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281001यमुना प्राधिकरण की कार्रवाई के विरोध में उतरे किसान, मांट विधायक के घर प्रदर्शन
Mathura, Uttar Pradesh:भाकियू भानु के नेतृत्व में किसानों ने विधायक राजेश चौधरी को सौंपा ज्ञापन
मथुरा । यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा मांट क्षेत्र के पानीगांव में अवैध निर्माणों को ढहाने और नोटिस दिए जाने की कार्रवाई ने अब तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन भानु के नेतृत्व में शुक्रवार को पानीगांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने मांट विधायक के आवास पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरेश ठेनुआ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर यशवीर सिंह राघव और जिलाध्यक्ष देवेंद्र पहलवान के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण ने उनके आवासों, दुकानों और आश्रमों पर बुलडोजर चलाया, तो स्थानीय लोग आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि पानीगांव में दर्जनों गोशालाएं, मठ और मंदिर हैं, जिनसे सैकड़ों मजदूर परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। यदि इन्हें तोड़ा गया, तो क्षेत्र के लोग पूरी तरह बेरोजगार और आवास विहीन हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इसे यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) के कार्यक्षेत्र से बाहर कर नगर निगम मथुरा-वृंदावन में सम्मिलित किया जाए। विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि वह जानता के साथ हैं और किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होने देंगे। इस मुद्दे को वह विधानसभा में भी उठाएंगे। इस मौके पर रविकांत गोयल, रामू प्रधान, कारे प्रधान, संजू प्रधान, पप्पू प्रधान, भोला प्रधान सहित अन्य मौजूद रहे।
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281001किसानों ने भरी हुंकार,भाकियू अराजनैतिक की महापंचायत,11 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा । शनिवार को गड़सौली गांव में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर के नेतृत्व में आयोजित इस पंचायत में करीब 2000 से अधिक किसान शामिल हुए। महापंचायत के दौरान क्षेत्र के किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भरी गई और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की गई।
पंचायत में किसानों ने अपनी समस्याओं को 11 बिंदुओं में सूचीबद्ध कर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) महावन को ज्ञापन सौंपा।
मथुरा जनपद में मवेशियों में फैल रहे मुंहपका और खुरपका (FMD) रोग को लेकर भारी रोष देखा गया। किसानों का आरोप है कि पशुपालन विभाग द्वारा समय पर टीकाकरण नहीं किया गया, जिससे पशु हानि हो रही है।
मुआवजा और विकास: यमुना एक्सप्रेसवे का 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, महावन तहसील में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई और 'बलदेव कट' की समस्या के समाधान की मांग की गई।
सिंचाई के लिए कम से कम 15 घंटे बिजली आपूर्ति और नहर रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग प्रमुखता से उठी।
गांवों में बंदरों का बढ़ता आतंक, बेसहारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा, और गंगाजल परियोजना के कारण टूटी सड़कों की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया।
महापंचायत की सूचना पर मौके पर पहुंचीं एसडीएम महावन कंचन को किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा। किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उल्लिखित समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर संबंधित विभागों से समन्वय कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। पंचायत में भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।
किसान नेता राजकुमार तोमर ने बताया किसानों को यमुना एक्सप्रेसवे का 64.7% अतिरिक्त मुआवजा अभी तक नहीं मिला है, जो कि उनका हक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग द्वारा समय पर टीकाकरण (Vaccination) न किए जाने के कारण पूरे मथुरा जनपद में मवेशी 'मुंहपका और खुरपका' रोग से मर रहे हैं।
तहसील स्तर पर खतौनी में अंश निर्धारण की गंभीर त्रुटियां हैं, जिससे किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
उन्होंने आलू के बीज खराब निकलने, बिजली की अपर्याप्त आपूर्ति (कम से कम 15 घंटे की मांग) और नहरों के पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया।
गंगाजल परियोजना के कारण टूटी सड़कें, गांवों में बंदरों का आतंक और बेसहारा गोवंश द्वारा फसलों की बर्बादी पर भी उन्होंने प्रशासन का ध्यान खींचा।
यदि एक सप्ताह के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसान मथुरा के लिए कूच करेंगे और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बाइट... राजकुमार तोमर , मंडल अध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक
बाइट... कंचन गुप्ता , एसडीएम महावन
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