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KDKamesh Dwivedi Follow6 Jan 2025, 06:38 am

आजादी के दीवानों की चीख का गवाह है महाकुंभ नगरी प्रयागराज का फांसी इमली, जानें आखिर क्या है इसका इतिहास?

Prayagraj, Uttar Pradesh:

प्रयागराज। आज भारत को आजाद हुए 78 साल हो चुके हैं, और आजादी से जुड़ी आप सबने तमाम कहानियों को सुना व पढ़ा होगा. बहुत से क्रांतिकारियों के निशान आज भी कहीं ना कहीं स्मारकों और प्रतीकों के रूप में जीवित हैं. आजादी के दीवानों ने अंग्रेजों से आजादी पाने के लिए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की और फांसी के फंदे तक को हंसते हुए गले लगा लिया. आज महाकंप्रयागराज के ऐसे ही एक इमली के पेड़ का इतिहास जानेंगे, जिसने सैकड़ों बलिदानों की चीख सुनी है.

 

अंग्रेजों की क्रूरता का गवाह फांसी इमली का इतिहास
महाकुंभ नगरी प्रयागराज जो धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, इस धर्म की नगरी में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. यह सिर्फ धार्मिक तक ही नहीं सीमित है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के लिए भी इस जगह से आजादी की अलख जगी. 


फांसी इमली का पेड़ प्रयागराज के सुलेमसराय में स्थित है, जो गढ़वा मोड़ पर मौजूद है. इसे अंग्रेजी सरकार ने क्रांतिकारियों को सजा देने के लिए फांसी का स्थल बना रखा था. इस पेड़ पर 1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों ने सैकड़ों क्रांतिकारियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया था, जिनके बलिदानों की चीख आज भी प्रयागराज की मिट्टी में गूंजती है. फर्जी मुकदमा चलाकर भारतीयों को फंसा कर अंग्रेज उन्हें फांसी दे दिया करते थे.

 

आज का ये ऐतिहासिक पेड़
आज भी वहां उस पेड़ की कुछ सहयोगी पेड़ मौजूद हैं, जो लोगों को प्रेरणा देने का काम करती है. आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अपना सब कुछ बलिदान कर दिया. ये पेड़ स्वतंत्रता संग्राम की यादों को ताजा करने का एक स्थल है.

 

महाकुंभ में 40 करोड़ की आबादी प्रयागराज पहुंचने वाली है और जिसमें लोग प्रयागराज की धरती से पनपे स्वतंत्रता का इतिहास और धार्मिकता को करीब से जानने का प्रयास करेंगें. इसलिए ये फांसी इमली का पेड़ आजादी के प्रतीक के रूप में भारतीयों को प्रेरणा देने का काम करता रहेगा.

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इंदौर: IDA ने कांग्रेस से 4 लाख रुपये माँगकर नया विवाद शुरू किया

Indore, Madhya Pradesh:INDORE इंदौर में जंहा राहुल गांधी का छात्रो के साथ कार्यक्रम होना है उस जमीन के लिए IDA 4 लाख और मांगे - इंदौर विकास प्राधिकरण यानी IDA ने कांग्रेस से 4 लाख रुपये मांगे... - पहले सभा के लिए मैदान देने को लेकर जमकर नौटंकी हुई.. - बयान बाजी का दौर तो चलता ही रहा.. - फिर 10 लाख लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण ने एक 3-4 एकड़ खाली पड़ी जमीन का टुकड़ा दिया.. - अब प्राधिकरण ने ₹4 लाख का डिमांड नोट और थमा दिया है. . - कारण सीधा सा है..IDA का कहना है की शर्त के अनुसार कांग्रेस को सभा के लिए जमीन का उपयोग 17 से 19 sept. के बीच करना था.. लेकिन तैयारी 14-15 से ही चालू कर दी.. - अब इसके लिए चार लाख रुपये और भरना पढ़ेंगे.
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Hanumangarh में घर में घुसकर परिवार पर हमला, 48 हजार रुपए छीनकर तोड़फोड़

Hanumangarh, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) (Dist. Stringer - Kuldeep Sharma) घर में घुसकर परिवार पर हमला और 48 हजार रुपए छीनने का आरोप, हथियारों से लैस होकर आए लोगों पर तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप एंकर विजुअल हनुमानगढ़ जंक्शन के सुरेशिया क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पड़ोसी सहित कई लोगों पर घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने, 48 हजार रुपए से भरा पर्स छीनने और मकान में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर वार्ड نمبر 55 निवासी सीताराम जंक्शन पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि नशे के आदी युवक ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और तोड़फोड़ करते हुए पर्स छीनकर ले गया। पीड़ित ने बताया कि पर्स में करीबन 48 हज़ार रुपये थे। विजुअल बाइट :- पीड़ित
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सुमेरपुर नगरपालिका: भाजपा- कांग्रेस के बीच अध्यक्ष पद का टकराव, नामांकन के बाद तस्वीर साफ

Pali, Rajasthan:सुमेरपुर निकाय चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर\n\nसुमेरपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापसी के बाद तस्वीर साफ,\n\nभाजपा के बागी निर्दलीय उम्मीदवार रमेश राखेचा ने नामांकन वापस लिया,\n\nनिर्दलीय उम्मीदवार सरिता राजपुरोहित ने भी नामांकन वापस लिया,\n\nभाजपा जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी रमेश राखेचा को लेकर रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंचे,\n\nनामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा,\n\nसुमेरपुर नगरपालिका में कुल 35 वार्ड हैं।\n\nअध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 18 पार्षद है।\n\nचुनाव परिणाम में भाजपा के 19, कांग्रेस के 9 और निर्दलीय 7 पार्षद निर्वाचित हुए हैं।\n\nअध्यक्ष पद के लिए कल कुल चार नामांकन आवेदन जमा हुए थे।\n\nअब सभी की नजरें अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिकी ।
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नवरतन डागा के नामांकन वापस: अब मेयर पद बस अनिल कल्ला बनाम सुरेंद्र शेखावत

Bikaner, Rajasthan:मेयर चुनाव में बड़ा अपडेट, नवरतन डागा ने वापस लिया नामांकन अब मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने डागा बोले-मैं कांग्रेस का सिपाही हूं, सिर्फ विरोध दर्ज कराया था, अब सब ठीक है पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद डागा ने साफ किए अपने तेवर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मधुलाल मेघवाल का दावा-मनमुटाव खत्म, कांग्रेस बनाएगी मेयर डागा की मांग पर पार्टी और पदाधिकारियों के बीच सहमति बनने का दावा वहीं बी.डी. कल्ला ने लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप कल्ला बोले-पार्षदों के घर पुलिस भेजकर की गई पूछताछ प्रशासक और पुलिस के हस्तक्षेप को लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं करने की बात कही Intro- बीकानेर के मेयर चुनाव में पिछले कई दिनों से चल रही सियासी उठापटक के बीच अब तस्वीर बदल गई है कांग्रेस के भीतर टिकट और मेयर पद की दावेदारी को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बाद नवरतन डागा ने आखिरकार अपना नामांकन वापस ले लिया है नामांकन वापसी के साथ अब मेयर पद का मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच रह गया है। लेकिन कहानी सिर्फ नामांकन वापसी तक खत्म नहीं होती। डागा के नामांकन भरने के बाद कांग्रेस के भीतर शुरू हुई हलचल पर अब पार्टी की ओर से सब कुछ ठीक होने का दावा किया जा रहा है। नवरतन डागा की पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात भी हुई मुलाकात के बाद डागा ने खुद को कांग्रेस का सिपाही बताते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना विरोध दर्ज कराया था और अब सब कुछ ठीक है वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन मेघवाल ने भी दावा किया कि पार्टी के भीतर जो मनमुटाव था वह खत्म हो चुका है और कांग्रेस मेयर बनाने जा रही है उनके मुताबिक डागा ने अपनी एक बात पार्टी के सामने रखी थी जिस पर पार्टी और पदाधिकारियों के बीच सहमति बन गई है। मेयर चुनाव में कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ सियासी घटनाक्रम अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है नवरतन डागा ने अपना नामांकन वापस लेकर मुकाबले की तस्वीर साफ कर दी है डागा के नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस के भीतर दावेदारी और सहमति को लेकर चर्चाएं तेज थीं लेकिन अब डागा ने नामांकन वापस ले लिया है डागा का कहना है कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं और उनका मकसद पार्टी के खिलाफ जाना नहीं था उन्होंने सिर्फ अपना विरोध दर्ज कराया था पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद डागा ने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर अब स्थिति सामान्य है। डागा के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस की ओर से भी डैमेज कंट्रोल की तस्वीर सामने रखी जा रही है जिला अध्यक्ष मदन मेघवाल का कहना है कि पार्टी के भीतर जो बात या मनमुटाव था, वह अब खत्म हो गया है उनके मुताबिक नवरतन डागा ने अपनी बात पार्टी के सामने रखी थी और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बातचीत के बाद उस पर सहमति बन गई यानी कांग्रेस अब एकजुट होकर मेयर चुनाव में उतरने का दावा कर रही है दूसरी तरफ नगर निगम में कांग्रेस के बहुमत के बीच अब पार्टी का पूरा फोकस अपने उम्मीदवार अनिल कल्ला के पक्ष में रणनीति पर है। लेकिन बी.डी. कल्ला के आरोपों से नया सियासी मोर्चा खुला गया है जहां कांग्रेस के भीतर सुलह और सहमति के दावों के बीच पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने अलग ही मुद्दा उठा दिया है नवरतन डागा के नामांकन वापस लेने के बाद जी मीडिया से बातचीत में बी.डी. कल्ला ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया कल्ला ने आरोप लगाया कि मेयर चुनाव के दौरान पार्षदों के घर पुलिस भेजकर पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस का इस तरह हस्तक्षेप लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कल्ला ने फोन टैपिंग मामले पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय का फोन टैपिंग मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस तरह से काम करने की ट्रेनिंग नहीं होती परिवारवाद के आरोपों पर कल्ला ने कहा कि चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है और किसी को चुनाव लड़ने से वंचित नहीं किया जा सकता। वहीं मेयर चुनाव के आंकड़ों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना वोट बनाएगी, लेकिन कितने वोट मिलेंगे, यह वह नहीं कह सकते। नवरतन डागा के नामांकन वापस लेने के बाद अब मेयर पद का चुनाव सीधे कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच है। एक तरफ कांग्रेस अपने भीतर सब कुछ ठीक होने और पार्षदों के साथ सहमति का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ बी.डी. कल्ला के आरोपों ने चुनावी घटनाक्रम में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है अब निगाहें 21 सितंबर को होने वाले मतदान पर हैं। इसी दिन साफ होगा कि बीकानेर नगर निगम की मेयर की कुर्सी पर कांग्रेस के अनिल कल्ला पहुंचते हैं या बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत बाजी अपने नाम करते हैं।
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झारखंड में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन बंद: सरकार के दावों और बहस पर रोक

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीनेशन बंद है राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पीएम मोदी ने देश भर में एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को किया था। इसके तहत 14 साल की किशोरियों को मुफ्त वैक्सीन दिया जाना था पर झारखंड में शुरुआत के महज कुछ दिनों बाद ही इस अभियान पर रोक लगा दी गई। इस वैक्सीन का उद्देश्य देश की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करना है। झारखंड में वैक्सीनेशन बंद होने पर बयानबाजी भी होने लगी है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कोविड के दौरान भी यही लोग वैक्सिनेशन को चूहा मारने की दवा और नपुंसक हो जाओगे कहते थे।
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दिवाली पर उत्तर-पश्चिम रेलवे 21 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा

Jaipur, Rajasthan:दिल्ली–जयपुर क्षेत्र में दिवाली अवसर पर उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने 21 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी की है. दिवाली पर 21 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा और 6 स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल फाइनल किया गया है, जबकि 15 पहले से संचालित ट्रेनों का विस्तार किया गया है ताकि यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके. ट्रेनों के संचालन के लिए प्रयागराज, रांची, दानापुर, पटना और चेन्नई रूट शामिल हैं. प्रमुख ट्रेनों में प्रयागराज–सीकर, सीकर–प्रयागराज, लालकुआं–साबरमती, साबरमती–लालकुआं, अजमेर–रांची, रांची–अजमेर आदि रूट शामिल हैं. साथ ही पहले से चल रहीं 15 स्पेशल ट्रेनों की अवधि भी दीवाली तथा छठ पूजा के मद्देनजर बढ़ाई गई है ताकि त्योहारी मांग पूरी की जा सके. उत्तर-पश्चिम रेलवे के अनुसार इन सभी 21 स्पेशल ट्रेनों की कुल 490 स्पेशल ट्रिप संचालित होंगी और यात्रियों की मांग के अनुसार रूट चयन किया जाएगा ताकि त्योहारी समय में यात्रा अधिक सहज हो सके.
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