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आजमगढ़ में पीईटी परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन अलर्ट, निरीक्षण जारी

Azamgarh, Uttar Pradesh:पीईटी परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन एवं सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम व एसएसपी ने परीक्षा केन्द्रों का किया निरीक्षण। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा 25 व 30 अक्टूबर एवं 1 नवम्बर 2026 को दो पॉलियों में पूर्वान्ह 10 बजे से 12 बजे तक व अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक जनपद आज़मगढ़ में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित हो रहीं हैं। जहां सभी केन्द्रों पर स्टैटिक्स मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिले में 30 केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित हो रही इस पीईटी परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराये जाने को लेकर प्रशासन पूरी तरीके से अलर्ट है। आज परीक्षा में कुल 13344 परीक्षार्थी शामिल होने थे जिसमें 9708 उपस्थित हुए और 3636 अनुपस्थित पाये गये। आजमगढ़ जिले के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार व एसएसपी डॉ.अनिल कुमार ने पीईईटी परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। जहां प्रथम पाली की परीक्षा सकुशल संपन्न कराई गई। परीक्षा के दृष्टिगत परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में केन्द्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, परीक्षार्थियों एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। वहीं परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट/कॉपीयर की दुकानें बंद रहीं। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि दूसरे जनपदों से आये परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है तथा ठहरने से लेकर भीड़ प्रबंधन तक की व्यवस्थाएं की गईं हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के एक दिन पहले आने पर रहने, खाने, आने-जाने, मेडिकल, परीक्षा केंद्र की दूरी व अन्य सभी आधारभूत सुविधाएं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा टैक्सी व प्राइवेट बस एसोसिएशन से संवाद कर उनको निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों को सुरक्षित यात्रा के साथ निर्धारित किराया ही लिया जाये। फूड सेफ्टी विभाग द्वारा खाद्य पदार्थ दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षार्थियों को स्वच्छ खाद्य पदार्थ ही दिया जाये। उन्होंने बताया कि कई परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण किया गया जहां शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षाएं हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा की नकल करते हुए कोई भी पकड़े जाते हैं या संगठित लोग उसमें सम्मिलित पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध मुकदमा दर्जकर सख्त कार्रवाई की जायेगी。
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नीरा यादव का प्रेस कांफ्रेंस: झारखंड में बीजेपी का स्पष्ट रुख राजनीतिक प्रस्तावों पर

Ranchi, Jharkhand:रांची कार्यसमिति की बैठक को लेकर विधायक नीरा यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा दो दिवसीय कार्यसमिति का आज समापन हो रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन मिला। पीएम के 25 वर्ष के कार्यकाल के स्वर्णिम अध्याय को राजनीतिक प्रस्ताव में लाया गया कि किस तरह जन कल्याणकारी काम किया है। पीएम ने राष्ट्र सर्वोपरि भावना को धरना में रख कर कई कठोर निर्णय लेने का काम किया। वरना देश के सैनिकों का सिर काट कर ले जाया जा रहा था और पूर्व की कांग्रेस सरकार देखती रहती थी। झारखंड सहित कई राज्य आदिवासी बहुल है, बात आदिवासी की होती है पर सिर्फ आदिवासियों का इन्होंने शोषण किया। केंद्र की मोदी सरकार ने कई कार्य किए। बीजेपी सिर्फ ये नहीं कहती दलित , वंचित शोषित पीड़ित की सेवा करती है ,बल्कि करके दिखाया। आज राजनीतिक प्रस्ताव दो पारित हुए, राज्य के अमर बलिदानियों की पावन धरती जो इस जेएमएम, कांग्रेस ,राजद की सरकार के कार्यकाल से कलंकित हो रही, बीजेपी ने निर्णय लिया ... हमने बनाया है इसे संवारने का काम बीजेपी करेगी। राज्य की महतबंधन सरकार ने राज्य को कलंकित किया है। पिछले 40 दिनों से राज्य में कैबिनेट की बैठक नहीं हुई ,निर्णय क्या लेंगें।।आज यहां नौकरी नहीं युवाओं के सपनों को बेचा जा रहा है। एसआईआर का विरोध इस लिए कर रहे हैं ताकि घुसपैठियों को जगह मिले। डेमोग्राफी चेंज पूरे झारखंड में हो रही उसको लेकर हम एक नीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम स्वीकारते हैं हम कमजोर हैं इस लिए सरकार नहीं बना पाए हैं, हम सरकार गलत नीतियों के खिलाफ संघर्ष करेंगे。 बाइट ... नीरा यादव, विधायक, बीजेपी
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अब्बास अंसारी ने शक्ति सिंह को अपना भाई व परिवार से बताई करीबी के बयान पर शक्ति सिंह का पलटवार

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollow6m ago
Mau, Uttar Pradesh:अब्बास अंसारी ने शक्ति सिंह को अपना भाई व परिवार से बताई करीबी के बयान पर शक्ति सिंह का पलटवार 2005 में हुए दंगो का किया जिक्र मऊ की जनता से की अपील जहाँ कही भी हो आकर करे वोट समय आ गया जब बुराई का अंत हो अच्छ मऊ की सर जमीन से मुख्तार व अब्बास का होगा खात्मा अब्बास अंसारी के बुराई पर अच्छाई की जीत वाले बयान पर शक्ति सिंह का पलटवार होली तक हो जाएगी अंसारी परिवार की पुर्ण आहुति मऊ की जमीन से अंसारी परिवार का खात्मा सुनिश्चित भारतीय युवा मोर्चा भाजयुमो के कार्यकारिणी सदस्य शक्ति सिंह ने दिया बयान
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मोदी की मन की बात के साथ बीजेपी ने बदलावों का दावा किया

Jaipur, Rajasthan:जयपुर Rvishnusharma एंकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सुना गया। इस दौरान बीजेपी प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा सहित बीजेपी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद संजय भाटिया ने देश में हुए बदलावों, कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली रैली और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर बयान दिया。 कार्यक्रम के बाद बीजेपी प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात करते हैं। पहले हथियारों के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब भारत कई देशों को हथियार बेच रहा है। देश में बहुत बदलाव हुए हैं। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर संजय भाटिया ने कहा कि वोट चोरी से बड़ा कोई झूठ नहीं हो सकता। कांग्रेस अपना झूठ बेचने की कोशिश कर रही है। जिस जगह कांग्रेस जीतती है, वहाँ उसे वोट चोरी याद नहीं आती। वहीं, फारूक अब्दुल्ला की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयान पर संजय भाटिया ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था और धारा 370 लगाई थी। अब धारा 370 हटने से वहां बदलाव हुआ है। लाल चौक पर अब नवरात्र में कार्यक्रम हुआ, जबकि पहले वहां तिरंगा भी नहीं लहराया जा सकता था। संजय भाटिया ने कांग्रेस पर देश की तरक्की का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बदलाव का विरोध किया है। विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लग गया है। विपक्ष देश को कमजोर करने की बात करता है। बाइट बीजेपी प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया
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कावर्धा में नाली निर्माण के दौरान नर कंकाल मिलने से हड़कंप, फोरेंसिक जांच शुरू

Kawardha, Chhattisgarh:कावर्धा ब्रेकिंग न्यूज़: नाली निर्माण के दौरान झाड़ियों में मिला नर कंकाल! मानव खोपड़ी और चप्पल देखकर मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस कवर्धा/पंडरिया। कबीरधाम जिले के ग्राम किशुनगढ़ में नाली निर्माण के दौरान मानव कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जी राम जी योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य के दौरान झाड़ियों के बीच एक मानव खोपड़ी दिखाई दी। मौके पर आसपास पॉलिथीन, थैला, चप्पल और अन्य सामान भी मिलने की बात सामने आई है। मानव खोपड़ी नजर आते ही मौके पर हड़कंप मच गया और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पंडरिया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। कंकाल की स्थिति, उसकी पहचान और घटनास्थल पर मिले सामान को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रारम्भिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि कंकाल या उससे जुड़ा सामान कहीं दूसरी जगह से बहकर अथवा किसी अन्य माध्यम से यहां पहुंचा हो सकता है। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को मौके के लिए रवाना किया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मानव अवशेष कितने पुराने हैं, मृतक की पहचान क्या है और यह यहां किन परिस्थितियों में पहुंचे। फिलहाल ग्राम किशुनगढ़ में मिले मानव कंकाल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्यमयी मामले की असलियत सामने आ सकेगी।
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कांग्रेस का नया वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान शुरू, दिल्ली महारैली की तैयारी

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल बीजेपी के संविधान बचाओ और अराजकता हटाओ के बाद कांग्रेस भी शुरू करेगी नया अभियान काँग्रेस का बोट बचाओ देश बचाओ अभियान कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट का बयान ये अकेले कांग्रेस का अभियान नहीं है, पूरे देश का अभियान है 2014 से अलग ही राजनीति शुरू हुई है,जब से मोदी जी आये है उनका उद्देश्य सत्ता मे रहना है, चाहे कैसे भी हो मध्य प्रदेश में भी चुनाव गलत हुए आज के समय में लोकतंत्र के खिलाफ सब चल रहा है कांग्रेस में हमेशा लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन की जिम्मेदारी जनता की है लोगों के लोग वोट के अधिकार को बचाना है, लोकतंत्र को बचाना है 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली होने वाली है कांग्रेस के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शाहवर आलम का बयान प्रधानमंत्री चुनाव अब तो कोई सबूत नहीं उठा पाए अब चुनाव आयोग के पीछे पड़े हुए जनता इनको नकार चुकी है वोट चोरी का बहाना है, चुनाव निष्पक्ष होते हैं 10 जैसे जहां कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई जनता इनको नाकार देती है
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श्रद्धा दुबे से मिलने के लिए जेल में प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के चर्चित शिवा हत्याकांड में जेल के भीतर बंद श्रद्धा दुबे को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। श्रद्धा से मिलने के लिए दूसरे दिन भी कोई परिजन जेल नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुलाकात की प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिजनों के नाम और मोबाइल नंबर मिलने का इंतजार है। पहले नाम और नंबर का सत्यापन होगा, फिर ऑनलाइन पंजीकरण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। मुलाकात के लिए क्या है प्रक्रिया? जेल में बंद श्रद्धा, मुलाकात का इंतजार शिवा हत्याकांड में जेल में बंद श्रद्धा दुबे से मुलाकात को लेकर अब तक की स्थिति यही है कि दूसरे दिन शनिवार को भी कोई मिलने नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन के अनुसार, श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि दुबे से मुलाकात के लिए आने वाले परिजनों और परिचितों के नाम तथा मोबाइल नंबर मांगे गए हैं। इन जानकारियों के मिलने के बाद पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण, आधार कार्ड की छायाप्रति और फोटो से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। मुलाकात के लिए क्या है प्रक्रिया? जेल प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धा और रश्मि महिला बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रही हैं। जेल में मुलाकात के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। पहले मुलाकात करने वाले व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। सत्यापन के बाद जरूरी दस्तावेजों और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही मुलाकात संभव हो सकेगी। जेल प्रशासन का कहना है कि अभी तक नाम और मोबाइल नंबर मिलने के बाद होने वाली प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। परिवार की तरफ से कौन पहुंचेगा? इस पूरे मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि श्रद्धा से मिलने के लिए परिवार की ओर से कौन आगे आएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा की सौतेली मां और पिता एपी दुबे भी उससे मिलने नहीं पहुंचे थे।
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सड़क पर पड़े बांस के डंडे से एक युवक ने कई लोगो को जमकर पीटा

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollow41m ago
Mau, Uttar Pradesh:एक महिला की हुई मौत जबकि तीन लोग हुए घायल सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम मामले की जांच में जुटी पुलिस राम अवतार सोनकर के द्वारा कथित रूप मुहल्ले के कई लोगो को पीटा गुलाबी देवी नाम की महिला की हुई मौत पुलिस ने आरोपी हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है आरोपी सुबह भोर में सड़क पर पड़े बांस से लोगो को पीटा घायलो का चल रहा है इलाज मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर फोर्स तैनात घोसी थाना क्षेत्र के कस्बा खास का मामला बाईट - सत्येंद्र तिवारी - सीओ घोसी
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गांव में मुखिया चुनाव में मतदान बढ़ा, पंचायत चुनाव से ज्यादा भागीदारी

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की सरकार चुनने में वोटरों ने दिलचस्प तस्वीर दिखाई है...पहले चरण में ईवीएम के मुकाबले बैलेट पेपर पर ज्यादा वोट बरसे। 104 पंचायत समितियो में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए 63 फीसदी वोटिंग हुई... लेकिन दो दिन बाद ही जब बात गांव का मुखिया चुनने की आई तो मतदान 83 फीसदी पार पहुंच गया। यानी करीब 20 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान। साफ है कि गांव की चौधर के चुनाव में वोटरों का जोश अलग ही नजर आया। अब सवाल ये है कि जिस उत्साह से ग्रामीणों ने अपना मुखिया चुना... क्या उसी रफ्तार से गांव की सड़क, पानी और विकास की समस्याएं भी दूर होंगी? ---------------------------------------- VO-1-गांव की सरकार चुनने के लिए ग्रामीण मतदाताओं का उत्साह दो अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग नजर आया। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का बटन दबाने वाले मतदाताओं ने दो दिन बाद सरपंच चुनने के लिए बैलेट पेपर पर कहीं ज्यादा मतदान किया। प्रदेश के 16 जिलों में 104 पंचायत समितियों के पहले चरण के आंकड़े यही तस्वीर दिखा रहे हैं। पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में जहां 63.36 फीसदी मतदान हुआ, वहीं सरपंच चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 83.05 फीसदी पहुंच गया। यानी गांव के मुखिया के चुनाव में 19.69 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। वही पिछले चुनाव की तुलना करें तो इस बार पहले चरण में सरपंच पद के लिए 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले चुनाव में 81.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस तरह पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान में 1.77 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। मतदान के इन आंकड़ों ने ग्रामीण लोकतंत्र की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। पंचायत समिति सदस्य चुनने की तुलना में सरपंच चुनने के लिए ज्यादा मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे। इसकी एक वजह सरपंच पद का गांव की रोजमर्रा की समस्याओं और स्थानीय फैसलों से सीधा जुड़ाव भी हो सकता है। सड़क, पानी, सफाई, नालियां और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों का सबसे सीधा संपर्क सरपंच से होता है। हालांकि, मतदान प्रतिशत के आधार पर मतदाताओं की प्राथमिकताओं का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ---------------------------------------- VO-2-प्रदेश में पहले चरण के पंचायत समिति चुनाव में करीब 53.66 लाख मतदाताओं ने मतदान किया था। इसके मुकाबले सरपंच चुनाव में करीब 69.10 लाख वोट पड़े। दोनों चुनावों में पड़े मतों की संख्या में करीब 15.44 लाख का अंतर रहा। इस तुलना की खास बात यह भी है कि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान ईवीएम से हुआ, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदाताओं ने बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया। बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया अलग होने के बावजूद सरपंच चुनाव में मतदान प्रतिशत काफी अधिक रहा। जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में भी यही रुझान सामने आया। जयपुर जिले की पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में झोटवाड़ा में 72.02 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 89.70 फीसदी पहुंच गया। यानी 17.68 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह दूदू में पंचायत समिति चुनाव के 69.87 फीसदी के मुकाबले सरपंच चुनाव में 88.66 फीसदी मतदान हुआ। चौमूं में यह आंकड़ा 67.84 से बढ़कर 87.19 फीसदी पहुंच गया। जयपुर की आठों पंचायत समितियों में सरपंच चुनाव का मतदान प्रतिशत पंचायत समिति सदस्य चुनाव से ज्यादा रहा। इससे स्थानीय स्तर पर सरपंच पद के चुनाव में अधिक मतदाता भागीदारी की तस्वीर सामने आई। वही बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच चुनाव के लिए 93.03 फीसदी मतदान हुआ, जबकि पंचायत समिति सदस्य चुनाव में 71.10 फीसदी वोट पड़े थे। यहां 21.93 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में पंचायत समिति सदस्य चुनाव के दौरान महज 40.02 फीसदी मतदान हुआ था। सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 57.63 फीसदी पहुंच गया। हालांकि, यहां सरपंच चुनाव में मतदान का प्रतिशत अन्य कई क्षेत्रों की तुलना में कम रहा। ---------------------------------------- बहरहाल, अब गांव की सरकार के गठन के साथ ग्रामीणों की निगाहें नए जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर रहेंगी। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करने वाले ग्रामीणों के लिए अगला सवाल यही है कि उनके गांव की समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से होगा। मतदान के आंकड़ों का संदेश साफ है गांव के मुखिया के चुनाव में ग्रामीणों ने ज्यादा भागीदारी दिखाई। अब इस भागीदारी के बाद गांव की नई सरकार के सामने विकास और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती होगी।
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