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Vijay Kumar SinghVijay Kumar SinghFollow26 Dec 2024, 10:23 am

Amethi - चोरों ने तीन दुकानों को बनाया निशाना , हजारों के माल पर किया हाथ साफ

Pindara Thakur, Uttar Pradesh:

चोरों ने तीन दुकानों को बनाया निशाना,हजारों के माल पर किया हाथ साफ. मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के गौरीगंज चौराहे पर बीती रात चोरों ने तीन दुकानों को निशाना बनाया .ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स और किराने की दुकानों के दरवाजे और शटर तोड़कर चोर लाखों रुपये का सामान और हजारों रुपये नकदी लेकर फरार हो गए। दुकान मालिकों ने सुबह शटर टूटे देख मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मुसाफिरखाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इस वारदात ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदारों ने बताया कि रोजाना की तरह वह रात में अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब वे दुकान पहुंचे तो शटर और दरवाजे टूटे मिले।

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दुमका दुर्गा पूजा में सिंदूर खेला से भक्तिमय माहौल

Dumka, Jharkhand:दुमका बिजया दशमी को मां दुर्गा के घट विसर्जन के पूर्व महिलाएं मां को सिंदूर लगाकर मंगलकामना करती हैं। मां को भोग लगाकर उनका आर्शीवाद लिया जाता है। हर सुहागन यही मनोकामना करती है कि उसके सुहाग पर आने वाला हर संकट मां टाल दे। घट विसर्जन के दौरान बंगाली समाज की महिलाएं खासतौर पर सिंदूर खेला का आयोजन करती हैं। हर तरफ उड़ता सिंदूर माहौल को और भक्तिमय बना देता है। वहीं, बंगाली महिलाओं ने सालों से चली आ रही मां की विदाई से पहले उन्हें सिंदूर लगाने की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मस्ती भी करती हैं। माना है कि दुर्गा मां अपने परिवार के संग मायके आई है और ससुराल जाते समय दशमी के दिन उनकी मांग भरी जाती है। बंगाली समाज में सिंदूर खेला की परंपरा सालों से चली आ रही है। हर सुहागन यही मनोकामना करती है कि उसके सुहाग पर आने वाला हर संकट मां दुर्गा टाल दें। एक तरफ मां की विदाई तो दूसरी तरफ सुहागिनें मन में उमंग और सौभाग्य की कामना लिए सिंदूर खेला खेलती हैं। हर तरफ उड़ता लाल सिंदूर माहौल को और भक्ति और उल्लास से भर देता है।
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पाकुड़ में विजयादशमी पर सुहागिन महिलाएं सिंदूर लगाकर बनीं अनोखी परंपरा

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ में विजयादशमी के अवसर पर पाकुड़ के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला...नवरात्रि के दसवें दिन मां दुर्गा की विदाई से पहले यह रस्म निभाई गई, जिसमें महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया...शहर के रेलवे कॉलोनी सहित कई पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं एकत्रित हुईं...उन्होंने सबसे पहले मां भवानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की...इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की...इस दौरान महिलाएं नाचती-गाती भी नजर आईं...मान्यता है कि विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई होती है...ओर विदाई से पूर्व सुहागिन महिलाएं मां के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पूजा करती हैं...यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसमें महिलाएं एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र और सदा सुहागिन रहने की कामना करती हैं...सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है...इस अवसर पर महिलाएं नई-नई साड़ियां पहनकर और पूरा श्रृंगार कर पूजा पंडालों में पहुंची थीं...9 दिनों तक चलने वाले दुर्गा पूजा का समापन विजयादशमी के दिन होता है...जिले भर में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह रहा...वहीं मौके पर मौजूद कई महिलाओं के द्वारा बताया गया कि आज विजयादशमी है और आज मन की विदाई है...और इस विदाई की बेला में सुहागिन महिलाएं एक दूसरे के गाल पर सिंदूर लगाती है यह परंपरा सदियों से चली आ रही है... और इसी परंपरा का निर्वहन भारतीय महिलाएं करती है... महिलाओं ने कहा कि सिंदूर सुहाग का प्रतीक है और आज के दिन पति की लंबी उम्र की भी कामना किया जाता है ताकि विवाहित महिलाएं सदा सुहागन रहें...पूजा पंडालों में भी काफी भीड़ देखी गई
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दुर्गा विसर्जन के दौरान सतना टमस नदी में युवक डूबा, शव बरामद

Satna, Madhya Pradesh:सतना। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम माधवगढ़ स्थित टमस नदी में एक युवक डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद देर रात युवक का शव नदी से बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान मुख्त्यारगंज निवासी संजय रैक्वार (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंगलवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए लोग माधवगढ़ स्थित टमस नदी पहुंचे थे। इसी दौरान संजय रैक्वार नदी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवक के डूबने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीम ने काफी प्रयासों के बाद देर रात संजय का शव बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है।
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टोंक रोडवेज बस स्टैंड की बदहाली: टिकट काउंटर बंद, रोशनी व सफाई कमी

Tonk, Rajasthan:टोंक रोडवेज बस स्टैंड बदहाल, 2 साल से टिकट काउंटर बंद! रोजाना 250 से अधिक बसों और 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही, फिर भी सुविधाओं का अभाव; उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार। टोंक रोडवेज बस स्टैंड की बदहाल स्थिति, यात्रियों की परेशानी बढ़ी कभी खूबसूरत बस स्टैंड के रूप में पहचान, आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री दो साल से टिकट काउंटर बंद, यात्रियों को परेशानी बस स्टैंड पर पिछले करीब दो साल से टिकट काउंटर बंद होने की समस्या सामने आ रही है। टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों को सीट की अग्रिम बुकिंग नहीं होने के कारण बस में सीट मिलने को लेकर असुविधा का सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर नियमित टिकट बुकिंग व्यवस्था बहाल होनी चाहिए, ताकि यात्रा सुगम हो सके। रात में अंधेरा, महिला यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल बस स्टैंड परिसर में रात्रि के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायत भी सामने आ रही है। अंधेरे के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। वहीं, रात के समय बसों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों को भी असुरक्षा महसूस होती है। ऐसे में परिसर में पर्याप्त लाइटें लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। गंदगी के साथ आवारा पशुओं का जमावड़ा बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार और आवारा श्वानों व गायों की आवाजाही भी परेशानी बढ़ा रही है। यात्रियों के आवागमन वाले स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड की छवि प्रभावित हो रही है। नियमित सफाई और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के दौरे के दौरान बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद यात्रियों को अब तक अपेक्षित सुधार का इंतजार है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बाद भी व्यवस्थाओं में बदलाव नहीं दिख रहा, तो जिम्मेदार अधिकारी कब ध्यान देंगे? आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार? रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर टिकट काउंटर शुरू करने, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही समस्याओं पर ध्यान देकर व्यवस्थाओं में सुधार करेगा, ताकि बस स्टैंड अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सके और यात्रियों को राहत मिल सके। अब सवाल यही है—कभी खूबसूरत बस स्टैंड के रूप में पहचाने जाने वाले टोंक रोडवेज बस स्टैंड की दशा कब सुधरेगी और यात्रियों को सुविधाएं कब मिलेंगी?
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यमुना की सफाई: ढाई साल में बदलेगी दिल्ली की तस्वीर?

New Delhi, Delhi:दिल्ली की यमुना..क्या अब साबरमती की तरह साफ और निर्मल होगी? भाजपा सरकार ने यमुना की सफाई को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया है। दावा है कि आने वाले ढाई साल में यमुना की तस्वीर बदलने की कोशिश होगी। आखिर क्या है सरकार का पूरा प्लान... देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट। दिल्ली की पहचान... दिल्ली की आस्था... और दिल्ली की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चिंता—यमुना नदी। सालों से यमुना की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए... योजनाएं बनीं... दावे हुए... लेकिन यमुना का प्रदूषण कम होने के बजाय लगातार बड़ी चुनौती बना रहा।अब भाजपा सरकार यमुना को लेकर सिर्फ दावे नहीं, बल्कि धरातल पर बड़े स्तर पर काम करने की तैयारी में है。 सरकार के प्लान के मुताबिक यमुना की सफाई का काम दो चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक यमुना के हिस्से पर काम होगा, जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक सफाई और नदी के कायाकल्प की योजना है।यमुना को सिर्फ साफ करने की ही नहीं, बल्कि इसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की भी तैयारी है।यमुना रिवर फ्रंट को विकसित करने के लिए साबरमती रिवर फ्रंट के अनुभव और विशेषज्ञता का भी इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। आपको बता दे सरकार का फोकस सिर्फ नदी से गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घाटों को मजबूत करने, नदी किनारे साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्था विकसित करने पर भी रहेगा।इसी कड़ी में 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से यमुना की सफाई के साथ-साथ दिल्ली की सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा。 स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अगर सरकार इस बार गंभीरता से काम करती है तो यमुना की तस्वीर वास्तव में बदल सकती है।लोगों का कहना है कि यमुना सिर्फ दिल्ली के लोगों के लिए नदी नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र भी है।यमुना साफ होगी तो नदी किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी... घाट बेहतर होंगे... और धार्मिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार हो सकेगा।लेकिन जनता के मन में एक सवाल भी है।क्योंकि इससे पहले भी यमुना को साफ करने के लिए कई सरकारों ने बड़े-बड़े दावे और वादे किए हैं... लेकिन सवाल हमेशा यही रहा कि आखिर उसका असर यमुना में दिखाई क्यों नहीं दिया? स्थानीय लोगों के बयानों के अनुसार अब भाजपा सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—इन योजनाओं को कागज से निकालकर जमीन पर उतारना।क्योंकि दिल्ली की यमुना को साबरमती जैसा बनाने का सपना बड़ा है... लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती है यमुना में गिरने वाले गंदे नालों, सीवेज और प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाना। अब देखना होगा कि 8,941 करोड़ रुपये से ज्यादा की इन परियोजनाओं और ढाई साल के इस लक्ष्य के बाद यमुना की तस्वीर वास्तव में बदलती है या फिर यह भी एक और सरकारी वादा बनकर रह जाता है।
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रायसेन दशहरा: 40 फिट रावण दहन के बीच हनुमान मुखोटा बना आकर्षण

Raisen, Madhya Pradesh:पूरे देश की तरह रायसेन में भी दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया, स्थानीय दशहरा मैदान में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में हनुमान जी का मुखोटा आकर्षण का केंद्र रहा और जब नगर के प्रमुख मार्गों से मुखोटा धारण किए गोविंद यादव निकले तो “जय रघुवीर तेरी जय महावीर तेरी के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। भगवान श्री राम और रावण के युद्ध के बाद लगभग 40 फिट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। लेकिन सबसे आकर्षण का केंद्र भगवान हनुमान जी का मुखोटा रहा जो नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ दशहरा मैदान पहुंचा तो सरा नगर “जय महावीर तेरी जय रघुवीर तेरी” के जयकारों से गूंज उठा। इस बार भगवान हनुमान जी मुखोटा गोविंद यादव ने उठाया और इस 40 किलो बजनी मुखोटा को धारण करने के लिए 40 दिन के ही ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। जैसे ही भगवान श्री राम और हनुमान जी दशहरा मैदान में पहुंचे बहा उपस्थित अतिथियों ने भगवान श्री राम और हनुमान जी की आरती उतारी और फिर भगवान श्री राम और रावण के युद्ध के बाद अहंकारी रूपी रावण के पुतले का दहन किया गया। इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और उन्होंने जगह जगह हनुमान जी के मुखौटे का स्वागत किया।
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रामपुर में प्रमोशनल इवेंट के दौरान शादाब जकाती पर हंगामे का वीडियो वायरल

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती के प्रमोशनल इवेंट में हंगामा, लड़कियों से कहासुनी, कपड़े फाड़ने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, कपड़ों की दुकान का प्रमोशन करने Reach थे शादाब जकाती, आखिर क्यों बिगड़ा माहौल, पूरी खबर: रामपुर में एक कपड़े की दुकान के प्रमोशन के लिए पहुंचे शादाब जकाती के कार्यक्रम के दौरान उनक‌े साथ लड़कियों की कहासुनी हो गई, देखते ही देखते मामला गरमा गया औरहंगामे जैसी स्थिति बन गई। वायरल वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं, लेकिन जैसी घटनाक्रम की सही वजह और पक्षों के बयान की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे कोई नई जानकारी सामने आने पर खबर अपडेट होगी।
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पंजाब पुलिस के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, 100 से अधिक परिजनों को सम्मान

Batala, Punjab:21 ਅਕਤੂਬਰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਹਰ ਸਾਲ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਫਸਰ ਅਤੇ ਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਟਾਲਾ ਵਿੱਚ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾਕਟਰ ਮਹਿਤਾਬ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ 100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਸ਼ਹੀਦ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਇਸ ਮੌਕੇ ਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾਕਟਰ ਮਹਿਤਾਬ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਹਾਂ। ਅਸੀਂ ਡੱਟ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਖੜੇ ਸਾਂ ਅਗਾਹ ਵੀ ਖੜੇ ਰਵਾਂਗੇ 100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਸ਼ਹੀਦ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਪਰਵਾਰਿਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਸਨਮਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਿਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਵੀ ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪਰਿਵਾਰਿਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕੀਤਾ。
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खन्ना पुलिस शहीदी दिवस पर परिवारों का दर्द: सालभर सम्मान क्यों सीमित रहा?

Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਹਾੜੇ ’ਤੇ ਛਲਕਿਆ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਦਰਦ, ਕਿਹਾ- ਸਾਲ ’ਚ ਇੱਕ ਦਿਨ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਸਾਡਾ ਸਨਮਾਨ ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਵਿਖੇ 33 ਸ਼ਹੀਦ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ, ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ- ਸਮਾਗਮ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੋਈ ਸਾਰ ਲੈਣ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ  ਪੁਲਿਸ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਹਾੜੇ ਮੌਕੇ ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਵਿਖੇ ਡਿਊਟੀ ਦੌਰਾਨ ਆਪਣੀਆਂ ਜਾਨਾਂ ਕੁਰਬਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੁਲਿਸ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਖੰਨਾ ਦੇ 33 ਸ਼ਹੀਦ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅੱਤਵਾਦ ਦੇ ਦੌਰ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਮਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਨਿਭਾਉਂਦਿਆਂ ਜਾਨਾਂ ਨਿਛਾਵਰ ਕੀਤੀਆਂ। ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਜਿੱਥੇ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਸਲਾਮ ਕੀਤਾ, ਉੱਥੇ ਹੀ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਦਰਦ ਵੀ ਛਲਕ ਪիա। ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੇ ਆਪਣਾ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਦਿਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨ ਦੇਣ ਲਈ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੋਈ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਾਰ ਲੈਣ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ। ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਪੁਲਿਸ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਖੰਨਾ ਦੇ ਐੱਸਪੀ ਰਾਕੇਸ਼ ਯਾਦਵ ਪਹੁੰਚੇ, ਜਦਕਿ ਐੱਸਡੀਐੱਮ ਖੰਨਾ ਸਵਾਤੀ ਟਿਵਾਣਾ ਨੇ ਵੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ’ਤੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਹਾਜ਼ਰ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤਾਂ ਨੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦਿਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਦੱਬਿਆ ਦਰਦ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ। ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅੱਤਵਾਦ ਦੇ ਕਾਲੇ ਦੌਰ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀਆਂ ਕਈ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕੀਤਾ, ਪਰ ਸਮੇਂ ਦੇ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਣ ਲੱਗਾ ਕਿ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸਮਾਗਮਾਂ ਤੱਕ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਸੀਮਤ ਰਹਿ ਗਿਆ ਹੈ。 ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕਰਨਾ ਚੰਗੀ ਗੱਲ ਹੈ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਸੁਣਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹਾਲ-ਚਾਲ ਜਾਣਨ ਲਈ ਵੀ ਕੋਈ ਅੱਗੇ ਆਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦਰਦ ਨੇ ਇਹ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਲਈ ਜਾਨਾਂ ਕੁਰਬਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਸਿਰਫ਼ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਸਮਾਗਮਾਂ ਤੱਕ ਹੀ ਸੀਮਤ ਕਿਉਂ ਰਹਿ ਜਾਂਦੀ ਹੈ。 ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਹਰ ਸਾਲ 21 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਹਾੜਾ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਡਿਊਟੀ ਦੌਰਾਨ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ কੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਣ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈਆਂ।
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खन्ना दशहरा मेले में बाब्बू मान ने हथियारों के बोल बदले, संदेश नशे के विरुद्ध

Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ ਦੇ ਦੁਸਹਿਰਾ ਮੇਲੇ ’ਚ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨੇ ਬਦਲੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਵਾਲੇ ਗੀਤ ਦੇ ਬੋਲ, ਕਿਹਾ ‘ਬੜਾ ਮਾੜਾ ਸ਼ੌਂਕ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦਾ’ ਖੰਨਾ ਦੇ ਦੁਸਹਿਰਾ ਮੇਲੇ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਸ਼ੋਅ ਦੌਰਾਨ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਗੀਤ ਦੇ ਬੋਲ ਬਦਲ ਕੇ ਨਵਾਂ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਵਾਰ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨੇ ‘ਮਿੱਤਰਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੌਂਕ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦਾ’ ਕਹਿਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਗੀਤ ਦੇ ਬੋਲ ਬਦਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ, ‘ਬੜਾ ਮਾੜਾ ਸ਼ੌਂਕ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦਾ।’ ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਦੇ ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ੋਅ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪੰਡਿਤ ਰਾਓ ਧਰੇਨਵਰ ਨੇ ਖੰਨਾ ਦੇ ਐੱਸਐੱਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦੇ ਕੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਸੀ ਕਿ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਆਪਣੇ ਸ਼ੋਅ ਦੌਰਾਨ ਸ਼ਰਾਬ, ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਗੀਤ ਨਾ ਗਾਊਣ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਐੱਸਐੱਸਪੀ ਖੰਨਾ ਨੇ ਸ਼ੋਅ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਦਾ ਅਸਰ ਸਟੇਜ ’ਤੇ ਵੀ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸ਼ੋਅ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਗੀਤ ਨਹੀਂ ਗਾਏ। ਜਦੋਂ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਕਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ‘ਮਿੱਤਰਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੌਂਕ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦਾ’ ਗੀਤ ਗਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੀਤ ਦੇ ਬੋਲ ਬਦਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ, ‘ਬੜਾ ਮਾੜਾ ਸ਼ੌਂਕ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦਾ।’ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਸ਼ੌਂਕ ਨੂੰ ਮਾੜਾ ਦੱਸਦਿਆਂ ਵੱਖਰਾ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ। ਨਾਲ ਹੀ ਇਹ ਵੀ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਹੁਣ ਕਰ ਲਈਂ ਕੇਸ..... ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਗੀਤ ਦੇ ਬੋਲ ਬਦਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਡਿਤ ਰਾਓ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੱਬੂ ਮਾਨ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਪੀਲ ਨੂੰ ਸਮਝਦਿਆਂ ਚੰਗਾ ਕਦਮ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਉਮੀਦ ਜਤਾਈ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਗਾਇਕ ਵੀ ਆਪਣੇ ਗੀਤਾਂ ਰਾਹੀਂ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਦੇਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਰੇ ਗਾਇਕ ਇੱਕ ਦਿਨ ਜ਼ਰੂਰ ਬਦਲਣਗੇ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਪ੍ਰਤੀ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਮਝਣਗੇ।
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नैनादेवी मंदिर में शारदीय नवरात्र पूर्णाहुति, तीन लाख भक्तों ने मां का आशीर्वाद पाया

Bilaspur, Chhattisgarh:बलासपुर स्थित विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैनादेवी मंदिर में शारदीय नवरात्र का पर्व हवन-पूजन और पूर्णाहुति के साथ धूमधाम से संपन्न हो गया। नवरात्र के दौरान देशभर से तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नैना देवी के दरबार में शीश नवाया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। नवरात्र मेले के दौरान मंदिर न्यास सहित पुलिस प्रशासन, जलशक्ति विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद की ओर से व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखी गईं। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल की अगुवाई में मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रही और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। मंदिर अधिकारी चतर सिंह रानौत और अकाउंट ऑफिसर मनीष भी पूरे नवरात्र के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे ताकि श्रद्धालुओं को मां के दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा मंदिर न्यास की ओर से भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने माता रानी का गुणगान कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्री नैनादेवी मंदिर के पुजारी प्रवेश शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र का समापन विधिवत हवन-पूजन और पूर्णाहुति के साथ किया गया। हवन में मंदिर के अधिकारियों, कर्मचारियों और पुजारी वर्ग ने भाग लेकर विश्व कल्याण, सुख-शांति और श्रद्धालुओं की खुशहाली की कामना की। नवरात्र मेले के सफल आयोजन के साथ ही श्री नैनादेवी मंदिर में नौ दिनों तक चला भक्तिमय माहौल संपन्न हो गया।
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बगरू के दहमीकालां में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से मतदान बहिष्कार का ऐलान

Dudu, Rajasthan:बगरू (जयपुर) पंचायती राज चुनावों के बीच मतदान बहिष्कार का ऐलान हुआ है। दहमीकालां ग्राम पंचायत क्षेत्र की श्रीराम विहार उर्फ पुनिया कॉलोनी के बाशिंदों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते चुनाव में मतदान न करने का निर्णय लिया। कॉलोनी को ढाई दशक से बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जैसे सड़क और नाली। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर स्थानीय सरपंच से लेकर विधायक तक गुहार लगाई, पर उनका समाधान नहीं हुआ। ऐसे में कॉलोनीवासियों ने अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाने के लिए मतदान बहिष्कार का रास्ता अपनाने का फैसला किया।
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