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ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज ने पत्रकारों का किया सम्मान नशा उन्मूलन गोष्ठी का हुआ आयोजन
Babaganj, Uttar Pradesh
विष मुक्त खेती–नशा मुक्त समाज विषय पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन बहराइच,नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र में रविवार को विष मुक्त खेती एवं नशा मुक्त समाज विषय पर एक भव्य जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, युवाओं और आम नागरिकों को रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों तथा नशे के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के प्रति जागरूक करना रहा। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, युवा और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जेपी सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि संजीव श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता शिवपूजन सिंह ने विष मुक्त खेती और नशा मुक्त समाज के महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं स्वागत भाषण के साथ हुई।
विष मुक्त खेती पर जोरमुख्य अतिथि जेपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में खेती में रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और जहरीले रसायनों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर, त्वचा रोग, पेट से जुड़ी बीमारियां और अनेक असाध्य रोगों के पीछे कहीं न कहीं जहरीले खाद्य पदार्थ जिम्मेदार हैं।
जेपी सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और गो आधारित खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि विष मुक्त खेती से उत्पादन भले ही शुरुआती दौर में थोड़ा कम हो, लेकिन इससे मिट्टी की सेहत सुधरती है, लागत घटती है और किसान की आय स्थायी रूप से बढ़ती है। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और किसान कल्याण योजनाओं की भी जानकारी दी तथा भरोसा दिलाया कि ब्लॉक स्तर पर किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
नशा मुक्त समाज की आवश्यकताविशिष्ट अतिथि संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि आज नशा समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। शराब, तंबाकू, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों की लत युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है। इससे न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि परिवार टूटते हैं और सामाजिक अपराध भी बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकार या प्रशासन ही नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षक, सामाजिक संगठन और स्वयं युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों पर नजर रखें, उन्हें अच्छे संस्कार दें और गलत संगत से दूर रखें। साथ ही गांव-गांव में नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया जाना चाहिए।मुख्य वक्ता शिवपूजन सिंह का विस्तृत संबोधनसंगोष्ठी के मुख्य वक्ता शिवपूजन सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विष मुक्त खेती और नशा मुक्त समाज एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए विषय हैं। जब भोजन शुद्ध होगा, तब शरीर और मन दोनों स्वस्थ होंगे और स्वस्थ मन ही नशे से दूर रह सकता है। उन्होंने कहा कि आज हम आधुनिकता की दौड़ में प्राकृतिक जीवन शैली से दूर होते जा रहे हैं, जिसका परिणाम विभिन्न बीमारियों और सामाजिक समस्याओं के रूप में सामने आ रहा है।
शिवपूजन सिंह ने कहा कि रासायनिक खेती ने किसान को कर्ज के जाल में फंसा दिया है। महंगे खाद, बीज और दवाइयों के कारण किसान की लागत बढ़ती जा रही है, जबकि उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। अंत में सभी अतिथियों का अंग वस्त्र डायरी देकर सम्मान किया गया.
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