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233001मनरेगा को लेकर विपक्ष के विरोध पर जखनिया विधायक ने बोला हमला,कहा राम का नाम लेने में क्या बुराई?
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में आज उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब सुभासपा से जखनिया विधायक बेदी राम का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। योगी सरकार में क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने विधायक को सम्मानित किया। इस मौके पर विधायक बेदी राम ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए मनरेगा और उसके नाम परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया। इस दौरान विधायक बेदी राम ने मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब सत्ता में था, तब भी मनरेगा था, लेकिन उस समय भारी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने मनरेगा में सुधार और अपडेट किया है। पहले मनरेगा में 100 दिन का काम था, अब कुल मिलाकर 185 दिन का प्रावधान है। इसमें 125 दिन मनरेगा के और 60 दिन किसानों की फसल की बुवाई-कटाई से जुड़े होते हैं। अब अगर सात दिन में मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ तो ब्याज देना होगा। पैसा सीधे खाते में जाएगा और एआई तकनीक से निगरानी होगी। विधायक बेदी राम ने कहा कि पिछली सरकारों में मनरेगा के नाम पर एक ही गड्ढे को बार-बार खोदकर भुगतान किया जाता था, लेकिन अब एआई तकनीक के जरिए इसकी जांच होगी और पूरी पारदर्शिता रहेगी। उन्होंने कहा कि ‘वीबी जी राम जी’ योजना में कोई भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। मनरेगा के नाम परिवर्तन पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि महात्मा गांधी ने भी “हे राम” कहा था, ऐसे में राम का नाम जोड़ने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, सिर्फ चिल्लाने का काम करता है। पिछली सरकारों में इतना भ्रष्टाचार था कि सड़क बनी भी नहीं और भुगतान हो गया। मनिहारी ब्लॉक की एक सड़क कई बार पास हुई, लेकिन बनी योगी आदित्यनाथ के शासन में।
इस दौरान विधायक बेदी राम ने अपने कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह सप्ताह में चार से पांच दिन कार्यालय में बैठकर सुबह सात बजे से जनसुनवाई करते हैं और तब तक बैठते हैं, जब तक सभी लोगों की समस्याएं नहीं सुन लेते। उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय में प्रतिदिन 100 से 200 लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि जखनिया विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों की लागत से आठ से दस मुख्य मार्गों के साथ कई पुल-पुलियों को स्वीकृति दिलाई गई है, जिनमें से कई का निर्माण पूरा हो चुका है। विधायक ने बताया कि सैदपुर से आजमगढ़ को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर रायपुर बाजार के पास जर्जर पुलिया के निर्माण के लिए सिंचाई मंत्री से बात की गई है, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। अगले पांच से छह महीनों में पुलिया का निर्माण पूरा हो जाएगा। साथ ही रायपुर क्षेत्र में बेसो नदी पर पुल समेत 4 अन्य पुलों की स्वीकृति और बजट भी मिल चुका है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा।
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233001मंत्री दयालु ने ओवैसी, देवकीनंदन और राजभर पर दिया बयान, कहा- वस्त्र से नहीं, चरित्र से होती है पहचान
Ghazipur, Uttar Pradesh:कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के विवादित बयान से लेकर ओवैसी, ओमप्रकाश राजभर और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने गाजीपुर में बड़ा बयान दिया है। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री ने साफ कहा कि इस देश में किसी की पहचान उसके पहनावे से नहीं बल्कि उसके चरित्र, कार्य और विद्वता से होती है। उन्होंने कहा कि भारत संविधान और कानून से चलता है, न कि किसी के व्यक्तिगत विचारों से।
बता दें कि गाजीपुर के करंडा क्षेत्र स्थित मैनपुर के एक कॉलेज में स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे यूपी सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कई समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने साड़ी पहनने वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने को लेकर टिप्पणी की थी, मंत्री दयालु ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान वस्त्र से नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत में पहचान चरित्र, काम और विद्वता से होती है और किसी भी संवैधानिक पद पर बैठने वाला व्यक्ति सुयोग्य होना चाहिए। मंत्री ने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में उनके वस्त्रों का अपमान किया गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा था कि किसी भारतीय की पहचान उसके चरित्र से होती है, न कि उसके पहनावे से। एएमयू में मंदिर बनाने को लेकर देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर मंत्री ने कहा कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं और व्यक्तिगत विचारों में उलझना उचित नहीं है। देश नियम और कानून से चलता है और उसी के दायरे में आगे बढ़ता है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ पर मंत्री दयालु ने कहा कि किसी की तारीफ या आलोचना निजी विचार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाल की खाल निकालकर आलोचना करना बड़ी बात बन जाती है, लेकिन तारीफ करना कहीं से भी अनुचित नहीं है। वहीं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आलोचना भले ही की जा रही हो, लेकिन सभी दल इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2003 के बाद एसआईआर नहीं हुआ था, जिसके कारण मृत लोगों के नाम और एक व्यक्ति के कई जगह नाम दर्ज थे। पहले चरण में लगभग तीन करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे मतदाता सूची शुद्ध हुई है। समाजवादी पार्टी सांसद अफजाल अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं, खासकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में फॉर्म 5, 6 और 7 के माध्यम से नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है और भाजपा कार्यकर्ता इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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