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తిరువూరు నియోజకవర్గ ఎమ్మెల్యే కొనికప్పుడు శ్రీనివాసరావు డాన్స్ వీడియో వైరల్
Hyderabad, Telangana:తిరువూరు ఎమ్మెల్యే కొలికపూడి శ్రీనివాసరావుకు టీడీపీ అభిమానులు హైదరాబాద్లో అభినందన సభ ఏర్పాటు చేశారు. ఎమ్మెల్యేగా గెలిచిన అనంతరం హైదరాబాద్ చేరుకున్న శ్రీనివాసరావుకు అభిమానులు ఘనస్వాగతం పలికి సన్మానించారు. ఎమ్మెల్యే రావు తన అభిమానులతో కలిసి డ్యాన్స్ చేస్తూ సంతోషం వ్యక్తం చేశారు. ఈ సందర్భంగా తన అకాడమి ద్వారా ఎంతోమందికి విద్య అందించి ఉన్నత స్థితికి తీసుకొచ్చారని కొనియాడారు. అమరావతి రైతులకు మద్దతుగా పాదయాత్ర చేసి ఉద్యమించిన వ్యక్తి అని తెలిపారు.
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जोधजोरी-लूणी-बंधी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: हर चुनौती के बीच क्लीनअप योजना
Jodhpur, Rajasthan:सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी जोजरी नदी में बह रहा रंगीन पानी: बंद फैक्ट्रियों के दावों और धरातल की हकीकत के बीच सुलगता संकट जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और ऐतिहासिक निर्देशों के बावजूद राजस्थान के जोधपुर में जोजरी, बांडी और लूनी नदी का प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में हैं, लेकिन धरातल पर बहता रंगीन पानी यह साबित करने के लिए काफी है कि तमाम पाबंदियों के बाद भी अवैध कारखाने चोरी-छिपे संचालित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और उच्च स्तरीय कमेटी का गठन सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पाली,बालोतरा व जोधपुर की बांडी,लूणी व जोजरी नदियों में फैल रहे प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी। जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया था। कोर्ट ने नदी को प्रदूषित होने से रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए, नियमविरुद्ध चल रही सभी औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर रोक लगाई और निर्माण एवं अन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही, स्थिति की निगरानी के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया, जिसके सुझावों के आधार पर कार्रवाई तय की गई। बंद फैक्ट्रियों के दावे बनाम जोजरी नदी की हकीकत उद्योगपतियों और संघों का दावा है कि जोधपुर में प्रत्यक्ष तौर पर 302 और अप्रत्यक्ष रूप से 550 इकाइयां बंद पड़ी हैं, जिससे करीब 30,000 मजदूर सीधे तौर पर बेरोजगार हो गए हैं। वहीं, डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से लगभग डेढ़ लाख लोग इस बंदी से प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि सभी अवैध और दूषित पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। लेकिन इन दावों की पोल जोजरी नदी का वह पानी खोल रहा है, जिसमें आज भी रंगीन और केमिकल युक्त पानी बहता हुआ साफ नजर आ रहा है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि कुछ उद्यमी नियमों को ताक पर रखकर अंधेरे में अवैध रूप से अपनी इकाइयां चला रहे हैं। पुलिस की सख्ती और व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें कानून की अवहेलना करने वालों पर पुलिस प्रशासन ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जोधपुर कमिश्नरेट के डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत के नेतृत्व में कड़ी कार्रवाई करते हुए नदी में अनट्रीटेड वाटर (बिना उपचारित पानी) छोड़ने वाले 17-18 व्यापारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा किया गया। प्रशासन का साफ संदेश है कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया है, जो हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। पलायन और अन्य जिलों में प्रदूषण का फैलता दायरा जोधपुर में सख्ती बढ़ने के बाद अब कुछ व्यापारियों ने आसपास के जिलों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। वे जोधपुर में कपड़ा प्रोसेस करने के बजाय अन्य जिलों में जाकर कपड़े की धुलाई कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण का दायरा अब अन्य इलाकों में भी फैलने लगा है। lg छोटे उद्योग भारती के प्रांत अध्यक्ष और स्थानीय प्रशासन ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जो व्यापारी चंद पैसों के लालच में जोधपुर के बाद अन्य जिलों की जमीन और पर्यावरण को भी प्रदूषित कर रहे हैं, उनकी जमाबंदियां तक निरस्त कर देनी चाहिए। प्रदूषण की यह मार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। ZLD प्लांट और समाधान की दिशा सुप्रीम कोर्ट भी चाहता है कि उद्योगों को राहत मिले, लेकिन इसके लिए व्यापारियों को खुद आगे आना होगा। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि सभी इकाइयां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्लांट स्थापित करें ताकि पानी का पुनः उपयोग हो सके और नदी में एक बूंद भी गंदा पानी न जाए। विशेषज्ञों और उद्योग जगत के एक वर्ग का मानना है कि जिस प्रकार पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है, उसी प्रकार आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले उद्योगों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उद्योग और रोजगार के बिना आर्थिक स्थिति चरमरा सकती है। इसलिए, राज्य सरकार की मदद से व्यापारियों को आगे आकर अपने-अपने क्षेत्रों में ZLD प्लांट लगवाने چاہیے。 हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी गठित राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी, कमेटी में जस्टिस संगीत लोढ़ा के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के पंकज शर्मा को नियुक्त किया गया इसके साथ ही कमेटी में - जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और/या पर्यावरण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रतिष्ठित तकनीकी विशेषज्ञ, जिन्हें अध्यक्ष द्वारा पहचाना और नियुक्त किया जाएगा; - अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्थान सरकार; - संयुक्त सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, राजस्थान सरकार; - संयुक्त सचिव, स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान सरकार; - सदस्य सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) या उनके नामित प्रतिनिधि; - सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) या उनके नामित प्रतिनिधि; - प्रबंध निदेशक, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड (RIICO); - निदेशक, राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP); - जोधपुर, पाली और बालोतरा के जिला कलेक्टर शामिल किए गए हैं। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में अब तक अलग अलग सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिमी राजस्थान की जोजरी, बाँडी और लूणी नदियों में लगातार बढ़ रहे गंभीर प्रदूषण और इससे प्रभावित लगभग 20 लाख लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और आजीविका पर मंडरा रहे संकट को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा आदेश पारित किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले में प्रशासनिक तंत्र, प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि पिछले दो दशकों में जो हुआ वह एक सतत और संरचनात्मक विफलता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पर्यावरणीय नुकसान कोई सामान्य प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर करारा प्रहार है। अनुच्छेद 21 का उल्लंघन और प्रशासनिक विफलता सुप्रीम कोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि गहरा प्रदूषण उस संवैधानिक प्रतिज्ञा का गंभीर उल्लंघन है, जिसके तहत राज्य का दायित्व है कि वह नागरिकों को गरिमा, सुरक्षा और कल्याणयुक्त जीवन का वातावरण प्रदान करे। प्रदूषित नदियाँ और दूषित भूजल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) की मूल भावना को गहरी ठेस पहुँचा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी पाया कि जोजरी, पाली और बालोतरा में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन इफ्ल्यूअंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की क्षमता प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट की तुलना में बहुत कम है। वर्षों से बने इस अंतर के कारण बिना उपचारित या आंशिक उपचारित औद्योगिक कचरा सीधे नदियों में बह रहा है। हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी का गठन प्रदूषण नियंत्रण और नदी पुनर्जीवन की संपूर्ण प्रक्रिया की देखरेख के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय 'इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी' का गठन किया है। प्रमुख सदस्य: इस कमेटी में जस्टिस संगीत लोढ़ा के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के पंकज शर्मा, पर्यावरण, नगरीय विकास और स्थानीय स्वशासन विभाग के संयुक्त सचिव, CPCB व RSPCB के सदस्य सचिव, RIICO के प्रबंध निदेशक, RUIDP के निदेशक तथा जोधपुर, पाली और बालोतरा के जिला कलेक्टर शामिल किए गए हैं। साथ ही अध्यक्ष द्वारा तकनीकी विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएंगे। यह कमेटी प्रत्येक 8 सप्ताह में अपनी प्रगति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इसकी पहली रिपोर्ट 27 फरवरी 2026 को पेश की गई थी。 100 मीटर में निर्माण और 500 मीटर में औद्योगिक गतिविधियों पर रोक नदी तंत्र के संरक्षण के लिए अंतरिम सुरक्षा उपाय के रूप में सुप्रीम कोर्ट ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण या विकास गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। खतरनाक उद्योगों पर रोक, मौजूदा फ्लड लाइन या नदी के वर्तमान प्रवाह मार्ग के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में खतरनाक या प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। यह व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से हाई फ्लड लाइन और बफर जोन का सीमांकन होने तक लागू रहेगी एकीकृत तंत्र और 3 सप्ताह में रिजॉल्यूशन प्लान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'इकोसिस्टम कोऑर्डिनेशन ग्रुप' गठित करने का निर्देश दिया है, जिसे तीन सप्ताह के भीतर कोर्ट के समक्ष एक व्यापक 'रिजॉल्यूशन प्लान' प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, नदियों के एकीकृत प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी बनाने को भी कहा गया है। आम जनता की भागीदारी के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जिसके जरिए लोग अवैध अपशिष्ट निस्तारण या अतिक्रमण की जियो-टैग फोटो और वीडियो के साथ गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकेंगे। क्या हुआ अब तक जोधपुर के कपड़ा, स्टील और टाइल कारखानों से निकलने वाले बिना उपचारित जहरीले और केमिकल युक्त पानी ने इस नदी को गंदे नाले में बदल दिया है। इससे करीब 15 से 20 लाख लोग और सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी (SIT) की जांच को 'दिखावा' बताया है और चेतावनी दी है कि यदि कार्यशैली नहीं सुधरी तो कमान सीआरपीएफ (CRPF) को सौंपी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक रहेगी और 500 मीटर तक प्रदूषणकारी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि नदी में अट्रीटेड पानी की एक बूंद भी छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 26 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान को चेतावनी दी, कहा- जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली में अवैध खनन को नियमित करने के मामले में CBI जांच हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि वह राजस्थान में जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली के किनारे कथित अवैध खनन और खनन क्षेत्रों को नियमित करने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने का आदेश दे सकता है। कोर्ट ने सवाल किया कि राज्य के अधिकारियों ने उन इलाकों में खनन पट्टे (लीज़) क्यों दिए, जहां अवैध खनन पाया गया, और अवैध पट्टों को नियमित क्यों किया? जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो कई अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि बार-बार न्यायिक निर्देश मिलने के बावजूद अधिकारी नदियों को बचाने में विफल रहे हैं। निष्कर्ष फिलहाल जोजपुर के औद्योगिक गलियारे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां लाखों मजदूरों और व्यापारियों की रोजी-रोटी दांव पर लगी है, वहीं दूसरी तरफ चंद लोगों की लापरवाही के कारण जोजपुर की नदियां दम तोड़ रही हैं। जब तक व्यापारी खुद आगे आकर जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक को नहीं अपनाते और प्रशासन अपनी निगरानी सख्त नहीं रखता, तब तक इस संकट का स्थायी समाधान निकलना मुश्किल है। पर्यावरण और उद्योग—दोनों का संतुलन ही जोजपुर के भविष्य की असली चाबी है। बाइट राकेश चौरडिया टैक्सटाईल उद्योग पति बाइट महावीर चौपडा लघु उद्योग भारती प्रदेश उपाध्यक्ष बाइट सुरेश विश्नोई जोधपुर प्रांत इकाई अध्यक्ष बाइट दीपक माथुर उद्योगपति पीटीसी कैमरा सहयोगी शिवसिंह के साथ राकेश भारद्वाज जी मीडिया जोधपुर।0
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भागलपुर में करवाचौथ उत्साह बरकरार, मौसम ने चांद के दीदार को टाला
Naya Chak, Bihar:करवाचौथ के मौके पर भागलपुर में महिलाओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लेकिन मौसम की बेरुखी और लगातार बारिश ने महिलाओं के इंतजार को लंबा कर दिया। गुरुद्वारे की छत पर 15 से अधिक महिलाओं ने एक साथ करवाचौथ का पर्व मनाया। सुबह से ही महिलाएं सोलह श्रृंगार कर इस खास पल का इंतजार कर रही थीं। शाम होते ही विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई और फिर छलनी से चांद के दीदार करने की कोशिश शुरू हुई। लेकिन आसमान में छाए घने बादलों और बारिश के कारण चांद नजर नहीं आया। चांद के इंतजार में महिलाओं की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। महिलाओं ने बताया कि करवाचौथ का इंतजार उन्हें पूरे साल रहता है। इस दिन का अपना अलग ही महत्व है। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, इस बार मौसम ने उनके उत्साह के बीच थोड़ी मायूसी जरूर पैदा कर दी। महिलाओं ने कहा कि करवाचौथ पर चांद के दीदार के साथ पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलने और उनसे उपहार पाने का भी बेसब्री से इंतजार रहता है। अब देखना यह है कि बादलों के बीच चांद कब नजर आता है और महिलाओं का यह इंतजार कब खत्म होता है।0
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नोख सरपंच चुनाव में मतपत्रों पर नाम नहीं होने का आरोप
Jodhpur, Rajasthan:नोख सरपंच चुनाव में मतपत्रों पर नाम नहीं होने का आरोप, मतपत्रों पर पर्चियां चिपकाने और मतदान की निष्पक्षता प्रभावित होने का दावा नोख नोख जिले के बाप पंचायत समिति की ग्राम पंचायत नोख में अभी हाल मे 24 अक्टूबर हुए सरपंच चुनाव की प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सरपंच पद प्रत्याशीयों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र देकर मतपत्रों पर अपना नाम नहीं होने और बाद में पर्चियां चिपकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में सीमा माली ने बताया कि वह मतपत्र में 11वें क्रम की प्रत्याशी थीं। मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद मतदाताओं ने शिकायत की कि मतपत्रों पर उनका नाम अंकित नहीं है। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी को मौखिक रूप से अवगत कराया। आरोप है कि इसके बाद आनन-फानन में मतपत्रों पर उनके नाम और चुनाव चिह्न की पर्चियां चिपकाई गईं। सीमा माली का दावा है कि पर्चियां चिपकाने की इस प्रक्रिया के कारण कई मतदाता उन्हें वोट देने से वंचित रह गए। वहीं, कुछ मतदाताओं ने उन्हें बताया कि मतदान से पहले मतपत्र पर चिपकाई गई पर्चियाँ निकल गई थीं। उन्होंने शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि मतगणना में शामिल प्रतिनिधि के अनुसार, मतगणना के दौरान कई मतपत्रों से पर्चियां उतरी हुई मिलीं। सीमा माली ने इन परिस्थितियों को चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने वाला बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के साथ ही पुनः मतगणना की मांग की है।0
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पीलीभीत में आज की खबर
Noida, Uttar Pradesh:पीलीभीत0
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MP में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, मुख्य सचिव ने डेटा संकलन के निर्देश दिए
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल MP में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने दिए निर्देश देश की पहली डिजिटल जनगणना, मोबाइल ऐप से जुटेगा जनगणना का डेटा नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का मिलेगा विकल्प जनगणना के लिए करीब 2 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक होंगे तैनात जनवरी-फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या गणना जनगणना पूरी होने तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव नहीं करने के निर्देश जनवरी से मार्च 2027 तक यथासंभव तबादले नहीं करने की हिदायत कॉलेजों में छात्रों को स्व-गणना के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर सभी विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे, नवंबर में कलेक्टरों और निगम आयुक्तों का प्रशिक्षण0
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गुमला में उग्रवादी कार्रवाइयों के बीच AK-56 बरामद, एक गिरफ्तार
Gumla, Jharkhand:गुमला जिले में कथित उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संदिग्धों की कार से एके-56 राइफल, कारतूस, लोहे से बनी देसी कार्बाइन समेत कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान कार सवार अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अब रोहित कुमार शर्मा समेत फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। सिसई के लेकोटोली के पास पुलिस की छापेमारी, कार सवार संदिग्ध फरार रोहित कुमार शर्मा समेत अन्य संदिग्धों की तलाश तेज, देसी कार्बाइन, मोबाइल, चंदा पर्ची और धारदार फरसा भी बरामद गुमला - गुमला जिले में कथित उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संदिग्धों की कार से एके-56 राइफल, कारतूस, लोहे से बनी देसी कार्बाइन समेत कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान कार सवार अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अब रोहित कुमार शर्मा समेत फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।0
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राजस्थान में करवा चौथ उत्साह महिलाएं निर्जला व्रत और पूजा में व्यस्त
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर सहित पूरे राजस्थान में करवा चौथ का पर्व महिलाओं द्वारा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। करवा चौथ के अवसर पर सुबह से ही महिलाएं सोलह शृंगार कर पर्व की तैयारियों में जुट गईं। घरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवा चौथ माता की पूजा-अर्चना की। वहीं, कई स्थानों पर सामाजिक स्तर पर भी सामूहिक पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार करवा चौथ माता की कथा सुनी और अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ का व्रत सुहाग की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इसी आस्था के चलते महिलाएं पूरे दिन उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा करती हैं। शाम को करवा चौथ माता का पूजन करने के बाद महिलाएं चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करती हैं। चांद के दर्शन कर अर्घ्य देने और पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत का पारण किया जाता है। पर्व को लेकर शहर में धार्मिक और पारंपरिक माहौल बना हुआ है।0
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कासगंज CHC परिसर में वार्डबॉय की संदिग्ध मौत, जांच शुरू
Kasganj, Uttar Pradesh:यूपी के कासगंज जिले के पटियाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर स्थित एक कमरे में स्वास्थ्य विभाग के वार्डबॉय का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राहुल पुत्र शुगर सिंह मूल रूप से कासगंज कोतवाली क्षेत्र के मजीदपुर गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में पटियाली तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगला अमीर पर वार्डबॉय के पद पर तैनात थे। उनका कमरा पटियाली CHC परिसर में ही था । राहुल का शव आज शाम को पटियाली स्वास्थ केंद्र के एक कमरे में मिलने से हडकम्प मच गया CHC अधीक्षक डॉ. शिवा श्री तिवारी ने बताया कि राहुल नगला अमीर पीएचसी पर तैनात थे और उन्हें अत्यधिक शराब पीने की लत थी। वहीं, पटियाली पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा。 जानकारी के अनुसार मृतक राहुल व उसकी पत्नी का कई सालों से विवाद चल रहा था पत्नी अपने मायके में रहती थी मृतक राहुल शराब का आदी था मृतक राहुल के भाई के मुताबिक कमरा अंदर से बंद था मृतक राहुल की मां और उसका भाई गौरव जब कमरे पर आया तो कई देर तक दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा खुला नहीं उन्होंने उस दरवाजे को तोड़ दिया तब देखा राहुल का शव चारपाई पर पड़ा मिला।0
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76 लाख मुआवजे के विवाद में चचेरे भाई की हत्या, जहरीली शराब से आजीवन कारावास
Khandwa, Madhya Pradesh:76 लाख के मुआवजे के मुआवजे को पूरा हड़पने के लिए शराब में जहरीली दवा मिलाकर अपने सगे और चचेरे भाई की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोप है कि संदीप पाल अपने चचेरे भाई रवि पाल को रास्ते से हटाना चाहता था। उसने शराब पार्टी का आयोजन किया और शराब में कीटनाशक दवा मिलाकर रवि को पिला दिया। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसका सगा भाई प्रदीप भी वही जहरीली शराब पी लेगा। दोनों की मौत के इस मामले में अब अदालत ने आरोपी संदीप पाल को दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीन के 76 लाख रुपए के मुआवजे को पूरा हड़पने के लिए अपनों को ही रास्ते से हटाने की साजिश जनवरी 2024 की है। अभियोजन के मुताबिक, संदीप पाल का अपने चचेरे भाई रवि पाल से जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद था। इसी विवाद में उसने रवि की हत्या की साजिश रची। शराब खरीदी और उसमें खरपतवार नाशक कीटनाशक मिला दिया। इसके बाद जहरीली शराब रवि को पिला दी और नहाने का बहाना बनाकर वहां से चला गया। लेकिन, इस साजिश का शिकार रवि के साथ उसका सगा भाई प्रदीप पाल भी हो गया। दोनों की तबीयत बिगड़ी। प्रदीप की मौत हो गई, जबकि रवि को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान रवि ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों को शराब में मिलावट की आशंका थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज और बयानों में विरोधाभास के आधार पर संदीप पर शक गहराया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, विवाद 80 डिसमिल जमीन के रेलवे अधिग्रहण से मिले 76 लाख रुपए के मुआवजे का था। आरोपी के पिता बसंत उर्फ मुन्नालाल पाल और रवि के पिता व अन्य रिश्तेदारों के बीच मुआवजे को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा था। संदीप के पिता एक बार केस जीत चुके थे, लेकिन दूसरे पक्ष ने अपील कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, संदीप को आशंका थी कि रवि मुआवजे की रकम मिलने में बाधा बनेगा। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया। अब इस मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने आरोपी संदीप पाल को दोहरा आजीवन कारावास सुनाया। अदालत ने उस पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।0
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करवा चौथ पर आस्था बनी रही, बादल के बावजूद चांद की उम्मीद
Kondagaon, Chhattisgarh:करवा चौथ पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही महिलाएं सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारी करती नजर आईं। दिनभर उपवास रखने के बाद महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती कर चांद के दर्शन का इंतजार करेंगी। हालांकि, चक्रवात अर्बन के प्रभाव के चलते आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे चांद के दर्शन को लेकर संशय बना हुआ है। इसके बावजूद महिलाओं को उम्मीद है कि चांद जरूर नजर आएगा। अगर बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं देता, तो महिलाएं भगवान भोलेनाथ की जटाओं में विराजमान चंद्रमा के दर्शन करेंगी। वहीं, आटे का चांद बनाकर भी चंद्र दर्शन की परंपरा निभाने की बात कही जा रही है। महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना कर पूजा-अर्चना के बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके अपना निर्जला व्रत खोलेंगी। मौसम की अनिश्चितता के बीच भी करवा चौथ को लेकर महिलाओं में आस्था, उत्साह और विश्वास बना हुआ है। वाक थ्रू.. महिलाओं के साथ बातचीत0
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POCSO अधिनियम की जानकारी से बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाता सुरक्षित बचपन अभियान
Motihari, Bihar:*सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, मोतिहारी में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रति किया गया जागरूक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिला विधिक सेवा pradhikaran, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, मोतिहारी में बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, श्री अभिषेक कुमार दास ने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। अपने संबोधन में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि उनकी सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि हैं तथा किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को अवश्य देनी चाहिए। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को प्राप्त कानूनी संरक्षण, यौन अपराधों की पहचान, ऐसे मामलों में शिकायत करने की प्रक्रिया तथा पीड़ित बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम में माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह एवं पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) श्री उज्ज्वल पांडेय भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवेदनशील एवं प्रेरणादायक रहा। बच्चों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपने प्रति होने वाले अनुचित व्यवहार को पहचानने, उसके विरुद्ध आवाज उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल सुरक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है। सुरक्षित बचपन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाकर उनके सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करना है।0
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कोरबा में अर्नब चक्रवात के बीच तेज रफ्तार बाइक-कार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल
Korba, Chhattisgarh:कोरबा ब्रेकिंग - अर्नब चक्रवात की वजह से हो रही रिमझिम बारिश के बीच हादसा, तेज रफ्तार बाइक की कार से हुई भिड़ंत, टक्कर के बाद हवा में उछला बाइक सवार युवक और जा गिरा डिवाइडर के दूसरी तरफ, डिवाइडर पार गिरते ही युवक फिर से जा टकराया दूसरी ओर से गुजर रहे एक दंपती के दोपहिया वाहन से, हादसे में बाइक सवार युवक को आई गंभीर चोटें, रोंगटे खड़े कर देने वाले इस हादसे का लाइव वीडियो आया सामने, बारिश में तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल, कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग की घटना...0
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द्वारका में करवाचौथ पर अलग‑अलग राज्यों की परंपाओं का मिलन
New Delhi, Delhi:द्वारका में करवाचौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस त्योहार की खास बात यह है कि यहां अलग-अलग राज्यों की महिलाएं अपने-अपने रीति-रिवाज और परंपराओं के साथ करवाचौथ मना रही हैं। कहीं राजस्थान की परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है, तो कहीं हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की संस्कृति नजर आ रही है। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर रही हैं और अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रख रही हैं। करवाचौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्यार, विश्वास और रिश्ते को मजबूत करने का त्योहार भी है। अलग-अलग राज्यों की महिलाओं का एक साथ इस त्योहार को मनाना भारतीय संस्कृति की खूबसूरती और आपसी भाईचारे को भी दर्शाता है। परंपराएं भले ही अलग हों, लेकिन सभी की भावनाएं एक जैसी हैं। यही करवाचौथ के त्योहार की सबसे खास बात है।0
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सावड़ी पंचायत नामांकन निरस्तीकरण के बाद चुनाव बहिष्कार का संकेत
Alwar, Rajasthan:सावड़ी पंचायत में नामांकन निरस्त होने पर चुनाव बहिष्कार, सरपंच और वार्ड पंच प्रत्याशियों ने वापस लिए फॉर्म शाम 3:30 बजे तक अधिकारियों की समझाइश बेअसर, सहमति नहीं बनने पर जिला निर्वाचन अधिकारी से मांगा मार्गदर्शन मालाखेड़ा (अलवर)। अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सावड़ी में सरपंच पद के एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद चुनावी माहौल गरमा गया। नामांकन खारिज होने से नाराज सरपंच पद के अन्य प्रत्याशियों और वार्ड पंच उम्मीदवारों ने भी अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। स्थिति को देखते हुए निर्वाचन अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा है। जानकारी के अनुसार, सावड़ी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल तीन प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय के विरोध में अन्य सरपंच प्रत्याशी के साथ वार्ड पंच के उम्मीदवारों ने भी अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके चलते पंचायत में चुनावी प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई और ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया। मामले को सुलझाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों ने प्रत्याशियों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन शाम 3:30 बजे तक सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद अधिकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।0
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इटावा में दो बाइक भिड़ंत: चार घायल, तीन कोटा रैफर
Noida, Uttar Pradesh:इटावा दो बाइकों की आमने सामने की भिड़ंत चार जने घायल इटावा थाना क्षेत्र के रामपुरिया के पास की घटना प्राथमिक उपचार के बाद तीन को कोटा रैफर इटावा पुलिस को दी सूचना0
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