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बुंदेलखंड के बांध 10 साल बाद भी किसानों को पानी नहीं दे पाए

Panna, Madhya Pradesh:अरबों रुपये खर्च लेकिन बुंदेलखंड का किसान खेतों में पानी के लिये परेशान जल संसाधन विभाग की कारगुजारियों का दंश झेल रहा अन्नदाता 10 साल पहले बांध बने, पर आज तक किसान को पानी नहीं दे पाये, बांध फूटे, नहरे आज तक बनी नहीं जो बनी वो टूटी फूटी पड़ी है, दुर्भाग्य बुंदेलखंड पैकेज का WRD विभाग द्वारा अपने बांध परियोजनाओं के बोर्ड भी नहीं लगाए गए है भ्रष्टाचार को छिपाने बारिश के समय ही बांध का पानी बहाकर उसे खाली कर रहे है पन्ना जिले के सिरस्वाहा, बिलखुरा, मुटमुरु बांध आज तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा पाए है 10 साल पहले बन चुके इन बांधों की दुर्दशा है और ये सिर्फ कागजों में सिंचाई का रकवा बढ़ा रहे है, कितना गंभीर मामला है कि बांध बनने के 10 सालों के बाद भी नहरें बनकर तैयार नहीं हुई है और जो थोड़ी बहुत बनी थी वो टूटी पड़ी है, वाइस ओवर — जब ZEE MEDIA की टीम इन बांध पर मौके पर पहुंची तो स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने इसकी हकीकत बताई, यहां जाकर पता चला कि सिरस्वाहा बांध निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया जिससे इस बांध को भरा नहीं जाता, इसकी नहर लाइन खोलकर इसका पानी नाले में बहाया जा रहा है, अक्टूबर नवम्बर में रवि की फसलों के लिये ये पानी अमृत के समान होता है लेकिन इसे बहाया जा रहा है, बांध अनेक जगह से क्षतिशस्त्र है, इसी तरह बिलखुरा और मुटमुरु बांध भी कागजों में बनी सफल सिंचाई योजना है जबकि 10 सालों बाद भी ये औचित्यहीन ही दिखाई पड़ रही है, वाइस ओवर — सवाल यह भी उठता है कि जनप्रतिनिधि क्या करते हैं, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक जब समीक्षा बैठक करते हैं तब वह किन विषयों में समीक्षा करते हैं, वाइस ओवर — इन विषयों पर जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात की गई तो वही घिसा पिटा जवाब मिला, उन्होंने बताया कि नहरो के निर्माण के लिए नए टेंडर बुलाये गए हैं, बारिश खत्म हो चुकी है और अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, बाकी बहुत से बांध उन्होंने अभी देखे नहीं हैं, क्योंकि महीना भर पहले उन्होंने पन्ना में ज्वाइन किया है, बाइट — सी बी अहिरवार E E WRD, बोर्ड न लगाना बड़ी चूक, पन्ना जिले में वर्तमान में निर्माणाधीन रुन्झ बांध परियोजना, मझगाएं बांध परियोजना सहित पूर्व में भी निर्मित हो चुके सिरस्वाहा बांध, बिलखुरा बांध सहित अन्य दर्जनों सिंचाई परियोजनाओं में बोर्ड नहीं लगाये गए हैं, जो विभाग की बड़ी लापरवाही और जानकारी को छुपाने का प्रयास दर्शाता है, जबकि नियम यह है कि किसी भी परियोजना की शुरुआत में ही उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी लिखकर बोर्ड लगाना होता है।
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केदारनाथ के पूर्व विधायक रावत ने आयोग-सीईसी पर सवाल, फॉर्म-7 से नाम हटाने का आरोप

Routhiya, Uttarakhand:केदारनाथ विधानसभा के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता मनोज रावत ने निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रावत ने उत्तराखंड में फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री को लेकर भी उन्होंने तीखा तंज कसा और कहा कि पिछले चुनाव में कम से कम उन्हें जीत दिला दी जाती, तो ‘हारे हुए विधायक के मुख्यमंत्री बनने’ का कलंक नहीं लगता। मनोज रावत ने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के लिए अलग से प्रमाण की जरूरत नहीं, बल्कि देश के चुनावी आंकड़े ही सब कुछ बता रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में करीब एक लाख तीस हजार मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 के जरिए हटाने की कोशिश की गई। रावत ने मुख्यमंत्री के गृह जनपद में करीब 45 हजार आपत्तियां लगाए जाने का दावा करते हुए कहा कि जांच और सुनवाई के दौरान एक भी आपत्तिकर्ता सामने नहीं आया। इसी आधार पर उन्होंने फर्जी आपत्तियां लगाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद मनोज रावत ने मुख्यमंत्री पर सीधे राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव में ऐसी ही ‘कृपा’ करनी थी तो पिछली बार मुख्यमंत्री को भी चुनाव जिता दिया जाता, ताकि उनके ऊपर हारे हुए विधायक के मुख्यमंत्री बनने का ‘कलंक’ नहीं लगता।
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बैंगलूरू के वर्थुर में भारी ट्रैफिक जाम, परिसर के भीतर भी गाड़ियों की लंबी कतार

Noida, Uttar Pradesh:BANGALURU - the narrow roads outside the complex, coupled with heavy traffic on the Varthur main road, have resulted in severe traffic congestion. Located in the Varthur area of East Bengaluru, Brigade Utopia is a massive residential project with thousands of flats. However, the narrow roads outside the complex, coupled with heavy traffic on the Varthur main road, have resulted in severe traffic congestion. The high-rise residential complex is located on the Varthur-Gunjur Main Road in the Mahadevapura constituency. The residential complex is also situated just a short distance from the Varthur Police Station. Traffic congestion is nothing new in Bengaluru, the Silicon City. Whether during office hours or evening peak hours, getting stuck on the roads for hours has become a daily routine for city residents. However, a surprising and concerning scene of a massive traffic jam forming inside the residential complex itself, even before residents could exit the apartment, has recently gone viral on social media. Video Creates a Buzz on Social Media: The video, reportedly recorded from the balcony of a flat at around 2:00 PM on Saturday, shows heavy traffic on the main road as well as a long queue of vehicles inside the neighbouring residential complex. “It’s 2:00 PM now. Just look at how much traffic there is outside, even on a Saturday afternoon!” the woman says in surprise in the video before turning the camera towards the apartment premises. Inside the complex, cars can be seen moving inch by inch as they queue up to reach the gate connecting to the main road. According to reports, residents are taking as long as 20 to 30 minutes just to cross the gate and get from inside the society onto the main road.
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कालींदी बेस कैंप से 9 सदस्य का रेस्क्यू, भारी बर्फबारी में राहत अभियान जारी

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:रेस्क्यू कार्य कल से फिर शुरू कालिंदी बेस कैंप से 9 सदस्यों का रेस्क्यू. उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री गोमुख ट्रैकिंग रूट पर भारी बर्फबारी के कारण फंसे ट्रैकर और अन्य सदस्य के लिए आज सुबह से फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. कल 40 सदस्यों का रेस्क्यू किया गया था. सुबह मौसम साफ होने पर पुनः रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया. अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र द्वारा बताया गया कि आज कालिंदी बेस कैंप से अभी तक 09 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है और रेस्क्यू कार्य हेलीकॉप्टरों के माध्यम से लगातार जारी है. हर्षिल और विभिन्न क्षेत्रों में आर्मी, ITBP, NDRF, SDRF, पुलिस, वन विभाग के कर्मी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं और जिनका रेस्क्यू किया गया है उनका मेडिकल भी किया जा रहा है. वहीं अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र बीते रविवार से हर्षिल में तैनात हैं और पूरे रेस्क्यू कार्य पर निगरानी बनाए हुए हैं.
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हरदोई में ग्राम प्रधान के घर घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने रेस्क्यू कर छोड़ दिया

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में कोतवाली पिहानी क्षेत्र के अलावलपुर गांव के मजरा रसूलपुर में मंगलवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मगरमच्छ गांव के प्रधान के घर के अंदर जा घुसा। भोर करीब तीन बजे घर में आहट होने पर परिजनों की नींद खुली तो सामने मगरमच्छ देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर मगरमच्छ होने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि प्रधान के परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहे और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मगरमच्छ के घर में घुसने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही डिप्टी रेंजर सुशील कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनरक्षक राहुल कुमार, सुशील कुमार, उदय सिंह, होरीलाल और कुलदीप समेत वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत शुरू की। काफी प्रयास के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे गांव के किनारे स्थित गोमती नदी में छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के रेस्क्यू के बाद प्रधान के परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। भीषण बारिश के बाद नदी से आने की आशंका ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में लगातार हुई भीषण बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान मगरमच्छ नदी से निकलकर गांव की ओर पहुंचा और रास्ता तय करते हुए प्रधान के घर में घुस गया। सुबह के वक्त घर के अंदर मगरमच्छ मिलने की खबर से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। वन विभाग की टीम के सफल रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को वापस गोमती नदी में छोड़ दिया गया, लेकिन घटना के बाद से ग्रामीणों में अभी भी दहशत का माहौल है।
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पुरानी रंजिश के नाम पर अधेड़ की हत्या, पूरनपुर में हंगामा

Pilibhit, Uttar Pradesh:पुराने हत्याकांड की रंजिश में अधेड़ की हत्या का आरोप, शव मिलने से हंगामा पूरानी हत्याकांड की रंजिश को लेकर 45 वर्षीय वेदराम की हत्या की गई है। वेदराम का शव गांव में ही आरोपियों के घर के बाहर पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की है और दो नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2005 में नंदराम की हत्या के मामले में वेदराम समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2010 में सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए थे। इसके बाद से नंदराम के परिजनों रंजिश मानते थे। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते वेदराम की हत्या उनके पुत्रों ने की है। परिजनों के मुताबिक वेदराम आज शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे। कुछ देर बाद उनका शव गांव में रामदेव, श्यामदेव और श्रीदेव पुत्र नंदराम के घर के बाहर मिला। आरोपियों का घर मृतक के घर से करीब 100 मीटर दूर बताया गया है। शव मिलने के बाद परिजन मौके पर बैठ गए और एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। सूचना पर एएसपी हिमांशु गौरव, सीओ और कोतवाल पवन पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने नंदराम के पुत्र रामदेव, श्यामदेव और श्रीदेव पर वेदराम की हत्या का आरोप लगाया है। घटना को लेकर पुलिस जांच में जुटी है, और 2 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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नीतीश ने विवाद के बीच बैठक बुलाकर सभी आठ सीटें जीतने का निर्देश दिया

Patna, Bihar:बिहार विधान परिषद चुनाव में जदयू के विधायक अनंत सिंह और पटना स्नातक से जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच विवाद का मामला पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू  के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार को अपने आवास पर बुलाया और मीटिंग कर  निर्देश दिया मीटिंग खत्म होने के बाद उमेश कुशवाहा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता कि एनडीए की 8 सीट जीते कौन क्या कह रहा है कौन किसका विरोध कर रहा है यह हमारी प्राथमिकता नहीं सभी आठों सीट, चाहे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का हो, चाहे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का हो, हम आठों की आठों सीट जीत रहे हैं।  कौन अभी क्या बोल रहा है, वो हम लोग को नॉलेज में है। 하지만 हमारा प्राथमिकता है अभी eightों सीट निकालने का और नामांकन eightों सीट हमारा जीत का है प्राथमिकता। बाइट---- उमेश कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष जदयू मंत्री श्रवण कुमार ने कहा की यह मामला पार्टी के संज्ञान में आ चुका है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य शीर्ष नेताओं को इसकी जानकारी दे दी गई है। शीर्ष नेता इस पर जो भी निर्णय या निर्देश देंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी माना कि ऐसा नहीं होना चाहिए, लेकिन चूंकि ऐसा हो रहा है, इसलिए बड़े नेता ही इस पर फैसला लेंगे। बाइट--- श्रवण कुमार मंत्री बिहार सरकार प्रशांत किशोर के उम्मीदवारों को पार्टी विधायकों के समर्थन पर  उन्होंने कहा कि चाहे लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हो या विधान परिषद का चुनाव, सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारती हैं। अंतिम फैसला जनता का होता है। उन्होंने कहा कि वे मतदान के दिन और मतगणना के दिन का इंतजार करते हैं और जनता जो भी जनादेश देगी, उसका वे सम्मान करेंगे। बाइट--- श्रवण कुमार मंत्री बिहार सरकार ​अनंत सिंह द्वारा नीरज कुमार को नुकसान पहुंचाने के सवाल पर उन्होंने इस पर कोई सीधा जवाब देने से बचते हुए फिर से यही कहा कि बड़े नेताओं के संज्ञान में यह सारी बातें हैं। वे जो भी निर्णय लेंगे, उसके बारे में आगे बताया जाएगा。 बाइट--- श्रवण कुमार मंत्री बिहार सरकार
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