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Vinod KandpalVinod KandpalFollow20 Aug 2024, 10:25 am

हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिला अपराधों के विरोध में रक्षाबंधन पर मौन उपवास रखा

Bithoria No1, Uttarakhand:

उत्तराखंड में बढ़ते महिला अपराधों के विरोध में हल्द्वानी में रक्षाबंधन के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौन उपवास रखा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कार्यकर्ता अम्बेडकर पार्क में उपवास पर बैठे। इस दौरान उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उपवास के बाद यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ रहे हैं और राजधानी देहरादून में भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

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बलरामपुर में गन्ने के खेत के पास रामराज यादव का शव मिला, पुलिस जांच शुरू

Balrampur, Uttar Pradesh:*बलरामपुर में लापता रामराज यादव का गन्ने के खेत के पास मिला शव, जांच में जुटी पुलिस* बलरामपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत रतनपुर में लापता रामराज यादव का शव गन्ने के खेत के पास मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रामराज यादव पुत्र तुलाराम यादव मंगलवार सुबह करीब आठ बजे शौच के लिए घर से बाहर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने देहात कोतवाली पुलिस को उनके लापता होने की सूचना दी। बुधवार सुबह ग्राम पंचायत रतनपुर के पास गन्ने के खेत के नजदीक ग्रामीणों ने रामराज यादव का शव देखा। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। घटना की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी है। फिलहाल रामराज यादव की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी。
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विकासनगर में फर्जी दस्तावेज़ से जमीनी फ्रॉड: 33 वर्षीय उदित कुमार गिरफ्तार

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनी फ्रॉड के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है... 33 वर्षीय उदित कुमार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला है... यह मामला 28 जून 2024 से शुरू हुआ जब हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले वादी अरुण कुमार ने विकासनगर निवासी गुरूबचन, मनुष, कमल सिंह, चमन कुमार सहित सहारनपुर निवासी पूरण सिंह के खिलाफ तiharieraते हुए पुलिस को बताया कि फर्जी आधार कार्ड बनाकर विकासनगर में मौजूद उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया है... मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की... जांच के दौरान मुख्तरनामे में अरुण कुमार की फर्जी फोटो को BPR & D द्वारा संचालित पोर्टल के माध्यम से सर्च कराया गया तो पता चला कि फोटो सहारनपुर निवासी उदित कुमार की है... पुलिस ने तुरंत उदित कुमार को हिरासत में लिया... पूछताछ में उदित ने बताया कि वह सुनार का काम करता था जिसके चलते उसका विकासनगर आना-जाना लगा रहता था 2022 में उसकी मुलाकात गुरु बचन सिंह उर्फ़ बब्बू सरदार से हुई... उदित ने बताया कि बब्बू सरदार ने ही उसे पैसे का लालच देकर रजिस्ट्री में अंगूठा लगवाया और दस्तखत करवाए... पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेजते हुए आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर मामले की तफतीश जारी रखते हुए अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है...
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पंजाब में कानून-व्यवस्था पर बीजेपी का विरोध प्रदर्शन

Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ। ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਵਿਗੜ ਰਹੀ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਅਤੇ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਐਂਟੀ ਡਰੱਗ ਐਕਟੀਵਿਸਟ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੇ ਕਤਲ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ (ਭਾਜਪਾ) ਦੀ ਮੁਹਾਲੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਸਿੰਘਪੁਰਾ ਚੌਂਕ ਵਿਖੇ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ पंजाब ਸర్కਾਰ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕਰਦਿਆਂ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਅਮਨ-ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ’ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕੀਤੇ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਲਗਾਤਾਰ ਗੰਭੀਰ ਹੁੰਦੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਅਸਫਲ dikhāī ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਮੁਹਾਲੀ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੰਜੀਵ ਵਿਸ਼ਿਸ਼ਟ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਆਗੂ ਸੰਜੀਵ ਖੰਨਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਜਾਨ-ਮਾਲ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਸਫਲ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅਪਰਾਧਿਕ ਘਟਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਵਾਰਦਾਤਾਂ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਡਰ ਅਤੇ ਅਸੁਰੱਖਿਆ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਉਣ ਅਤੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਦਾਅਵੇ ਕਰਨ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਹਾਲਾਤ ਵਿੱਚ ਉਮੀਦ ਮੁਤਾਬਕ ਸੁਧਾਰ ਦਿਖਾਈ ਨਹੀਂ ਦੇ ਰਿਹਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਥਾਂ-ਥਾਂ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰੀ ਪੋਸਟਰ ਲਗਾਉਣ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਦਾਅਵੇ ਕਰਨ ਨਾਲ ਹੀ ਸਮੱਸਿਆ ਦਾ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ, ਸਗੋਂ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਅਤੇ ਅਪਰਾਧਿਕ ਗਿਰੋਹਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਅਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ。 ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੇ ਕਤਲ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਵੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖਤਾ ਨਾਲ ਉਠਾਇਆ ਗਿਆ। ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣਾ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਿਵਸਥਾ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਜਿਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਠੋਸ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ。 ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ’ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਉਠਾਏ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਸੀ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਨਾ ਨਿਭਾਉਣ ਕਾਰਨ ਮਾੜੇ ਅਨਸਰਾਂ ਅਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਦੇ ਹੌਸਲੇ ਬੁਲੰਦ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਅਪਰਾਧਿਕ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ’ਤੇ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਨੱਥ ਨਾ ਪਾਈ ਗਈ ਤਾਂ ਸੂਬੇ ਦੀ ਅਮਨ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ’ਤੇ ਇਸ ਦਾ ਮਾੜਾ ਅਸਰ ਪੈ ਸਕਦਾ ਹੈ。 ਸਿੰਘਪੁਰਾ ਚੌਂਕ ਵਿਖੇ ਹੋਏ ਇਸ ਧਰਨੇ ਦੌਰਾਨ ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕਰਦਿਆਂ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਅਮਨ-ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਸੁਧਾਰਨ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੇ ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਵਿਰੁੱਧ ਰੋਸ ਪ੍ਰਗਟਾਇਆ。
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छत्तीसगढ़ में बस किरायों में बढ़ोतरी आज से लागू, यात्रियों पर बोझ बढ़ा

Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा सालाना आय में आम लोगों की आमदनी में इजाफा तो नहीं हुआ, लेकिन छत्तीसगढ़ में बसों के किराया में इजाफा देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ में परिवाहन विभाग ने किराया में बढ़ोतरी करते हुए साधारण बसों में 1.75 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से, तो वही डीलक्स बसों में दो रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से नई दरे आज रात से लागू हो गई है। एंकर -सालाना आय में आम लोगों की आमदनी में इजाफा तो नहीं हुआ, लेकिन छत्तीसगढ़ में बसों के किराया में इजाफा देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ में परिवाहन विभाग ने किराया में बढ़ोतरी करते हुए साधारण बसों में 1.75 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से, तो वही डीलक्स बसों में दो रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से नई दरे आज रात से लागू हो गई है। जी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की टीम ने ग्राउंड जीरो से अंतरराज्यीय बस स्टैंड का जायजा लिया किराया बढ़ोतरी के बाद कंडक्टर और यात्रियों में विवाद की स्थिति भी बन रही है। लेकिन यात्रियों का कहना है कि सरकार को आम जनता के बारे में सोचना चाहिए ना कि इस तरीके से किराया में बढ़ोतरी करके अतिरिक्त भार आम जनता पर डालना चाहिए। वही कंडक्टरों ने भी बताया कि आने वाले एक महीना तक यात्रियों से बहस(विवाद) की स्थिति भी देखने को मिलती रहेगी। बहरहाल छत्तीसगढ़ में बसों के किराया में बढ़ोतरी से अतिरिक्त बोझ जनता पर जरुर पड़ेगा। जिसका नतीजा आज ही से यात्रियों में कमी से पता चल रहा है। अब देखना होगा कि सरकार आम जनता के लिए क्या राहत लेकर आती है..? वन टू वन_01_सुशील कुमार बखला वन टू वन_01_सुशील कुमार बखला
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रायगंज के बाहिन जमिदारबাড়ी दुर्गोत्सव: इतिहास आज भी गांवों के दिलों में जीवित

Dinajpur, Rangpur Division:ভগ্নপ্রায় জমিদারবাড়ির ঠাকুরদালানে আজও জাগ্রত ঐতিহ্য, বাহিনের দুর্গাপুজো এখন সর্বজনীন চারশো বছরের ইতিহাস, নাগর নদীর তীরে সাবেকিয়ানা আর সম্প্রীতির মেলবন্ধন—রায়গঞ্জের বাহিন জমিদারবাড়ির পুজোয় আজও মেলে গ্রামবাংলার হারিয়ে যাওয়া দুর্গোৎসবের স্বাদ। সময়ের সঙ্গে বদলেছে সমাজ, বদলেছে মানুষের জীবনযাত্রা। কালের নিয়মে হারিয়ে গিয়েছে জমিদারি প্রথা, প্রাসাদোপম অট্টালিকায় থিতু হয়েছে ভাঙনের ক্ষত। কিন্তু ইতিহাসের সাক্ষী হয়ে আজও দাঁড়িয়ে রয়েছে উত্তর দিনাজপুরের রায়গঞ্জের বাহিন জমিদারবাড়ি। সেই ভগ্নপ্রায় অট্টালিকার ঠাকুরদালানেই প্রতিবছর শারদোৎসবে ফিরে আসেন সিংহবাহিনী দেবী। একসময়ের জমিদারদের পারিবারিক পুজো আজ পরিণত হয়েছে সর্বজনীন উৎসবে। আর সেই পুজোকে ঘিরেই জেগে রয়েছে কয়েকশো বছরের ঐতিহ্য, স্মৃতি ও গ্রামবাংলার সম্প্রীতির ছবি। উত্তর দিনাজপুরের প্রাচীন জমিদারবাড়ির পুজোগুলির মধ্যে অন্যতম এই বাহিন জমিদারবাড়ির দুর্গোৎসব। অবিভক্ত বাংলাদেশের দিনাজপুরের জমিদার রুদ্রপ্রতাপ চৌধুরীর জমিদারি বিস্তৃত ছিল বাহিন, কুমারজল, মাকড়া, মধুপুর, লহুজগ্রাম-সহ বিস্তীর্ণ এলাক। নাগর নদীর তীর ঘেঁষে বাহিনে গড়ে উঠেছিল তাঁদের বিশাল প্রাসাদোপম অট্টালিকা। স্থানীয় ইতিহাস ও প্রচলিত জনশ্রুতি অনুযায়ী, চারশো বছরেরও বেশি সময়ের ইতিহাস বুকে নিয়ে আজও কোনওরকমে দাঁড়িয়ে রয়েছে তার অবশিষ্টাংশ। চুন-সুরকির দেওয়াল, ভাঙাচোরা স্থাপত্য আর গাছপালায় ঢাকা জরাজীর্ণ প্রাসাদ যেন অতীতের এক নীরব দলিল। একসময় ছিল জমিদারদের জৌলুষ, আজ মানুষের পুজো একসময় বাহিন জমিদারবাড়ির দুর্গাপুজো ছিল আভিজাত্য ও জাঁকজমকের প্রতীক। তবে সেই পুজোয় গ্রামের সাধারণ মানুষেরob অধিকার ছিল না। প্রচলিত রীতি অনুযায়ী, ঘণ্টাধ্বনি শোনার পর প্রসাদ নিতে যাওয়াই ছিল তাঁদের কাছে পুজোর সঙ্গে যুক্ত হওয়ার অন্যতম সুযোগ। জমিদারবাড়ির মাতৃআরাধনার জৌলুষের পাশাপাশি পুজোকে কেন্দ্র করে সাত দিন ধরে বসত যাত্রাপালার আসর। সাত দিনই দুস্থ গ্রামবাসীদের জন্য দু’বেলা পাত পেড়ে প্রসাদ খাওয়ানোর ব্যবস্থাও থাকত। ধর্মীয় আচার, বিনোদন ও দানধ্যানের মধ্য দিয়ে জমিদারবাড়ির পুজো হয়ে উঠত area's অন্যতম আকর্ষণ। কিন্তু সময়ের সঙ্গে সেই ছবিতে এসেছে আমূল পরিবর্তন। জমিদার বংশের উত্তরাধিকারীরা বহু বছর আগেই প্রাসাদোপম বাড়ি ছেড়ে চলে গিয়েছে। হারিয়ে গিয়েছে আগের জাঁকজমক, বন্ধ হয়েছে সেই পুরনো আয়োজনের অনেক কিছুই। তবু হারিয়ে যায়নি পুজো। বরং বদলে গিয়েছে তার চরিত্র। যে পুজোয় একসময় সাধারণ মানুষের প্রবেশ ছিল সীমিত, আজ সেই পুজোতেই গ্রামের সর্বস্তরের মানুষের সম্মিলিত উদ্যোগে মাতৃবন্দনার আয়োজন হয়। ভগ্নপ্রায় ঠাকুরদালানেই সম্প্রীতির উৎসব জমিদাররা গ্রাম ছেড়ে গেলেও তাঁদের কুলদেবী সিংহবাহিনী আজও রয়ে গিয়েছেন বাহিনে। স্থানীয় বাসিন্দারাই চাঁদা তুলে এবং সরকারি আর্থিক সহায়তায় পুরনো ঠাকুরদালানে পুজোর আয়োজন করে চলেছেন বছরের পর বছর। জমিদারদের আমলের নিয়মনীতি ও সাবেকি রীতির ধারাকে যতটা সম্ভব অক্ষুণ্ণ রেখেই চলে আরাধনা। এখানে পুজো শুধু ধর্মীয় অনুষ্ঠান নয়, বরং গ্রামের মানুষের শিকড়ের সঙ্গে জড়িয়ে থাকার এক আবেগ। জরাজীর্ণ জমিদারবাড়িটিকে ঘিরে রয়েছে বহু স্মৃতি, বহু গল্প। স্থানীয় প্রবীণদের মুখে সেই ইতিহাস শুনলে চোখের সামনে ভেসে ওঠে অতীতের জমিদারি, পুরনো উৎসব আর হারিয়ে যাওয়া গ্রামবাংলার জীবনচিত্র। প্রজন্মের পর প্রজন্ম ধরে বয়ে চলা সেই স্মৃতিই আজও বাহিন জমিদারবাড়ির পুজোর অন্যতম সম্পদ। দশমীতে পুজোকে কেন্দ্র করে বসে মেলা। মহালয়া থেকেই দূরদূরান্তের মানুষের আনাগোনা শুরু হয়। শারদোৎসবের দিনগুলিতে ঠাকুরদালান হয়ে ওঠে মিলনক্ষেত্র। জমিদারি প্রথার বিভাজন পেরিয়ে আজ সেখানে একসঙ্গে শামিল হন গ্রামের নানা শ্রেণির মানুষ। অতীতের জমিদারবাড়ির পুজো এভাবেই নতুন অর্থে হয়ে উঠেছে সম্প্রীতির উৎসব। সপ্তমী থেকে নবমী, ঘুরে আসুন অন্যরকম পুজোয় রায়গঞ্জ শহর থেকে প্রায় আট কিলোমিটার দূরে বাহিন। ১২ নম্বর জাতীয় সড়ক থেকে দূরত্ব প্রায় সাত কিলোমিটার। গাড়ি নিয়ে যাতায়াতের জন্য রয়েছে পাকা রাস্তা। ফলে রায়গঞ্জ কিংবা আশপাশের জেলা থেকে দুর্গাপুজো দেখতে আসা মানুষের কাছে বাহিন হতে পারে এক অন্যরকম গন্তব্য。
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