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जिला कारागार में बंद कैदी की तबियत खराब होने के कारण गई जान
Saharanpur, Uttar Pradesh:जिला कारागार में थाना नानौता पुलिस द्वारा मामला दर्ज होने के कारण बंद किए गए कैदी की जान चली गई है। आपको बता दें कि इलाज के लिए जिला अस्पताल में उसे भर्ती किया गया था। कैदी की तबियत खराब होने के बाद इलाज के दौरान ही उसकी जान चली गई थी।
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यूूपी परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह पर 23 साल पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट
Noida, Uttar Pradesh:BALLIA (UTTAR PRADESH): COURT ISSUES NON-BAILABLE WARRANT AGAINST UP TRANSPORT MINISTER DAYA SHANKAR SINGH IN 23-YEAR-OLD CASE / NEXT HEARING ON OCTOBER 26 / HARI CHARAN SINGH (ADVOCATE) S/B0
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16 वर्षीय शरण्या ने महाराष्ट्र के पैरा-एथलीटों की कहानी किताब से चमकाई पहचान
Noida, Uttar Pradesh:महज 16 साल की उम्र में जहां बच्चे अपने करियर के सपने बुन रहे होते हैं, वहीं मुंबई की शरण्या खेरुका ने ऐसा काम किया है. जो देश के उन खिलाड़ियों को पहचान दे रहा है जिनकी कामयाबी के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी छिपी है. शरण्या ने महाराष्ट्र के पैरा-एथलीटों की जिंदगी और उनके संघर्ष पर एक किताब लिखी है. जिसे पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया से सराहना मिली है. उनकी किताब 'Living Histories: Stories of Maharashtra’s Paralympians' उन खिलाड़ियों की अनकही कहानियों को सामने लाती है जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया. इस किताब में सुकांत कदम और संदीप संजय सरगर समेत महाराष्ट्र के पैरा-एथलीट्स के साहस, मजबूत इरादे और तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के सफर को दर्ज किया गया है. इस मौके पर PCI के डायरेक्टर सत्यनारायण भी मौजूद रहे. PCI के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने की तारीफ इतनी कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि हासिल करते हुए, शरण्या खेरुका को पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया से अपनी किताब 'लिविंग हिस्ट्रीज: स्टोरीज ऑफ महाराष्ट्र्स पैरालंपियंस' के लिए पहचान मिली है. यह किताब महाराष्ट्र के पैरा-एथलीट्स की प्रेरणादायक, लेकिन अक्सर अनकही रह जाने वाली कहानियों को बड़े पाठक वर्ग तक पहुंचाती है. इसमें मुश्किल हालात के बावजूद उनकी हिम्मत, मजबूत इरादे और संघर्ष की यात्रा को दर्ज किया गया है. यह पहचान मिलने के मौके पर PCI के डायरेक्टर सत्यनारायण, पैरा-एथलीट सुकांत कदम और संदीप संजय सरगर भी मौजूद थे. इन दोनों खिलाड़ियों की प्रेरणादायक यात्राओं को किताब में शामिल किया गया है. हर मेडल के पीछे एक ऐसा सफर होता है. जिसे चंद लोग देख पाते हैं. इसमें दर्दनाक नाकामियां, मुश्किल फैसले, लगातार प्रैक्टिस, संदेह के पल और बार-बार फिर से शुरुआत करने का साहस शामिल होता है.'लिविंग हिस्ट्रीज' इन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत कहानियों को जिंदा करती है. यह बताती है कि किस तरह पैरा-एथलीट्स ने व्यक्तिगत और शारीरिक चुनौतियों का सामना किया, मुश्किलों से लड़े और वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया. हैरानी की बात यह है कि बेहतरीन कामयाबी और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीतने के बावजूद, इनमें से कई खिलाड़ी आज भी अनजान हैं. उनकी मेहनत और सफलता की कहानियां अब तक बड़े स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं.0
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दीवाली से पहले अग्निशमन विभाग की मॉक ड्रिल से तैयारी जांची गई
Pali, Rajasthan:पाली दीवाळी परब ने लेर अग्निशमन विभाग री मॉक ड्रिल दीवाळी परब ने ध्यान में राखता अग्निशमन विभाग री तरफ सूं आगामी तैयारिया ने लेर मॉक ड्रिल करी गई। इण दौरान सरस्वती स्कूल अर बांगड़ अस्पताल में मॉक ड्रिल कर व्यवस्थावां री जांच करी गई। अधिकारीयां रो कहणो है कि दीवाळी परब ने लेर कार्मिकां री मुस्तैदी खातर मॉक ड्रिल करवाई जावै है, जिण सूं कोई विकट परिस्थिति आवण पर तुरन्त राहत पहुंचाई जा सके। अधिकारीयां नै बतायो कि दीवाळी परब सूं पहल्या भी कई बार मॉक ड्रिल रो आयोजन करियो जावैगो, जिण सूं विभाग री तैयारियां मजबूत बणाई राखी जा सके.0
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सादुलपुर नगरपालिका में अफरोज बानो के कार्यालय का उद्घाटन, झाझड़िया ने किया उद्घाटन
Churu, Rajasthan:चूरू विधानसभा-सादुलपुर लोकेशन-सादुलपुर स्थानीय-संवाददाता- सुनील कुमार0
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बुलंदशहर में तीर्थयात्रियों की ईको वैन दुर्घटना; पांच की मौत, तीन घायल
Noida, Uttar Pradesh:BULANDSHAHR (UTTAR PRADESH): FIVE KILLED, THREE INJURED AFTER ECO VAN CARRYING PILGRIMS CRASHES INTO TREE NEAR RATNAPUR IN NARORA0
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बैतूल में मक्का के दाम तेजी से ऊपर, उत्पादन घटने के बावजूद किसानों को राहत
Betul, Madhya Pradesh:बैतूल में अल्प बारिश ने भले ही मक्का की पैदावार पर असर डाला हो,लेकिन मक्का के बढ़ते दाम किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आए हैं। नई मक्का मंडी में पहुंचते ही भाव गिरने के बजाय लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बैतूल कृषि उपज मंडी में मक्का का अधिकतम भाव 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है,जबकि प्रचलित भाव 2609 रुपए प्रति क्विंटल रहा। इस साल जिले में सामान्य औसत बारिश से करीब 33 फीसदी कम बारिश हुई है,जिसके चलते किसानों के मुताबिक मक्का का उत्पादन करीब 25 से 30 फीसदी तक कम हुआ है। लेकिन उत्पादन घटने के बावजूद बाजार में मक्का की मांग और कीमतों ने किसानों को राहत दी है। मंडी में पिछले सप्ताह तक करीब 500 से 600 क्विंटल मक्का की आवक हो रही थी,जो अब तेजी से बढ़कर एक दिन में करीब 9 हजार क्विंटल तक पहुंच गई है। आवक बढ़ने के बावजूद भाव में गिरावट नहीं आई,बल्कि मक्का के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। किसानों को औसतन ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल से ज्यादा का भाव मिल रहा है। यही वजह है कि किसान भी मक्का की कटाई, तुड़ाई और सुखाने में तेजी से जुट गए हैं, ताकि बढ़े हुए भाव का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके। अगर पिछले साल की बात करें तो सीजन की शुरुआत में मक्का के भाव महज 1200 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल थे। बाद में भाव करीब 2000 रुपए तक पहुंचे थे। यानी इस बार सीजन की शुरुआत में ही किसानों को पिछले साल के मुकाबले बेहतर भाव मिल रहे हैं। कम उत्पादन के बीच बढ़े दाम ने मक्का उत्पादक किसानों को राहत जरूर दी है। बाइट -1- बद्रीप्रसाद,किसान बाइट -2- सुनील,किसान बाइट -3- ऋतिक साहू,किसान बाइट -4- प्रदीप उइके,मंडी निरीक्षक,कृषि ऊपज मंडी0
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डूंगरपुर में निष्पक्ष मतदान के लिए प्रशासन ने स्ट्रांग रूम और क्रिटिकल बूथ निरीक्षण किया
Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधान सभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर हेडलाइन पंचायती राज आम चुनाव 2026, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर व SP ने एसबीपी कॉलेज के स्ट्रांग रूम और क्रिटिकल बूथों का किया निरीक्षण एंकर इंट्रो डूंगरपुर जिले में पंचायती राज आम चुनाव 2026 को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, सुगम और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से डूंगरपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। चुनाव तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला कलेक्टर देशलदान एवं जिला पुलिस अधीक्षक SP मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से शहर के एसबीपी राजकीय महाविद्यालय सहित पंचायत समिति झोथरी के विभिन्न अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। बॉडी जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार एसबीपी राजकीय महाविद्यालय डूंगरपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र स्ट्रांग रूम का बारीकी से अवलोकन किया। स्ट्रांग रूम की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के रखरखाव के पुख्ता इंतजाम देखे। वही उन्होंने मतदान दलों के अंतिम प्रशिक्षण स्थल, सामग्री वितरण काउंटर और रवानगी के दौरान होने वाली भीड़ के प्रबंधन की योजना को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात, चुनाव में सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों अधिकारी पंचायत समिति झोथरी पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र के विभिन्न क्रिटिकल (संवेदनशील) मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया । क्रिटिकल तदान केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने मतदान प्रक्रिया से जुड़ी बुनियादी जरूरतों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। मतदान केंद्र परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति और आपातकालीन स्थिति के लिए वैकल्पित रोशनी (इन्वर्टर/जनरेटर) के निर्देश दिए। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर0
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जोधपुर के बोरवेल में 9 साल के भोमाराम की खोज जारी, पत्थर बाधा
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। फलोदी जिले के नौसर गांव में खेत पर बने बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय स्तर पर टीमें बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन बोरवेल में करीब 550 फीट की गहराई पर आया पत्थर रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। बच्चे की अंतिम लोकेशन गुरुवार रात करीब 610 फीट पर मिली थी। अब पत्थर के कारण न तो कैमरे से बच्चे की स्थिति स्पष्ट हो पा रही है और न ही उस तक पहुंचने का रास्ता मिल रहा है। पिछले करीब आठ घंटे से पत्थर को हटाने और तोड़ने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर रास्ता बनाने में जुटी हैं। पूर्व विधायक ने की सख्त गाइडलाइन बनाने की मांग रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच लोहावट के पूर्व विधायक किशनाराम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढ़स बंधाया और सरकार से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले बोरवेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइन होनी चाहिए। सुरक्षा मानकों की पालना और अंडरटटेकिंग के बाद ही कनेक्शन दिया जाए, ताकि खुले और असुरक्षित बोरवेल से होने वाले हादसों को रोका जा सके। पिता बोले- खेलते समय बोरवेल में गिर गया बच्चा भोमाराम के पिता पांचा राम ने बताया कि गुरुवार दोपहर बोरवेल की मशीन खराब होने पर उसे बाहर निकाला जा रहा था। इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया। उन्होंने बताया कि देखते ही उसे बचाने के लिए प्रयास शुरू किए गए, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। बच्चे के बड़े पिता घेवरराम ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना को 24 घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन बच्चे को बाहर नहीं निकाला जा सका है। परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।0
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संभल में विजयदशमी पर पुलिस का अभेद्य सुरक्षा प्लान .ASP सुमित रामकेटे से एक्सक्लूसिव बातचीत
Chandausi, Uttar Pradesh:बिग ब्रेकिंग संभल । संभल में विजयदशमी और अन्य आगामी त्योहारों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का अभेद्य सुरक्षा प्लान ' विजयदशमी ' त्योहारो पर कानून व्यवस्था चाक चौबंद रखे जाने के मद्देनजर ..,अराजक ,संदिग्ध और बाहरी लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने लोगो का वेरिफिकेशन शुरू किया । अभियान चलाकर संदिग्ध लोगों का आधार कार्ड अन्य दस्तावेजों से वेरीफिकेशन किया जा रहा है । सुरक्षा के मद्देनजर 5 हजार लोगों के वेरिफिकेशन का टारगेट । ASP सुमित राम केटे ने पुलिस फोर्स के साथ इलाके के संवेदन शील इलाकों में पैदल मार्च किया , संभल सदर कोतवाली इलाके का मामला ।0
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सीकर जिला परिषद नामांकन अंतिम दिन भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ी भिड़ंत
Sikar, Rajasthan:सीकर जिला परिषद में नामांकन दाखिल करने वालों की उमड़ी भीड़ सीकर जिले में जिला परिषद चुनाव: नामांकन के अंतिम दिन उमड़ी भीड़, भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर के आसार सीकर जिले में आगामी जिला परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही भारी गहमागहमी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर खचाखच भर गया था। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस)—द्वारा देर रात अपने उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद, अधिकांश प्रत्याशियों ने आज अंतिम दिन ही अपने पर्चे दाखिल किए। दिग्गजों की मौजूदगी और शक्ति प्रदर्शन नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों ही दलों के कई दिग्गज नेता और स्थानीय पदाधिकारी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाने और अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में शक्ति प्रदर्शन किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के चलते कलेक्ट्रेट और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे。 जीत और जिला प्रमुख की कुर्सी पर दावेदारी NAMENTAK दाखिल करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी जीत के कड़े दावे किए। दोनों ही पक्षों ने जिला परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल करने और आगामी बोर्ड गठन के दौरान अपना जिला प्रमुख बनाने का पूरा भरोसा जताया。 कांग्रेस का दावा: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में जनता का मूड बदलाव का है और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे。 भाजपा का दावा: दूसरी ओर, भाजपा खेमे में भी गजब का उत्साह नजर आया। भाजपा नेताओं ने याद दिलाया कि सीकर जिले में पिछले दो बार से लगातार जिला प्रमुख की कुर्सी पर भाजपा का ही कब्जा रहा है, और इस बार भी विकास कार्यों के दम पर वे अपनी इस सत्ता को बरकरार रखेंगे। देर रात सूचियों के जारी होने के कारण कई टिकटार्थियों में असंतोष की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन अंतिम दिन तक दोनों दलों ने डैमेज कंट्रोल करते हुए अपने अधिकृत प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करवा दिए। अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी कि मैदान में कुल कितने उम्मीदवार शेष रहते हैं। बहरहाल, सीकर जिले में जिला परिषद के ये चुनाव दोनों ही दलों के लिए नाक का सवाल बन चुके हैं और मुकाबला बेहद रोमांचक होने की पूरी संभावना है। बाइट, मनोज बाटड़, भाजपा जिलाध्यक्ष बाइट, सुनीता गिठाला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष0
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16 वर्षीय शरण्या की किताब: पैरा खिलाड़ियों के संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी
Noida, Uttar Pradesh:16 साल की शरण्या ने लिखीं महाराष्ट्र के पैरा खिलाड़ियों की कहानियाँ, देवेंद्र झाझड़िया ने सराहा सबहेड: 'लिविंग हिस्ट्रीज़' में खिलाड़ियों के संघर्ष और सफलता का सफर मुंबई में पली-बढ़ी 16 वर्षीय शरण्या खेरुका ने महाराष्ट्र के पैरा खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों को अपनी किताब में जगह दी है। उनकी पुस्तक ‘लिविंग हिस्ट्रीज़: स्टोरीज़ ऑफ महाराष्ट्राज़ पैरालंपियंस’ को भारतीय पैरালंपिक समिति यानी पीसीआई के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने सराहा है। इस मौके पर पीसीआई के निदेशक सत्यनारायण और पैरा खिलाड़ी सुकांत कदम तथा संदीप संजय सरगर भी मौजूद रहे। दोनों खिलाड़ियों की कहानियाँ पुस्तक में शामिल हैं। किताब में पदकों और उपलब्धियों से आगे बढ़कर खिलाड़ियों के जीवन के उन पहलुओं को सामने लाया गया है, जो अक्सर चर्चा से दूर रह जाते हैं। इनमें व्यक्तिगत चुनौतियाँ, सीमित अवसर, कठिन प्रशिक्षण और अनिश्चितताओं के बीच आगे बढ़ने का हौसला शामिल है। खेल के दौरान लगी चोट से बदला नज़रिया शरण्या के मुताबिक, खेल उनके जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। खेल के दौरान लगी एक चोट ने मुश्किलों और असफलताओं को देखने का उनका नज़रिया बदल दिया। इसके बाद पैरा खिलाड़ियों से बातचीत में उन्हें उनके संघर्ष और उपलब्धियों को करीब से समझने का मौका मिला। शरण्या कहती हैं कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि देश का प्रतिनिधित्व करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले कई खिलाड़ियों की कहानियों से लोग अनजान हैं। इसी बात ने उन्हें युवा पाठकों के लिए यह किताब लिखने की प्रेरणा दी। पदकों के पीछे के संघर्ष की कहानी पुस्तक में सुकांत कदम और संदीप संजय सरगर जैसे खिलाड़ियों की अलग-अलग खेल यात्राओं को जगह दी गई है। पैरा खेलों में शुरुआत करने से लेकर कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण जारी रखने तक, ये कहानियाँ बताती हैं कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति होती है। शरण्या का उद्देश्य इन खिलाड़ियों को बच्चों और युवाओं के बीच पहचान दिलाना है। वह चाहती हैं कि पाठक उनकी उपलब्धियों के साथ उनके संघर्ष को भी जानें और मुश्किल परिस्थितियों में अपने सपनों के लिए प्रयास जारी रखने की प्रेरणा लें。0
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बीकानेर पंचायत समिति नामांकन में गहमागहमी; वार्ड 20 से तोलाराम कूकणा ने दाखिल किया नामांकन
Bikaner, Rajasthan:पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के नामांकन के आखिरी दिन सरगर्मियां तेज बीकानेर पंचायत समिति में नामांकन दाखिल करने के लिए उमड़ी भीड़ भाजपा जिला महामंत्री तोलाराम कूकणा ने वार्ड नंबर 20 से भरा नामांकन पार्टी पदाधिकारियों के चुनावी मैदान में उतरने से बढ़ी सियासी हलचल दूसरा चरण के नामांकन के आखिरी दिन सियासी समीकरणों पर सबकी नजर बीकानेर में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं दूसरे चरण के नामांकन के आखिरी दिन बीकानेर पंचायत समिति में प्रत्याशियों की भीड़ नजर आई कोई अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचा तो कहीं समर्थकों के साथ प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में ताल ठोक दी इस बीच भाजपा के जिला महामंत्री तोलाराम कूकणा ने भी बीकानेर पंचायत समिति के वार्ड नंबर 20 से नामांकन दाखिल किया है पार्टी पदाधिकारी के चुनावी मैदान में उतरने के बाद अब इस सीट के साथ पंचायत समिति की राजनीति पर भी नजरें टिक गई हैं तोलाराम कूकणा को प्रधान पद के दावेदार के रूप में भी देखा जा रहा है ऐसे में सवाल है कि पंचायत चुनाव में पार्टी पदाधिकारियों की एंट्री क्या नए सियासी समीकरण बनाएगी पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में नामांकन के अंतिम दिन बीकानेर पंचायत समिति में चुनावी गतिविधियां तेज रहीं नामांकन दाखिल करने के लिए प्रत्याशी पहुंचे और राजनीतिक दल भी अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे नजर आए आखिरी दिन की इस हलचल के बीच भाजपा जिला महामंत्री तोलाराम कूकणा ने वार्ड नंबर 20 से अपना नामांकन दाखिल किया कूकणा के चुनावी मैदान में उतरने के साथ ही इस वार्ड का मुकाबला चर्चा में आ गया है उन्हें बीकानेर पंचायत समिति में प्रधान पद के संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है हालांकि प्रधान पद को लेकर अंतिम तस्वीर चुनावी नतीजों और आगे की राजनीतिक परिस्थितियों से ही स्पष्ट होगी पंचायत चुनाव में केवल प्रत्याशियों की ही नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों की सक्रियता पर भी नजर है। पार्टी संगठन से जुड़े चेहरों के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबले का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है. अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर साफ होगी कि कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में टिकते हैं और वार्ड नंबर 20 सहित पंचायत समिति की अन्य सीटों पर मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ता है0
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अलवर के 17 स्कूलों में ईट राइट अभियान से बच्चों में स्वस्थ आहार जागरूकता
Alwar, Rajasthan:pkg story जंक फूड से बचेंगे बच्चे, तभी स्वस्थ रहेगा भविष्य; अलवर में 17 स्कूलों के विद्यार्थियों ने ‘ईट राइट’ अभियान में लिया हिस्सा एंकर इंट्रो: जंक फूड का बढ़ता चलन बच्चों की सेहत के लिए बड़ी चैलेंज बनता जा रहा है। चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन कम उम्र में मोटापा और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और पौष्टिक खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए राजस्थान में ‘ईट राइट इनिशिएटिव’ के तहत विशेष अभियान चलाया गया। अलवर में अभियान के समापन अवसर पर 17 सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पोस्टर, स्लोगन और थाली प्रतियोगिताओं के जरिए स्वस्थ खान-पान का संदेश दिया गया। **वीओ-1 , बच्चों की सेहत और बेहतर खान-पान की आदतों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से राजस्थान में 3 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। ‘ईट राइट इनिशिएटिव’ के तहत चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों और युवाओं को जंक फूड के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। इसी कड़ी में अलवर के एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में 17 सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताओं के जरिए स्वस्थ खान-पान का संदेश दिया। वहीं, थाली प्रतियोगिता के माध्यम से संतुलित और पौष्टिक भोजन के महत्व को भी सामने रखा गया। **बाइट-1: डॉ. योगेंद्र शर्मा, सीएमएचओ** **वीओ-2: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों को चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेटबंद खाद्य पदार्थों और अत्यधिक मीठे व वसायुक्त भोजन के नुकसान समझाए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह के खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन मोटापे, हृदय रोग और दूसरी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में बच्चों को बचपन से ही संतुलित और पौष्टिक भोजन की आदत डालना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में चलाए गए अभियान के तहत ईट राइट स्कूल, कैंपस और स्ट्रीट फूड से जुड़े स्थानों पर भी जांच एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। **वीओ-3:abhiyaan के तहत स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों की कैंटीन और स्कूल के मुख्य द्वार से 50 मीटर के दायरे में चिप्स, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने का प्रावधान बताया गया है। साथ ही स्कूलों में ‘स्कूल फूड सेफ्टी एंड न्यूट्रिशन कमेटी’ के गठन और कैंटीन में उपलब्ध खाद्य सामग्री की CALORIES, सामग्री तथा पोषण तत्वों की जानकारी प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया है। **बाइट-2: छात्रा एवं शिक्षिका** **वीओ-4:कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और शिक्षिकाओं ने भी जंक फूड के दुष्प्रभावों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ भोजन के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे अभियान महत्वपूर्ण हैं। स्कूल स्तर पर जागरूकता बढ़ने से बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों में भी खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम में फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर विश्व बंधु गुप्ता, केशव गोयल, जय सिंह यादव, अशोक कुमार, राजेश कुमार, नीरज रावत, भावना, अंजली और अलका सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, ‘ईट राइट’ अभियान का संदेश साफ है—स्वस्थ जीवन की शुरुआत सही खान-पान से होती है। बच्चों को जंक फूड के बजाय पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्कूलों में सुरक्षित खाद्य वातावरण सुनिश्चित करना ही इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है。0
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वाशीम: पंचायत समिति के अधिकारी-करमचारी पर रिश्वतखोरी के आरोप, जांच के आदेश
Washim, Maharashtra:वाशीम में वाशीम के मालेगाव पंचायत समिती के गटविकास अधिकारी और कर्मचाऱ्यांच्या कारभारावरून वाद निर्माण झाला आहे. वसारी येथील शेतकऱ्यांच्या सिंचन विहिरींचे प्रस्ताव शेतात आणि सातबारा उताऱ्यावर विहीर नसतानाही विहीर असल्याचे पत्र काढून रद्द करण्यात आल्याचा आरोप शेतकऱ्यांनी केला आहे. तसेच विहिरीचे प्रस्ताव मंजूर करण्यासाठी प्रत्येकी २० हजार रुपयांची लाच मागितल्याचा आणि पैसे न दिल्याने सहा महिने फाईल प्रलंबित ठेवून अखेर प्रस्ताव रद्द केल्याचा आरोपही शेतकऱ्यांनी केला. या प्रकरणी उपमुख्य कार्यकारी अधिकारीांसमोर शेतकऱ्यांनी आपली व्यथा मांडत अधिकारी-कर्मचाऱ्यांवर लाच मागितल्याचे आरोप केले. या प्रकरणाची योग्य चौकशी करून दोषी आढळणाऱ्या अधिकारी-कर्मचाऱ्यांवर कारवाई करण्यात येईल, असे आश्वासन संबंधित अधिकारीांनी दिले.0
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बांसवाड़ा में जिला परिषद नामांकन ने फिर मचाई हलचल, 212 उम्मीदवार मैदान में
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर - बांसवाड़ा जिला परिषद सदस्य चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। नामांकन के अंतिम दिन आज 80 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके साथ ही जिले में जिला परिषद सदस्य के 43 वार्डों के लिए कुल 212 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस, भाजपा, भारत आदिवासी पार्टी, आम आदमी पार्टी सहित निर्दलीय उम्मीदवारों ने जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत यादव के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए। अब सभी की नजरें नामांकन पत्रों की जांच और चुनावी मुकाबले की तस्वीर पर टिकी हैं। नामांकन के दौरान कुछ वार्डों में उम्मीदवारों की संख्या अधिक रही। वार्ड 4 और वार्ड 22 से सर्वाधिक 11-11 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं वार्ड 32 से 10, वार्ड 21 से 9 तथा वार्ड 29,वार्ड 27 और वार्ड 3 से 7-7 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की। कुल 43 वार्डों के लिए 212 उम्मीदवारों के नामांकन से जिले में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक दलों और दावेदारों की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। इस बार जिला परिषद चुनाव में दो विधायक पुत्र, एक पूर्व प्रधान और जिला प्रमुख मैदान में है। वीओ -नामांकन बाइट - डॉ इंद्रजीत यादव - जिला निर्वाचन अधिकारी पीटीसी - अजय ओझा बांसवाड़ा0
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