274304
शिक्षक निर्वाचन में कुशीनगर का दमदार मतदान, 84.15 फीसदी पडे वोट
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵 15 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न, डीएम-एसपी ने संभाली निगरानी की कमान, मतपेटियों भेजी गयी गोरखपुर विश्वविद्यालय कुशीनगर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 में कुशीनगर के शिक्षक मतदाताओं ने उत्साह के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। जिले में शुक्रवार को 15 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ। कुल 3496 मतदाताओं वाले इस निर्वाचन में 84.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सतर्क रहा। जिलाधिकारी संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था तथा मतदान की प्रगति का जायजा लिया। बतादे कि शिक्षक निर्वाचन के लिए जनपद में कुल 15 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। शुक्रवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। निर्वाचन के दौरान मतदान कार्मिकों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की प्राथमिकता मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के साथ ही मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना रही। 🔴 मतदान केंद्रों पर पहुंचे डीएम-एसपी, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत मतदान के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान ने पुलिस अधीक्षक के साथ पडरौना ब्लॉक, नगर पालिका पडरौना, रामकोला ब्लॉक और कप्तानगंज स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान कार्मिकों से मतदाताओं की कुल संख्या, अब तक पड़े वोट और मतदान प्रतिशत की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और मतदान कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतने, निष्पक्षता बनाए रखने तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। 🔴 दोपहर तक 71.48 प्रतिशत मतदान, अंतिम आंकड़ा 84.15 फीसदी जनपद में मतदान की रफ्तार दोपहर बाद भी जारी रही। दोपहर दो बजे तक 71.48 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक कुल मतदान प्रतिशत बढ़कर 84.15 हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इस तरह जिले में शिक्षक निर्वाचन की मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर संपन्न हो गई। 🔴 कलेक्ट्रेट से गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं मतपेटियां मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित स्थल कलेक्ट्रेट सभागार लाया गया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बीच मतपेटियों को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर भेज दिया गया। मतगणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विश्वविद्यालय में संपन्न होगी।0
0
Report
274304
पीडब्ल्यूडी में तानाशाही के खिलाफ विद्रोह! अभियंताओं ने खोला मोर्चा, साहब पर मढा गंभीर आरोप
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵वेतन रोका, संवाद छोड़ा, अब आंदोलन भड़का! पीडब्ल्यूडी में हंगामे के बीच घिरे अधिशासी अभियंता कुशीनगर। जिस विभाग के कंधों पर सड़क, पुल और विकास कार्यों की जिम्मेदारी है, वहां इन दिनों विरोध की गूंज सुनाई दे रही है। बात कर रहे है लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड की जहा कर्मचारियों और अभियंताओं का गुस्सा आखिरकार सोमवार को फूट पड़ा है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आरोप इतने गंभीर है कि विभागीय व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही हैं। आंदोलनकारी अभियंताओं का आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय अधिशासी अभियंता राजेश निगम ने ऐसा रवैया अपना लिया है जिससे पूरे कार्यालय में भय, असुरक्षा और तनाव का माहौल कायम हो गया है। हालात यहां तक पहुंच गए कि कर्मचारियों को अपने ही विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है। 🔴धरना शुरू, लेकिन वार्ता के लिए नहीं पहुंचे साहब आरोप यह है कि आंदोलन की पूर्व सूचना और मुख्य अभियंता, गोरखपुर क्षेत्र के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अधिशासी अभियंता राजेश निगम कर्मचारियों से बातचीत करने नहीं पहुंचे। संघ का दावा है कि जब कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन शुरू कर रहे थे, उसी समय अधिशासी अभियंता बिना अनुमति मुख्यालय छोड़कर फरार हो गए।इसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा भड़क उठा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि अधिकारी संवाद से भागेंगे तो विवाद सुलझेगा कैसे? 🔴वेतन रोको और चुप कराओ? डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ का आरोप है कि निर्माण खंड के पांच अभियंताओं का मई माह का वेतन बिना किसी लिखित आदेश के रोक दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि दबाव बनाने की कोशिश है।सरकारी सेवा में वेतन केवल आय का साधन नहीं बल्कि कर्मचारियों का अधिकार माना जाता है। ऐसे में बिना स्पष्ट आदेश वेतन रोके जाने के कारण कर्मचारियों की नराजगी आग मे घई डालने का कार्य कर दिया है। 🔴कार्यालय में काम कम, खौफ ज्यादा? संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि अधिशासी अभियंता द्वारा आए दिन किसी न किसी कर्मचारी को निशाना बनाया जाता है। कभी नोटिस, कभी दबाव और कभी प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी से कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि कार्यालय का माहौल इतना तनावपूर्ण हो चुका है कि कर्मचारी खुलकर अपनी बात रखने से भी डरते हैं। यही वजह है कि अब व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि सामूहिक आंदोलन का रास्ता चुना गया है। 🔴 मुख्य अभियंता का आदेश भी बेअसर? कहना ना होगा कि मुख्य अभियंता द्वारा कर्मचारियों से वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश अधिशासी अभियंता राजेश निगम को दिया गया था। इसके बावजूद यदि बातचीत नहीं हुई और आंदोलन शुरू हो गया, तो सवाल अधिशासी अभियंता की मनबढई व कार्यशैली पर उठना स्वभाविक है।विभागीय गलियारों मे इस बात की चर्चा जोरो पर है कि अधिशासी अभियंता राजेश निगम को कौन-सा प्रशासनिक व राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है जिसके भरोसे वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को ठेगा दिखने से खौफ नही खाते। 🔴 लडाई आर-पार के मूड में संघ भवन में हुई बैठक में अभियंताओं ने तल्ख शब्दों में कहा कि अब यह लड़ाई अधिकार और आत्मसम्मान से जुड गयी है, जब तक समस्याओं का समाधान व मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।0
0
Report
274304
जेल जा चुका आरोपी फिर सुर्खियों में, वायरल कॉल ने उठाए सिस्टम पर सवाल
Padrauna, Uttar Pradesh:🔴फर्जी जीएसटी अफसर का नया ऑडियो वायरल, पुलिस से बात करने का अंदाज बना चर्चा कुशीनगर। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप ने जिले में हलचल मचा दी है। ऑडियो में कथित तौर पर वही शख्स सुनाई दे रहा है जो पहले खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर ट्रक चालकों से वसूली करने के आरोप में जेल जा चुका है। लेकिन इस बार चर्चा केवल उसकी आवाज की नहीं, बल्कि उसके “तेवर” की हो रही है।वायरल बातचीत में वह तमकुहीराज थाने पर तैनात एक पुलिसकर्मी से जिस अंदाज में बात करता सुनाई दे रहा है, उसे सुनकर लोग हैरान हैं। आवाज में ऐसा रौब, ऐसी गुर्राहट और ऐसा दबाव मानो सामने कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि उसका मातहत खड़ा हो।हालांकि ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह आडियो खूब वायरल हो रहा है और आमलोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर एक आरोपी इतना बेखौफ कैसे हो सकता है? 🔴ऑडियो नहीं.. फर्जी अफसरी का लाइव डेमो ऑडियो सुनने वाले लोग एक ही बात कह रहे हैं अगर पुलिस से बात करने का अंदाज ऐसा है, तो ट्रक ड्राइवरों और आम लोगों पर यह व्यक्ति कितना दबाव बनाता होगा। यही वजह है कि यह वायरल क्लिप अब सिर्फ एक ऑडियो नहीं, बल्कि उस कथित " फर्जी अफसरी मॉडल " का नमूना मानी जा रही है, जिसमें आवाज, रोब और डर दिखाकर लोगों को अपने प्रभाव में लिया जाता है।सूत्र बताते हैं कि आरोपी पर पहले भी ट्रक चालकों को रोककर खुद को जीएसटी अधिकारी बताने, कागज चेक करने के नाम पर धमकाने और वसूली करने के आरोप लग चुके हैं। मामला जेल तक पहुंचा था, लेकिन अब वायरल ऑडियो ने फिर वही सवाल जिंदा कर दिए हैं। 🔴क्या था कम्प्लेन ? पूरा मामला अब इसी सवाल पर टिक गया है कि आखिर वह कौन सी शिकायत थी, जिसके आधार पर पुलिसकर्मी उससे संपर्क में था? क्या वास्तव में कोई शिकायत दर्ज हुई थी?यदि शिकायत थी, तो आरोपी जैसा व्यक्ति पुलिस से इतनी दबंगई से कैसे बात कर रहा था?क्या उसे किसी संरक्षण का भरोसा था?या फिर मामला सिर्फ प्रभाव और डर दिखाने का था? इन सभी सवालों ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया है। 🔴 पुलिस और सिस्टम पर उठ रहे सवाल वायरल ऑडियो ने केवल एक व्यक्ति की कथित दबंगई को उजागर नहीं किया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसे लोग बार-बार सिस्टम के आसपास कैसे सक्रिय हो जाते हैं।अगर कोई व्यक्ति पहले भी फर्जी अधिकारी बनकर जेल जा चुका हो और फिर भी उसी अंदाज में प्रभाव दिखाता नजर आए, तो यह कानून व्यवस्था और निगरानी तंत्र दोनों पर बड़ा सवाल है। 🔴 सच सामने आना जरूरी फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन मामला चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग इस वायरल ऑडियो की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं।0
0
Report
Advertisement
274304
कुशीनगर में ‘निकाह गैंग’ का सनसनीखेज खेल! युवती बोली- मुझे बेचने की हो रही थी तैयारी
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵कुशीनगर में युवती की दहला देने वाली आपबीती 🔴दुष्कर्म से मतांतरण तक का आरोप, मुख्य आरोपी गिरफ्तार कुशीनगर। जनपद के तमकुहीराज क्षेत्र से सामने आई एक युवती की दर्दनाक कहानी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भरोसा, प्यार और निकाह के नाम पर शुरू हुआ रिश्ता आखिरकार ब्लैकमेल, दुष्कर्म, धर्मांतरण और कथित सौदेबाजी की खौफनाक साजिश में बदल गया। पीड़िता ने जो आरोप लगाए हैं, उसने पुलिस महकमे तक को हिला दिया है। पीड़िता के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले बाजार जाते समय उसकी मुलाकात सेवरही निवासी व्यवसायी पवन कुमार से हुई थी। आरोप है कि इसी मुलाकात के बाद उसे एक सुनियोजित जाल में फंसाया गया। व्यवसायी पवन कुमार ने युवती का परिचय तमकुहीराज क्षेत्र के मुन्नीपट्टी निवासी शादीशुदा जियाउद्दीन से कराया। शुरुआत दोस्ती से हुई, फिर मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा और धीरे-धीरे युवती को भरोसे के ऐसे जाल में फंसा लिया गया, जहां से निकलना उसके लिए मुश्किल हो गया।युवती का आरोप है कि एक दिन जियाउद्दीन ने उसे बुलाकर नशीला पदार्थ खिलाया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, इस दौरान अश्लील वीडियो भी बना लिया गया। बाद में उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा। बदनामी और डर के साये में युवती हर दिन मानसिक यातना झेलती रही। 🔴 निकाह के बाद धर्मांतरण फिर बेचने की तैयारी मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे फाजिलनगर ले जाकर निकाह के नाम पर कथित रूप से मतांतरण कराया गया और किराए के कमरे में रखा गया। इस दौरान आरोपी सऊदी अरब चला गया, लेकिन युवती उसकी गिरफ्त से पूरी तरह बाहर नहीं निकल सकी।करीब एक साल बाद जब आरोपी वापस लौटा तो उसने युवती को पासपोर्ट बनवाने के बहाने लखनऊ ले गया। यहीं कहानी ने सबसे खौफनाक मोड़ लिया। युवती का आरोप है कि उसने कुछ लोगों को उसकी “डील” और “बेचने” को लेकर बातचीत करते सुन लिया। यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौका मिलते ही वह वहां से भाग निकली।पीड़िता के मुताबिक रेलवे स्टेशन तक उसका पीछा किया गया। वहां उसके साथ मारपीट भी की गई, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद वह किसी तरह जान बचाकर अपने घर पहुंच सकी। 🔴 पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई बताया जाता है कि घटना सामने आने के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी जियाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके भाई आलमगीर और पवन कुमार की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज जयंत यादव का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।कहना ना होगा कि इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर भरोसे और रिश्तों की आड़ में चल रहे ऐसे खतरनाक खेलों पर लगाम कब लगेगी?0
0
Report
274304
मौत को हर दिन चुनौती देता है आकाश
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵जिसे बीमारी झुका न सकी, उसे लोग आज कहते है फाइटर आकाश 🔴छह साल से मौत को हर दिन चुनौती दे रहा पडरौना का युवा, दर्द से नहीं टूटी उम्मीद कुशीनगर। कुछ कहानियां सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं। कुछ लोग सिर्फ अपनी जिंदगी नहीं जीते, बल्कि संघर्ष का ऐसा उदाहरण बन जाते हैं, जो दूसरों को जीने की वजह दे जाए। पडरौना के आकाश कुमार गुप्ता की कहानी भी ऐसी ही एक जिंदा मिसाल है, जिसने दर्द को अपनी ताकत बना लिया। आज लोग उसे फाइटर आकाश के नाम से जानते हैं। यह नाम किसी शौक के लिए नहीं, बल्कि उस लगातार चल रही लड़ाई के कारण मिला है, जो वह पिछले छह वर्षों से जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहा हैं। बेशक! यह सिर्फ एक बीमार युवक की कहानी नहीं, बल्कि उस जिद की कहानी है जिसने मौत को भी इंतजार करने पर मजबूर कर दिया। छह वर्षों से गंभीर बीमारी अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रहा आकाश हर दिन दर्द के साथ उठता है, लेकिन हर सुबह जिंदगी से एक नई लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहता है। क्योंकि अप्लास्टिक एनीमिया ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर का बोन मैरो धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है और शरीर में खून बनना नही के बराबर हो जाता है। मरीज को बार-बार ब्लड और प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ते हैं। छोटी सी चोट भी खतरा बन सकती है और मामूली कमजोरी भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। लेकिन आकाश की लड़ाई सिर्फ बीमारी से नहीं है। उसकी लड़ाई उस दर्द से है जो हर दिन शरीर को तोड़ता है, उन हालातों से है जो इंसान को अंदर से खत्म कर देता हैं, और उन मजबूरियों से है जिनके सामने अक्सर लोग उम्मीद छोड़ देते हैं। बीते छह वर्षों में शायद ही कोई ऐसा महीना रहा हो जब आकाश अस्पतालों से दूर रहा हों। कभी खून की जरूरत, कभी प्लेटलेट्स की कमी, कभी दवाइयों का भारी खर्च और कभी अचानक बिगड़ती तबीयत। जिंदगी मानो अस्पताल और घर के बीच सिमटकर रह गई।लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी तकलीफों के बाद भी आकाश के चेहरे पर शिकायत नहीं, बल्कि लड़ने का जज्बा दिखाई देता है।आकाश कहते हैं “मैंने जिंदगी को बोझ नहीं बनने दिया।दर्द बहुत हुआ, हालात ने कई बार तोड़ा,लेकिन मैंने खुद से कहा कि अभी हारना नहीं है।”आकाश की जिंदगी का संघर्ष केवल अप्लास्टिक एनीमिया तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले वह पीलिया, अपेंडिक्स, टीबी, बवासीर और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी गुजर चुके हैं। एक बीमारी खत्म होती, उससे पहले दूसरी चुनौती सामने खड़ी हो जाती।कई बार हालत इतनी खराब हुई कि परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। डॉक्टरों के जवाब, दवाइयों का खर्च और लगातार गिरती सेहत ने पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से झकझोर दिया। लेकिन आकाश हर बार मौत की आंखों में आंखें डालकर खड़ा हो गया।इसी संघर्ष के बीच उनके पिता का निधन भी हो गया। पिता के जाने के बाद घर की जिम्मेदारियां और बढ़ गईं। जिस बेटे को खुद सहारे की जरूरत थी, वह परिवार का सहारा बनने लगा। दर्द भीतर था, लेकिन चेहरे पर मुस्कान रखने की कोशिश जारी रही।जिस उम्र में युवा अपने करियर, नौकरी और सपनों की योजनाएं बनाते हैं, उस उम्र में आकाश ने अस्पतालों के बेड, ब्लड बैंक और मेडिकल रिपोर्टों के बीच जिंदगी बिताई। दोस्तों की दुनिया आगे बढ़ती रही, लेकिन उसकी जिंदगी इलाज और संघर्ष में उलझी रही।फिर भी उसने खुद को कभी “कमजोर” नहीं माना। आकाश का कहना हैं“बीमारी ने मेरा शरीर कमजोर किया है,लेकिन मेरे सपने को नही। मै आज भी जीना चाहता हू पढना चाहता हू और आगे बढ़ना चाहता हू।0
0
Report
