icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

खेत की फेंसिंग से झटका: एक मजदूर की मौत, आठ घायल

Sagar, Madhya Pradesh:जानवरों से खेत को बचाने के लिए तार फेंसिंग में लगाई करंट की झटका मशीन मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हुई जब इसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि आठ को भी करंट की वजह से मामूली नुकसान हुआ है।महराजपुर थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव के एक खेत में मजदूर काम कर रहे थे, फसल को जानवरों से बचाने के लिए तार फेंसिंग लगाई गई है और झटका मशीन चलती है ताकि इन तारों के सम्पर्क में आने पर जानवर हल्का करंट का झटका लगे और वो भाग जाएं लेकिन आज इस खेत के मजदूर काम बंद करके खाना खाने बैठे थे तभी एक मजदूर 20 साल का राजू आदिवासी के हाथ इन तारों पर चले गए और राजू को झटका लगने की बजाए तारों ने अपनी ओर खींचा और वो उनसे चिपक गया। राजू को बचाने वहां मौजूद दूसरे मजदूर भी दौड़े और उन्हें भी करंट लगा। राजू चपेट से बाहर आया और उसे देवरी के सरकारी अस्पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं आठ मजदूरों को इलाज देकर घर जाने दिया गया है। फिलहाल महराजपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
0
0
Report

गोगामेड़ी मेले के लिए पहली बार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलेगी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में गोगामेडी मेले के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी. बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के माध्यम से कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी. अलीगढ़ से गोगामेडी के बीच यह ट्रेन चलेगी. श्रद्धालु बिना रिजर्वेशन यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन आज से अगले 3 दिनों तक संचालित होगी. 9 स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव रहेगा. गोगामेडी मेले के अवसर पर राजस्थान से बाहर के श्रद्धालुओं के लिए पहली बार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा. गोगामेड़ी मेले के लिए अंतर रेलवे स्पेशल ट्रेन श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक साबित होगी. मेला अवधि में यात्रियों की अधिकता के मद्देनजर रेलवे ने यह पहल की है. बिना अग्रिम आरक्षण के यात्रा की सुविधा मिलने से श्रद्धालु लाभान्वित होंगे. ट्रेन शेड्यूल: 04749 गोगामेडी-अलीगढ़ बुधवार से 4 सितम्बर तक; रवाना गोगामेडी शाम 7:05; अगला दिन सुबह 4:50 अलीगढ़; 04750 अलीगढ़-गोगामेडी मेला स्पेशल 3 से 5 सितम्बर तक; अलीगढ़ से सुबह 6:30 बजे चलकर शाम 5:30 बजे गोगामेडी पहुँचेगी. मार्ग में तहसील भादरा, सादुलपुर, लोहारू, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, दिल्ली, गाजियाबाद, दादरी व खुर्जा जं. स्टेशनों पर ठहराव होगा.
0
0
Report
Advertisement

राजसी सवारी से पहले कंठाल- सती गेट मार्ग का सौंदर्यीकरण पूरा

Ujjain, Madhya Pradesh:राजसी सवारी से पहले बदलेगा कंठाल से सती गेट तक का पूरा नजारा सवारी मार्ग को नया और आकर्षक रूप देने में जुटा नगर निगम, 5 सितंबर तक फिनिशिंग और सफाई का काम पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन। बाबा महाकाल की 7 सितंबर को निकलने वाली राजसी सवारी से पहले शहर के प्रमुख सवारी मार्ग को सुंदर और व्यवस्थित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। नगर निगम की टीमें दिन-रात मौके पर जुटी हुई हैं। कंठाल चौराहे से सती गेट होते हुए छत्री चौक तक करीब 450 मीटर लंबे मार्ग को नया स्वरूप दिया जा रहा है। सड़क का चौड़ीकरण पहले ही पूरा हो चुका है। करीब 15 मीटर चौड़े किए गए इस मार्ग पर अब पेवर ब्लॉक, कोबल स्टोन, फिनिशिंग और सफाई का काम किया जा रहा है, ताकि राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और सुविधाजनक रास्ता मिल सके। सती गेट को मिलेगा हेरिटेज लुक सती गेट के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए दोनों तरफ करीब 25-25 मीटर हिस्से में कोबल स्टोन लगाए जा रहे हैं। इससे सती गेट का पूरा क्षेत्र पहले से ज्यादा सुंदर नजर आएगा। कंठाल चौराहा भी होगा और व्यवस्थित कंठाल चौराहे पर पेवर ब्लॉक लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड शिफ्ट करने का काम भी किया गया है। इससे चौराहे पर तारों का जाल कम होगा और इसका स्वरूप भी बेहतर दिखाई देगा। 5 सितंबर तक पूरा मार्ग तैयार करने का लक्ष्य नगर निगम ने काम को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त टीमें लगाई हैं। बुधवार रात से गुरुवार तक सती गेट पर कोबल स्टोन और कंठाल चौराहे पर पेवर ब्लॉक का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 4 सितंबर से पूरे मार्ग पर फिनिशिंग और साफ-सफाई का काम तेजी से किया जाएगा। निगम का लक्ष्य है कि 5 सितंबर तक पूरा मार्ग राजसी सवारी के लिए तैयार हो जाए, ताकि 7 सितंबर को बाबा महाकाल की सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा लगातार काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर रहकर काम को समय पर पूरा कराने में जुटी है। राजसी सवारी से पहले कंठाल से सती गेट तक का यह मार्ग अब सिर्फ आसान आवागमन का रास्ता नहीं रहेगा, बल्कि अपने नए और खूबसूरत स्वरूप के कारण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। बाइट -कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी
0
0
Report

रीवा-सीधी सड़क हादसे में सांसद-विधायक अस्पताल पहुंचकर घायलों का इलाज तेज करने के निर्देश

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा-सीधी मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और गुढ़ विधानसभा से विधायक नगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और हादसे की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधि रीवा के संजय गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और डॉक्टरों से घायलों के उपचार की जानकारी ली। सांसद और विधायक ने अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों को घायलों के बेहतर और तत्काल उपचार के निर्देश दिए। जानकारी के मुताबिक, इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 3 घायलों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सकों से लगातार निगरानी रखने और घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
0
0
Report

नैनपुर में लाखों की चोरी: आरोपी गिरफ्तार, नागपुर से सोना-चांदी बरामद

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला - नैनपुर में लाखों की चोरी का खुलासा नैनपुर में सूने मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। नैनपुर थाना पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर नागपुर से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं । कुल चोरी करीब 9 लाख 50 हजार की है जिसमे 7 लाख के जेवर ओर ढाई लाख रुपये केश चोरी किये गए थे । आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दरअसल, नैनपुर के खेरमाई रोड निवासी अनंत कुमार वैष्णव परिवार के साथ विवाह कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गए थे। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया। घर के पीछे के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर दाखिल हुए बदमाशों ने बिस्तर पेटी और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात के साथ करीब 2 लाख 25 हजार रुपये नकद पार कर दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के घर में काम करने वाली महिला के बेटे प्रिंस मर्सकोले ने अपने साथी परम मरकाम और एक बाल अपचारी के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया। आरोपियों ने चोरी की रकम से मोटरसाइकिल और आईफोन खरीदने के साथ बाकी पैसा शराब, घूमने-फिरने और अन्य खर्चों में उड़ाना बताया。 जांच में चोरी के जेवरात नागपुर में बेच जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने फरार आरोपी कन्हैया मरकाम को पकड़कर पूछताछ की और उसके बताए ठिकानों पर नागपुर पहुंची。 पुलिस ने नागपुर से अनिला उइके, शुभम उइके और आकाश कड़वे को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सोना-चांदी बरामद किया गया। बरामद माल में तीन सोने के सिक्के, एक सोने का मंगलसूत्र और छह जोड़ी चांदी की पायल शामिल हैं। कुल बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, एक अन्य आरोपी मोबाइल बंद कर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
0
0
Report
Advertisement

CISF के DG ने NHCC अस्पताल महिपालपुर में विशाल रक्तदान शिविर का नेतृत्व किया

Noida, Uttar Pradesh:सीआईएसएफ (CISF) ने एनएचसीसी (NHCC) अस्पताल, महिपालपुर में किया विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन महानिदेशक (DG) सीआईएसएफ ने स्वयं रक्तदान कर पेश की मिसाल; वरिष्ठ अधिकारियों और लगभग 500 जवानों ने एम्स (AIIMS) के सहयोग से आयोजित शिविर में किया महादान नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026 — केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के मेन हॉस्पिटल स्थित 'ब्लड सेंटर' के संयुक्त तत्वावधान में आज सीआईएसएफ के एनएचसीसी अस्पताल, महिपालपुर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया。 शिविर का विधिवत उद्घाटन सुबह 11:00 बजे सीआईएसएफ के महानिदेशक श्री प्रवीर रंजन ने किया। इस नेक कार्य में आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए, महानिदेशक महोदय ने स्वयं रक्तदान किया और बल के सभी अधिकारियों व जवानों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। उनसे प्रेरणा लेते हुए महानिरीक्षक (IG) श्री नवज्योति गोगोई, IG श्रीमती सोनिया नारंग और IG विनय काजला जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्वेच्छा से अपना रक्तदान किया。 इस अवसर पर ADG विजय प्रकाश, ADG श्रीमती विनीता ठाकुर और सीआईएसएफ की चिकित्सा निदेशक डॉ. शालिनी तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। एम्स की ओर से इस अभियान का समन्वय ब्लड सेंटर की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम कौशिक और मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर सुश्री अंजू ए.एस. ने अपनी समर्पित मेडिकल टीम के साथ किया。 सुरक्षा के साथ-साथ समाज सेवा का भी संकल्प देश की सुरक्षा मोर्चे पर हमेशा मुस्तैद रहने वाले सीआईएसएफ जवानों ने सामाजिक सरोकार की दिशा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस शिविर में लगभग 500 सीआईएसएफ कर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जवानों तक की यह भारी भागीदारी बल की जनसेवा और सामुदायिक कल्याण की उस भावना को दर्शाती है, जो उनकी बुनियादी सुरक्षा ड्यूटी से भी एक कदम आगे है。 दिल्ली में रक्त की भारी जरूरत दिल्ली में रक्त की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए सीआईएसएफ की यह पहल बेहद अहम है। वर्तमान में, दिल्ली को रोजाना करीब 1,400 यूनिट खून की आवश्यकता होती है, जबकि औसतन 960 यूनिट ही उपलब्ध हो पाता है। इस तरह, शहर हर दिन लगभग 440 यूनिट की कमी का सामना कर रहा है। बढ़ती आबादी और उन्नत होती सर्जरी व चिकित्सा प्रक्रियाओं के कारण खून की मांग तेजी से बढ़ रही है। चूंकि मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक दाताओं पर ही मरीजों की जान बचाने और पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने का पूरा दारोमदार है। महानिदेशक का संबोधन और जन-अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CISF महानिदेशक ने बल के अधिकारियों और जवानों की स्वैच्छिक भागीदारी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि एक वर्दीधारी बल के सदस्य होने के नाते, CISF कर्मियों को समाज की सेवा से जुड़ी ऐसी पहलों में हमेशा नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित करने का संकल्प दोहराया और इस आयोजन में एम्स के उत्कृष्ट सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया。 इस मौके पर CISF और AIIMS ने आम जनता से भी एक खास अपील की: "हम नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे आगे आएं, खुद रक्तदान करें, अपने दोस्तों और सहकर्मियों को इसके लिए प्रेरित करें, और एक नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का संकल्प लें ताकि मरीजों की इस गंभीर जरूरत को पूरा किया जा सके।" कार्यक्रम के अंत में, एम्स की टीम के बहुमूल्य सहयोग को सम्मानित करते हुए श्री प्रवीर रंजन ने डॉ. पूनम कौशिक को स्मृति चिह्न भेंट किया। वहीं, एम्स के डॉक्टरों ने CISF के महानिदेशक और ADG को दोनों संस्थानों के बीच साझा सहयोग के प्रतीक के रूप में पौधे भेंट किए。
0
0
Report

गंगा खतरे के निशान पार: गाजीपुर के तीन गाँव टापू, नाव से ही आवागमन

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, 3 गांव टापू बने, डीएम ने जारी किया बड़ा अलर्ट सेवराई तहसील के 3 गांव मुख्य मार्ग से कटे, नाव ही बना सहारा गंगा के तेज बहाव को देखते हुए डीएम अनुपम शुक्ला ने जारी किया अलर्ट जिले में 230 नावों की तैनाती, क्षमता से अधिक सवारी पर सख्त रोक प्रभावित गांवों में खाद्यान्न, मेडिकल और राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी तेज चोसकपुर समेत कई घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात लाउडस्पीकर से लोगों को नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी जा रही डीएम की अपील—गंगा के पास न जाएं, एक छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ा हादसा गाजीपुर में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान को पार कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि सेवराई तहसील के तीन गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है और लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने खाद्यान्न, मेडिकल सुविधाओं और राहत सामग्री पहुंचाने की अभियान तेज कर दिया है। वहीं करंडा में दो बच्चियों के डूबने की घटना के बाद सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस बात की पुष्टि डीएम अनुपम शुक्ला ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़कर 63.35 मीटर के पार पहुंच गया है, जिससे गाजीपुर में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि सेवराई तहसील के तीन गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं और वहां केवल नावों के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। प्रशासन ने इन गांवों में खाद्यान्न, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक संसाधन पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है। वहीं जमनिया तहसील में कटान से करीब 30 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। हालांकि सैदपुर और सदर तहसील में अभी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी नहीं घुसा है और आवागमन सामान्य बना हुआ है। करंडा के चोचकपुर घाट पर दो बच्चियों की डूब गई। जिसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले के प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है और पुलिस व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। डीएम ने नाव संचालन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। बड़ी नावों में अधिकतम 15 और छोटी नावों में 5 लोगों से ज्यादा बैठाने पर रोक लगाई गई है ताकि किसी भी हादसे को रोका जा सके। जिले में करीब 230 नावों की व्यवस्था की गई है और सभी नावों पर क्षमता का स्पष्ट अंकन कराया जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

कानपुर को टेक्सटाइल पार्क से मिलेगा नया पंख, निवेश बढ़ रहा है

Kanpur, Uttar Pradesh:–लखनऊ और हरदोई में 1,000 एकड़ में बन रहा पीएम मित्र पार्क, कानपुर में भी टेक्सटाइल पार्क की रूपरेखा तैयार –स्टैंप ड्यूटी पर 100% छूट और 35% तक कैपिटल सब्सिडी से बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा, कृषि के बाद वस्त्र क्षेत्र दे रहा सबसे ज्यादा रोजगार कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आगामी 8 और 9 तारीख को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यूपी टेक्स का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसकी तैयारियों के सिलसिले में आज कानपुर महानगर में रोड शो का आयोजन किया गया है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की टेक्सटाइल नीति, पीएम मित्र पार्क, संत कबीर टेक्सटाइल पार्क और प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश को लेकर विस्तार से जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कानपुर आसपास के वस्त्र, टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए एक ऐतिहासिक केंद्र है। भारत टेक्स की तर्ज पर हो रहे इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए कानपुर के उद्यमी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश वस्त्र नीति 2022 के तहत उद्यमियों को स्टैंप ड्यूटी में 100% की छूट, 25 से 35% तक कैपिटल सब्सिडी, 60% ब्याज सब्सिडी और सरकारी जमीन की खरीद पर विशेष इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। लखनऊ और हरدوई की सीमा पर 1,000 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे पीएम मित्र पार्क का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके लिए मास्टर डेवलपर तय हो चुका है और इस पर 1,900 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में 10 संत कबीर टेक्सटाइल पार्क बनाए जा रहे हैं, जिनमें से बरेली, अमरोहा, नगीना, बनारस और संत कबीर नगर सहित कई जगहों पर अगले महीने तक शिलान्यास किया जाएगा। कानपुर में भी टेक्सटाइल पार्क के लिए जगह उपलब्ध हो चुकी है और इस पर योजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रचुर श्रम और बड़ा बाजार उपलब्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर—चाहे वह रोड, रेल या एयर कनेक्टिविटी हो—के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियाँ आकर्षित हो रहीं हैं। पिछले 9 वर्षों में हुए विकास का परिणाम है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, और अब शीघ्र ही 15 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। कृषि के बाद वस्त्र क्षेत्र को सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर बताते हुए उन्होंने कहा कि कानपुर से वर्तमान में भी 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का गार्मेंट निर्यात हो रहा है। शहर के भीतर बंद पड़ी वस्त्र इकाइयों की देनदारियों को चुकता कर उन जमीनों को गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए दोबारा उपयोग में लाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की आकर्षक नीतियों, बिजली में छूट और रोजगार सृजन पर मिलने वाले इंसेंटिव के चलते आज देश भर के निवेशक उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए पूरी तरह आतुर हैं।
0
0
Report

नैनीताल में खुद को पैरास्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाला युवक गिरफ्तार

Haldwani, Uttarakhand:नैनीताल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाले एक युवक का SOG नैनीताल ने पर्दाफाश किया है, आरोप है कि युवक ने फौजी वर्दी में अपनी मॉर्फ्ड तस्वीरें, फर्जी Army Identity Card और सोशल मीडिया पर सेना के अधिकारी होने की झूठी पहचान का इस्तेमाल किया, मामला 1 सितंबर 2026 का है। मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने SOG हल्द्वानी को सूचना दी कि रोहित सिंह मेहता नाम का युवक Instagram पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर तस्वीरें और फर्जी पहचान पत्र प्रदर्शित कर रहा है। मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर SOG टीम हल्द्वानी के गोरापड़ाव क्षेत्र स्थित BIRLA OPUS PAINT के गोदाम तक पहुंची, जहां रोहित सिंह मेहता के कार्यरत होने की जानकारी मिली। पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर बताया कि उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया से भारतीय सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें हासिल कीं और Artificial Intelligence यानी AI तथा Google Gemini की मदद से मॉर्फ्ड फोटो तैयार कीं। इन तस्वीरों को Instagram पर अपलोड कर वह खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर प्रदर्शित करता था। पूछताछ में सामने आया कि ऐसा करने के पीछे उसका कथित उद्देश्य सोशल मीडिया पर फॉलोइंग बढ़ाना और युवतियों को प्रभावित करना था। SOG टीम ने युवक के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें भारतीय सेना के अधिकारी की वर्दी वाली फोटो और वीडियो के साथ-साथ एक फर्जी प्रतीत होने वाला Army Identity Card भी मिला। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान दो स्मार्टफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेना की वर्दी वाली फोटो-वीडियो और फर्जी प्रतीत होने वाला Army Identity Card बरामद किया गया है।
0
0
Report

यमुनानगर हथिनीकुंड बैराज में सेना की नाव पलटी, दो जवान लापता

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज में सेना के अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ट्रेनिंग के दौरान सेना की मोटरबोट अचानक तकनीकी खराबी के चलते तेज बहाव की चपेट में आ गई। नाव में सवार जवानों में से तीन सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि अब सूत्रों के मुताबिक दो स्पेशल फोर्स जवानों के लापता होने की सूचना सामने आई है। लापता जवानों की तलाश के लिए सेना, SDRF और NDRF की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में मंगलवार रात सेना की स्पेशल फोर्स का ट्रेनिंग अभ्यास चल रहा था। हाथनिकुंड बैराज पर पैरा स्पेशल फोर्स के जवान अभ्यास के लिए यहां पहुंचे थे। ट्रेनिंग के दौरान जवान मोटरबोट पर सवार थे, तभी नाव में तकनीकी खराबी आ गई और वह तेज बहाव में बहते हुए पश्चिमी यमुना नहर की तरफ चली गई। बताया जा रहा है कि नाव पर सवार जवान लाइफ जैकेट पहने हुए थे। हादसे के बाद तीन जवान किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो जवान तेज बहाव में बह गए और उनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। गेट नंबर-8 के पास फंसी नाव को भी बाहर निकाल लिया गया है। लापता जवानों की तलाश के लिए सेना के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश की SDRF टीमें भी जुटी हैं। NDRF को भी अभियान में शामिल किया गया है। इसके अलावा हेलिकॉप्टरों की मदद से यमुना, नहर और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में हवाई निगरानी की जा रही है। रेस्क्यू अभियान को मदद देने के लिए पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव भी कम किया गया है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सभी की नजर लापता दोनों जवानों की तलाश पर टिकी हुई है। हालांकि पुलिस ओर पैरा स्पेशल फोर्स ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
0
0
Report
Advertisement

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी हाईवे पर बसों की भिड़ंत, चालक की मौत, 25 यात्री घायल

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी रोड पर दर्दनाक हादसा, दो बसों की आमने-सामने की टक्कर में चालक की मौत, बस में सवार दो दर्जन यात्री घायल, सभी को इलाज के लिए एसकेएमसीएच में कराया गया भर्ती हादसा मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी हाईवे पर दो यात्री बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई और इस हादसे में गिरिजा ट्रैवल्स बस के चालक अजीत शर्मा उर्फ अजीत कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बसों में सवार दो दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हो गए. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई. घटना औराई थाना क्षेत्र के गोपालपुर स्थित बेदौल टोला के पास एनएच पर हुई. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची औराई थाने की पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से सभी तत्काल एसकेएमसीएच भेजा, जहां सभी का इलाज कराया गया है. बताया जा रहा है कि गिरिजा ट्रैवल्स की बस सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर की ओर जा रही थी, वहीं सरोवर नमक बस मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी की ओर जा रही थी, तब एनएच-22 पर बेदौल टोला के पास दोनों बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गिरिजा ट्रैवल्स बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस चालक अजीत गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के स्टे(r)िंग में फंस गया. जिससे उसके दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी के मदद दोनों बसों को अलग करते हुए गैस कटर मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को काटकर चालक के शव को बाहर निकाला. जिसके बाद चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा. इस हादसे में दोनों बसों में यात्रा कर रहे करीब 25 से अधिक यात्रियों के घायल होने की सूचना है. इनमें से लगभग 10 से 15 लोगों को स्थानीय पीएचसी में प्राथमिक उपचार कराया गया और गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है. बाइट - संजय कुमार, मृतक ड्राइवर के परिजन इनपुट - मणितोष कुमार
0
0
Report

खानाकुल में बाढ़ की आशंका, जलस्तर बढ़ने से पुल टूटे, नावें एकमात्र रास्ता

Arambag, West Bengal:আরামবাগঃ০২ সেপ্টেম্বর ------------------------------------------ ডিভিসির ছাড়া জলে প্লাবিত হতে পারে খানাকুল। আগেই ভেঙেছে সাঁকো। বিপজ্জনক নদীর ঘাটগুলিতে লাইফ জ্যাকেট দিলেন বিধায়ক。 ঝাড়খণ্ডে বিপুল পরিমাণ বৃষ্টিপাত এবং ডিভিসি থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ বাড়ানোয় হুগলির খানাকুলে বন্যা পরিস্থিতির সৃষ্টি হয়েছে। জল ছাড়ার কারণে মুণ্ডেশ্বরী নদীর জলস্তর হু-হু করে বাড়ছে, যার ফলে আতঙ্ক ছড়াচ্ছে সমগ্র অঞ্চলে। পশ্চিমাঞ্চলের জেলাগুলিতে টানা বৃষ্টির জেরে দ্বারকেশ্বর নদেও জল বাড়ছে। শিলাবতী ও দ্বারকেশ্বর নদের সংযোগস্থল থেকে প্রবাহিত হয়েছে রূপনারায়ণ। এদিকে দামোদরের শাখা নদী মুণ্ডেশ্বরী দিয়ে ডিভিসির ছাড়া জল রূপনারায়ণে গিয়ে পৌঁছানোয় রূপনারায়ণ ফুঁসে উঠেছে। রূপনারায়ণ, মুণ্ডেশ্বরী ও দ্বারকেশ্বর তিন নদীরই জলস্তর বৃদ্ধি পাওয়ায় ফেরি সার্ভিস অত্যন্ত ঝুঁকিপূর্ণ হয়ে পড়েছে। নদীতে জল বাড়ার ফলে পশ্চিম মেদিনীপুর, হাওড়া ও হুগলি জেলাকে যুক্ত করা খানাকুলের একাধিক বাঁশের সেতু আগেই ভেঙে গিয়েছে। ফলে সড়ক যোগাযোগ সম্পূর্ণ বিচ্ছিন্ন। বর্তমানে দুর্গম হয়ে পড়া এলাকাগুলোতে যাতায়াতের একমাত্র মাধ্যম হয়ে উঠেছে নৌকা। খানাকুলের পরিস্থিতি জটিল হতে থাকায় এবং বন্যার আশঙ্কায় প্রশাসনিক তৎপরতা শুরু হয়েছে। বুধবার বিকালে মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর নির্দেশে খানাকুলের বিধায়ক সুশান্ত ঘোষ বিভিন্ন বিপজ্জনক ফেরিঘাটগুলি পরিদর্শন করেন। জলপথে দুর্ঘটনা এড়াতে ও সাধারণ মানুষের সুরক্ষার কথা ভেবে তিনি ফেরিঘাটগুলিতে লাইফ জ্যাকেট দিলেন। ইতিমধ্যেই রাজ্যের বিপর্যয় মোকাবিলা বাহিনী খানাকুলে রূপনারায়ণ ও মুন্ডেশ্বরী নদীতে স্পিডবোর্ড নিয়ে নজর রাখছে。
0
0
Report

घर में उतरे करंट की चपेट में आने से 53 वर्षीय युवक की मौत रेउसा, सीतापुर। थाना क्षेत्र के बभ्भनावा ग

RKRamendr KumarFollow26m ago
Bamhnawa, Uttar Pradesh:घर में उतरे करंट की चपेट में आने से 53 वर्षीय युवक की मौत रेउसा, सीतापुर। थाना क्षेत्र के बभ्भनावा गांव में बुधवार शाम घर में उतरे करंट की चपेट में आने से 53 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार बभ्भनावा निवासी मनोज पांडे (53) पुत्र घूरे बुधवार शाम अपने घर में लगे बिजली के तार के पास गए थे। इसी दौरान किसी कारणवश तार में करंट उतर आया और मनोज उसकी चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उन्हें बचाने का प्रयास किया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन मनोज को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि मनोज के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी चचेरी बहन के साथ रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार, उनके परिवार में एक बड़ा भाई भी है, जो इधर-उधर से भीख मांगकर अपना जीवन यापन करता है। दोनों भाइयों की शादी नहीं हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद परिवार और ग्रामीणों में मातम का माहौल है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top