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Kashmir’s Chrysanthemum Garden second season brings Asia’s largest floral spectacle

Chaka, Golden Autumn Blooms: Kashmir’s Chrysanthemum Paradise Unfurls as Asia’s Largest Floral Spectacle. Nestled at the foothills of the Zabarwan range, with the shimmering waters of Dal Lake nearby, Srinagar’s Nehru Memorial Botanical Garden has burst into a breathtaking tapestry of colour. On Friday, Chief Minister Omar Abdullah formally threw open Bagh-e-Gul-e-Dawood Kashmir’s Chrysanthemum Garden for its second season, transforming the Valley’s autumn into a vibrant floral celebration that officials hope will rival the fame of its legendary spring tulips. This year the garden has grown grander and more ambitious. Nearly 3.5 lakh chrysanthemum plants, carefully propagated and multiplied locally by the Department of Floriculture, Gardens and Parks, carpet roughly 120 kanals (about five hectares). Officials expect these hardy plants to yield more than 1.2 crore blooms over 12 million flowers in a dazzling palette of yellow, crimson, pink, purple, white and soft pastels. More than 70 varieties now fill the expanded beds, almost double last year’s collection, creating a living mosaic that dances against the golden and russet leaves of surrounding chinar, maple and ginkgo trees. Director Floriculture Mathoora Masoom has long described the garden as the department’s dream project. “We want the importance and popularity of our Chrysanthemum Garden to be exactly the same as our Tulip Garden,” she said. “We don’t want any season of our Kashmir to be dull. Spring is with tulips; autumn will be with chrysanthemums.” Unlike the delicate tulips that rely on imported bulbs, these chrysanthemums are entirely home grown a point the Chief Minister highlighted with quiet pride. The flowers are tougher too. They can shrug off light snowfall and are expected to remain in bloom for at least six weeks, potentially until December 5 or 6, giving visitors a longer window to enjoy the spectacle than the brief spring tulip season allows. The garden itself has been thoughtfully upgraded. Larger flower beds now flow into a decorative plaza, water features murmur softly, wooden pergolas offer shaded resting spots, and carefully placed selfie points invite visitors to frame themselves against the riot of colour. Improved pathways and visitor amenities complete the experience, turning a simple walk into an immersive autumn pilgrimage. Omar Abdullah, after inaugurating the garden, extended a warm invitation to both tourists from across the country and residents of Srinagar and nearby areas. Omar said “Today marks the second inauguration of Bagh-e-Gole Dawood (Chrysanthemum Garden), initially started last year, with the objective of having both the beginning and end of the tourism season in Srinagar feature a unique garden unlike any other found elsewhere. Aiming to boost tourism, the Department of Floriculture developed this garden to offer visitors something special during a time when options outside of the tulip season were limited. Unlike the tulip garden, which continually requires importing bulbs from outside the country, Bagh-e-Gole Dawood utilizes its own plant material that is locally propagated and multiplied. Expressing pride in the garden's progress since last year, the speaker invited tourists from across the country as well as local residents of Srinagar and surrounding areas to visit, take pictures, and enjoy its beauty, before concluding the press address.” For a Valley long defined by spring’s tulip blaze and the fiery carpets of falling chinar leaves, Bagh-e-Gul-e-Dawood offers something new: a dedicated autumn floral destination that fills the seasonal gap and strengthens Kashmir’s claim as a year-round paradise. Weather may have tested the gardeners during preparation, but their collective effort has delivered a garden that now stands ready to welcome the world in a cascade of golden and jewel-toned blooms.
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कश्मीर का गुलदाउदी गार्डन बाग-ए-गुल दाऊद दूसरा सीजन के साथ खुला

Chaka, सुनहरी पतझड़ में खिले फूल: कश्मीर का गुलदाउदी (Chrysanthemum) गार्डन एशिया के सबसे बड़े पुष्प प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। ज़बरवान पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसा और डल झील के चमकते पानी के पास स्थित, श्रीनगर का नेहरू मेमोरियल बॉटनिकल गार्डन अब रंगों की एक अद्भुत छटा बिखेर रहा है। शुक्रवार को, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 'बाग-ए-गुल-ए-दाऊद' (कश्मीर का गुलदाउदी गार्डन) को इसके दूसरे सीज़न के लिए औपचारिक रूप से खोल दिया। इसने घाटी के पतझड़ को फूलों के एक जीवंत उत्सव में बदल दिया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह गार्डन वसंत ऋतु में खिलने वाले मशहूर ट्यूलिप की तरह ही लोकप्रिय हो जाएगा। इस साल यह गार्डन और भी भव्य और बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। फ्लोरीकल्चर, गार्डन और पार्क विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए लगभग 3.5 लाख गुलदाउदी के पौधे, करीब 120 कनाल (लगभग पाँच हेक्टेयर) क्षेत्र में फैले हुए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन मज़बूत पौधों पर 1.2 करोड़ से ज़्यादा फूल खिलेंगे। इनमें पीला, गहरा लाल, गुलाबी, बैंगनी, सफ़ेद और हल्के पेस्टल रंगों की शानदार छटा देखने को मिलेगी। यहाँ 70 से ज़्यादा किस्मों के फूल लगे हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुने हैं। ये फूल एक ऐसा नज़ारा पेश करते हैं जो आसपास के चिनार, मेपल और जिन्कगो पेड़ों की सुनहरी और भूरी पत्तियों के बीच बेहद खूबसूरत लगता है। फ्लोरीकल्चर निदेशक मथूरा मासूम ने इस गार्डन को विभाग का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' बताया है। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे गुलदाउदी गार्डन का महत्व और लोकप्रियता बिल्कुल हमारे ट्यूलिप गार्डन जैसी ही हो। हम नहीं चाहते कि कश्मीर का कोई भी मौसम फीका रहे। वसंत ऋतु ट्यूलिप के नाम है, तो पतझड़ का मौसम गुलदावदी के नाम होगा।" ट्यूलिप के नाज़ुक फूलों के विपरीत, जिन्हें उगाने के लिए बाहर से बल्ब मंगाने पड़ते हैं, ये गुलदाउदी पूरी तरह से यहीं (स्थानीय स्तर पर) उगाए गए हैं। एक ऐसी बात जिस पर मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ ज़ोर दिया। ये फूल ज़्यादा मज़बूत भी होते हैं। ये हल्की बर्फबारी को भी झेल सकते हैं और कम से कम छह हफ़्तों तक संभवतः 5 या 6 दिसंबर तक खिले रह सकते हैं। इससे पर्यटकों को इस नज़ारे का आनंद लेने के लिए ट्यूलिप के छोटे सीज़न की तुलना में ज़्यादा समय मिल सकेगा। गार्डन को भी बहुत सोच-समझकर बेहतर बनाया गया है। यहाँ फूलों की बड़ी-बड़ी क्यारियाँ एक सजावटी प्लाज़ा में मिलती हैं, पानी के फव्वारों की धीमी आवाज़ गूंजती है, लकड़ी के शेड (pergola) आराम करने के लिए छायादार जगह देते हैं, और खास तौर पर बनाए गए सेल्फी पॉइंट आगंतुकों को रंग-बिरंगे फूलों के बीच अपनी तस्वीरें लेने के लिए आकर्षित करते हैं। बेहतर रास्ते और पर्यटकों के लिए सुविधाएं इस अनुभव को और भी शानदार बनाती हैं, जिससे यहाँ टहलना एक यादगार 'पतझड़ यात्रा' जैसा बन जाता है। उमर अब्दुल्ला ने गार्डन का उद्घाटन करने के बाद, देश भर के पर्यटकों के साथ-साथ श्रीनगर और आस-पास के इलाकों के लोगों को यहाँ आने का न्योता दिया। एक ऐसी घाटी, जो लंबे समय से वसंत के ट्यूलिप और पतझड़ में चिनार के गिरते पत्तों की लाल-नारंगी चादर के लिए जानी जाती रही है, वहाँ 'बाग-ए-गुल-ए-दाऊद' एक नई सौगात लेकर आया है। यह पतझड़ के मौसम के लिए खास तौर पर तैयार किया गया फूलों का एक ऐसा स्थान है, जो मौसम के खालीपन को भरता है और कश्मीर को 'साल भर जन्नत' के रूप में और भी मजबूत तरीके से स्थापित करता है। गार्डन तैयार करने के दौरान मौसम ने शायद बागवानों की कड़ी परीक्षा ली होगी, लेकिन उनकी सामूहिक मेहनत का ही नतीजा है कि आज यह गार्डन सुनहरे और चमकीले रंगों वाले फूलों के साथ दुनिया का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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मनबढ़ों का तांडव ,गौरीबाजार पुलिस ने आरोपी को दबोचा, पिस्टल, दो कारतूस, चाकू और पंच बरामद

ASAmit SinghFollow7m ago
Deoria, Uttar Pradesh:गौरीबाजार थाना क्षेत्र के लखनचक गांव में पुरानी रंजिश को लेकर युवक के साथ मारपीट करने और पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया । उसके पास से .32 बोर की अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक चाकू और एक पंच बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहा से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे अजय चौहान के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की गई थी। आरोप है कि मुकेश चौहान ने अपने भाई अखिलेश चौहान और दोस्तों सचिन, रोहित व किशन चौहान के साथ मिलकर पंच से अजय की पिटाई की। इस दौरान जान से मारने की धमकी देने और पिस्टल तानने का भी आरोप है। पीड़ित की सूचना पर गौरीबाजार पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मुकेश चौहान (22), पुत्र मोहनलाल, निवासी बनचरा जगदीशपुर, थाना हाटा, जनपद कुशीनगर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से अवैध पिस्टल, दो कारतूस, चाकू और पंच बरामद किए गए। अजय चौहान की तहरीर के आधार पर गौरीबाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 191(2), 115(2), 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 3/25 और 4/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पांडेय के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर राजेश चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय के नेतृत्व में कार्रवाई की। टीम में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, कांस्टेबल तेजू गौड़ और प्रदीप यादव शामिल रहे।
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सात मंजिला से गिरा मजदूर, मौत, मुआवजे की मांग को लेकर धरना

Manoj KumarManoj KumarFollow22m ago
Bbrasi, Uttar Pradesh:निर्माणाधीन पुलिस लाइन के सातवीं मंजिल से गिरा मजदूर। मौत ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन, विधायक सकलडीहा भी हुए शामिल सकलडीहा। स्थानीय क्षेत्र की भोजपुर गांव स्थित निर्माणाधीन पुलिस लाइन की सातवें मंजिल से गिरकर 33वर्षीय अशोक राय पिता रामजी राय मजदूर की मौत हो गई । इस घटना को लेकर पूरे परिवार में कोहरा मच गया एवं ग्रामीणों में मातम छा गया। मजदूर अशोक की मौत की घटना को लेकर उग्र ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने लगे वही सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भी धरना प्रदर्शन में शामिल होकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के रूप में मुआवजे की मांग करने लगे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीण ने प्रदर्शन एवं धरना को देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स म मौजूद होगयी हैं। अशोक राय की माता सुनुता देवी, पत्नी गुड़िया,तीन पुत्रीया अर्पिता-13, अंकिता- 10, अंतिमा -8 ,पुत्र आरुष-4 को रो-रोकर बुरा‌ हाल है अशोक राय के मेहनत मजदूरी से घर का जीविकोपार्जन का कार्य होता है ।परिवार का सहारा टुट गया जि सकी आर्थिक मदद के लिए ग्रामीण सहित विधायक मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर‌ रहे है
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इटावा: बीजेपी को वोट चोरी की यूनिवर्सटी खोलनी चाहिए- अखिलेश यादव

VIVEK DUBEYVIVEK DUBEYFollow25m ago
Etawah, Uttar Pradesh:

व‍िवेक दुबे/इटावा: इटावा ज‍िले के सैफई में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोट डालने के बाद भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने फर्जी मतदान और वोट चोरी के आरोपों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोलनी चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं को तीन साल का कोर्स कराना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों से सूचना मिल रही है कि भाजपा के लोग सपा समर्थकों को मतदान से रोक रहे हैं और मतदान केंद्रों पर दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। 

 

अखिलेश ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उम्मीद है चुनाव आयोग नींद की गोली खाकर नहीं सो रहा होगा। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की मांग की। अखिलेश यादव के साथ सैफई मतदान केंद्र पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पत्नी सरला यादव के साथ मतदान किया, जबकि करहल विधायक तेज प्रताप यादव ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बात हो गई है, हालांकि उन्होंने कांग्रेस की ओर से 170 सीटों की सूची दिए जाने के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आजम खान से मुलाकात के सवाल पर अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा के लोग कोर्ट से न मिलें और झूठे मुकदमे न लगाएं तो आजम खान जेल से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि न्याय और सच्चाई को भ्रष्ट अधिकारी कैद नहीं कर सकते। 

 

वहीं, विपक्षी नेताओं के चेहरों पर रावण का चेहरा लगाकर लगाए गए पोस्टरों के सवाल पर अखिलेश ने बिना नाम लिए भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने रामायण का जिक्र करते हुए कहा कि रावण भेष बदलकर आया था और आज भी एक बार भेष बदलकर पिछले दस साल से जनता को लूटने का काम किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की और भाजपा को हराना अपना लक्ष्य बताया। 

 

 

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जोधपुर नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान, शाम को घंटाघर तक पहुँचा

Jodhpur, Rajasthan:त्योहारी सीजन में यातायात सुगम बनाने की कवायद, आखलिया से प्रताप नगर और कायलाना चौराहे तक कार्रवाई, शाम को घंटाघर क्षेत्र में भी चला अभियान जोधपुर, 23 अक्टूबर। त्योहारी सीजन को देखते हुए जोधपुर नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शुक्रवार को निगम की अतिक्रमण टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए दुकानों के बाहर और सड़कों पर रखा सामान जब्त किया। इस दौरान करीब 10 गाड़ी सामान जब्त किया गया। वहीं, यातायात में बाधा बन रहे हाथ ठेलों को भी व्यवस्थित करवाया गया。 आखलिया से प्रताप नगर होते हुए कायलाना चौराहे तक कार्रवाई नगर निगम आयुक्त राहुल जैन के निर्देशानुसार अतिक्रमण टीम ने आखलिया से प्रताप नगर होते हुए कायलाना चौराहे तक अभियान चलाया। इस दौरान सड़क और दुकानों के बाहर रखा सामान हटाया गया तथा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई。 शाम को घंटाघर क्षेत्र में चला विशेष अभियान दिन में कार्रवाई के बाद शाम को शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र घंटाघर में भी नगर निगम की टीम पहुंची। यहाँ दुकानों के बाहर और मुख्य सड़कों पर रखा सामान हटाया गया। निगम की टीम ने सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों का सामान जब्त किया, ताकि बाजार में आमजन की आवाजाही सुगम हो सके। विरोध के बीच जारी रही कार्रवाई, पुलिस जाब्ता रहा तैनात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। अभियान के दौरान कुछ स्थानीय व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध भी जताया, लेकिन निगम की टीम अतिक्रमण हटाने में जुटी रही। पूरे अभियान के दौरान करीब 10 गाड़ी सामान जब्त किया गया। इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा, सुरेश हंस सहित नगर निगम की अतिक्रमण टीम मौजूद रही। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करना, बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारना और आमजन को राहत प्रदान करना है。
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पंचायत चुनाव: मदन दिलावर ने गांवों में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क किया

Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनाव: मंत्री मदन दिलावर ने कई गांवों में किया जनसंपर्क, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मांगे वोट रामगंजमंडी। कोटा जिले में दूसरे चरण के पंचायत चुनाव को लेकर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को खैराबाद पंचायत समिति क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला परिषद के वार्ड संख्या 6 और 8 में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क कर ग्रामीणों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। मंत्री दिलावर ने फतेहपुर, बुद्धखान, राजूखेड़ा, सालेड़ा कलां, ढाकिया, सोहनपुरा, तेलियाखेड़ी, चारणखेड़ी, धुंडकली, तमौलिया, रिछड़िया, भीमपुरा, बुरनखेड़ी, गोयंदा, मंडा, रावली, बंधा, ऊंडवा, धरनावद, न्यामतखेड़ी, खैराबाद और गुंडदी सहित कई गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नुक्कड़ सभाओं को भी संबोधित किया और गांवों के विकास के लिए भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंच रहा है। भाजपा सरकार में पेंशन राशि में बढ़ोतरी हुई है और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर जिला परिषद तक भाजपा की कड़ी से कड़ी जुड़ने पर गांवों के विकास को गति मिलेगी。
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सभी धर्म हमें सत्य की मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं पूर्व विधायक

Deepak DixitDeepak DixitFollow47m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:सवायजपुर ।धर्म के नाम पर राजनेतिक पार्टियां हमे बांटना चाहती है।रामलीला हमे धर्म सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।पूर्व विधायक आसिफ खान बब्बू बाल रामलीला चौक के मंच से दर्शकों को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हम धर्म के बारे में देखते है सुनते है पढ़ते है पर उसपर अमल नही करते है।यदि श्री राम के बताए मार्ग पर चले तो आपका जीवन सुधर जाएगा।यदि धर्म नही होता तो शायद हम इंसान नही होते।उन्होंने कहा कोई धर्म बुरा नही होता है यह इंसान को इंसान से जोड़ने का काम करता है।संस्थापक राजेश वर्मा संरक्षक शिव कुमार गुप्ता अध्यक्ष चौधरी उमेश गुप्ता महामंत्री वासु वर्मा राजीव गुप्ता आदि ने पूर्व विधायक को सम्मानित किया।इस अवसर पर अयोध्या के कलाकरों ने रावण बध लीला का बेहतरीन अभिनय के साथ मंचन किया आधीरात के बाद रावण के पुतले को श्री राम के जय घोष के साथ बिभीषण ने आग लगाई।दर्शकों ने आतिशबाजी का भरपूर आनन्द लिया।
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कश्मीर के दिव्यांग नागरिकों को मुफ्त कृत्रिम अंग, सेना की सामुदायिक सहायता पहल

Chaka, भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर में दिव्यांग नागरिकों के लिए मुफ्त कृत्रिम अंग (artificial limb) लगाने के अभियान चलाए हैं, जिससे उन्हें फिर से चलने-फिरने की क्षमता और सम्मानजनक जीवन जीने کا अवसर मिला है। सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी دوहरी प्रतिबद्धता को निभाते हुए, भारतीय सेना ने कश्मीर में दिव्यांग नागरिकों को मुफ्त कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने और पुनर्वास (rehabilitation) में मदद करने के लिए विशेष सामुदायिक सहायता कार्यक्रम आयोजित किए। लोगों से जुड़ने की अपनी व्यापक पहल के तहत, सेना ने दूर-दराज और सुविधाओं से वंचित इलाकों तक उन्नत कृत्रिम अंग (prosthetic) सेवाएं पहुंचाई हैं। इससे उन लोगों को, जिन्होंने अपने अंग खो दिए हैं, फिर से चलने-फिरने की आजादी, आत्मनिर्भरता और जीवन जीने का एक नया मकसद मिला है। कश्मीर के कुछ हिस्सों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए जिम्मेदार भारतीय सेना ने हमेशा अपने सैन्य कार्यों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का भरोसा जीतने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच संतुलन बनाए रखा है। इन प्रयासों में, कृत्रिम अंग लगाने वाले शिविर (camps) विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनका लोगों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों, प्रोस्थेटिस्ट (कृत्रिम अंग विशेषज्ञ) और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजित इन शिविरों में, लाभार्थियों को पूरी तरह से मुफ्त सेवाएं दी जाती हैं। चिकित्सा कर्मियों की टीमें लाभार्थियों की जांच करती हैं, जिसमें उनके बचे हुए अंगों की स्थिति, सामान्य स्वास्थ्य और उनकी जरूरतों का आकलन किया जाता है। दुर्घटनाओं, मधुमेह (diabetes) जैसी बीमारियों या अन्य कारणों से अंग खोने वाले पात्र व्यक्तियों के अंगों की विस्तृत माप ली जाती है और उनके लिए सांचे (casting) तैयार किए जाते हैं। घुटने के नीचे या ऊपर के कृत्रिम अंग, और कुछ मामलों में हाथों के कृत्रिम अंग भी, मौके पर या सहयोगी केंद्रों के माध्यम से तैयार या समायोजित (adjust) किए जाते हैं। इन्हें उसी शिविर में या बाद के सत्रों में लाभार्थियों को लगा दिया जाता है। केवल कृत्रिम अंग लगाने के अलावा, इन कार्यक्रमों में अन्य जरूरी सहायता भी शामिल है। लाभार्थियों को अपने नए अंगों के सही इस्तेमाल और उनकी देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही, बचे हुए अंगों को मजबूत बनाने और चलने के तरीके में सुधार के लिए फिजियोथेपि की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से नई स्थिति के अनुकूल ढलने में मदद करने के लिए काउंसलिंग भी दी जाती है। इन कार्यक्रमों में फॉलो-अप की व्यवस्था भी है, ताकि समय के साथ अंगों में होने वाले बदलावों या बच्चों के बड़े होने पर, कृत्रिम अंगों में जरूरी सुधार, मरम्मत या उन्हें बदलने का काम किया जा सके। ये मुफ्त सेवा अभियान उन इलाकों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं, जहां भौगोलिक स्थिति, अधिक खर्च या बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लोगों को आर्थोपेडिक (हड्डी रोग) और कृत्रिम अंग संबंधी विशेष सेवाएं आसानी से नहीं मिल पाती थीं। दूर-दराज के अस्पतालों ή निजी क्लीनिकों तक जाने के लिए लंबी और महंगी यात्रा करने के बजाय, लोगों के पास ही सेवाएँ पहुँचाकर, भारतीय सेना ने कई परिवारों के सामने आने वाली बड़ी बाधाओं को दूर किया है। इन शिविरों में किसान, मजदूर, छात्र, गृहिणियाँ और बुजुर्ग शामिल हुए हैं, जिन्हें पहले आने-जाने, रोजगार, शिक्षा और रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। शिबिरों में काम करने वाले सेना के जवान अक्सर बताते हैं कि यह काम उनकी सेवा के सबसे संतोषजनक हिस्सों में से एक है। अधिकारी और सैनिक लॉजिस्टिक्स, भीड़ प्रबंधन, उपकरणों और लाभार्थियों को लाने-ले जाने, तथा शिविर के बाद फॉलो-अप में मदद करते हैं, जबकि विशेषज्ञ प्रोस्थेटिक तकनीशियन क्लिनिकल और तकनीकी काम संभालते हैं। सालों तक बैसाखियों, परिवार के सहारे या घर तक सीमित रहने के बाद, किसी व्यक्ति को बिना किसी सहारे के अपने पहले कदम उठाते देखना एक बड़ा बदलाव है। यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे सेना सामुदायिक विकास में एक साझेदार की भूमिका निभाती है। ये कार्यक्रम सेना की व्यापक नागरिक सहायता पहल का हिस्सा हैं, जिसमें मेडिकल कैंप, शैक्षिक सहायता, युवाओं को जोड़ना और बुनियादी ढांचे में मदद करना शामिल है। सेना के अधिकारियों ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी पहल सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच के रिश्ते को मजबूत करती है, जिससे एक अधिक स्थिर और प्रगतिशील माहौल बनता है। लाभार्थी और उनके परिवार अक्सर गहरा आभार व्यक्त करते हैं। वे इन मुफ्त कृत्रिम अंगों (artificial limbs) को केवल मेडिकल उपकरण नहीं मानते, बल्कि इन्हें एक ऐसा साधन मानते हैं जो लोगों को उनका सम्मान और आत्मनिर्भरता वापस दिलाता है, जिससे वे अपने घर और समाज के जीवन में योगदान दे पाते हैं। इन विशेष सामुदायिक सहायता पहलों के जरिए, भारतीय सेना लगातार यह दिखा रही है कि इस क्षेत्र में उसकी मौजूदगी केवल ऑपरेशनल ड्यूटी तक ही सीमित नहीं है।
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