227405सरकारी जमीन पर अवैध खनन का आरोप ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार।
Katra Raja Himmat Sing, Uttar Pradesh:ग्रामसभा की जमीन पर अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को दिया शिकायती पत्र
अमेठी। तहसील क्षेत्र के ग्राम कटरा रानी मजरा मनीरामपुर में ग्रामसभा की सरकारी भूमि पर अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी अमेठी आशीष सिंह को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं चंद्र भवन, विजय बहादुर, हरिकेश चौहान, राम किशोर, रामबली, अलगू एवं परमात्मा दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामसभा स्थित तालाब और उससे सटी सरकारी भूमि, जहां कई फलदार वृक्ष लगे हुए थे, वहां जेसीबी मशीन और डंपरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर खुदाई कराई गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि मनीरामपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि कमल यादव उर्फ गया प्रसाद द्वारा तालाब से हजारों डंपर मिट्टी का अवैध खनन कर उसे बेचा गया। साथ ही खुदाई के दौरान मौके पर लगे फलदार वृक्षों को भी उखाड़ दिया गया, जिससे ग्रामसभा की संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है और पर्यावरण को भी क्षति पहुंची है।
इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। शिकायतकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी से मामले की जांच कराते हुए दोषी के विरुद्ध अवैध खनन, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पर्यावरण क्षति से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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227405सड़क न बनने पर वोट का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार।
Katra Raja Himmat Sing, Uttar Pradesh:सड़क न बनने से भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन कर वोट बहिष्कार की दी चेतावनी
अमेठी अमृत विचार।सरैया डुबान गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। गांव के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए साफ कह दिया कि अगर सड़क नहीं बनी तो वे आने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का साफ साफ कहना है कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन उनके गांव में विकास सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
स्थानीय निवासी हरिपूजन सिंह ने बताया कि उनके पुरखे सैकड़ों साल से इसी गांव में रह रहे हैं, लेकिन आज तक पक्की सड़क न ही खड़ंजा बन पाया है। सड़क न होने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच पाती, मजबूरी में मरीज को खाट या गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
जया सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के पास ही एक व्यक्ति ने रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है और बीच रास्ते में गड्ढा खुदवा दिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत तहसीलदार और एसडीएम से की गई थी। एसडीएम के निर्देश पर ग्रामीण रास्ता बनवा रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने विरोध कर काम रुकवा दिया।
प्रियंका सिंह ने बताया कि उनके घर में दस दिन बाद शादी है, लेकिन घर तक जाने का रास्ता ही नहीं है। ऐसे में बारातियों को खेत-खलिहान के रास्ते पैदल आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर मिट्टी डलवाने की कोशिश की, मगर कुछ लोगों ने आगे काम नहीं होने दिया।
गांव की लक्ष्मी कोरी ने बताया कि उनके घर में डिलीवरी का समय नजदीक है, लेकिन एंबुलेंस घर तक नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान से कई बार बात की गई, मगर प्रधान ने रास्ता बनवाने से इनकार कर दिया। इसी वजह से ग्रामीणों को प्रदर्शन करना पड़ा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क नहीं बनी तो वे सामूहिक रूप से अपने मताधिकार का बहिष्कार करेंगे।
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