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HSHimanshu SinghFollow19 Jan 2025, 04:54 pm

गोरखपुरः अकोलही में जिला स्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता का किया आयोजन

Gajpur, Uttar Pradesh:

खोराबार ब्लॉक के ग्राम सभा अकोलही में जिला स्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता चंद्रपाल सिंह यादव रहें। यादव ने प्रतियोगिता का उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राप्ती नदी और गोर्रा के तटीय ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के खेलों का आयोजन युवाओं में शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूती प्रदान करेगा। हमारे ग्रामीणांचल के युवाओं में वो सभी सकारात्मक ऊर्जा, क्षमता और पराक्रम है। साथ ही इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा युवाओं जिससे राप्ती नदी और गोर्रा तट पर बसे गांवों डांगीपार से लेकर सोनवे, सेमरामानिक चक, कुई बाजार और गौर, अकोलही, पोछिया तक के खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

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अमरौहा: कांवड़ मार्ग के कारण नॉनवेज दुकाने एक माह बंद को लेकर विवाद

Noida, Uttar Pradesh:अमरौहा में कांवड़ यात्रा के दौरान नॉनवेज की दुकानों को खोलने को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अमरौहा के कुछ मुस्लिम सामाजिक संगठन प्रशासन को चिट्ठी लिखे हैं कि कवर रूट के अलावा शहर के ऐसे इलाकों में जहाँ कर रूट नहीं पढ़ता, वहाँ नॉनवेज की दुकान बंद नहीं होनी चाहिए। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताए जाते हैं। उनका कहना है कि किसी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान दूसरे समुदाय की दुकान बंद नहीं होनी चाहिए क्योंकि दुकान गरीब लोगों की है और एक महीने दुकान बंद रहने से उनके रोजगार पर असर होगा। मुस्लिम संगठनों का यह भी कहना है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो हाई कोर्ट का रुख किया जाएगा। अमरौहा के डीएम ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान नॉनवेज की दुकान एक ही कर रूट पर बंद होगी क्योंकि यह सरकार का आदेश है, पर कर रूट के बाहर अन्य इलाकों में ऐसा आदेश नहीं है. हमने पीस कमेटी से बात की है और सभी लोग इससे सहमत हैं कि कांवड़ रूट में मीट की दुकान बंद रहेंगी। न्यूज़ टीम ने कवर रूट पर पड़ने वाले नॉनवेज दुकानदारों से बात की, वे पूरी तरह सहमत हैं और सरकार के लिए अन्य विकल्प ढूंढ़े जाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि एक महीने दुकान बंद रहने से उन्हें खर्च और किराया कैसे चलेगा। दुकानदारों का कहना है कि कर रूट नहीं पड़ते इलाकों में दुकान खोलने पर क्या आपत्ति है। अमरौहा के हिंदू संगठन बजरंग दल के लोग कहते हैं कि जिस इलाके में कर रूट नहीं पड़ता है वहाँ कई हिंदू परिवार रहते हैं; अगर वे सुबह पूजा करते हैं और किसी पक्षी या मीट के टुकड़े से उनके रास्ते में बाधा हो जाए तो पूजा और आस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए पूरे एक महीने तक कर रूट या पूरे इलाके में नॉनवेज की दुकान बंद होनी चाहिए।
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राजस्थान चुनाव से पहले बीजेपी का संत रविदास समरसता संकल्प अभियान शुरू

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी संत रविदास की 650वीं जयंती को लेकर मेगा आउटरीच प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। प्रदेश में सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ शुरू किए जा रहे इस अभियान के जरिए बीजेपी की वंचित वोटों पर निगाह है। 29 जुलाई से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान में बीजेपी संत सम्मान, संवाद और जनसंपर्क के कार्यक्रमों के जरिए इस वर्ग के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश में है। ऐसे मौके पर यह अभियान धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ-साथ राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम माना जा रहा है। अभियान के सफल संचालन के लिए जयपुर में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। देखिए ये रिपोर्ट... राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। बीजेपी संगठन चुनावी मोड में है और इसी बीच पार्टी देशभर में श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान 29 जुलाई यानी गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर अगले साल 20 फरवरी तक चलेगा। संगठन का दावा है कि इसके जरिए संत गुरु रविदास के समता, सेवा और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान को लेकर की रणनीति साफ है... अभियान का दायरा केवल बड़े शहरों तक नहीं रहेगा, बल्कि गांव, ढाणी, वार्ड और बूथ स्तर तक पहुंचेगा। प्रदेश, जिला, मंडल और ग्राम स्तर पर कार्यक्रम होंगे। संत समाज, मंदिर समितियां, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेतृत्व को साथ जोड़ने की तैयारी है। इस दौरान प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट भी है। ऐसे में इस अभियान को बीजेपी राजनीतिक रूप से संगठित होकर एससी वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है। अभियान की क्रियान्विति ठीक ढंग से हो, इसके लिए प्रदेश और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। अभियान शुरू होने से पहले राजस्थान में बीजेपी की ओर से प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जिला अध्यक्ष, जिलों में गठित समिति, एससी मोर्चा के पदाधिकारियों को बुलाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा, राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं से अभियान में सक्रिय रुप से भाग लेते हुए इसे जन जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान सरकार की ओ से चलाई जा रही योजनाओं को भी पहुंचाने के निर्देश दिए गए ताकि एससी समुदाय के लोग ज्यादा से ज्यादा पार्टी से जुड़ सकें। बाइट - अनिता बधेल , विधायक और राज्य स्तरीय कमेटी सदस्य, यह है पूरा अभियान ... अभियान की शुरुआत वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से होगी। यहां से पावन मिट्टी देशभर के राज्यों में पहुंचेगी। इसके बाद प्रदेश, जिला और गांव स्तर पर कलश वंदन, प्रभात फेरी, भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और समरसता संकल्प कार्यक्रम आयोजित होंगे। राजस्थान के हर जिले और गांव तक अभियान पहुंचाने की तैयारी है, जिससे चुनाव से पहले संगठन की जमीनी सक्रियता भी बढ़ेगी। बीजेपी ने अभियान को चार चरणों में बांटा है। पहले चरण में कलश वंदन अभियान, दूसरे में संत संपर्क अभियान, तीसरे में जालंधर से वाराणसी तक समरसता यात्रा, और चौथे चरण में छात्रावास एवं युवा संपर्क अभियान चलाया जाएगा। यानी संत समाज से लेकर युवाओं और विद्यार्थियों तक अलग-अलग वर्गों से संवाद स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई है।
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पूर्व राजपरिवार के श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास को अदालत से राहत, अधिकार वैध

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास विवाद, पूर्व राजपरिवार को मिली कोर्ट से राहत, पूर्व राजपरिवार के महारावल बोले - ये हमेशा समाज की संपत्ति डूंगरपुर शहर के पुराना बस स्टैंड के पीछे स्थित श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास विवाद पर एडीजे कोर्ट के फैसले पर पूर्व राजपरिवार ओर राजपूत समाज को बड़ी राहत दी है कोर्ट ने अपने आदेश में छात्रावास व उसकी भूमि को श्री लक्ष्मण देवस्थान निधि ट्रस्ट की संपत्ति बताया है इधर कोर्ट का फैसला आने के बाद पूर्व राजपरिवार व राजपूत समाज ने ने खुशी जताई है श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व राजपरिवार के महारावल ओर पूर्व राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन सिंह ने कहा ये छात्रावास हमेशा से समाज का है और रहेगा। लेकिन कुछ लोगों ने समाज को गुमराह कर इसे हथियाने का प्रयास किया। लेकिन कोर्ट में सत्य की जीत हुई। पूर्व राज्यसभा सांसद ओर पूर्व राजपरिवार के महारावल हर्षवर्धन सिंह ने श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास से जुड़े कानूनी मामले में न्यायालय के निर्णय को सत्य और न्याय की जीत बताया है उन्होंने कहा कि श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास हमेशा से क्षत्रिय समाज का रहा है और इस पर अधिकार को लेकर कुछ अराजक या असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया था उन्होंने कहा, "न्यायालय ने मामले के सभी तथ्यों और दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद निर्णय श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास के पक्ष में दिया है इससे यह साफ हो गया है कि छात्रावास पर समाज का अधिकार पूरी तरह वैध है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत के फैसले के बाद अब छात्रावास में सुचारू रूप से व्यवस्थाएं संचालित की जाएंगी और समाज के हित में कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे Akhil Bharatiya Kshatriya Mahasabha Dongarour के जिलाध्यक्ष Karaniraj Singh Chauhan bichhivaada ने कहा कि समाज में ही कुछ लोगों ने समाज को गुमराह कर छात्रावास पर कब्जा करने की कोशिश की थी। लेकिन ये सफल नहीं हो सकी। इस छात्रावास का संचालन हमेशा क्षत्रीय समाज के हित में होगा। जहा छात्र रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
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बिहार के सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड लागू, शिक्षकों के कपड़ों पर कड़ी निगरानी

Jehanabad, Bihar:बिहार के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाने और अनुशासन की नई पटकथा लिखने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फरमान जारी किया है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण औपचारिक पोशाक यानी ड्रेस कोड पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग के इस कड़े रुख का धरातल पर क्या असर है, जब इसकी पड़ताल की गई, तो जहानाबाद में प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच मिला-जुला असर देखने को मिला। जिले के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक विभाग के इस फैसले के प्रति सजग दिखे और औपचारिक पोशाक में अध्यापन करते नजर आए। लेकिन सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सोहे की तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही थी। पड़ताल के दौरान विद्यालय में 11 शिक्षक और 50 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। 11 में से 2 शिक्षक कैजुअल ड्रेस (जीन्स पहने) में बच्चों को पढ़ाते पकड़े गए। जब उनसे नियमों की अनदेखी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने झटपट सफाई दी, उन्होंने बताया कि हम घर से निकल चुके थे, रास्ते में व्हाट्सएप पर सरकार का आदेश मिला। आदेश सिर आंखों पर है, कल से हर हाल में पालन करेंगे। वही विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आदेश आज मिला है कल से अनुपालन कराया जाएगा। इधर विद्यालयों में आदेश के अनुपालन को लेकर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि़क, ऑफ-कैमरा अपनी जिम्मेदारी स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का निर्देश जिले के सभी विद्यालयों को भेजा जा चुका है। सख्त हिदायत दी गई है कि आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन हो। जो भी शिक्षक ड्रेस कोड का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है। बताते चले कि हाल के दिनों में जहानाबाद के कुछ विद्यालयों से शिक्षकों के बीच आपस में तू-तू-मैं-मैं, मारपीट और अभद्र व्यवहार के शर्मनाक मामले सामने आए थे। इन घटनाओं से गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल पर गहरा दाग लगा था। ऐसे में शिक्षा विभाग का यह नया नियम केवल एक ड्रेस कोड नहीं, बल्कि खोई हुई गरिमा और अनुशासन की बहाली का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
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पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा, पीएम का तेज़ कोर्ट बनाने का दावा

Noida, Uttar Pradesh: देहरादून: पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम मोदी के ट्वीट पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "यह छात्रों को आगे रखकर राजनीति करने, माहौल खराब करने, कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने और अराजकता फैलाने की एक सोची-समझी साज़िश है। जबकि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में 12 लाख से ज़्यादा लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं, NEET परीक्षा दोबारा और पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई है, CBI जांच हुई है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है... प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह छात्रों के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएंगे और जल्द से जल्द उनके हितों के लिए काम करेंगे... उन्होंने हर क्षेत्र में युवाओं को बढ़ावा दिया है...
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सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, कोर्ट ने तीन हफ्ते में सरेंडर का आदेश

Noida, Uttar Pradesh:सोनम रघुवंशी की जमानत क्यों हुई रद्द? जानिए, सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा मेघालय में हनीमून के दौरान पति की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को वापस जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने सोनम को तीन हफ्ते में सरेंडर करने के लिए कहा है। हालांकि कोर्ट ने छूट दी कि अगर इस मामले में 6 महीने तक निचली अदालत में मुकदमा पूरा नहीं होता है तो सोनम नए सिरे से जमानत की अर्जी लगा सकती है। सोनम को क्यों मिली थी ज़मानत सोनम रघुवंशी को इस मामले में जमानत केस की मेरिट के आधार पर नहीं, बल्कि पुलिस की तकनीकी खामी के आधार पर मिली थी। दरअसल पुलिस ने अरेस्ट मेमो में बीएनएस की धारा 103(1) के बजाए 403(1) लिख दी थी। बीएनएस की धारा 103(1) मर्डर के मामलों में लगती है जबकि 403(1) अस्तित्व में ही नहीं है। सोनम ने अपनी ज़मानत अर्जी में इसी खामी को आधार बनाया था। सोनम का कहना था कि चूंकि उन्हें गिरफ्तारी के सही कारण नहीं बताए गए, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। निचली अदालत ने उसकी दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी थी बाद में हाईकोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा था। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मेघालय सरकार की दलील सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि यह कहना गलत होगा कि सोनम रघुवंशी को गिरफ्तारी के आधार बताए ही नहीं गए। अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी की एक धारा टाइपिंग की वजह से गलत लिखे जाने के चलते उसे हत्या जैसे संगीन मामले में जमानत नहीं मिलनी चाहिए। तुषार मेहता ने यह भी कहा कि सोनम रघुवंशी ने पहले सोची समझी योजना के तहत पति के मर्डर को अंजाम दिया और बाद में सह आरोपियों के कहने पर सरेंडर कर दिया। तुषार मेहता ने कहा कि सोनम ने सरेंडर किया था। इसका मतलब साफ है कि उसे अच्छी तरह से पता था कि उस पर क्या आरोप है और किस गुनाह में पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सोनम को कोर्ट ने दिए थे दो विकल्प पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दो विकल्प दिए थे। पहला विकल्प यह कि सोनम के वकील कोर्ट में जिरह जारी रखें और कोर्ट केस में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जमानत पर फैसला ले। दूसरा विकल्प कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दिया था कि वो सरेंडर कर दे और गवाहों के परीक्षण पूरे होने के बाद नए सिरे से जमानत की अर्जी लगाए। आज जब इस मामले को लेकर सुनवाई शुरू हुई तो सोनम के वकील ने सरेंडर करने का विकल्प नहीं चुना। सोनम के कहा कि इस मामले में अभी तक सिर्फ चार गवाहों के बयान हुए हैं जबकि कुल 94 गवाहों के बयान होने हैं। सुप्रीम कोर्ट का रुख सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गिरफ्तारी के कारण बिल्कुल नहीं बताना और उन्हें ठीक से न बताना, दोनों अलग बातें हैं। इस केस में ऐसा नहीं है कि सोनम को गिरफ़्तारी के कारण बताए ही नहीं गए। अगर कारण बिल्कुल नहीं बताए जाएं तो गिरफ्तारी पर सवाल उठ सकता है। लेकिन अगर कारण बताए गए हों और उनमें कुछ कमी हो, तो यह देखना होगा कि उससे आरोपी को वास्तव में कोई नुकसान हुआ या नहीं। सोनम अभी ज़मानत की अधिकारी नहीं, कोर्ट ने कहा कि इस केस में सोनम रघुवंशी ने पहले जो तीन जमानत अर्जी दाखिल की थीं, उसमें कहीं पर भी इस दलील का सहारा नहीं लिया कि उसे गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए। यही नहीं, सोनम ने मजिस्ट्रेट के सामने गिरफ्तारी के कारण और संबंधित दस्तावेज़ मिलने की बात स्वीकार की थी। मजिस्ट्रेट ने भी रिकॉर्ड में लिखा था कि नियमों का पालन किया गया है। ऐसे ही इस आधार पर ज़मानत देने का निचली अदालत और हाई कोर्ट का फैसला गलत है। इस केस में जो तथ्य है, उसके आधार पर ज़मानत नहीं दी जा सकती। आज की पीढ़ी नहीं झेल पाती तनाव सोनम को लेकर आदेश सुनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाज बदल रहा है, इसलिए ऐसी बातें होना स्वाभाविक है। आज की पीढ़ी हमसे अधिक जानकारी रखती है, लेकिन मानसिक दबाव झेलने की क्षमता कम हो गई है। वे अधिक संवेदनशील हैं। संयुक्त परिवार में बच्चे चाचा, चाची, दादा-दादी, नाना-नानी जैसे परिवार के अन्य सदस्यों से बहुत कुछ सीखते थे, उनसे भावनात्मक संबल मिलता था पर आज एकल परिवार में लोग छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं। वो अधीर होकर हर समस्या का तुंरत समाधान चाहते हैं।
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रेयबरेली के कांवड़ मार्ग पर 30 जुलाई से मांसाहार प्रतिबंध, फूड सेफ्टी ऐप अनिवार्य

Raebareli, Uttar Pradesh:रेयबरेली के कांवड़ मार्ग पर आगामी 30 जुलाई से मांसाहार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा इस मार्ग पर कांवड़ यात्रा के दौरान ढाबा मालिक अपनी पहचान छुपाकर रेस्टोरेंट का संचालन नहीं कर सकेंगे। इसके लिये कांवड़ मार्ग पर फ़ूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप की जानकारी वाला पम्पलेट सभी ढाबा संचालक को चिपकाना होगा। इस पर ढाबा मालिकों के नाम, फ़ोन नंबर समेत उनका पता और ईमेल आईडी लिखना अनिवार्य होगा। इसी पम्पलेट पर फ़ूड सेफ्टी विभाग का टोल फ्री नम्बर भी लिखा होगा। यदि ढाबे पर खाद्य सम्बन्धी कोई भी गड़बड़ी मिलती है तो काँवड़ियों समेत अन्य लोग भी इस पर सीधे शिकायत कर सकते हैं। इस निर्णय की जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने बताया कि इसे पूरी सख़्ती से लागू कराया जायेगा जिसके लिए रास्तों का चयन करके इस पर पड़ने वाले सभी ढाबों पर खाद्य सुरक्षा कनेक्ट ऐप की जानकारी वाला पम्पलेट चिपकाया जा रहा है।
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बहराइच में करंट चपेट से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, गांव में हड़कम्प

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच. करंट की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत,\n\nख़बर बहराइच से है, जहाँ करंट की चपेट में आकर मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई. घटना से इलाके में हड़कम्प मच गया. सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुट गई. एक साथ मां-बेटी की हुई मौत से गांव में अफरा-तफरी का माहौल है.\n\nमामला थाना बौंडी क्षेत्र का है,जहाँ के ऊंचगांव की राम मिलन की पत्नी गुड्डी स व उसकी 7 वर्षीय बेटी प्रिया सिंह की करंट लगने से मौत हो गयी, मृतक के परिजन ने बताया की घर के दरवाजे पर लगे बिजली के पोल में अचानक करंट उतर आया,जिसकी चपेट में उनकी 7 वर्सीय बेटी बेटी प्रिया आ गयी,बेटी की चीख सुनकर बचाने गयी मां भी करंट की चपेट में आ गयी जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गयी,\n\nवहीं पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया और मामले की जांच में जुटी हुई है,
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नालंदा में छात्रों का प्रदर्शन, पेपर लीक के विरोध की मांगें तेज

Pariaunna, Bihar:दिल्ली और पटना में लाठीचार्ज के विरोध में अब नालंदा के बिहारशरीफ में भी छात्रों का आक्रोश दिखा। गुरुवार को बिहार शरीफ अस्पताल चौराहा पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। हाथों में बैनر और तख्तियां लेकर छात्रों ने मार्च निकाला। छात्रों ने पेपर लीक मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं है।
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