icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हाईकोर्ट की 31 जुलाई डेडलाइन: स्थानीय निकाय चुनाव होंगे तय?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-आठ चिट्ठियां... डेढ़ साल का इंतजार... और अब हाईकोर्ट की सख्त डेडलाइन। प्रदेश में पंचायतों और निकायों के चुनाव कब होंगे... इसका जवाब शायद सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से ज्यादा अब हाईकोर्ट के पास है। डेढ़ साल से टल रहे चुनावों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। राज्य निर्वाचन विभाग लगातार पत्र लिखता रहा, लेकिन विभागों से उसे जरूरी डेटा नहीं मिला। अब जब कोर्ट ने 31 जुलाई की डेडलाइन तय कर रखी है, तो राज्य निर्वाचन आयोग ने फिर आरक्षण का डेटा मांग लिया है। सवाल ये है कि चुनाव में देरी महज प्रशासनिक मजबूरी है या फिर 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' का कोई बड़ा गेम प्लान वीओ-1-डेढ़ साल से लोकतंत्र का सबसे निचला पायदान बिना चुनाव के चल रहा है. चुनाव आयोग पत्र पर पत्र लिखता रहा। विभाग जवाब टालते रहे और अब हाईकोर्ट की तल्ख निगाहें पूरे घटनाक्रम पर हैं। चुनाव तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच पत्राचार का लंबा सिलसिला चला, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब हाईकोर्ट की 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा तय किए जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग से आरक्षण संबंधित डेटा तलब कर लिया है. यह वही डेटा है जिसकी अनुपलब्धता पिछले कई महीनों से चुनाव टलने का प्रमुख कारण बताई जाती रही है. पिछले दिनों 15 अप्रैल को चुनाव की समय सीमा में वोटर लिस्ट तैयार करने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग को अवमानना का सामना करना पड़ा था और कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी। ऐसे में आयोग इस बार किसी भी तरह की कानूनी जवाबदेही अपने ऊपर लेने के बजाय रिकॉर्ड पर विभागीय देरी को दर्ज करने की रणनीति पर काम करता दिखाई दे रहा है. हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को चुनाव कराने के दिशा निर्देश दिए थे लेकिन पिछली बार भी राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग आरक्षण संबंधित डेटा आयोग को उपलब्ध नहीं करा पाया था। ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था जबकि इस मामले में कई बार पत्र लिखे गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग और विभागों के बीच हुए पत्राचार से एक और सवाल खड़ा हो रहा है. पिछले कुछ माह में आयोग ने चुनाव तैयारियों को लेकर लगातार पत्र भेजे, लेकिन अधिकांश का जवाब नहीं मिला। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य सरकार की वन स्टेट-वन इलेक्शन अवधारणा से जोड़कर देखा जा रहा है. सरकार पहले ही इस विचार के समर्थन में अपना रुख सार्वजनिक कर चुकी है. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल का कहना है हम चुनाव के लिए तैयार है. और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का इंतजार है. बाइट-प्रेमचंद बैरवा, डिप्टी सीएम बाइट-जोगाराम पटेल, संसदीय कार्यमंत्री राज्य निर्वाचन आयोग के सरकार को पत्राचार 9/12/2025 प्रथम पत्रः शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग को नगरीय निकायों के परिसीमन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए। 24/12/2025 दूसरा पत्रः स्थिति स्पष्ट न होने पर रिमाइंडर भेजा गया। 06/01/2026 तीसरा पत्रः आयोग द्वारा पुनः स्थिति स्पष्ट करने के लिए भेजा गया। 20/01/2026 चौथा पत्रः जवाब न मिलने पर फिर से संपर्क किया गया। 27/01/2026 पांचवा पत्रः शासन सचिव को भेजा गया, जिसका भी कोई जवाब नहीं मिला। 03/02/2026 छठा पत्रः आयोग ने अंतिम चेतावनी दी कि यदि 3 दिन में जवाब नहीं मिला, तो शेष 196 निकायों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 19/03/2026 निदेशक का पत्रः निदेशक, स्वायत्त शासन द्वारा शेष 113 निकायों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई। वीओ-2- उधर जानकार सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार इसी सप्ताह हाईकोर्ट में अंतरिम प्रार्थना पत्र दाखिल कर चुनाव कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त समय मांगेगी। इसके पीछे ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट का तर्क रखा जाएगा। हाल ही में आयोग का कार्यकाल सितंबर 2026 तक बढ़ाया है। ऐसे में रिपोर्ट लंबित होने को आधार बनाकर समय वृद्धि की मांग की तैयारी है। हालांकि 22 मई को चुनाव के मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केवल सरकार को समय ही नहीं दिया है, बल्कि पूरे चुनाव की सबसे बड़ी चाबी यानी ओबीसी आयोग को भी एक टाइमलाइन के भीतर बांध दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग स्थानीय निकायों और पंचायतों में ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन का 'इम्पिरिकल डेटा' तैयार कर हर हाल में 20 जून 2026 तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा की किस पंचायत समिति, जिला परिषद या नगर निगम में ओबीसी वर्ग के लिए कितनी सीटें आरक्षित की जानी हैं। सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' के नियमों की पालना के लिए यह रिपोर्ट बेहद अनिवार्य है. बहरहाल, हाईकोर्ट की तय समय सीमा, आयोग की बढ़ती सक्रियता और सरकार की संभावित समय वृद्धि याचिका के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव जुलाई तक हो पाएंगे या फिर 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की अवधारणा के नाम पर इन्हें और आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। फिलहाल गेंद सरकार और कोर्ट के पाले में है, जबकि आयोग रिकॉर्ड पर अपनी सक्रियता दर्ज कराने में जुट गया है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
0
0
Report

डोटासरा-जूली ने टोंक में भाजपा पर हमला, 2028 चुनाव राहुल गांधी नेतृत्व में

Tonk, Rajasthan:टोंक टोंक में डोटासरा का बीजेपी पर हमला, बोले- भाजपा राज में बढ़े अपराध, 2028 का चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे टीकाराम जूली ने भी साधा निशाना, कहा- भाजपा सरकार ने युवाओं और जनता के साथ किया धोखा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बुधवार को जयपुर से कोटा जाते समय टोंक पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं का शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर स्वागत किया गया। पहला स्वागत कार्यक्रम कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जबकि दूसरा स्वागत कांग्रेस युवा नेता हंसराज गाता के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में किया गया。 मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा कि कैलाश चौधरी मदन राठौड़ की जगह लेना चाहते हैं, इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जिसको आशीर्वाद देगी, उसी की सरकार बनेगी。 वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में लड़ेगी। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि "मदन दिलावर मेरे दोस्त नहीं हैं।" वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश और प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में कोई ठोस काम नहीं किया और आमजन की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी。
0
0
Report

कोटा ग्रामीण पुलिस ने 17 लाख के 114 गुमशुदा मोबाइल वापस कराए

Kota, Rajasthan:कोटा ग्रामीण पुलिस की बड़ी पहल: 17 लाख रुपये के 114 गुमशुदा मोबाइल मालिकों को लौटाए पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया वितरण, मोबाइल वापस मिलने पर खिले परिवादियों के चेहरे कोटा। कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन का भरोसा जीतते हुए एक सराहनीय कार्य किया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 17 लाख रुपये से अधिक कीमत के 114 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर परिवादियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई。 पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल गुम होने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए साइबर सेल और थाना पुलिस की टीमों ने तकनीकी सहायता एवं लगातार प्रयासों के माध्यम से गुमशुदा मोबाइलों का पता लगाया और उन्हें बरामद किया。 एसपी ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 17 लाख रुपये से अधिक है। मोबाइल मिलने के बाद सभी परिवादियों से संपर्क कर उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय बुलाया गया, जहां विधिवत सत्यापन के बाद मोबाइल उनके सुपुर्द किए गए。 मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों ने कोटा ग्रामीण पुलिस का आभार व्यक्त किया। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस के प्रयासों से उनका कीमती सामान वापस मिल गया。 एसपी सुजीत शंकर ने कहा कि आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके。 इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं साइबर सेल की टीम की भूमिका की भी सराहना की गई, जिनके प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई। कोटा ग्रामीण पुलिस की इस पहल को आमजन ने सकारात्मक कदम बताते हुए पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की。
0
0
Report
Advertisement

नाला सफाई टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप, नगर पालिका के खिलाफ कांग्रेस का ज्ञापन

Dholpur, Rajasthan:कांग्रेसियो ने दिया शहर के नालों की सफाई को लेकर नगर पालिका के खिलाफ ज्ञापन सफाई कार्य की निविदा पूर्व में जारी फिर भी द्वारा से टेंडर को बताया भृष्टाचार बाड़ी शहर की वरिष्ठ कांग्रेसियों ने पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष राजकुमार भारद्वाज के नेतृत्व में शहर की नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर एक ज्ञापन तहसील कार्यालय में टीआरए सौरभ गर्ग को जिला कलेक्टर के नाम दिया है। जिसमें नगर पालिका द्वारा निकाली गई नाला सफाई कार्य की निविदा में भृष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेसी एवं नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष रहे राजकुमार भारद्वाज ने बताया की नाला साफ-सफाई कार्य को लेकर नगर पालिका द्वारा हर वर्ष काम कराया जाता है। इस कार्य का मैनुअल खर्च लगभग 15 लाख रुपए आता है। पूर्व अधिशासी अधिकारी अभिताभ मीणा भी कुछ महीने पहले बसेड़ी रोड,सरमथुरा रोड,अलीगढ़ रोड,कहार गली, रेलवे स्टेशन स्थित नालों की सफाई करा चुके हैं। ऐसे में एक दो नाले ही शेष रहे है। फिर भी नगर पालिका द्वारा पूरे शहर के नालों की साफ- सफाई को लेकर 81 लाख रुपए का टेंडर निकला है। जिसमें 2 वर्ष के कार्य अनुभव की शर्त भी रखी है। जबकि हालत यह है कि नगर पालिका में बजट का अभाव है। पूर्व में नगर पालिका सफाई कार्य को लेकर निविदा भी जारी कर चुकी है। ऐसे में अलग से नाले की सफाई का टेंडर निकाले जाना भ्रष्टाचार को दर्शाता है और इसमें स्थानीय अधिकारियों के साथ अन्य लोगों की मिलीभगत नजर आ रही है। ऐसे में जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है और मांग की है कि ठेके को नहीं किया जाए यदि यह ठेका जिसका पूरे शहर में विरोध है,होता है तो स्पष्ट हो जाएगा कि उच्च अधिकारी भी मिले हुए है। ज्ञापन के दौरान पूर्व पार्षद अमर सिंह पोसवाल,पूर्व नगर अध्यक्ष रामसेवक अजर,पूर्व पार्षद लखना यादव,पूर्व पार्षद हरिसिंह पहाड़िया,पूर्व पार्षद मंगल सिंह कुशवाहा,कांग्रेस की जिला पदाधिकारी रोशनी शिवहरे और नगर पालिका के पूर्व सफाई निरीक्षक केडी बॉस,इरफान एवं अन्य मौजूद रहे
0
0
Report

ब्रजेश पाठक बोले: यूपी में अपराधी-गुंडे समाजवादी पार्टी के समर्थकों से जुड़े

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "लखनऊ में जो हत्याकांड हुआ था, उसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता का नाम उजागर हुआ है... मैंने देखा है कि उत्तर प्रदेश में जो भी आपराधिक घटनाएं हैं, कहीं न कहीं उनसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का और उनके समर्थन में चल रहे अपराधियों का हाथ है। मैं तो बराबर इस बात को कहता रहा हूं कि समाजवादी पार्टी, अपराधी-गुंडो को पोषित करने वाली पार्टी है और चुनाव को नजदीक देख कर सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए वे ऐसे कृत्य कर रहे हैं। हमारी प्रतिबद्धता उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ है। हम हर स्थिति से निपटेंगे..."
0
0
Report

अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के पास खाद्य सुरक्षा टीम ने अवैध सामान नष्ट किया

Aligarh, Uttar Pradesh:रेलवे स्टेशन के आसपास दुकान में कैंटिनो पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने चलाया चेकिंग अभियान. दुकानों का कैंटीन पर टीम को मिले स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले पदार्थ. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खराब सामान के नमूने भरते हुए कराया नष्ट. नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद विभाग के द्वारा की जाएगी विभागीय कार्रवाई. रेलवे स्टेशन के आसपास स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की विभाग को मिली थी जानकारी. सूचना पर पहुंची टीम ने नमूने इकट्ठा करते हुए नष्ट कराई खाद्य सामग्री. अलीगढ़ के रेलवे स्टेशन के आसपास दुकान व कैंटिनो पर चलाया गया चेकिंग अभियान.
0
0
Report
Advertisement

देहरादून में ससुराल वालों ने विवाहिता को 300 दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर किया यातना

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को उसके ससुराल वालों ने पिछले करीब 10 महीनों से एक कमरे और शौचालय के भीतर बंधक बनाकर रखा हुआ था। सेलाकुई थाना क्षेत्र के एक पिता ने सेलाकुई थाने में तहरीर देते हुए यह सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित के पिता के अनुसार उनकी बेटी की शादी 2 साल पहले राहुल खंडूड़ी के साथ हुई थी, जो पेशे से सरकारी शिक्षक है। तहरीर के अनुसार उनकी बेटी को ससुराल वालों ने एक कमरे और टॉयलेट में बंधक बनाकर रखा और लगभग 300 दिनों तक पति, सास और ससुर ने विवाहिता के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पीड़िता के सिर के बाल तक बेरहमी से उखाड़ दिए गए। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर बोतल और डंडों से चोट मारी गई, इतना ही नहीं 그녀 को खाने में कच्चा चावल, एक प्याज, नमक और एक हरी मिर्च दी जाती थी। तहरीर में कहा गया कि उनकी बेटी से उनके मायके पक्ष को मिलने नहीं दिया जाता था। पुलिस ने पीड़िता के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पति, सास और ससुर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report

उज्जैन उन्हेल में जीतू पटवारी वीडियो वायरल, भाजपा ने दुपट्टा फेंकने को आरोपित किया

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन के उन्हेल में कार्यकर्ताओ से मुलाकात के दौरान जीतू पटवारी का वीडियो वायरल, धार्मिक दुपट्टा फेकने पर BJP ने साधा निशाना. उज्जैन से 40 किलोमीटर दूर उन्हेल में मंगलवार को इंदौर से मंदसौर जाते समय मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी कुछ समय के लिए उन्हेल के पास स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जहां कार्यक्रम के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जीतू पटवारी राधा कृष्ण भगवान के दुपट्टा को गले में से उतारकर फेंक रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. वायरल वीडियो में एक किसान जीतू पटवारी को श्री राधा-कृष्ण का फोटो वाला दुपट्टा भेंट करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में आरोप लगाया जा रहा है कि पटवारी ने दुपट्टा हाथ में लेने के बाद पहले से गले में पहना हुआ एक अन्य धार्मिक दुपट्टा भी उतार दिया और दोनों दुपट्टों को नीचे लोगों की ओर फेंक दिया. वीडियो में उनके हाथ में भगवान के नाम और तस्वीर वाले दुपट्टे दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें पहनने के बजाय नीचे फेंकते हुए देखा जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ को लेकर भी कांग्रेस की तरफ से अभी तक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.
0
0
Report
Advertisement

गोंडा में सांप के डंसने से 35 वर्षीय सपना सोनी की मौत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां जिले में खोड़ारे थाना क्षेत्र के गौरा चौकी बाजार से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां घर में जमीन पर सो रही एक 35 वर्षीय युवती की सांप के डंसने से मौत हो गई। मृतका की पहचान गौरा बुजुर्ग गांव निवासी खजांची प्रसाद सोनी की पुत्री सपना सोनी के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात सपना हमेशा की तरह घर के भीतर जमीन पर बिस्तर लगाकर सोई हुई थी। रात के करीब ढाई बजे अचानक उसकी आंख खुली और उसने अपने पिता को बुलाकर होंठ के नीचे तेज चुनचुनाहट और अजीब सी तकलीफ होने की बात कही। बेटी की बात सुनकर जब पिता ने स्थिति को समझने और देखने के लिए लाइट जलाई, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बिस्तर से कुछ ही दूरी पर एक जहरीला सांप रेंग रहा था। पिता की चीख-पुकार सुनकर घर के बाकी सदस्य भी आनन-फानन में मौके पर दौड़ पड़े। गौर से देखने पर सपना के होंठ के नीचे सांप के काटने के साफ निशान दिखाई दे रहे थे। बदहवास परिजन बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बभनजोत लेकर भागे, जहां डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी से उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
0
0
Report

जयपुर की गौशाला में मौत: ग्रामीणों में गुस्सा और प्रशासन पर सवाल

Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) गौशाला बनी मौतशाला, आधा दर्जन गायें और बछड़े बेहोश पड़े हैं, मौत और ज़िन्दगी से जूझ रहे हैं गौवंश। गौशाला में लगातार गौवंश की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, गायों के शवों को जेसीबी मशीन से गड्डे खोदकर बेहरमी से दफनाने का खेल चल रहा है। रोज गायें दम तोड़ रही हैं, गौवंश की मौत से आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश फैला है। जयपुर के फागी तहसील के निमेडा में मासी नदी के पास स्थित श्री कृष्ण गोधाम गौशाला का पूरा मामला है। गौशाला प्रबंधन पर उठ रहे सवाल, सरकार हर साल गौवंश की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर गायों की दुर्दशा देखकर ग्रामीणों में आक्रोश है। गोशालाओं में गौशाला प्रबंधन की बदइंतजामी की वजह रोज़ दम तोड़ रही है गायें। ग्रामीणों का आरोप - प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बाद भी अधिकारियों ने नहीं ली सुध। ग्रामीणों ने कहा - एक साल में करीब 50 से ज्यादा गौवंश की मौत हो चुकी है, गायों को चारा नहीं मिलने और गंदा पानी पिलाने का भी लगाया आरोप।
0
0
Report
Advertisement

आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत; तीन मकानों के शीट उड़ गए

Vijayapura, Karnataka:आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत, तीन मकानों के शीट उड़ गए बीजापुर- जून महीने की शुरुआत के साथ ही जिले के अलग अलग हिस्से में बारिश, आंधी और तूफान का प्रभाव देखा जा रहा है। कल आकाशीय बिजली गिरने से कलमू मल्ली पति मुत्ता (50) की मौत हो गई। पूरा मामला कल शाम 4 बजे के करीब हल्की बारिश और आंधी के बाद आकाशीय बिजली गिरने का है। घर से बाहर काम करने के दौरान आकाशीय बिजली महिला पर आकर गिरी जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई। उक्त घटना बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड से लगे पेरमपल्ली गांव का है। राजस्व अधिकारियों ने गांव जाकर पूरे मामले का पंचनामा तैयार किया है। मृतक का पोस्टमार्टम आवापल्ली अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं उसूर में भी अंधी तूफान ने कहर बरपाया है। उसूर में थानापारा में करीब पांच मकानों के शीटों को उड़ाकर पांच परिवारों के आशियाने के छत को तबाह कर दिया है। पीड़ित परिवार तिरपाल से छत ढँकने को मजबूर हैं। जिसके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनके लक्ष्मैया सुन्नम, कृपावती चिप्पनपल्ली और नारायण सुन्नम शामिल हैं।
0
0
Report

आम को पेड़ पर विशेष खलते में कर रहे बंद, गुणवत्ता और रंग-रूप में आएगा निखार, एक्सपोर्ट में बढ़ेगी मा

Ajay GargAjay GargFollow13m ago
Bugrasi, Uttar Pradesh:बुगरासी। क्षेत्र के आम उत्पादक किसान इस बार आम की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए पेड़ों पर लगे आमों को विशेष खलते (फ्रूट बैग) में बंद कर रहे हैं। बागवानों का मानना है कि इस तकनीक से आम के रंग-रूप में सुधार होने के साथ उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे निर्यात के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी। इन दिनों क्षेत्र के कई आम के बागों में मजदूर पेड़ों पर चढ़कर एक-एक फल को विशेष कागज से बने खलते में बंद करने का कार्य कर रहे हैं। यह तकनीक फल को बाहरी नुकसान, कीटों के प्रकोप, धूल-मिट्टी और तेज धूप से बचाने में मदद करती है। इससे फल की त्वचा साफ, चमकदार और आकर्षक बनी रहती है। बागवानों के अनुसार खुले में लगे फलों पर अक्सर कीटों का हमला, दाग-धब्बे और मौसम का असर देखने को मिलता है, जिससे उनकी बाजार में कीमत प्रभावित होती है। जबकि खलते में बंद फल अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित रहते हैं और उनका रंग एकसमान विकसित होता है। यही कारण है कि अब क्षेत्र के प्रगतिशील किसान इस तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। इससे कीटनाशकों के उपयोग में कमी आती है और फल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। निर्यात के लिए भेजे जाने वाले आमों में बाहरी स्वरूप, रंग और गुणवत्ता का विशेष महत्व होता है, ऐसे में खलते में तैयार किए गए आम विदेशी बाजारों की मांग को पूरा करने में अधिक सक्षम हो सकते हैं। बाग मालिकों का कहना है कि आम की फसल तैयार होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में फलों को सुरक्षित रखने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के उद्देश्य से खलते बांधने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि इस तकनीक के उपयोग से इस बार आम की गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्यात के लिए भी नए अवसर मिलेंगे। क्षेत्र में आम उत्पादन किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी उपज का मूल्य बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में और अधिक बागवान इस तकनीक को अपनाकर अपने आम को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top