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विजयपुर विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस और BJP में कांटे की टक्कर
Vijaypur, Madhya Pradesh:विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के चलते कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने चुनावी प्रचार तेज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा और बीजेपी के पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत चुनावी मैदान में हैं। हाल ही में, कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें ग्रामीणों ने रामनिवास रावत पर विकास न करने के आरोप लगाए हैं। इस उपचुनाव में दोनों पार्टियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
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भोपाल: MBBS इंटर्न्स-सरकार 21500 स्टाइपेंड पर समझौता; احتجاج खत्म की तैयारी
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल भोपाल से बड़ी खबर सरकार और MBBS इंटर्न्स के बीच बनी बात 21500 के स्टाइपेंड पर माने इंटर्न्स इंटर्न्स के प्रतिनिधिमंडल और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के बीच बनी बात कुछ देर में खत्म करेंगे इंटर्न्स प्रोटेस्ट 2 पुलिस अधिकारी लाइन अटैक किए जाएंगे स्टाइपेंड के ऑर्डर आज शाम तक हो सकता है जारी0
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पुष्कर सिंह धामी ने पन्तनगर हवाई अड्डे पर नितिन नवीन का स्वागत किया
Noida, Uttar Pradesh:पंतनगर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर हवाई अड्डे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया।0
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भीण्डर नगरपालिका चुनाव 2026: रणधीर सिंह ने किया मतदान, मतदाता से अपील
Udaipur, Rajasthan:भीण्डर नगरपालिका चुनाव 2026 पुर्व वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भीण्डर ने किया मतदान भाजपा नेता दिपेंद्र कुंवर भीण्डर ने किया मतदान पीएम श्री महात्मा गांधी राउमावि भीण्डर में बुथ न 7 पर किया मतदान पुर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर परिवार सहित पहुंचे मतदान करने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की मतदान कर भीण्डर नगर के विकास में भागीदार बनने की कि अपील0
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सीधी की राजनीति में केदारनाथ शुक्ला का चार बार विधायक बनने वाला संघर्षपूर्ण सफर
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी की सियासत में पंडित केदारनाथ शुक्ला का नाम लंबे राजनीतिक सफर और संघर्षों से जुड़ा रहा है। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत, पत्रकारिता से लेकर संगठन की जिम्मेदारियां और फिर विधानसभा तक का सफर—उनकी राजनीतिक यात्रा कई उतार-चढ़ावों से होकर गुजरी। चार बार विधायक रहे केदारनाथ शुक्ला ने संगठन और जन आंदोलनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले की राजनीति में पंडित केदारनाथ शुक्ला एक ऐसा नाम रहे हैं, जिसकी पहचान किसी एक चुनाव या एक कार्यकाल तक सीमित नहीं रही। छात्र राजनीति, journalisticism, संगठनात्मक जिम्मेदारियों, जन आंदोलनों और फिर विधानसभा तक पहुंचने वाली उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्षों और उपलब्धियों से भरी रही है। 9 सितंबर 1954 को सीधी जिले में जन्मे केदारनाथ शुक्ला ने विधि की शिक्षा हासिल की। वकालत और कृषि से जुड़े रहने के साथ ही उनका झुकाव सामाजिक सरोकारों और सार्वजनिक जीवन की ओर बढ़ा। साहित्य में रुचि और समाज के कमजोर एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान की भावना भी उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व का हिस्सा रही। छात्र राजनीति और पत्रकारिता से शुरू हुआ सफर केदारनाथ शुक्ला का राजनीतिक सफर सीधे चुनावी मैदान से शुरू नहीं हुआ। छात्र राजनीति और पत्रकारिता से जुड़े अनुभवों ने उन्हें समाज और राजनीति को करीब से समझने का अवसर दिया। इसके बाद संगठन की राजनीति में सक्रिय होते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहचान बनाई। वर्ष 1994 से 1997 तक भाजपा के सीधी जिला अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी संभाली। यह दौर उनके राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण रहा। संगठन को मजबूत करने के साथ उन्होंने स्थानीय राजनीति और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत किया। आंदोलनों में सक्रियता, जेल यात्राओं से भी नहीं पीछे हटे केदारनाथ शुक्ला के राजनीतिक सफर में जन आंदोलनों का भी अहम स्थान रहा। विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने के दौरान उन्हें जेल यात्राएं भी करनी पड़ीं। संघर्ष का यह दौर उनके राजनीतिक व्यक्तित्व को आकार देने वाला माना जाता है। संगठनात्मक अनुभव, छात्र राजनीति और पत्रकारिता की पृष्ठभूमि के बाद लंबे संघर्ष के बीच वर्ष 1998 में पहली बार विधानसभा पहुंचने का अवसर मिला। 1998 में पहली बार विधानसभा पहुंचे विधानसभा पहुंचने के बाद क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। हालांकि इसके बाद उनके राजनीतिक जीवन में एक अंतराल भी आया, लेकिन उन्होंने वापसी की और 2008 में दोबारा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत ने उन्हें सीधी की राजनीति में एक मजबूत और स्थापित चेहरा बना दिया। चार बार विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। विधानसभा की समितियों में भी निभाई जिम्मेदारी केदारनाथ शुक्ला का राजनीतिक अनुभव केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा। विधायक रहते हुए उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। वे विधानसभा की कई समितियों के सदस्य रहे। 2015 से 2018 तक कृषि विकास समिति के सभापति के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति और विधायक दल सहित संगठन के विभिन्न स्तरों पर भी उन्हें जिम्मेदारियां मिलीं। 2023 में बदले राजनीतिक समीकरण केदारनाथ शुक्ला के लंबे राजनीतिक सफर में 2023 का विधानसभा चुनाव एक बड़ा मोड़ लेकर आया। लंबे समय तक भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले केदारनाथ शुक्ला को इस बार पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया। टिकट नहीं मिलने के बाद राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदलीं और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। यह चुनाव उनके लिए वर्षों के राजनीतिक सफर के बाद सामने आई एक नई चुनौती थी。 हालांकि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा, लेकिन यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का एक अहम अध्याय जरूर बन गया। हार के बाद भी खत्म नहीं होती राजनीतिक कहानी राजनीति में चुनावी हार को किसी लंबे राजनीतिक सफर का अंत नहीं माना जाता। समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलती हैं, समीकरण बदलते रहते हैं और नेताओं की भूमिकाएं भी बदलती रहती हैं। चार बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके पंडित केदारनाथ शुक्ला भले ही आज विधानसभा में सक्रिय भूमिका में नहीं हैं, लेकिन सीधी की राजनीति के एक लंबे दौर के साथ उनका नाम जुड़ा हुआ है। सीधी की सियासत में दर्ज है एक लंबा अध्याय छात्र राजनीति से लेकर पत्रकारिता, संगठन, जन आंदोलन और विधानसभा तक का सफर तय करने वाले केदारनाथ शुक्ला की राजनीतिक कहानी में जीत भी है, संघर्ष भी, उतार-चढ़ाव भी और बदलते राजनीतिक समीकरण भी। उनकी पहचान केवल एक पूर्व विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि ऐसे राजनेता के रूप में रही, जिसने लंबे समय तक सीधी की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। राजनीति में पद और परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन लंबे सार्वजनिक जीवन से जुड़ी स्मृतियां आसानी से खत्म नहीं होतीं। पंडित केदारनाथ शुक्ला का राजनीतिक सफर भी सीधी की सियासत के इतिहास का ऐसा ही एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें संघर्ष, संगठन, चुनावी जीत और राजनीतिक उतार-चढ़ाव की कई कहानियां छिपी हैं。0
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गिटारिस्ट चोंगथाम विक्रम सिंह की पार्थिव देह इम्फाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँची
Noida, Uttar Pradesh:IMPHAL (MANIPUR): MORTAL REMAINS OF GUITARIST CHONGTHAM VIKRAM SINGH ARRIVE AT IMPHAL INTERNATIONAL AIRPORT0
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गहलोत का एयरपोर्ट-हाईकोर्ट निर्माण पर तगड़ा निशाना: स्थानीय चुनाव पर भी बड़ा हमला
Jodhpur, Rajasthan:JOdhpur। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज जोधपुर पहुंचे। जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने एयरपोर्ट को लेकर एयरफोर्स क्षेत्र से जुड़े पुराने मामले, नई हाईकोर्ट भवन की निर्माण गुणवत्ता और नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि एयरपोर्ट को लेकर एयरफोर्स से जुड़े मामले में करीब दो साल से चल रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार का काम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करना है। उन्होंने एयरपोर्ट भवन में पहली बारिश में पानी आने और जोधपुर में नई हाईकोर्ट भवन में सामने आई समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नई इमारतों में इस तरह की स्थिति बनना चिंता का विषय है। गहलोत ने सुझाव दिया कि हाईकोर्ट, निचली अदालत और अन्य न्यायालयों की इमारतों के निर्माण में जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले सरकार भवन बनाकर न्यायपालिका को सौंपती थी, जिससे निर्माण और गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदारी तय होती थी। यदि वर्तमान व्यवस्था में न्यायपालिका स्वयं निर्माण कर रही है तो वह भी ठीक है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जो काम सरकार के विभागों के जिम्मे हैं, उनकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए। नगर निकाय चुनाव को लेकर अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री के रोड शो पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने स्थानीय चुनावों में इस तरह प्रचार नहीं किया। गहलोत ने दावा किया कि पूरे राजस्थान सहित जोधपुर में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन चुका है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह है और आम जनता कांग्रेस के साथ जुड़ रही है। गहलोत ने यह भी दावा किया कि जिन वर्गों को सरकार अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती थी, उनमें भी इस बार नाराजगी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने स्थानीय मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, उनके कार्यकाल में पट्टे जारी करने, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों पर काम हुआ, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन मामलों में अपेक्षित गति नहीं दिखाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की कई योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में स्कूल, खेल सुविधाएं, पुस्तकालय और छात्रावास जैसी कई इमारतें बनी हुई हैं, लेकिन उनका अपेक्षित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार से जनता के हित में इन सुविधाओं को प्रभावी रूप से संचालित करने की मांग की। अशोक गहलोत ने कहा कि विपक्ष के रूप में कांग्रेस लगातार आम जनता के मुद्दों को लेकर चिंता कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वह बिना किसी संकोच के अपने मत का इस्तेमाल करे और कांग्रेस को मजबूत बनाए। गहलोत ने दावा किया कि इस बार स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को जनता का समर्थन मिलेगा और सत्तारूढ़ दल को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जनता के हाथ में सबसे बड़ा अधिकार मतदान का है और जनता अपने वोट के माध्यम से सरकार को जवाब दे सकती है।0
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भोपाल में अभय मिश्रा के बयान पर सियासत तेज, भाजपा-प्रवक्ताओं ने हमला किया
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के बयान पर शुरू हुई सियासत भाजपा बोली सस्ती लोकप्रियता पाने बिना अनुमति धरना देकर नौटंकी कर रहे हैं...इनका जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है....अभय मिश्रा का हालिया बयान उनकी मानसिक विक्षिप्तता को दर्शाता है....महिला की मौत पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं0
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रतलाम मेडिकल कॉलेज में इंटर्न हड़ताल जारी, PG छात्र भी शामिल हो सकते हैं
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम के शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल आज भी जारी रही। हड़ताल के चलते सभी इंट्र्न डॉक्टर ओपीडी में सेवाएं देने नहीं पहुंचे। वहीं, कुछ इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर भोपाल भी पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि अब गुरुवार से पीजी स्टूडेंट्स भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। इधर, इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मेडिकल कॉलेज में آنے वाले मरीजों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि, फिलहाल ओपीडी में अन्य डॉक्टर मौजूद हैं और मरीजों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम होने के कारण हड़ताल का ज्यादा असर दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन अगर पीजी स्टूडेंट्स भी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो आने वाले दिनों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के सामने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।0
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अलवर के सर्राफा बाजार में स्कूटी हटाने के कारण दुकानदार-पुलिस विवाद, जाम
Alwar, Rajasthan:अलवर के अखेपुरा थाना क्षेत्र के सर्राफा बाजार में दुकान के बाहर खड़ी स्कूटी हटाने को लेकर दुकानदार और पुलिस के बीच विवाद हो गया। सर्राफा व्यापार कमेटी के व्यापारियों ने पुलिस पर दुकानदार को थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए त्रिपोलिया में जाम लगा दिया। पीड़ित दुकानदार दिनेश चंद गुप्ता के अनुसार, उनकी स्कूटी दुकान के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान बाजार से गुजर रही पुलिस की गाड़ी रुकी और पुलिसकर्मियों ने स्कूटी हटाने को कहा। आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट करते हुए थप्पड़ मारा। पॉलिस मौके से दुकान के बाहर खड़ी दोनों स्कूटियां थाने ले गईं। इसके बाद आक्रोशित व्यापारियों ने त्रिपोलिया पर जाम लगा दिया। सूचना पर डीएसपी अंगद शर्मा, शहर कोतवाल दिनेश मीणा सहित पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और व्यापारियों से समझाइश कर जाम खुलवाया। मामले को लेकर व्यापारियों और पुलिस के बीच बातचीत जारी रही।0
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हमीरपुर में किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या; बारिश से फसल बर्बाद बताई गई वजह
Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर में किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या; परिजनों के मुताबिक अतिवृष्टि से फसल बर्बाद होने के कारण किसान ने उठाया खौफनाक कदम; खेत में बने पशु बाड़े में फंदे से लटका मिला किसान का शव; परिजनों के मुताबिक बारिश से फसल खराब होना बताई जा रही आत्महत्या की वजह; किसान ने करीब 40 बीघा जमीन बलकट लेकर बोई थी फसल; एसडीएम राठ के मुताबिक फिलहाल किसान की मौत का स्पष्ट नहीं, किसान की मौत के कारण की जाँच जारी; सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा; राठ कोतवाली क्षेत्र के करगवा गांव का मामला0
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रायबरेली में जमीन नाम पर पत्नी-बेटों ने पति की पीट-पीटकर हत्या कर दी
Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां जमीन अपने नाम न करने को लेकर पत्नी और बेटों पर पति की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है। मामला खीरों थाना क्षेत्र के कान्हामऊ गांव का है। बताया जा रहा है कि 54 वर्षीय आशाराम पाल अपनी पैतृक जमीन बेचने की तैयारी में थे, जबकि पत्नी और बेटे जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर पत्नी और बेटों ने आशाराम पाल के साथ मारपीट की, जिसमें उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक के बेटे और उनकी मां अपने ताऊ के साथ बाहर रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।0
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सीवान लूट के प्रयास में स्वर्ण व्यवसायी दिलीप वर्मा की मौत, प्रदर्शन जारी
Siwan, Bihar:सीवान में कल ज्वैलरी दुकान में लूट की कोशिश और स्वर्ण व्यवसायी पर चाकू से हमले के मामले में घायल स्वर्ण व्यवसायी दिलीप वर्मा की इलाज के दौरान आज मौत हो गई। मौत के बाद लोग आक्रोशित हो गए और स्वर्ण व्यवसाई के शव को बाजार में रख विरोध प्रदर्शन किया।आक्रोशित व्यवसायियों ने बाजार की सभी दुकानों को बंद रखा है।आक्रोशित लोगों ने अपराधी कि गिरफ्तारी और अपनी सुरक्षा की मांग की।सीवान एसपी भारत सोनी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा बूझकर मामला को शांत कराया। गौरतलब है कि दरौली थाना क्षेत्र के टड़वा चट्टी स्थित नीरज ज्वेलर्स में कल बेखौफ पांच अपराधियों ने पुलिस प्रशासन को चुनौती देते हुए लूट की कोशिश की थी। दुकान में मौजूद स्वर्ण व्यवसायी दिलीप वर्मा ने जब अपराधियों का विरोध किया था, तो बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था और भागने के दौरान कई राउंड फायरिंग भी की थी।वारदात के दौरान तीन अपराधी मौके से फरार हो गए थे, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से दो बदमाशों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इस हमले में स्वर्ण व्यवसाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे।वहीं आज गोरखपुर में इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई है। व्यवसाई की मौत के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है तो वही व्यवसाई इस घटना से गुस्से में है। दिनदहाड़े जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया था पुलिस प्रशासन के साथ-साथ लॉ एंड ऑर्डर पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। फिलहाल SP के समझाने बुझाने के बाद लोग शांत हुए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस अन्य फरार बदमाशों की गिरफ्तारी कब तक करती है।0
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सवाई माधोपुर के तीन नगर निकायों में शांत मतदान, सुरक्षा सख्त
Noida, Uttar Pradesh:अभिनव अग्रवाल-सवाई माधोपुर 09 सितंबर 2026 एंकर-नगर निकायों के चुनावों को लेकर प्रथम चरण में सवाई माधोपुर जिले में तीन निकायों के लिए सुबह से ही हल्की फुल्की गहमा गहमी के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है । लेकिन मतदान को लेकर मतदाताओं में जो उत्साह नजर आना चाहिए था वो उत्साह नजर नही आ रहा है ,सवाई माधोपुर नगर परिषद , बौंली नगर पालिका ओर खंडार नगर पालिका के लिए मतदान जारी है । मतदान को लेकर पुलिस एंव प्रशासन अलर्ट मोड़ है , सवाई माधोपुर नगर परिषद के 60 वार्डो के लिए 231 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है ,वहीं खंडार के 25 वार्डो के लिए 90 प्रत्याशी ओर बौंली के 25 वार्डो के लिए 101 प्रत्याशी मैदान में है । सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 92713 मतदाता है ,जिनमे 47620 पुरुष व 45088 महिला मतदाता ओर 5 थर्ड जेंडर मतदाता है ।वही बौंली नगर पालिका क्षेत्र में कुल 12066 मतदाता है , जिनमें ,6227 पुरुष व 5839 महिला मतदाता है ,इसी तरहखंडार नगर पालिका क्षेत्र में कुल 11708 मतदाता है ,जिनमें 6152 पुरुष व 5556 महिला मतदाता है ।सवाई माधोपुर नगर परिषद के 60 वार्डो के मतदान के लिए 97 पोलिंग बूथ बनाये गए है । वही बौंली में 25 व खंडार में 25 पोलिंग बूथ बनाये गए है । सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में 24 संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ है ,वही बौंली में 5 ओर खंडार में है 6 संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ है । जिले की तीनो नगर निकायों के लिए 904 का पुलिस जाब्ता लगाया गया है । संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ पर मय हथियार तैनात एक चार का जाब्ता तैनात किया गया है । जिले की तीनों नगर निकायों में कुल 147 मतदान केंद्र है ,जिनमे 35 संवेदनशील व अति संवेदनशील मतदान केंद्र है ,तीनो नगर निकायों के 110 वार्डो में 422 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है । वैसे तो सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदान जारी है और धीरे धीरे मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे है । तीनो नगर निकायों में मतदान वैसे तो शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है ,लेकिन कुछ जगहों पर हल्की फुल्की झड़प भी प्रत्याशी के समर्थकों के बीच देखने को मिली है ,सवाई माधोपुर नगर परिषद के वार्ड नम्बर 56 के जिला उद्योग केंद्र स्थित मतदान केंद्र पर कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडीलाल मीणा के समर्थक एंव भाजपा प्रत्याशी पति रामहरि चोधरी ओर कॉंग्रेस प्रत्याशी पति राकेश श्रीमाल के बीच आपसी झड़प होती दिखाई दी । कॉंग्रेस प्रत्याशी पति ने भाजपा प्रत्याशी पति पर मारपीट करने और फर्जी वोटिंग करने का आरोप लगाया है । वही भाजपा प्रत्याशी पति का कहना है को कॉंग्रेस प्रत्याशी पति उनपर बेवजह के निराधार आरोप लगा रहा है । मतदान को लेकर पुरुषों के साथ ही महिलाओं और पहली बार मतदान करने वालो में भी उत्साह नजर आ रहा है । जिले के तीनों निकायों में चल रहे मतदान में बौंली ओर खंडार की अपेक्षा सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में मतदाताओं में उत्साह कम ही नजर आ रहा है ,इस बार निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा और कॉंग्रेस का गणित बिगाड़ सकते है । मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के माकूल इंतजाम है और पुलिस एंव प्रशासन के अधिकारी अलर्ट मोड़ पर है और लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे है ।0
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अररिया के फारबिसगंज पुलिस की मानवीय पहल: लावारिस महिला को अस्पताल पहुंचाने पर तारीफ
Forbesganj, Bihar:अररिया के फारबिसगंज में पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया है जिसकी जम कर तारीफ हो रही है। फारबिसगंज के बगीचा चौक पर एक लावारिश महिला नग्न हालात में बेहोश पड़ी हुई थी जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दिया जिसके बाद फारबिसगंज पुलिस डायल 112 की गाड़ी और एम्बुलेंस के साथ पहुंची और महिला पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से लावारिश महिला को एम्बुलेंस के डाला और लेकर फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल भिजवाया। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया जहां से उसे अररिया सदर अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिसकर्मियों के इस सामाजिक कार्य की जम कर तारीफ हो रही है0
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झारखंड में MMDR विरोध: CPIML का महाधरना, राज्य के खनिज अधिकार सुरक्षा मांग
Dhanbad, Jharkhand:एंकर केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन कानून यानी MMDR कानून के खिलाफ झारखंड में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर CPIML की ओर से महाधरना आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और MMDR कानून को वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार MMDR कानून के जरिए झारखंड के खनिज संसाधनों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। उनका कहना था कि इस कानून से झारखंड के विकास की गति प्रभावित होगी और इसका लाभ बड़े पूंजीपतियों को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। पूर्व विधायक विनोद सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खान एवं खनिज संशोधन बिल को हंगामे के बीच है पर्याप्त चर्चा के पारित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा सरकार जनता के सवालों पर घिरती है, तब बहुमत का इस्तेमाल कर महत्वपूर्ण विधेयकों को इसी तरह पारित किया जाता है। जिन राज्यों में खनिज संपदा मौजूद है, वहां के विकास में स्थानीय हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। झारखंड की खनिज संपदा से राज्य को मिलने वाले राजस्व और सेस का उपयोग प्रदेश के विकास में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि MMDR कानून का सीधा असर झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य पर पड़ेगा। वहीं सिंदरी विधायक ने भी इस कानून के झारखंड से सीधे जुड़े होने की बात कही। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड से निकलने वाले खान एवं खनिज पर सेस और राजस्व के जरिए राज्य के विकास में भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। ऐसे में कानून में बदलाव से राज्य के हित और अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। CPIML नेताओं ने केंद्र सरकार से MMDR कानून पर पुनर्विचार करने और झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार एवं हिस्सेदारी को सुरक्षित रखने की मांग की। धरना के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई。0
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