों में आ गया। गरिमामय सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने पुरानी कहावतों का जिक्र करते हुए उम्र, महत्वाकांक्षा और सत्ता की लालसा पर तीखा तंज कसा, जिसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। शहर के शुभ विदाई गार्डन में आयोजित समारोह में विधायक शाक्य ने अपने उद्बोधन की शुरुआत मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाओं और भारत भूमि की महिमा के बखान से की। इसी दौरान उन्होंने मंच से अधिकारियों और मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए एक पुरानी लोक-कहावत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुराने समय में तीन चीजوں को सबसे अधिक मूल्यवान माना जाता था - खूब दूध देने वाली गाय, अच्छी उपज देने वाली जमीन और कम उम्र की सुंदर कन्या। बुजुर्ग लोग इन तीनों के महत्व को अलग-अलग अंदाज में समझाते थे। इसी कहावत को आगे बढ़ाते हुए विधायक ने चुटकी लेते हुए कहा कि इंसान की उम्र चाहे कितनी भी हो जाए, भले ही उसके हाथ-पैर कांपने लगें, लेकिन उसकी कुछ इच्छाएं कभी खत्म नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां भजन-भक्ति करने की उम्र में लोग सत्ता के सिंहासन पर बैठने का सपना देख रहे हैं। हालांकि अपने पूरे संबोधन में विधायक ने किसी नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को सियासी गलियारों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मंच से कही गई यह बात अब चर्चा का मुख्य विषय बन गई है और कार्यक्रम की अन्य बातों पर भारी पड़ रही है। अपने संबोधन में विधायक ने सिर्फ तंज ही नहीं कसा, बल्कि एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में कई जगह मजदूरों को तय न्यूनतम मजदूरी से कम पैसा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर श्रमिक को सरकार द्वारा निर्धारित दर के अनुसार पूरा भुगतान मिले। बाइट - पन्नालाल शाक्य गुना विधायक
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