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Indian Army Empowering Women Through Stitching and Tailoring Course
Banihal,The Indian Army is continuing its efforts to uplift the status of women in rural areas of the Kashmiri community. It has started a Stitching and Tailoring Course for women from the remote areas of Banihal tehsil in Jammu Division. This project is in line with the Indian government's "Skill India" and "Digital India" initiatives. A total of 10 women have been selected for this three-month program, taking into consideration their economic conditions.
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बलरामपुर में कोर्ट के आदेश से बुलडोजर से अतिक्रमण हटाकर कब्जा मुक्त किया गया
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर मे कई साल बाद मिला न्याय: कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा मुक्त हुई जमीन बलरामपुर के तुलसीपुर मिल तिराहे के पास वर्षों पुराने भूमि विवाद में आखिरकार न्याय मिला। तुलसीपुर में बुधवार को निर्माण पर बुलडोजर गर्जा है. पीले पंजे से अतिक्रमण निर्माण को हटाया गया.सिविल जज (जू०डि०) के आदेश पर प्रशासन ने heavy पुलिस बल और राजस्व टीम की मौजूदगी में विवादित भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई की। जेसीबी मशीनों से निर्माण ध्वस्त किए गए, जिससे इलाके में पूरे दिन हलचल बनी रही। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कर्ज है. बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पीड़ित पक्ष विश्वनाथ प्रसाद लगातार न्यायालय में गुहार लगा रहे थे। मामला “विश्वनाथ प्रसाद बनाम विष्णु सिंह” के नाम से न्यायालय में विचाराधीन था। सुनवाई के बाद अदालत ने कब्जा दिलाने और आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि संबंधित पक्ष धनराशि का भुगतान नहीं करता है तो उसकी संपत्ति कुर्क कर कार्रवाई अमल में लाई जाए。 सोमवार को प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और न्यायालय के आदेश का पालन कराते हुए अवैध कब्जा हटवाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दशकों बाद न्यायालय के आदेश का इस तरह पालन होना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। वहीं वादी पक्ष, जिसकी अब तीसरी पीढ़ी इस मुकदमे को लड़ रही थी, ने न्याय मिलने पर संतोष जताया। परिवार के लोगों ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें उनका अधिकार मिल सका。 उप जिलाधिकारी तुलसीपुर ने बताया कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मजिस्ट्रेट शिवेंद्र पटेल और तहसीलदार तुलसीपुर की मौजूदगी में कराई गई। प्रशासन ने साफ किया कि अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।0
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पटना साइकिल दुकान में NGO के रेस्क्यू के बाद परिजनों ने किया विरोध
Patna, Bihar:एंकर--राजधानी पटना के राजीवनगर रोड नंबर-14 स्थित एक साइकिल दुकान से लेबर डिपार्टमेंट की टीम ने प्राइवेट NGO की सूचना पर तीन बच्चों को रेस्क्यू किया। टीम बच्चों को अपने साथ लेकर ‘अपना घर’ पहुंची, जहां बाद में परिजनों और दुकानदार ने पहुंचकर विरोध जताया। काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बाद तीनों बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया गया। बच्चों के पिता सूरज कुमार ने बताया कि उनके तीनों बच्चे स्कूल से लौटने के बाद अपनी साइकिल ठीक कराने दुकान पर गए थे। इसी दौरान वे खुद ही रिंच और पेचकस लेकर साइकिल बनाने लगे। तभी रेस्क्यू टीम वहां पहुंची और बच्चों को अपने साथ ले जाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां ने मौके पर बच्चों को रोकने की कोशिश की, लेकिन टीम बच्चों को लेकर चली गई और बाद में ‘अपना घर’ आने को कहा गया। सूरज कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि वहां उनसे बच्चों को छोड़ने के बदले रुपए की मांग की गई। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों की ओर से बच्चों को एक दिन रखने पर पैसे मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। वहीं जिस साइकिल दुकान से बच्चों को रेस्क्यू किया गया, उस दुकानदार ने भी NGO कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। दुकानदार का कहना है कि बच्चे उसकी दुकान पर काम नहीं कर रहे थे, बल्कि अपनी साइकिल ठीक कर रहे थे। उसने आरोप लगाया कि NGO की कुछ महिलाएं अक्सर उसकी दुकान पर आकर परेशान करती हैं और इस बार भी बच्चों को छोड़ने के बदले पैसे मांग रही थीं。 फिलहाल परिजनों के विरोध और समझाने-बुझाने के बाद तीनों बच्चों को ‘अपना घर’ से छोड़ दिया गया। इसके बाद परिजन बच्चों को अपने साथ घर लेकर चले गए।0
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देशभर में मेडिकल दुकाने बंद: ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में छत्तीसगढ़ में 1700 दुकानें बंद
Durg, Chhattisgarh:एंकर-ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में आज देशभर में मेडिकल दुकाने बन्द रही इस दौरान छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी करीब 1700 मेडिकल शॉप के संचालक अपनी मेडिकल बन्द रखकर अपना विरोध जाहिर किया. असल में ऑल इंडिया ऑर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी बंद का आवाहन किया था जिसमें जिलें की 1700 मेडिकल दुकानों ने अपना व्यापार बन्द रखा. कोविड के दौरान लोगों को अनिवार्य दवा देने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया था लेकिन इसके बाद इस प्लेटफार्म का उपयोग गलत तरीके से किया जाने लगा. वही जो दवाएं डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के बिना मेडिकल स्टोर में नहीं मिलती वही दवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हो रही है और बदनाम केमिस्ट हो रहे है. इतना ही नहीं सभी प्रतिबंधित दवाई जिससे युवा नशे के रूप में उपयोग भी कर रहे हैं जिसके विरोध में आज मेडिकल दुकाने बन्द रही और जिले में किसी भी प्रकार की कोई इमरजेंसी नहीं आई0
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प्रतापगढ़ में प्लास्टिक पाइप में भीषण आग, लाखों का नुकसान
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले बड़ी खबर खुले में रखें प्लास्टिक पाइप में लगी भीषण आग, करीब डेढ़ सौ पाइप जलकर हुई राख, आग लगने के बाद आसमान में उठता रहा धुएं का काला गब्बर, आग लगने का स्पष्ट नहीं हो सका कारण, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच आग पर पाया काबू, जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में बन रही पानी की टंकी के लिए पाइप बिछाने के लिए रखी गई थी सैकड़ों पाइप, लाखों रुपए का बताया जा रहा है नुकसान, महेशगंज थाना क्षेत्र के हीरागंज कस्बे का मामला,0
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कवर्धा में डायल 112 के 16 नये वाहन पहुंचाए, जनता को त्वरित सहायता का फायदा
Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा जिले को आज आपातकालीन सेवा डायल 112 की बड़ी सौगात मिली। जिला मुख्यालय कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आम जनता और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जिले को डायल 112 के 16 नए वाहनों को समर्पित किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। डिप्टी सीएम ने कहा कि डायल 112 के ये सभी वाहन आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि इन वाहनों के माध्यम से शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर रिस्पांस टाइम सुनिश्चित किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा और त्वरित पुलिस सहायता को प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में पूरे छत्तीसगढ़ को कुल 401 डायल 112 वाहनों की सौगात दी गई है, जिससे प्रदेश की आपातकालीन सेवा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान डायल 112 वाहनों को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया गया। नई व्यवस्था से जिले के लोगों को आपातकालीन स्थितियों में तेज और प्रभावी सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।0
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इंदौर की चिटफंड कंपनी पर सख्त कार्रवाई, दिल्ली-यूपी पुलिस पहुँच गई
Indore, Madhya Pradesh:इंदौर के बी जे टी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई। छोटी ग्वालटोली के कॉर्पोरेट हाउस के पांचवी मंजिल पर स्थित है ऑफिस। दिल्ली और यू पी पुलिस पहुंची इंदौर। दोनों राज्यों के कई लोगों के साथ ठगी का कंपनी पर है आरोप। चिटफंड कंपनी की तर्ज पर काम करती है कंपनी। दिल्ली, यू पी पुलिस के साथ इंदौर पुलिस भी पहुंची मौके पर। कंपनी का मुख्य गेट बंद कर सुबह से की गई कार्रवाई। दस्तावेजों और कंप्यूटरों की सूचना0
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नाली में गंदगी को लेकर दो पक्षों में हुई चाकू वाजी 10 लोग घायल दो आगरा रैफर
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद लाइनपार थाना क्षेत्र में नाली में गंदगी करने का विरोध करने पर दबंगों ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया। पेट, गर्दन, बाजू में चाकू लगने से छह लोग घायल हो गए। जबकि दबंग पक्ष से चार लोग घायल हो गए। यह देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को ट्रामा सेंटर लेकर आई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो लोगों को आगरा रेफर कर दिया। गांव कुर्री कूपा निवासी रामगोपाल पुत्र यादराम दिवाकर और मान सिंह कोरी पुत्र डोरीलाल के मकान आसपास बने हुए हैं। यादराम ने बुधवार शाम को अपने पशुओं का गोबर नाली में कर दिया। इसको देखते हुए मान सिंह ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोग आ गए। शोर की आवाज सुनकर मान सिंह पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। विवाद ने तूल पकड़ लिया और कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही रामगोपाल के पुत्र सुनील दिवाकर ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया। यह देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। पेट, गर्दन, बाजू में चाकू लगने से मान सिंह पक्ष से अरुन पुत्र अमलेश, ललित पुत्र सरमन, सरमन पुत्र डोरीलाल, प्रेमपाल पुत्र सरमन, ओमशंकर पुत्र डोरीलाल और मान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि दूसरे पक्ष से रामगोपाल, सुनील, अंजली पुत्री प्रभूदयाल और प्रभूदयाल पुत्र यादराम लाठी-डंडे लगने से घायल हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को ट्रामा सेंटर लेकर आई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने ललित सहित दो लोगों को आगरा रेफर कर दिया, जबकि अन्य को जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती करा दिया। मान सिंह का कहना है कि रामगोपाल प्रत्येक दिन अपने पशुओं का गोबर नाली में कर देता है। जिससे हर समय दुर्गंध आती रहती है। जब उससे नाली की सफाई कराने के लिए कहा जाता है तो झगड़ा करने पर उतारू हो जाता है। इस मामले में थाना प्रभारी रमित आर्य का कहना है कि नाली में गंदगी करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने से एक पक्ष से छह लोग और दूसरे पक्ष से चार लोग घायल हुए हैं। दो लोगों को आगरा रेफर किया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।0
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भारत–बांग्लादेश सीमा: 24 किमी क्षेत्र में तारबंदी की चर्चा तेज, स्थानीय लोग बोले
Jalpaiguri, West Bengal:ভারত বাংলাদেশ সীমানা Манিকগঞ্জ এলাকা বিএসএফের করা পাহারায় সীমান্তের ভারতের বাসিন্দারা নিশ্চিন্তা রয়েছেন। এলাকায় বিএসএফের করা লক্ষ্য করা যায়। বর্ডার সংলগ্ন এলাকা খোঁজখবর নিল জি ২৪ ঘন্টা। সাউথ বেরুবাড়ি গ্রাম পঞ্চায়েত, পোস্ট অফিস মানিকগঞ্জ,, মানিকগঞ্জ পুলিশ আউটপোস্ট এর ভারত-বাংলাদেশ সীমান্তের ভারতের বিভিন্ন গ্রাম যেখানে কাটা তারে বেড়া নেই এমন বেশ কিছু মানুষজনের সাথে কথা বলে তাদের বক্তব্য তুলে ধরা হয়। জলপাইগুড়ি জেলা শাসক সন্দীপ কুমার ঘোষ বলেন প্রায় 24 কিলোমিটার এলাকার জমি কাঁটাতারের বেড়া নেই ফাঁকা রয়েছে। তবে জমি ঝট অনেকটাই কেটে গেছে। এভাবে কোন সমস্যা নেই। নলজওয়াপারা গ্রামের বেশ কিছু এলাকায় কাটাতারের বেড়া নেই। বুধবার জমি জট নিয়ে এলাকা পরিদর্শনে জলপাইগুড়ি ভূমি দপ্তরের আধিকারিকেরা ।মানিকগঞ্জ বনগ্রাম এলাকার মানুষজনের সাথে কথা করেন। তবে জমি নিয়ে 많은 মানুষেরই বক্তব্য উঠে আসে। এদিকে সীমান্তের ঢাক জায়গাগুলোতে কাঁটাতারের বেড়া হয়ে যাবে বলে খবর ছড়িয়ে পড়তেই খুশির হওয়া এলাকা জুড়ে। মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী কে ধন্যবাদ জ্ঞাপন করেছেন সকলেই।0
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दिल्ली के सुभाष प्लेस में चाचा-भतीजे का खूनखराबा, घायल दीपक अस्पताल में भर्ती
Delhi, Delhi:दिल्ली के सुभाष प्लेस इलाके में चाचा-भतीजे के बीच खूनी संघर्ष, चाचा ने भतीजे पर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार। भतीजा दीपक गंभीर हालत में LNJP अस्पताल में भर्ती झगड़े के दौरान चाचा राजेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सीढ़ियों से गिरने की बात सामने आई, पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह होगी साफ। आज दोपहर में मिली थी पुलिस को सूचना, बीच-बचाव में आई भतीजे की बहन भी घायल, हाथ पर लगी चाकू की चोट। सूचना मिलते ही सुभाष प्लेस थाना पुलिस मौके पर पहुंची, क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य। प्रॉपर्टी विवाद को लेकर झगड़े की आशंका, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी।0
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किसानों के लिए केंद्र की योजनाओं से आय बढ़ाने का दावा, कैलाश चौधरी
Alwar, Rajasthan:किसानों के लिए केंद्र सरकार की योजनाएं बनी संबल:कैलाश चौधरी , भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किसान मोर्चा अलवर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी एक दिवसीय दौरे पर अलवर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अंबेडकर नगर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित किसान मोर्चा की जिला स्तरीय कार्यशाला में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसानों की समृद्धि और आय बढ़ाने सहित नई नई तकनीकों से किसानों को आगे बढ़ाने के प्रयास में जुटी है , किसानों के लिए किसान सम्मान निधि से लेकर विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है , इस दौरान उन्होंने बताया कांग्रेस सरकार में जहां कृषि बजट करीब 22 या 23 हजार करोड़ बजट हुआ करता था आज मोदी सरकार में कृषि बजट करीब सवा लाख करोड़ रु किया गया है । किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके किसान आगे बढ़ सके इसके लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । बाइट: कैलाश चौधरी पूर्व केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में भाजपा जिला दक्षिण अध्यक्ष अशोक गुप्ता और भाजपा के उत्तर जिला अध्यक्ष महासिंह चौधरी ने कैलाश चौधरी उनका अभिनंदन किया। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और किसान मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।0
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राजगढ़ में बोरिंग मशीन हादसा: चालक की लापरवाही से हेल्पर की मौत, जांच जारी
Thana, Rajasthan:राजगढ़ में बोरिंग मशीन हादसा: चालक की लापरवाही से हेल्पर की मौत के लगे आरोप अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के पुराना राजगढ़ स्थित सेंढ इलाके में बोरिंग मशीन पर काम करते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक हेल्पर गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। थानाधिकारी राजेश मीना ने बताया , उड़ीसा के जामुंदा केंदूजर निवासी सुदम नायक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 मई 2026 की रात करीब साढ़े 12 बजे उसका चाचा चतुर्भुज नायक (पुत्र महाश्वेर नायक) बोरिंग मशीन पर हेल्पर के रूप में कार्य कर रहा था। इसी दौरान मशीन चालक की कथित लापरवाही के चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई , बुधवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप कर रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है ।0
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बीएनएस धारा 111: एक FIR से संगठित अपराध नहीं माना जाएगा, कोर्ट फैसला
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल एक एफआईआर या एक घटना के आधार पर किसी मामले को ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध साबित करने के लिए लगातार आपराधिक गतिविधि, पूर्व से सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट और एक से अधिक चार्जशीट जैसी कानूनी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। हाईकोर्ट में श्रीगंगानगर निवासी विनय सहित अन्य की ओर दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मामला पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में दर्ज साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से कई बैंक खातों, एटीएम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज मिले थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम निकालने में किया जा रहा था। जांच में रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर करने की बात भी सामने आई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एस.आर. गोदारा ने तर्क दिया कि केवल एक एफआईआर के आधार पर बीएनएस की धारा 111 नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार “निरंतर गैरकानूनी गतिविधि” साबित करने के लिए पिछले दस वर्षों में एक से अधिक चार्जशीट और उन मामलों में कोर्ट द्वारा संज्ञान लिया जाना जरूरी है। सिर्फ कई लोगों का किसी अपराध में शामिल होना ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट नहीं माना जा सकता। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक ने कहा कि साइबर अपराध अब संगठित स्वरूप ले चुके हैं और आरोपियों का नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक लाभ के लिए कार्य कर रहा था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रायल कोर्ट केवल पुलिस की चार्जशीट को यांत्रिक रूप से स्वीकार नहीं कर सकती। कोर्ट का दायित्व है कि वह यह जांचे कि आरोपित अपराध के आवश्यक कानूनी तत्व रिकॉर्ड पर मौजूद हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि हर सामूहिक अपराध को संगठित अपराध मानना कानून की मंशा के विपरीत होगा।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने निलंबन रद्द कर शिक्षक को तुरंत बहाल किया
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में निलंबित किए गए एक शिक्षक को बड़ी राहत देते हुए निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी को केवल प्रशासनिक असंतोष या मंत्री की छवि धूमिल होने के आरोप के आधार पर निलंबित नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसके लिए स्पष्ट वैधानिक अधिकार और सक्षम प्राधिकारी का आदेश मौजूद न हो। याचिकाकर्ता लालसिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता लोकेश माथुर ने बताया कि याचिकाकर्ता बांसवाड़ा जिले में शिक्षक ग्रेड-तृतीय के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 23 सितंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रारंभिक शिक्षा, बांसवाड़ा द्वारा निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि उन्होंने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर संबंधित मंत्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां कीं, जिससे विभाग और मंत्री की छवि धूमिल हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि निलंबन आदेश राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के विपरीत है। जिला शिक्षा अधिकारी न तो नियुक्ति प्राधिकारी हैं और न ही उन्हें इस प्रकार का निलंबन आदेश जारी करने का अधिकार प्राप्त है। आदेश में किसी वैधानिक प्रावधान का उल्लेख भी नहीं किया गया। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि शिक्षक की टिप्पणियां विभागीय अनुशासन के विपरीत थीं और मंत्री की सार्वजनिक छवि को प्रभावित करती थीं, इसलिए विभागीय कार्रवाई आवश्यक थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर प्रशासनिक कार्रवाई का आधार कानून होना चाहिए। केवल इस आधार पर कि किसी मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास हुआ है, प्रशासनिक अधिकारी मनमाने तरीके से निलंबन नहीं कर सकते। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जिला शिक्षा अधिकारी किसी वंश के शासक नहीं हैं बल्कि उनकी शक्तियां केवल कानून से संचालित होती हैं। हाईकोर्ट ने माना कि निलंबन आदेश में वैधानिक आधार का पूर्ण अभाव है, इसलिए यह अधिकार क्षेत्र से परे और अस्थिर है। अदालत ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए शिक्षक को तत्काल सेवा में बहाल करने तथा सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभागीय जांच लंबित है तो उसे कानून के अनुसार जारी रखा जा सकता है。0
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धौलपुर के चम्बल में ड्रोन से 24x7 निगरानी, अवैध बजरी खनन पर बड़ा अभियान
Dholpur, Rajasthan:चम्बल बजरी के अवैध खनन पर आसमान से निगरानी धौलपुर पुलिस का बड़ा अभियान, ड्रोन से होगी 24x7 निगरानी धौलपुर जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान. पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत जिले की सभी थाना और चौकी स्तर की टीमें पूरी तत्परता और सतर्कता के साथ मैदान में उतारी गई हैं. सभी टीमों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका मकसद चम्बल बजरी के अवैध खन, भंडारण और परिवहन की हर कड़ी को तोड़ना है. सरमथुरा से राजाखेड़ा तक खास फोकस. अभियान में चम्बल नदी क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है. यह इलाका अवैध खन की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है. सरमथुरा से लेकर राजाखेड़ा तक पड़ने वाले सभी प्रमुख घाटों और संभावित अवैध खन स्थलों पर विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई गई है. इन क्षेत्रों में पुलिस बल की नियमित गश्त बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही आकस्मिक निरीक्षण और औचक चेकिंग भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने का प्रयास है. आसमान से रखी जा रही पैनी नजर. अभियान को और धार देने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. चम्बल नदी क्षेत्र के प्रमुख घाटों और दुर्गम इलाकों में ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं. इनके जरिए 24 घंटे सतत निगरानी हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन सर्विलांस सिर्फ खन स्थलों तक सीमित नहीं है. इसके माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों और बजरी के अवैध परिवहन मार्गों के पर भी लगातार नजर रखी जा रही है. ताकि सूचना मिलते ही मौके पर त्वरित कार्रवाई की जा सके. दोषियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई. पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित चम्बल बजरी के अवैध खन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस मामले में किसी की लापरवाही या किसी को संरक्षण देने की बात सामने आती है तो उसे भी गंभीरता से लिया जाएगा. आमजन से मांगा सहयोग. अभियान की सफलता के लिए पुलिस ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है. अवैध खन से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है. पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।0
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हाईकोर्ट ने नागौर चोरी मामले में तांत्रिक प्रभाव हटाकर निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारी बदले
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में चोरी के एक मामले की जांच में तांत्रिक (भोपा ) की कथित भूमिका पर गंभीर टिप्पणी करते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच भोपी या तांत्रिक के संकेतों के आधार पर नहीं की जा सकती। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की बेंच ने पुलिस अधीक्षक नागौर को निर्देश दिया कि पुलिस थाना श्री बालाजी में दर्ज एफआईआर की जांच किसी अन्य थाने के सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी जाए। याचिकाकर्ता 80 वर्षीय खेमी देवी की ओर से अधिवक्ता मनोहरसिंह राठौड ने कोर्ट में याचिका दायर कर वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने की मांग की थी। याचिका में बताया गया कि 7 मार्च 2026 की रात परिवार के लोग पड़ोस में शादी समारोह में गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर के ताले तोड़कर अंदर घुस गए और सोने-चांदी के गहने तथा नकदी चोरी कर ले गए। प्रकरण की जांच हेड कांस्टेबल रतिराम को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारी ने परिवादिया से कहा कि चोरी का खुलासा नहीं हो पा रहा है, इसलिए अलवर स्थित एक भोपी के पास चलते हैं, जो चोर का पता बता देगी। इसके बाद जांच अधिकारी गांव के कुछ लोगों और परिवादिया की पुत्रवधु के पिता मोहनराम को साथ लेकर अलवर गया। वहां भोपा ने मेहनताना लेने के बाद मोहनराम को ही चोरी का आरोपी बता दिया। इसके बाद पुलिस ने उसी दिशा में जांच शुरू कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राठौड़ ने तर्क दिया कि भारतीय कानून में किसी भी अपराध की जांच का आधार भोपा या तांत्रिक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जांच केवल साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि अंधविश्वास पर। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजन ने भी स्वीकार किया कि जांच अधिकारी अलवर स्थित उस स्थान पर गया था, जहां कथित भोपा रहती है। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि जांच किसी तांत्रिक के प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने वर्तमान जांच अधिकारी को बदले और 15 दिन के भीतर नए अधिकारी को जांच सौंपने के आदेश दिए।0
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