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Khanna SainiKhanna SainiFollow9 Sept 2024, 02:23 pm
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शाहापुर दूध उत्पादक किसानों ने भेसळ के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, डेयरी बंद

Thane, Maharashtra:शहापूरात दुध उत्पादक शेतकऱ्यांचे बेमुदत संपामागचे खरे कारण आता समोर आले आहे. हा संप फक्त भाववाढीसाठी नाही, तर दुधात होणाऱ्या मोठ्या प्रमाणात भेसळीविरोधात आहे. दुध उत्पादक शेतकरी सामाजिक संस्था, शहापूर, जि. ठाणे यांनी तहसीलदार तथा कार्यकारी दंडाधिकारी, शहापूर यांना लेखी निवेदन दिले आहे. शेतकऱ्यांनी तहसीलदारांना दिलेल्या अर्जात स्पष्ट म्हटले आहे की, ‌ आम्ही शेतकरी दुध उत्पादनावर आपल्या परिवाराचा उदरनिर्वाह करतोयं. सदर दुध उत्पादक शेतकरी दुध विक्री डेअरी मालकांना करतात, परंतु डेअरी मालक हे दुधामध्ये मोठ्या प्रमाणात भेसळ करतात. दुध उत्पादक शेतकऱ्यांचे दुध परत देऊन मोठ्या प्रमाणात नुकसान करत आहेत. या पत्रावर संस्थेचे अध्यक्ष मारुती भाऊ पिंडे, उपाध्यक्ष दत्ता भानोजी डिंगोरे, सचिव जयवंत दामू मोगरे आणि खजिनदार जगन्नाथ नामदेव मोरे यांच्यासह अनेक सदस्यांच्या सदर अर्जावर सह्या केल्या आहेत. या गंभीर आरोपानंतरच शेतकऱ्यांनी आज १७/१०/२०२६ पासून बेमुदत संप पुकारला आहे. डेअरी मालक यांना दुध न देण्याबाबत बेमुदत संप - हा निर्णय घेण्यात आला आहे. या संपाचा परिणाम म्हणून आज शहापूर, गोठेघर येथील श्रीनाथ डेअरी, कन्हैया दुध डेअरी आणि कृष्णा दुध डेअरी या सारख्या प्रमुख डेअऱ्यांचे शटर आज बंद आहेत. डेअऱ्यांचे शटर बंद आहेत आणि शेतकरी रस्त्यावर उभे राहून आंदोलन करत आहेत. भेसळीच्या आरोपासोबतच शेतकऱ्यांनी भाववाढ ना मिळाल्याची आणि वाढत्या खर्चाची व्यथा देखील मांडली आहे. एकंदरीत, शहापूर तालुक्यातील दुध उत्पादक शेतकऱ्यांनी डेअरी मालकांवर दुधात भेसळ करून शेतकऱ्यांचे दुध परत देऊन नुकसान केल्याचा गंभीर आरोप करत तहसीलदारांकडे दाद मागितली आहे. याच कारणातून १७ ऑक्टोबरपासून बेमुदत डेअरी बंद आंदोलन सुरू झाले आहे. प्रशासन यावर काय कारवाई करते आणि शेतकऱ्यांना न्याय कधी मिळतो, याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे.
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सोनपुर दुर्गा पूजा पंडाल में महिषासुर के बजाय देवी दुर्गा के चरणों तले तिलचट्टा

Kolkata, West Bengal:হেডলাইন: মহিষাসুর নয়, সোনারপুরের পুজো মণ্ডপে আরশোলা বধ করছেন মা দুর্গা! রাজনৈতিক থিম ঘিরে জোর চর্চা সোনারপুর: দুর্গাপুজোর মণ্ডপে মহিষাসুরের পরিবর্তে এবার দেবী দুর্গার পদতলে বিশালাকৃতির আরশোলা! অভিনব এই থিম ঘিরে ইতিমধ্যেই শুরু হয়েছে রাজনৈতিক চর্চা। দক্ষিণ ২৪ পরগনার সোনারপুরের গ্রিন পার্ক অধিবাসীবৃন্দ পুজো কমিটির এবারের ভাবনা—‘মায়ের আগমন, আরশোলার দমন’। জাতীয় রাজনীতির সাম্প্রতিক বিতর্ককেই এবার দুর্গাপুজোর থিমে তুলে ধরার চেষ্টা করেছেন পুজো উদ্যোক্তারা। তাঁদের বক্তব্য, ‘ককরোচ জনতা পার্টি’ নামে একটি সংগঠনের কর্মকাণ্ড এবং জ্ঞানেশ কুমার ইস্যুতে কেন্দ্রীয় সরকারকে ঘিরে তৈরি হওয়া রাজনৈতিক বিতর্ক থেকেই এই ভাবনার সূত্রপাত। মণ্ডপের মূল আকর্ষণ দেবী দুর্গার প্রতিমা। তবে চিরাচরিত মহিষাসুরের পরিবর্তে দেবীর پায়ের নীচে রাখা হয়েছে একটি বিশালাকৃতির আরARKOLA। আর সেই আরARKOLA-কে অশুভ শক্তির প্রতীক হিসেবে তুলে ধরতে চাইছেন উদ্যোক্তারা। পুজো উদ্যোক্তাদের দাবি, আন্দোলনের নামে কিছু সংগঠন দেশের ক্ষতি করছে। তাঁদের অভিযোগ, কেন্দ্রীয় সরকারকে বিব্রত করতে বিদেশি অর্থ ব্যবহার করে আন্দোলন সংগঠিত করা হচ্ছে। যদিও এই অভিযোগের পক্ষে কোনও প্রমাণ সামনে আনেননি উদ্যোক্তারা। তাঁদের বক্তব্য, আরARKOLA যেমন পায়ের নীচেই থাকে, তেমনই সমাজের ক্ষতিকারক শক্তিকেও দমন করা প্রয়োজন। সেই বার্তা দিতেই এবারের থিম ‘মায়ের আগমন, আরARKOLAR দমন’। দুর্গাপুজোয় সাধারণত মহিষাসুর বধের মাধ্যমে অশুভ শক্তির বিনাশের বার্তা দেওয়া হয়। কিন্তু সোনারপুরের এই পুজোয় সেই চিরাচরিত ভাবনার সঙ্গে জুড়ে দেওয়া হয়েছে সমসাময়িক রাজনৈতিক বিতর্ক। উদ্যোক্তাদের বক্তব্য অনুযায়ী, দেবী দুর্গার আগমনের মধ্য দিয়ে তাঁদের চিহ্নিত অশুভ শক্তির দমনই এই থিমের মূল বার্তা। তবে ধর্মীয় উৎসবের মণ্ডপে এমন রাজনৈতিক প্রতীক ব্যবহার কতটা যুক্তিযুক্ত, তা নিয়েও প্রশ্ন উঠতে শুরু করেছে। সব মিলিয়ে সোনারপুরের গ্রিন পার্ক অধিবাসীবৃন্দের এই পুজো এখন রাজনৈতিক চর্চার কেন্দ্রবিন্দুতে。
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बारुईपुर के गैराज में पूजा चंदा नहीं देने पर दो मजदूरों की मारपीट

Baruipur, West Bengal:১৫ হাজার টাকা পুজোর চাঁদা না দেওয়ায় গ্যারেজের দুই শ্রমিককে বেধড়ক মারধরের অভিযোগ, চাঞ্চল্য বারুইপুরে বারুইপুর: দুর্গাপুজোর চাঁদা আদায়ে জুলুমবাজি রুখতে কড়া নির্দেশ মুখ্যমন্ত্রী। তারপরেও চাঁদার দাবিতে মারধরের অভিযোগ উঠল বারুইপুরে। ঘটনাস্থল বারুইপুর থানার খাসমল্লিক সংলগ্ন এলাকার একটি গ্যারেজ। অভিযোগ, ওই গ্যারেজের কাছে ১৫ হাজার টাকা পুজোর চাঁদা দাবি করেন একটি পুজো কমিটির উদ্যোক্তারা। সেই টাকা দিতে রাজি না হওয়ায় গ্যারেজের দুই শ্রমিককে বেধড়ক মারধর করা হয়েছে বলে অভিযোগ。 জানা গিয়েছে, গ্যারেজ কর্তৃপক্ষ পুজোর চাঁদা বাবদ এক হাজার টাকা দিতে রাজি হয়েছিলেন। কিন্তু অভিযোগ, তাতে রাজি হননি পুজো উদ্যোক্তারা। তাঁদের দাবি ছিল, ১৫ হাজার টাকাই দিতে হবে। এমনকী, টাকা না দিলে দেখে নেওয়ার হুমকিও দেওয়া হয় বলে অভিযোগ। এরপরই দলবল নিয়ে গ্যারেজে এসে দুই শ্রমিকের উপর হামলা চালানো হয় বলে অভিযোগ উঠে। আক্রান্ত দুই শ্রমিকের নাম মধু মণ্ডল ও পিন্টু চৌধুরী। তাঁদের অভিযোগ, চাঁদার টাকা না দেওয়ার কারণেই তাঁদের বেধড়ক মারধর করা হয়েছে। এই ঘটনায় বারুইপুর থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেছেন দুই শ্রমিক。 ঘটনার পর থেকেই আতঙ্কে রয়েছেন গ্যারেজের মালিক ও কর্মীরা। দুর্গাপুজোর আনন্দের আবহে চাঁদার দাবিতে এমন হামলার অভিযোগ ঘিরে চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে এলাকায়। প্রশ্ন উঠছে, প্রশাসনের কড়া নির্দেশের পরেও কীভাবে চাঁদার নামে এমন জুলুমবাজির অভিযোগ উঠছে? ব্যবসায়ীরা কি নির্ভয়ে নিজেদের ব্যবসা চালাতে পারবেন? ইতিমধ্যেই লিখিত অভিযোগের ভিত্তিতে ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে বারुईপুর থানার পুলিশ। অভিযোগের সত্যতা খতিয়ে দেখার পাশাপাশি ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত, তা জানার চেষ্টা করছেন তদন্তকারীরা। অভিযুক্ত পুজো উদ্যোক্তাদের বক্তব্য এখনও জানা যায়নি。
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त्योहारों के दौरान धामपुर में पुलिस का पैदल मार्च, सुरक्षा और भाईचारे का संदेश

Moradabad, Uttar Pradesh:त्योहारों के दौरान धामपुर में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई धामपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ नगर के प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और व्यापारियों से संवाद कर उन्हें त्योहारों के दौरान आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। पैदल मार्च के दौरान नगर के कई स्थानों पर व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक का फूल-मालाएं पहनाकर तथा पगड़ी बांधकर स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पैदल march कोतवाली धामपुर से शुरू हुआ। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का काफिला नगर के प्रमुख बाजारों से होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम ने नगीना चौक तक भ्रमण किया, जहां पैदल मार्च संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों की गतिविधियों का जायजा लिया और व्यापारियों से बातचीत कर त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की। पैदल मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने व्यापारियों से बातचीत करते हुए कहा कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हैं। संपूर्ण समन्वय बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस और आमजन के बीच बेहतर तालमेल से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है。
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सीर गोवर्धनपुर में सड़क किनारे फेंका गया अस्पताल का कचरा, 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

Nidaura, Uttar Pradesh:वाराणसी। स्मार्ट सिटी वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर, वार्ड नंबर 23 में हाईवे को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे अस्पताल का कचरा खुले में फेंका गया है। काले, नीले, पीले और लाल रंग के बैगों में भरे इस कचरे से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रीय स्तर पर इस समस्या की शिकायत किए हुए 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। यदि यह जैव-चिकित्सीय कचरा है, तो इसकी तत्काल जांच कर सुरक्षित निस्तारण कराया जाना आवश्यक है। अमन यादव ने नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके की तत्काल जांच कराई जाए, कचरे के स्रोत की पहचान की जाए और नियमों के अनुसार उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो तथा लंबित शिकायत का जल्द निस्तारण किया जाए। अमन यादव ने कहा कि सीर गोवर्धनपुर वार्ड नंबर 23 की जनता को स्वच्छ सड़क और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। जब शिकायत के बाद भी 20 दिनों से अधिक समय तक कार्रवाई नहीं होती, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की इस समस्या के समाधान होने तक आवाज उठाई जाती रहेगी।
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थावे के खानपुर में संजना हत्या: परिजनों ने चिता सजाकर दाह संस्कार

Gopalganj, Bihar:जिले के थावे थाना क्षेत्र के खानपुर निवासी 12 वर्षीया छात्रा संजना कुमारी पिछले दो दिनों से लापता थी। परिवार तलाश कर रहा था। इसी बीच बुधवार को गांव में उसके घर के कुछ दूरी पर संजना का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिवार का आरोप है कि पूर्व की रंजिश के चलते यह घटना हो सकती है। परिजनों ने पड़ोसी पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन इसके बाद हालात ने नया मोड़ ले लिया। बच्ची का शव लेकर परिजन और ग्रामीण कथित आरोपी के घर के सामने पहुंच गए। न्याय की मांग करते हुए उन्होंने उसी दरवाजे के सामने चिता सजाई और संजना का दाह संस्कार कर दिया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
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झारखंड के छात्रों ने देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की

Ranchi, Jharkhand:रांची में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), AISA समेत कई छात्र संगठनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान दिल्ली में SIR के विरोध में प्रदर्शन रोकने, प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर सवाल उठाए गए। संगठनों ने आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि संगठन भारत में हो रहे विभिन्न मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। CJP झारखंड के संस्थापक यशवीर सिंह विक्टोरियन पार्लियामेंट में भारत से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। इनमें SIR, वोटर राइट्स, महिला सुरक्षा और पुलिस की कथित बर्बरता जैसे विषय शामिल हैं। दिल्ली में तिरंगा यात्रा रोके जाने और गिरफ्तारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर कायना अंजुम ने कहा कि संगठन ने रांची में भी तिरंगा यात्रा की योजना बनाई थी, लेकिन भारी बारिश और लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी के कारण इसे रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में तिरंगा यात्रा को लेकर आगे की रणनीति की जानकारी दी जाएगी। संविधान की रक्षा, वोट चोरी के आरोप, महिलाओं के सम्मान, छात्रों के अधिकार और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह किसान आंदोलन के दौरान कई मुद्दे सामने आए थे, उसी तरह मौजूदा आंदोलन में भी अलग-अलग जनहित के विषय शामिल हो रहे हैं। वक्ताओं ने दावा किया कि झारखंड में भी लोकतांत्रिक और छात्र संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। जब स्वतंत्र पत्रकारों पर हाथ उठाया जाता है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ अभद्रता होती है, तो कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। वक्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर स्वतंत्र पत्रकारों, वकीलों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि SIR और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध करने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित स्थलों में बदलाव किया जा रहा है और न्यायालयों के आदेशों की अनदेखी हो रही है।
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