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पीलीभीत में खालिस्तानी आतंकियों के साथियों को पुलिस ने पकड़ा
Pilibhit, Uttar Pradesh:पंजाब और पीलीभीत पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एनकाउंटर के दौरान मारे गए तीन खालिस्तानी आतंकियों के दो साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दोनों आरोपी गजरौला जपती के निवासी बताए जा रहे हैं। ये युवक आतंकियों को पूरनपुर के हर जी होटल में लेकर गए थे। होटल के CCTV फुटेज में उनकी उपस्थिति देखी गई है। युवकों के पिता ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात मानी है।
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माँ कालरात्रि के चरणों में नमन, विघ्न दूर हों
Noida, Uttar Pradesh:एकवेाणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ अपने भक्तों को अभय प्रदान करने वाली आदिशक्ति माँ दुर्गा के सप्तम स्वरूप माँ कालरात्रि के चरणों में कोटि-कोटि नमन। माँ कालरात्रि की कृपा से विघ्न-बाधाएं समाप्त हों, सभी के जीवन में शुभता का संचार हो तथा सुख, शांति और व समृद्धि का प्रकाश फैले। जय माँ कालरात्रि।0
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कानपुर के भौती हाईवे पर चलती कार में आग, लोगों ने अपनी जान बचाई
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर चलती कार में लगी आग भौती हाईवे पर कार में आग लगने से मचा हड़कंप कार में सवार लोगों ने कूदकर बचाई अपनी जान आग लगने के बाद हाईवे पर मची अफरा-तफरी घटना सचेंडी थाना क्षेत्र के भौती हाईवे की0
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क्राइम ब्रांच- भोजपुर पुलिस ने 10 हजार इनामी लुटेरे को गिरफ्तार; घायल
Ghaziabad, Uttar Pradesh:क्राइम ब्रांच और भोजपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के में 10 हजार रुपये के इनामी लुटेरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। आरोपी की पहचान दिल्ली के न्यू कोंडली निवासी 22 वर्षीय राज उर्फ राजेंद्र पांडे के रूप में हुई है। किल्हौड़ा बॉर्डर क्षेत्र में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हापुड़ की तरफ से आ रहे बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया। आरोपी ने भागने का प्रयास किया और बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस टीम को देखकर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पूछताछ में आरोपी ने 28 जुलाई 2026 को भोजपुर क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर हुई लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और चोरी की यामाहा एफजेड मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.0
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मुजफ्फरपुर में मिनी अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 70 लीटर शराब बरामद
Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में मिनी अवैध देशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 70 लीटर चुलाई शराब बरामद, भारी मात्रा में शराब बनाने वाले सामाग्री बरामद, एक गिरफ्तार. मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद थाना क्षेत्र के कुम्हरौल गांव में पुलिस ने छापेमारी कर मिनी अवैध देशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. मौके से 70 लीटर चुलाई शराब और शराब बनाने की सामग्री बरामद की गई, जबकि कारोबारी सुरेश सहनी को गिरफ्तार किया गया. मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब के भंडारण, निर्माण, परिवहन और खरीद-बिक्री के खिलाफ सघन छापेमारी एवं सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की. इस दौरान 70 लीटर चुलाई शराब और शराब बनाने की सामग्री बरामद की गई, जबकि मौके से कारोबारी सुरेश सहनी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.0
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कैमूर का माँ मुंडेश्वरी वाइल्डप्राणी इको पार्क पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण
Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर जिले में स्थित माँ मुंडेश्वरी वन्यप्राणी इको पार्क आज स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुका है। सितंबर 2024 में उद्घाटित यह पार्क कुल 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। पहले जहाँ कूड़ा-कचरा फेंका जाता था, वहीं अब वन विभाग के प्रयासों से एक बेहद सुंदर और रमणीक वातावरण तैयार किया गया है। पार्क में बच्चों के लिए चिल्ड्रन सेक्शन, झूले, बोटिंग और कैंटीन जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पार्क का प्रवेश शुल्क बड़ों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये निर्धारित है। सामान्य दिनों में यहाँ से प्रतिदिन 15 से 20 हजार रुपये और पूजा के अवसर पर 34 से 35 हजार रुपये का दैनिक राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने मुंडेश्वरी माता के दर्शन को आने वाले सभी श्रद्धालुओं से पार्क का भ्रमण करने की अपील की। पार्क में तैनात फॉरेस्टर प्रतिभा भारती ने बताया कि पार्क सैलानियों के लिए सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है। पार्क में बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क है, जहाँ झूले तथा टॉय कार जैसी सुविधाएं शुल्क पर मौजूद हैं। सभी आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए बोटिंग की व्यवस्था भी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर उन्होंने कहा कि पूरे परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड बॉक्स) की व्यवस्था है तथा वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध है।0
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चक्रधरपुर रेल मंडल में मालगाड़ी पटरी से उतरी, अप लाइन का परिचालन रोकना
Chaibasa, Jharkhand:चक्रधरपुर रेल मंडल में फिर पटरी से उतरी मालगाड़ी, अप लाइन का परिचालन प्रभावित जिरौली के पास हादसा, ओवरहेड और सिग्नल विभाग के उपकरण क्षतिग्रस्त; डाउन लाइन से गुजारी गईं कई यात्री ट्रेनें चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों के पटरी से उतरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार दोपहर जिरौली के पास एक आयरन ओर लदी मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया। इस दुर्घटना के कारण मुख्य रेल मार्ग की अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। हादसे में रेलवे के ओवरहेड और सिग्नल विभाग से जुड़े उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 से एक बजे के बीच हुई। चलती मालगाड़ी का एक डिब्बा अचानक पटरी से उतर गया, जिससे रेल परिचालन व्यवस्था प्रभावित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की ओर से दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी को हटाने और प्रभावित रेल लाइन को दुरुस्त करने के लिए राहत ट्रेन मौके पर भेजी गई। रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित रेल खंड को सामान्य करने की दिशा में काम शुरू किया। हादसे के बाद अप लाइन पर परिचालन बाधित होने के कारण कई यात्री ट्रेनों को डाउन लाइन से गुजारना पड़ा। इससे रेल परिचालन पर अतिरिक्त दबाव बना और यात्री ट्रेनों के परिचालन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दुर्घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि इस हादसे से करीब 30 घंटे पहले ही चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा में रेलवे ने रेल दुर्घटना के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारी परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित किया था। इस अभ्यास का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में राहत कार्यों को प्रभावी बनाना और आपातकालीन व्यवस्था की तत्परता जांचना था। लेकिन मॉक ड्रिल के कुछ ही समय बाद जिरौली के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना सामने आ गई। इससे रेलवे की परिचालन व्यवस्था की फिर एक बार पोल खुल गयी है। चक्रधरपुर रेल मंडल में मालगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाएं रेलवे के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। मंडल के विविध रेलखंडों में सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच पटरियों, वैगनों, रखरखाव और सुरक्षा निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में राउरकेला स्टील प्लांट परिसर में भी एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना सामने आई थी। हालांकि, प्लांट परिसर में हुई दुर्घटना को लेकर रेलवे ने अपना पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मालगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? क्या दुर्घटनाओं के कारणों की गहन जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है? यदि जांच होती है, तो उसकी रिपोर्ट और सुधारात्मक कार्रवाई सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती? रेल दुर्घटना के बाद राहत ट्रेन भेजना, पटरी दुरुस्त करना और परिचालन बहाल करना जरूरी है, लेकिन इससे सुरक्षा संबंधी सवाल समाप्त नहीं हो जाते। बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच, तकनीकी खामियों की पहचान और जिम्मेदारियों का निर्धारण भी उतना ही आवश्यक है। रेलवे प्रशासन, रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के सामने चुनौती केवल ट्रेनों का परिचालन सामान्य बनाए रखने की नहीं, बल्कि यात्रियों और रेल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी है। जिरौली की घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारतीय रेल के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा क्या ठोस कदम उठाये जाते हैं। साथ ही मंडल में लगातार हो रहे रेल हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर रेलवे बोर्ड द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, जिरौली के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना ने चक्रधरपूर रेल मंडल में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना के कारणों और नुकसान के आधिकारिक आकलन का इंतजार है।0
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नालंदा में दुर्गापूजा सुरक्षा चाक-चौबंद, फ्लैग मार्च और फायर-वॉलंटियर तैनाती
Pariaunna, Bihar:नालंदा में दुर्गापूजा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा फोकस है। शहर के चौक-चौराहों पर भव्य पूजा पंडालों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सतर्क हैं और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। दुर्गापूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है। बड़े पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ अग्निशमन विभाग की विशेष तैयारी की जा रही है, जो पूजा समितियों को आग से बचाव के उपाय बता रहा है। साथ ही पूजा समितियों को पंडालों में फायर वॉलंटियर तैनात रखने का निर्देश दिया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और मेले का आनंद लेना है।0
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अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी तीन कारों में मारी जोरदार टक्कर।
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित ज्वाला नगर पर देर रात अनियंत्रित ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी, टक्कर लगने के बाद कार बेकाबू होकर बिजली के खंभे से जा टकराई, जिससे खंभा टूटकर सड़क पर झूक गया। हादसे के चलते क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और आसपास अंधेरा छा गया। गनीमत रही कि इस भीषण दुर्घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। घटना के बाद मौके पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस पहुंची और लोगो की मदद से क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया।0
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अर्जुनगंज की रामलीला में श्रद्धालुओं व क्षेत्रवासियों की सहभागिता का अनोखा संगम
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ। अर्जुनगंज स्थित रामलीला का शुभारंभ शुक्रवार को संजय जी सह-प्रांत प्रचारक (अवध प्रांत ) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वारा दीप प्रज्वलित कर और रामायण की आरती से हुआ। लखनऊ के अर्जुनगंज में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर रामलीला मंचन के धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाई। श्री शक्ति सेवा संस्थान की अध्यक्ष वंदना मिश्रा ने बताया कि रामलीला का मंचन आगामी 20 तारीख तक किया जाएगा। उन्होंने रामलीला के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामलीला भारतीय सांस्कृति और परंपराओं का अभिन्न अंग है। यह भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश जन-जन तक पहुंचाती है। ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ. संजय चतुर्वेदी प्रान्तीय संयोजक गायत्री परिवार, उ.प्र., श्री शक्ति सेवा संस्थान के संरक्षक अशोक सिंह, जय प्रकाश, बी.डी. सिंह, कृष्ण देव त्रिपाठी, रामकृष्ण शुक्ल, प्रभास मिश्रा, योगेंद्र मिश्रा, चिंतामणि सिंह, आकाश शुक्ल, उपेंद्र सिंह, संतोष राय, शैलेंद्र शुक्ल, चंद्रकांत शुक्ल एवं आशीष पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सहभागिता करी।0
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पंडाल के ऊपर बने घोंसले, बच्चों के उड़ान भरने तक पूजा-पंडाल बंद रखा जाएगा
Chinsurah, West Bengal:কেউ রঙের মিস্ত্রী কেউ রাজমিস্ত্রী তো কেউ কাঠের কাজ করেন।সেই সব যুবকরা নিজোই মন্ডপ তৈরী করেছে।সেই মন্ডপে ঘুঘুর বাসা। চুঁচুড়া সুকান্ত নগর দুর্গাপুজো কমিটি সাঁচি স্তুপের আদলে মন্ডপ তৈরী করেছে।সেই মন্ডপ তৈরী করতে সময় লেগেছে প্রায় তিন মাস। সেই সময়ে মন্ডপের উপরে বাসা তৈরী করেছে দুটি ঘুঘু পাখি। নিরাপদ আশ্রয়ে তারা ডিম পারে।ডিম ফুটে বাচ্চাও হয়েছে চারটি। বারোয়ারীর সদস্যরা ঠিক করেছেন যতদিন না পাখির বাচ্চা গুলো উড়তে শিখছে ততদিন মন্ডপ খোলা হবে না। সাধারনত দশমীর পরই মন্ডপ খুলে ফেলা হয় প্রতি বছর।এবার সেই নিয়মের ব্যতিক্রম হচ্ছে। পুজো কমিটির সদস্য প্রণব পাল বলেন,সবাই কাজ করে বিকেলের পর থেকে মন্ডপ তৈরী করতাম।তাই সময় লেগেছে।আমরা বুঝতে পারিনি মন্ডপের সিলিং এর উপরে পাখি বাধা বেঁধেছে。 উপরে ত্রিপল চাপা দিতে গিয়ে দেখলাম পাখির বাসা।তাতে ডিম ফুটে বাচ্চাও হয়েছে。 তাই আমরা স্থির করেছি পুজো মিটে গেলেও মন্ডপ থাকবে।যতদিন না উড়তে শিখছে পাখির বাচ্চা গুলো। ওদেরও বাঁচার অধিকার আছে।0
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आजाद हिन्द क्लब का छठा लाइव शो, वंदे मातरम गूँज उठा
Chinsurah, West Bengal:ষষ্ঠী লাইভ আজাদ হিন্দ ক্লাব। ভাবনা বন্দেমাতরম0
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पुलिस ने हेलमेट न पहनने वालों को ट्रैफिक कानून मानने की शपथ दिलाई
Mollar Chak, West Bengal:পুজোর সময় হেলমেট না পরে পুজো দেখতে বেরিয়ে ফ্যাসাদে পড়তে হল বাইক আরোহী দর্শনার্থীদের। খোদ পুলিশ সুপার নিজে দাঁড়িয়ে থেকে ওই বাইক আরোহীদের রীতিমত নাম ঠিকানা ফোন নাম্বার সহ আগামীদিনে ট্রাফিক আইন মেনে চলবে এবং হেলমেট পরবে এই মর্মে মুচলেকা লিখিয়ে বোর্ডে চেটানো করিয়ে এদিনের মত ছাড়া হল তাদের। সেইসঙ্গে হুঁশিয়ারি দেওয়া হল এরপরে ধরা পড়লেই কড়া ফাইন এর পাশাপাশি আইনত ব্যবস্থাও নেওয়া হবে। ষষ্ঠীর রাত্রে জেলা পুলিশ সুপার পাপিয়া সুলতানা নিজে মোটর সাইকেলে চেপে বেরিয়েছিলেন শহরের যান চলে যান চলাচল ঠিক রয়েছে কিনা, কোথাও যানজট সৃষ্টি হয়েছে কিনা তা দেখতে। এদিন পুলিশ সুপারারের সঙ্গে দেখা যায় মেদিনীপুরের সাংসদ জুন মালিয়া কেও। এর আগেই পুলিশ সুপারের নির্দেশে মেদিনীপুর কোতোয়ালি থানার ট্রাফিক পুলিশের অভিনব উদ্যোগ নিয়েছিল। মেদিনীপুর শহরের বিভিন্ন গুরুত্বপূর্ণ মোড়ে ট্রাফিক আইন মানার জন্য সচেতনতা বাড়াতে একাধিক কর্মসূচি পালন করা হয়েছিল। হেলমেট ছাড়া বাইক চালক ও আরোহীদের ট্রাফিক আইন মেনে বাইক চলার শপথও করানো হয়। এমনকি হেলমেট ছাড়া বাইক নিয়ে বের হওয়া আরোহীদের হাতে একটি চিরকুটে ‘আর কোনও দিন হেলমেট ছাড়া বাইক নিয়ে বের হব না" এবং ট্রাফিক আইন মেনে বাইক ও গাড়ি চালাবো’—এই শপথ বাক্য লিখিয়ে তা ট্রাফিক পুলিশের উদ্যোগে তৈরি ট্রাফিক সচেতনতা শপথ বোর্ডে লাগাতেও দেখা গিয়েছিল বাইক চালকদের। পুলিশের এই অভিনব উদ্যোগে শহরজুড়ে ট্রাফিক আইন মেনে চলার বার্তা দেওয়ার পাশাপাশি পথ নিরাপত্তা নিয়ে সাধারণ মানুষের মধ্যে সচেতনতা আরও বাড়বে বলেই মনে করা হচ্ছে।0
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प्रवासी राजस्थानी: पधारो म्हारे देश से राजस्थान की विकास यात्रा तेज
Jaipur, Rajasthan:प्रवासी राजस्थानी गौरवशाली संस्कृति और विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ ‘पधारो थारे देश’ की भावना से विकास में निभाएं भागीदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान की आधारभूत सुविधाओं में हो रहा अभूतपूर्व विस्तार सकारात्मक नीतियों से निवेश और उद्योग हुआ आसान, राज निवेश पोर्टल पर 18 विभागों की 190 सेवाएं उपलब्ध शेखावाटी की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ विकसित किया जा रहा हेरिटेज टूरिज्म सर्किट - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा - मुख्यमंत्री ने किया प्रवासी राजस्थानियों के साथ संवाद - राजस्थान फाउंडेशन के 11 नए चैप्टर्स की घोषणा - कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का किया विमोचन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, कौशल, उद्यमशीलता और सामाजिक समरसता की भावना से राजस्थान का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ अब ‘पधारो थारे देश’ की भावना को भी आगे बढ़ाना है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि में लौटकर प्रदेश के विकास में योगदान दें। राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों को सामाजिक गतिविधियों और निवेश के अवसरों से जोड़ने में सशक्त सेतु की भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी बनाते हुए उनके निवेश, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में डिपार्टमेंट ऑफ डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थान अफेयर्स का गठन, राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल की शुरुआत और NRRP- NR? policy 2025 भी जारी की गई है। वहीं, प्रत्येक जिले में जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित किया गया है, जहां प्रतिवर्ष कम से कम एक बार प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पानी-बिजली उपलब्धता से लेकर कनेक्टिविटी हो रही सुदृढ़ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में आधारभूत सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय जल समझौतों राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। बिजली में भी आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ते हुए अब राजस्थान विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। वहीं, आवागमन को सुगम बनाने के लिए 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के साथ ही एयर कनेक्टिविटी का विस्तार भी किया जा रहा है। नीति और नीयत से सुगम हो रहा कारोबार मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए एमएसएमई क्षेत्र में कन्सेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन की गई है, जबकि बड़े उद्योगों के लिए इसे 60 दिन किया गया है। साथ ही, व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 की गई है। इसी प्रकार राज निवेश पोर्टल पर 18 विभागों की लगभग 190 सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026, राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी और एक जिला-एक उत्पाद नीति के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएं उन्होंने कहा कि राजस्थान में खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, मसालों, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्रों में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए नया ग्रोथ इंजन बनेगी। रिफाइनरी से निकलने वाले विभिन्न उत्पादों के आधार पर छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 472 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां लगभग 46 हजार औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से आह्वान किया कि वे अपनी मातृभूमि में निवेश कर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने में भागीदार बनें。 8 दिसम्बर को शेखावाटी हेरिटेज मीट मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विरासत को सहेजकर विकास की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। वहीं, शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिह्नित किया गया हैं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 8 दिसम्बर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को आगामी 10 दिसम्बर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के कार्यों में भी प्रवासी राजस्थानियों का उल्लेखनीय योगदान मिला है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 62 हजार भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान दुबई चैप्टर के अमराराम जांगिड़, मेलबर्न के रवि शर्मा, नैरोबी के सोनवीर सिंह, गुवाहाटी के रतन शर्मा, मुम्बई के गणपत कोठारी, सूरत के श्याम राठी, भुवनेश्वर के अजय अग्रवाल ने वीसी के माध्यम से एवं दिल्ली के कनिष्क यादव, न्यूयार्क के कैलाश झालानी, कोलकाता के जतनलाल ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश-विदेश से भी प्रवासी राजस्थानी कार्यक्रम से जुड़े। राजस्थान फाउंडेशन के अब 51 चैप्टर्स मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विस्तार के तहत 11 नए चैप्टर्स प्रारम्भ करने की घोषणा की। इनमें रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापट्टनम में 6 चैप्टर्स तथा सैन फ्रांसिस्को (यूएसए), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), मिलान (इटली) और डबलिन (आयरलैंड) में 4 चैप्टर्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्टॉकहोम में नॉर्डिक चैप्टर स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे और फिनλαν्ड सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही राजस्थान फाउंडेशन के देश-विदेश में संचालित चैप्टर्स की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो जाएगी।0
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कोटा में निजी अस्पतालों को डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ने के लिए कैंप शुरू
Noida, Uttar Pradesh:कोटा में निजी अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष अभियान, 30 अक्टूबर तक बनेगी हेल्थ प्रोफेशनल आईडी कोटा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के लिए कोटा के स्वास्थ्य भवन में 30 अक्टूबर तक विशेष शिविर लगाया जा रहा है। अभियान के तहत निजी अस्पतालों, लैब और फार्मेसियों का पंजीकरण करने के साथ चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों और फार्मासिस्टों की हेल्थ प्रोफेशनल आईडी बनाई जा रही है। इससे मरीजों की आभा आईडी बनाकर उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से लिंक करने में मदद मिलेगी। अभियान में मां योजना और आरजीएचएस से जुड़े निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, फार्मेसियों और पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्यकर्मियों को आधार से लिंक मोबाइल नंबर, काउंसिल का रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज और वर्तमान कार्यस्थल का प्रमाण साथ लाना होगा। मोबाइल नंबर का सत्यापन अनिवार्य है, जबकि ई-मेल का सत्यापन वैकल्पिक रखा गया है।0
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कोटा के अस्पताल में सिजेरियन के बाद फिर प्रसूता की मौत, मौतों के पीछे सवाल
Noida, Uttar Pradesh:कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने का मामला फिर सामने आया है। बुधवार को ऑपरेशन के बाद दो प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी थी। इनमें छावनी निवासी 40 वर्षीय रेशमा की रात को मौत हो गई, जबकि बूंदी जिले की 30 वर्षीय अनीता बैरवा का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी विभाग में उपचार जारी है। अनीता की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इससे पहले 5 मई को इसी अस्पताल में सिजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने का मामला सामने आया था। इनमें पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। करीब पांच महीने बाद भी मौतों की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है。 डिलीवरी के बाद बिगड़ी रेशमा की तबीयत, निजी अस्पताल से वापस लाई गई छावनी में मीनार मस्जिद के पास रहने वाली रेशमा पत्नी मकसूद को मंगलवार रात न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह 9:45 बजे सिजेरियन से बेटे का जन्म हुआ। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। सुबह 11 बजे के बाद ड्रिप लगाई गई और उसमें दो इंजेक्शन देने के करीब 10 मिनट बाद रेशमा की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उपचार के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि परिजन रेशमा को शाम को वापस मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर आए थे। रात करीब 8:30 बजे उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। फिलहाल उसकी मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है अनीता की किडनी प्रभावित, सांस लेने में भी हुई परेशानी बूंदी जिले के निमोदा हरिजी गांव निवासी अनीता बैरवा (30) पत्नी हंसराज को 13 अक्टूबर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके रिश्तेदार श्यामलाल के अनुसार, 14 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे सिजेरियन से प्रसव हुआ। अगले दिन तड़के करीब 5 बजे अनीता को सांस लेने में परेशानी होने लगी और यूरिन बनना बंद हो गया। उनकी प्लेटलेट्स भी तेजी से गिरने लगीं। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी विभाग में शिफ्ट किया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एसडीपी के लिए तीन घंटे भटके परिजन, मशीन खराब होने का दावा अनीता के रिश्तेदार श्यामलाल के मुताबिक, डॉक्टरों ने सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) चढ़ाने की सलाह दी थी। परिजन करीब तीन घंटे तक इसकी व्यवस्था के लिए परेशान होते रहे। उनका आरोप है कि न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मशीन खराब होने के कारण एसडीपी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्हें एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक जाना पड़ा। परिजनों ने यह आरोप भी लगाया कि उनकी परेशानी दूर करने के बजाय अस्पताल के कुछ कर्मचारी वीडियो बनाने लगे। इन आरोपों पर hospital प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। 5 मई को 12 प्रसूताओं की किडनी प्रभावित हुई, पांच की मौत न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 5 मई 2026 को सिजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने का मामला सामने आया था। इनमें पायल, ज्योति, पिंकी, प्रिया और शिरीन की मौत हो गई थी, जबकि सात महिलाएं उपचार के बाद डिस्चार्ज हो गई थीं। इस मामले में कोटा, जयपुर, जोधीपुर और दिल्ली की जांच कमेटियां गठित की गईं, लेकिन करीब पांच महीने बाद भी मौतों की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले से जुड़े सैंपल कोलकाता की लैब भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है। अब रेशमा की मौत और अनीता की किडनी प्रभावित होने के मामले ने फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, दोनों महिलाओं की मौजूदा स्थिति और पहले हुई मौतों के बीच किसी संबंध की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बिना नहीं की जा सकती।0
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