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मथुराः प्रहलाद नगरी फालैन में पहुंचा श्रद्धालुओं का जत्था
Kosi Kalan, Uttar Pradesh:कोसीकला के गांव प्रहलाद नगरी फालैन में श्रद्धालुओं का एक जत्था मंदिर दर्शन और प्रहलाद कुंड के दर्शन को पहुंचा। इस दौरान मंदिर के महंत मोनू पांडा ने उनको प्रहलाद जी की महिमा और प्रहलाद कुंड के विषय में बताया। इसके अलावा होली के पर्व पर हजारों वर्षों से जीवंत होने वाली परंपरा को भी श्रद्धालुओं को बताया।
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जम्मू में MBBS/BDS इंटर्न फिर से हड़ताल पर, स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग
Aram Pora, Ganderbal, MBBS/BDS interns In Jammu have resumed their strike for hike in stipend. Protesting medical interns said the government has failed to honour its written assurance for hike in stipend0
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भदराव में विजयदशमी पर RSS swayamsevaks का पारंपरिक Path Sanchalan
Bhaderwah, Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) swayamsevaks on Tuesday took out their traditional Path Sanchalan (route march) in Bhaderwah to mark Vijayadashami and the foundation day of the organisation. The full-dress route march commenced from Adarsh Vidya Bhavan School and passed through the town’s main market, including Seri Bazaar, Chobia Link Road, New Bus Stand, Ganpat Bazaar and Jai Road, before culminating at the starting point. The procession received a warm welcome at several locations, where local residents showered flower petals on the participating swayamsevaks. Addressing the gathering, speakers highlighted the RSS’s role in national causes and reiterated the vision of establishing Bharat as Vishwa Guru. They emphasised the need to strengthen the organisation’s shakhas and said swayamsevaks had greater responsibilities in the present circumstances, as the country continued to face multiple challenges. Senior functionaries also stressed the importance of cultivating national character among the masses, promoting discipline and strengthening a sense of national responsibility among citizens. The annual Path Sanchalan reflected the organisation’s emphasis on discipline, unity and its commitment to its stated national objectives.0
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: तीनों आरोपियों को एक गाड़ी में शिफ्ट, रिहान से संबंध
Noida, Uttar Pradesh:टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट मंदसौर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मुंबई पुलिस ने गाड़ियों को रुकवाकर तीनों आरोपियों को एक ही गाड़ी में शिफ्ट किया। इससे पहले रिहान को अलग गाड़ी में रखा गया था बताया गया कि तीनों आरोपियों में से रिहान ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित के संपर्क में था और टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर अनिल पंडित से उसकी बातचीत हुई थी。0
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झज्जर में नवजात शव खेत में छोड़ना शर्मनाक, परिजनों की लापरवाही पर कार्रवाई
Jhajjar, Haryana:झज्जर में मानवता शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। नवजात की मौत के बाद उसके शव को दफनाने की बजाय सड़क किनारे खेत में छोड़ दिया गया। खेत मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भिजवाया। घटना झज्जर-रेवाड़ी रोड पर गांव अमादलपुर और पाटोदा रोड के बीच की है। जानकारी के अनुसार, नवजात की डिलीवरी गांव पाटोदा के एक बड़े अस्पताल में हुई थी। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने शव को दफनाने की जिम्मेदारी अपने किसी रिश्तेदार को सौंपी थी, लेकिन शव को खेत में छोड़ दिया गया। खेत मालिक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस नवजात के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में परिजनों और शव दफनाने की जिम्मेदारी लेने वाले रिश्तेदार की लापरवाही सामने आई है। पुलिस मामले में परिजनों और रिश्तेदार सहित सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है。0
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मंदसौर से काफिले के निकलते ही शॉट्स की खबर
Ratlam, Madhya Pradesh:काफिला एमपी के मंदसौर से निकलते हुए शॉट्स0
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नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद ललन सिंह ने MLसी चुनाव पर चर्चा तेज की
Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने पहुँचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पटना स्नातक जेडीयू समर्थित उम्मीदवार नीरज कुमार और जेडीयू विधायक अनंत सिंह विवाद को लेकर लगातार जदयू में रणनीति बनाई जा रही है. इसी बीच में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह नीतीश कुमार से मुलाकात करने के लिए उनके सरकारी आवास पहुंचे थे. नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात लगभग 25 से 30 मिनट हुई. सूत्रों के माने तो ललन सिंह से नीतीश कुमार हो रहे एमएलसी चुनाव को लेकर बातचीत की साथी नीरज कुमार और अनंत सिंह विवाद को खत्म करने को कहा।0
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भरूच बायपास पर मनूबर चौकी के पास कार में आग, इलाके में हड़कंप
Bharuch, Gujarat:ભરૂચ ભરૂચ બાયપાસ પર મનુબર ચોકડી નજીક કારમાં અચાનક આગ લાગવાની ઘટના બની ચાલુ કારમાં આગ લાગતાં આસપાસના વિસ્તારમાં દોડધામ મચી. મનુબર ચોકડી નજીકની ઘટનાથી વાહનચાલકોમાં ચકચારમાં. કારમાં આગ લાગવાનું ચોક્કસ કારણ હજુ જાણવા મળ્યું નથી. ઘટનામાં કોઈ જાનહાનિના હાલ કોઈ અહેવાલ નહીં0
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चाकसू में धरना: वेद प्रकाश सोलंकी के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प
Dudu, Rajasthan:चाकसू (जयपुर) दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से मारपीट के मामले को लेकर चाकसू के पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे जयपुर। दिल्ली पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल चंचल यादव के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होने से नाराज पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित अन्य नेता के साथ दिया धरना। कमिश्नरेट के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन। बैरिकेडिंग से दूर करने के दौरान पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी और पुलिस के बीच हुई झड़प।0
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करौली के शिकारगंज में दो मोटरसाइकिल भिड़ंत, एक की मौत, दूसरा घायल
Karauli, Rajasthan:करौली में शिकारगंज क्षेत्र के कांटे के पास मंगलवार सुबह दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत हो गई. सड़क हादसे में 45 वर्षीय शिवलहरी माली की मौत हो गई, जबकि दूसरा बाइक सवार घायल हो गया. शव करौली राजकीय सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा गया है. घायल मोहन सिंह माली के हाथ-पैर में चोटें आई हैं और उनका उपचार ट्रोमा सेंटर में जारी है. घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के अधिकारी और पुलिस अस्पताल पहुंचे और हादसे की जानकारी जुटाई. घायल के परिजनों ने अस्पताल में उचित उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया है. पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं.0
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फलसूंड में गरबा महोत्सव का शुभ समापन, नवरात्रि की उमंग का एहसास
Jaisalmer, Rajasthan:युवा मित्र मंडल द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव का हुआ समापन। फलसूंड, जैसलमेर फलसूंड स्थानीय कस्बे के हनुमान चौक में युवा मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित गरबा महोत्सव का अंतिम दिन बेहद उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। नवरात्रि के इस पावन पर्व के अंतिम दिन महिलाओं, युवतियां और बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर गरबा महोत्सव में शिरकत की। डीजे की थाप और पारंपरिक गरबा गीतों पर थिरकते कदम और गूंजते जयकारों से पूरा हनुमान चौक परिसर भक्तिमय हो उठा। देर रात तक चले इस गरबा महोत्सव में डांडिया और तालियों की गूंज के साथ सभी ने जमकर गरबे का आनंद लिया। आयोजन को सफल बनाने में युवा मित्र मंडल के सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही। मंडल के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर इस आयोजन को भव्य रूप दिया0
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धौलपुर दशहरा मेला: 51 फीट रावण समेत पुतलों का दहन आज
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में आज सजेगा दशहरा मेला, 51 फीट के रावण का होगा दहन धौलपुर मेला ग्राउंड में आज दशहरा पर्व पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान 51 फीट ऊंचे रावण के साथ 31-31 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सीओ सिटी प्रदीप नेहरा और यातायात प्रभारी अशोक कुमार ने मेला ग्राउंड पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने आतिशबाजी, पार्किंग और बैठक व्यवस्था की जानकारी ली और सुरक्षा के पुख्ता निर्देश दिए。 नगर परिषद ने आयोजन को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। मेला ग्राउंड को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटिंग से सजाया गया है। शाम को शानदार आतिशबाजी से आसमान रोशन होगा। कार्यक्रम के तहत दोपहर 4 बजे से रात 8 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन का आयोजन किया जाएगा。 नगर परिषद सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने बताया कि आयोजन भामाशाहों के सहयोग और गुप्त दान से किया जा रहा है। आयुक्त विष्णु परमार ने बताया कि ग्राउंड में विशेष साफ-सफाई कराई गई है।0
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जलपाईगुड़ी रामकृष्ण मिशन आश्रम में नवमीं पूजा के साथ भक्तों की भारी भीड़
Jalpaiguri, West Bengal:নিয়ম-নিষ্ঠা ও ভক্তিভরে জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে মহানবমীর পুজো, অঞ্জলি দিতে ভক্তদের সমাগম। নবমী পূজোতে শসা, আখ, চাল কুমড়া ও কলা বলি দেওয়া হয়ে থাকে জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে। মহানবমীর সকাল থেকেই ভক্তি ও শ্রদ্ধার আবহ জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে। নিয়ম-নিষ্ঠা ও ধর্মীয় রীতি মেনে চলছে মহানবমীর পুজো। মঙ্গলবার সকাল থেকেই আশ্রমে শুরু হয়েছে মায়ের আরাধনা। চলছে পুষ্পাঞ্জলি পর্ব। মায়ের চরণে অঞ্জলি নিবেদন করতে সকাল থেকেই আশ্রমে উপস্থিত হয়েছেন ভক্তরা। আশ্রমের মহারাজদের উপস্থিতিতে সম্পূর্ণ ধর্মীয় রীতি মেনে অনুষ্ঠিত হচ্ছে নবমীর পুজোর বিভিন্ন আচার-অনুষ্ঠান। মন্ত্রোচ্চারণ ও পুজোর আচার-অনুষ্ঠানের মধ্য দিয়ে এক পবিত্র পরিবেশ তৈরি হয়েছে আশ্রম প্রাঙ্গণে। প্রতিবছরই জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে অত্যন্ত নিয়ম-নিষ্ঠার সঙ্গে দুর্গাপুজোর আয়োজন করা হয়। এবারও তার ব্যতিক্রম হয়নি। মহানবমীর সকালে সেই ঐতিহ্য বজায় রেখেই চলছে দেবী দুর্গার আরাধনা। পুজোকে কেন্দ্র করে ভক্তদের মধ্যে উৎসাহ ও ভক্তির আবহ লক্ষ্য করা যাচ্ছে। সকলের মঙ্গল কামনায় মায়ের চরণে অঞ্জলি নিবেদন করছেন ভক্তরা।0
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जलपाईगुड़ी में नवरात्रि पर होम की कन्याओं को देवी रूप में पूजा
Jalpaiguri, West Bengal:নবরাত্রি উপলক্ষে জলপাইগুড়িতে কুমারী পুজো, হোমের কন্যাদের দেবীরূপে আরাধনা। নবরাত্রি উপলক্ষে অভিনব কুমারী পুজোর আয়োজন জলপাইগুড়িতে। মঙ্গলবার জলপাইগুড়ির পুরাতন পুলিশ লাইন দূর্গা পূজা মন্ডপে নবমীতে হোমের আবাসিক কন্যাদের দেবীরাপূজো করা হয়। ধর্মীয় রীতি ও নিষ্ঠার সঙ্গে অনুষ্ঠিত হয় এই কুমারী পুজো। নবরাত্রির ব্রত পালনকারীদের কাছে কুমারী পুজোর বিশেষ তাৎপর্য রয়েছে। হিন্দু ধর্মীয় বিশ্বাস অনুযায়ী, কুমারী কন্যাদের মধ্যে মা দুর্গার শক্তির প্রকাশ ঘটে। সেই বিশ্বাস থেকেই নবরাত্রি উপলক্ষে কন্যাদের দেবীরূপে আরাধনা করার রীতি প্রচলিত রয়েছে। সেই প্রথা মেনেই জলপাইগুড়ির পুরাতন পুলিশ লাইন এলাকায় আয়োজন করা হয় কুমারী পুজোর। তবে এবারের পুজোর বিশেষ আকর্ষণ ছিল হোমের আবাসিক মেয়েদের দেবীর আসনে বসিয়ে পুজো করা। একদিকে ধর্মীয় আচার-অনুষ্ঠান, অন্যদিকে কন্যাসন্তানদের প্রতি শ্রদ্ধা ও সম্মান প্রদর্শনের বার্তা—সব মিলিয়ে নবরাত্রি উপলক্ষে এই কুমারী পুজো এক অন্য মাত্রা পেল জলপাইগুড়িতে। রিপোর্ট :-ued0
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जलपाइगुड़ी राजघराने की नवमी पूजा 517वीं वर्षगांठ के साथ शुरू
Jalpaiguri, West Bengal:জলপাইগুড়ি রাজবাড়িতে নবমী পুজোর সূচনা, ৫১৭ বছরের ঐতিহ্য মেনে চলছে পুজোর আচার-অনুষ্ঠান।মায়ের স্নানের মধ্য দিয়ে নবমী পূজা রাজবাড়ীতে। আজও বলির প্রথা রয়েছে। তবে বলিতে আখ, চালকুমড়ো, জাম্বুরা, হাঁস ও পায়রা বলি হয় নবমী পুজোতে। চলছে চন্ডীপাট। ৫১৭তম বর্ষে পদার্পণ করল জলপাইগুড়ির ঐতিহ্যবাহী বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো। মঙ্গলবার সকাল থেকেই রাজবাড়ি প্রাঙ্গণে শুরু হয়েছে মহানবমীর পুজো। প্রাচীন রীতি ও ঐতিহ্য মেনে চলছে দেবী দুর্গার স্নানপর্ব-সহ নবমীর বিশেষ পুজোর আচার-অনুষ্ঠান。 সকাল থেকেই রাজবাড়ি প্রাঙ্গণে ভিড় জমাতে শুরু করেছেন ভক্ত ও দর্শনার্থীরা। রাজপরিবারের সদস্যদের উপস্থিতিতে নিষ্ঠা ও ভক্তিভরে চলছে নবমীর পুজো। ঢাকের বাদ্যি, মন্ত্রোচ্চারণ আর পুজোর আচার-অনুষ্ঠানে উৎসবের আবহ গোটা রাজবাড়ি চ্থরে। জলপাইগুড়ির অন্যতম প্রাচীন ও ঐতিহ্যবাহী দুর্গাপুজো এই বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির পুজো। দীর্ঘ ৫১৭ বছরের ঐতিহ্য বহন করে চলেছে এই দুর্গোৎসব। রাজবাড়ির প্রতিমার বিশেষ বৈশিষ্ট্য থেকে শুরু করে পুজোর রীতিনীতি—সবকিছুতেই রয়েছে নিজস্ব ঐতিহ্যের ছোঁয়া。 প্রতি বছরের মতো এবারও মহানবমীর সকালে রাজবাড়ির পুজো দেখতে এবং দেবী দুর্গার আশীর্বাদ নিতে ভিড় জমিয়েছেন বহু মানুষ। প্রাচীন ঐতিহ্যকে অক্ষুণ্ণ রেখেই ভক্তি ও নিষ্ঠার সঙ্গে পালিত হচ্ছে জলপাইগুড়ি রাজবাড়ির মহানবমীর পুজো।0
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जोधपुर दशहरे: रावण दहन के साथ श्रद्धांजलि-शोक की अनोखी परंपरा
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर में अनूठी परंपरा, कहीं रावण दहन, तो कहीं दामाद की मौत पर शोक रावण को अपना गोत्रज मानता है श्रीमाली गोधा गोत्र, दशहरे पर स्नान के बाद बदलते हैं जनेऊ, मंडोर से जुड़ी है मंदोदरी के पीहर की मान्यता जोधपुर। देश-दुनिया में दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन कर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है, लेकिन राजस्थान के जोधपुर में इसी दिन एक ऐसी परंपरा भी निभायी जाती है, जो इस शहर को अलग पहचान देती है। एक ओर शहर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर श्रीमाली गोधा गोत्र से जुड़े कुछ लोग रावण दहन के बाद शोक मनाते हैं। उनके लिए रावण केवल रामायण का खलनायक नहीं, बल्कि अपने गोत्र से जुड़ा पूर्वज और परिवार का सदस्य है। इसी मान्यता के चलते वे दशहरे के दिन स्नान करते हैं, जनेऊ बदलते हैं और इसके बाद ही भोजन ग्रहण करते हैं। रावण दहन के बीच निभाई जाती है शोक की परंपरा जोधपुर में रावण से जुड़ी यह मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है। श्रीमाली गोधा गोत्र से जुड़े परिवारों का मानना है कि रावण उनके गोत्र से था और उसकी पत्नी मंदोदरी का पीहर मंडोर में था। मंडोर में पीहर होने के लिहाज से रावण को मंडोर निवासी अपना दामाद मानते हैं। दशहरे पर रावण दहन को वे अपने दामाद की मृत्यु के प्रतीक के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि इस दिन उनके परिवारों में उत्सव के बजाय शोक की परंपरा निभाई जाती है। श्रीमाली समाज के गोधा गोत्र की ओर से रावण दहन के बाद स्नान करना, जनेऊ बदलना और फिर भोजन ग्रहण करना इस परंपरा का हिस्सा बताया जाता है। जहां पूरा शहर रावण दहन के साथ विजयादशमी का उल्लास मनाता है, वहीं इन परिवारों के लिए यह दिन अपनी मान्यता और परंपरा को निभाने का अवसर होता है। चांदपोल में रावण का मंदिर, मंदोदरी की भी पूजा जोधपुर के चांदपोल क्षेत्र में रावण का मंदिर स्थित है। यहां रावण के साथ मंदोदरी का भी मंदिर है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का संबंध रावण के वंशज माने जाने वाले परिवारों की आस्था से है। बताया जाता है कि यहां पहले छोटा मंदिर था, जिसे बाद में विस्तार देकर भव्य रूप दिया गया। मंदिर परिसर में लंकेश से जुड़ी अन्य धार्मिक और अक्षय वाटिका विकसित करने की बात भी सामने आती है। इसके साथ यहा नवग्रह मंदिर के साथ रावण के कुलेदवी खरानना देवी का भी मंदिर है बताया जाता है कि रावण जब भी युद्ध में जाता तो अपनी कुलदेवी की पूजन करने के बाद ही युद्ध करता था। मंदिर के पुजारी कमलेश दवे और उनके पुत्र अजय दवे बताते हैं कि उनके परिवार में पीढ़ियों से रावण को अपने गोत्र से जुड़ा माना गया रहा है। उनके अनुसार, उनके दादा-परदादा भी इस परंपरा का पालन करते थे। इसी मान्यता के कारण रावण दहन के दिन वे शोक मनाते हैं और स्नान के बाद ही भोजन करते हैं। mandor नाम और मंदोदरी के पीहर की किंवदंती मंदोदरी के पीहर को मंडोर से जोड़ने वाली मान्यता भी लंबे समय से प्रचलित है। स्थानीय किन्वदंतियों में मंडोर को मंदोदरी से संबंधित बताया जाता है और यहां उसकी चावरी होने की बात कही जाती है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि भगवान राम का जोधपुर क्षेत्र में आगमन हुआ था। हालांकि, इन दावों की ऐतिहासिक पुष्टि को लेकर स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं हैं। इतिहास से जुड़े कुछ लोगों के अनुसार, मंदोदरी का पीहर मंडोर में होने की मान्यता स्थानीय परंपराओं में गहराई से रची-बसी है। एक शहर, दशहरे की दो तस्वीरें जोधपुर की खासियत यही है कि यहां रावण को लेकर आस्था और परंपरा के दो अलग-अलग रूप दिखाई देते हैं। शहर में कई स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है, वहीं चांदपोल के रावण मंदिर और श्रीमाली गोत्र से जुड़ी मान्यता के कारण कुछ परिवार इस दिन शोक की परंपरा निभाते हैं। रावण को लेकर यह परंपरा इतिहास, लोकविश्वास और पारिवारिक स्मृतियों का अनूठा मेल है। इसके सभी पहलुओं के ऐतिहासिक प्रमाण भले ही स्पष्ट न हों, लेकिन स्थानीय परिवारों के लिए इसका सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व कम नहीं है। यही वजह है कि दशहरे पर जोधपुर में एक ओर रावण के पुतले जलते हैं, तो दूसरी ओर कुछ घरों में रावण की मृत्यु का शोक मनाया जाता है। यही विरोधाभास जोधपुर को अपनी तरह का अनूठा शहर बनाता है।0
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