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MANISH KUMARMANISH KUMARFollow19 Nov 2024, 12:09 pm
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चरखी दादरी की हीरा चौक रामलीला शहर की सांस्कृतिक पहचान बन गई

Charkhi Dadri, Haryana:हीरा चौक की रामलीला बनी शहर की सांस्कृतिक पहचान, संवाद और अभिनय के जरिए जीवंत हो रहे रामायण के प्रसंग; भगवान श्रीराम की बारात और रावण दहन को लेकर हर साल उमड़ता है श्रद्धालुओं का जनसैलाब चरखी दादरी। शहर के मुख्य हीरा चौक पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चरखी दादरी की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आपसी भाईचारे की पहचान बन चुकी है। 100 साल से अधिक पुरानी इस परंपरा को वर्ष 2026 में श्री रामलीला कमेटी शहर, चरखी दादरी द्वारा 101वें वर्ष में आगे बढ़ाया जा रहा है। समय बदला, पीढ़ियां बदलीं और कलाकारों की नई टोली मंच पर आई, लेकिन भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करने की परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ कायम है। रामलीला के मंच पर कलाकार जब रामायण के प्रसंगों को संवाद, गायन और अभिनय के माध्यम से जीवंत करते हैं, तो दर्शक त्रेतायुग की कथाओं से जुड़ जाते हैं। ताड़का वध, सीता स्वयंवर, कैकेयी का कोपभवन और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध जैसे प्रसंग दर्शकों को धर्म, मर्यादा, त्याग और सत्य की राह पर चलने का संदेश देते हैं। रामलीला में वर्षों से अभिनय कर रहे कलाकारों का कहना है कि यह मंच उनके लिए केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ने का अवसर है। कलाकारों के अनुसार, उनके पूर्वजों और गुरुओं ने जिस परंपरा को शुरू किया और संभालकर रखा, वे उसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, नए कलाकार भी इस सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बनकर गौरव महसूस करते हैं। कलाकारों का मानना है कि रामलीला की परंपरा को जीवित रखने के लिए नई पीढ़ी की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से युवा कलाकार भी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं। चरखी दादरी की रामलीला की प्रमुख विशेषताओं में भगवान श्रीराम की भव्य बारात शामिल है। बारात शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती है और इसमें शामिल धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इस आयोजन को देखने के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान होने वाला रामलीला मंचन विजयदशमी यानी दशहरे पर रावण दहन के साथ संपन्न होता है। इस दौरान पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आता है। एक सदी से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा चरखी दादरी के लोगों को एक मंच पर जोड़ने का काम कर रही है। रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और मर्यादित जीवन के संदेश को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। समय के साथ आयोजन के प्रचार-प्रसार के तरीके भी बदले हैं। डिजिटल माध्यमों और लाइव प्रसारण के जरिए रामलीला अधिक लोगों तक पहुंच रही है। इससे वे लोग भी इस आयोजन से जुड़ सकते हैं, जो किसी कारणवश मौके पर उपस्थित नहीं हो पाते। चरखी दादरी की 101वें वर्ष की रामलीला इस बात की मिसाल है कि जब किसी परंपरा को पीढ़ियां अपने जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ाती हैं, तो वह केवल इतिहास का हिस्सा नहीं रहती, बल्कि शहर की पहचान बन जाती है। हीरा चौक की यह रामलीला आज भी आस्था, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत को जीवंत रखने का संदेश दे रही है।
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16 वर्षीय नाबालिग के शोषण मामले में आरोपी 34 वर्षीय परमानंद कंवर गिरफ्तार

Darogapara, Chhattisgarh:एनकर-16 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने के आरोप में रैरूमाखुर्द पुलिस ने 34 वर्षीय आरोपी परमानंद कंवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद किया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को बालिका के पिता ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी रात में अपने कमरे में सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह घर से गायब मिली। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेगारपानी, भोगराकछार निवासी परमानंद कंवर अपने घर में रखे हुए है। सूचना मिलते ही रैरूमाखुर्द पुलिस की टीम ओडिशा रवाना हुई और आरोपी के घर से बालिका को बरामद कर लिया। उस समय आरोपी मौके से फरार था। आवश्यक कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, बालिका के बयान में आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर मोटरसाइकिल से उसे रेगारपानी ले जाने और लगातार शारीरिक शोषण किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले में आरोपी परमानंद कंवर, पिता छवि कंवर, उम्र 34 वर्ष, के विरुद्ध धारा 62(2)(ड) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं। बालिका का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस ने उसे उसके गांव के मुख्य मार्ग पर पल्सर मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AW 1784 को जब्त कर लिया। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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मौसम के कारण फूलों के दाम गिरे, गेंदा-गुलाब किसान घाटे में

Agar, Madhya Pradesh:ऐंकर — मौसम की मार… उत्पादन की भरमार… और बाजार में फूलों के गिरते दाम! जिस गेंदा और गुलाब की खेती से किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद थी, वही अब उनके लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। आगर-मालवा में तापमान बढ़ने से फूल समय से पहले खिल गए, तो दूसरी ओर उत्पादन ज्यादा होने और बड़े शहरों की मंडियों में मांग कमजोर रहने से फूलों के दाम जमीन पर आ गए हैं। हालात ये हैं कि थोक मंडी में करीब दस टन फूल पहुंच रहे हैं, लेकिन गेंदा दो से पांच रुपए किलो तक बिक रहा है। गुलाब की बेहतरीन क्वालिटी के भी महज 30 से 40 रुपए किलो मिल पा रहे हैं। एक बीघा गेंदा उगाने में करीब 25 हजार रुपए खर्च करने वाले किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। नौबत यहां तक है कि करीब दस किलो फूलों की पोटली बेचने पर किसानों को सिर्फ 30 से 40 रुपए मिल रहे हैं। यानी फूल उगाने, तोड़ने और मंडी तक लाने की मेहनत के बाद मिलने वाली रकम से बाइक में लगने वाले पेट्रोल का खर्च निकालना भी मुश्किल है। एक तरफ मौसम की वजह से समय से पहले तैयार हुई फसल, दूसरी तरफ जरूरत से ज्यादा उत्पादन और बाजार में कमजोर मांग… इन तीन वजहों ने फूल उत्पादकों की कमाई पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
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त्योहार महंगाई: चीनी और दालों की कीमतों से आम बजट चिंतित

Lucknow, Uttar Pradesh:त्योहार पर महंगाई की मार घर में मिठाइयां बन रही हैं, पकवान तैयार हो रहे हैं और बाजारों में खरीदारी बढ़ रही है। लेकिन इसी बीच चीनी और दालों की कीमतों में तेजी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। मिठास से लेकर रोज की थाली तक, महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। सवाल है कि त्योहार मनाने की तैयारी के बीच आम परिवार का बजट कैसे संभलेगा? दीपावली करीब है और बाजार में मांग बढ़ने लगी है। घरों में मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए चीनी की जरूरत बढ़ती है। इसी समय चीनी की कीमतों में तेजी की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में चीनी का एक्स-मिल भाव 6 अक्टूबर को 4,600 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 12 अक्टूबर को बढ़कर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। यानी छह दिनों में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी। हालांकि, इसका असर खुदरा बाजार में कितना पड़ा है, इसकी पुष्टि स्थानीय दुकानों के मौजूदा भाव से करनी होगी। अब दालों की कीमतें भी चिंता बढ़ा रही हैं। अरहर, चना और दूसरी दालें हर घर की रोजमर्रा की जरूरत हैं। बाजार में दाम बढ़ने का सीधा असर रसोई के मासिक बजट पर पड़ता है। दालों की कीमतों में तेजी के पीछे कम आपूर्ति, फसल को लेकर चिंता और आयात लागत जैसे कारण बताए जा रहे हैं। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भी कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल है? कि आम उपभोक्ता को राहत कब मिलेगी? क्या बाजार में पर्याप्त स्टॉक है? क्या थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर बढ़ रहा है? और क्या जमाखोरी या अनुचित मुनाफाखोरी की कोई शिकायत है?
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नवी मुंबई में 16 अक्टूबर से पानी की कटौती, 10% हिस्से पर सख्त निर्देश जारी

Navi Mumbai, Maharashtra:राज्य शासनातर्फे सर्व महापालिकांना 10टक्के पाणी कपात करण्याचे निर्देश दिले असून त्यानुसार नवी मुंबई महापालिका येत्या 16 ऑक्टोबर पासून शहरात पाणी कपात करणार आहे. यंदा धरण भरले नसून शहरात पाण्याचा होणारा अतिरिक्त वापर थांबाविण्याचा निर्णय घेण्यात येणार आहे. नवी मुंबईकरांचे पाणी कुठे कुठे जाते याची संपूर्ण माहिती घेऊन पाण्याचा एक एक थेंबाचा हिशोब आता घेतला जाणार असल्याचा आक्रमक पवित्रा सभागृह नेते सागर नाईक यांनी घेतला आहे. यामुळे येणाऱ्या दिवसात पाण्यावरून नवी मुंबईच राजकारण मोठ्या प्रमाणात तापताना पहायला मिळणार आहे.
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कोटकपूरा में बरगाड़ी बेअदबी-गोलियों के 11 साल बाद भी इंसाफ़ नहीं मिला; लाहनत दिवस मनाया गया

Kot Kapura, Punjab:ਬਰਗਾੜੀ ਬੇਅਦਬੀ ਤੇ ਬਹਿਬਲ ਗੋਲੀਕਾਂਡ ਦਾ 11 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ,ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਨੇ ਮਨਾਇਆ ਲਾਹਨਤ ਦਿਵਸ, ਸਮੇਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ’ਤੇ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਦਰਬਾਰ-ਏ-ਖਾਲਸਾ ਦੇ ਮੁਖੀ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਪ੍ਰਚਾਰਕ ਭਾਈ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਾਝੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਅੱਜ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਬੱਠੀਆਂ ਵਾਲਾ ਚੌਕ ਵਿਖੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਿੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸਾਲ 2015 ਦੇ ਬਰਗਾੜੀ ਬੇਅਦਬੀ ਮਾਮਲੇ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਬਹਿਬਲ ਕਲਾਂ ਗੋਲੀਕਾਂਡ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਾ ਮਿਲਣ ਦੇ ਰੋਸ ਵਜੋਂ ਲਾਹਨਤ ਦਿਵਸ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਸਮੇਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਸਿੱਖ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਲਈ ਇਕਜੁੱਟ ਹੋਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ, ਕਾਂਗਰਸੀ ਵਿਧਾਇਕ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ, ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਤੋਂ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਅਜੇਪਾਲ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਿੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ। ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਭਾਈ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਾਝੀ ਨੇ ਲਾਹਨਤ ਪੱਤਰ ਪੜ੍ਹਿਆ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਇੱਕ ਕਾਪੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀ। ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਪਿਛਲੀਆਂ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਅਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਮੌਜੂਦਾ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜਾਰੀ ’ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੇਅਦਬੀ ਅਤੇ ਗੋਲੀਕਾਂਡ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਇਨਸਾਫ਼ ਦਿਵਾਉਣ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਕੀਤਾ ਸੀ, ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਵੱਲ ਵਧਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਵਿਧਾਇਕ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ ਨੇ ਵੀ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਦਿਆਂ ਉਸ ’ਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਵਾਅਦੇ ਪੂਰੇ ਨਾ ਕਰਨ ਅਤੇ ਝੂਠ ਬੋਲਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਏ। ਸਿੱਖ ਪ੍ਰਚਾਰਕ ਭਾਈ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਾਝੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੇਅਦਬੀ ਅਤੇ ਗੋਲੀਕਾਂਡ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਰਿਆਂ 11 ਸਾਲ ਬੀਤ ਚੁੱਕੇ ਹਨ, ਪਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨਸਾਫ਼ ਮਿਲਣ ਤੱਕ ਸੰਘਰਸ਼ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗਾ। ਉੱਧਰ, ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਇਨਸਾਫ਼ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਹਰ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਸਮਾਜ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਇਨਸਾਫ਼ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਯਤਨ ਜਾਰੀ ਹਨ。
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धूपगुड़ी के दक्षिणायन क्लब की 58वीं दुर्गापूजा: भव्य मंडप, रोशनी और मेले का धमाका

Jalpaiguri, West Bengal:বদলের বাংলায় জমজমাট দূর্গা উৎসব। উত্তরের দুর্গা পুজো উদ্বোধনী শিক্ষামন্ত্রী সাংসদ জমজমাট জলপাইগুড়িতে দুর্গা পুজোর উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে দর্শনার্থীদের ঢল। বীজ-রুদ্রাক্ষে ৭২ ফুটের কাল্পনিক মন্দির, তৃতীয়াতেই উদ্বোধন ধূপগুড়ির দক্ষিণায়ন ক্লাবের ৫৮তম দুর্গাপুজো দুর্গাপুজোয় উত্তরবঙ্গের বিগ বাজেটের পুজোগুলিকে টেক্কা দিতে প্রস্তুত ধূপগুড়ির দক্ষিণায়ন ক্লাব। ক্লাবের ৫৮তম দুর্গাপুজোর উদ্বোধন হল তৃতীয়ার দিন। তৃতীয়াতেই পুজোর উদ্বোধন হওয়ায় উত্তরবঙ্গের মধ্যে প্রথম দিকেই উদ্বোধনের তালিকায় জায়গা করে নিল এই পুজো। রাজ্যের শিক্ষামন্ত্রী দীপক বর্মন পুজোর শুভ উদ্বোধন করেন। অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন জলপাইগুড়ির সাংসদ জয়ন্ত কুমার রায়,মহকুমা শাসক শ্রদ্ধা সুব্বা-সহ প্রশাসনের আধিকারিক ও বিশিষ্ট ব্যক্তিরা। এ বছর দক্ষিণায়ন ক্লাবের পুজোর অন্যতম আকর্ষণ বিভিন্ন ধরনের বীজ, রুদ্রাক্ষ, হোগলা পাতা ও কড়ি দিয়ে তৈরি প্রায় ৭২ ফুট উচ্চতার কাল্পনিক মন্দির। মণ্ডপটির প্রস্থ প্রায় ৮২ ফুট। মাশরুম, কদবেলের চারা, শসার বীজ, পেঁপের বীজ, কড়ি, রুদ্রাক্ষ, হোগলা পাতা ও কলাগাছের খোল-সহ বিভিন্ন উপকরণ দিয়ে সাজিয়ে তোলা হয়েছে মಂಡপ। প্রায় ৩২ জন শ্রমিক দেড় মাস ধরে মণ্ডপ তৈরির কাজে যুক্ত ছিলেন। মণ্ডপসজ্জার পাশাপাশি আলোকসজ্জাতেও বিশেষ আকর্ষণ থাকছে দক্ষিণায়ন ক্লাবের পুজোয়। চন্দননগরের আলোকসজ্জায় সাজিয়ে তোলা হয়েছে পুজো চত্বর। ধূপগুড়ির থানা রোডজুড়ে তৈরি করা হয়েছে একাধিক আলোকতোরণ। পুজোর পাঁচ দিন ধরে মণ্ডপ দর্শনের পাশাপাশি আলোর কারুকার্য উপভোগ করতে পারবেন দর্শনার্থীরা। পুজোকে কেন্দ্র করে থাকছে মেলার আয়োজনও। মেলায় বিভিন্ন খাবারের দোকান, শিশুদের বিনোদনের ব্যবস্থা, দোলনা ও ব্রেক ডান্সের মতো আকর্ষণ থাকছে। ফলে মণ্ডপ দর্শনের পাশাপাশি মেলায় আনন্দ উপভোগের সুযোগ পাবেন ছোট থেকে বড় সকলেই। দক্ষিণায়ন ক্লাবের ৫৮তম দুর্গাপুজোকে ঘিরে সাজ সাজ রব ধূপগুড়িতে। অভিনব মণ্ডপসজ্জা, চন্দননগরের আলোকসজ্জা, থানা রোডের আলোকতোরণ এবং মেলাকে ঘিরে এ বারও দর্শনার্থীদের ব্যাপক সমাগমের আশা করছেন উদ্যোক্তারা।
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कैनिंग की महिलाओं के पुझा फंड से मिली चपत; टीएमसी नेता पर आरोप

Baruipur, West Bengal:জী ২৪ ঘন্টার খবরের জের,ক্যানিংয়ে মহিলাদের পুজোতে অর্থ সাহায্য করলেন কলকাতার স্বর্ণ ব্যবসায়ী সহ এক বিজেপি নেতা। বারে বারে মহিলাদের খবর সম্প্রচারিত হয় চ্যানেলে স্বর্ণ ব্যবসায়ী স্বপন ঘোষ সহ বিজেপি নেতা সঞ্জয় নায়কের চোখে পড়ে এরপরেই তারা ওই মহিলাদের পুজোতে অর্থ সাহায্য করেন। tutriñমূল সদস্য মহিলাদের জমানো টাকা আত্মসাৎ করে এমন অভিযোগ থাকে। এরপর তাদের বাড়ির চাল, টাকা জমানো সেই সব অর্থেও ঠিক মতন পুজো হয়ে উঠছিল না। কিন্তু সেই খবর সম্প্রচারিত হওয়ার পর চোখে পড়ে যায় তাদের। এরপর মহিলারা জানান পুজো ভালোভাবেই। খুশি মহিলাদের টিম। পুজোর তহবিলের টাকা আত্মসাৎ !অভিযোগেোর তীর এলাকার তৃণমূলের সদস্য মমতা’র বিরুদ্ধে! বন্ধের মুখে সেই ক্যানিংয়ের মহিলাদের পুজো ঘুরে দাঁড়াতে মুঠো মুঠো চাল, টাকা সারা বছর বাড়িতে কলুষীতে জমানো কয়েকশো মহিলারা পুজো হয়ার সিদ্ধান্ত নিলেন। ক্যানিং - আনন্দ উৎসবের প্রাক্কালে বিষাদের সুর সুন্দরবনের প্রত্যন্ত গ্রামে! বন্ধের মুখে দক্ষিণ ২৪ পরগনার ক্যানিং থানা এলাকার লুপ্তপ্রায় বেলেডোনা নদীর তীরের গোলাবাড়ি গ্রামের একমাত্র মহিলা পরিচালিত দুর্গাপুজো। গত বছরের পুজোর তহবিলের টাকা লোপাট হয়ে যাওয়ার অভিযোগে তৈরি হয়েছে চরমতম সংকট। পরিস্থিতি এতটাই কঠিন যে, পুজোর আর মাত্র অল্পদিন কয়েকদিন বাকি থাকলেও এখনও মণ্ডপ তৈরির জন্য মাটিতে বাঁশ পর্যন্ত পোঁতা হয়নি। ইটখোলা পঞ্চায়েতের গোলাবাড়ি এলাকার চারটি গ্রামের প্রায় ৫০০ জন মহিলা জোটবদ্ধ হয়ে সম্পূর্ণ নিজেদের কাঁধে দায়িত্ব নিয়েই এই পুজোর আয়োজন করেন। এলাকায় এটাই একমাত্র মহিলা পরিচালিত পুজো হিসেবে পরিচিত এবং সমাদৃত। উল্লেখ্য,সারা বছর ধরে এলাকার মহিলারা মাটির ভাঁড় ও কলসিতে মুঠো মুঠো চাল জমিয়ে এবং মাটির ভাঁড়ে খুচরো পয়সা জমিয়ে পুজোর তহবিল তৈরি করেন। পুজোর ঠিক এক মাস আগে সেই জমানো চাল ও অর্থ একত্রিত করেন এবং সরকারি অনুদানের ওপর ভরসা করেই মূলত এই পুজোর আয়োজন করা হয়। কিন্তু এবারের পুজোর আনন্দ একেবারেই ম্লান হতে বসেছে এক বিরাট আর্থিক কেলেঙ্কারির অভিযোগে। গ্রামের মহিলাদের অভিযোগ, গত বছরের পুজো শেষে কমিটির ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে ১ লাখ ৯২ হাজার টাকা জমা ছিল। তবে তৎকালীন পুজো কমিটিতে থাকা স্থানীয় তৃণমূল সদস্যা মমতা হালদার এবং তাঁর সহযোগী কাঞ্চনা ঘরামী, সুশীলা সর্দার এবং জয়া হালদার সেই অ্যাকাউন্ট থেকে সমস্ত টাকা তুলে নিয়ে আত্মসাৎ করেছে। ঘটনা প্রকাশ্যে আসতেই মাথায় হাত গ্রামের মহিলাদের!এই বিপুল পরিমাণ অর্থ হাতচাড়া হয়ে যাওয়ায় এবার পুজো কীভাবে হবে, তা নিয়ে মহাফাঁপরে পড়েছেন উদ্যোক্তারা। এই ঘটনায় ক্ষুব্ধ গ্রামবাসীরা ইতিমধ্যেই ক্যানিং থানায় একটি লিখিত অভিযোগ দায়ের করেছেন। অন্যদিকে, এই সমস্ত অভিযোগ সম্পূর্ণ ভিত্তিহীন ও মিথ্যা বলে উড়িয়ে দিয়েছেন অভিযুক্ত তৃণমূল সদস্যা মমতা হালদার। টাকা লোপাটের এই টানাপোড়েনে চরম অনিশ্চয়তা তৈরি হলেও, হার মানতে নারাজ সুন্দরবনের প্রত্যন্ত গ্রামের এই লড়াকু মহিলারা। যেহেতু এটিই গ্রামের একমাত্র পুজো, তাই মা-দুর্গার আরাধনা বজায় রাখতে তাঁরা একজোট হয়ে লড়াই চালিয়ে যাচ্ছেন। হয়তো পুজোয় জাঁকজমক থাকবে না, মণ্ডপে থাকবে না রঙিন আলোর রোশনাই বা থিমের কোন বাহার।কিন্তু অভাবের মুহূর্তে এই কঠিন পরিস্থিতিতেও গ্রামের মহিলাদের অদম্য জেদ আর আন্তরিকতার ছোঁয়ায় পুজো তার নিজস্ব অনাড়ম্বর আনন্দ নিয়েই সম্পন্ন হবে।
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