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JAVED KHANJAVED KHANFollow11 Oct 2024, 03:34 am

वाराणसी AAP उत्तरी विधानसभा का संगठन निर्माण व आम सभा की खुली बैठक का कार्यक्रम सम्पन्न

Varanasi, Uttar Pradesh:

बैठक की अध्यक्षता रोहित मौर्या जिला सचिव /प्रभारी उत्तरी विधानसभा आप वाराणसी व संचालन प्रो. अखिलेश पाण्डेय जिला महासचिव आप वाराणसी ने किया l बैठक में गरिमामयी उपस्थिती ई. रामशंकर सिंह पटेल जिला अध्यक्ष आप वाराणसी, आर ए यादव प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ आप उत्तर प्रदेश,प्रो. अखिलेश पाण्डेय जिला महासचिव, आसिफ अहमद खान जिला मीडिया प्रभारी,एडवोकेट अब्दुल रकीब जिला उपाध्यक्ष/प्रभारी दक्षिण विधानसभा, रोहित मौर्या जिला सचिव /प्रभारी उत्तरी विधानसभा की उपस्थिति रहीl 

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बारापुल्ला फेज-3 खुला, घंटों जाम से लोग परेशान—ट्रैफिक बना नया सिरदर्द

New Delhi, Delhi:जाम दिखते हुए वाक्थ्रू, लोगो की बाइट दिल्ली में बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III के खुलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि ट्रैफिक की समस्या कम होगी, और लोगों को पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अब लोगो के एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III पर लोगो घंटे जाम से झूझना पड़ रहा है। बोटलनेक जाम की वजह है बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन 29 सितंबर को हुआ था, 10 सालों की देरी से बना ये कॉरिडोर दिल्ली एनसीआर के ट्रैफिक सुधार में गेमचेंजर साबित होने का दावा किया गया था बारापूला फेज-3 पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली को सीधे जोड़ता है, ये नया 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है, इससे मयूर विहार फेज-1 से एम्स और आईएनए तक की कुल लंबाई 9 किमी का बिना सिग्नल वाला है। लेकिन अब सभी दावे फेल साबित हो रहे है। लोगो को घंटो जाम से जूझना पड़ रहा है। गाड़ियो की रफ़्तार इस कॉरिडोर पर आकार रुक जा रही है। सबसे बड़ी समस्या बारापुल्ला फ्लाईओवर पर बना संरचनात्मक बोटलनेक है, जिस जगह कई दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक एक संकरी सड़क पर आकर मिल रहा है। जिसके चलते लोगो को जाम से जूझना पड़ रहा है। मयूर विहार फेज-1 से एक तरफ़ का कॉरिडोर तीन लेन का है जोकी आगे जाकर बोटलनेक में तब्दील होता है।
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9-10 वर्ष की बच्चियों से छेड़छाड़: बुजुर्ग हिरासत में, वीडियो वायरल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में 9 और 10 साल की दो सहेलियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। सावरी माता मंदिर में दर्शन करने गई मासूमों के साथ 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अश्लील हरकतें कीं। घटना का पता चलते ही परिजन और स्थानीय महिलाओं ने आरोपी बुजुर्ग को मौके पर ही पकड़ कर चप्पल और डंडों से जमकर पीटा। आरोप है कि वहां मौजूद नंदकिशोर सोनी ने उन्हें प्रसाद के रूप में टॉफी दी और पास बिठा लिया। इसके बाद उसने मासूमों के साथ गलत हरकतें शुरू कर दीं। आरोपी ने एक बच्ची के फ्रॉक की चेन खोलने का प्रयास भी किया, जिससे घबराकर दोनों बच्चियां घर भाग गईं और परिजनों को पूरी बात बताई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण गड़िया मोहल्ला पहुंचे, जहां आरोपी छिपा हुआ था। बच्चियों ने पहचान की, जिसके बाद वहां मौजूद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने आरोपी को चप्पलों और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। पिटाई के दौरान आरोपी रोते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने आरोपी नंदकिशोर सोनी को हिरासत में ले लिया। महिला थाने में आरोपी के खिलाफ BNS, पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हरियाणा में नर्सिंग स्टाफ ने ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में हड़ताल की घोषणा

Kaithal, Haryana:ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ, 5 से 7 अक्टूबर तक दो घंटे की हड़ताल एंकर: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग स्टाफ पर लागू की जा रही मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस पॉलिसी से होने वाली परेशानियों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इस पॉलिसी के कारण कई कर्मचारियों का तबादला उनके घर से काफी दूर हो सकता है। नर्सिंग स्टाफ में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं, जिनके ऊपर बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता और परिवार की जिम्मेदारी भी होती है। ऐसे में दूर तबादला होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पतालों में सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में काम करते हैं। कई कर्मचारी 24 घंटे स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध रहकर मरीजों की सेवा करते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान उन्हें आने-जाने और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां भी होती हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि नर्सिंग स्टाफ की परिस्थितियों को देखते हुए मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को उन पर लागू न किया जाए। विरोध के तौर पर नर्सिंग स्टाफ ने 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की। इसके बाद अब 5, 6 और 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे की हड़ताल करने का फैसला लिया गया है। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। बाइट हड़ताली स्टाफ नर्स
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हिंदूराव अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का धरना, भर्ती पूरी नहीं होने से विवाद

New Delhi, Delhi:उत्तर दिल्ली के हिंदूराव अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया है। अस्पताल में लगभग 980 बेड होने के बावजूद नर्सिंग पदों की भारी कमी है और मौजूदा स्टाफ केवल 64 नर्सों से काम चला रहा है, जिससे डबल ड्यूटी बढ़ रही है। अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि लगभग 1700 नर्सिंग पद खाली पड़े हैं लेकिन नई भर्ती नहीं हो रही है। 2013 के बाद से भर्ती नहीं होने, पुराने कर्मचारियों के Transfers और कुछ के सेवानिवृत्ति के कारण भी दबाव बढ़ रहा है। नर्सों का कहना है कि ड्यूटी पूरी हो पाने के स्थान पर वेतन समय पर नहीं मिल रहा और छुट्टी लेना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि समस्या का समाधान कई बार प्रशासन से बातचीत में भी नहीं हुआ है और अब यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और अनिश्चित कालीन हड़ताल हो सकती है। इस सबके बीच सवाल यह है कि 980 बेड वाले अस्पताल में मरीजों की देखभाल कैसे जारी रहेगी।
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फरीदाबाद अनंगपुर जंगलों में अवैध शराब बनाने की छापेमारी: 800 लीटर नकली शराब नष्ट

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद अनंगपुर के जंगलों में कथित तौर पर अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच बड़खल, सेक्टर-30 और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच बड़खल को सूचना मिली थी कि जंगल में कुछ लोग यूरिया, गुड़ और पेड़ों की छाल सहित अन्य सामानों का इस्तेमाल कर नकली शराब तैयार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और बताए गए स्थान पर पहुंच गई। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। टीम ने मौके से करीब 800 लीटर तैयार नकली शराब को नष्ट किया। इसके साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान और अन्य सामग्री भी जब्त कर ली गई। काररवाई के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और बरामद सामान को कब्जे में लिया। फरार आरोपियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई से जंगल में चल रहे कथित अवैध शराब के कारोबार का खुलासा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी。
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गया जिले के जमुआरा तालाब में महिला डूबकर मौत, पुलिस जांच में जुटी

Gaya, Bihar:तालाब में डूबने से महिला की मौत, स्थानीय ग्रामीणों के सहायता से निकाला गया शव, मामले की जांच में जुटी गया पुलिस。 गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के रौशनगंज थाना क्षेत्र के जमुआरा गांव में बने तालाब में एक महिला की डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान बाँके बाजार थाना क्षेत्र के कुंडली गांव निवासी सरayuprasadh की पत्नी यशोदा देवी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही रौशनगंज थानाध्यक्ष अन्नू राजा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से महिला के शव को तालाब से बाहर निकाला गया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि यशोदा देवी जमुआरा गांव में अपने किसी रिश्तेदार के घर आई हुई थीं। परिजनों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी दौरान वह घर से बाहर निकलीं और तालाब में गिर गईं। महिला तालाब में कैसे गिरीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की तालाब में गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। घटना हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। रौशनगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के लोगों और महिला के परिजनों से जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है。
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गिरिडीह उपचुनाव: भाजपा-झामुमो के दावों से सियासी जंग तेज

Ranchi, Jharkhand:गिरिडीह उपचुनाव को लेकर भले ही अब तक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है पर तैयारियों और दावों का दौर जारी है। झामुमो ने साफ किया वो सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा का है और रहेगा तो वहीं बीजेपी उसे अपनी परम्परागत सीट बता कर जीत के दावे कर रहा। वहीं चर्चा ये भी होने लगी है कि झामुमो किस फार्मूले के तहत उपचुनाव लड़ेगा। गिरिडीह उपचुनाव की इन दिनों सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। इस उपचुनाव को लेकर झामुमो महासचिव विनोद पांडे ने कहा, गिरिडीह में उपचुनाव होना है और सभी दलों को चुनाव लड़ने का अधिकार है, स्वाभाविक है सभी पार्टियां अपनी सक्रियता दिखाएगी पर वो सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा का है , झारखंड मुक्ति मोर्चा का रहेगा और वहां झामुमो की विजय सुनिश्चित है। झामुमो और गठबन्धन किस फार्मूले के साथ जाएगा इसके लिए थोड़ा इंतजार करने को कहते हुए कहा, बहुत जल्द सब कुछ साफ होगा। सवाल नए और पुराने फार्मूले का नहीं है, पार्टी का निर्णय होने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। जबकि कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने गिरिडीह उपचुनाव को लेकर स्पष्ट किया सभी पार्टियों को चुनाव लड़ने का अधिकार है।संगठन को मजबूत करने का अधिकार है,पर गिरिडीह विधानसभा वाली सीट गठबंधन की रही है। झामुमो का सीट है, वहां से दो बार स्व. मंत्री सुदिव्य सोनू चुनाव जीते हैं , और झामुमो वहां से जिसको भी प्रत्याशी बनाएगा गठबंधन पूरी ताकत के साथ, मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा। कदम से कदम मिला कर इस सीट को निकालने का काम करेगें। उपचुनाव को लेकर तैयारी चल रही है। वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीन दयाल वर्णवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा , झामुमो को हसीन सपने देखने की आदत सी पड़ गई है।बीजेपी की परंपरागत सीट रही है गिरिडीह अब गिरिडीह की जनता तय करेगी कि काबिल आदमी को विधायक बनाएं या किसी परिवार को लोगों को विधायक बनाएं। गिरिडीह की जनता ने इस बार तय कर लिया है, कि वहां बीजेपी के कमल खिलेगा और जिस तरह से गिरिडीह का विकास ठप्प हुआ है वहां के मतदाता बीजेपी के पक्ष में वोट करेगा और बीजेपी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित होगा।
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धनबाद के सरायढेला में टावर जनरेटर आग लगने से अफरा-तफरी, लोग बचाव में जुटे

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र श्रीराम अपार्टमेंट के पाँचवी मंजिल छत में लगी टावर जनरेटर में आचनक आग लग गई।जनरेटर में आग लगने पर धुंआ छत से नीचे आने लगी।जिससे अफरा तफरी मच गया।धुंआ को देख अपार्टमेंट के लोग पाँचवी मंजिल छत पर पहुँचे। आग को देख सभी घबरा गए।अपार्टमेंट के गार्ड और अन्य लोग फायर सेफ्टी सिलिंडर से आग को बुझाने लगे।लोगो की सूझबूझ से आग पर किसी तरह से काबू पाया जा सका।आग पर काबू पाने पर सभी राहत की सांस लिए।एक बड़ी घटना लोगो के सूझबूझ के कारण टल गई। आग पर समय रहते काबू नही होने पर पूरे अपार्टमेंट में आग फैल सकती थी।
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बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर पर घंटों ट्रैफिक जाम, बॉटलनेक बना संरचना

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III के खुलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि ट्रैफिक की समस्या कम होगी, और लोगों को पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अब लोगों के एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III पर लोगों घंटे जाम से झूझना पड़ रहा है। बोटलनेक जाम की वजह है_barapulaफा_structural bottleneck. बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन 29 सितंबर को हुआ था, 10 सालों की देरी से बना ये कॉरिडोर दिल्ली एनसीआर के ट्रैफिक सुधार में गेमचेंजर साबित होने का दावा किया गया था। बारापुल्ला फेज-3 पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली को सीधे जोड़ता है, ये नया 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है, इससे मयूर विहार फेज-1 से एम्स और INA तक की कुल लंबाई 9 किमी का बिना सिग्नल वाला है। लेकिन अब सभी दावे फेल साबित हो रहे है। लोगो को घंटो जाम से जूझना पड़ रहा है। गाड़ियो की रफ्तार इस कॉरिडोर पर आकार रुक जा रही है। सबसे बड़ी समस्या बारापुल्ला फ्लाईओवर पर बना संरचनात्मक बॉटलनेक है, जिस जगह कई दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक एक संकरी सड़क पर आकर मिल रहा है। जिसके चलते लोग जाम से जूझना पड़ रहा है। मयूर विहार फेज-1 से एक तरफ़ का कॉरिडोर तीन लेन का है जोकी आगे जाकर बोटलनेक में तब्दील होता है।
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कटिहार मंडल के सात स्टेशनों पर पार्सल केज से सुरक्षित और आसान पार्सल सेवाएं

Katihar, Bihar:कटिहार मंडल के सात स्टेशनों पर बनेगा पार्सल केज किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, हल्दीबाड़ी, मालदा कोर्ट, बालुरघाट और कटिहार में भी यह सुविधाएँ मुहैया करने की योजना न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार, मालदा कोर्ट और बालुरघाट में पार्सल केज लगाने का कार्य चालू पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की विशेष पहल, पार्सल केज की पहल से कंसाइनमेंट के खोने, खराब होने या चोरी होने का खतरा कम होने की उम्मीद रेलवे की इस व्यवस्था से पार्सल सेवाओं में ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा और यात्रियों को ज़्यादा विश्वसनीय और सुविधाजनक अनुभव हासिल होगा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने स्टेशनों और टर्मिनलों पर पार्सल हैंडलिंग को ज़्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक पार्सल केज बनाने का काम शुरू किया है, जिससे यात्रियों और उपभोक्ताओं को सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसी उद्देश्य को देखते हुए किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, हल्दीबाड़ी, मालदा कोर्ट, बालुरघाट और कटिहार में ये सुविधाएँ मुहैया कराने की योजना बनाई गई है। न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार, मालदा कोर्ट और बालुरघाट में इसे लगाने का कार्य चल रहा है। शेष तीन स्टेशनों पर शीघ्र कार्य शुरू होगा। पार्सल और सामानों के लिए निर्दिष्ट स्टोरेज की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई जा रही ये व्यवस्थाएँ स्टेशनों पर सामान की आवाजाही में ज़्यादा बेहतर व्यवस्था, सुरक्षा और कुशलता लाएंगी। खास तौर पर निर्माणाधीन ये सुविधाएँ पार्सल और सामानों को कुछ समय के लिए रखने की जगह देंगी, जिससे कंसाइनमेंट को हैंडलिंग या डिस्पैच होने तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। यह परियोजना पूर्ण होने पर, पार्सल केज पार्सल और सामानों को कुछ समय के लिए रखने और हैंडलिंग के लिए साफ़ तौर पर तय जगहें बनाएंगे, जिससे रेल कर्मचारियों को इन अहम स्टेशनों पर कंसाइनमेंट को ज़्यादा सटीकता से हैंडलिंग में मदद मिलेगी। बेहतर व्यवस्थाओं से स्टेशन की जगह का बेहतर उपयोग हो सकेगा और पार्सल का काम-काज भी सुचारू हो पाएगा। पार्सल हैंडलिंग की सुरक्षा और व्यवस्था को मज़बूत करके, इस पहल से कंसाइनमेंट के खोने, खराब होने या चोरी होने का खतरा कम होने की उम्मीद है। इस व्यवस्था से रेलवे की पार्सल सेवाओं में ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा और यात्रियों को ज़्यादा विश्वसनीय और सुविधाजनक अनुभव हासिल होगा।
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