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Umesh GuptaUmesh GuptaFollow29 Dec 2024, 02:19 pm

महाराजगंजः आधारशिला वृद्धाश्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उज्ज्वल चौधरी ने बांटे कंबल

Anand Nagar, Uttar Pradesh:

आज रविवार को फरेन्दा स्थित आधारशिला वृद्धाश्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उज्ज्वल चौधरी ने ठंड से बचाव हेतु वृद्धजनों में कंबल वितरित किए। इस अवसर पर नव निर्मित शौचालय का फीता काटकर लोकार्पण भी किया। उपस्थित लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल चौधरी ने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है जिससे गरीब, बेसहारा और निशक्त व्यक्ति अधिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर सहयोग करना चाहिए।

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पाचोरा ग्रामसभा में युवक पर मारपीट, सरपंच पर आरोप वीडियो वायरल

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव जिल्ह्यातील पाचोरा तालुक्यातील जारगाव ग्रामसभेत प्रश्न विचारला अन् तरुणाला मारहाण? माझा सरपंचांचा व्हिडिओ व्हायरल ग्रामसभेत ‘प्रश्न’ महागात पडला? तरुणाला मारहाण केल्याचा माझा सरपंचांवर आरोप ग्रामसभेतच हातापायी! जारगावच्या सरपंचांवर तरुणाला मारहाणीचा आरोप प्रश्न विचारणाऱ्या तरुणावर हात उचलला? जारगाव ग्रामसभेतील व्हिडिओने खळबळ पाचोरा तालुक्यातील जारगाव ग्रामसभेत प्रश्न विचारणाऱ्या तरुणाला मारहाण केल्याचा आरोप समोर आला आहे. नाथ मंदिर येथे झालेल्या ग्रामसभेत माझ सरपंच तथा बाजार समितीचे संचालक सुनील पाटील आणि एका तरुणामध्ये वाद झाला. यावेळी सरपंचांनी तरुणाला मारहाण केल्याचा आरोप असून, घटनेचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झाला आहे. या प्रकरणी संबंधित तरुणाने पाचोरा पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल करण्यात आली आहे. दरम्यान, संबंधित तरुणाच्या घरातील सांडपाणी आपल्या प्लॉटमध्ये येत असल्याने त्रास होत असल्याचे माझी सरपंच सुनील पाटील यांनी सांगितले. ग्रामसभेत प्रश्न विचारणाऱ्या नागरिकाचा आवाज चर्चेने ऐकला जाणार की हाताच्या बळाने दाबला जाणार? यावर आता तालुक्यात चर्चा रंगली आहे.
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रसूलाबाद: बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के सवालों के बीच 2027 चुनाव की धड़कन तेज

Kanpur, Uttar Pradesh:2027 से पहले रसूलाबाद का सियासी मिजाज जानने पहुँच गई जी मीडिया की टीम, किसी ने सरकार की खूबियां तो किसी ने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटेंगे, लेकिन जनता के मन में क्या है? मौजूदा सरकार को लेकर लोगों की राय क्या है? और आगामी विधानसभा चुनाव में कौन से मुद्दे असर डाल सकते हैं? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने जी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड की टीम पहुंची कानपुर देहात की रसूलाबाद विधानसभा सीट पर, अपने खास शो के साथ। चाय की चुस्कियों के बीच लोगों से हुई बातचीत में अलग-अलग राय सामने आई। किसी ने बीजेपी सरकार की नीतियों और कामकाज की तारीफ की, तो किसी ने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए। यानी रसूलाबाद में चुनावी चर्चा के बीच सरकार के समर्थन में आवाजें भी हैं और व्यवस्था से शिकायतें भी। ग्राउंड पर लोगों की राय जानने की कोशिश की गई कि आखिर 2027 के चुनाव में उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या रहने वाला है? क्या सरकार की योजनाएं और नीतियां मतदाताओं को प्रभावित करेंगी, या फिर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विकास से जुड़े सवाल चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे? अलग-अलग लोगों के जवाबों ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल की कई तस्वीरें सामने रखीं। रसूलाबाद विधानसभा सीट की राजनीतिक अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह कन्नौज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। कन्नौज से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सांसद हैं। ऐसे में यहां की विधानसभा राजनीति पर नजर रखने वालों के लिए स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले की संभावनाएं भी चर्चा का विषय हैं। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की पूनम सांखवार ने रसूलाबाद सीट पर जीत दर्ज की थी। अब सवाल है कि 2027 में बीजेपी अपनी जीत बरकरार रख पाएगी या विपक्ष जनता के मुद्दों के सहारे नए समीकरण तैयार करेगा? फिलहाल चुनाव में अभी वक्त है और उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ नहीं है। लेकिन ‘चुनावी चाय, आपकी राय’ के जरिए इतना जरूर सामने आया कि रसूलाबाद में जनता की राय एक जैसी नहीं है। कोई सरकार के कामकाज से संतुष्ट नजर आता है, तो कोई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे सवालों के जवाब चाहता है। अब देखना होगा कि चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ जनता के ये मुद्दे किस तरह सियासी समीकरणों को प्रभावित करते हैं।
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प्रमोद तिवारी बोले: मोना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने से कांग्रेस में उम्मीदें

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस MP प्रमोद तिवारी ने आराधना मोना मिश्रा के प्रदेश कांग्रेस प्रेसिडेंट बनने पर कहा, "मेरे परिवार की चौथी पीढ़ी कांग्रेस में है। मोना अब प्रदेश प्रेसिडेंट हैं। मैं सांसद और राज्यसभा में डिप्टी लीडर हूं। मेरे पिता कांग्रेस के जिला पंचायत प्रेसिडेंट थे, और मेरे दादा ने कांग्रेस का झंडा उठाकर देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी... इसलिए, जिन उम्मीदों के साथ कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें अपॉइंट किया है, मुझे पक्का यकीन है कि वह उन पर खरी उतरेंगी। BJP एक बुझता हुआ चिराग है, और अगली सरकार कांग्रेस अलायंस की होगी।"
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खंडवा जेल में गांधी जयंती पर मुलाकात ने बंदी बच्चों की मुस्कान लौटाई

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा जेल की सलाखों के बीच लौटी बचपन की हंसी। गांधी जयंती के मौके पर बंदियों को उनके बच्चों से मिलाया गया... खंडवा जेल में गांधी जयंती का दिन इस बार जेल की ऊंची दीवारों के बीच बच्चों की खिलखिलाहट सुनाई दी। लंबी सजा काट रहे बंदियों को उनके बच्चों से विशेष मुलाकात कराई गई। इस मुलाकात ने करीब 120 बंदियों के चेहरों पर लंबे समय बाद मुस्कान लौटा दी। किसी बच्चे ने पिता को घोड़ा बनाया, तो किसी ने अपने पिता के सामने गरबा करके दिखाया. लेकिन, जब मुलाकात का वक्त खत्म हुआ, तो हंसी के बीच आंखों में आंसू भी नजर आए। जेल स्टाफ ने भी इस मौके पर मिठाई, चॉकलेट और बैलून से बच्चों का स्वागत किया गया। खास बात ये रही कि बच्चों ने जेल प्रबंधन से मिली चॉकलेट अपने पिता के साथ भी बांटी। गांधी जयंती पर जेल में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित हुआ। सर्दी, खांसी, बुखार, दांत दर्द और खुजली जैसी समस्याओं से परेशान बंदियों की जांच की गई।
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सिकंदरा में 2027 को लेकर पाल प्रभाव और स्थानीय मुद्दे तेज बहस बन गए

Ghazipur, Uttar Pradesh:स्लग– सिकंदरा में 2027 की आहट, पाल प्रभाव और मुद्दों पर मुकाबला ‘चुनावी चाय, आपकी राय’ में सिकंदरा की जनता ने खोले पत्ते, किसी ने सरकार को सराहा तो किसी ने गिनाईं समस्याएं उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट पर भी सियासी हलचल शुरू हो गई है। आखिर सिकंदरा की जनता के मन में क्या है? आगामी चुनाव में कौन से मुद्दे सबसे ज्यादा असर डाल सकते हैं और मौजूदा विधायक व प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अजीत सिंह पाल को लेकर इलाके के लोगों की क्या राय है? इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए जी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के खास शो ‘चुनावी चाय, आपकी राय’ की टीम सिकंदरा विधानसभा पहुंची। चाय की चुस्कियों के बीच जब स्थानीय लोगों से 2027 के चुनाव को लेकर सवाल किए गए तो अलग-अलग राय सामने आई। किसी ने सरकार के कामकाज और विकास कार्यों की तारीफ की, तो किसी ने बेरोजगारी, सड़क, सिंचाई और क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को चुनाव का बड़ा मुद्दा बताया। यानी सिकंदरा में चुनावी चर्चा सिर्फ राजनीतिक चेहरों तक सीमित नहीं है। जनता के बीच अपने इलाके के विकास और रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर भी सवाल हैं। सिकंदरा विधानसभा से बीजेपी के अजीत सिंह पाल मौजूदा विधायक हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। 2017 में उनके पिता मथुरा प्रसाद पाल बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में अजीत सिंह पाल ने जीत दर्ज की और 2022 में भी उन्होंने सीट पर अपना कब्जा बरकारार रखा 2022 के चुनाव में अजीत सिंह पाल को 81 हजार 623 वोट मिले थे अब 2027 में तस्वीर क्या होगी, यह वक्त के साथ साफ होगी। लेकिन ‘चुनावी चाय, आपकी राय’ के दौरान सिकंदरा के लोगों की बातचीत ने इतना जरूर बता दिया है कि यहां चुनावी चर्चा शुरू हो चुकी है और जनता के मुद्दे भी धीरे-धीरे सियासी बहस के केंद्र में आ रहे हैं। अब देखना होगा कि 2027 की जंग में पाल प्रभाव, राजनीतिक समीकरण या फिर जनता के स्थानीय मुद्दे—कौन सी तस्वीर बनाते हैं।
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