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शामली में नियम कानूनों को ताक पर रखकर रात में किया जा रहा है अवैध मिट्टी खनन
Shamli Khabar
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Mar 02, 2026 06:27:49
Lilaun, Uttar Pradesh:
शामली- उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में चर्चित मिट्टी खनन माफिया बेखौफ नजर आ रहा है।जहा मिट्टी खनन माफिया एनजीटी सहित सभी नियम कानूनों को ताक पर रखकर बिना किसी अनुमति के रात के अंधेरे में आधुनिक मशीनों से धरती का सीना चीरा रहा है और उक्त मिट्टी को आसपास नवनिर्मित कालोनियों में मोटे दामों पर बेचा जा रहा है।जिससे खनन माफिया की जेबें तो भर रही है किंतु राजस्व को बड़ी हानि पहुंच रही है।बताया जा रहा है कि उक्त मिट्टी खनन माफिया पिछले कई महीनों से रात के अंधेरे में मिट्टी खनन कर रहा है।लेकिन इसके बावजूद भी उस पर संबंधित विभाग द्वारा कार्यवाही न किया जाना बेहद हैरान करने वाला है। वी ओ -- आपको बता दे कि पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बलवा के जंगलों का है।जहा चर्चित खनन माफिया एहसान के भीतर पुलिस प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है और उसके द्वारा गांव बलवा के जंगलों में एनजीटी सहित मिट्टी खनन के सभी नियम कानूनों को ताक पर रखते हुए और संबंधित विभाग से बिना कोई परमिशन लिए रात में जेसीबी मशीन से अवैध मिट्टी खनन करवाया जा रहा है।जहा मिट्टी खनन माफिया आधुनिक मशीनों से कई कई फुट गहरा मिट्टी खनन करते हुए उक्त मिट्टी को डंपरों में भरवाकर आसपास नवनिर्मित कालोनियों में भारी भरकम दामों बेचा जा रहा है।जिसके चलते मिट्टी खनन माफिया की तो जमकर चांदी कट रही है।लेकिन राजस्व को बड़ा नुकसान हो रहा है।सूत्रों की माने तो उक्त मिट्टी खनन माफिया पिछले काफी समय से इसी तरह बिना किसी अनुमति के रात में मिट्टी खनन करता चला आ रहा है।जहा रात में मिट्टी खनन किए जाने के बाद मिट्टी खनन माफिया अपने डंपरों को बलवा चौराहे के निकट खड़ा करवा देता है और रात होते ही अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार शुरू हो जाता है।लेकिन उसके बावजूद भी इसके ऊपर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।जिसके चलते संबंधित विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है।
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फाइनेंस कंपनी की आड़ मे अनारीकृत रूप से हाईवे पर वाहनों को रोकने का आरोप, जान से मारने की धमकी
Shamli Khabar
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Feb 28, 2026 10:53:34
Shamli, Uttar Pradesh:
शामली में फाइनेंस कंपनी की आड़ मे अनारीकृत रूप से हाईवे पर वाहनों को रोकने का आरोप, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में एक समाजसेवी व्यक्ति द्वारा पुलिस चौकी से महज चंद कदम की दूरी पर दिल्ली यमुनोत्री हाईवे पर कुछ बाइक सवार युवकों द्वारा फाइनेंस कंपनी की आड़ में वाहनों को रोके जाने व विरोध करने पर हाथापाई पर उतारू होने आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। आपको बता दे पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के दिल्ली यमुनोत्री मार्ग स्थित बलवा चौराहे के समीप का है। जहां गांव बलवा निवासी समाजसेवी गौतम आर्य द्वारा पुलिस चौकी पहुंचकर तहरीर देते हुए आरोप लगाया गया है कि बलवा चौराहे के ईर्द-गिर्द बाइक सवार चार-पांच युवक बिना नंबर की बाइकों पर सवार होकर फाइनेंस कंपनी की आड़ में पुलिस चौकी से कुछ ही कदमों की दूरी पर हाईवे पर आने जाने वाले उन वाहनों को रोकते हैं जिनकी किस्त किसी कारणवश टूट जाती है और वाहन चालकों से दुर्व्यवहार करते हुए या तो उनके वाहनों कंपनी की याड में पहुंचा दिए जाते हैं या फिर अवैध वसूली कर वाहनों को छोड़ दिया जाता है। यह आरोप इसलिए भी गंभीर है कि यह सारा खेल पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पास ही उसकी गौशाला भी है और उक्त युवक इस तरह का कार्य करके चौराहे का माहौल खराब कर रहे हैं। जिसका विरोध शिकायतकर्ता के द्वारा किया गया तो आरोप है कि उक्त युवक चौकी के समीप ही हातपाई पर उतारू हो गए। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर उक्त युवकों से अपनी जान का खतरा जताया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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शामली में भू-माफियाओं का खुला खेल: सिंभालका रेलवे अंडरपास के पास बिना अनुमति बस रही अवैध कॉलोनियां
Shamli Khabar
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Feb 26, 2026 15:14:43
Shamli, Uttar Pradesh:
शामली में भू-माफियाओं का खुला खेल: सिंभालका रेलवे अंडरपास के पास बिना अनुमति बस रही अवैध कॉलोनियां, भोले-भाले लोगों को लूटने की साजिश! शामली: शामली जिले में भू-माफियाओं की मनमानी एक बार फिर बेनकाब हो गई है। ताजपुर-सिंभालका रेलवे अंडरपास के आसपास अवैध रूप से कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, जहां विकास प्राधिकरण की कोई अनुमति नहीं ली गई है। इन अवैध कॉलोनियों में सड़कें तक बना दी गई हैं और लोगों को आकर्षक विज्ञापनों के जरिए प्लॉट खरीदने के लिए ललचाया जा रहा है। भू-माफिया इस तरह लोगों को फंसाते हैं कि सस्ते दामों पर प्लॉट दिखाकर पूरी रकम वसूल लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि ये कॉलोनियां पूरी तरह अवैध हैं। विकास प्राधिकरण से मंजूरी न होने के कारण न तो बिजली-पानी की सुविधा मिलती है, न रजिस्ट्री हो पाती है और न ही भविष्य में कोई कानूनी सुरक्षा। फंस चुके खरीदारों को अपना पैसा डूबता दिखता है और वे कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर हो जाते हैं। हाल के मामलों में भी इसी इलाके में कॉलोनाइजर्स ने सिंचाई विभाग की पटरी और सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जा कर खड़ंजा तक बना दिया है, जिसके खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। शामली में पिछले कुछ समय से ऐसी कई अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन बुलडोजर नहीं चला है, लेकिन माफिया नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने में लगे हुए हैं।
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शिवसेना के प्रदेश उप प्रमुख महेश आहूजा,शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को बताया षडयंत्र
Shamli Khabar
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Feb 26, 2026 13:59:49
Shamli, Uttar Pradesh:
शामली। स्लग -- शामली पहुंचे शिवसेना के प्रदेश उप प्रमुख महेश आहूजा,शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को बताया षडयंत्र शामली। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के प्रदेश उप प्रमुख महेश आहुजा ने शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को षड्यंत्र करार देते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता हासिल करने के लिए प्रदेश की पार्टियों को तोड़ने का आरोप भी लगाया। शहर के हनुमान रोड स्थित एक बैठक में बोलते हुए महेश आहुजा ने कहा कि हाईकमान के निर्देश पर वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। उनका उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नारा दिया था कि जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा, लेकिन भाजपा ने हिंदू हितों की केवल बात की, उनके लिए ठोस कार्य नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी बिल लाकर देश के लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया गया है। आहुजा ने कहा कि हाल ही में कांधला निवासी एक व्यक्ति द्वारा शंकराचार्य पर दर्ज कराया गया मुकदमा निंदनीय है। यह सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश है, जिसकी पार्टी कड़ी भर्त्सना करती है। बैठक के दौरान कांधला के ऊंचा गांव निवासी शिवनारायण कौशिक को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर अरविंद भारद्वाज सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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वन विभाग और उद्यान विभाग की शह पर मौल आये हुए आम के हरे भरे पेडो की अंधाधुंध कटाई
Shamli Khabar
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Feb 26, 2026 11:12:17
Bhainswala, Uttar Pradesh:
शामली। उत्तरप्रदेश के जनपद शामली में वन विभाग व उघान विभाग की शह पर अंधाधुंध वन कटाई का अवैध धधा जमकर फलफूल रहा है। जहां वन विभाग की अनुमति की आड में मौल आये हुए आम के हरे भरे पेडो का कटान किया जा रहा है। वही उक्त मामले को लेकर वन विभाग व उद्यान विभाग एक दूसरे के पाले मे गेंद फैकते हुए अपना पल्ला झाड रहे है। आपको बता दे पूरा थानाभवन क्षेत्र के गांव कैल शिकारपुर का है। जहा वन विभाग से ली गई, अनुमति की आड में बिट्टू नामक एक लकडी ठेकेदार द्बारा आम के हरे भरे व मौल आये हुए आम के पेडो की कटाई हो रही है। वही बाग मे कटान किए जा रहे किसी भी पेड पर नियमानुसार नंबर भी अंकित नही किए गए है। बताया जा रहा कि उक्त परमिशन 49 पेडों की है। जिसकी आड में आम के बाग मे खडे अन्य पेडों को भी काटा जायेगा। वही लकडी ठेकेदारी बिट्टू का कहना है कोई बात नही यदि आम के पेडों पर नंबर नही है तो हम अभी पेट लाकर लिख देगे। और पूरा बाग काटगे। बताते चले कि वन विभाग द्बारा किसी भी प्रतिबंधित फलदार वृक्ष कटाई की परमिशन तभी की जाती है। जब वह पेड़ सूख जाता है या किसी बीमारी से ग्रस्त होता है। लेकिन उद्यान विभाग हरे भरे पेड़ों को भी रोगग्रत बताकर कटवा रहा है। यहां पर काटे जा रहे आम के अधिकतर पेड़ों पर मौल आना इस बत का स्पष्ट संकेत है, कि इन वृक्षों पर जल्द ही फल आने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही यह आम के यह वृक्ष काट दिए गए। यह कोई पहला मामला नहीं है जहां इस तरह से फलदार वृक्षों का कटान किया जा रहा है। इससे पहले भी जिले में तमाम जगहों पर बड़े-बड़े आम के बागो को वन विभाग व उद्यान विभाग द्बारा कटवाया जा चूका है।लेकिन आज तक किसी के समझ मे नही यह नही आया कि उद्यान विभाग के पास ऐसा कौन सा यंत्र है। जिससे वे हरे भरे आम के फलदार पेड़ों को रोग ग्रस्त घोषित कर देते हैं और अगर पेड में किसी प्रकार का कोई रोग भी है, तो उसे ठीक करने का प्रयास क्यो नही किया जाता। जबकि वर्तमान समय में बाजारों में फसलो और पेडों की सभी प्रकर की दवाईयां उपलब्ध है। वही जब इस मामले में वन विभाग के अधिकारी से बातचीत की गई, तो उन्होने कहा सारा दोष उद्यान विभाग पर डालते हुए मामले से अपना पल्ला झाड लिया। वही बाग में कटाई के दौरान कोई भी फॉरेस्ट विभाग का कर्मचारी मौजूद नहीं था। वही जब इस मामले में संबंधित वन दरोगा सत्येंद्र से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उक्त पेड़ो की परमिशन है और पेड़ो पर नंबर डलवाना कोई जरूरी नहीं होता लेकिन जब उन्हें कहा कि काटे जा रहे पेड़ो पर बोर भी आया हुआ तो उन्होंने बिना कोई जवाब दिए फोन काट दिया। वही इस मामले में ऊन रेंजर कृष्णकांत ने कहा कि उक्त जगह पर आम के 49 पेड़ो की अनुमति दी गई है यदि अनुमति से अधिक पेड़ काटे जाते है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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