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रायगढ़ में शिवसेना के मंत्री पद की पुष्टि, विकास के पथ पर तेज़ी

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी- गृहराज्यमंत्री योगेश कदम पृथ्वीराज चव्हाण वंदनीय बाळासाहेब ठाकरे नंतर उद्धवजींनी सूत्र हातात घेतली होती 2019 मध्ये कशा पद्धतीने आकडे होते म्हणून त्याची अंमलबजावणी झाली 2014 मध्ये आकडे कमी पडले म्हणून ती संधी मिळाली नाही पण त्या वेळेला आकडे जुळून आले असते तर त्यांनी तसं केलं असतं आमच्यावरती आरोप करायचे आणि स्वतः काँग्रेस सोबत जाऊन बसायचं युतीची मानसिकता त्यांची पहिल्यापासून नव्हती उद्धव ठाकरे यांचे मी मुख्यमंत्री कसा होईल यासाठीच प्रयत्न होते त्याच प्रयत्नातून 2019 मध्ये हा प्रयत्न झाला असेल रायगडच्या पालकमंत्री पदात कोणाचा पुढाकार होता यावरती मला भाष्य करायचं नाही रायगड मधल्या शिवसैनिकांना न्याय मिळाला आहे शिवसेनेची ताकद सर्वात जास्त रायगड मध्ये आहे शिवसेनेचे पालकमंत्री पद व्हावे अशी आमची इच्छा होती शिवसेनेची इच्छा पूर्ण झाली आहे पालकमंत्री राजकारण न करता आता विकास कामांवर भर दिला पाहिजे भरत शेठ हे तळागाळतील समस्यांची जाण असलेले व्यक्ती आहेत विकास कामांच्या बाबतीत त्यांच्याकडून कुठलीही दिरंगाई होणार नाही रायगड जिल्ह्याचा विकास हेच ध्येय ठेवून भरत शेठ काम करेगील वैभव नाईक खरी कारणही आम्हाला माहिती आहेत वैभव नाईक आमचे मित्र आहेत त्यांनी जी कारणे दिली ते ठराविक जणांना माहिती आहे त्यांनी खरं बोलावं, गद्दार हा शब्दप्रयोग त्यांनी करू नये तुम्ही जर प्रामाणिक असता तर जनतेने तुम्हाला निवडून दिलं असतं जो व्यक्ती प्रामाणिक होता ज्यांनी शिवसेना वाचवली त्याच्यावरती जनतेने विश्वास ठेवला ज्यांनी वंदनीय बाळासाहेबांच्या विचारांशी यांची गद्दारी केली त्यांना जनतेने घरी बसवले त्याच्या मधले तुम्ही एक आहात
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बुरहानपुर में PIB के मीडिया वार्तालाप से सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंची

Burhanpur, Madhya Pradesh:बुरहानपुर में पीआईबी का मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम संपन्न हुआ केंद्र सरकार द्वारा आमजन के कल्याण और विकास के लिए कृषि, स्वास्थ्य, स्वरोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ आमजन को सहजता और सरलता से मिले और योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है। मीडिया के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। यह बात खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने बुरहानपुर में पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित एक दिवसीय मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। सांसद पाटील ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार को लेकर कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग को आर्थिक चिंता न हो, इसके लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के संबंध में कहा कि समय के साथ योजना में आवश्यक सुधार किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी सरकार तक पहुंचाएं।पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के निदेशक मनीष गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में मीडिया वार्तालाप प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक 30 से अधिक जिलों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आगामी समय में प्रदेश के विभिन्न अंचलों एवं जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पीआईबी की कार्यप्रणाली एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में इसकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी। बाइट 01 सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल बाइट 02 मनीष गौतम , निदेशक
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जोधपुर: हाईकोर्ट ने वार्ड परिसीमन मामले में जवाब तलब कर अगली सुनवाई 25 अगस्त तय

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। नगर निगम जोधपुर के 12 वार्डों की सीमाओं में किए गए कथित बदलाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों से ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार को निर्देश प्राप्त कर जवाब देने के लिए निर्देश दिए है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की है। याचिका कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद ओंकार वर्मा और कुश गहलोत की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनीष व्यास ने कोर्ट को बताया कि सितंबर 2025 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और सुझाव लेकर वार्डों का परिसीमन अंतिम रूप से राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। आरोप है कि करीब 11 माह बाद नगर निकाय चुनाव के नजदीक 12 वार्डों की सीमाओं में बिना नई आपत्तियां आमंत्रित किए और प्रभावित लोगों को सुनवाई का अवसर दिए बिना बदलाव किया गया। याचिका में 7 अगस्त 2026 की स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना और वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद जारी परिणामी राजपत्र नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि आरक्षण लॉटरी के बाद परिसीमन में बदलाव निर्वाचन की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार को सरकार से निर्देश लेकर जवाब पेश करने को कहा。
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हाईकोर्ट ने कबीर नगर योजना के कब्जे विवाद में कमेटी बनाने का निर्देश दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। कबीर नगर कमर्शियल स्कीम में प्लॉटों के कब्जे और कथित अतिक्रमण को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम को पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ ने कहा कि सरकारी एजेंसी की लापरवाही के कारण आवंटियों को अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक मुकदमेबाजी के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मामला तीन याचिकाओं से जुड़ा है। किरण और संतोष सिंह ने कबीर नगर योजना में क्रमश: प्लॉट नंबर 8 और 10 का पूरा भुगतान वर्ष 2011 में करने तथा पट्टा जारी होने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं मोहम्मद असलम ने प्लॉट नंबर 7 को पूर्व आवंटी से खरीदने का दावा किया। कोर्ट के सामने आया कि 15 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद दो आवंटियों को उनके प्लॉट का कब्जा नहीं मिल सका। नगर निगम की ओर से कराए गए सर्वे में उमराव खान को प्लॉट नंबर 7 और 8, जगमल सिंह को प्लॉट नंबर 9 तथा मोहम्मद असलम को प्लॉट नंबर 10 पर अनधिकृत कब्जे में बताया गया था। निगम ने जुलाई में अतिक्रमण हटाने के नोटिस भी जारी किए। संबंधित पक्षों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे आवंटन या पुनर्वास के आधार पर जमीन पर काबिज हैं। हाईकोर्ट ने निगम की जांच और कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित पक्षों के अभ्यावेदनों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया। हालांकि कब्जे और स्वामित्व से जुड़े तथ्यात्मक विवाद का फैसला रिट याचिका में करना संभव नहीं है। कोर्ट ने निगम को चार सप्ताह में स्थानीय स्वशासन विभाग के उच्च अधिकारियों, जिला कलेक्टर और निगम आयुक्त को शामिल कर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित पक्ष 15 दिन में कमेटी के समक्ष अपने दावे और आपत्तियां पेश कर सकेंगे। कमेटी सभी को सुनवाई का अवसर देकर कारणयुक्त आदेश पारित करेगी। यदि किसी व्यक्ति का वैध अधिकार साबित होता है तो जरूरत पड़ने पर डीएलसी दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। मूल प्लॉट देना संभव नहीं होने पर उसी योजना में समान आकार का वैकल्पिक प्लॉट देना होगा। साथ ही पेड़ हटाने पड़ने पर प्रत्येक पेड़ के बदले दस छायादार पौधे लगाने होंगे। आदेश की पालना तीन माह में करनी होगी।
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हाईकोर्ट: नाबालिग पासपोर्ट पर पिता की सहमति जरूरी नहीं, विदेश यात्रा संभव

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्चे के पासपोर्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कहा कि माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद का असर बच्चे के भविष्य और शिक्षा के अधिकार पर नहीं पड़ना चाहिए। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने स्पष्ट किया कि बच्चे माता-पिता की संपत्ति नहीं, बल्कि कानून की नजर में स्वतंत्र व्यक्ति हैं और माता-पिता उनके संरक्षक हैं, मालिक नहीं। मामले में रिद्धम ने अपनी मां के माध्यम से विदेश में उच्च शिक्षा के लिए पासपोर्ट जारी करने का आवेदन किया था। पिता की सहमति नहीं होने के कारण पासपोर्ट जारी नहीं किया गया। इस पर एडवोकेट राहुल सोनी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट को बताया गया कि रिद्धम के माता-पिता का विवाह 2002 में हुआ था। वैवाहिक विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे। पारिवारिक न्यायालय, पाली ने 9 जून 2022 को पिता की वैवाहिक अधिकार बहाली संबंधी याचिका खारिज कर दी और मां की तलाक याचिका स्वीकार करते हुए विवाह विच्छेद कर दिया। इसके बाद पिता ने बच्चे की अभिरक्षा या मुलाकात के अधिकार के लिए कोई आवेदन नहीं किया। हाईकोर्ट ने माना कि रिद्धम अपनी मां की वैध अभिरक्षा में है और दसवीं कक्षा में उसका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। विदेश में उच्च शिक्षा उसके भविष्य और करियर के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में केवल पिता की सहमति नहीं होने के तकनीकी आधार पर पासपोर्ट रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। पासपोर्ट नियमों के तहत निर्धारित अनुलग्नक-सी में शपथपत्र प्रस्तुत किए जाने पर दूसरे अभिभावक की सहमति के अभाव में भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। कोर्ट ने पासपोर्ट प्राधिकरण को बिना देरी रिद्धम का पासपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए।
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कवर्धा: आरक्षक भर्ती लिस्ट मांग को लेकर अभ्यर्थियों का सड़क पर घेराव-हड़ताल जारी

Kawardha, Chhattisgarh:भूखे-प्यासे सड़क पर डटे अभ्यर्थी, कुछ ने सड़क को ही बनाया बिस्तर; आरक्षक भर्ती की ड्यूटी लिस्ट की मांग पर आर-पार की लड़ाई ---- कवर्धा, 21 अगस्त 2026। पुलिस आरक्षक भर्ती की ड्यूटी लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर प्रदेशभर से कवर्धा पहुंचे अभ्यर्थियों का आंदोलन देर रात तक जारी रहा। सुबह अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने निकले अभ्यर्थियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद सभी अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। दिनभर प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलने के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता गया। देर रात तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर ही डटे रहे। आंदोलन के दौरान कई अभयर्थी भूखे-प्यासे नजर आए, वहीं थकान और रात होने के बावजूद उनके पास घर लौटने का विकल्प नहीं था। मजबूरी में कुछ अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही चादर बिछाकर रात गुजारनी शुरू कर दी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अपनी मांग को लेकर कवर्धा पहुंचे हैं। लंबे समय से आरक्षक भर्ती की दूसरी लिस्ट और आगे की प्रक्रिया को लेकर इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि अब वे किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि यह अब आर-पार की लड़ाई है। उनका कहना है कि वे देखना चाहते हैं कि प्रशासन झुकता है या अभ्यर्थी। जब तक उनकी मांग पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे सड़क से हटने को तैयार नहीं हैं। रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे और सोते अभ्यर्थियों की तस्वीरें आंदोलन की गंभीरता और उनकी परेशानी को बयां कर रही हैं। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
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कोकण में शिवसेना के अध्यायों पर उबाता संघर्ष के संकेत, कड़क कार्रवाई तय

Ratnagiri, Maharashtra:चिपळूण - रत्नागिरी गृहराज्यमंत्री योगेश कदम वाईट पॉइंटर.. ऑन ड्रग्ज.. रॅकेटमुख्यमंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली अँटी नार्कोटेक्स टास्क फोर्स ची स्थापना.. ज्या कारवाई होत आहेत त्या कारवाईंमध्ये कुठलाही प्रकारचं राजकारण न आणता ज्याची ज्याची इन्व्हरमेंट असेल त्या प्रत्येकावरती कडक कारवाई केली जाईल.. ऑन सुभाष देसाई.. पक्ष आणि चिन्ह शिवसेनेला धनुष्य मनापासून वेगळं करण्याचं काम किंवा पाप हे उबाटाच्या मार्फत प्रयत्न करतायत.. निकालामध्ये चिन्ह हे आम्हालाच मिळेल.. ऑन पृथ्वीराज चव्हाण.. पृथ्वीराज चव्हाण यांनी सांगावं त्यावेळी हा प्रस्ताव कोणी त्यांना दिलेला असावा.. बाळासाहेब कधीही काँग्रेसमध्ये जाण्याच्या विचारात नव्हते.. त्यांना मुख्यमंत्री पदाची खुर्चीत महत्त्वाची होती बाळासाहेबांचे विचार महत्त्वाचे नव्हते.. ऑन सुभाष देशाई.. (कोकण हा शिवसेनेचा बालेकिल्ला).. भास्कर जाधव मुख्यमंत्री भास्करराव जाधवांच्या बाबतीत कोपऱ्याला गोड लावायचा आणि त्यांना खेळवत ठेवायचं अशा प्रकारची ही वक्तव्य आहेत.. ज्यावेळेस भास्करराव जाधव आणि शिवसेनेत प्रवेश केला त्यावेळेस तुम्हाला मी मंत्रीपद देणार आहे,असा त्यांनी त्यावेळी शब्द दिला होता मंत्रीपद तर दिलच नाही तर मुख्यमंत्रीपद कुठं देतील.. कोकण हा शिवसेनेचा bालेकिल्ला होता,आहे..आजही राहील आणि उद्याही राहील.. परंतु शिवसेना शिवसेना आज आमच्या सोबत आहेत तुमच्या सोबत नाहीत.. कदाचित सुभाषराव देसाई हे विसरले असतील मुंबईच्या जीवावरती तुमचं राजकारण चालायचं तेही आता तुमच्या हातातून गेलं आहे.. कोकण तर तुमच्या हातातून कधीच गेलेला आहे सुपडा साफ झालेला आहे.. विधानसभा,लोकसभा आणि स्थानिक स्वराज्य संस्थांच्या निवडणुकांमध्ये सर्व सुपडा साफ झाला आहे उबाटाचा.. जे राजकीय पक्ष चमत्काराची वाट बघत असतात ते कधीच विजयी होत नाहीत..
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नागालैंड के व्यक्ति चुचुरा में अचेत मिले, स्थानीय युवक ने अस्पताल पहुँचाया

Chinsurah, West Bengal:নাগাল্যান্ডের বাসিন্দা চুঁচুড়ায় সংজ্ঞাহীন অবস্থায় উদ্ধার। রাস্তায় দীর্ঘক্ষন পরে থাকার পর উদ্ধার করে হাসপাতালে ভর্তি করলেনlocals যুবক। চুঁচুড়া ফার্ম সাইড ৩ নম্বর লেনের দুর্গা মন্দিরের সামনে রাস্তার ধারে সংজ্ঞাহীন অবস্থায় এক ব্যক্তিকে পড়ে থাকতে দেখে চাঞ্চল্য ছড়ায় এলাকায়। স্থানীয় বাসিন্দারা বিষয়টি দেখতে পান। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছন এলাকারই প্রাক্তন পঞ্চায়েত সদস্য ও সমাজসেবী অজয় মোহান্তি। অজয়বাবুর তৎপরতায় দ্রুত চিকিৎসককে ডেকে ওই ব্যক্তির প্রাথমিক চিকিৎসা করানো হয়। চিকিৎসকের প্রাথমিক অনুমান, সম্ভবত হার্ট অ্যাটাকের কারণে ওই ব্যক্তি অসুস্থ হয়ে পড়েছেন। পরিস্থিতির গুরুত্ব বুঝে দেরি না করে অজয় মোহান্তি তাঁর নিজের অ্যাম্বুল্যান্সে করে ওই ব্যক্তিকে চুঁচুড়া হাসপাতালে নিয়ে যান। উদ্ধার হওয়া ব্যক্তির কাছ থেকে একটি কাগজ পাওয়া যায় তাতে লেখা তার নাম সমীর দাস ছেলের নাম শক্তি দাস। তিনি ডিমাপুরের বাসিন্দা।তার ছেলে বৌমা তাকে বাড়ি থেকে বের করে দিয়েছে।তাই ঘুরে বেড়াচ্ছেন।তার ভাই সুভাষ দাস চকদায় থাকে।সেখানে তিনি যেতে চান। ভদ্রেশ্বরেও তাঁর এক আত্মীয় রয়েছেন। খবর পেয়ে তাঁরাও হাসপাতালে ছুটে আসেন। আত্মীয়দের দাবি, প্রায় চার দিন আগে নাগাল্যান্ডের ডিমাপুরে ওই ব্যক্তিকে দেখা গিয়েছিল। স্টেশনের সিসিটিভি ফুটেজেও তাঁর উপস্থিতির ছবি ধরা পড়েছে বলে পরিবারের তরফে জানানো হয়েছে। তবে কীভাবে তিনি চুঁচুড়ায় এসে পৌঁছলেন এবং রাস্তার ধারে সংজ্ঞাহীন অবস্থায় পড়ে গেলেন, তা স্পষ্ট নয়। এদিন পরিবারের সদস্যদের সঙ্গে অজয় মোহান্তির সহযোগিতায় ওই ব্যক্তিকে চিকিৎসার জন্য চুঁচুড়া থেকে কলকাতায় নিয়ে যাওয়া হয়。
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मेदिनीपुर में महिलाओं ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल के घेराव में अन्नपूर्णा योजना के पैसे मांगे

Mollar Chak, West Bengal:মেদিনীপুর জেলাশাসকের অফিসে বৈঠকে যোগ দিতে এসে মহিলাদের হাতে ঘেরাও এর মধ্যে পড়লেন রাজ্যের মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল। অন্নপূর্ণা ভান্ডারের টাকা না পেয়ে ক্ষুব্ধ মহিলারা মন্ত্রকের কাছে জানতে চান তারা কেন টাকা পাননি। আগের সরকার ভালো ছিল ছিল, দিদি ভাল ছিল, অন্নপূর্ণা ভাণ্ডারে টাকা না পেয়ে এমনই দাবি করল মহিলারা। মেদিনীপুরে বিক্ষোভের মুখে অগ্নিমিত্রা পাল। মেদিনীপুর শহরের বিভিন্ন ওয়ার্ডের একাধিক মহিলা পাননি অন্নপূর্ণা যোজনার তিন হাজার টাকা। মহিলাদের দাবি তারা প্রত্যেকেই পেতেন তৃণমূল সরকারের আমলে লক্ষীর ভান্ডারের টাকা, কিন্তু বিজেপি সরকার আসার পর প্রতিশ্রুতি অনুযায়ী কেউই পাননি অন্নপূর্ণা যোজনার টাকা। মহিলাদের দাবি আগের তৃণমূল সরকারই ভালো ছিল,দিদি ভালো ছিল। দেড় হাজার টাকা করে তো তারা পাচ্ছিলেন তাতেই সংসার চলছিল কিন্তু এখন কোন টাকাই না পাওয়ায় সমস্যায় পড়তে হচ্ছে তাদেরকে। বর্তমান সরকারের মন্ত্রী দিয়েছেন প্রতিশ্রুতি কিন্তু প্রতিশ্রুতি রক্ষা করেনি মন্ত্রী। মেদিনীপুর শহরের অন্নপূর্ণা যোজনা থেকে বঞ্চিত মহিলারা DM অফিসের বাইরে মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পালের কাছেই ঘেরাও করে বিক্ষোভ দেখালেন।
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