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शामली जिम ट्रेनर के द्वारा हिंदू युवा के से कथित निकाह का मामला, यशवीर महाराज का बड़ा बयान
Shamli, Uttar Pradesh:शामली जिम ट्रेनर के द्वारा हिंदू युवा के से कथित निकाह का मामला, यशवीर महाराज का बड़ा बयान शामली के प्रसिद्ध हनुमान धाम पहुंचे धर्मगुरु यशवीर महाराज ने शामली में हुए युवक आयुष मालिक के धर्मांतरण के मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में गंभीरता से जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह मामला बेहद ही खतरनाक है, जो समाज को तोड़ने वाला है। जिस प्रकार से एक चांदनी कुरैशी नाम की महिला व उसके परिवार ने हिंदू जाट समाज के युवक का धर्म परिवर्तन कर धर्मांतरण कराया, उसकी खतना कराई और बताया जा रहा है कि उसके द्वारा हज यात्रा भी कर ली गई है। इस पूरे मामले में उन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, जो आरोपी इसमें शामिल है। क्योंकि यह मामला लव जिहाद के साथ-साथ प्रॉपर्टी देहद से भी जुड़ा है। उन सब की नजर आयुष मालिक की 60-70 करोड रुपए की संपत्ति पर भी है, बताया जा रहा है कि डेढ़ करोड़ के आसपास की धनराशि चांदनी कुरैशी के द्वारा आयुष मालिक से हड़प दी गई है। इस मामले में पाकिस्तान के धर्मगुरु के साथ-साथ, मुंबई और दिल्ली के भी कई मौलाना शामिल है। साथ ही उन्होंने कहा कि शामली पुलिस ने चांदनी कुरैशी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया है, लेकिन जो बाकी आरोपी इसमें शामिल है उन सब की गिरफ्तारी की जानी आवश्यक है। इस गिरोह का पूरा खुलासा किया जाना भी आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा कि 12 जून को शामली में हिंदू समाज की पंचायत आयोजित की जाएगी। जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल होंगे, जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।0
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शामली में धर्मांतरण का मामला, युवक का बड़ा दवाब
Shamli, Uttar Pradesh:शामली में धर्मांतरण का मामला, युवक का बड़ा दवा ..शामली में हिंदू से धर्मांतरण कर मुस्लिम बने आयुष मालिक ने कहा कि उसे पर जब हिंदू धर्म में वापसी करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि वह अब इस्लाम कबूल कर चुका है और अब हिंदू धर्म में वापसी करना उसके लिए बहुत बड़ी बात है और अब वह किसी भी हाल में हिंदू धर्म में वापसी नहीं करेगा चाहे उसे पर कितना भी दबाव क्यों ना बनाया जाए। आयुष ने बताया कि उसकी मुलाकात चांदनी से उसे समय हुई तब उसके कंधे में चोट लग गई थी और वह फिजियोथेरेपी के लिए फिजियोथैरेपिस्ट के यहां जाता था वहीं पर चांदनी जॉब करती थी और इस समय चांदनी से उसका नंबर आदान-प्रदान हुआ और वहीं से उसकी बात शुरू हो गई आयुष मालिक ने बताया कि उसने करीब 12 साल पहले इस्लाम धर्म अपना लिया था और तभी से वह इस्लाम धर्म में है और 4 साल पहले उसने चांदनी से शामली में ही निकाह कर लिया था वह भी पूरे इस्लामिक रीति रिवाज से और 12 साल से लेकर अब तक वह इस बात को अपने घर वालों को इसलिए नहीं बता रहा था कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है क्योंकि उसकी बहनों की शादी नहीं हुई थी और जब अब उसकी तीनों बहनों की शादी हो गई तो उसने अपने घर वालों के सामने चांदनी से निकाह करने और उसके द्वारा इस्लाम धर्म कबूल करने की बात बताई। आयुष मालिक ने अब अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया है और वह अपने डॉक्यूमेंट भी उसी नाम से बनवाने की बात कह रहा है।0
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वेतन नहीं तो काम नहीं, सैकड़ों संविदाकर्मियों ने सीएमो ऑफिस पर शुरू किया अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्का
Mundetkalan, Uttar Pradesh:शामली। वेतन नहीं तो काम नहीं, सैकड़ों संविदाकर्मियों ने सीएमो ऑफिस पर शुरू किया अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार धरना प्रदर्शन शामली. -उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सैकड़ों महिला पुरुष एनएचएम संविदा/आउटसोर्स कर्मचारियों में पिछले करीब तीन माह से वेतन न मिलने से आर आक्रोश उत्पन्न हो गया।जिसके चलते उत्तर प्रदेश स्वास्थ मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले सीएमो ऑफिस पर जब तक वेतन नहीं तब तक काम नहीं की बात कहते हुए अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।जहां धरना प्रदर्शन के दौरान संविदाकर्मियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए उनका रुका हुआ वेतन दिलाए जाने की मांग की है। वहीं संविदाकर्मियों की कार्यबहिष्कार के चलते जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी इसका असर देखने को मिला। आपको बता दें कि जनपद शामली में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सैकड़ों एनएचएम/आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले करीब तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते संविदाकर्मियों की आर्थिक हालत बेहद दयनीय हो गई है।जिसके कारण सैकड़ों महिला पुरुष संविदाकर्मियों का आक्रोश एकाएक फूट पड़ा। और सभी कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार का आवाहन करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।इस दौरान संविदाकर्मियों ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका वेतन रोका जाना कोई नई बात नहीं है,इससे पहले भी उनका वेतन रोका जा चुका है।लेकिन वर्तमान में करीब तीन माह से वेतन न मिलने के कारण संविदाकर्मियों को अपने रोजमर्रा के खर्च चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।साथ ही अब बच्चों के एडमिशन भी शुरू हो गए हैं और उसके लिए भी उन्हें पैसा चाहिए।लेकिन जिले में तमाम अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद भी संविदाकर्मियों को उनका वेतन नहीं मिल रहा है।आज भी संविदाकर्मियों की उक्त मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत हुई थी,लेकिन उन्होंने कोई ठोस आश्वाशन नहीं दिया तो संविदाकर्मियों को मजबूरन अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ा। संविदाकर्मियों का कहना है कि कार्यबहिष्कार के दौरान वे केवल इमरजेंसी से संबंधित सेवाए ही देंगे,इसके अलावा सभी तरह के कार्यों का तब तक पूर्णतः कार्यबहिष्कार रखा जाएगा जब तक संविदाकर्मियों को उनका रुका हुआ वेतन नहीं मिल जाता.0
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शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा
Mundetkalan, Uttar Pradesh:शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा ज्ञापन शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट पहुंचे दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन दवा बिक्री को अवैध करार देते हुए और इससे जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे का हवाला देते हुए देश के प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जहां प्रदर्शन के दौरान मैडिकलस्टोर संचालकों द्बारा अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर विरोध प्रकट किय गया। आपको बता दे बुधवार को शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में दर्जनों मैडिकल स्टोर संचालक कलैक्टैट पहुंचे। जहा उन्होने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ शौष प्रकट करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम जिलाधिकारी आलौक यादब को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपा। जहां संगठन के जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी लंबे समय से लगातार सरकार से आगर्य के जाने के बावजूद भी इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा आज ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध स्वरूप सांकेतिक हड़ताल रखी गई है. जिसमें जिले के तमाम दवा विक्रेताओं ने इस विरोध में अपने भागीदारी सुनिश्चित की है। दबा विक्रेताओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन दवा की बिक्री फर्जी प्रिसक्रिप्शन बिना चिकित्सक के परामर्श के घर घर अत्यधिक छूट की दवाओ का वितरण मरीजों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए बडा खतरा है. और देश के लाखों लाइसेंस धारक दवा व्यापारियों के अस्ति पर भी संकट उत्पन्न कर रहा है। दवा व्यापारियों का कहना है कि ड्रग्स एवं कॉस्मेटिस्स एक्ट 1940,एव अधिनियम 1945 में आनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नही होने के बाबजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाई की बिक्री कर रही है। वर्ष 2018 में जनमन आमंत्रित करने हेतु जारी अधिसूचना GSR 817(E) अब अप्रासंगिक एवम निरर्थक हो चुकी है। जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन में थी. वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में इसकी कोई आवश्यकता ना होने के बावजूद भी इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं क्विक कॉमिक्स कंपनियां अनियंत्रित होम डिलीवरी हेतु किया जा रहा है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा यह हड़ताल करते हुए मांग की गई है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रोटक्शन के दवा की बिक्री एवं होम डिलीवरी पूर्णतया प्रतिबंध की जाए, GSR 817 (E) एवं GSR 220 (E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अत्यधिक छूट एवं प्रिडटरी प्रिंसिग निति पर रोक लगाई जाए. साथ ही दवा विक्रेताओं द्वारा जल्दी उनकी मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।0
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बैंक में धोखा! 80 हजार की खरीज में गायब मिले 3000 रुपये, SBI कर्मचारियों ने CCTV दिखाने से किया इनका
Shamli, Uttar Pradesh:बैंक में धोखा! 80 हजार की खरीज में गायब मिले 3000 रुपये, SBI कर्मचारियों ने CCTV दिखाने से किया इनकार शामली: SBI बैंक की मुख्य शाखा शामली में एक दवा व्यापारी के साथ हुई कथित हेराफेरी ने स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। बैंक पर भरोसा करके आए व्यापारी को न सिर्फ 3000 रुपये का नुकसान हुआ, बल्कि शिकायत करने पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर मामले को दबाने की कोशिश की। भारत मेडिकल के संचालक देवराजu सिंह मलिक ने बताया कि 8 मई को दोपहर करीब 12 बजे वे हनुमान रोड स्थित एसबीआई बैंक की मुख्य शाखा पर ग्राहकों से दुकान पर लेन-देन करने के लिए 80 हजार रुपये की खरीज(खुल्ले पैसे) लेने गए थे। कैश अधिकारी रमन ने खरीज सौंपी, जिनमें से एक थैला खुला हुआ था। कोर्ट की तारीख के चक्कर में व्यापारी ने बैंक पर पूरा भरोसा जताते हुए खरीज अपने पास रख ली। घर पहुंचकर जब गिनती की गई तो हैरानी का सबब सामने आया—3000 रुपये कम निकले। देवराज सिंह मलिक ने बताया कि वें बैंक पहुंचे और मामले की शिकायत की, लेकिन वहां कर्मचारियों ने एक स्वर में उन्हें झुठलाना शुरू कर दिया। न सिर्फ आरोप से इनकार किया गया, बल्कि सीसीटीवी फुटेज दिखाने से भी साफ मना कर दिया गया। व्यापारी ने शामली कोतवाली में तहरीर देकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर बैंक कर्मचारी व्यापारियों के साथ ही ऐसा घालमेल कर सकते हैं, तो आम जनता के साथ उनका रवैया क्या होगा? यह महज 3000 रुपये का मसला नहीं है, बल्कि बैंक पर जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है।” दवाई व्यापारी ने एसबीआई बैंक के उच्च अधिकारियों को भी विभिन्न माध्यमों से शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा कि अगर बैंक स्तर पर उचित समाधान नहीं निकला तो वे उपभोक्ता न्यायालय में भी मुकदमा दायर करेंगे। यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। आम नागरिक अब सवाल कर रहे हैं कि क्या बैंक शाखाओं में लेन—देन के दौरान इतनी लापरवाही बरती जा रही है? और शिकायत पर सीसीटीवी फुटेज छिपाने का क्या मतलब है? प्रशासन और बैंक प्रबंधन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी बैंक कर्मचारी आम जनता और व्यापारियों के साथ ऐसा बर्ताव करने की हिम्मत न कर सके।0
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