icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
262001
Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow10 Jan 2025, 12:18 pm

Pilibhit: थाना बरखेड़ा क्षेत्र में लूट का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार

Pilibhit, Uttar Pradesh:

थाना बरखेड़ा क्षेत्र में हुई लूट की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 5 जनवरी को किसान मोहित पाल से चार अज्ञात बदमाशों ने ट्रैक्टर रोककर गन्ना भुगतान के 30 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिया था। CO बीसलपुर डॉ. प्रतीक दहिया ने आज तीन लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 41,500 रुपए नकद, दो बाइक, दो अवैध तमंचे, कारतूस, घड़ी और अन्य सामान बरामद किया है। भैंसहा ग्वालपुर जाने वाले रास्ते पर ईंट भट्टा के पास से छह लुटेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बोकारो के चार ग्रामों में भारी वाहनों से जनजीवन प्रभावित, ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया

Bokaro Steel City, Jharkhand:Bokaro के बोदरोटॉड़ समेत चार ग्राम में भारी वाहनों के परिचालन से जनजीवन प्रभावित, ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया. बोकारो के तुपकाडीह में आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों बोदरोटॉड़, झिकलोपा, बरुवाटाँड़ और डुंगरीघुदू के निवासियों ने जिलाधिकारी और संबंधित कम्पनी प्रबंधन के सुस्त रवैये के खिलाफ आज सड़क पर आवाज बुलंद की। ग्रामीणों का आरोप है कि टीसी एसजीपी गेट से तुपकाडीह नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन से स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बावजूद इसके प्रशासन ने गत 17 अप्रैल 2026 को दिए गए आवेदन पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि बिना तिरपाल की ढकी हुई भारी स्लैग लदी गाड़ियों से सड़क पर गिरते बोल्डर और बड़े- बड़े गड्ढे खतरे का कारण बन गए हैं। टूट-फूट और जर्जर सड़क का असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है। खासकर स्कूली बच्चे, मजदूर और बुजुर्गों का आवागमन दुष्कर हो गया है और आए दिन चोटिल होने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। आंदोलनकारी ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने 17 अप्रैल को जिला प्रशासन तथा बीएसएल प्रबंधन को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गयी। नाराज़ ग्रामीणों ने आज कंपनी द्वारा संचालित स्लैग लाइन से जुड़ी भारी वाहनों का परिचालन अनिश्चितकालीन तौर पर बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारी साफ़ शब्दों में कह रहे हैं कि यदि इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना या काम में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं संबंधित कंपनियों की होगी। स्थानीय लोगों की मुख्य मांगे रही जिसमें नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाय सहित अन्य मांगे रखी गई।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

चक्रधरपुर-सोनुआ मार्ग पर बस की टक्कर: तीन युवकों की दर्दनाक मौत

Chaibasa, Jharkhand:चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बस की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत गम्हरिया से मजदूरी कर लौटे थे युवक, दोस्त को छोड़ने जाते समय हुआ हादसा पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य मार्ग पर कॉन्सेप्ट पब्लिक स्कूल के पास शुक्रवार शाम करीब 5 बजे भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार चेलाबेड़ा गांव निवासी अमिन नायक उर्फ कृष्णा अपने दोस्तों तोयरा गांव निवासी गणेश नायक और श्यामलाल के साथ बाइक (जेएच 06 यू 8103) से सोनुआ की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही साईं रथ बस (जेएच 22 एफ 4775) ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कृष्णा नायक और उसके एक दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक ने इलाज के दौरान चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। मृतक कृष्णा के पिता मोनो नायक ने बताया कि तीनों युवक गम्हरिया स्थित फैक्ट्री में काम करते थे और शुक्रवार को ही घर लौटे थे। कृष्णा अपने दोस्तों को बाइक से उनके गांव छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है。 कई सड़कें बन चुकी हैं दुर्घटना जोन चक्रधरपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। सोनुआ रोड, टोकलो रोड, बांझीकुसूम-केरा रोड, पोटका, कुसूमकुंज मोड़, आसनतलिया और शर्मा होटल के आसपास का क्षेत्र दुर्घटना जोन बनता जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

कुआं में गिरे युवक का रेस्क्यू: घंटों की मशक्कत के बाद जान बची

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले के मंझनपुर कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया, जब राजू नाम का एक युवक अचानक फिसलकर कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के मंझनपुर कस्बा स्थित नया नगर मोहल्ले का है, जहां राजू नाम का युवक अचानक पैर फिसलने से कुएं में जा गिरा। युवक के कुएं में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी प्रयास के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। युवक घायल अवस्था में था, जिसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। समय रहते रेस्क्यू होने से युवक की जान बच गई। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है।
0
0
Report

उत्तराखंड में इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए मिनिमम वेज 13,018 रुपये तय

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड के लेबर कमिश्नर प्रकाश चंद्र दुमका कहते हैं, "लेबर डिपार्टमेंट हमेशा उत्तराखंड के वर्कर्स की ज़रूरतों को लेकर सेंसिटिव रहा है। अप्रैल में, हमने इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज़ के लिए मिनिमम वेज अनाउंस किया, जो एक माइलस्टोन है, क्योंकि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसी वेज अनाउंस की गई हैं। इसके अलावा, 2024 में नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए अनाउंस की गई मिनिमम वेज के बारे में, हमने हाई कोर्ट में एक मज़बूत लीगल डिफेंस पेश किया; इस असरदार एडवोकेसी के बाद, वर्कर्स के पक्ष में फैसला आया। हमने अप्रैल 2026 से इन रिवाइज्ड वेज को लागू भी कर दिया है। इस तरह, अप्रैल 2026 में, हमने इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग दोनों सेक्टर्स के लिए मिनिमम वेज अनाउंस किया; इसके अलावा, नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए, हमने वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) भी अनाउंस किया। इस VDA के अनाउंसमेंट के साथ, उत्तराखंड में मिनिमम वेज अब हमारे पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज़्यादा हो गई है। हमने उत्तराखंड में मिनिमम वेज ₹13,018 अनाउंस किया है। अगर कोई इंडस्ट्री लेबर कानूनों को तोड़ती है—चाहे किसी भी इंडस्ट्री द्वारा मनमाने ढंग से काम के घंटे बदलना, डबल रेट पर ओवरटाइम सैलरी न देना, या दूसरे मंज़ूर फ़ायदों से मना करना—हम उनकी तरफ़ से एक्शन लेने के लिए तैयार हैं। मेरे साथी वर्कर्स से मेरी एक रिक्वेस्ट है। मैं उनसे अपील करता हूँ कि वे याद रखें कि रोज़गार तभी तक है जब तक इंडस्ट्रीज़ हैं। इंडस्ट्रीज़ और वर्कर्स के बीच तालमेल बनाए रखना ज़रूरी है। ₹20,000 मिनिमम सैलरी देने का ऐसा कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है...
0
0
Report
Advertisement

टोकन समस्या के कारण किसान रबी धान संकलन नहीं हो पाया, DLPC बैठक निरस्त

PPrincess11m ago
Sambalpur, Odisha:ରବି ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ବୈଠକ ବର୍ଜନ କଲେ ଚାଷୀ DLPC ବୈଠକ ଅନୁଯାଯିଆଜି ମେ ୧୫ ତାରିଖରେ ରବି ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ହେବା ପାଇଁ ଦିନ ନିର୍ଧାରଣ କରାଯାଇଥିଲା ଆଜି ମାର୍କେଟ ୟାର୍ଡ଼ ରେ ଚାଷୀ ଧାନ ନେଇ ପହଂଚି ଥିଲେ କିନ୍ତୁ ଚାଷୀ ମିଲର ଓ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ର ଏକ ମିଳିତ ବୈଠକ ହେଉଥିବା ବେଳେ ଖରିଫ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ସମୟ ର ଟୋକନ ସମସ୍ୟା ପାଇଁ ଧାନ ଉଠି ନ ଥିବା ବେଳେ ଏଥର ମଧ୍ୟ କିଛି ଚାଷୀ ଙ୍କର ଟୋକନ ସମସ୍ୟା ରହିଥିବା ସହ ବୈଠକ ବିଫଳ ହୋଇଥିଲା ଏ ସମସ୍ୟା ଗୁଡିକ ର ସମାଧାନ ନ ହେବାରୁ ଚାଷୀ ମାନେ ବୈଠକ ବର୍ଜନ କରିଥିଲେ ଆଜି ସେଥିପାଇଁ ଦିନ ସାଢେ ୧୨ ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବରେଇ ପାଲି ମାର୍କେଟ ୟାର୍ଡ଼ ରୁ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ହୋଇ ପାରି ନ ଥିଲା
0
0
Report

उत्तराखंड में मिनिमम वेज बढ़ा, छह महीने बाद रिवीजन और प्रशासनिक निर्देश जारी

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून: उत्तराखंड सरकार के सेक्रेटरी श्रीधर बाबू अद्दांकी कहते हैं, "मिनिमम वेज रेट में हाल ही में बदलाव हुआ है; असल में, यह अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही हुआ। वेज की दो कैटेगरी हैं: एक इंजीनियरिंग वर्कर्स के लिए और दूसरी नॉन-इंजीनियरिंग वर्कर्स के लिए। इन कैटेगरी में, अनस्किल्ड लेबर, सेमी-स्किल्ड लेबर और स्किल्ड लेबर जैसी और सब-कैटेगरी हैं। नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर में हमारे अनस्किल्ड वर्कर्स के लिए, कुल मिनिमम वेज का आंकड़ा अब Rs 13,018 है। इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए, यह आंकड़ा लगभग Rs 13,80 है। अगर आप इसकी तुलना दूसरे भारतीय राज्यों से करें – खासकर हमारे पड़ोसी राज्यों से – या नेशनल एवरेज देखें, तो आप पाएंगे कि हमारे रेट काफी ज़्यादा हैं। दुर्भाग्य से, कुछ सोशल मीडिया चैनलों की वजह से, अभी गलत जानकारी और झूठा प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है। ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि उत्तराखंड में मिनिमम वेज कम रेट पर दिया जा रहा है। असल में, लेबर डिपार्टमेंट ने – हमारे डिपार्टमेंट के अधिकारियों के ज़रिए – राज्य भर के सभी इंडस्ट्रियल संस्थानों को मिनिमम वेज का पेमेंट सख्ती से पक्का करने के लिए अलर्ट किया है। उन्हें अप्रैल में एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर लिए गए फैसले का पालन करने का निर्देश दिया गया है। यह रिवीजन हर छह महीने में होता है। अगला रिवीजन छह महीने बाद होगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top