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Pankaj ShakyaPankaj ShakyaFollow5 Jan 2025, 04:48 am

Mainpuri: लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों का समाधान दिवस का बहिष्कार, ज्ञापन सौंपा

Mithawali Kalan, Uttar Pradesh:

मैनपुरी की तहसील में तैनात समस्त लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों ने शनिवार को समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम SDM को ज्ञापन भी सौंपा। शनिवार की सुबह जैसे ही लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तहसील परिसर पहुंचे, उन्होंने "हम एक हैं" का नारा लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूरे दिन नारेबाजी करते हुए लेखपाल अपनी योजनाएं बनाते रहे। लगभग 2:00 बजे लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल यादव की अगुआई में सभी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तहसील सभागार में एसडीएम गोपाल शर्मा से मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने काम की कठिनाइयों के बारे में बताया।

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राजस्थान का मिशन मधुहारी: टाइप-1 डायबिटीज वाले बच्चों के लिए नवाचार

Noida, Uttar Pradesh:मिशन मधुहारी: टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों के लिए राजस्थान का प्रभावी नवाचार\n\nमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह नवाचार बना देश के लिए मिसाल\n\n41 जिलों में 120 विशेष क्लीनिक, 2817 मरीजों को निरंतर उपचार\n\nएआई आधारित तकनीक और डिजिटल नवाचारों से बेहतर हो رہی जीवन गुणवत्ता\n\n मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर नवाचार एवं तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ‘मिशन मधुहारी’ राजस्थान में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों एवं युवाओं के लिए आशा, सुरक्षा और आधुनिक उपचार का नया अध्याय बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का यह अभिनव प्रयास न केवल प्रदेश के हजारों परिवारों को नई उम्मीद दे रहा है, बल्कि देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसका उद्देश्य है कि वर्ष 2030 तक टाइप-1 डायबिटीज के कारण किसी भी बच्चे की मृत्यु न हो।\n\nराजस्थान में अनुमानित रूप से लगभग 53 हजार लोग टाइप-1 डायबिटीज के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने इस गंभीर चुनौती को अवसर में बदलते हुए उपचार, निगरानी, जागरूकता और तकनीक को एक मंच पर लाकर मिशन मधुहारी की शुरुआत की। आज मिशन मधुहारी के अंतर्गत प्रदेश के 41 जिलों में 120 विशेष टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक संचालित हो रहे हैं तथा आगामी तीन महीनों में 80 अतिरिक्त क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। अब तक 2 हजार 817 मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें मिशन मधुहारी एप के माध्यम से डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है। इनमें 99 प्रतिशत मरीज बेसल-बोलस इंसुलिन उपचार पद्धति का पालन कर रहे हैं, जबकि हजारों मरीजों की नियमित HbA1c जांच एवं सतत फॉलोअप सुनिश्चित किया जा रहा है। मिशन मधुहारी के अनुभवों के आधार पर केंद्र सरकार ने भी विद्यालयों में टाइप-1 डायबिटीज की सक्रिय स्क्रीनिंग को अपने दिशा-निर्देशों में शामिल किया है। मिशन का विस्तार निजी अस्पतालों तक भी किया जा रहा है ताकि प्रत्येक मरीज का डिजिटल पंजीकरण और समग्र उपचार सुनिश्चित हो सके।\n\nसर्वे से समाधान तक का सफर\nचिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि मिशन की शुरुआत स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के व्यापक मूल्यांकन से हुई। मार्च 2024 में सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों का आकलन किया गया तथा जून 2024 में विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस नवाचार को शुरू किया गया। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और नागौर के चयनित अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तारित किया गया। प्रारंभिक अध्ययन में उपचार प्रणाली में मानकीकरण की कमी, प्रशिक्षित मानव संसाधन का अभाव, इंसुलिन उपलब्धता में असमानता तथा रेफरल प्रणाली की कमजोरियों जैसी चुनौतियां सामने आईं, जिन्हें मिशन के माध्यम से व्यवस्थित रूप से दूर किया गया।\n\nप्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, निःशुल्क उपचार और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता\nमिशन के अंतर्गत मरीजों को इंसुलिन, ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स, लैंसेट एवं लॉगबुक निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष लगभग 4 हजार मरीजों के लिए Continuous Glucose Monitoring (CGM) की भी व्यवस्था की गई है, जिससे रक्त शर्करा की निरंतर निगरानी संभव हो सकेगी। मिशन के तहत 500 से अधिक चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। नियमित ऑनलाइन मेडिकल एजुकेशन, केस आधारित चर्चा एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन के माध्यम से उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही आशा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से गांव-गांव तक जागरूकता और मरीजों की पहचान का अभियान भी चलाया जा रहा है।\n\nएआई आधारित तकनीक है मिशन की खासियत, राजस्थान ऐसा करने वाला पहला राज्य\nमिशन मधुहारी की सबसे बड़ी विशेषता इसमें आधुनिक डिजिटल तकनीकों का समावेश है। राजस्थान देश का पहला राज्य बना है, जिसने ‘MadhuRoop AI Digital Twin’ जैसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है। यह प्रणाली मरीज के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण कर भविष्य में हाइपो एवं हाइपर ग्लाइसीमिया के जोखिम का पूर्वानुमान लगाने, चिकित्सकीय निर्णय लेने तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करने में सहायता करेगी। इसी प्रकार मधु नेत्र एआई के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग प्रारम्भ की गई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में इस प्रकार की एआई आधारित स्क्रीनिंग लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली 90 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ आंखों की गंभीर जटिलताओं की प्रारम्भिक पहचान करने में सक्षम है। इसे सात जिलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इस नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2026 से भी सम्मानित किया गया है।\n\nकेवल इलाज नहीं, सम्पूर्ण जीवन प्रबंधन पर जोर\nमिशन मधुहारी केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के संपूर्ण जीवन को सहज बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत मधुहारी बैंक के माध्यम से इंसुलिन एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मधुहारी कैंपस पहल के अंतर्गत प्रदेश के 205 सरकारी विद्यालयों और 41 महाविद्यालयों को टाइप-1 डायबिटीज अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी परीक्षा एवं अध्ययन के दौरान बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। साथ ही मधुरंग के माध्यम से मरीजों के बीच संवाद एवं सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि मधुवाणी के जरिए 104 हेल्पलाइन पर चौबीसों घंटे परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।\n\nक्लीनिकों की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन, मधुस्माइल वेलबीइंग इंडेक्स बनाया\nराज्य सरकार ने मिशन के अंतर्गत क्लीनिकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसियों से मूल्यांकन कराकर प्लैटिनम, गोल्ड एवं सिल्वर श्रेणी का मूल्यांकन तंत्र विकसित किया है। साथ ही प्रत्येक क्लीनिक में क्यूआर आधारित फीडबैक प्रणाली स्थापित की गई है ताकि मरीजों की संतुष्टि के आधार पर सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा सके। राजस्थान देश का पहला राज्य है, जिसने टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए ‘मधुस्माइल वेलबीइंग इंडेक्स’ विकसित किया है। यह मरीजों के भावनात्मक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं आत्म-प्रबंधन संबंधी पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन करता है। प्रारम्भिक अध्ययन में प्रतिभागियों का औसत वेलबीइंग स्कोर 78.9 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश प्रतिभागियों ने ‘गुड’ अथवा ‘हाई’ श्रेणी में स्थान प्राप्त किया। अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर बच्चों एवं किशोरों के भावनात्मक और सामाजिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
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बागेश्वर में जंगली मक्खी से पांच भैंसों की मौत, मुआवजे और सुरक्षा मांग

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर जिले में जंगली मक्खी का प्रकोप पशुपालकों पर भारी पड़ रहा है। जैसर, सीमार और कनस्यारी क्षेत्रों में मक्खी के काटने से अब तक पांच भैंसों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य पशु बीमार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य आधार है और लगातार हो रही पशुओं की मौत से वे आर्थिक संकट में हैं। पशुपालकों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। वहीं पशुपालन विभाग ने प्रभावित गांवों में टीमें भेजकर उपचार और सैंपल जांच शुरू कर दी है। विभाग ने किसानों से पशुओं को सुरक्षित रखने और बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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PWD भुगतान विवाद: ठेकेदारों ने पोस्टर से उठाया जवाबदेही का सवाल

Jaipur, Rajasthan:जयपुरभुगतान के मुद्दे पर ठेकेदारों ने खोला पोस्टर मोर्चा। ठेकेदारों ने ACS के पोस्टर लगाकर मांगा हिसाब। सरकारी भवन से लेकर सार्वजनिक जगहों तक लगे विरोध के पोस्टर। PWD के ठेकेदार एकता संघ ने पोस्टरों के जरिए खोला मोर्चा। ACS से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग। लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों का विरोध。 ठेकेदारो ने कहा-अनुबंध की शर्तों का हो पूरा सम्मान。 बकाया भुगतान के साथ ब्याज देने की भी उठी मांग。 भुगतान में देरी को लेकर ठेकेदारों में नाराजगी。 प्रदेशाध्यक्ष रामसिंह शेखावत की ओर से लगाए गए पोस्टर。 पोस्टरों के जरिए विभागीय कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल。 PWD के मुख्य गेट से लेकर मैन परिसर, लिफ्ट पर लगाये पोस्टर। भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगने से गरमाया मामला。 निर्माण महकमे में भुगतान विवाद ने पकड़ा तूल。 मांगें पूरी नहीं होने पर पोस्टर के जरिए दर्ज कराया विरोध अब पोस्टर वॉर के बाद क्या एक्शन लेगा विभाग?
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अलवर में नाला निर्माण विवाद थाने तक पहुँचा; दोनों पक्ष अड़े

Alwar, Rajasthan:अलवर में नाला विवाद गरमाया, दोनों पक्ष थाने पहुंचे, काम रुका अलवर के अखेपुरा थाना क्षेत्र स्थित बनर्जी का बाग इलाके में नाला निर्माण और सफाई को लेकर विवाद शुक्रवार को बढ़ गया और मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच थाने में तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल मामला पुलिस और नगर निगम के स्तर पर विचाराधीन है。 पूर्व पार्षद धर्मेंद्र मीणा ने बताया कि गुरुवार को इसी विवाद को लेकर घोड़ा फेर चौराहे पर जाम लगाया गया था। उस दौरान अधिकारियों ने अगले दिन से नाले की सफाई शुरू कराने का आश्वासन दिया था। शुक्रवार को नगर निगम की ओर से करीब 15 सफाईकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण काम शुरू नहीं हो सका। धर्मेंद्र मीणा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जोहड़ की भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है, जिससे नाले की सफाई और निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। उनका कहना है कि सफाई नहीं होने से इलाके में जलभराव, मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके द्वारा भी कहीं अतिक्रमण किया गया है तो प्रशासन उसे भी हटाए। वहीं स्थानीय निवासी बृज किशोर एडवोकेट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार ने यह जमीन वर्ष 1966 में खरीदी थी और यह उनकी निजी संपत्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें नाले के निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नाला उनके मकान के बिल्कुल पास से निकाला जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। उनका सुझाव है कि नाला सड़क के बीच से निकाला जाए ताकि किसी को परेशानी न हो। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं। पुलिस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने में जुटी है, जबकि नगर निगम भी समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल सहमति नहीं बनने के कारण नाले की सफाई और निर्माण कार्य पर अनिश्चितता बनी हुई है.
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वाराणसी: फर्जी कॉल सेंटर गिरोह के 32 आरोपी गिरफ्तार, 1.25 करोड़ धोखाधड़ी का भंडाफोड़

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Varanasi, Uttar Pradesh:• ऑपरेशन साइ वज्र के तहत वाराणसी पुलिस को मिली बड़ी सफलता फर्जी कॉल सेंटर पर मारा छापा। • शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कुल 32 आरोपी गिरफ्तार। • फर्जी कॉल सेंटर के जरिए करीब 1.25 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का मामला आया सामने। • गिरफ्तार आरोपियों में 21 महिला टेलिकॉलर और संचालक सहित 11 पुरुष शामिल। • SEBI रजिस्टर्ड फर्म NKD & Associates के नाम पर कूट रचित फर्जी दस्तावेज बनाकर देते थे शेयर ट्रेडिंग टिप्स। • सब्सक्रिप्शन फीस और टिप्स देने के एवज में विभिन्न बैंकों के QR कोड व UPI ID पर मंगाते थे पैसे। • भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित शाही टावर बिल्डिंग से की गई सभी की गिरफ्तारी। • मौके से 55 मोबाइल फोन, 03 लैपटॉप, 03 कूट रचित आधार कार्ड और 01 डीएल बरामद। • मामले का आरोपी अम्बर सिंह मौर्या जो चंदौली का रहने वाला है अभी भी फरार पुलिस तलाश में जुटी। • साइबर क्राइम सेल, प्रतिबिंब टीम और थाना भेलूपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई पूरी गिरफ्तारी। • सभी 32 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज। • मामले की जानकारी देते वक्त मीडिया के सामने आरोपी महिलाओं ने किया हंगामा। • आरोपी महिलाओं ने पुलिस पर गुमराह करने का लगाया आरोप। बाइट- नीतू कादयान, डीसीपी क्राइम, वाराणसी
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जंतर-मंतर के 16 वर्ष पूरे, जयपुर में UNESCO कार्यक्रम आयोजित

Jaipur, Rajasthan:यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के 16 वर्ष पूरे, जंतर-मंतर में विशेष कार्यक्रम आयोजित जयपुर-यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जंतर-मंतर, जयपुर के शामिल होने के 16 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को जंतर-मंतर परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और पर्यटकों को इस विश्व धरोहर की ऐतिहासिक, वैज्ञानिक एवं खगोलीय विरासत से परिचित कराना रहा। इस अवसर पर जंतर-मंतर परिसर में आकर्षक रंगोली बनाई गई। देश-विदेश से आए पर्यटकों का तिलक लगाकर पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया, जिससे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जंतर-मंतर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें जंतर-मंतर के इतिहास, इसकी स्थापत्य विशेषताओं तथा यहाँ स्थापित विभिन्न खगोलीय यंत्रों के वैज्ञानिक महत्व को सरल और रोचक तरीके से समझाया। विद्यार्थियों ने विभिन्न यंत्रों की कार्यप्रणाली और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर में विद्यार्थियों को जंतर-मंतर पर आधारित एक लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें इस विश्व धरोहर की ऐतिहासिक यात्रा, वैज्ञानिक उपलब्धियों और वैश्विक महत्व को प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी में भारत की समृद्ध वैज्ञानिक, सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विश्व धरोहरों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
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जंतर मंतर UNESCO विश्व धरोहर के 16 साल पूरे, छात्रों के लिए खास कार्यक्रम

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जंतर-मंतर, जयपुर के शामिल होने के 16 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को जंतर-मंत्र परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और पर्यटकों को इस विश्व धरोहर की ऐतिहासिक, वैज्ञानिक एवं खगोलीय विरासत से परिचित कराना रहा। इस अवसर पर जंतर-मंतर परिसर में आकर्षक रंगोली बनाई गई। देश-विदेश से आए पर्यटकों का तिलक लगाकर पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया, जिससे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जंतर-मंतर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें जंतर-मंतर के इतिहास, इसकी स्थापत्य विशेषताओं तथा यहाँ स्थापित विभिन्न खगोलीय यंत्रों के वैज्ञानिक महत्व को सरल और रोचक तरीके से समझाया। विद्यार्थियों ने विभिन्न यंत्रों की कार्यप्रणाली और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर में विद्यार्थियों को जंतर-मंतर पर आधारित एक लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें इस विश्व धरोहर की ऐतिहासिक यात्रा, वैज्ञानिक उपलब्ध्यों और वैश्विक महत्व को प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी में भारत की समृद्ध वैज्ञानिक, सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विश्व धरोहरों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
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धनबाद के बालियापुर में गैस सिलेंडर से आग, बच्चे सुरक्षित निकाले गए

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड अंतर्गत नया प्राथमिक विद्यालय हरि बोल थान मुकुंदा में बच्चों का एमडीएम खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग लगते ही लपटें जोर-जोर से उठने लगीं, जिससे अफरा तफरी मच गई और बच्चे इधर-उधर भागने लगे। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण जुट गए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक गिरधारी महतो ने सभी बच्चों को तुरंत क्लास से बाहर निकाला। मुकुंदा पंचायत समिति सदस्य हीरालाल मोदक ने साथियों के साथ गैस सिलेंडर को बाहर निकालने में मदद की। ग्रामीणों ने पानी, बालू और भिंगे हुए बोरे की मदद से आग बुझाया, तब जाकर राहत की सांस ली। सिलिंडर फटा नहीं, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। हादसे के बाद बिना एमडीएम के ही बच्चों को छुट्टी दे दी गई। विद्यालय में कुल बच्चों की संख्या 33 है, जिसमें 18 छात्राएं और 15 छात्र हैं। आज की उपस्थिति में कुल 22 बच्चे आए थे। प्राचार्य ने संकुल संसाधन विभाग CRP को इसकी सूचना दी है। इस विद्यालय में महज एक ही शिक्षक गिरधारी महतो हैं。
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ISI से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार: अमृतसर में आतंकी साजिश नाकाम

Amritsar, Punjab:अमृतसर देहात पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस ने शुक्रवार सुबह अजनाला इलाके में कार्रवाई करते हुए ISI से जुड़े चार संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा चमयारी पुलिस स्टेशन पर बोतल बम्ब फैंका था। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अमृतसर रूरल पुलिस ने अमृतसर की तहसील अजनाला से ISI से जुड़े चार युवक को गिरफ्तार किया है पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमदास निवासी करणबीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। एसएसपी कवल प्रीत सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि आरोपियों द्वारा पिछले दिन चमयारी थाना पर बोतल बम्ब फैंका गया था; उनका कहना है कि इन युवकों में से दो आरोपी पहचान लिए गए थे और इसके लिए टीम गठित की गई थी। बाइट—कंवलप्रीत चहल एसएसपी। उनका कहना है कि उनसे पकड़ने में सद्भावना/सीमेंटिव (सूत्रों) से भी मदद ली गई और चारों को गिरफ्तार कर लिया गया; ISI के संपर्क में चारों युवक थे; ISI के हैंडलर से इंस्टाग्राम से उनके संपर्क में आये थे और गूगल पे के जरिए 15000 रुपये आये थे; इनके साथी की तलाश में छापेमारी की जा रही है; उनके कहना है कि सुखदीप और करण नामक युवक ने थाने पर बोतल बम्ब फैंका था। बाइट—कंवलप्रीत सिंह चहल एसएसपी
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