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तीन राज्यों में भाजपा की जीत पर पडरौना जश्न का सैलाब
Padrauna, Uttar Pradesh:🔴पटाखों की गूंज और मिठाइयों की मिठास से सराबोर हुआ शहर कुशीनगर । पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत ने पडरौना नगर को उत्सव के रंग में रंग दिया। नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष विनय जायसवाल के नेतृत्व में शहर में जीत का ऐसा जश्न मनाया गया, जिसकी गूंज देर तक गलियों और चौराहों पर सुनाई देती रही। पटाखों की तेज आवाज, मिठाइयों की खुशबू और कार्यकर्ताओं के जोशीले नारों ने माहौल को पूरी तरह राजनीतिक उत्सव में बदल दिया। अध्यक्ष विनय जायसवाल ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जीत की खुशी में जमकर आतिशबाजी की और राह चलते लोगों के बीच मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक जीत को साझा किया। इतना ही नहीं, उन्होंने पारंपरिक अंदाज में लोगों को झालमुड़ी खिलाकर बधाइयां दीं, जो इस जश्न को एक अलग ही रंग दे गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में निकली रैली में कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर दिखा। “भारत माता की जय” और “भाजपा जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा। रैली जहां-जहां से गुजरी, वहां लोगों ने भी इसमें शामिल होकर खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को बधाई दी। आमजन की भागीदारी ने इस जश्न को और भी भव्य बना दिया। इस मौके पर अध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा कि यह जीत देश की जनता के अटूट विश्वास और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की जीत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि भाजपा ने इन राज्यों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष बुलबुल जायसवाल, सुशील टिबरेवाल, सुनील चौहान, बृजेश शर्मा, पवन जायसवाल, अभय मारोदिया, रवि शर्मा, मनोज जायसवाल, पप्पू चौरसिया, संजय साहा, राजू साह, दीनदयाल मद्धेशिया, सोनू शर्मा, आर्यन शर्मा, सन्नी मिश्रा, विनय गोंड, राजेश जायसवाल, अनिल शर्मा, बबलू शर्मा, अभय तिवारी, आदर्श जायसवाल, विनायक शर्मा, बड़े मद्धेशिया, केदार गुप्ता, सर्वेश जायसवाल, मोहित शर्मा, मंथन सिंह, विकास शर्मा, बैजनाथ साह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पडरौना का माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा, जहां हर चेहरे पर जीत की खुशी साफ झलक रही थी।0
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कुशीनगर में मिट्टी माफिया बेलगाम! धडल्ले से हो रहा है जेसीबी से खनन
Padrauna, Uttar Pradesh:🔴 ठेकेदार बोला - किसी परमिशन की जरूरत नहीं 🔴 कटनरवार पुल के पास खुलेआम अवैध खनन, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल कुशीनगर। जिले में अवैध मिट्टी खनन का खेल अब खुलेआम चुनौती बन चुका है। नियम-कानून को ठेंगा दिखाते हुए ठेकेदार जेसीबी मशीनों से धड़ल्ले से मिट्टी की खुदाई करवा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं है।ताजा मामला पडरौना कोतवाली क्षेत्र के कटनरवार पुल के दाहिने तरफ का है, जहां ‘लबरेज’ नामक ठेकेदार द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन कराया जा रहा है। मौके पर जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं और प्रशासन पूरी तरह से मौन बना हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब ठेकेदार से इस अवैध खनन के बारे में पूछा गया, तो उसने बेखौफ अंदाज में कहा “मिट्टी खनन के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती है ठेकेदार का यह बयान न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस बेखौफ अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात-दिन जेसीबी से हो रही खुदाई के चलते इलाके की जमीन व नहर की पटरिया कमजोर हो रही है और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। 🔴 पत्रकारों को उल्टे फसाने का खेल कहना ना होगा कि अवैध मिट्टी खनन का मामला अब सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पत्रकारों को बदनाम करने की साजिश भी सामने आने लगी है। बताया जा रहा है कि जेसीबी मालिक इश्तेयाक ने अन्य स्थानों पर हो रहे खनन की जानकारी देने के नाम पर पत्रकार से उसका मोबाइल नंबर लिया और जैसे ही अवैध खनन की खबर प्रसारित हुई, ठेकेदार लबरेज और जेसीबी मालिक इश्तेयाक सक्रिय हो गए और खुद को बचाने के लिए पत्रकार के मोबाइल नंबर से जुड़े खाते में पांच सौ रुपये ट्रांसफर कर दिए, ताकि बाद में यह आरोप लगाया जा सके कि पत्रकार ने पैसे की मांग की थी।रकम भेजने के बाद ठेकेदार और जेसीबी मालिक ने उल्टा पत्रकार पर ही पैसे मांगने का आरोप लगाना शुरू कर दिया, जिससे पूरे मामले को भटकाया जा सके। 🔴मौके पर पत्रकारों को डराने की कोशिश कहना ना होगा कि कटनरवार पुल के पास अवैध खनन की खबर कवरेज कर रहे पत्रकारो पर धौस जमाने के लिए मौके पर खुद को अंसारी कान्टेक्शन का मालिक बताने वाला ठेकेदार लबरेज अंसारी ने लखनऊ से एक दैनिक अखबार के रिपोर्टर “विशाल सिंह” नाम के व्यक्ति से पत्रकारों से बात कराया फोन पर बात करने वाले कथित “पत्रकार” ने मौके पर मौजूद पत्रकारों को खनन में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी, जिससे माहौल में तनाव पैदा हो गया। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया जिस “विशाल सिंह” को लखनऊ का पत्रकार बताया जा रहा था, वह असल में कोई पत्रकार नहीं बल्कि खुद एक ठेकेदार है, जो खुद को पत्रकार बनकर लबरेज के कारोबार का संरक्षण देते हुए अधिकारियों व पत्रकारो को पर धौंस जमाता है ताकि ठेकेदार लबरेज अंसारी के अवैध खनन पर कोई रुकावट की आंच न आये।0
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कुशीनगर में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का हुआ भव्य आगाज़
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵 प्रभारी मंत्री बोले-भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश कुशीनगर। बुद्धनगरी में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का शुभारंभ महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ। देश-विदेश से आए भिक्षुओं, विद्वानों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को वैश्विक स्वरूप दे दिया। कार्यक्रम का श्रीगणेश प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध एवं पसांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। “भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है,” कहते हुए उन्होंने शांति मार्ग के संदेश को विश्व तक पहुंचाने पर जोर दिया। महावीर जयंती के अवसर पर बौद्ध और जैन दर्शन के संगम को उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषता बताया। साथ ही कहा कि इस कॉन्क्लेव से न केवल आध्यात्मिक विमर्श होगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, शांति और वैश्विक सहयोग पर चर्चा करेंगे। यह आयोजन कुशीनगर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।0
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सरकारी अस्पताल बना प्राइवेट दलाली का अड्डा?
Padrauna, Uttar Pradesh:🔴दुदही सीएचसी परिसर मे खडा प्राइवेट हास्पिटल का एंबुलेंस 🔴 दुदही सीएचसी का वायरल वीडियो, सिस्टम पर सीधा हमला कुशीनगर। जनपद के दुदही स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रात्रि करीब दस बजे किसके शह पर यह प्राइवेट एम्बुलेंस सरकारी अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ है? क्या यह महज इत्तेफाक है या फिर अंदरखाने चल रहा कोई ‘सेटिंग-गेम’? वायरल वीडियो में साफ दिख रहा कि प्राइवेट एम्बुलेंस दुदही क्षेत्र के महन्थ शिवानंद हॉस्पिटल की बताई जा रही है। अगर यह सच है, तो मामला और भी संगीन हो जाता है। क्या सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए ‘ट्रांजिट पॉइंट’ बन चुका है, जहां से उन्हें निजी अस्पतालों की ओर धकेला जा रहा है? हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और भूमिका दोनों संदिग्ध नजर आ रही हैं। अब निगाहें सीएचसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों पर टिकी हैं। यदि फुटेज की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो यह साफ हो जायेगा कि प्राइवेट एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कैसे और क्यों पहुंची, और इसके पीछे किसका हाथ है। सूत्र बताते है कि अगर सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई चेहरे बेनकाब होंगे। लेकिन डर यही है कहीं इस सच को अन्य मामलो की तरह फाइलों में दफन न कर दिया जाए।0
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चौहद्दी विवाद में आबकारी विभाग घिरा, अनुज्ञापन ने डीएम से लगाई गुहार
Padrauna, Uttar Pradesh:🔴नियम तोड़कर दुकान शिफ्ट कराने की साजिश 🔴मंदिर से दूरी नियम का उल्लंघन, राजनीतिक दबाव का आरोप; लाखों की लाइसेंस फीस डूबने का खतरा कुशीनगर। जनपद मे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पडरौना क्षेत्र में शराब की दुकान के स्थानांतरण को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले में एक लाइसेंसी अनुज्ञापी ने सीधे जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए न सिर्फ नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है, बल्कि राजनीतिक दबाव में फैसले होने की आशंका भी जताई है। पडरौना दुकान संख्या 2 (शॉप आईडी 4890) के अनुज्ञापी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को दिये गये अपने शिकायती पत्र में साफ कहा है कि पडरौना दूकान संख्या 1 (शॉप आईडी 4834) की दुकान को 1 अप्रैल 2026 से निर्धारित चौहद्दी को तोड़कर उनके क्षेत्र में शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित कहना है कि उन्होंने विभाग की नवनीकरण नीति के तहत सभी नियमों का पालन करते हुए लाइसेंस नवीनीकरण कराया, लेकिन अब उसी नियम को ताक पर रखकर दूसरे को लाभ पहुंचाने की तैयारी चल रही है।शिकायत में इस पूरे प्रकरण को सीधे उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1910 की धारा 60 का उल्लंघन बताया गया है। इस धारा के तहत चौहद्दी का उल्लंघन न केवल अवैध है, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठता है क्या विभाग खुद ही अपने बनाए नियमों को धता बता रहा है? मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि जिस स्थान पर दुकान शिफ्ट की जा रही है, वहां से मात्र 48.5 मीटर दूरी पर मंदिर स्थित है, जबकि नियमानुसार कम से कम 75 मीटर दूरी अनिवार्य है। यानी न सिर्फ चौहद्दी, बल्कि धार्मिक स्थल से दूरी के नियमों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जो सामाजिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से गंभीर मामला है। लाइसेंसी जितेन्द्र प्रताप सिंह का आरोप है कि आबकारी निरीक्षक ने स्वयं टेलिफोनिक बातचीत में “ऊपर से दबाव” की बात कही। शिकायतकर्ता स्थानीय विधायक के भाई संतोष जायसवाल का नाम लेते हुए कहा है कि निजी जमीन पर दुकान शिफ्ट कर किराया लाभ लेने के लिए यह पूरा खेल रचा जा रहा है। अगर यह आरोप सही हैं, तो यह मामला सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि सत्ता के प्रभाव में सिस्टम झुकने का संकेत भी है। पीड़ित ने बताया कि उसने कुल 78,51,000 लाइसेंस फीस, 50,000 प्रोसेसिंग फीस, 90,000 नवनीकरण शुल्क जमा किए हैं। ऐसे में अगर नियमों को दरकिनार कर दूसरी दुकान को उसी क्षेत्र में खोल दिया गया, तो उसका पूरा निवेश खतरे में पड़ जाएगा। शिकायतकर्ता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वह माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।साथ ही उसने कहा है कि मानसिक और आर्थिक नुकसान की पूरी जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होगी।ऐसे में सवाल यह है कि क्या तय चौहद्दी का पालन कराया जाएगा? क्या नियमों के उल्लंघन पर रोक लगेगी? या फिर दबाव के आगे सिस्टम झुक जाएगा?0
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