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हिंदू सम्मेलन में समाज के एक जुटता के लिए बनाई गई रूपरेखा
Imam Nagar Gadrahwa, Uttar Pradesh
मंगली नाथ मंदिर नवाबगंज में विशाल हिन्दू सम्मेलन सम्पन्न, धर्म-संस्कृति और राष्ट्रचेतना पर हुआ गहन मंथन
नवाबगंज क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र मंगली नाथ मंदिर, नवाबगंज में रविवार को एक भव्य एवं विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी, प्रबुद्धजन एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा, धर्म के प्रति जागरूकता तथा राष्ट्रहित में एकजुटता का संदेश देना रहा।
इस विशाल आयोजन के संयोजक डॉ. शिवेंद्र रहे, जिनके कुशल नेतृत्व, समर्पण एवं संगठन क्षमता के कारण यह कार्यक्रम पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य रवि शंकर जी महाराज तथा मुख्य वक्ता के रूप में संजय जी उपस्थित रहे। दोनों ही वक्ताओं ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं भगवान मंगली नाथ के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भगवा ध्वज, बैनर एवं धार्मिक प्रतीकों से वातावरण पूर्णतः सनातन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था और देखते ही देखते मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र जनसमूह से भर गया।
संयोजक डॉ. शिवेंद्र ने रखा उद्देश्य
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. शिवेंद्र ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों, संतों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हिन्दू समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। ऐसे सम्मेलन समाज में चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मंगली नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
मुख्य अतिथि रवि शंकर जी महाराज का प्रेरक उद्बोधन
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूज्य रवि शंकर जी महाराज ने अपने संबोधन में सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र पद्धति है, जो मानवता, करुणा, सेवा और सह-अस्तित्व का संदेश देता है।
रवि शंकर जी महाराज ने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों को पहचाने और संस्कृति से जुड़े। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण का केंद्र भी है। समाज तभी मजबूत होगा जब धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की रक्षा होगी।
मुख्य वक्ता संजय जी ने समाज को किया जागरूक
सम्मेलन के मुख्य वक्ता संजय जी ने अपने ओजस्वी भाषण में हिन्दू समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। जब तक हिन्दू समाज एकजुट रहेगा, तब तक देश और संस्कृति सुरक्षित रहेगी।
उन्होंने शिक्षा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रभक्ति पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। संजय जी ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज में आत्मविश्वास एवं जागरूकता का संचार करते हैं।
कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान
इस विशाल सम्मेलन को सफल बनाने में अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा। विशेष रूप से अरुण पाठक, आशीष त्रिपाठी, अजय शर्मा, अतुल सिंह, पिंटू गुप्ता,मनीष पांडे,हर्षित सिंह, रिंकू सिंह, अनूप मिश्र
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