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महोबाः जोरहा के पास चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार घायल, परिजनों ने अस्पताल में कराया भर्ती
Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा की सीमा से लगे जोरहा गांव के पास चार पहिया की टक्कर से बाइक सवार युवक घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में परिजनों ने भर्ती कराया। घायल की पहचान हरिद्वार गांव निवासी कल्लन पुत्र भजन सिंह के तौर पर हुई है। कल्लन जोरहा से बारीगढ़ जाने के लिए बाइक से निकला था, तभी अचानक जोरहा के पास ही एक चार पहिया वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
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राजस्थान में ऑटोमेटेड ट्रैक से ड्राइविंग लाइसेंस पास-फेल, 40% फेल
Jaipur, Rajasthan:अब ड्राइविंग लाइसेंस मिलना हुआ कठिन, कार के लाइसेंस की ट्रायल में 40 फीसदी आवेदक फेल - राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल, अब प्रशिक्षितों को ही मिल रहा ड्राइविंग लाइसेंस! - ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटर बता रहा पास या फेल, फरवरी में तो 79 प्रतिशत आवेदक फेल हो गए थे जयपुर। राजस्थान के करीब 23 परिवहन कार्यालयों में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना उतना आसान नहीं रहा है। राजधानी जयपुर के जगतपुरा एडिशनल आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब कठिन ट्रायल से गुजरना पड़ रहा है। इस कारण कार का लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों में से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। राज्य के परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के 23 परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ट्रायल को अनिवार्य कर दिया है। राज्य के 11 आरटीओ कार्यालयों और 12 डीटीओ कार्यालयों में अब कम्प्यूटर ही लाइसेंस के पास या फेल का फैसला कर रहा है। दरअसल यूं तो परिवहन विभाग के 35 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बन चुके हैं। लेकिन इनमें से 23 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। राज्य में 13 आरटीओ कार्यालय हैं, इनमें से 11 में ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही ट्रायल हो रही है। बचे हुए 2 कार्यालय, जिनमें जयपुर आरटीओ द्वितीय और अजमेर आरटीओ शामिल हैं, उनमें ट्रायल मैन्युअल ली जा रही है। ऑटोमेटेड ट्रैक पर ट्रायल के दौरान कैमरों के जरिए निगरानी की जाती है। लाइसेंस आवेदक के सही तरीके से गाड़ी चलाने या गलतियों के आधार पर कम्प्यूटर द्वारा अंक दिए जाते हैं। इसके बाद कम्प्यूटर ही पास या फेल का फैसला करता है। जयपुर आरटीओ प्रथम के जगतपुरा कार्यालय में पिछले 8 महीने के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक फेल हुए हैं। 8 महीने में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का रिजल्ट - फरवरी में कुल 608 आवेदकों की ट्रायल, इनमें 305 आवेदक पास हुए - फरवरी में 266 आवेदक फेल, कार के लाइसेंस में 79 प्रतिशत आवेदक फेल - मार्च में 590 आवेदकों की ट्रायल, 348 हुए पास - मार्च में 204 आवेदक फेल हुए, कार में 60 फीसदी आवेदक फेल - अप्रैल में 2788 आवेदकों की ट्रायल, 1946 हुए पास - 718 आवेदक फेल हुए, कार के ट्रायल में 38 फीसदी आवेदक फेल - मई में 3529 आवेदकों की ट्रायल, 2469 आवेदक हुए पास - 765 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 33 प्रतिशत हुए फेल - जून में 2209 आवेदकों की ट्रायल, 1559 आवेदक हुए पास - 492 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 34 फीसदी हुए फेल - जुलाई में 2330 आवेदकों की ट्रायल, 1663 आवेदक पास हुए - 498 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस ट्रायल में 33 फीसदी फेल - अगस्त में 1361 आवेदकों की ट्रायल हुई, 905 आवेदक पास हुए - इनमें से 370 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 42 फीसदी फेल - सितंबर में 1779 आवेदकों की ट्रायल हुई, 1247 पास हुए - 429 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 38 फीसदी फेल कम्प्यूटराइज्ड ट्रायल, गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल की इस नई प्रक्रिया से अब अच्छी तरह वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन पा रहे हैं। जगतपुरा के एडिशनल आरटीओ आदर्श सिंह राघव ने बताया कि जो वाहन चालक अच्छी तरह से वाहन नहीं चला सकते हैं, उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल में पास होना असंभव है। यही वजह है कि अभी भी कार के लाइसेंस की ट्रायल में औसतन 38 से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। ट्रायल में अब किसी निजी कम्पनी का वित्तीय रूप से दखल नहीं है। सभी कार्यालयों में मारुति सुजुकी कम्पनी द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत ट्रैक संचालन किया जा रहा है। ऐसे में लाइसेंस की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म हो गई है और अब वास्तविक रूप से लाइसेंस पाने के योग्य आवेदकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल पा रहे हैं.0
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बलरामपुर गैसड़ी इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पुलिस व एसएसबी का संयुक्त गश्त अभियान
Kukur Bhukwa, Uttar Pradesh:पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए इंडो-नेपाल बॉर्डर पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 01.10.2026 को भारत-नेपाल सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में जनपदीय पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम द्वारा पैदल गश्त एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने सीमावर्ती गांवों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की तलाशी ली गई। सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव एवं गौ तस्करी, अवैध कटान, खनन तथा अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। टीम ने ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों और संभ्रांत व्यक्तियों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया और अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। आमजन को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। बलरामपुर पुलिस एवं एसएसबी द्वारा सीमा पर सतत निगरानी रखी जा रही है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे।0
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फैक्ट्रियों के गंदे पानी से धान की फसल बर्बाद, लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतरे किसान
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। दही औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर किसानों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर दिखाई दिया। दही थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव की किसान महिलाएं लाठी-डंडे लेकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्रियों के बाहर पहुंच गईं और विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा और दूषित पानी खेतों तक पहुंच रहा है। इससे खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो रही है। किसान संदीप ने बताया कि स्टैंडर्ड स्लॉटरहाउस, सीमा एग्रो फूड समेत अन्य फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित पानी खेतों से होकर गुजरता है। इससे खेतों में जलभराव होने के साथ फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों के मुताबिक कई बीघे धान की फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार और एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से पूरे मामले की जानकारी लेने के साथ ही फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की। वहीं, बताया जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए एक फैक्ट्री को सीज करने की कार्रवाई भी की गई है। किसानों ने दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराने और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।0
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मंदसौर में वैवाहिक विज्ञापनों से ठगी: पाकिस्तान कनेक्शन से 100+ मामले, 11 करोड़ से अधिक
Mandsaur, Madhya Pradesh:मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर में वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह के सदस्यों को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है इस मामले में हैरान करने वाला एंगल आया है कि इस गिरोह के कनेक्शन पाकिस्तान के सरगनाओं से मिले हैं जिनके इशारे पर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था पुलिस इस मामले में तफ्तीश में जुटी है इन ठाकुरों से 100 से ज्यादा मामलों में 11 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ है0
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एसीबी ने सांगानेर थाने के ASI महेशचंद मीणा को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर एसीबी की सांगानेर सदर थाने में कार्रवाई एसीबी ने ASI को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा ASI महेशचंद मीणा को 10 हजार रुपए लेते किया गिरफ्तार दर्ज मुकदमें मदद करने तथा वाहन छोड़ने के लिए मांगी रिश्वत महेशचंद ने परिवादी से 20 हजार रुपए मांगे थे बाद में सहमति दस हजार रुपए पर बनी, आज ट्रैप एसीबी टीमें ASI के आवास की तलाशी ले रही है0
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RCA चुनाव में क्रिकेट से बढ़ी सियासत, अरुण चतुर्वेदी के बयान से विवाद बढ़ा
Jaipur, Rajasthan:Jaipur RCA में क्रिकेट से ज्यादा सियासत! तीन दिन बाद अरुण चतुर्वेदी का बयान आया सामने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव अब क्रिकेट प्रशासन से आगे बढ़कर सियासी खींचतान का मुद्दा बन गया है। चुनाव के दौरान भाजपा से जुड़े प्रत्याशियों की ओर से प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए, वहीं भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी ने आरोपों पर पलटवार करते हुए मौजूदा चुनाव प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया। विवाद की शुरुआत तीन नवगठित जिला क्रिकेट संघों बालोतरा,डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा के मतदान से दूर रहने को लेकर हुई। चुनावी दस्तावेजों में आरोप लगाया गया कि इन संघों को वोटिंग से दूर रहने के निर्देश दिए गए। मतदान में RCA के 38 पात्र मतदाताओं में से 35 ने वोट डाला, जबकि तीनों नए जिलों ने मतदान नहीं किया। इसके साथ ही सचिव पद के उम्मीदवार मोहित यादव ने बैलेट पेपर पर सीरियल नंबर और पहचान योग्य निशान को लेकर लिखित आपत्ति दर्ज कराई। बाईट - धनंजय सिंह, खींवसर, आरसीए अध्यक्ष प्रत्याशी इन आरोपों पर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव निर्वाचन अधिकारी और प्रशासन की निगरानी में निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ और किसी स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया गया। अपने ऊपर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे मतदान क्षेत्र में नहीं गए थे। मतदान शुरू होने से पहले RCA परिसर की कैंटीन में जरूर गए थे। उन्होंने CCTV जांच की पेशकश करते हुए कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं। चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए 2009 और 2019 के RCA चुनावों का इतिहास भी सामने रखा और कहा कि सत्ता के प्रभाव के आरोप लगाने वालों को पिछले चुनावों के घटनाक्रम भी देखने चाहिए। बाईट - अरुण चतुर्वेदी, वित्त आयोग अध्यक्ष यानी RCA में फिलहाल क्रिकेट की पिच से ज्यादा सियासत गरम है। आरोप भाजपा के भीतर से हैं, जवाब भी भाजपा के भीतर से आया है और अंतिम फैसला अब अदालत के आदेश पर टिका है।0
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हापुड़:MLC स्नातक-शिक्षक चुनाव में फर्जी वोट बनाने का आरोप, सपा ने कलेक्ट्रेट पर किया धरना-प्रदर्शन।
Gulaothi, Uttar Pradesh:हापुड़ में एमएलसी स्नातक और शिक्षक चुनाव में फर्जी मतदान बनाने को लेकर समाजवादी पार्टी ने आज हापुड़ कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर जिला निर्वाचन अधिकार के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सपा नेताओं का आरोप है कि भाजपा के नेता हजार-हजार, दो-दो हजार फॉर्म एक साथ जमा करा रहे हैं। एक नेता द्वारा तो 2865 फॉर्म जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए हैं, जिसका फोटो वो खुद सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। सपा नेताओं ने कहा कि ये चुनाव नहीं, लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश है। असली मतदाता पहले ही महीनों पहले अपनी वोट बनवा चुके हैं, अब जो हजारों की संख्या में फॉर्म जमा हो रहे हैं वो चुनाव को प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने मांग की है कि Form-6 में जो जानकारी मांगी गई थी उसे हटाने के बाद अब इस फर्जीवाड़े की जांच कराई जाए।0
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Jaipur: Driving license failure rate 38-40% through automated track
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी हैडर- - प्रशिक्षितों को ही मिल रहा ड्राइविंग लाइसेंस! - जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल - अब मैन्युअल ट्रायल से नहीं बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस - ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटर बता रहा पास या फेल - फरवरी में तो 79 प्रतिशत आवेदक फेल हो गए थे - कार के लाइसेंस में औसतन 40 फीसदी फेल एंकर राजस्थान के करीब 23 परिवहन कार्यालयों में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना उतना आसान नहीं रहा है। राजधानी जयपुर के जगतपुरा एडिशनल आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब कठिन ट्रायल से गुजरना पड़ रहा है। इस कारण कार का लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों में से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। क्या हुआ है राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में बदलाव, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य के परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के 23 परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ट्रायल को अनिवार्य कर दिया है। राज्य के 11 आरटीओ कार्यालयों और 12 डीटीओ कार्यालयों में अब कम्प्यूटर ही लाइसेंस के पास या फेल का फैसला कर रहा है। दरअसल यूं तो परिवहन विभाग के 35 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बन चुके हैं। लेकिन इनमें से 23 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। राज्य में 13 RTC कार्यालय हैं, इनमें से 11 में ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही ट्रायल हो रही है। बचे हुए 2 कार्यालय, जिनमें जयपुर आरटीओ द्वितीय और अजमेर आरटीओ शामिल हैं, उनमें ट्रायल मैन्युअल ली जा रही है। ऑटोमेटेड ट्रैक पर ट्रायल के दौरान कैमरों के जरिए निगरानी की जाती है। लाइसेंस आवेदक के सही तरीके से गाड़ी चलाने या गलतियों के आधार पर कम्प्यूटर द्वारा अंक दिए जाते हैं। इसके बाद कम्प्यूटर ही पास या फेल का फैसला करता है। जयपुर आरटीओ प्रथम के जगतपुरा कार्यालय में पिछले 8 महीने के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक फेल हुए हैं। Gfx In 8 महीने में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का रिजल्ट - फरवरी में कुल 608 आवेदकों की ट्रायल, इनमें 305 आवेदक पास हुए - फरवरी में 266 आवेदक फेल, कार के लाइसेंस में 79 प्रतिशत आवेदक फेल - मार्च में 590 आवेदकों की ट्रायल, 348 हुए पास - मार्च में 204 आवेदक फेल हुए, कार में 60 फीसदी आवेदक फेल - अप्रैल में 2788 आवेदकों की ट्रायल, 1946 हुए पास - 718 आवेदक फेल हुए, कार के ट्रायल में 38 फीसदी आवेदक फेल - मई में 3529 आवेदकों की ट्रायल, 2469 आवेदक हुए पास - 765 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 33 प्रतिशत हुए फेल - जून में 2209 आवेदकों की ट्रायल, 1559 आवेदक हुए पास - 492 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 34 फीसदी हुए फेल - जुलाई में 2330 आवेदकों की ट्रायल, 1663 आवेदक पास हुए - 498 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस ट्रायल में 33 फीसदी फेल - अगस्त में 1361 आवेदकों की ट्रायल हुई, 905 आवेदक पास हुए - इनमें से 370 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 42 फीसदी फेल - सितंबर में 1779 आवेदकों की ट्रायल हुई, 1247 पास हुए - 429 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 38 फीसदी फेल Gfx Out बाइट- आदर्श सिंह राघव, एडिशनल RTO, जगतपुरा वीओ- 2 ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल की इस नई प्रक्रिया से अब अच्छी तरह वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन पा रहे हैं। जो वाहन चालक अच्छी तरह से वाहन नहीं चला सकते हैं, उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल में पास होना असंभव है। यही वजह है कि अभी भी कार के ट्रायल में औसतन 38 से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। ट्रायल में अब किसी निजी कम्पनी का वित्तीय रूप से दखल नहीं है। सभी कार्यालयों में मारुति सुजुकी कम्पनी द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत ट्रैक संचालन किया जा रहा है। ऐसे में लाइसेंस की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म हो गई है और अब वास्तविक रूप से लाइसेंस पाने के योग्य आवेदकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल पा रहा है। क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी0
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श्मशान घाट पर 8 लाख से खुला ओपन जिम, बजट बर्बादी पर सवाल
Rewari, Haryana:सामने चिता और बगल में कसरत के उपकरण: भाड़ावास गांव में पंचायत विभाग का अजीबोगरीब कारनामा। रेवाड़ी श्मशान घाट में 8 लाख की लागत से बना दी ओपन जिम, कसरत के उपकरण देख ग्रामीण हैरान; अंतिम संस्कार में भी खलल। जगह की कमी का अजीब तर्क, सरकारी बजट की बर्बादी पर उठे सवाल। दशकों पुरानी करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि में कुल तीन टीन शेड बने हुए हैं। दो शेड अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित हैं, जबकि तीसरे बड़े शेड का उपयोग शवयात्रा में शामिल लोगों के बैठने के लिए किया जाता था। पंचायत ने इसी बैठने वाले शेड में टाइलें बिछवाकर ओपन जिम के उपकरण लगवा दिए। अब अंतिम संस्कार के समय लोगों के बैठने तक की जगह नहीं बची है। सरकार की हर गांव में ओपन जिम योजना के तहत इसके निर्माण के लिए न्यूनतम 450 वर्गगज जमीन की दरकार थी। गांव के सरपंच सुनील कुमार का कहना है कि पंचायत के पास गांव के भीतर 350 वर्गगज से बड़ी कोई दूसरी भूमि उपलब्ध नहीं थी , इसलिए श्मशान घाट की जमीन पर ही यह जिम बनवाई गई। अब सवाल यह है कि जब जगह का आभाव था तो गांव से बाहर और श्मशान में पैसे की बर्बादी क्यों कि गई? ऐसे माहौल में न तो युवा कसरत करने जा सकते हैं और न ही बच्चे खेलने, जिससे लाखों रुपये की यह परियोजना पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रही है।0
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू, हाथियों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा सुनिश्चित
Umaria, Madhya Pradesh:उमारीया जिले में बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में तीन महीने के इंतजार के बाद आज से जंगल सफारी शुरू हो गई। सुबह करीब 6 बजे से पर्यटकों ने ताला, मगधी और खितौली जोन में जंगल भ्रमण किया। मानसून के चलते पिछले तीन महीने से कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बंद थी,सफारी शुरू होने से पहले पार्क प्रबंध ने सेंटर प्वाइंट की सड़कों सहित पर्यटकों से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है। इस बार सफारी की शुरुआत जंगली हाथियों के मूवमेंट के बीच हुई है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए गाइड और वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि सफारी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जंगली हाथियों के मूवमेंट के बावजूद सफारी जारी रहेगी। हाथियों से बचाव और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गाइड एवं वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि नए पर्यटन सीजन में एक महीने की सफारी फुल है।सफारी शुरू होने से स्थानीय गाइड, वाहन संचालकों और पर्यटन से जुड़े लोगों में भी रोजगार को लेकर उत्साह है। बाइट -01 अनुपम सहाय क्षेत्र संचालक0
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जनता दर्शन में जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल, दो महिलाओं की समस्याओं का तत्काल समाधान
Deoria, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए दो मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी की पहल से जहां एक महिला को वरासत और खतौनी में नाम दर्ज होने का लाभ मिला, वहीं दूसरी महिला के परिवार को आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्राम मुडाडीह निवासी सरिता देवी पत्नी स्व. उदयभान ने जनता दर्शन में अपने पति की मृत्यु के बाद वरासत और खतौनी में नाम दर्ज नहीं होने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर अलका सिंह को वर्चुअल माध्यम से तत्काल प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फरियादिनी का प्रार्थना पत्र भी तहसीलदार को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा। निर्देश के क्रम में तहसीलदार सदर ने सरिता देवी और उनके बच्चों का वरासत आदेश जारी कर दिया। त्वरित कार्रवाई से फरियादिनी और उनके परिवारीजन ने राहत जताते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में देवरिया खास निवासी मीना देवी अपनी दो बच्चियों के साथ जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने आर्थिक स्थिति खराब होने और बच्चियों के भरण-पोषण में कठिनाई का हवाला देते हुए आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मीना देवी का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने और उनकी पढ़ाई की व्यवस्था कराने की पहल की। जनता दर्शन में मौजूद एएसडीएम एवं प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी नम्रता सिंह को निर्देश दिया गया कि परिवार को पात्रता के अनुसार सभी संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और राशन कार्ड बनवाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। जनता दर्शन में जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई से दोनों परिवारों को राहत मिली। फरियादियों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार जताया।0
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बड़वानी के झोपड़े जैसे स्कूल में पक्का भवन नहीं, बच्चों की पढ़ाई संकट
Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती खबर कभी ईमली के पेड़ के नीचे से शुरू हुई पाठशाला पहुँची झोपड़ी में लेकिन 12 साल बाद भी पक्के स्कूल भवन का नेनिहालों को है इंतजार कलेक्टर बोली जल्द होगी व्यवस्थाएं व्यवस्थित जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत वेदपुरी के अछालिया फलिया में एक ऐसा स्कूल है जो साल 2014 में अचालियाया फलियां में शुरू हुआ था हालाकि उस समय यहां स्कूल नहीं थी तो शिक्षक इमली के पेड़ के नीचे कक्षाएं लगाते थे हालांकि बाद में गांव के एक व्यक्ति मुन्ना ने बच्चों की दिक्कतें देख अपने पशुओं को बांधने के लिए बनाए गए छोटे से झोपड़े में स्कूल चलाने के लिए जगह दे दी थी लेकिन यहां भी शिक्षक और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है यहां बारिश में छत टपकती है, मिट्टी का बना फर्श गीला हो जाता है और कच्ची जमीन पर बच्चों को बैठकर पढ़ना पड़ता है स्कूल के ठीक पास मवेशी बांधे जाते हैं और स्कूल के पीछे जमा पानी भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है हालांकि सरकार की ओर से स्कूल भवन स्वीकृत होने की बात भी कही जा रही है लेकिन भवन अभी भी लंबे समय से अधूरा है ऐसे में सवाल उठता है की आखिर इन बच्चों को पक्के स्कूल भवन में पढ़ने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा जबकि स्कूल का मौजूदा हाल स्कूल के शिक्षक के अनुसार उनकी पदस्थापना यहाँ करीब 20 दिन पहले ही हुई है मौजूदा व्यवस्था में बारिश और कच्ची जमीन के कारण बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत होने की बात भी सामने आई है वंही इस मामले में संकुल प्राचार्य से बात की गई तो उनका कहना है कि स्कूल भवन स्वीकृत हो चुका है और निर्माण कार्य भी कुछ हद तक हो चुका है लेकिन हकीकत ये है कि बच्चे आज भी इसी स्कूल में पड़ने को मजबूर है मामले को लेकर बड़वानी कलेक्टर जयतीसिंह का कहना है के जिले के ढाई लाख बच्चे है जो 17 भवन विहीन स्कूल में तो 40 जर्जर भवनों में पढ़ाई कर रहे है जिसको लेकर सरकार गंभीर है आज 65 जगहों पर आईटी की पढ़ाई हो रही है बच्चे सिख रहे है जल्द सारी समस्याओं का निदान हो जाएगा0
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गणेश विसर्जन के डांस वीडियो पर राजनीतिक विवाद, भाजयुमो ने जांच की मांग
Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव में बीते दिनों गणेश विसर्जन झांकी के दौरान डीजे पर कथित तौर पर कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा से जुड़े गाने पर डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आपत्ति जताते हुए डांस करने वाले कथित कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राजनांदगांव में गणेश विसर्जन झांकियों के दौरान सामने आए एक डांस वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग डीजे की धुन पर डांस करते नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा का आरोप है कि डीजे पर कुख्यात नक्सली हिडमा से जुड़ा गाना बज रहा था और इसमें एक कांग्रेस नेता तथा उसके साथियों ने डांस किया। वीडियो सामने आने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो जिलाध्यक्ष चिंटू सोनकर ने आरोप लगाया कि झीरम घाटी की घटना में कांग्रेस के कई नेताओं की हत्या हुई थी और अब उसी नक्सली कमांडर से जुड़े गाने पर कांग्रेस नेता के डांस का वीडियो सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा झीरम घाटी मामले को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का भी उल्लेख करते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की। भाजयुमो ने मांग की है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर डांस करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में भी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। गणेश विसर्जन के दौरान सामने आए इस वीडियो ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजयुमो की शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई0
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दमोह के निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मौत, सड़कों पर हंगामा बरकरार
Damoh, Madhya Pradesh:दमोह के निजी अस्पताल में आपरेशन के बाद हुई मरीज की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, सड़को पर आए लोग, डॉक्टर के पक्ष में सिंधी समाज.. एंकर/ दमोह जिले में बीते दोनों एक निजी अस्पताल में हार्निया के आपरेशन के बाद एक शख्स की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लोग सड़को पर है तो आरोपी डॉक्टर के पक्ष में भी लोग सामने आए है। दरअसल शहर के विद्या हॉस्पिटल में 21 तारीख को हिंडोरिया के रहने वाले सचिन अग्रवाल की आपरेशन के बाद संदिग्ध मौत हो गई थी और उस वक्त जमकर बबाल हुआ, पीड़ितों ने आपरेशन करने वाले डॉ पीताम्बर बुधवानी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक का पैनल के जरिए पोस्टमैटम कराया गया और एक कमेटी मामले की जांच भी कर रही है लेकिन कई दिनों बाद जब मामले में कार्यवाही नहीं बड़ी तो अब अग्रवाल समाज ने मोर्चा खोला है और लोग डाक्टर पर आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ हॉस्पिटल को सील करने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर बुधवानी के पक्ष में भी लोग सामने आए है। सिंधी समाज की पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया है और कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और किसी दबाव में कार्यवाही न हो, सिंधी समाज के मुताबिक डॉ बुधवानी तीस सालों से ज्यादा समय से आपरेशन कर रहे है और अनुभवी है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। इस पूरे मामले में जिले के कलेक्टर एसपी का कहना है कि फिलहाल जांच चल रही है, पुलिस जांच के अलावा एक्सपर्ट की कमेटी बनाई है वो भी जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही होगी। बाइट/ मृतक के परिजन समाज सदस्य अग्रवाल समाज बाइट/ सिंधी समाज प्रतिनिधि गण बाइट/ आनंद कलादगी ( एसपी दमोह) बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह)0
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नकल वेबसाइट से ठगी का खतरा: भुगतान इससे पहले सत्यापित करें
Ghaziabad, Uttar Pradesh:अगर आप भी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर किसी भी तरह की पेमेंट करने की सोच रहे हैं तो आप यह न सोचे कि आपके द्वारा किया गया भुगतान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के पास पहुंचेगा। दरअसल गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के नाम से कुछ नटवरलालों ने गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई है। जो की देखने में हूबहू गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी की वेबसाइट लगती है। अब ऐसे अगर आप किसी भी तरीके का भुगतान करते हैं तो वह धनराशि नटवरलालों के खातों में चली जाएगी और आपके साथ फ्रॉड हो जाएगा। इसको लेकर गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सर्कुलर जारी किया है जिसमें सीधे तौर पर यह आग्रह किया गया है कि यदि आप प्राधिकरण की वेबसाइट पर किसी तरीके का भुगतान कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं。0
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