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मंडी धनौरा के सिपिया घाट रसूलपुर भांवर का सम्पर्क टुटा, आधा दर्जन से ज्यादा गांवों तक पहुंचा पानी।
Dhanaura, Uttar Pradesh:मंडी धनौरा सिपिया घाट रसूलपुर भांवर को जाने वाले रास्ते पर बाढ़ के पानी ने पुलिया को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है रास्ते पर जगह-जगह कटान हो गया है वही मौहसनपुर से पपसरी को जाने वाला रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है मुकरामपुर के कुछ घरों तक भी पानी पहुंच चुका है अब तक आधा दर्जन गांवो तक पानी पहुंच चुका है ग्रामीणों को अब हरे चारे के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है बाढ़ के पानी से खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं हरे चारा पानी में डूब चुका है एसएमएस ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है तो वहीं दो गांव का संपर्क टूटने से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर देखने को मिल सकता है0
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श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान का किया गया शुभारंभ
Amroha, Uttar Pradesh:"श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय में *नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का शानदार शुभारंभ। "आज 2 अगस्त 2026 से शुरू होकर पूरे वर्ष चलने वाले इस महाअभियान में जागरूकता संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रदर्शनी एवं नशा मुक्त भारत शपथ समारोह समेत एक दर्जन से अधिक कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित। "भारत दुनिया का सबसे युवा देश, विकसित भारत @ 2047 बनाने में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास के साथ-साथ "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का होगा सबसे अहम रोल- श्री सुधीर गिरी संस्थापक अध्यक्ष वेंकटेश्वरा समूह। "नशे के खिलाफ जंग केवल सरकार द्वारा कड़ा नशा विरोधी कानून बनाने से नहीं, बल्कि इस महायज्ञ में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ देश के हर नागरिक को लेनी होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी- डॉ राजीव त्यागी प्रतिकुलाधिपति श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान। "नशा मुक्त युवा भारत से होगा स्वस्थ, सशक्त एवं सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण- प्रो कृष्णकांत दवे कुलपति श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय। "आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान में भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय व सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में नशे के विरुद्ध पूरे साल चलने वाले "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का शानदार शुभारंभ हो गया। इस अभियान के तहत संस्थान के हजारों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, प्रबंधन जागरूकता संगोष्ठियों, नुक्कड़ नाटकों, यूथ काउंसलिंग, पोस्टर प्रदर्शनी एवं नशे के विरुद्ध नशा मुक्त भारत शपथ अभियान चलाकर आम जनमानस को नशे के खिलाफ जंग में जुड़ने का आवाहन करेंगे। "श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के डॉ सी सी रमन सभागार में "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का शुभारंभ प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी, कुलपति प्रो कृष्णकांत दवे, वित्त निदेशक युवराज सिंह, कुलसचिव पीयूष पांडे आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। "अपने संबोधन में उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाते हुए प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी ने कहा कि देश में सिर्फ कड़ा नशा विरोधी कानून बनाने से नशा मुक्त भारत अभियान सफल नहीं होगा। इस महायज्ञ में देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ देश के हर जिम्मेदार नागरिक को आगे आकर "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान में अपनी आहुति देनी होगी। "वेंकटेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने प्रधानमंत्री जी के इस अभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और आज हर क्षेत्र में पूरे विश्व में तेजी से ग्रोथ कर रहा है, लेकिन "विकसित भारत अभियान @ 2047" का सपना तब तक पूरा नहीं होगा जब तक अच्छी शिक्षा, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार, कौशल विकास के साथ-साथ नशा मुक्त भारत अभियान पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू नहीं होगा। "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान" को कुलपति प्रो कृष्णकांत दवे, वित्त निदेशक युवराज सिंह, कुलसचिव पीयूष पांडे आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ मानस रंजन पाणिग्रही, डॉ राजेश सिंह, डॉ नीतू पवार, डॉ सुमन कुमारी, डॉ आयशा वाहिद, डॉ ज्योति सिंह, डॉ अरुण गोस्वामी, डॉ स्नेह लता, डॉ योगेश्वर शर्मा मेरठ परिसर से निदेशक डॉ पंकज सिंह मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।0
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अमरोहा-हरिद्वार एक्सप्रेसवे : 10 गांव बाहर, अब 52 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा से हरिद्वार तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए अब 62 नहीं बल्कि 52 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्वे के बाद दस गांवों को परियोजना से बाहर कर दिया गया है। चिह्नित गांवों में सबसे अधिक 34 गांव धनौरा तहसील क्षेत्र के हैं, जबकि हसनपुर तहसील के 17 और नौगावां सादात तहसील के एक गांव की जमीन एक्सप्रेसवे के लिए ली जाएगी। गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे को अमरोहा से हरिद्वार तक जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पहले मंडी धनौरा, हसनपुर और नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के 62 गांवों को चिह्नित किया था। सर्वे के बाद इनमें से दस गांवों को हटा दिया गया है। परियोजना से बाहर किए गए गांवों में वलीपुर, फकराबाद, जलीलपुर मूंगरा, पाइंदापुर, मुकैयादपुर मझरा डींगरा, पैंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द एतमाली, पिपलौती मुस्तकम खुर्द, वसीखेड़ा, मंगरौला शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी चिह्नित गांवों में जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है। अब तहसीलों में जमीन की गाटा संख्या का मिलान किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने किसानों की कितनी जमीन एक्सप्रेसवे परियोजना में जाएगी। इसके बाद किसानों से बातचीत कर जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसोली, बाइखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कलां, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, अलमपुर, अब्दीपुर, कटाई और पूठी। धनौरा तहसील के इन गांवों के किसानों से होगी जमीन की खरीद अटाली, मुरीदपुर, मीरपुर, बलदाना असगर अली खां, जलालपुर कलां, झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर भूड़, अफजलपुर लूट, हाशमपुर भूड़, कौराला, हौशंगपुर उर्फ काटपुरा, चक कनखेड़ा, कानखेड़ा, बाकीपुर माफी, छाजूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर गौसांई, पेली, बौधपुरा, खंडसाल, रचौटी, वंशगोपालपुर डींगरा, पतेईपारा माफी और पारा खालसा, नौगावां सादात तहसील क्षेत्र का मोहम्मदी माफी गांव। किसानों की आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में जमीन जाने को लेकर कई किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कुछ किसानों ने जमीन देने से भी इनकार किया है। बुधवार को डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने यूपीडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।0
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संदिग्ध परिस्थिति में फांसी पर लटका मिला विवाहिता का शव, कोहराम
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के गांव पौरारा में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। गुरुवार सुबह शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। वह बुधवार शाम वह लोनी से घर लौटी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस गृह क्लेश में सुसाइड की बात कह रही है। जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के लोनी निवासी कंचन देवी ने करीब 14 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के गांव पौरारा निवासी मोहित उर्फ बिन्नू त्यागी से विवाह किया था। बताया जा रहा है मोहित पर लूट व चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं, जिसके चलते पुलिस उसे आए दिन परेशान कर रही थी। करीब एक वर्ष पूर्व जेल से छूटने के बाद वह पत्नी कंचन व तीनों बच्चों के संग लोनी चला गया और एक कंपनी में टैक्सी चलाने लगा। कंचन भी निजी कंपनी में नौकरी कर रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कंचन पति के नौकरी पर जाने के बाद बच्चों को बताकर बुधवार रात अकेली पौरारा चली आई। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गई। गुरुवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उसकी जेठानी का लड़का देखने पहुंचा। मौके का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। 35 वर्षीया कंचन का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ था। पैरों के नीचे चारपाई उलटी पड़ी हुई थी। खबर लगते ही गांव के तमाम लोग मौके पर जुट गए। परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बारीकी से मौका मुआयना किया। टीम ने फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। थानाध्यक्ष अमित तोमर ने बताया कि विवाहिता का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। इस संबंध में अभी कोई कानूनी0
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अमरोहा: कांवड़ मार्ग पर कूड़े का अंबार, दीपपुर गेट के पास उठ रही भयानक बदबू से लोग परेशान
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा: कांवड़ मार्ग पर कूड़े का अंबार, दीपपुर गेट के पास उठ रही भयानक बदबू से लोग परेशान अमरोहा जनपद के पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही गजरौला-हसनपुर मार्ग पर कांवड़ यात्रियों का आवागमन तेज़ी से जारी है। लेकिन दीपपुर गेट के पास लगा गंदगी का अंबार श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। क्षेत्र में इस कदर भयानक बदबू फैली हुई है कि यहाँ से गुजरना भी दूभर हो गया है। पवित्र कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्ग पर फैली इस दुर्गंध और कचरे के कारण जहाँ संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है, वहीं कांवड़ियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण महीने में भी सफाई व्यवस्था की सुध नहीं ली जा रही है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष देखने को मिल रहा है। अब देखना होगा कि खबर का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस मार्ग की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराते हैं।0
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