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पंचकूला में HPSC भर्ती नियमों के बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों का धरना जारी

DRDivya RaniJust now
Panchkula, Haryana:पंचकूला। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के लगभग 30 अभ्यर्थी पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से कुछ अभ्यर्थी आमरण अनशन पर भी बैठे हुए हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि HPSC भर्ती प्रक्रिया में लागू 35 प्रतिशत पात्रता (क्राइटेरिया) को समाप्त किया जाए तथा इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों को रिक्त पदों की संख्या से दोगुनी संख्या में बुलाया जाए. इसके अलावा अभ्यर्थियों ने मांग की है कि कास्ट सर्टिफिकेट संबंधी कारणों के आधार पर HPSC PGT भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए गए OBC और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को तत्काल प्रभाव से नियुक्ति दी जाए। साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि सरकारी नौकरियों में 90 प्रतिशत पद हरियाणा के युवाओं के लिए आरक्षित किए जाएं। धरनारत अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उनका कहना है कि यदि आमरण अनशन के दौरान किसी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा।
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चानौत में टी-कनेक्शन के बाद एफआईआर से ग्रामीणों में नाराज़गी

Hansi, Haryana:हांसी बाइट : धरना मुख्य अनूप चानौत, पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन, आप पार्टी नेता राजेंद्र सोरखी चानौत में टी-कनेक्शन के बाद एफआईआर पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी एफआईआर पर ग्रामीणों की सरकार को चेतावनी, नारेबाजी पर भी दी सफाई पहले दी टी अब दे दिया केश हांसी के गांव चानौत में पेयजल की मांग को लेकर पिछले 38 दिनों से चल रहे धरने के बीच टी-कनेक्शन लगाए जाने के बाद दर्ज हुई एफआईआर को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। धरना प्रमुख अनूप चानौत ने कहा कि ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर विश्वास करते हुए टी-कनेक्शन लगवाया था, लेकिन अब उसी मामले में मुकदमा दर्ज होने की खबर सामने आ रही है। सरकार के नुमाइंदे टी लगने के बाद 12 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पांच ग्रामीणों का अनशन भी समाप्त करवाया गया था। हम मामला दर्ज होने पर डरने वाले नहीं है। आपको बता दे कि टी-कनेक्शन लगने के बाद जहां एक ओर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। मामला शांत हो गया था। लेकिन आज एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला फिर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। सरकार पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सरकार ही पाइपलाइन से टी दे रही है। और सरकार ही केस दर्ज करवा रही है। पता नहीं सरकार का क्या खेल है। मामला किसके खिलाफ दर्ज होगा, यह देखने वाली बात है, लेकिन हमें सरकार पर पूरा विश्वास है। आज सुनने में आया है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव को नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। चानौत गांव में पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच दर्ज हुई एफआईआर को लेकर धरना प्रमुख अनूप चानौत ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का रवैया दोहरा साबित हुआ और अज्ञात लोगों के नाम पर दर्ज मुकदमा ग्रामीणों पर ही थोपने का प्रयास किया गया। अनूप चानौत ने कहा, हमने विश्वास के साथ शहरी पाइपलाइन से टी-कनेक्शन लगवाया। अगर अज्ञात लोगों के नाम पर दर्ज एफआईआर का निशाना हम ग्रामीण बने, तो यह सरकार का दोगलापन होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ तो गांव और क्षेत्र के लोग इसका जवाब देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि ग्रामीणों का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं,बल्कि गांव के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। वही पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने कहा कि सोशल मीडिया पर टी-कनेक्शन लगने के बाद धरना स्थल पर सरकार के समर्थन में लगे नारों को लेकर उठे सवालों पर कहा कि ये नारे किसी राजनीतिक भावना से नहीं लगाए गए थे। हमने दिल से सरकार के नारे नहीं लगाए, बल्कि इसलिए लगाए कि गांव को पानी मिल जाए। हमारा मकसद सिर्फ पानी था और आज भी वही है। उन्होंने कहा कि चानौत के ग्रामीण पिछले कई दिनों से पानी की समस्या को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पेयजल उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव को पर्याप्त और नियमित पानी नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। सरकार के नुमाइंदे पूर्व सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सोमेश कुमार की मौजूदगी में कराया गया। टी-कनेक्शन लगने के बाद गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की थी। धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता राजेंद्र सोरखी ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि गांव के लोग अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले टी-जॉइंट लगाने की सहमति दी गई और अब उसी मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है。
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NEET पुनर्परीक्षा में लखीसराय: 30 गिरफ्तार, BHU छात्रा समेत सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश

Lakhisarai, Bihar:NEET (UG) पुनर्परीक्षा 2026 के दौरान लखीसराय में बड़े स्तर पर चल रहे सॉल्वर स्कॉलर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में तीन परीक्षा केंद्रों से दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे 9 सॉल्वर स्कॉलरों समेत कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में 09 स्कॉलर, दो सेटर, एक परीक्षार्थी सहित 18 बायोमेट्रिक कर्मी को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉक्टर, मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक प्रक्रिया से जुड़े कर्मी भी शामिल हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार एवं एसपी प्रेरणा कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग दूसरे अभ्यथियों के स्थान पर परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान दो संदिग्ध अभ्यर्थियों की जानकारी मिली, जिसके बाद प्लस टू हसनपुर परीक्षा केंद्र पर जांच की गई। जांच के दौरान एक संदिग्ध परीक्षार्थी का बायोमेटिक सत्यापन नहीं हो सका। कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने आया था। इसके बाद मूल अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की तह तक पहुंचने पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया में लगे कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई। इसके बाद एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र पहुंचे, जहां एक संदिग्ध छात्रा को हिरासत में लिया गया। वहीं परीक्षा केंद्र के बाहर से मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मधु प्रिया ने खुलासा किया कि उसकी जगह परीक्षा देने के लिए बीएचयू मेडिकल की छात्रा पूनम कुमारी को बुलाया गया था। झारखंड के गिरिडीह निवासी पूनम कुमारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो एक-एक कर पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र से कुल सात सॉल्वर स्कॉलर गिरफ्तार किए गए, जबकि हसनपुर हाई स्कूल से पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर एक अन्य परीक्षा केंद्र से भी एक सॉल्वर को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार तीन परीक्षा केंद्रों से कुल 9 सॉल्वर स्कॉलरों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर से डॉक्टर अर्पित राज को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान बायोमेट्रिक प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अर्पित राज, पूनम कुमारी, मधु प्रिया, संजीत कुमार, मयंक कश्यप, सौरभ झा और अमन अग्रवाल समेत अन्य लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मयंक कश्यप मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जबकि अर्पित राज से वर्ष 2024 के चर्चित नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई पहले भी पूछताछ कर चुकी है। एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि अब तक इस मामले में 30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जांच के दौरान प्लस टू हसनपुर परीक्षा केंद्र से भी फर्जीवाड़े की अहम कड़ियां सामने आईं। यहां से मंतोष कुमार, संजीत कुमार और रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बायोमेट्रिक टीम से जुड़े कृष्णा कुमार, अंकित कुमार, मुकुंद कुमार, उदय कुमार, बदल कुमार और अखिलेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। NEET पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में केआरके प्लस टू परीक्षा केंद्र से भी बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान पुलिस ने यहां से विवेक कुमार, अर्पित सिंह, रमेश कुमार, अंकित कुमार, विशाल कुमार, मोहित कुमार, सुदर्शन कुमार और प्रभात अमन को गिरफ्तार किया है। NEET पुनर्परीक्षा में सामने आए सॉल्वर स्कॉलर गैंग मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क लाखों रुपये के सौदे पर काम करता था। अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर स्कॉलरों को पहले से तय रकम का एक हिस्सा एडवांस के तौर पर दिया जाता था, जबकि शेष भुगतान परीक्षा परिणाम आने और अभ्यर्थी के सफल होने के बाद किया जाता था। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र और अन्य योग्य अभ्यर्थी इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इन सॉल्वरों को दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठाने के लिए मोटी रकम का लालच दिया जाता था। सौदा तय होने के बाद उन्हें अग्रिम भुगतान कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जाती थी पर हर बात समाचार के अनुसार आगे बढ़ी है।
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सोशल मीडिया ट्रोलिंग से जुड़ा मामला अफीम तस्करी तक पहुंचा, इन्फ्लुएंसर अनीता बिश्नोई चर्चा में

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर में सोशल मीडिया ट्रोलिंग से जुड़ा मामला अब एक नए और चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई को लंबे समय से कथित रूप से परेशान और ट्रोल करने वाला युवक अब करोड़ों रुपए की अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर अपराध जगत तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) नीमच की टीम ने 20 जून को दौसा जिले में आगरा-जयपुर हाईवे स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए मालाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से झारखंड नंबर की क्रेटा कार में छिपाकर ले जाई जा रही 115 किलो 160 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई है। बताया जा रहा है कि तस्करी को छिपाने के लिए आरोपी ने अफीम के बोरों पर इत्र और परफ्यूम का छिड़काव किया था ताकि गंध बाहर न निकल सके। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय था और ‘लॉजिक बाबा’ नाम से उसका फेसबुक पेज संचालित होता था, जिस पर हजारों फॉलोअर्स हैं। गिरफ्तारी के बाद इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा— “जहां उसकी जगह थी, वहां चला गया… और तीन बाकी हैं।” इस पोस्ट के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। बनाड़ थाना पुलिस के अनुसार मालाराम के खिलाफ पहले से आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है। अनीता के पति दीनाराम ने आरोप लगाया था कि आरोपी सोशल मीडिया पर लगातार अभद्र टिप्पणियां करता था, निजी जिंदगी को लेकर गलत बातें फैलाता था और वीडियो बनाकर बदनाम करने की कोशिश करता था। परिजनों के मुताबिक, अनीता सोशल मीडिया पर राजस्थानी संस्कृति और सामाजिक विषयों से जुड़े वीडियो बनाती हैं। कुछ समय पहले अपलोड किए गए एक वीडियो के बाद ट्रोलिंग बढ़ गई। आरोप है कि लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियों और मानसिक दबाव के चलते अनीता गहरे तनाव में चली गईं। 3 जून को उन्होंने कथित रूप से जहर पी लिया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 17 दिन इलाज के बाद 20 जून को उन्हें छुट्टी मिली। अब पुलिस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर जोधपुर लाने की तैयारी कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग, मानसिक प्रताड़ना और अपराध के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रीको के 11वें चरण में 440 ऑनलाइन आवेदन, लॉटरी 22 जून तय

Jaipur, Rajasthan:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप रीको लगातार राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनाने के प्रयास कर रहा है. रीको ने बताया कि राजस्थान में औद्योगिक निवेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है. प्रत्यक्ष आवंटन योजना के 11वें चरण में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और आवेदनों की लॉटरी का आयोजन 22 जून को किया जाएगा. योजना-2025 को निवेशकों का समर्थन मिल रहा है. 11वें चरण में 5,000+ औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए गए थे, कुल क्षेत्रफल 260 एकड़, मूल्य लगभग 300 करोड़ रुपये. अजमेर, अलवर, बालोतरा, बोरानाडा, झुंझुनूं, जयपुर के क्षेत्रों के लिए क्रमशः 21, 82, 12, 27, 12, 13 आवेदन.
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जयपुर बैंक घोटाला: 59 आरोपी, 3 इनामी गिरफ्तार, मदन लाल कट्टा भी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर पुलिस की माणकचौक थाना पुलिस की कार्रवाई 10-10 हजार रुपए के तीन ईनामी अपराधी गिरफ्तार। 8 वर्ष से फरार अपराधी गिरफ्तार। दी राजलक्ष्मी बैंक का तत्कालीन मैनेजर मदन लाल कट्टा भी गिरफ्तार। साल 2018 में पुलिस थाना माणकचौक में राजलक्ष्मी बैंक घोटाले से संबंधित एक केस दर्ज किया गया था। इस मामले में बैंक की पूर्व अध्यक्षा डॉ. फिरोजा बानो, तत्कालीन पदाधिकारियों, कर्मचारियों, ऋणियों और गारंटरों ने एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत प्रोपर्टी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विवादित व फर्जी संपत्तियों पर मोर्गेज लोन स्वीकृत करवाकर करोड़ों रुपये की राशि हडपने के आरोप थे।पूरे मामले में ज़ब थानाधिकारी माणकचौक राकेश ख्यालिया ने ज़ब जांच की तो 10-10 हजार के तीन इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पूरे मामले में कुल 59 नामजद आरोपीयों ने आपस में मिलकर आपराधिक साजिश रची। इन आरोपियों ने फर्जी सोसायटियों के पट्टे और विवादित/फर्जी संपत्तियों के कागजात बैंक में गिरवी रखकर नियमों के विरुद्ध कुल 13 ऋण खाते स्वीकृत करवाए और करोड़ों रुपये की लोन राशि हड़प कर बैंक को भारी आर्थिक हानि पहुंचाई।पूरे मामले में मदन लाल कट्टा, तत्कालीन मैनेजर राजलक्ष्मी बैंक त्रिपोलिया बाजार जयपुर, अजय शर्मा, सपना शर्मा पत्नी अजय शर्मा क़ो गिरफ़्तार किया गया है।
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राजस्थान ने 3200 MW कोयला टेंडर रद्द, सौर-बैटरी से बिजली का नया रास्ता

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान ने राज्य में प्रस्तावित 3,200 मेगावॉट क्षमता के कोयला आधारित बिजली संयंत्र से बिजली खरीद का टेंडर रद्द कर दिया है। राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड (RUVITL) ने 11 जून को जारी आदेश में डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (DBFOO) मॉडल के तहत जारी दीर्घकालिक बिजली खरीद टेंडर को निरस्त कर दिया। इस फैसले को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। टेंडर रद्द करने के पीछे की वजह -- सरकार का यह फैसला केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान के बाद आया है। CEA की रिपोर्ट में साफ संकेत था कि राजस्थान की भविष्य की अनुमानित बिजली मांग बिना अतिरिक्त 3,200 मेगावॉट कोयला आधारित प्लांट के भी पूरी की जा सकती है। विशेषज्ञों और उपभोक्ता समूहों ने पहले ही इस अतिरिक्त क्षमता वृद्धि पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि अगर बिना जरूरत के नया थर्मल प्लांट लगा तो अधिशेष उत्पादन क्षमता की फिक्स्ड कॉस्ट उपभोक्ताओं के बिजली बिल में जुड़ जाएगी। RERC ने भी मांगा था जवाब- टेंडर रद्द होने से कुछ सप्ताह पहले ही राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (RERC) ने राज्य की स्वामित्व वाली राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को नोटिस भेजकर अतिरिक्त क्षमता की जरूरत को उचित ठहराने के लिए कहा था। आयोग ने पूछा था कि जब सोलर और विंड से रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है तो 3,200 MW का नया कोयला प्लांट क्यों जरूरी है। RUVITL का ताजा आदेश RERC की इसी आपत्ति के बाद आया है। *नवीकरणीय ऊर्जा बनी गेमचेंजर* ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों के मुताबिक टेंडर वापसी इस बात को दर्शाती है कि राजस्थानअब महंगे कोयला आधारित उत्पादन के बजाय सस्ते विकल्पों पर फोकस कर रहा है। राज्य में सौर ऊर्जा क्षमता अच्छी स्थिति में पहुंच चुकी है। पवन ऊर्जा भी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही उभरती बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ BESS और अंतर-राज्यीय ग्रिड से बिजली उपलब्धता ने थर्मल की निर्भरता कम कर दी है। पीक आवर में भी अब सोलर + बैटरी कॉम्बिनेशन से मांग पूरी की जा सकती है। *उपभोक्ताओं को क्या फायदा* अगर 3,200 MW का नया कोयला प्लांट लगता तो अगले 25 साल तक उसकी फिक्स्ड कॉस्ट उपभोक्ताओं को देनी पड़ती, चाहे बिजली लें या न लें। CEA के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में पहले से ही कई घंटे अधिशेष क्षमता रहती है। ऐसे में नया प्लांट लगाने से बिजली महंगी होने का खतरा था। टेंडर रद्द होने से उपभोक्ताओं पर संभावित वित्तीय बोझ टल गया है। *DBFOO मॉडल क्या था* रद्द किए गए टेंडर में निजी कंपनी को अपने पैसे से थर्मल प्लांट डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस और ऑपरेट करना था। RUVITL 25 साल तक उससे बिजली खरीदती। लेकिन मांग विश्लेषण में यह प्रोजेक्ट व्यावहारिक नहीं पाया गया। *आगे की रणनीति* ऊर्जा विभाग के सूत्रों के मुताबिक अब राज्य सरकार का फोकस 2030 तक बेह्तरीन नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य पर है। साथ ही बैटरी स्टोरेज लगाने की योजना है। इससे रात में भी सोलर पावर का इस्तेमाल हो सकेगा। अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइनें मजबूत होते रहने से जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली ली जा सकेगी.
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सीकर में तेज धूप-उमस के बाद देर शाम बारिश से मौसम सुहाना

Sikar, Rajasthan:सीकर \n\nमौसम का बदला मिजाज \n\n\n2 दिन से पढ़ रही तेज धूप और उमस के बाद आज देर शाम हुआ बारिश का दौर शुरू \n\n\ntez हवाओं के साथ हुई बारिश शुरू \n\n\nदेर शाम बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट \n\n\nअचानक कोई बारिश के बाद मौसम हुआ सुहाना\n\n सीकर में पिछले दो दिन से लगातार तेज धूप और उमस से परेशान रहने के बाद आज देर शाम शहर वासियों को राहत मिली पश्चिमी हवाओं के साथ अचानक गरज के बाद तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जिसे कुछ ही पलों में गर्मी ओर गर्म हवाओं का असर कम कर दिया तेज बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में भी गिरावट आई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली तेज बारिश के बाद हवा में नमी कम हुई और आसपास का वातावरण सुहाना हुआ वह बाजारों में काम करने वाले लोग भी राहत की सांस लेते दिखे वहीं स्थानीय प्रशासन द्वारा मानसून सीजन को देखते हुए जल निकासी के कार्य पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है
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