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Kanhaiya Lal SharmaKanhaiya Lal SharmaFollow20 Jul 2024, 05:46 am
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जमुई के सिकंदरा में सरकारी जमीन फर्जी दस्तावेज़ से रजिस्ट्री, EOU ने बड़ी कार्रवाई

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:जमुई के सिकंदरा में सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने और गिरोह के सदस्यों के नाम कराने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU के अनुसार, गुड्डू यादव, उनकी पत्नी दुलारी देवी और गिरोह के अन्य सदस्यों पर कमजोर और असहाय लोगों की जमीन को तीसरे व्यक्ति के जरिए अपने या गिरोह के सदस्यों के नाम रजिस्ट्री कराने, दाखिल-खारिज कराने और बाद में जमीन बेचकर संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में सिकंदरा स्थित कृषि फार्म की करीब 10 एकड़ सरकारी जमीन को 14 निबंधित दस्तावेजों के जरिए गुड्डू यादव, दुलारी देवी, गिरोह के सदस्यों और उनके परिजनों के नाम रजिस्ट्री कराने की बात सामने आई है। EOU के मुताबिक कृषि विभाग, बिहार सरकार ने संबंधित जमीन को वर्ष 1959 में ही अधिग्रहित कर लिया था। इसके बावजूद वर्ष 1924 और 1927 के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद को सही दिखाने और उसके आधार पर निबंधन व दाखिल-खारिज कराने का आरोप है। डीड संख्या 154 और 156 के आधार पर गुड्डू यादव और अनुज यादव के नाम की जमीन का दाखिल-खारिज तत्कालीन राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव और तत्कालीन अंचल अधिकारी विनोद कुमार चौधरी द्वारा बिना सत्यापन किए जाने की बात EOU ने कही है। मामले में तत्कालीन राजस्व पदाधिकारी निभा कुमारी और मुकेश कुमार वर्णवाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। EOU के अनुसार दुलारी देवी ने तीन दस्तावेजों के जरिए करीब 7 एकड़ जमीन सरकारी मूल्य से काफी कम कीमत पर खरीदी। अवर निबंधक, मुंगेर और अंचल अधिकारी, सिकंदरा की रिपोर्ट में वर्ष 1924 और 1927 के दस्तावेजों को फर्जी बताया गया है। इस मामले में आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-27/2026, दिनांक 29 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया और इसके बाद EOU की विशेष टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान तत्कालीन राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव, प्रदीप चौधरी, पिता उमाशंकर चौधरी, निवासी सिकंदरा, जमुई और जवाहर प्रसाद यादव, पिता बालेश्वर यादव, निवासी बालाडीह, सिकंदरा, जमुई को गिरफ्तार किया गया। EOU के अनुसार, मामले में गुड्डू यादव, दुलारी देवी, गिरोह के अन्य सदस्यों और अंचल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है तथा अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ सत्यापन के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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आजाद समाज पार्टी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए सामाजिक न्याय और आडंबर के खिलाफ संघर्ष

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में आजाद समाज पार्टी के तत्वाधान में किसान एवं युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दामोदर यादव ने आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने बहुजन समाज को संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दिलाने और धर्म के नाम पर हो रहे आडंबर के खिलाफ लड़ने को पार्टी का मुख्य मुद्दा बताया है。 आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा कि देश के दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज को आज तक राजनीतिक, शैक्षणिक और शासकीय नौकरियों में बराबरी की भागीदारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक संख्या के अनुपात में सबको सम्मान मिलना चाहिए और यही सामाजिक न्याय की लड़ाई उनकी पार्टी का पहला मुद्दा है।
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भिंड में SIR विरोध पर पुलिस ने वाटर कैनन से पुतला दहन रोका

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-SIR के विरोध में भिंड में कांग्रेस का हल्लाबोल, पुतला दहन रोकने पुलिस ने चलाया वाटर कैनन, सड़क पर आमने-सामने आए कांग्रेसी और पुलिस। एंकर-भिंड में SIR के विरोध में कांग्रेस ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा से शुरू हुई कांग्रेस की रैली जब परेड चौराहे पहुंची, तो यहां कार्यकर्ताओं ने SIR और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले लेकर उन्हें दहन करने पहुंचे। लेकिन पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह मुस्तैद था। पुलिस ने पुतला दहन रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और जैसे ही कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, फायर ब्रिगेड से वाटर कैनन का इस्तेमाल शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता तीन-तीन पुतले लेकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते पुतला दहन नहीं हो सका। वाटर कैनन की बौछारों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। मौके पर काफी देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। भिंड में SIR के विरोध में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव की तस्वीर सामने ला दी。
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हाशिम मूसा का एनकाउंटर, पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की मौत

Karnal, Haryana:जम्मू कश्मीर में लश्कर कमांडर हाशिम मूसा मारा गया है। जिस पर पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नेवी अधिकारी विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने कहा कि आज मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला, राजेश नरवाल ने कहा हमारी सेना और सुरक्षबलों ने बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए उनका एनकाउंटर किया है। जो कि एक चिन्ह प्रितीक्ष जो पहलगाम नरसंहार किया था 22 अप्रैल 2025 उसका मुख्य कर्ण धार था और उसका मास्टरमाइंड था ऐसा मीडिया के माध्यम से जाना है। राजेश नरवाल ने कहा एक बहुत बड़ी सफलता है उसके लिए में हमारी सेना को बधाई देता हूं। वीओ-1- राजेश नरवाल ने कहा यदि आतंकवाद को हमने खत्म करना है। जैसा ऑपरेशन आज हुआ है आगे भी इसी तरह के ऑपरेशन हमे करने ही होंगे। राजेश नरवाल ने कहा हमारे देश के जवानों को अपना जोहर दिखाना ही होगा औऱ वो मुस्तेद है। इस तरह की बहादुरी का परिचय देते जो लोग गलत गतिविधियों में है उनको ठिकाने लगाना बहुत जरूरी है।तभी लोग शांति और खुशी से रह सकते है।उन्होंने कहा तभी आतंकी घटनाओं को रोक सकते है। बाइट-1- राजेश नरवाल ,पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नेवी अधिकारी विनय नरवाल के पिता।
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बिहार में गैरेज से 348 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, शराब कारोबारी गिरफ्तार

Nalanda, Bihar:एंकर:बिहारशरीफ में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार थानाध्यक्ष रणजीत रजक गुप्त सूचना के आधार पर पंडितनगर मोहल्ले में स्थित एक गैरेज में छापेमारी कर काले रंग की स्कॉर्पियो से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक शराब कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 348 लीटर बताई जा रही है। दरअसल, बिहार थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंडितनगर स्थित एक गैरेज में काले रंग की स्कॉर्पियो खड़ी है,जिसमें अंग्रेजी शराब लदी हुई है और वहीं से शराब की सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैरेज में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान स्कॉर्पियो से अलग-अलग ब्रांड की कुल 348 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मौके से पुलिस ने स्मित पटेल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सरमेरा थाना क्षेत्र के गौसनगर का रहने वाला है और फिलहाल पंडितनगर में किराये के मकान में रह रहा था। शराब के अलावा पुलिस ने मौके से एक मोबाइल फोन और शराब ढोने में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की स्कॉर्पियो भी बरामद की है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास का भी पता लगा रही है।
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बाढ़ में विधायक राजू तिवारी ने खुद कंधे से मिट्टी-भरी बोरियां उठाकर तटबंध बचाया

Motihari, Bihar:आपदा की इस कठिन घड़ी में जहां कई जनप्रतिनिधिमाननीय ज़मीन से नदारद दिख रहे हैं, वहीं पूर्वी चंपारण के गोविंदगंज से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है। संकट के इस समय में राजनीति और औपचारिकता से ऊपर उठकर जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए गोविंदगंज विधायक राजू तिवारी पूरी तरह बाढ़ प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। चंपारण तटबंध पर मंडराया खतरा, खुद कमान संभालने उतरे विधायक घटना अरेराज प्रखंड के मननपुर की है, जहां चंपारण तटबंध पर अचानक मिट्टी धंसने से गहरा गड्ढा बन गया और तटबंध टूटने का खतरा मंडराने लगा। ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी का वातावरण बन गया। जैसे ही इस रिसाव और कटाव की खबर विधायक राजू तिवारी को मिली, वे बिना वक्त गंवाए सीधे मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का मनोबल बढ़ाने के लिए विधायक ने अधिकारियों या मजदूरों का इंतजार किए बिना खुद ही बालू और मिट्टी से भरी बोरियां अपने कंधों पर उठानी शुरू कर दीं। अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर रोका तटबंध का रिसाव वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि विधायक अगली पंक्ति में खड़े होकर आम ग्रामीणों की तरह मिट्टी की बोरियां डालकर तटबंध के कटाव को भरने में जुटे हुए हैं। सुबह से ही वे क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में तटबंधों की स्थिति का जायजा ले रहे थे और मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे थे। नगदाहां में भी सुलिस गेट का रिसाव बंद कराने में डटे रहे यह पहला मौका नहीं है जब विधायक इस तरह जमीन पर डटे दिखे हों। इससे पहले भी नगदाहां में रिंग बांध के पास बने सुलिस गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए वे सुबह से दोपहर तक बिना थके मौके पर डटे रहे। उनके इस सार्थक प्रयास की बदौलत ही पानी के तेज रिसाव पर काबू पाया जा सका था। जनभावना से जुड़ी इस जमीनी पहल और विधायक के इस जनसेवक अवतार की पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता वही है जो संकट के समय अपने क्षेत्र की जनता के साथ बाढ़ के पानी और मिट्टी में उतरकर उनका हौसला बढ़ाए।
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15 साल बाद रामशंकर की घर वापसी, परिवार की खुशी

Madhubani, Bihar:मधुबनी जिले के महेशपुरा गांव में राम Shankar कुशवाहा की वापसी ने परिवार ही नहीं, पूरे गांव को भावुक कर दिया। 15 साल की उम्र में घर से भटके राम शंकर अब 36 साल की उम्र में अपनों के बीच लौटे हैं। दरअसल, साल 2005 में राम शंकर कुशवाहा की उम्र महज 15 साल थी। परिजनों के मुताबिक, वह मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते थे और उन्हें ट्रेनों में बैठने का काफी शौक था। गांव में आयोजित एक भंडारे के बाद बाहर से आए साधु-संतों को जाते देखकर बालक रामाशंकर भी किसी ट्रेन में सवार होकर घर से निकल गया। इसके बाद वह रास्ता भटक गया और फिर कभी वापस नहीं लौट सका। घर से निकलने के बाद बालक राम शंकर कई साल तक दर-दर भटकते रहे। भटकते हुए वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां बालक अलग-अलग काम कर अपना जीवन किसी तरह गुजार रहा था लेकिन मानसिक रूप से बीमार बालक की हालत बिगड़ने लगी। स्थानीय पुलिस की मदद से वर्ष 2018 में उन्हें ग्वालियर के सरकारी आश्रय गृह ‘स्वर्ग सदन’ पहुंचाया गया जहां आठ साल तक शेल्टर होम में उनकी देखभाल होती रही। इसी वर्ष सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल ने ‘स्वर्ग सदन’ आश्रम का दौरा किया। जहां उनकी मुलाकात राम शंकर से हुई। डीएसपी ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और लोगों से उनकी पहचान कराने की अपील की। राम शंकर के बड़े भाई ललित शास्त्री की नजर फेसबुक पर वायरल इस वीडियो पर पड़ी। वीडियो देखते ही उन्होंने अपने छोटे भाई को पहचान लिया। इसके बाद दिए गए नंबर पर संपर्क किया गया। वीडियो कॉल के जरिए परिवार ने राम शंकर से बात की तो दोनों तरफ भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हालांकि, राम शंकर को घर लाने की राह इतनी आसान नहीं थी। उनके पास कोई आधिकारिक पहचान पत्र नहीं था। पहचान और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कराने में परिवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद मंझले भाई लल्लन कुशवाहा और चचेरे भाई संजीव कुमार ग्वालियर पहुंचे और राम शंकर को लेकर मधुबनी के लिए रवाना हुए। आखिरकार 21 साल भटकने के बाद राम शंकर अपने पैतृक गांव महेशपुरा पहुंचे। बेटे को सामने देखकर पिता राजेंद्र कुशवाहा की आंखें नम हो गईं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने बेटे के वापस लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। लेकिन 21 साल बाद जब बेटा घर लौटा तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता राजेंद्र कुशवाहा ने कहा हम लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि बेटा कभी वापस लौटेगा। 22 वें साल में वह हमारे सामने है, इससे बड़ी खुशी हमारे लिए कुछ नहीं हो सकती है। वहीं परिवार के सभी सदस्य और गांव वाले भी अपने बीच बिछुड़े रामशंकर को 21 साल बाद देख खुश हैं।
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डोटासरा पर आरोप: इंटरव्यू में रिश्तेदारों को समान अंक, जांच की मांग

Bharatpur, Rajasthan:विश्वेन्द्र सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा।श्रीमान डोटासरा जी की हकीकत2018 में भर्ती 2016 में डोटासरा जी की पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया और पुत्रवधू के भाई गौरव पूनिया, बहिन प्रज्ञा पूनिया को इंटरव्यू में सभी रिश्तेदारों को समान 80-80 अंक दिये गये। प्रतिभा पूनिया RAS-2016 में चयनित हुई, गौरव पूनिया व प्रज्ञा पूनिया 2018 में चयनित हुए।सत्ता का दुरुपयोग करके साक्षात्कार में अंक दिलाये गये, सभी के समान अंक आना गंभीर संदेह पैदा करता है।साथ ही डोटासरा जी के पुत्र अविनाश सिंह का 2016 में RAS में चयन हुआ, उसमें OBC प्रमाण पत्र नॉन क्रीमी लेयर का बनवाकर लाभ लिया गया। डोटासरा के समधी रमेश चंद पूनिया भी क्रीमी लेयर होते हुए उनके बच्चों को OBC का लाभ दिलाया गया।इन सब की गहनता से जांच होनी चाहिए। डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते हुए REET परीक्षा में बड़ी धांधली हुई जिससे गरीब किसानों के मेहनती बच्चों का भविष्य गर्त में धकेल दिया गया। मैं वर्तमान सरकार और मुख्यमंत्री जी से निवेदन करता हूँ कि डोटासरा जी के विरुद्ध गहनता से जांच कर कार्यवाही करें जिससे कि युवाओं का भरोसा सरकार के प्रति कायम रहे। डोटासरा जी ने बयाना में स्वर्गीय बृजेन्द्र सपा जी के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में कहा था कि "भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं" तो भरतपुर की जनता जनार्दन के इस अपमानजनक वक्तव्य पर मेरा कहना है कि अगली बार डोटासरा जी भरतपुर पधारें आपको रास्ता भी बताया जाएगा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान जी से बढ़िया स्वागत-सत्कार भी किया जाएगा। ऐसे भ्रष्ट नेताओं को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे देना चाहिए या कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके इन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए।
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शिक्षक मुरारी प्रसाद को दी गई भावभीनी विदाई,सेवानिवृत्ति पर शिक्षकों ने किया सम्मानित

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Majhaulia, Bihar:मझौलिया प्रखंड क्षेत्र स्थित आदर्श विवाह भवन हॉल में शिक्षक मुरारी प्रसाद के विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया,समारोह में प्रखंड क्षेत्र के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके कार्यकाल और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया,इस दौरान शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने मुरारी प्रसाद को विभिन्न प्रकार के उपहार एवं सम्मान स्वरूप पुरस्कार भेंट किए,समारोह का माहौल भावुक और आत्मीय रहा,वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक मुरारी प्रसाद ने अपने सेवाकाल के दौरान विद्यार्थियों के बीच शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,उनके सहयोगी शिक्षकों ने उनके साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की,इस कार्यक्रम में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफीजुर्रहमान के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे,अंत में सभी ने उन्हें स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की शुभकामनाएं दीं।
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खिलाफत हाउस विवाद: वक्फ बनाम लीज पर दावा, ट्रिब्यूनल में फैसला तय करेगा

Mumbai, Maharashtra:मुंबई के भायखला में मौजूद ऐतिहासिक खिलाफत हाउस की जमीन को लेकर विवाद अब सड़क से लेकर कोर्ट तक पहुंच गया है…AIMIM नेता वारिस पठान ने खिलाफत हाउस पहुंचकर वहां मौजूद पुराने ऑफिस पर ताला जड़ दिया और निर्माण कार्य को रोकने की कोशिश की…वारिस पठान का दावा है कि खिलाफत हाउस की जमीन वक्फ संपत्ति है और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की अनुमति के बिना यहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है…वहीं ऑल इंडिया खिलाफत कमेटी ट्रस्टी डॉ. रउफ पठान और चेयरमैन सरफराज आरजू का कहना है कि ये कलेक्टर की जमीन है, जिसे लीज के जरिए कमेटी को मिला है और ट्रस्ट चैरिटी कमिश्नर के अधीन रजिस्टर्ड है…यानी एक ही जमीन पर दो अलग-अलग दावे…और अब इस पूरे विवाद का फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल में होना है।एक तरफ ऐतिहासिक विरासत…तो दूसरी तरफ करोड़ों की जमीन पर प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट को लेकर विवाद…विवाद तब सामने आया जब AIMIM नेता वारिस पठान खिलाफत हाउस पहुंचे और उन्होंने वहां ताला लगा दिया…वारिस पठान का आरोप था कि जिस जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा है, वह वक्फ की संपत्ति है और ऑल इंडिया खिलाफत कमेटी बिना वक्फ बोर्ड की अनुमति के इसका विकास कर रही है…वारिस पठान ने यह भी कहा कि इस मामले में जो फैसला कोर्ट या संबंधित कानूनी संस्था देगी, उसे सभी पक्षों को मानना होगा। इसी विवाद के बीच Zee Media की टीम खिलाफत हाउस पहुंची…मौके पर निर्माण कार्य चलता हुआ दिखाई दिया…हमारी बातचीत खिलाफत कमेटी के ट्रस्टी डॉ. रउफ पठान और सरफराज आरजू से हुई…उनका दावा है कि ये जमीन कलेक्टर की है और कमेटी को लीज के जरिए मिली है… उनके मुताबिक, ट्रस्ट चैरिटी कमिश्नर के तहत रजिस्टर्ड है और निर्माण से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं भी उसी के माध्यम से पूरी की गई हैं…रउफ पठान का कहना है कि अगर कमेटी ने कोई गैरकानूनी काम किया होता तो संबंधित सरकारी विभागों से अनुमति नहीं मिलती और निर्माण कार्य पहले ही रोक दिया जाता है। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा सवाल जमीन के वक्फ संपत्ति होने या नहीं होने को लेकर है…खिलाफत कमेटी के मुताबिक, उन्हें 16 सितंबर 2026 को वक्फ बोर्ड की नोटिस मिली और इसके बाद उन्हें पता चला कि इस संपत्ति को वक्फ की सूची में शामिल किए जाने का दावा किया जा रहा है… कमेटी का सवाल है कि अगर जमीन कलेक्टर की है और उनका ट्रस्ट लीज पर जमीन का इस्तेमाल कर रहा है, तो इसे वक्फ संपत्ति कैसे माना जा सकता है? दूसरी तरफ वक्फ बोर्ड का पक्ष है कि इस संपत्ति से संबंधित कार्रवाई पहले से उसके रिकॉर्ड और अधिकार क्षेत्र से जुड़ी है।मामला now कानूनी लड़ाई में पहुंच चुका है। वहीं इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है…BJP माइनॉरिटी सेल के नेता वसीम खान ने वारिस पठान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है…शिकायत में वारिस पठान के कथित बयान का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।वसीम खान का आरोप है कि वारिस पठान ने धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया…हालांकि इन आरोपों और शिकायत पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। अब बात उस प्रोजेक्ट की…खिलाफत हाउस की करीब 1400 वर्ग मीटर जमीन पर बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट की योजना है।प्रस्तावित इमारत में अस्पताल के साथ मेडिकल और नर्सिंग से जुड़ी शिक्षा और खिलाफत कमेटी की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने की योजना बताई गई है। मौजूदा परिसर में B.Ed और D.Ed से जुड़ी शिक्षा पहले से संचालित होती रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित पुनर्विकास में अस्पताल, BSc नर्सिंग संस्थान, शैक्षणिक सुविधाएं और अन्य संस्थागत सुविधाएं शामिल हैं। खिलाफत हाउस सिर्फ एक जमीन या इमारत का नाम नहीं है इसका संबंध देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से है…खिलाफत आंदोलन के दौरान यह जगह एक महत्वपूर्ण केंद्र रही थी…यहीं से आंदोलन से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं और खिलाफत आंदोलन से जुड़ा अखबार भी यहां से निकाला जाता था। इसी ऐतिहासिक जुड़ाव की वजह से भायखला की ये इमारत आज भी ‘खिलाफत हाउस’ के नाम से जानी जाती है। फिलहाल खिलाफत हाउस की जमीन का विवाद वक्फ ट्रिब्यूनल तक पहुंच चुका है…एक तरफ वक्फ बोर्ड का दावा है…दूसरी तरफ खिलाफत कमेटी खुद को कलेक्टर की लीज वाली जमीन का वैध ट्रस्टी बता रही है…ऐसे में अब नजर ट्रिब्यूनल के फैसले पर है…फैसला आने के बाद ही साफ होगा कि इस जमीन का कानूनी स्टेटस क्या है और प्रस्तावित निर्माण कार्य को लेकर आगे की स्थिति क्या होगी।
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महोबा के जिलाधिकारी ने ARTO कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सुविधाओं की समीक्षा की

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर-महोबा में एक्शन मोड में नजर आ रहे जिलाधिकारी ने आज एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अभिलेखों के रखरखाव और जनसुविधाओं को लेकर जरुरी दिशानिर्देश दिए। डीएम के निरीक्षण के दौरान कार्यालय में तैनात कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। हालांकि निरीक्षण के बाद डीएम एआरटीओ कार्यालय की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। दरअसल जनपद में तैनाती के बाद जिलाधिकारी प्रभास कुमार लगातार सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर आमजनमानस को मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक ले रहे हैं। आज डीएम ने एआरटीओ ऑफिस का औचक निरीक्षण किया तो कार्यालय के अन्दर खलबली मच गई; डीएम के कार्यालय आने के बाद कार्यालय में संचालित अधिकत्तर काउंटर बन्द हो गए। जिलाधिकारी ने कार्यालय में संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान डीएम द्वारा कार्यालय परिसर, विभिन्न पटल, अभिलेखो के रखरखाव और कर्मचारियों से जनसुविधाओं को लेकर जानकारियां ली गईं। जिलाधिकारी ने बताया कि एआरटीओ ऑफिस में सभी व्यवस्थाओं सुचारू रूप से पाई गईं हैं और निर्देश दिए गए हैं कि यहां पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। टूरिस्ट परमिट पर यात्रियों को ले जाने वाली बसों के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है और जो मानक के अनुसार बसें चल रही है उन्हें चलने दिया जाए और जो मानकों को पूरा नहीं कर रही हैं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
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अक्टूबर में मोदी का केदारनाथ दौरा: सुरक्षा तैयारी तेज, यात्राओं के पुनर्निर्माण की समीक्षा

Dehradun, Uttarakhand:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर में उत्तराखंड के दौरे पर आ सकते हैं। 22 से 25 अक्टूबर के बीच उनके केदारनाथ पहुंचने की संभावना है। करीब 4 साल बाद धाम पहुंचकर मोदी बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकते हैं। साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का जायजा ले सकते हैं। PM के दौरे को देखते हुए केदारनाथ में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। SPG की टीम धाम का निरीक्षण कर चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा संभावित है वह केदारनाथ धाम में दर्शन के साथ टिहरी में एक लोकार्पण के कार्यक्रम में शामिल होंगे। फिलहाल विस्तारित रूप से उनका कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।
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हस्तिनापुर में जीजा की गोलीबारी, परिवार में दहशत फैल गई

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर के हस्तिनापुर क्षेत्र में आधी रात को पत्नी को मायके से ले जाने की जिद साले के लिए जानलेवा साबित हो गई। मना करने पर गुस्साए जीजा ने कट्टे से फायरिंग कर दी, जबकि उसके साथ आए दो दोस्तो ने घर पर पथराव कर दिया। घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के चपरोली गांव की घटना है, जहां कल बीती रात करीब 11 बजे वीरू राणा ने पुलिस को सूचना दी कि उसका जीजा अनिल राणा अपने साथियों दिलीप और दीपक के साथ घर आया था। अनिल अपनी पत्नी भूरीबाई को रात में ही साथ ले जाने की जिद कर रहा था। भूरीबाई ने आधी रात को जाने से साफ मना कर दिया। वीरू और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी समझाया कि सुबह ले जाना। लेकिन अनिल नहीं माना। पत्नी को साथ न भेजने पर वह गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर अनिल ने कमर से कट्टा निकालकर गोलियां चला दीं। इसी दौरान उसके साथ आए दोस्त दिलीप और दीपक ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुई फायरिंग और पत्थरबाजी से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए सभी घर के अंदर छिप गए। गोली की आवाज और शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों की भीड़ बढ़ती देख तीनों आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने वीरू और उसके परिवार को धमकाया कि अगर पुलिस से शिकायत की तो जान से खत्म कर देंगे। गांव में गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। इसके बाद वीरू अपने भाई छोटू राणा के साथ थाने पहुंचा और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में पति अनिल राणा, दोस्त दीपक और दिलीप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब घटना में इस्तेमाल कट्टे और कारतूस के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे में होने की भी आशंका है। तीनो का मेडिकल कराया है। फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घर को नुकसान पहुंचा है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है。
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