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JAVED KHANJAVED KHANFollow24 Nov 2024, 06:44 am

नमामि गंगे घाट पर फैलाई स्वच्छता के लिए जागृत -भाजपा की प्रचंड जीत पर उतारी गयी मां गंगा की आरती

Varanasi, Uttar Pradesh:नमामि गंगे ने स्वच्छता की अलख जगाई। वहीं विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत को लेकर मां गंगा की आरती उतारी । गंगा आरती एवं स्वच्छता जागरूकता के दौरान स्थानीय नागरिकों के साथ ही वियतनाम से पधारे पर्यटक भी शामिल रहे । राष्ट्रध्वज तिरंगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए मां गंगा से आशीर्वाद मांगा । नारी शक्ति का नेतृत्व कर रहीं मां गंगा की आरती उतार कर सदस्यों ने पीएम मोदी के आवाह्न 'नारी शक्ति वंदन' का
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बेगूसराय में 54वां स्थापना दिवस: प्रभात फेरी से साइकिल रैली तक उत्साह का जमावड़ा

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय आज अपना 54वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मना रहा है। जिला स्थापना दिवस के मौके पर जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में पूरे दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी स्टेडियम से प्रभात फेरी और साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसे डीएम रिची पांडे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान डीएम रिची पांडे, एसपी मनीष समेत कई पदाधिकारी और स्कूली बच्चों ने साइकिल चलाकर स्थापना दिवस का जश्न मनाया।बेगूसराय के गांधी स्टेडियम की हैं, जहां 54वें जिला स्थापना दिवस के मौके पर सुबह से ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस लाइन से गांधी स्टेडियम तक 'Walk for Begusarai' यानी प्रभात फेरी से हुई।इसके बाद गांधी स्टेडियम से कचहरी चौक, अंबेडकर चौक और ट्रैफिक चौक होते हुए विशाल साइकिल यात्रा निकाली गई। डीएम रिची पांडे और एसपी मनीष समेत जिले के कई पदाधिकारी और बच्चों ने साइकिल चलाकर लोगों को स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता का संदेश दिया।औद्योगिक और सांस्कृतिक प्रगति के प्रतीक बेगूसराय जिले की स्थापना के 54 वर्ष पूरे होने पर जिला प्रशासन की ओर से खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला आयोजित की गई है। सुबह स्वर्ण जयंती पुस्तकालय में भजन-कीर्तन के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद पावर हाउस रोड स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।वहीं, सदर अस्पताल सहित सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। कंकौल स्थित प्रेक्षागृह में चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता होगी। बीपी हाई स्कूल परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम के साथ स्थापना दिवस विशेष फ्रेंडली क्रिकेट मैच भी आयोजित किया जाएगा।स्थापना दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण शाम 5:30 बजे से दिनकर कला भवन में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम-सह-सम्मान समारोह होगा। इसमें इंडियन आइडल की फाइनलिस्ट और सुर संग्राम एवं भारत के अमृत कलश फेम गायिका सौम्या मिश्रा अपनी प्रस्तुति देंगी। उनके साथ जिले के स्थानीय कलाकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।डीएम रिची पांडे ने कहा कि आज बेगूसराय 54 वर्ष का हो गया है और स्थापना दिवस को लेकर जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेगूसराय का इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर गौरवमयी रही है। यह वीर और विद्वान सपूतों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय समेकित विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए सर्वोच्च शिखर पर पहुंचे, यही जिला प्रशासन की आकांक्षा है।कुल मिलाकर, बेगूसराय के 54वें स्थापना दिवस पर सुबह से ही जिले में उत्साह और उमंग का माहौल है। प्रभात फेरी और साइकिल रैली से लेकर रक्तदान, पौधारोपण, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जिले का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है。 बाइट – रिची पांडे, डीएम, बेगूसराय
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बिहार में उमस भरी गर्मी जारी, आज तापमान 34°C के आस-पास रहने की संभावना

Patna, Bihar:बिहार में मौसम इन दिनों सामान्य बना हुआ है. सुबह और दोपहर के वक्त कड़ी धूप खिलने की वजह से लोगों को उमस वाली गर्मी झेलनी पड़ रही है अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही राज्य में बारिश की गतिविधियां थम गई हैं मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है राजधानी पटना समेत बिहार के ज्यादातर हिस्सों में आज सुबह से तेज निकला रहेगा, जिससे दिनभर भीषण उमस और गर्मी लोगों को परेशान करेगा इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. न्यूनतम तापमान उत्तर-पूर्व बिहार में 24 से 26 डिग्री और बाकी अधिकांश इलाकों में 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है
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पटना के अटल पथ की फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट पांच साल बाद भी नहीं चले

Patna, Bihar:राजधानी पटना को स्मार्ट और ट्रैफिक फ्री बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कभी आधुनिक शहर की पहचान के तौर पर पेश किया गया पटना-दीघा रेलवे लाइन का सिक्स लेन हाइटेक रोड आज सवालों के घेरे में है। करोड़ों की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट में जहां एक ओर चौड़ी सड़कें बनाई गईं, वहीं दूसरी ओर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए अटल पथ पर फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट भी लगाए गए। लेकिन पाँच साल बीत जाने के बाद भी ये लिफ्ट एक दिन भी चालू नहीं हुईं। यह लिफ्ट इसलिए लगाया गया था ताकि बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से सड़क पार कर सकें, लेकिन हालत क्या है आप खुद देख लीजिए। इसके चलाने के लिए जनरेटर भी रखा गया था लेकिन उसके कल पुर्जे चोरी कर नशेड़ियों ने ले गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है करोड़ों की लागत से बना लेकिन इसका कोई उपयोग नहीं है और सरकार के पैसों का बंदर बंद किया गया है।
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99मेगा मार्ट में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जला

ASAmit SinghFollow2m ago
Deoria, Uttar Pradesh:रुद्रपुर कस्बे के तहसील रोड स्थित दीपक 99 मेगा मार्ट में गुरुवार देर रात अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुकान में रखा अधिकांश सामान आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गया। इसके अलावा जनरेटर और इनवर्टर भी जल गए। जब तक दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, तब तक दुकान का काफी सामान नष्ट हो चुका था। दुकानदार के अनुसार आग से करीब छह से सात लाख रुपये के सामान के नुकसान का अनुमान है। बताया गया कि दीपक जायसवाल मेगा मार्ट के नाम से दुकान का संचालन करते हैं। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
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झमाझम बारिश से कबीरधाम के बांध लबालब, सरोदा बांध रिकॉर्ड जलभराव

Kawardha, Chhattisgarh:झमाझम बारिश से आफत के बीच राहत: कबीरधाम के बांध हुए लबालब, सरोदा बांध में रिकॉर्ड जलभराव कबीरधाम। जिले में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया और बारिश का कहर भी देखने को मिला, लेकिन यही बारिश कबीरधाम जिले के जलाशयों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। लगातार बारिश के चलते जिले के सभी पांच प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थिति बेहतर हुई है और विभाग के अनुसार अधिकांश जलाशयों में करीब 100 प्रतिशत तक पानी भर चुका है! इनमें सरोदा बांध के लिए यह बारिश विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हुई है। बारिश से पहले सरोदा बांध में करीब 71 प्रतिशत जलभराव था, लेकिन पिछले दो दिनों की तेज बारिश के बाद बांध में पानी लबालब हो गया और जलभराव निर्धारित क्षमता के पार पहुंचने की स्थिति में है। बताया जा रहा है कि हालिया जलभराव पिछले कई वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड है। जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचने से सिंचाई विभाग भी राहत महसूस कर रहा है। बांधों में अच्छी मात्रा में पानी जमा होने से आने वाले समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है। इससे रबी सहित अन्य फसलों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर रहने और गर्मी के मौसम में जलाशयों के सूखने की आशंका कम होने की संभावना है। यानी पिछले दो दिनों की बारिश ने जहां जिले के कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर जलाशयों को भरकर किसानों और कवर्धा शहर के लिए पानी की बड़ी चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है। प्रकृति की इस बारिश ने एक तरफ आफत दिखाई, तो दूसरी तरफ आने वाले महीनों के लिए पानी के रूप में बड़ी राहत भी दे दी है।
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झमाझम बारिश से कबीरधाम बांध लबालब, किसानों के लिए पानी की बड़ी राहत

Kawardha, Chhattisgarh:झमाझम बारिश से आफत के बीच राहत: कबीरधाम के बांध हुए लबालब, सरोदा बांध में रिकॉर्ड जलभराव कबीरधाम। जिले में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया और बारिश का कहर भी देखने को मिला, लेकिन यही बारिश कबीरधाम जिले के जलाशयों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। लगातार बारिश के चलते जिले के सभी पांच प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थिति बेहतर हुई है और विभाग के अनुसार अधिकांश जलाशयों में करीब 100 प्रतिशत तक पानी भर चुका है। इनमें सरोदा बांध के लिए यह बारिश विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हुई है। बारिश से पहले सरोदा बांध में करीब 71 प्रतिशत जलभराव था, लेकिन पिछले दो दिनों की तेज बारिश के बाद बांध में पानी लबालब हो गया और जलभराव निर्धारित क्षमता के पार पहुंचने की स्थिति में है। बताया जा रहा है कि हालिया जलभराव पिछले कई वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड है। जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचने से सिंचाई विभाग भी राहत महसूस कर रहा है। बांधों में अच्छी मात्रा में पानी जमा होने से आने वाले समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है। इससे रबी सहित अन्य फसलों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर रहने और गर्मी के मौसम में जलाशयों के सूखने की आशंका कम होने की संभावना है। वहीं कवर्धा शहर के लिए सरोदा बांध का भरना विशेष राहत की खबर है। शहर में नगर पालिका के माध्यम से घर-घर पहुंचने वाले नल कनेक्शनों के जरिए सरोदा बांध के पानी का उपयोग पेयजल और निस्तार के लिए किया जाता है। ऐसे में बांध में पर्याप्त पानी जमा होना शहर की आगामी पेयजल जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यानी पिछले दो दिनों की बारिश ने जहां जिले के कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर जलाशयों को भरकर किसानों और कवर्धा शहर के लिए पानी की बड़ी चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है। प्रकृति की इस बारिश ने एक तरफ आफत दिखाई, तो दूसरी तरफ आने वाले महीनों के लिए पानी के रूप में बड़ी राहत भी दे दी है।
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ज्ञानपुर के महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में प्रसव के वीडियो पर कड़ी कार्रवाई

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:एंकर–भदोही के ज्ञानपुर महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में गर्भवती महिला के अस्पताल के बाहर प्रसव के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कराई गई प्राथमिक जांच में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आने के बाद ईएमओ को बर्खास्त कर दिया गया है। तत्कालीन स्टाफ नर्स को निलंबित किया गया है, जबकि ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। वहीं, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। मामला ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय का है, जहां 29 सितंबर की शाम एक गर्भवती महिला के अस्पताल के बाहर प्रसव का वीडियो वायरल हुआ था। प्रशासन के मुताबिक, करीब 20 वर्षीय गर्भवती रानी का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम पाया गया था। इसके चलते उन्हें पहले मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था,29 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे परिजन प्रसव के लिए महिला को दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल स्टाफ की ओर से महिला की स्थिति को देखते हुए उन्हें फिर उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया,इसी दौरान परिजन वाहन की प्रतीक्षा किए बिना महिला को लेकर अस्पताल परिसर से बाहर जाने लगे। अस्पताल के मुख्य गेट के पास ही महिला का प्रसव शुरू हो गया,वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल जांच समिति गठित कर प्राथमिक जांच कराई,जांच में दोषी पाए गए चिकित्साधिकारी यानी ईएमओ को बर्खास्त कर दिया गया है। उस समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स को निलंबित किया गया है, जबकि ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है,इसके अलावा लापरवाही के लिए आरोपित वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगीवहीं, जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर प्रसूता और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों स्वस्थ बताए गए हैं और चिकित्सकीय निगराणी में हैं,जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल आने वाले मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को उनकी स्थिति के अनुसार समयबद्ध और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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CM के दौरे से पहले धूपगुड़ी में दबिश: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर पकड़ी गई

Jalpaiguri, West Bengal:মুখ্যমন্ত্রীর সফরকে ঘিরে কড়া নিরাপত্তার মধ্যেই জলপাইগুড়ি জেলার ধূপগুড়ি পুরসভার ৩ নম্বর ওয়ার্ডের বাজার সংলগ্ন এলাকায় রুটিন টহলদারি চলাকালীন একটি যুবক সন্দেহজনকভাবে ঘোরাফেরা করলে পুলিশ তাকে আটক করে তল্লাশি চালায়। তল্লাশায় যুবকের কাছ থেকে বিপুল পরিমাণ ব্রাউন সুগার উদ্ধার হয় বলে পুলিশ সূত্রে খবর। মুখ্যমন্ত্রীর আসন্ন সফর উপলক্ষে ধূপগুড়ি শহর ও সংলগ্ন এলাকায় নজরদারি ও নাকা চেকিং শুরু হয়েছিল; এ নজরদারির মধ্যেই এই মাদক উদ্ধার ঘটেছে। ধূপগুড়ি মহকুমার ডিএমডিসি সাব্বির মোল্লা ও ধূপগুড়ি থানার পুলিশ উপস্থিতিতে উদ্ধার মাদক সিল করে এবং অভিযুক্ত যুবককে গ্রেফতার করা হয়েছে। মাদক কোথা থেকে আনা হয়েছিল,背রে কোনো বড় মাদক পাচার চক্র রয়েছে কিনা ও আরো কেউ জড়িত আছে কিনা তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে।
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Bengal में मानसून विदाई के बीच आज हल्की बारिश के आसार

Kolkata, West Bengal:১) রাজ্যে বর্ষা বিদায় আসন্ন। দিন দশেকের মধ্যে পশ্চিমবঙ্গ থেকে মৌসুমী বায়ুর আনুষ্ঠানিক বিদায় বার্তা দিতে পারে মৌসম ভবন। তার আগে বাতাসে থেকে যাওয়া জলীয় বাষ্পের জেরে আজ গান্ধী জয়ন্তী শুক্রবার কয়েক জেলায় বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা।আগামী মঙ্গলবার পর্যন্ত ভারী বৃষ্টির কোনো সম্ভাবনা নেই। কলকাতা ও সংলগ্ন এলাকায় আর্দ্রতাজনিত অস্বস্তি কিছুটা বাড়বে। ২) উত্তরবঙ্গে দার্জিলিং সহ ওপরের দিকের পাঁচ জেলায় হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা। শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত এই বৃষ্টির সম্ভাবনা বেশি থাকবে। আপাতত ভারী বৃষ্টির সম্ভাবনা নেই। ৩) বাংলাদেশের নিম্নচাপ দক্ষিণ-পূর্ব বাংলাদেশ এবং সংলগ্ন নাগাল্যান্ড মিজোরাম এলাকায় অবস্থান করছে। ক্রমশ শক্তি হারিয়ে এটি সাধারণ নিম্নচাপে পরিণত হবে। ৪) দেশে বর্ষা বিদায় রেখা ক্রমশ এগোচ্ছে। আগামী দু-তিন দিনে ঝাড়খন্ড বিহার থেকেও বর্ষা বিদায় পর্ব শুরু হবে। পরবর্তী ৭ থেকে ৮ দিনে বাংলায় বর্ষার বিদায় ঘণ্টা বাজতে চলেছে। ৫) দক্ষিণবঙ্গে আজ শুক্রবার হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা। উত্তর ও দক্ষিণ চব্বিশ পরগনা পূর্ব ও পশ্চিম মেদিনীপুর এবং নদিয়া ও মুর্শিদাবাদে বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকবে। এই বৃষ্টি খুব অল্প সময়ের জন্য। বৃষ্টির সম্ভাব্য পরিমাণ হালকা থেকে মাঝারি। বৃষ্টির চরিত্র আঞ্চলিক। ৬) কাল শনিবার থেকে মঙ্গলবার পর্যন্ত বৃষ্টির সম্ভাবনা কার্যত কম। কোন জেলার দু'এক জায়গায় হালকা বৃষ্টির খুব সামান্য সম্ভাবনা। তবে বাড়বে জলীয় বাষ্প জনিত অস্বস্তি। তাপমাত্রার বড়সড়ো পরিবর্তন নেই। ৭) উত্তরবঙ্গে আজ শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত ওপরের দিকের পাঁচ জেলায় বিক্ষিপ্তভাবে বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকবে। সোমবার থেকে বৃষ্টির সম্ভাবনা এবং পরিমাণ কমবে উত্তরবঙ্গে। ৮) কলকাতায় আজ শুক্রবার হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা থাকবে। বজ্রবিদ্যুৎ সহ দু-এক পশলা হালকা বৃষ্টি হতে পারে এই দুদিনে। ভারী বৃষ্টির কোনো সম্ভাবনা নেই। কাল শনিবার থেকে পরবর্তী ৬ দিন কলকাতায় বৃষ্টির সম্ভাবনাও ক্রমশ কমবে। বাতাসে জলীয়বাষ্পের পরিমাণ বেশি থাকবে। সেই কারণে আর্দ্রতাজনিত অস্বস্তি বাড়তে পারে। ৯) কলকাতায় সেপ্টেম্বরের বৃষ্টি ১২৬ বছরের রেকর্ড স্পর্শ করেছে। কলকাতায়Secs সেপ্টেম্বরে ৫৫৭.৪ মিলিমিটার বৃষ্টি হয়েছে। ১৯০০ সাল থেকে ২০২৬ সাল পর্যন্ত সেপ্টেম্বর মাসের নিরিখে এল নিনোর চোখরাঙানি অগ্রাহ্য করে রেকর্ড বৃষ্টি হয়েছে। ১৯০০ সালের Septেমব্যরে কলকাতায় ১১৫৭ মিলিমিটার বৃষ্টি হয়েছিল। ১৯৭৮ সালে বন্যার বছরে বৃষ্টি হয়েছিল ৮৯২ মিলিমিটার। ২০২১ সালের সেপ্টেম্বরে বৃষ্টি হয়েছিল ৬১৩.৮ মিলিমিটার। তারপরেই তালিকায় উঠে এল ২০২৬ সালের সেপ্টেম্বর মাস।
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लखनऊ के नाका में समलैंगिक विरोध पर 17 वर्षीय ने मां की हत्या कर दी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के नाका इलाके में समलैंगिक संबंधों का विरोध करने पर 17 वर्षीय किशोर ने गुरुवार रात 42 वर्षीय मां गीता भागचंदानी की हत्या कर दी उसने लोहे के रिंच से मां के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किया पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक नाबालिक 12वीं का छात्र है पिता की चारबाग में कपड़े की दुकान है गुरुवार रात 9:00 बजे पिता दुकान पर थे इस बीच नाबालिक घर पहुंचा मां से उसका विवाद हो गया नाबालिग ने लोहे का रिंच उठाकर मां के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए कुछ ही देर में पिता और पुलिस भी आ गई पुलिस कर्मियों ने नाबालिक को पकड़ लिया वही उसकी मां को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें अमृत घोषित कर दिया पुलिस के मुताबिक नाबालिक के पास से वारदात में प्रयुक्त रिंच भी बरामद कर लिया गया है पूछ ताछ में पता चला की नाबालिक समलैंगिक है वह लड़कों के करीब रहता था माता-पिता नाराज रहते थे और इसका विरोध करते थे विरोध के कारण ही उसने मां की हत्या कर दी।
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संभल में अवैध पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी मिलावट पर भारी हंगामा

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । अवैध पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी की भारी मिलावट पर हंगामा । किसान के ट्रैक्टर में डाले गये 35 लीटर डीजल में निकला 25 लीटर पानी । डीजल में पानी की मिलावट से ट्रैक्टर कुछ ही दूरी पर बंद होने पर किसान ने ग्रामीणों के साथ पेट्रोल पंप पर पहुंचकर हंगामा काटा । पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने कैमरे के सामने कबूल की डीजल में पानी की मिलावट । डीजल में पानी की मिलावट की शिकायत पर पहुंची पूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप सील कर कार्यवाही शुरू की । जुनावई थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव का मामला । बाइट भूपेंद्र सेल्समैन बाइट ओमपाल पीड़ित किसान बাইট धर्मेंद्र ग्रामीण
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गोरखपुर AIIMS में नवजात की ऑक्सीजन सपोर्ट पर सवाल, वीडियो की जांच आवश्यक

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। Date: 02-10-2026 लोकेशन: गोरखपुर SLUG: एम्स गोरखपुर में नवजात शिशु के इलाज में लापरवाही की वीडियो वायरल。 ANCHOR: गोरखपुर के AIIMS से सामने आए एक वायरल वीडियो ने अस्पताल में नवजात बच्चों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं... इस वीडियो में एक नवजात Shishu को अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर भीषण गर्मी में ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रखा हुआ दिखाई दे रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा मौजूद नजर आ रही है। आरोप है कि गंभीर हालत में AIIMS लाए गए नवजात को भर्ती करने के बजाय बाहर ही रखकर उपचार किया गया। हालांकि AIIMS प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी,उसे भर्ती कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे। AIIMS का कहना है कि इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। लेकिन सवाल यही है कि अगर नवजात की हालत इतनी गंभीर थी तो उसे अस्पताल की सुरक्षित और नियंत्रित मेडिकल सुविधा में रखकर इलाज क्यों नहीं किया गया? देखिए पूरी रिपोर्ट... ये तस्वीरें गोरखपुर के AIIMS की हैं... एक तरफ अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का दावा... और दूसरी तरफ वायरल हो रहा ये वीडियो, जिसमें एक नवजात शिशु अस्पताल परिसर के बाहर दिखाई दे रहा है। वीडियो में बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गंभीर हालत में AIIMS पहुंचे नवजात को बाहर क्यों रखा गया? सबसे बड़ा सवाल नवजात की सुरक्षा को लेकर है। नवजात शिशु सामान्य मरीजों की तुलना में तापमान में बदलाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। AIIMS गोरखपुर की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अस्पताल में नवजातों के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और गंभीर बच्चों के लिए केंद्रीय इमरजेंसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। ऐसे में सवाल है—अगर बच्चा गंभीर हालत में था...अगर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी...तो क्या उसे खुले परिसर में रखने के बजाय निर्धारित मेडिकल एरिया में मॉनिटरिंग की जानी चाहिए थी? और अगर बाहर उपचार की स्थिति बनी थी, तो इसकी वजह क्या थी? वायरल वीडियो को लेकर दूसरा सवाल इलाज करने वाले व्यक्ति की भूमिका को लेकर है। वीडियो में MBBS इंटर्न छात्रा बच्चे के पास दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि गंभीर नवजात की देखभाल के दौरान इंटर्न की भूमिका क्या थी? क्या मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे? क्या बच्चे की निगरानी किसी पीडियाट्रिशियन या नियोनेटोलॉजी टीम द्वारा की जा रही थी? और क्या बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देने की पूरी प्रक्रिया अस्पताल के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब AIIMS प्रशासन से अपेक्षित है。 BYTE — मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता कार्यकारी निदेशक, AIIMS गोरखपुर。 वहीं इस मामले को लेकर AIIMS की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि नवजात की मेडिकल कंडीशन बेहद खराब थी। उनके मुताबिक बच्चे में मल्टीपल सिंड्रोमिक जैसी गंभीर समस्या थी और अस्पताल की तरफ से उसे भर्ती कराने के लिए कहा गया था। लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे。 इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। AIIMS प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का है और इसे अस्पताल में भर्ती न करने या इलाज से पल्ला झाड़ने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए。 लेकिन अब इस पूरे मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब रिकॉर्ड के आधार पर सामने आना जरूरी है。 VO: पहला सवाल— क्या नवजात का मेडिकल परीक्षण और प्रारंभिक आकलन किया गया था? दूसरा सवाल— अगर बच्चे की हालत गंभीर थी तो क्या उसे तत्काल NICU, MNICU या किसी उपयुक्त आपातकालीन चिकित्सा सुविधा में रखने की पेशकश की गई? तीसरा सवाल— क्या बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने के दौरान वरिष्ठ डॉक्टर की निगरानी थी? चौथा सवाल— क्या बच्चे के बाहर रहने का समय और उस दौरान दी गई चिकित्सा सहायता मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज है? और सबसे अहम सवाल— क्या अस्पताल ने परिजनों को भर्ती और इलाज के विकल्प के बारे में पर्याप्त जानकारी दी थी? गोरखपुर AIIMS से सामने आया ये वीडियो कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है। एक तरफ अस्पताल के पास नवजातों के इलाज के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, तो दूसरी तरफ एक गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की तस्वीर सामने आई है। AIIMS प्रशासन इसे वाहन का इंतजार करने के दौरान दी गई मेडिकल सहायता बता रहा है, जबकि वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों का पूरी तरह समाधान मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के बाद ही हो सकेगा। अब जरूरत इस बात की है कि अस्पताल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन स्पष्ट करे और बताए कि बच्चे के AIIMS पहुंचने से लेकर अस्पताल से बाहर जाने तक क्या-क्या मेडिकल प्रक्रिया अपनाई गई। फिलहाल वायरल वीडियो ने AIIMS गोरखपुर की नवजात चिकित्सा व्यवस्था और मरीज सुरक्षा को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। सवाल सिर्फ इस वीडियो का नहीं है... सवाल ये है कि गंभीर हालत में AIIMS पहुंचने वाले हर नवजात को सुरक्षित, नियंत्रित और निर्धारित चिकित्सा व्यवस्था के तहत इलाज कैसे मिले? क्योंकि एक नवजात के मामले में कुछ मिनट भी बेहद अहम हो सकते हैं, अब देखना होगा कि AIIMS प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराता है या नहीं और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर मेडिकल रिकॉर्ड से क्या तस्वीर सामने आती है। डिस्क्लेमर: जी मीडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है。 क्या गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप था? क्या उस समय वरिष्ठ पीडियाट्रिशियन/नियोनेटोलॉजिस्ट मौके पर मौजूद थे? MBBS इंटर्न छात्रा की भूमिका क्या थी और उसकी निगरानी कौन कर रहा था? बच्चे की जांच, निदान और भर्ती की सलाह का मेडिकल रिकॉर्ड क्या कहता है? क्या AIIMS प्रशासन ने वायरल वीडियो की आंतरिक जांच शुरू की है?
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