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Vijay Kumar SinghVijay Kumar SinghFollow26 Dec 2024, 10:23 am

Amethi - चोरों ने तीन दुकानों को बनाया निशाना , हजारों के माल पर किया हाथ साफ

Pindara Thakur, Uttar Pradesh:

चोरों ने तीन दुकानों को बनाया निशाना,हजारों के माल पर किया हाथ साफ. मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के गौरीगंज चौराहे पर बीती रात चोरों ने तीन दुकानों को निशाना बनाया .ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स और किराने की दुकानों के दरवाजे और शटर तोड़कर चोर लाखों रुपये का सामान और हजारों रुपये नकदी लेकर फरार हो गए। दुकान मालिकों ने सुबह शटर टूटे देख मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मुसाफिरखाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इस वारदात ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदारों ने बताया कि रोजाना की तरह वह रात में अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब वे दुकान पहुंचे तो शटर और दरवाजे टूटे मिले।

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झुंझुनूं व्यापारी पर 20 लाख रंगदारी, AI से फोटो वायरल, FIR दर्ज नहीं

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं एआई से अश्लील फोटो बनाकर व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी मांगी एक महीने से परिवार को मिल रही जान से मारने की धमकियां साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो एआई से बनाकर की जा रही वायरल व्यापारी का आरोप— एसपी के निर्देश के बाद भी कोतवाली पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर पुलिस को संदिग्धों के नाम और मोबाइल नंबर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप dहशत में जी रहा परिवार, पीड़ित ने दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की झुंझुनूं शहर का एक किराना व्यापारी पिछले करीब एक महीने से साइबर अपराधियों की धमकियों और ब्लैकमेलिंग से दहशत में जीवन जीने को मजबूर है। व्यापारी का आरोप है कि बदमाश 20 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहे हैं और रुपए नहीं देने पर उसके परिवार की महिलाओं की तस्वीरों को एआई तकनीक से अश्लील बनाकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल कर रहे हैं। गंभीर आरोप यह भी है कि बार-बार शिकायत और एसपी के निर्देशों के बावजूद झुंझुनूं कोतवाली थाना पुलिस ने अब तक न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की है। पीड़ित व्यापारी राकेश टेकड़ीवाल ने बताया कि 24 मई की रात करीब एक बजे उनके व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने 20 लाख रुपये की मांग की। शुरुआत में उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। इसके बाद लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल कर रंगदारी मांगी जाने लगी। राकेश का आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उनके परिवार की महिलाओं व अन्य सदस्यों की तस्वीरों का एआई के माध्यम से दुरुपयोग कर अश्लील और आपत्तिजनक फोटो तैयार کیं। इतना ही नहीं, परिवार की महिलाओं की तस्वीरों को परिवार के ही अन्य पुरुष सदस्यों के साथ जोड़कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर रिश्तेदारों, परिचितों और मित्रों को भेजा जा रहा है। व्यापारी के बारे में भी सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं। जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उन्होंने 3 जून को झुंझुनूं कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 11 जून को एसपी को शिकायत दी गई। तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 22 जून को वे फिर से एसपी से मिले। जिस पर एसपी ने शहर कोतवाल को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही मामले की जांच शुरू हुई। व्यापारी ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में है। उन्होंने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया है। उनका बेटा भी सामान्य कामकाज छोड़कर हर समय व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर नजर रखता है कि कहीं परिवार के बारे में फिर कोई आपत्तिजनक सामग्री वायरल तो नहीं हो गई। व्यापारी का दावा है कि इस दौरान उन्होंने दो-तीन संदिग्ध व्यक्तियों के नाम और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने मामले में शहर कोतवाल श्रवण मील से बात करने को कहा। वहीं शहर कोतवाल श्रवण मील ने इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। ऐसे में एक महीने से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारी और उसका परिवार कार्रवाई का इंतजार कर रहा है。 बाइट : राकेश टेकड़ीवाल, पीड़ित व्यापारी
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हापुड़ के जाकिर हुसैन अस्पताल में फायर सेफ्टी न होने पर सीलिंग, सप्ताह का अल्टीमेटम

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ जिले में पिलखुवा कोतवाली क्षेत्रांतर्गत छिपीवाड़ा स्थित जाकिर हुसैन अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और हापुड़ प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अग्निशमन सुरक्षा यानी फायर सेफ्टी से जुड़े पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिस पर अधिकारियों ने अस्पताल परिसर के एक हिस्से को पूरी तरह से सील कर दिया. बताया जा रहा है कि ​निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अस्पताल और आवासीय परिसर में आने-जाने का रास्ता एक ही है. एक ही संकरा मार्ग होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान को बड़ा खतरा हो सकता है. इस व्यवस्था को सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत बताते हुए अधिकारियों ने अस्पताल संचालक को सख्त निर्देश जारी किए हैं. मौके पर मौजूद डिप्टी सीएमओ ने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. डिप्टी सीएमओ ने साफ लहजे में कहा है कि अगर सात दिन के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो अस्पताल के बाकी हिस्से को भी सील कर दिया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों की सुरक्षा और जिंदगी के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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इमामबाड़ा खुलते ही जश्न के बीच युवक पर मारपीट, वीडियो वायरल—पुलिस रिकॉर्ड

Dhar, Madhya Pradesh:हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकारी इमामबाड़ा खोले जाने और चाबी सौंपे जाने के पश्चात इमामबाड़ा परिसर के बाहर मुस्लिम समाज के लोगों ने खुशी का इजहार किया। इसी दौरान किसी बात को लेकर कुछ युवाओं के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस दौरान एक युवक पर भीड़ टूट पड़ी और उसके साथ जमकर मारपीट की गई। ड्यूटी पर तैनात राजगढ़ थाना प्रभारी समीप पाटीदार मौके पर पहुंचे और भीड़ के बीच फंसे युवक को सुरक्षित बाहर निकालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। घटना के संबंध में कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
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बेगूसराय में स्कूल बच्चों का फ्लैग मार्च, नशा मुक्त भारत का संदेश

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए आज स्कूली बच्चों ने फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान स्कूली बच्चों ने नशा मुक्ति का संदेश दिया। वही ट्रैफिक डीएसपी के नेतृत्व में आयोजित इस जागरूकता रैली में छात्रों ने नशा छोड़ने और स्वस्थ समाज बनाने का संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर ट्रैफिक डीएसपी के नेतृत्व में शहर में स्कूली बच्चों ने जागरूकता फ्लैग मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्र-छात्राओं ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "नशा मुक्त भारत, स्वस्थ भारत" जैसे नारों के साथ लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जहां आम लोगों से नशे के खिलाफ जागरूक होने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर ट्रैफिक डीएसपी ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर निकाले गए इस फ्लैग मार्च का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। बाइट रंजीत कुमार ट्रैफिक डीएसपी
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भंडारा में शिक्षा संकट: 50 स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चों का भविष्य खतरे में

Bhandara, Maharashtra:Pravin Tandekar Bhandara Slug - 2606_BHA_ZP_TEACHER FILE - 15 VIDEO भंडारा जिल्ह्यात शिक्षणाचा बोजवारा... तब्बल ५० शाळा शिक्षकांविना... ८०० शिक्षकांची कमतरता, विद्यार्थ्यांचे भविष्य अंधारात! Anchor :- भंडारा जिल्ह्यातील शिक्षण व्यवस्थेचे विदारक वास्तव समोर आले आहे. एका बाजूला सरकार "गुणवत्तापूर्ण शिक्षण" आणि "डिजिटल इंडिया"च्या घोषणा करत आहे, तर दुसऱ्या बाजूला जिल्ह्यात तब्बल ५० शाळांमध्ये एकही शिक्षक नाही. शिक्षकांशिवाय शाळा, रिकामे वर्ग आणि शिक्षणापासून वंचित राहणारी ग्रामीण भागातील मुले... नेमका विद्यार्थ्यांचा गुन्हा काय? पाहूया हा विशेष रिपोर्ट... VO :- नवीन शैक्षणिक वर्ष सुरू होत आहे, विद्यार्थ्यांच्या हातात नवीन पुस्तके आली... पण अनेक गावांतील शाळांमध्ये शिकविण्यासाठी शिक्षकच नाहीत. भंडारा जिल्ह्यातील तब्बल ५० जिल्हा परिषद शाळा शिक्षकांविना सुरू होणार असल्याची धक्कादायक माहिती समोर आली आहे. शाळांच्या इमारती उभ्या आहेत, वर्गखोल्या सजल्या आहेत, विद्यार्थ्यांची उपस्थिती राहणार आहे... मात्र ज्ञान देणारा गुरुजीच नाही. त्यामुळे शिक्षणाचा संपूर्ण डोलारा कोलमडण्याची वेळ आली आहे. ग्रामीण आणि आदिवासी भागातील विद्यार्थ्यांचे शैक्षणिक नुकसान होत असताना प्रशासन मात्र हातावर हात धरून बसल्याचा आरोप होत आहे. शिक्षणाच्या नावावर मोठमोठ्या घोषणा करणाऱ्या सरकारला या ५० शाळा दिसत नाहीत का? असा संतप्त सवाल आता पालक विचारत आहेत. आज शिक्षक नाहीत, उद्या विद्यार्थीच शाळेकडे पाठ फिरवतील आणि त्यानंतर बंद पडतील गावातील शाळा... त्यामुळे तातडीने शिक्षक भरती करून विद्यार्थ्यांचे भविष्य वाचविण्याची मागणी जोर धरू लागली आहे. BYTE :- प्रभाकर मटाले, पालक BYTE :- गंगाधर सेलोकर, सरपंच BYTE :- उमेश पटले, पालक VO :- भंडारा जिल्ह्यात एकूण ७९४ जिल्हा परिषद शाळा आहेत. मात्र या शाळांमध्ये तब्बल ८०० शिक्षकांची कमतरता आहे. अनेक शिक्षक निवृत्त झाले, पण त्यांच्या जागा अद्याप भरल्या गेल्या नाहीत. परिणामी काही शाळांमध्ये एकाच शिक्षकावर अनेक वर्गांची जबाबदारी आहे, तर ५० शाळा पूर्णपणे शिक्षकांविना आहेत. ही परिस्थिती कायम राहिली तर अनेक शाळा बंद करण्याची वेळ येऊ शकते, असा इशारा स्वतः जिल्हा परिषद शिक्षण सभापतींनी दिला आहे. शिक्षक भरतीसाठी उपोषणही करण्यात आले, मात्र सरकारने त्याची दखल घेतली नाही. सरकार शिक्षणाची हत्या करते असा आरोप त्यांनी केला आहे. BYTE :- नरेश ईश्वरकर, शिक्षण सभापती, जिल्हा परिषद भंडारा Vo :- "एकीकडे शिक्षणाला प्राधान्य देण्याचे दावे केले जात आहेत, तर दुसरीकडे भंडारा जिल्ह्यातील ५० शाळा शिक्षकांविना सुरू होणार आहेत. ८०० शिक्षकांची कमतरता आणि प्रशासनाची उदासीनता यामुळे हजारो विद्यार्थ्यांचे भविष्य धोक्यात आले आहे. आता सरकार यावर किती लवकर निर्णय घेते, याकडे संपूर्ण जिल्ह्याचे लक्ष लागले आहे....."
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ED की बड़ी कार्रवाई: SBI फ्रॉड केस में 1266 करोड़ घोटाला; प्रमोटर आरोपी

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल SBI फ्रॉड केस में ED की बड़ी कार्रवाई 1266 करोड़ के फ्रॉड में 3.66 करोड़ की पॉलिसी अटैच दो विदेशी जीवन बीमा पॉलिसियां अटैच की हैं दोनों निवेश आधारित लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां आरोपी कंपनी के प्रमोटर श्रीकांत भसी के नाम पर थीं फ्रॉड की आरोपी कंपनी एडवांटेज ओवरसीज़ प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर श्रीकांत भसी के नाम पर थीं 2 पॉलिसी ज्यूरिख इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड में संचालित दोनों पॉलिसी की कुल वैल्यू 3.66 करोड़ थी ED जांच में ये पॉलिसी SBI फ्रॉड के समय ही खरीदी गईं थीं इसके पहले श्रीकांत भसी की देश विदेश की संपत्तियों को भी किया जा चुके है अटैच दुबई में 51 करोड़ से ज्यादा की 9 और भारत में 111 करोड़ की प्रॉपर्ट की जा चुकी हैं अटैच
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बेगूसराय में बूढ़ी गंडक नदी में डूबे दो युवक, परिजनों में कोहराम

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में बूढ़ी गंडक नदी में स्नान करने के दौरान दो युवक की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई है। इस मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। अल्लाह की काफी मशक्कत के बाद दोनों युवक का शव पुलिस ने गंडक नदी के पानी से बरामद किया है।वहीं इस घटना के बाद घटनास्थल पर काफी लोगों की भीड़ लग गई। घटना नीमा चांदपुरा थाना के वनद्वार पत्थर बूढ़ी गंडक नदी घाट की है। आपको बताते चले कि स्नान करने के दौरान दोनों युवक गहरे पानी में चले गए। जिसे दोनों युवक डूब गया। मृतकों की पहचान-teghda थाना क्षेत्र स्थित गौड़ा गांव के रहने वाले दिलीप रजक के पुत्र दीपक कुमार और नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र स्थित वनद्वार गांव के रहने वाले मो. शौकत के पुत्र शमशाद के रूप में हुई है। दोनों अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ स्नान करने बूढ़ी गंडक नदी घाट गए थे। इसी दौरान नहाते-नहाते दीपक और शमशाद गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद तीन अन्य बच्चे किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे। बाहर निकलते ही तीनों बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने काफी देर तक पानी में उतरकर दोनों बच्चों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद घटना की सूचना पर नीमा चांदपुरा थाना पुलिस को दी गई। इस दौरान दोनों के परिजनों ने बताया कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। इसी छुट्टी का समय बिताने दीपक अपने ननिहाल वनद्वार आया हुआ था। ननिहाल में घर पास होने के कारण उसकी दोस्ती स्थानीय युवक शमशाद से हो गई थी। दोनों दोस्त बूढ़ी गंडक नदी के पत्थर घाट पर स्नान करने गए थे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों गहरे पानी में समा गए। परिजनों का आरोप है कि नदी में दोनों युवक को डूबता देख जब घाट पर शोर मचा, तो भारी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन वहां जुटे। परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस और SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) को घटना की जानकारी दी। आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद सूचना मिलने के बाद भी SDRF की टीम मौके पर नहीं पहुंची। सरकारी मदद नहीं मिलने पर बेबस परिजनों ने खुद के स्तर पर प्रयास शुरू किए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवक के शवों को पानी से बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों के अनुसार शव बाहर निकलने के बाद पुलिस को केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने में 12 घंटे का समय लग गया। पुलिस ने कहा कि शव लेकर जाइए, अभी पोस्टमार्टम हो जाएगा। लेकिन अस्पताल पहुंचे, तो सुबह पोस्टमार्टम होने की बात कही गई है। उन्होंने बताया है कि अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
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अबूझमाड़ में शिक्षा-स्वास्थ्य से बदल रहा जीवन: नारायणपुर के तोके गाँव में स्कूल खुला

Narayanpur, Jharkhand:कभी नक्सलवाद के गढ़ के रूप में पहचाने जाने वाले नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में अब बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है। वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस दुर्गम क्षेत्र के गाँव अब धीरे-धीरे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ रहे हैं। इसका जीवंत उदाहरण नारायणपुर जिले का तोके गाँव है, जहाँ पहली बार शिक्षा की रोशनी पहुँची है और बच्चों की किलकारियों से घोटुल गूंज रहा है। कुछ समय पहले तक तोके गाँव तक पहुँचना किसी चुनौती से कम नहीं था। ग्रामीणों को गाँव आने-जाने के लिए तीन ऊँची पहाड़ियों को पैदल पार करना पड़ता था। बरसात के दिनों में यह सफर और भी कठिन हो जाता था। लेकिन जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से अब गाँव तक पहुँच मार्ग का निर्माण किया गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान हो गई है और विकास के नए रास्ते खुल गए हैं। सबसे बड़ी खुशी गाँव में पहली बार स्कूल खुलने की है। फिलहाल स्कूल का संचालन घोटुल में किया जा रहा है, जहाँ छोटे-छोटे बच्चे पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई करते नजर आते हैं। जिस क्षेत्र के बारे में कभी कहा जाता था कि वहाँ के बच्चों को 'ब से बंदूक' सिखाई जाती थी, वहीं आज बच्चे मासूमियत के साथ 'ब से बतख' पढ़ रहे हैं। यह बदलाव केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि पूरे समाज की बदलती सोच और नई उम्मीदों का प्रतीक है। गाँव के एक युवक, जो वर्तमान में घोटुल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं, ने जी मीडिया से विशेष बातचीत में बताया कि पहले गाँव में शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। गाँव तक पहुँचना बेहद कठिन था और सुविधाओं का पूरी तरह अभाव था। लेकिन अब सड़क बनने के साथ-साथ बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ भी गाँव तक पहुँच रही हैं। इससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बच्चों के लिए स्थायी और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नए पक्के स्कूल भवन का निर्माण भी तेज़ी से किया जा रहा है। भवन तैयार होने के बाद बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। नारायणपुर के जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य अबूझमाड़ के दूरस्थ और पहुंचविहीन गाँवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही ग्रामीणों से लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अबूझमाड़ का यह बदलता स्वरूप इस बात का प्रमाण है कि जब विकास अंतिम छोर तक पहुँचता है, तो वह केवल सुविधाएँ ही नहीं लाता, बल्कि नई पीढ़ी के सपनों को भी नई उड़ान देता है। तोके गाँव में गूंजती बच्चों की पाठशाला इसी नए और सशक्त अबूझमाड़ की कहानी बयां कर रही है।
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