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SKSushil Kumar UpadhyayFollow13 Dec 2024, 11:52 am
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लोहार्गल में संतों का धरना, पुलिस थाने की मांग तेज

Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी, झुंझुनूं तीर्थ स्थल लोहार्गल में श्रद्धालुओं की नो एंट्री! संत सूरजदास का पार्थिव देह पहाड़ी से नीचे लाया गया लोहार्गल में आक्रोश, गोल्याणा सर्किल पर संतों का धरना शुरू लोहार्गल पूरी तरह बंद, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई प्रशासनिक लापरवाही और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर प्रदर्शन पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने सरकार पर साधा निशाना बोले- हेलिकॉप्टर से फूल बरसते हैं, संतों के लिए नहीं संतों की सरकार के राज में संतों की हालत सभी के सामने — डॉ. शर्मा लोहार्गल में तत्काल पुलिस थाना स्थापित करने की उठी मांग प्रदेशभर से पहुंचे संत, मांगों पर अड़े हुए हैं झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर से 26 सितंबर से लापता चल रहे करीब 80 वर्षीय संत सूरजदास जी महाराज का पार्थिव देह मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से दुर्गम पहाड़ी से नीचे उतारा। संत पिछले करीब 35 वर्षों से बरखंडी बाबा मंदिर में सेवा कर रहे थे। घटना के बाद से लोहार्गल में आक्रोश देखा जा रहा है। गोल्याणा सर्किल पर लोहार्गल जाने वाले मुख्य मार्ग के प्रवेश द्वार के सामने संतों और ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। पूरे लोहार्गल को बंद रखा गया है और श्रद्धालुओं का प्रवेश भी रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर प्रशासनिक लापरवाही और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। धरने में राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से आए संत भी शामिल हैं। उनका कहना है कि संत की मौत के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के साथ लोहार्गल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। धरने पर पहुंचे पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संतों और स्थानीय लोगों ने कई दिनों से सरकार से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में तलाश के लिए HELICOPTER और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन समय रहते ऐसा नहीं किया गया। डॉ. शर्मा ने कहा कि जहां HELICOPTER से फूल बरसाए जाते हैं, वहां संत को खोजने के लिए HELICOPTER नहीं भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को वहां राजनीतिक माइलेज दिखाई नहीं दिया, इसलिए संत की तलाश को वह प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत बात नहीं है, बल्कि धरने पर मौजूद संतों की पीड़ा है। लोहार्गल में पुलिस थाना स्थापित करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लोहार्गल जैसे बड़े तीर्थस्थल पर लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए यहां स्थायी पुलिस व्यवस्था जरूरी है। संत सूरजदास जी महाराज की मौत के बाद लोहार्गल में संतों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संत धरने में शामिल हैं। फिलहाल लोहार्गल पूरी तरह बंद है और श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक की जांच हो और लोहार्गल में स्थायी पुलिस थाना स्थापित किया जाए। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह संतों और ग्रामीणों की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और धरना कब समाप्त होता है।
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नवनीत राणा अमरावती दौरे पर: 40–50% सोयाबीन नष्ट, नुकसान भरपाई की घोषणा

Amravati, Maharashtra:नवनीत राणा नुकसानग्रस्त शेतीच्या पाहणी दौऱ्यावर; शेती बांधावर जाऊन शेतकऱ्यांशी नवनीत राणा यांचा संवाद, अमरावती जिल्ह्यात 40 ते 50 टक्के सोयाबीन नष्ट. अँकर: संपूर्ण अमरावती जिल्ह्यामध्ये राज्य सरकारने कोरडा दुष्काळ जाहीर केला. यानंतर माजी खासदार तथा भाजप नेत्या नवनीत राणा या अमरावती जिल्ह्यातील भातकुली तालुक्यातील नुकसान ग्रस्त शेतीचा पाहणी दौऱ्यावर आहेत. थेट शेतकऱ्यांच्या शेती बांधावर जाऊन शेतकऱ्यांची नवनीत राणा शेतकऱ्यांशी संवाद साधत आहेत. राज्य सरकार शेतकऱ्यांच्या पाठीशी आहे सर्व शेतकऱ्यांना सरसकट नुकसान भरपाई मिळणार अशी प्रतिक्रिया त्यांनी दिली. भातकुली तालुक्यापासून नवनीत राणा यांच्या दौऱ्याला सुरुवात झाली असून त्यानंतर दर्यापूर, अचलपूर, अंजनगाव सुर्जी आणि चांदूर बाजार तालुक्यातील पावसा अभावी करपलेल्या शेती पिकांची त्या पाहणी करणार आहेत.
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भिवंडी में 100 मीटर स्टील पुल स्थापित; मुंबई-नाशिक हाईवे पर पहला बुलेट ट्रेन पुल

Thane, Maharashtra:भिवंडीतील मुंबई-नाशिक महामार्गावर १०० मीटर लांबीचा स्टील पूल बसवण्यात आला आहे. महाराष्ट्रातील हा पहिलाच स्टील पूल आहे. देशातील महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रकल्पातील महत्वाचा टप्पा पार पडला आहे. भिवंडी तालुक्यातील दिवे गावाजवळ मुंबई-नाशnsk महामार्गावर १०० मीटर लांबीचा स्टील पूल बसवला गेला. पुलाची लांबी १०० मीटर, उंची १४ मीटर, रुंदी १४ मीटर आणि वजन १४०५ मेट्रिक टन आहे. हा पूल तामिळनाडूच्या त्रिची येथे तयार करून १३०० किलोमीटर अंतरावरून ट्रेलरने आणण्यात आला. रात्री महामार्गावरील वाहतूक बंद करून क्रेनच्या मदतीने १७.५ मीटर उंचीवर हा पूल बसवण्यात आला. यासाठी १५० टन क्षमतेच्या हायड्रॉलिक जॅकचा वापर करण्यात आला. या पूलाला C5 पेंटिंग आणि कंपनरोधक बेयरिंग्ज बसवण्यात आली आहेत. या संपूर्ण मार्गावर असे २८ स्टील पूल उभारले जाणार आहेत.
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राजस्थान में ATS की संख्या बढ़कर 249 तक: किस जिले में कितने ATS खुलेंगे

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- अब जयपुर में होंगे 50 ATS परिवहन विभाग ने बढ़ाई राज्य में ATS की संख्या अब प्रदेशभर में खुल सकेंगे 249 ATS हर 8 हजार वाहनों पर 1 एटीएस की मंजूरी वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया होगी आसान कई जिलों में वाहन अनुपात के मुताबिक ATS नहीं एंकर देशभर में वाहनों की फिटनेस को लेकर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन्स यानी एटीएस शुरू किए जा रहे हैं। राजस्थान में 51 एटीएस संचालित हो रहे हैं। अब परिवहन विभाग ने राजस्थान में कुल एटीएस के स्कोप में बढ़ोतरी कर दी है। अब राज्य में 92 और नए एटीएस खुल सकेंगे। क्या हुए हैं बदलाव, क्या रही हैं अनियमितताएं, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राजस्थान में वाहनों की फिटनेस को लेकर संचालित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों को लेकर जारी पॉलिसी में संशोधन किया गया है। परिवहन विभाग ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना एवं नियंत्रण सम्बंधी दिशा निर्देश 2025 में संशोधन किए हैं। इससे राज्य में निजी क्षेत्र में स्थापित होने वाले एटीएस की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी 31 मार्च 2026 को हुई वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी के आधार पर की गई है। दरअसल पिछले साल 2 जुलाई 2025 को जब एटीएस पॉलिसी जारी हुई थी, तब प्रति 12 से 15 हजार वाहनों पर एक एटीएस शुरू करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अब इसे बदलते हुए 8 से 10 हजार वाहनों के लिए एक एटीएस खोलने का निर्णय किया गया है। इस तरह पहले जहां 16 लाख 38 हजार 870 वाहनों के लिए राज्य में 157 एटीएस खोलने की मंजूरी दी गई थी। अब वाहनों की संख्या 19 लाख 10 हजार 332 पहुंचने पर कुल 249 एटीएस का स्कोप निर्धारित किया गया है। Gfx In किस जिले में कितने ATS खुल सकेंगे - अजमेर में 9, अलवर में 4 ATS खुल सकेंगे - बालोतरा-बांसवाड़ा में 3-3, बारां में 2, बाड़मेर में 6, - ब्यावर-भरतपुर में 3-3, भीलवाड़ा में 9, बीकानेर में 12, - बूंदी में 3, चित्तौड़गढ़ में 8, चूरू-दौसा में 6-6, डीग में 1, - धौलपुर में 5, डीडवाना-कुचामन में 4, डूंगरपुर में 2, - हनुमानगढ़ में 5, जयपुर में 50, जैसलमेर में 3, जालौर में 4, - झालावाड़ में 3, झुंझुनूं में 7, जोधपुर में 18, करौली में 2, - खैरथल-तिजारा में 1, कोटा में 8, कोटपूतली-बहरोड में 5, नागौर में 7, पाली में 6, फलौदी में 2, प्रतापगढ़ में 1, - राजसमंद-सवाईमाधोपुर में 3-3, सलूंबर मेंं 1, सीकर में 9, - सिरोही में 4, श्रीगंगानगर में 6, टोंक में 3 और - उदयपुर में 9 ATS खोलने की दी गई मंजूरी Gfx Out वीओ- 2 हालांकfuck वाहनों की संख्या को लेकर जिलेवार जिस तरह से एटीएस का स्कोप निर्धारित किया गया है, उसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां भरतपुर और डीग में वाहनों की कम संख्या होने के बावजूद अधिक एटीएस का स्कोप निर्धारित होना बताया जा रहा है। वहीं उदयपुर, दौसा, सिरोही, खैरथल-तिजारा में अपेक्षाकृत रूप से कम एटीएस स्वीकृत करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। Gfx In एटीएस स्वीकृत करने में क्या हुआ भेदभाव? - बूंदी जिले में कुल 18743 वाहन हैं, यहां 3 एटीएस स्वीकृत किए - खैरथल-तिजारा में 9779 वाहन, फिर भी 1 ही एटीएस स्वीकृत - जबकि 8 हजार के आंकड़े से करीब 1800 वाहन अधिक - सिरोही में 33925 वाहन, फिर भी 4 एटीएस, 5 हो सकते थे - उदयपुर में 78692 वाहन, नियमानुसार 10 होने चाहिए थे, 9 ही किए - भरतपुर में 25553 से घटकर 15158 वाहन रह गए - पहले 3 एटीएस रखे थे, अब भी 3 का ही स्कोप यथावत रखा गया - दौसा में 49205 वाहनों के लिए 6 के बजाय 7 एटीएस हो सकते थे Gfx Out वीओ- 3 इसके विपरीत डीडवाना-कुचामन जिले में 26213 वाहनों के लिए 4 एटीएस खोलने की मंजूरी दे दी गई है। डीग जिले में अभी पंजीकृत वाहनों की संख्या का कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन डीग में एक एटीएस का स्कोप स्वीकृत किया गया है। कुलमिलाकर सिरोही, उदयपुर, दौसा और खैरथल-तिजारा जैसे जिलों में वाहनों की संख्या अधिक होने के बावजूद भी कम संख्या में एटीएस स्वीकृत किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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जैसलमेर में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया; ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर में कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका जैसलमेर सीमावर्ती जिले जैसलमेर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस कार्यालय, कलाकार कॉलोनी से जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल जुलूस निकाला। कलेक्ट्रेट के सामने कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार एवं चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि PCC के निर्देश पर पूरे राजस्थान में जिला स्तर पर प्रदर्शन और घेराव किया जा रहा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में कथित वोट हेराफेरी का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रूपाराम धंदेव ने वर्ष 2014 के बाद चुनाव आयोग, केंद्रीय एजेंसी और केंद्र सरकार पर चुनावों में कथित हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न चुनावों में दबाव और कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। धंदेव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बाइट-अमरदीन फकीर, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी जैसलमेर बाइट- रूपाराम धंदेव, पूर्व विधायक, जैसलमेर
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जयपुर के सरकारी स्कूल: जर्जर भवनों में बच्चों की पढ़ाई जोखिम में

Jaipur, Rajasthan:जयपुर शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं मजबूत स्वास्थ्य के लिए पोषण सहित बच्चों के सर्वांगीण विकास के तरह तरह के दावे किए जाते हैं,,, लेकिन कई स्कूलों में हालात इसके उल्टे नजर आते हैं,,, न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र बल्कि प्रदेश की राजधानी जयपुर के भी कुछ स्कूलों की तस्वीर सीधे तौर पर अधिक बदहाली की नजर आती है,,, राजधानी जयपुर के राजकीय बालिका प्राथमिक विद्यालय जवाहर नगर में जब जी मीडिया की टीम ने जायजा लिया तो वहां के हालात आश्चर्यचकित करने वाले थे,,, प्रदेश की राजधानी होने के बावजूद भी 2008 में लोकार्पण हुए स्कूल के जर्जर भवन में बैठने को मजबूर नजर आ रहे है बच्चे,,, स्कूल में तीन महिला शिक्षिकाएं लेकिन मजबूरी के चलते उनके पास कोई रास्ता नहीं है,,, स्कूल में जर्जर भवन होने के कारण बच्चे के टीनशैड में बैठने को मजबूर है वह भी इस जर्जर भवन की छत पर बने हुए,,, बारिश के दौरान स्कूल में पानी इतना भर जाता है कि कभी भी हादसा हो सकता है,,, हालत यह है कि 24 घंटे पहले हुई बारिश का पानी 24 घंटे बाद तक भी नहीं सुखा,,, स्कूल में घुसते ही बच्चों को कक्षा में जाने के लिए पानी में से निकलना पड़ रहा है,,, स्कूल भवन इतना जीर्ण क्षीण और जर्जर हो चुका है की दीवारों में जगह-जगह दरारें आ चुकी है,,, कई जगह से चूना गिर रहा है,,, वहीं भवन में पूरी तरह दीवारों में स्कूल में बिजली का कनेक्शन दे रखा है लेकिन खुले तारों में बारिश के दौरान सीलन से हादसे की आशंका बनी हुई है,,, बारिश के दौरान जर्जर जीर्ण क्षीण भवन में विषैले जीव जंतुओं का भी डर बना रहता है,,,, लेकिन शिक्षा जरूरी है,,, यही सोचकर शायद माता-पिता अपने बच्चों को जर्जरभवन में पढ़ने के लिए भी भेज रहे हैं,,, प्रदेश की राजधानी जयपुर का यह स्कूल शिक्षा विभाग के तमाम दांवों की पोल खोल कर रख देता है,,, बड़ी बात यह है कि शिक्षा विभाग ने कुछ दिनों पहले प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों को जमीनदोज कर रिपोर्ट पेश करने की निर्देश दिए थे,,, लेकिन इस भवन को शायद इसीलिए जमीन रोज करने के बाद बच्चों के बैठने के लिए कोई आसरा नहीं रहेगा,,, ऐसे में शिक्षा ग्रहण करने के लिए बच्चों को अपने जिंदगी का रिस्क लेना पड़ रहा है,,, न सिर्फ बच्चों का बल्कि शिक्षकों में भी एक डर बना हुआ रहता है,,
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बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर उद्घाटन से दिल्ली में ट्रैफिक राहत

New Delhi, Delhi:Barapullah फेस 3 फ्लाईओवर दिखाते हुए शटल गाड़ी में कार थ्रू दिल्ली को आज मिलेगी बड़ी ट्रैफिक राहत 1941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का आज लोकार्पण और शिलान्यास गृह मंत्री अमित शाह करेंगे बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक 3.5 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार रैंप और लूप समेत कॉरिडोर की कुल लंबाई 4.9 किमी दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा समय 20 से 25 मिनट तक घटने का अनुमान, कॉरिडोर शुरू होने से रोजाना करीब 2 टन CO₂ उत्सर्जन कम होने का अनुमान मयूर विहार-नोएडा से एम्स तक करीब 10 किमी का सिग्नल फ्री कॉरिडोर मिलेगा, 6 लेन के साथ साइकिल ट्रैक और फुटपाथ की भी सुविधा, 1200 करोड़ की अनुमानित लागत वाली परियोजना पर खर्च हुए 1635.03 करोड़ रुपये, 2014 में हुआ था शिलान्यास, 2015 में शुरू हुआ था निर्माण 30 महीने में पूरा होने वाली परियोजना को तैयार होने में करीब 9 साल की देरी हुई .
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दिल्ली में बारापुला फेज-3 और मयूर विहार-नोएडा कॉरिडोर का उद्घाटन आज

New Delhi, Delhi:दिल्ली को आज मिलेगी बड़ी ट्रैफिक राहत 1941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का आज लोकार्पण और शिलान्यास गृह मंत्री अमित शाह करेंगे बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक 3.5 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार रैंप और लूप समेत कॉरिडोर की कुल लंबाई 4.9 किमी दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा समय 20 से 25 मिनट तक घटने का अनुमान, कॉरिडोर शुरू होने से रोजाना करीब 2 टन CO₂ उत्सर्जन कम होने का अनुमान मयूर विहार-नोएडा से एम्स तक करीब 10 किमी का सिग्नल फ्री कॉरिडोर मिलेगा, 6 लेन के साथ साइकिल ट्रैक और फुटपाथ की भी सुविधा, 1200 करोड़ की अनुमानित लागत वाली परियोजना पर खर्च हुए 1635.03 करोड़ रुपये, 2014 में हुआ था शिलान्यास, 2015 में शुरू हुआ था निर्माण 30 महीने में पूरा होने वाली परियोजना को तैयार होने में करीब 9 साल की देरी हुई. आज बड़ी खुशी की बात है कि इतनी बड़ी परियोजना का उद्घाटन होने जा रहा है आज वो इंतजार खत्म हो गया जो 11 वर्षों से दिल्ली की जनता देख रही थीं 11 साल से इस फ्लाईओवर का काम चल रहा था टैक्सपेयर का पैसा बर्बाद हो रहा था कई एनओसी की आवश्यकता थी सारी समस्याओं को दूर किया ये केवल मेरे लिए एक पुल का निर्माण करना नहीं ये दिल्ली की जनता का पैसा था , ये उनका समय बचाने के लिए था , जनता ने हमारे ऊपर भरोसा जताया हमने समयबद्ध तरीके से इस काम को पूरा किया है ऐसे कितने प्रोजेक्ट रुके हुए थे लेकिन जब से हमारी सरकार बनी है काम पूरे हो रहे हैं मुकरबा अंडर पास और सावित्री फ्लाईओवर , मोदी मिल फ्लाईओवर का भी शिलान्यास हुआ है सारी कार्ययोजना दिल्ली के आगे के 50 साल को देखते हुए बनाई गई है ह Harsh Malhotra , केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी पुरानी सरकार के काम जो अटके पड़े थे वो पूरे किये जा रहे है पिछले सरकार ने केवल आरोप प्रत्यारोप की राजनीति की है आज मौजूदा सरकार यमुना को साफ करने में जुटी है और कूड़े के पहाड़ को खत्म भी किया जा रहा है उनके पास दिल्ली के विकास के लिए कोई बात नहीं थी केजरीवाल सरकार के निकम्मेपन के कारण कार्य पूरे नहीं हुए केजरीवाल ने जनता से झूठ लगातार बोला यमुना जी की सफाई को लेकर जो वादे किए वो झूठे साबित हुए *आप नेता नराज फूफा की तरह सड़क खोदने का काम कर रहे हैं* रेखा गुप्ता सीएम दिल्ली पिछली सरकार ने काम पूरा नहीं किया यहां की परियोजना शुरू करने के लिए कई बार दौरा किया राष्ट्रीय नेतृत्व का हमे पूरा साथ मिला आज दिल्ली में अनेको एक्सप्रेसवे और फ्लाईओवर बन रहे हैं डबल इंजन सरकार की ताकत है जब मिलकर काम होता है तब दिल्ली की अटकी और भटकी समस्या दूर होती 50 साल में जो काम नहीं हुए वो ये सरकार सिर्फ 5 साल में करके दिखाएगी
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मुरादाबाद के मदपुरी हाईवे पर थार ने दो युवकों को मारी टक्कर, दर्दनाक मौत

Moradabad, Uttar Pradesh:एक बार फिर मुरादाबाद में थार ने ली 2 युवकों की जान, तेज रफ़्तार थार सवार ने ई-स्कूटी को जोरदार टक्कर मारकर उड़ाया। हादसे में ई-स्कूटी सवार दोनों दोस्तों की हुई दर्दनाक मौत। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजे। हादसे के बाद मौके से कार छोड़ फरार हुआ चालाक; पुलिस थार गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने ले आई। थार गाड़ी का नंबर UP21DD5994 है जिसका मालिक सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद नावेद का बताया जा रहा है। हादसे में मरने वालों की पहचान कांठ थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर के निवासी मोहम्मद रिहान और अबूजर के रूप में हुई। युवकों की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल। रिहान के परिजनों के मुताबिक वो दुबई में काम करता था जिसकी 1 तारीख की वापसी दुबई की फ्लाइट थी; परिवार ने कार्यवाही की मांग की है और कहा कि थार वाला तो रहीशा आदमी होगा लेकिन इनका क्या, घर का चिराग ही बुझ गया। इससे पहले भी तीन दिन पूर्व कुंदरकी थाना क्षेत्र में थार सवारों ने सड़क पर खड़ी ई-रिक्शा को उड़ा दिया था जिसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। अब सवाल उठता है कि पुलिस मामले में क्या कार्यवाही करती है क्योंकि थार सवारों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र के मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर मदपुरी गांव का पूरा मामला।
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सिकरहना नदी के तटबंधों का बीडीओ-सीओ ने किया निरीक्षण,प्रशासन अलर्ट

NEYAZ ALAM SHAINEYAZ ALAM SHAIFollow3m ago
Majhaulia, Bihar:मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के तिरवाह इलाके में सिकरहना नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। मंगलवार को मझौलिया बीडीओ राजीव रंजन कुमार एवं सीओ डॉली कुमारी ने क्षेत्र के विभिन्न तटबंधों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति को बारीकी से देखा और संभावित संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। बीडीओ और सीओ ने संबंधित चौकीदारों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कहा कि तटबंधों पर लगातार नजर रखें। कहीं भी कटाव, रिसाव या किसी प्रकार की क्षति दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।अधिकारियों ने बताया कि सिकरहना नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। निरीक्षण के दौरान मुखिया पति अली असगर, जावेद अख्तर, फैयाज अहमद, इरशाद आलम समेत अन्य स्थानीय लोग एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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कुशीनगर में नारायणी तटबंध टूटे, 35 गांव बाढ़ की चपेट में

Kushinagar, Uttar Pradesh:एशिया-पूर्व बिहार तटबंध टूटने की घटना कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील में देर रात नारायणी नदी के दबाव से एपी तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही नदी का पानी तेजी से गांवों की तरफ बढ़ने लगा और करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। कई गांवों में पानी घुसने के बाद ग्रामीणों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और कुछ परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहे। प्रशासन, पुलिस, SDRF और PAC की टीमें रेस्क्यू में जुटी रहीं तथा बाढ़ खंड के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कथित तौर पर कटान रोकने के लिए बोल्डर की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बहाव अभी नियंत्रण में नहीं आ पाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी देर रात घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ली है और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। तटबंध टूटने के बाद नदी का डिस्चार्ज घटकर करीब 2 लाख 54 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था और जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गया। राहत की बात यह है कि शुरुआती सूचना के अनुसार जनहानि नहीं हुई है। aguas-प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया है और ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की अपील की जा रही है। बाढ़ खंड गोरखपुर मंडल के अधिकारी मौके पर डटे हैं और बोल्डर का स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कटान रोका जा सके। मुख्यमंत्री के आगमन की संभावनाओं के मद्देनजर हैलीपैड बना हुआ है और NSG कमांडो सुरक्षा के लिए तैनात हैं।
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ग्वालियर में रेत खनन फर्जी रॉयल्टी गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर जिले में रेत कंपनी की फर्जी रॉयल्टी बनाकर रेत वाहनों को निकालकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रेत कंपनी मैनेजर की शिकायत के बाद पिछोर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दअरसल ग्वालियर जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के केथौदा में RSI माइनिंग कंपनी का रेत खनन ठेका है। रेत कंपनी के मैनेजर पुष्पेंद्र सिंह ने पिछोर थाना पुलिस से शिकायत की, जिसमें बताया कि उनकी रेत कंपनी के नाम से कोई फर्जी रॉयल्टी बनाकर रेत से भरे वाहनों को निकाला जा रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की तो कैथोदा गांव के रहने वाले विक्रम जाट और 2 अन्य युवकों को गिरफ्तार किया है। यह सभी मिलकर फर्जी रॉयल्टी काटकर रेत के वाहनों को निकाल रहे थे। जिससे रेत ठेका कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। वह असली जैसी दिखने वाली फर्जी रॉयल्टी पर्ची तैयार करते थे और ट्रक चालकों से पैसे वसूल कर वाहनों को आगे जाने देते थे। इस पूरे खेल में कंपनी को प्रति वाहन रॉयल्टी का नुकसान हो रहा था, जबकि आरोपी अवैध वसूली कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितनी फर्जी रॉयल्टी काटी जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों से जब्त दस्तावेजों और मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
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