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IRFAN KHAN PATHANIRFAN KHAN PATHANFollow21 Dec 2024, 04:53 pm
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अमृतसर GRP पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला: तीन अज्ञात बाइक सवारों ने गोली चलाई

Ludhiana, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ GRP ਵਿੱਚ ਤਾਇਨਾਤ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ’ਤੇ ਜਾਨਲੇਵਾ ਹਮਲਾ ਜਗਦੇਵ ਕਲਾਂ ਨੇੜੇ ਨਿੱਜੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਘਰ ਜਾਂਦੇ ਸਮੇਂ ਚਲਾਈਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਨਹਿਰ ਵਾਲੇ ਪੁਲ ਨੇੜੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਸਵਾਰ ਤਿੰਨ ਅਣਪਛਾਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਫਾਇਰਿੰਗ ਗੋਲੀ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦੀ ਬਾਂਹ ਨੂੰ ਛੂਹ ਕੇ ਨਿਕਲੀ, ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਚ ਕੇ ਘਰ ਪਹੁੰਚੇ ਪੀੜਤ ਨੇ ਨਿੱਜੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕੀਤਾ, ਭਰਾ ਦੇ ਪੁਰਾਣੇ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੇ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਕੇ ਜਲਦ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰੀ ਅਤੇ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ’ਚ GRP ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ’ਤੇ ਜਾਨਲੇਵਾ ਹਮਲਾ, ਤਿੰਨ ਅਣਪਛਾਤੇ ਬਾਈਕ ਸਵਾਰਾਂ ਨੇ ਚਲਾਈਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ’ਚ GRP ਵਿੱਚ ਤਾਇਨਾਤ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ’ਤੇ ਜਾਨਲੇਵਾ ਹਮਲੇ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੁਤਾਬਕ ਉਹ ਸਵੇਰੇ ਕਰੀਬ 7:15 ਵਜੇ ਆਪਣੀ ਨਿੱਜੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਸਿਵਲ ਡਰੈੱਸ ਵਿੱਚ ਘਰ ਵਾਪਸ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਉਹ ਜਗਦੇਵ ਕਲਾਂ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਦਾਖ਼ਲ ਹੋਣ ਲੱਗੇ ਅਤੇ ਨਹਿਰ ਵਾਲੇ ਪੁਲ ਨੇੜੇ ਪਹੁੰਚੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਸਵਾਰ ਤਿੰਨ ਅਣਪਛਾਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ’ਤੇ ਗੋਲੀਆਂ ਚਲਾ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਗੋਲੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬਾਂਹ ਦੇ ਨੇੜਿਓਂ ਲੰਘ ਗਈ ਅਤੇ ਉਹ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ। ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਪਣੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਭਜਾਈ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਥਾਂ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਹਸਪਤਾਲ ਲਿਜਾਇਆ ਗਿਆ। ਪੀੜਤ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਨਿੱਜੀ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਵਿੱਚ ਨਾਲ ਕੋਈ ਰੰਜਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਹਮਲੇ ਦਾ ਸਬੰਧ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਭਰਾ ਦੇ ਪੁਰਾਣੇ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਅਦਾਲਤੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅਤੇ ਗਵਾਹੀ ਲਗਭਗ ਪੂਰੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦੋਸ਼ੀ ਪੱਖ ’ਤੇ ਸ਼ੱਕ ਹੈ। ਪੀੜਤ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਹਮਲਾਵਰਾਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਕੇ ਜਲਦ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ。
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गोरखपुर में असलहा तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासाः 16 गिरफ्तार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में अवैध असलहों के उस नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है, जिसके तार बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का पुलिस दावा कर रही है। खोराबार पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है,जबकि एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। वहीं इनके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, 32 बोर की पिस्टल, मैगजीन और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। इतना ही नहीं, पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार भी कब्जे में ली है। लेकिन इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कड़ी यह है कि पुलिस पूछताछ में सामने आए नेटवर्क को पूर्व में हुई कई असलहा बरामदगी और एक हत्या में इस्तेमाल हथियारों से जोड़कर देख रही है। गोरखपुर के खोराबार इलाके में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर अफजल खान और मो. शमी को गिरफ्तार किया। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस के मुताबिक अफजल खान कैंट थाना क्षेत्र के डिबिया का रहने वाला है, जबकि मो. शमी दिव्यनगर रानीडीहा का निवासी है। तलाश में पुलिस को मिला— एक .315 बोर का अवैध तमंचा... एक .32 बोर की अवैध पिस्टल मय मैगजीन... और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस। इसके अलावा UP 53 BF 2735 नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस के मुताबिक मामला सिर्फ इन तीन आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच में एक बड़े अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क की कड़ियां सामने आने का दावा किया गया है। खोराबार थाने में मु0अ0सं0 471/2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 55, 61 बीएनएस और 9/25 आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी, कौन हथियार उपलब्ध कराता था और गोरखपुर के अलावा पूर्वांचल के किन जिलों में इस नेटवर्क का जाल फैला हुआ था। पुलिस की जांच में इस नेटवर्क की कई पुरानी कड़ियां सामने आई हैं। 17 मार्च 2026 को चिलुआताल थाना क्षेत्र में राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो अवैध पिस्टल बरामद करते हुए मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच कथित असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से चार पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने इन मामलों को एक ही असलहा सप्लाई नेटवर्क की कड़ी से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। गोरखपुर से कुशीनगर तक बड़ा नेटवर्क। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क की कड़ियां गोरखपुर से बाहर भी पहुंचती हैं। 15 सितंबर 2026 को कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में मोहम्मद आसिफ को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके बाद 26 सितंबर को गोरखनाथ थाना क्षेत्र में करन सोनकर को एक अवैध ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ पकड़ा गया। और फिर 30 सितंबर को कैंट पुलिस ने मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और 10 हजार रुपये के इनामी वीरू साहनी उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल बरामद होने की बात पुलिस ने कही थी। आांकड़े जो नेटवर्क की गंभीरता बताते हैं: पुलिस के मुताबिक अब तक इस कथित असलहा तस्करी नेटवर्क से जुड़े 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनके कब्जे से कुल— 15 अवैध पिस्टल... और एक अवैध तमंचा... यानी कुल 16 अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों को एक ही गिरोह के माध्यम से अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई गई थीं। यही वजह है कि अब जांच सिर्फ हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं है। पुलिस हथियारों के स्रोत, सप्लाई रूट और अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। गोरखपुर में जिस असलहा नेटवर्क को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज की है, उसकी कड़ियां अब एक के बाद एक खुलती जा रही हैं। खोराबार की ताजा कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लेने के साथ पुलिस के हाथ हथियार भी लगे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन हथियारों की सप्लाई कौन कर रहा था और इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है। बिश्नोई गैंग कनेक्शन: इस पूरे मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर इस नेटवर्क के तार बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांक‍ि इस कनेक्शन को लेकर अंतिम तस्वीर पुलिस की विस्तृत जांच और साक्ष्यों के बाद ही साफ होगी। फिलहाल पुलिस की नजर नेटवर्क के उन लोगों पर है जो हथियारों की सप्लाई, खरीद और डिलीवरी की पूरी चेन चला रहे थे। गोरखपुर पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अवैध असलहों के इस नेटवर्क की जड़ें तलाशने के लिए अब सिर्फ छोटे सप्लायरों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। 16 गिरफ्तारियां... 16 अवैध हथियारों की बरामदगी... गोरखपुर से कुशीनगर तक फैली कड़ियां... और बिश्नोई गैंग से कनेक्शन का पुलिस दावा... अब पुलिस की अगली चुनौती है—इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और हथियारों के असली स्रोत तक पहुंचना। जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं.
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खटीमा में रंगोत्सव शुरू, केंद्रीय मंत्री समेत कई नेता पहुंचे

Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड आदि रंगोत्सव की शुरुवात ऊधमसिंह नगर के खटीमा के नवीन मंडी परिसर हो गई है। राजधानी देहरादून के अलावा पहली बार जनजातियों का बड़ा कार्यक्रम खटीमा में आयोजित हुआ । उत्तराखंड आदि रंगोत्सव कार्यक्रम की शुरुवात केंद्रीय मंत्री किरन रिजजू, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत मंत्रियों ने की । इस दौरान देश और प्रदेश की विभिन्न जनजातियों ने इसमें हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्रीय मंत्रियों के साथ रोड शो करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस दौरान बाबा नीम करोली के आध्यात्मिक सफर पर बनी हनुमान अंश मूवी की टीम को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विभिन्न जातियों के विकास के लिए सरकार संकल्पित है। कार्यक्रम में शामिल कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि लोगों में बेहद उत्साह है जिससे साफ हो गया है कि खटीमा की जनता को मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर पूर्ण विश्वास है। बाइट सुबोध उनियाल,कैबिनेट मंत्री वॉक थ्रू जनजातीय समूह के साथ
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MP में आयुष्मान योजना बहिष्कार: अस्पतालों ने 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल प्रिय डॉक्टर एन्कोडेड? प्राइवेट हॉस्पिटल डायरेक्टर्स एसोसिएशन का बड़ा ऐलान एमपी में 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना का होगा बहिष्कार बकाया राशि न मिलने पर लिया निर्णय कहा 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली करेंगे कूच मध्य प्रदेश के प्राइवेट हॉस्पिटल डायरेक्टर्स एसोशियशन के अध्यक्ष का बयान अस्पतालों के पुराने एवं नए पोर्टल पर भुगतान पड़े हैं लंबित सीडीपी स्तर पर क्लेम है अटके इसके साथ ही क्लेम रिजेक्शन और अनावश्यक कटौतियां भी लंबे समय से है एक बड़ी समस्या NABH की अनिवार्यता को भी खत्म करने की मांग । बाइट डॉ विशाल बघेल,अध्यक्ष, यूपीएचडीए बाइट डॉ जीशान अहमद,चेयरमैन एडवाइजरी, यूपीएचडीए
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Raigarh के स्कूल में कलावे कटाई पर बवाल, FIR और प्राचार्य इस्तीफे की मांग

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ शहर के चांदमारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा ( SET) के दौरान कलावे काटने को लेकर जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि परीक्षा की पहली पाली में एक छात्रा को कलावा नहीं काटने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं देने और परीक्षा से वंचित करने की धमकी दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए स्कूल का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और प्राचार्य के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया।स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, एसडीएम, नायब तहसीलदार और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।प्रदर्शन के दौरान स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी विवाद सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने सीसीटीवी कैमरे बंद होने की बात कही थी, जबकि कैमरों की जांच की मांग पर उनके बयान को लेकर सवाल उठाए गए। इसको लेकर प्राचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई。 प्रदर्शनकारियों की मांग पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आश्वासन के बाद विहिप, बजरंग दल और एबीवीपी ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी अड़े रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर प्राचार्य के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए दो दिन का समय मांगा। इसके बाद जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
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दिल्ली में भारत डिज़ाइनर शो सीजन-3 फैशन और ग्लैमर का जलवा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में फैशन और ग्लैमर से सजे भारत डिज़ाइनर शो सीजन-3 का भव्य आयोजन किया गया। ड्रीमज़ प्रोडक्शन हाउस के डायरेक्टर शरद चौधरी द्वारा आयोजित इस फैशन शो में देश के फैशन और ग्लैमर की शानदार झलक देखने को मिली। शो में डिजाइनर पल्लवी जयपुर ने अपने खूबसूरत और आकर्षक कलेक्शन को रैंप पर पेश किया। बॉलीवुड इंस्पायर्ड थीम पर मॉडल्स ने स्टाइलिश अंदाज़ में रैंप वॉक कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। फैंशन, बॉलीवुड और ग्लैमर के इस शानदार संगम में रंग-बिरंगे आउटफिट्स, आकर्षक डिजाइन्स और मॉडल्स की शानदार प्रस्तुति ने माहौल को और भी खास बना दिया। कुल मिलाकर, भारत डिज़ाइनर शो सीजन-3 फैशन और ग्लैमर के दीवानों के लिए एक यादगार शाम साबित हुआ
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561 वर्ष पुरानी 13 ग्रेनेडियर्स: तनोट से 1971 की निर्णायक विजय तक

Noida, Uttar Pradesh:561 वर्ष पुरानी सैन्य इकाई: तनोट माता की रक्षा से 1971 की निर्णायक जीत तक 13 ग्रेनेडियर्स का गौरवशाली इतिहास जयपुर। 3 अक्टूबर को 13 ग्रेनेडियर्स ‘गंगा जैसलमेर रीसाला’ ने अपने गौरवशाली इतिहास को याद किया। 1465 से चली आ रही 561 वर्ष पुरानी यह सैन्य इकाई भारतीय सेना की सबसे पुरानी और अनुभवी सैन्य टुकड़ियों में से एक है। इसके सैनिकों में बड़ी संख्या राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और नागौर जिलों से आती है। इस सैन्य इकाई की शुरुआत ऊंटों पर सवार होकर रेगिस्तानी युद्ध लड़ने वाली टुकड़ी के रूप में हुई थी। समय के साथ इसका स्वरूप बदला और आज यह भारतीय सेना की एक सशक्त स्टैंडर्ड इन्फेंट्री बटालियन के रूप में सेवा दे रही है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में इस बटालियन ने तनोट माता मंदिर की रक्षा करते हुए सांचू और साधेवाला की महत्वपूर्ण चौकियां कब्जे में लीं। वहीं 1971 के युद्ध में बटालियन ने पाकिस्तान के करीब 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर रणहाल और बिजनोट जैसे महत्वपूर्ण स्थान अपने नियंत्रण में लिए। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बटालियन द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। राठौड़ का इस बटालियन से पारिवारिक जुड़ाव भी रहा है—उनकी तीन पीढ़ियों ने इस गौरवशाली रीसाले में सेवा दी है, प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों तक। कर्नल राठौड़ ने बटालियन के शौर्य, परंपरा और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि ऐसी सैन्य विरासत केवल इतिहास नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
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करनाल में ई-रिक्शा चालक की हत्या की आशंका, परिवार ने लगाया आरोप

Karnal, Haryana:करनाल में ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी ,खेतों में मिली ई-रिक्शा चालक की लाश, शरीर पर चोटों के निशान... परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप। करनाल के मुनक रोड स्थित हकीकत नगर के पास खेतों में करीब 30 वर्षीय मंगरू का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मंगरू करनाल की बालाजी कॉलोनी का रहने वाला था और किराए पर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका से जांच शुरू कर दी है। मौके पर सदर थाना पुलिस के साथ एफएसएल टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। शाम को 200 रुपये लेकर निकला था मंगरू, रातभर तलाशता रहा परिवार परिजनों के मुताबिक मंगरू कल शाम घर से करीब 200 रुपये लेकर निकला था। बताया गया कि उसे ई-रिक्शा का किराया देना था। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रातभर मंगरू को इधर-उधर ढूंढने के बाद सुबह परिवार को उसके शव के खेतों में पड़े होने की सूचना मिली। शव मिलने की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का आरोप—ई-रिक्शा मालिक किराए को लेकर करता था परेशान मंगरू की मां शांति ने रोते-बिलखते हुए आरोप लगाया कि ई-रिक्शा का किराया देने को लेकर मालिक पहले भी उसके बेटे को परेशान करता था। उनका कहना है कि कई बार विवाद हुआ और परिवार ने मंगरू से कहा था कि किराए की रकम वे दे देंगे, लेकिन इसके बावजूद उसे कथित तौर पर परेशान किया जाता रहा। मां ने आरोप लगाया कि इसी विवाद के चलते मंगरू के साथ मारपीट की गई और उसकी हत्या कर शव को खेतों में फेंक दिया गया। परिवार का सहारा था मंगरू, अभी नहीं हुई थी शादी मृतक की मां के मुताबिक मंगरू परिवार का सहारा था। उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। परिवार में पिता रमेश, भाई और भाभी हैं। मंगरू की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता बोले—रातभर तलाशते रहे, फिर एक फोन ने दी मौत की खबर मंगरू के पिता रमेश ने बताया कि उनका बेटा शाम को घर से निकला था और इसके बाद उसका फोन भी स्विच ऑफ हो गया। परिवार रातभर उसे तलाशता रहा। सुबह एक व्यक्ति के जरिए उन्हें मंगरू की मौत की सूचना मिली। पिता ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि जिस व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी, उसे इतनी जल्दी घटना की जानकारी कैसे मिली। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है। शरीर पर चोट के निशान, हत्या की आशंका से जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शरीर पर चोट के निशान मिलने के कारण पुलिस शुरुआती जांच में हत्या की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस बोली—परिजनों की शिकायत पर होगी कार्रवाई, आरोपियों की तलाश जारी सदर थाना प्रभारी तरसेम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की है। शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। बाइट: शांति, मृतक मंगरू की मां बाइट: रमेश, मृतक मंगरू के पिता बाइट: तरसेम, सदर थाना प्रभारी, करनाल
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हापुड़ में नकली उर्वरक फैक्ट्री का पर्दाफाश, 110 बोरे बरामद

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ में प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने रामपुर रोड पर छापा मारकर अवैध रूप से चल रही नकली उर्वरक बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. टीम ने मौके से 90 बोरे नकली पोटाश और 20 बोरे डीएपी सहित कुल 110 बोरे उर्वरक बरामद किए हैं. जानकारी के अनुसार हापुड़ जिले में प्रशासन को लंबे समय से नकली उर्वरक तैयार किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं. इस पर डीएम कविता मीना के निर्देश के बाद जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रताप, नायब तहसीलदार प्रताप सिंह और कोतवाली पुलिस की टीम ने रामपुर रोड स्थित एक परिसर पर छापा मारा. हालांकि, टीम के पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले आरोपी फैक्ट्री को खुला छोड़कर भाग निकले. अधिकारियों के अनुसार, बरामद किया गया उर्वरक कृषि उपयोग के लिए दिया जाने वाला अनुदानित (सब्सिडी) खाद था. वीडियो में भी साफ देखा जा सकता है कि गोदाम के अंदर भारी मात्रा में बोरों का ढेर लगा हुआ है, जहां मशीनों के जरिए पिसाई व मिलावट का काम चल रहा था. मौके से खाद के अलावा कुछ संदिग्ध केमिकल और गंधक जैसा पदार्थ भी मिला है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह फैक्ट्री किसकी है, इसे किसकी शह पर चलाया जा रहा था और तैयार नकली माल को कहां खपाया जा रहा था. जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रताप के मुताबिक बरामद सभी पदार्थों और उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में बुलंदशहर रोड और कासमपुरा क्षेत्र में यूरिया व नकली उर्वरक से जुड़े मामले पकड़े जा चुके हैं. फिलहाल प्रशासन इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटा हुआ है.
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