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Rahul SaxenaRahul SaxenaFollow20 Jan 2025, 04:38 pm

Ayodhya - 22 जनवरी को कोसीकला में निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, कैबिनेट मंत्री ने की प्रेस वार्ता

Kosi Kalan, Kosikalan Rural, Uttar Pradesh:

भगवान श्री राम के भव्य मंदिर बनने के 1 वर्ष पूर्ण होने पर कोसीकला में 22 जनवरी को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी. जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने प्रेस वार्ता की.इस दौरान उन्होंने बताया कि इस शोभायात्रा में 1100 महिलाएं सिर पर कलश लेकर सारे नगर में निकलेंगे. साथ में डीजे बैंड तथा अखाड़े भी निकलेंगे. उन्होंने बताया कि सारे नगर को भगवा ध्वज से सजाया जा रहा है.उन्होंने नगर के समस्त लोगों से शोभा यात्रा का स्वागत करने एवं उसमें शामिल होने की अपील की।

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जौनपुर जलनिगम पाइपलाइन में भीषण आग, दमकल देर से पहुंची

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में जलनिगम पाइप में भीषण आग, काले धुएं से दहशत दमकल की देरी से बढ़ा नुकसान जौनपुर के बरसठी थाना क्षेत्र स्थित मियाचक बाजार के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जलनिगम की पाइपलाइन में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में काला धुआं फैल गया, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, दमकल विभाग को भी सूचना दी गई, लेकिन फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण आग लंबे समय तक धधकती रही, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद करीब एक घंटे पश्चात दमलक टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
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कानपुर के वकील प्रियाशु श्रीवास्तव ने सुसाइड नोट में मानसिक दबाव का खुलासा किया

Noida, Uttar Pradesh:कानपुर में खुदकुशी करने वाले वकील प्रियाशु श्रीवास्तव ने सुसाइड नोट अपने मोबाईल स्टेटस में लगा कर लिखा कि मेरी ये अंतिम इच्छा है कि सब लोग मेरे इस सुसाइड नोट को अंत तक पूरा पढ़े मैं प्रियांशु श्रीवास्तव निवासी वरुण विहार, बर्रा-8 कानपुर का रहने वाला हूं। आज 23 अप्रैल समय लगभग दोपहर 12.05 बजे मैं अपने पूरे होश में बिना किसी जोर–दबाव और जबरदस्ती के यह सुसाइड नोट लिख कर अपनी जान दे रहा हूं। मैं एक रजिस्टर्ड अधिवक्ता हूं, जिसने अपनी लॉ की पढ़ाई कानपुर नगर से 2025 में पूरी की है। समय की कमी होने के कारण मैं अपना पंजीकरण उत्तर प्रदेश बार कांउसिल प्रयागराज से प्राप्त नहीं कर सका हूं। कहानी शुरू होती है मेरे बचपन से, जहां करीब 5 या 6 वर्ष की उम्र में ही मुझे मानसिक यातनाएं मिलनी शुरू हो गई। बताने में तो मुझे बहुत शर्म महसूस हो रही है, लेकिन मैं आज ये सारी बातें जरूर बताना चाहूंगा, क्योकि जो आज मैं यह कदम उठाने जा रहा हूं… भविष्य में ऐसी नौबत किसी के साथ न आ जाए।करीब 6 वर्ष की उम्र में मुझे चोरी से सिर्फ फ्रिज में रखे आम के जूस को पीने के चलते निर्वस्त्र करके घर से बाहर भगा दिया गया। माना कि हर मां–बाप को शुरू से ही सख्त रवैया अपनाना चाहिए, ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। परंतु इतनी भी सख्ती न हो कि बच्चों को हर पल घुटन महसूस होने लगे। मैं ने कई बार कोशिश की कि इन सब माहौल से निकल आगे बढ़कर जिंदगी जी सकूं। परंतु 23 साल की उम्र तक आज तक जो चीजें मेरे साथ घटित हुई हैं, मुझे नहीं लगता कि इस तरह से बेगैरत की जिंदगी जीने के लायक है। पढ़ाई के लिए जरूरत से ज्यादा प्रेशर करना, परीक्षा से एक दिन पहले अगर सिलेबस पूरा तैयार नहीं है तो मारने लग जाना। ये सब तो एक हद तक समझ आया है। लेकिन, हर समय हर मिनट शक की नजरों से देखना, जरूरत से ज्यादा, एक एक मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं ये मानसिक टॉर्चर ही है। इस टॉर्चर के साथ मैं ज्यादा समय तक और नहीं जी सकता हूं। सख्ती लगाव और प्रेम इस सीमा तक भी नहीं होना चाहिए कि वो नफरत में बदल जाए। बात है वर्ष 2016 की। कक्षा 9 में प्रवेश के दौरान मेरे पापा ने ये शर्त रखी थी कि मैं अगर कंप्यूटर ऑफ फिजिकल एजुकेशन के विषय में कंप्यूटर का चयन नहीं करूंगा तो वो मुझे पूरा निर्वस्त्र कर घर से भगा देंगे। उनके दबाव में आकर मैंने ऐसे विषय का चयन किया, जिसमें मेरी रूचि नहीं थी। जिसका नतीजा यह रहा कि मेरे 9वीं में उस विषय को ज्यादा पढ़ने के बावजूद उसमें ज्यादा नंबर नहीं ला सका। इसके चलते अन्य विषयों में कम समय देने के कारण मेरे 9वीं के रिजल्ट में कम नंबर आए। वर्ष 2016 में घर के निर्माण काम में करीब 4 महीने का समय लग जाने के चलते मेरे हाईस्कूल की पढ़ाई ज्यादा प्रभावित हुई। रिजल्ट आने से पहले मेरे पापा द्वारा मुझे धमकी दी गई कि अगर हाईस्कूल में नंबर कम आए तो पूरा निर्वस्त्र कर घर से भगा देंगे। घर और समाज में इज्जत जाने के भय से मैंने घर से भागकर ट्रेन से मथुरा स्टेशन तक पहुंच गया था। क्योंकि मुझे पूरा विश्वास था कि अगर मेरे नंबर कम आए तो जो उन्होंने व्यवहार मेरे साथ छोटी उम्र में निर्वस्त्र कर किया था, वहीं हाल वे मेरा इस बार भी कर देंगे। पूरा दिन सिर्फ अपने काम को आगे बढ़ाने का प्रयास करता हूं। बावजूद इसके मुझे सिर्फ और सिर्फ जलील किया जा रहा है। बात–बात में किसी मामूली विवाद के चलते घर से निकल जाने और ऑफिस छोड़ने की धमकी दी जाती है। आज मैं मजबूर हूं कि मेरे पास खुद का घर नहीं है, आफिस नहीं है। हर रोज इस तरह से बेइज्जती करके धमकी दी जा रही है। मैंने जिन लोगों के प्रति अपना 24 घंटा लगा दिया। अपने जरूरी काम छोड़कर उनके काम में ध्यान दिया। आज उन्होंने ही मुझे मोहल्ले में बेइज्जत कर मेरी इज्जत खत्म कर दी है। हर समय, हर मिनट कहां जा रहे हो, कब आओगे, किसका फोन आया है? क्या बातें की? जरूरत से ज्यादा मेरी जिंदगी में दखल देकर हर रोज मेरी जिंदगी घुटन जैसी हो गई है। और रोज रोज घुट–घुट कर मरने से लाख गुना बेहतर है? कि एक दिन मरके खत्म हो। आज जो उन्होंने मेरे साथ मोहल्ले में बर्ताव किया है, उससे मेरी इज्जत धुल चुकी है। वह सिर्फ तेज आवाज में चिल्ला कर झूठा साबित कर नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं। उन्हें उनकी जीत मुबारक हो।आज मैं कचहरी परिसर में आत्महत्या करने जा रहा हूं, क्योंकि इतनी बंदिशों और बेइज्जती के साथ और नहीं जी सकता हूं। मां-बाप की? 25वीं वर्षगांठ के लिए मैंने अपनी क्षमता अनुसार चांदी की? अंगूठी गिफ्ट में देने की? बात बताई थी, परंतु कुछ बाप ऐसे बेटे को डिजर्व ही नहीं करते हैं। सभी मां-बाप से मेरी यह अपील है कि अपने बच्चों पर उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें। नहीं तो अंत में हर किसी के साथ यही हश्र होगा। मेरा ये निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। मैं उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं करना चाहता हूं, ताकि मेरा परिवार बर्बाद न हो। ऐसे पिता भगवान किसी को न मिलें, अगर समाज को जरा-सा भी यह लगता है कि मैं गलत हूं, तो मैं वे सब मेरी मां, बहन और मोहल्ले वालों से मेरे बारे में पूछ लें। मैं ऐसी ही बंदिशों और बेगैरत की तरह जिंदगी और नहीं जी सकता। मेरे सारे एफर्ट, कोशिश, भविष्य में कुछ बनने के सपने, आज सब खत्म हो जाएंगे। मैं हार गया, पापा जीत गए। लव यू मम्मी… प्रियांशु ने ये नोट अपने कुछ दोस्तो को भी भेजा था
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हरदोई के सांडी में भीषण आग, शोरूम-गोदाम खाक, लाखों का नुकसान

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई के सांडी कस्बे में स्थित शोभित इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फर्नीचर्स शोरूम और गोदाम में आज शुक्रवार को भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। आग लगने की सूचना रात्रि करीब डेढ़ बजे शोरूम मालिक पुनीत वाजपेई को स्थानीय लोगों ने दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी, लेकिन शुरुआती देरी के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम से शुरू होकर तेजी से फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम तक पहुंच गई। शुरुआती तौर पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए हरदोई से तीन और बिलग्राम से दो अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गईं।करीب तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, सोफा,इनवर्टर और बैटरियों ,बेड,गद्दे सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक व फर्नीचर का सामान जलकर खाक हो गया।पीड़ित दुकानदार के अनुसार करीब 1 करोड़ 97 लाख रुपये का सामान और दुकान में रखी करीब 22 लाख 43 हजार रुपये की नकदी भी आग की भेंट चढ़ गई। कुल नुकसान 2 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है। दुकानदार पुनीत वाजपेई ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर पर्याप्त संसाधनों के साथ नहीं पहुंची, जिससे आग पर जल्द काबू नहीं पाया जा सका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की सक्रियता भी अपेक्षित नहीं रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, और जांच जारी है.
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भिवंडी में पानी और सफाई के मुद्दों के कारण महापौर के कार्यालय को नोटिस

Thane, Maharashtra:शहरातील नागरी समस्यांसाठी राष्ट्रवादी काँग्रेस ( श.प.) गटाकडून महापौरांना निवेदन सादर.. शहरात स्टेम प्राधिकरणाकडून केला जाणारा पाणीपुरवठा काही भागात २४ तास सुरू असते तर अनेक झोपडपट्टी भागात पाणी अनियमित व कमी प्रमाणात होत आहे.तर पावसाळा दीड महिन्यावर येऊन ठेपला असतानाही नाले सफाई कामाला सुरवात झालेली नाही.त्यामुळे काही सखल भागात पाणी साचण्याची शक्यता असून शहरातील सार्वजनिक स्वच्छता ठेकेदाराकडून शहरातील कचरा नियमित केला जात नसल्याने अनेक परिसरात दुर्गंधी पसरली आहे.त्यामुळे या प्रश्नांवर पालिका प्रशासनाने तत्काळ उपाययोजना करून नागरी समस्यांची सोडवणूक करावी अन्यथा उग्र आंदोलन करण्याचा इशारा शोएब (गुड्डू) खान यांनी निवेदनातून दिला आहे. यावर महापौर नारायण चौधری यांनी येणाऱ्या पावसाळ्यात नालेसफाईच्या कामावर आपण स्वतः लक्ष ठेवणार असून शहर स्वच्छतेसाठी व पाणी पुरवठा सुरळीत करण्यासाठी पालिका प्रशासन प्रयत्नशील असल्याचे सांगितले.
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PVTG गांवों में सैचुरेशन शिविर: घर-घर सेवाओं का लाभ, डुमरी के उपायुक्त का प्रयास

Gumla, Jharkhand:*PVTG गांवों में सैचुरेशन विशेष शिविर: उपायुक्त ने घर-घर पहुंचकर परखा विकास, कृषि-आजीविका और बुनियादी सेवाओं पर दिया जोर* गुमला - डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 परिवार) और गनीदारा (32 परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर प्रशासनिक सक्रियता और जनभागीदारी का प्रभावी उदाहरण बना। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति से पत्तियों की माला व टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया। शिविर का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच, गांव में ही समस्याओं का समाधान और प्रशासन-जन संवाद को मजबूत करना रहा। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ आयुष्मान, पेंशन, आवास, आधार पंजीकरण सहित अन्य योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक शिविर के बाद उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ और अंबाटोली का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। गनीदारा में आवासों का निरीक्षण कर स्वरोजगार व आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण हेतु कुओं और जलस्रोतों का निरीक्षण कर संरक्षण के निर्देश दिए। तालाब निर्माण, मत्स्य पालन और कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की दिशा में अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कृषि एवं आजीविका पर विशेष फोकस कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन और जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को किसानों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सेवाओं की जांच लुचूत-पाठ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर लुचूत‑पाठ का निरीक्षण कर नियमित उपस्थिति व गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव बनाने को कहा गया। डुमरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया और लंबित सीएचसी भवन निर्माण को शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु विभागीय पत्राचार की बात कही। शिक्षा की गुणवत्ता पर सख्ती गनीदारा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई का स्तर परखा गया। शिक्षकों को नियमित व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पर्यटन संभावनाओं पर नजर भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर स्थल के समुचित विकास की दिशा में पहल का आश्वासन दिया। प्रखंड प्रशासन ने बताया कि निर्देशानुसार अन्य क्षेत्रों में भी विशेष शिविर लगाकर आधार, जाति प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो। इस दौरान जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी, अभियंता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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छतरपुर में प्रतिबंध के बाद नरवाई जलाने से आग फैल, किसान परेशान

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर - छतरपुर मे जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के बाद किसानों द्वारा नरवाई जलाई जा रही है। ताज़ा मामला हरपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत काकुनपुरा चौकी का जहाँ देर रात खेतों में भीषण आग लगी। नरवाई जलाने को खेतों में लगाई आग विकराल रूप ले लिया है, कई बीघा में फैलकर रोड़ किनारे खड़े पेड़ो को भी अपनी चपेट में ले रही हैं। नरवाई की वजह से कई बार बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। इसके किसानों द्वारा नरवाई जलाना बंद नहीं किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 100 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है। इसके के बाद किसानो द्वारा नरवाई जलाने की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के बाद ही नरवाई जल रही है। नरवाई जलाने की वजह से अन्य नुकसान भी हो रहे हैं
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102 एम्बुलेंस की तेल खत्म, गर्मी में मरीज की मौत; जेन प्लस पर लापरवाही आरोप

Jamui, Bihar:जमुई: बिहार में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को करने के बाद सभी भागों में लगातार कार्य करने की बात बताइ जा रही है स्वास्थ्य विभाग है कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर तक पहुंचाने में वरदान साबित होने वाली जेन प्लस कंपनी द्वारा संचालित 102 एम्बुलेंस आज महज 25 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही दम तोड़ दी है, यानि एंबुलेंस का तेल ही खत्म हो गया, जिससे सड़क किनारे एम्बुलेंस खड़ी हो गई। इस दौरान बढ़ती तापमान और भीषण गर्मी का दंश झेलते हुए मरीज ने भी दो घंटे तक तड़प कर एम्बुलेंस में ही अंतिम सांसे छोड़ दी। नतीजतन दूसरी 102 एम्बुलेंस से शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, उंसके बाद शव वाहन से मृतक को लेकर परिजन घर के लिए रवाना हो गए। मामला सदर अस्पताल से जुड़ा है। घटना सिकंदरा- शेखपुरा मुख्य मार्ग पर मतासी के पास हुई है। मरीज झाझा प्रखंड क्षेत्र के बाबू बांक गांव निवासी 75 वर्षीय धीरज रविदास बताया जाता है। मामले को लेकर मृतक मरीज के पुत्र अजीत रविदास ने जेन प्लस कंपनी और चालक पर मनमानी व लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत सिविल सर्जन, एसपी और डीएम से करने और एफआईआर भी दर्ज कराने की बात कही है।
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चंदौली में आग से 17 परिवारों को राहत, विधायक सुशील सिंह ने मदद का भरोसा जताया

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली... - अगलगी की घटना में प्रभावित पीड़ितों से मिले सैयदराजा बीजेपी विधायक सुशील सिंह - आग से प्रभावित 17 परिवारों को विधायक ने दी तत्काल राहत - प्रत्येक परिवार को 5-5 हजार रुपये नगद सहायता - आटा, चावल, दाल, तेल समेत खाद्यान्न सामग्री वितरित - विधायक ने डीएम से बात कर आवास व मुआवजा दिलाने को कहा - आग से बेघर हुए परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर - पराली जलाने से फैली आग ने बस्ती को लिया चपेट में - हर संभव मदद का भरोसा, शासन से सहायता दिलाने का आश्वासन - सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के बरठी कमरौर गांव का मामला.
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जमीन विवाद में भाई की हत्या, गोदाम में आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश

Mahasamund, Chhattisgarh:महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां जमीन विवाद में छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को गोदाम में ले जाकर आग लगा दी, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। वारदात के कुछ घंटों बाद आरोपी ने डायल 112 पर खुद ही पुलिस को सूचना दे दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामला ग्राम आमगांव का है। यहां रहने वाले दो सगे भाइयों, कृष्णकांत दुबे और दौलत दुबे के बीच लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। बड़े भाई कृष्णकांत अपनी प्रेमिका मालती साहू के साथ गांव पहुंचा था, और मां से अपने हिस्से की 12 एकड़ जमीन के बंटवारे की मांग कर रहा था। कुछ देर बाद छोटा भाई दौलत दुबे भी घर पहुंचा। जमीन के बंटवारे की बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। बीच-बचाव करने पहुंची मां तीरथ दुबे के साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान गुस्से में छोटे भाई दौलत दुबे ने धारदार हथियार से बड़े भाई कृष्णकांत दुबे पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर के गोदाम में ले जाकर आग लगा दी, ताकि वारदात को छिपाया जा सके। कुछ घंटों बाद आरोपी ने डायल 112 पर कॉल कर सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और गोदाम में लगी आग बुझाकर जला हुआ शव बरामद किया, जिसकी पहचान कृष्णकांत दुबे के रूप में हुई। आरोपी दौलत दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह पारिवारिक जमीन विवाद बताई गई। पुलिस ने धारा 103(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था और अक्सर झगड़े होते रहते थे। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। एक पारिवारिक विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
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कटिहार में जूट की खेती दोबारा उन्नत, गोल्डन फाइबर की चमक लौटाने की तैयारी

Katihar, Bihar:औरंगाबाद, मधुबनी, दरभंगा और बेगूसराय में पहली बार होगी जूट की खेती कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा में अब तक हो रही थी जूट की खेती वर्ष 2025-26 में बिहार में एक लाख हेक्टयर में जूट की खेती का लक्ष्य कटिहार जिला में फिर चमकेगा गोल्डन फाइबर कटिहार में 25000 हेक्टेयर क्षेत्र में जूट की खेती कटिहार जिले में जूट (गोल्डन फाइबर) की खोई चमक को फिर से लौटाने का प्रयास तेज, क्रिपको निदेशक का दो दिवसीय दौरा, दिया संयुक्त कृषि भवन में किसानों को प्रशिक्षण कटिहार जिला जूट उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर   कटिहार जिला किसी समय किसानों की मुख्य नकदी फसल रही जूट यानी गोल्डन फाइबर की खोई पहचान को फिर से बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर (कोलकाता) के निदेशक डॉ. गौरांग कर ने जिले के विभिन्न संभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत जाना। इस दौरान उन्होंने मनिहारी प्रखंड के मुजवर गांव और गोगाबिल झील के आसपास की उपजाऊ भूमि का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में जाकर मिट्टी की गुणवत्ता और जल उपलब्धता का जायजा लिया और स्थानीय किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना ।         वही डॉ. कर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जूट कभी इस क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ थी, लेकिन प्लास्टिक के बढ़ते चलन और बेहतर बाजार न मिलने से इसका रकबा घटा है। वर्तमान में किसान मक्का, केला और मखाना की ओर अधिक आकर्षित हुए हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि कटिहार की दोमट मिट्टी और यहां की जलवायु उच्च गुणक्ता वाले जूट के लिए दुनिया में सबसे अनुकूल है।  अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि विभाग की योजना किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेशा निकालने की आधुनिक मशीनें और तकनीक देने की है। यदि किसानों को समय पर प्रशिक्षण और सीधे बाजार से जुड़ने की सुविधा मिलती है, तो लागत कम होगी और मुनाफा दोगुना हो जाएगा। इसके अलावा, सरकारी स्तर पर जूट की खरीद सुनिश्चित करने और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से न केवल जूट का रकबा बढ़ेगा, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण मांग वाली फसल भी साबित होगी।             इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि कटिहार जिला जूट की खेती के लिए प्रसिद्ध है । यहां पिछले कई वर्षों तक करीब 25000 हेक्टेयर क्षेत्र में जूट की खेती की जाती रही है परंतु अनायास रूप से पिछले साल से यह रकवा घटकर 17000 हेक्टेयर क्षेत्र में रह गया । मक्का जैसे लाभकारी फसल के कारण से खेतों की उर्वरा शक्ति घट रही थी , उसे बनाए रखने के लिए फसल चक्र और किसानों को प्रशिक्षण देना बहुत जरूरी है ।   उन्होंने आगे बताया कि बिहार सरकार की ओर से जूट की खेती के लिए बिहार राज्य बीज निगम की ओर से बीज वितरण किया जा रहा है । जूट की खेती के प्रोत्साहन के लिए प्रत्यक्षण इनपुट दी जा रही है । इनके साथ ही अनुदानित दर पर बीज भी दी जा रही है । जूट की खेती पर उन्होंने कहा कि जूट मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाता है जबकि मक्का हमारे खेतों में उर्वरा शक्ति को बहुत कमजोर कर देता है । उन्होंने आगे कहा कि अगर जूट की खेती का क्षेत्रफल विस्तार होता है तो हमारी मिट्टी की सेहत बची रहेगी । बाइट -- डॉ. गौरांग कर, निदेशक, (क्रिफको)केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता बाइट -- मिथिलेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, कटिहार  -- विजुअल --  रिपोर्ट -- रंजन कुमार, कटिहार 
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