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ललितपुर के चैकडेम में नहाते समय तीन चचेरे भाई-बहनों की डूबने से गई जान
Lalitpur, Uttar Pradesh:ललितपुर के तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिगारी के मजरा नागदा में चैकडेम में नहाने गए तीन चचेरे भाई-बहनों की डूबकर जान चली गई। मृतक बच्चे एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में पानी में डूब गए। इस दुखद घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। तीनों बच्चों के शव चैकडेम से बाहर निकाल लिए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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छपरा डबल डेकर फ्लाईओवर: तीन शिफ्ट में 24 घंटे, मार्च 2027 डेडलाइन पर सवाल
Chapra, Bihar:जिस डबल डेकर से छपरा को जाम से मुक्ति मिलनी थी, वही अब शहरवासियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा सबब बन गया है। आठ साल से निर्माणाधीन यह परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। 411 करोड़ से शुरू हुआ प्रोजेक्ट अब करीब 696 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। तारीखें बढ़ती रहीं, लागत बढ़ती रही और जनता जाम, धूल, जलजमाव और बैरिकेडिंग के बीच पिसती रही। लेकिन अब लोगों की लगातार शिकायतों और ज़ी मीडिया के जरिए मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने निर्माण एजेंसी पर शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम कराने और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। सवाल यही है—इस बार डेडलाइन बदलेगी या शहर की तस्वीर? छपरा शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए शुरू हुआ डबल डेकर प्रोजेक्ट अब खुद लोगों की परेशानी की वजह बन गया है। वर्ष 2018 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जून 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका। आ eight साल गुजर गए... शहर की सड़कें आज भी निर्माण के बोझ तले हैं। कहीं बैरिकेडिंग, कहीं निर्माण सामग्री, कहीं धूल और कहीं जलजमाव। गांधी चौक, मौना चौक, नगरपालिका चौक समेत कई प्रमुख इलाकों में लोगों को रोजाना जाम से जूझना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल परियोजना की बढ़ती लागत को लेकर भी है। डबल डेकर की शुरुआती लागत करीब 411 करोड़ 31 लाख रुपये थी। निर्माण में देरी और परियोजना में हुए बदलावों के बाद संशोधित लागत करीब 696 करोड़ 26 लाख रुपये तक पहुंच गई। यानी लागत में करीब 285 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। उधर, निर्माण की धीमी रफ्तार का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। व्यस्त समय में वाहन रेंगते नजर आते हैं। दुकानदारों की परेशानी बढ़ी है। बारिश के बाद कई जगह पानी जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। धूल और कीचड़ के बीच शहरवासी लंबे समय से निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब प्रशासन ने निर्माण एजेंसी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जनता की लगातार शिकायतों और मीडिया में मामला उठने के बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने निर्माण कार्य की समीक्षा की और एजेंसी को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। डीएम ने साफ निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य को तीन शिफ्टों में 24 घंटे कराया जाए। मशीन और मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए। प्रशासन की ओर से परियोजना को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया है। “डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण में लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम कराया जाएगा और मशीन एवं मैनपावर बढ़ाकर लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा। काम को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।” यानि अब प्रशासन के सामने सिर्फ डबल डेकर का निर्माण पूरा करने की चुनौती नहीं है, बल्कि वर्षों से परेशान शहरवासियों को राहत देने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। 411 करोड़ से शुरू हुआ प्रोजेक्ट... 696 करोड़ तक पहुंची लागत... 2018 से चल रहा निर्माण... 2026 भी बीतने को है... और अब मार्च 2027 की डेडलाइन सामने है। लोगों को डबल डेकर से शिकायत इसकी जरूरत से नहीं है। शिकायत है तो सिर्फ इस बात की कि जिस परियोजना से शहर को राहत मिलनी थी, उसके निर्माण ने ही वर्षों से शहर की रफ्तार रोक रखी है अब जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद उम्मीद जगी है कि निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी और शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी। लेकिन असली परीक्षा अब निर्माण एजेंसी की है—क्या तीन शिफ्टों में काम का आदेश जमीन पर दिखेगा और क्या मार्च 2027 तक छपरा को उसका डबल डेकर मिल पाएगा?0
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सीकर के 13 नगर निकायों में उपसभापति-उपाध्यक्ष के चुनाव आज
Sikar, Rajasthan:सीकर: सीकर के 13 नगर निकायों में उपसभापति व उपाध्यक्ष के चुनाव आज सीकर नगर परिषद उपसभापति चुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन कांग्रेस से अशोक चौधरी व भाजपा से रेखा बिजारणिया ने किया नामांकन दाखिल सीकर जिले की 13 नगर निकायों में आज उपसभापति एवं उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया होगी। हालांकि जिले की 14 नगर निकायों में से खाटू नगर पालिका में सभापति पद के लिए एक पार्षद के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के चलते आज उपाध्यक्ष का मतदान भी आगामी तारीख तक स्थापित किया गया है, जिसके चलते अब जिले की तेरा नगर निकायों में आज उपसभापति व उपाध्यक्ष के पद के लिए चुनाव होंगे। वहीं सीकर नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 41 की पार्षद रेखा बिजारणिया ने अपना नामांकन दाखिल किया है। वहीं कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 34 के नवनिर्वाचित पार्षद अशोक चौधरी ने नामांकन दाखिल किया है। अशोक चौधरी पूर्व में दो बार सीकर नगर परिषद के उपसभापति रह चुके हैं और अब तीसरी बार अपना नामांकन दाखिल किया है। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि सीकर नगर परिषद के उपसभापति चुनाव के लिए आज सुबह 10 बजे से 11 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 11:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी का समय रहेगा। यदि आवश्यक हुआ तो दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किया जाएगा। सीकर रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सुभाष चंद्र शर्मा ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी है。0
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जैसलमेर में दुर्लभ कैराकाल को रेडियो कॉलर के साथ प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर लोकेशन - जैसलमेर रेडियो कॉलर के साथ प्राकृतिक आवास में लौटी मादा कैराकाल 20 दिन की निगरानी के बाद वन विभाग ने किया रिलीज, कैमरा ट्रैप से रखी जाएगी गतिविधियों पर नजर जैसलमेर। जैसलमेर के रेगिस्तानी क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव कैराकाल के संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्थान वन विभाग एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों के सहयोग से एक मादा कैराकाल को करीब 20 दिनों तक निगरानी में रखने के बाद रेडियो कॉलर लगाकर उसके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया। जैसलमेर में रेडियो कॉलर के साथ कैराकाल को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने का यह दूसरा मामला है। वन विभाग के अनुसार, 1 सितंबर को ग्रामीणों ने क्षेत्र में एक कमजोर कैराकाल देखे जाने की सूचना दी थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मादा कैराकाल को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसकी चिकित्सीय देखभाल एवं पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखते हुए लगातार निगरानी की गई। उपवन संरक्षक एवं आईएफएस कुमार शुभम ने बताया कि कैराकाल की करीब 20 दिनों तक 24 घंटे निगरaani की गई। इस दौरान उसके स्वास्थ्य, भोजन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। विशेषज्ञों द्वारा कैराकाल को पूरी तरह स्वस्थ और प्राकृतिक वातावरण में रहने के लिए सक्षम पाए जाने के बाद उसे रेडियो कॉलर लगाया गया। इसके बाद 20 सितंबर को उसे उसके प्राकृतिक आवास में रिलीज किया गया। उन्होंने बताया कि रेडियो कॉलर के माध्यम से अब कैराकाल की लोकेशन और गतिविधियों की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जाएगी। साथ ही संबंधित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे। रेडियो कॉलर से मिलने वाली लोकेशन और कैमरा ट्रैप से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर कैराकाल के आवास उपयोग, गतिविधियों, होम रेंज, खान-पान और शिकार की आदतों का अध्ययन किया जाएगा। कुमार शुभम के अनुसार, इस अध्ययन से जैसलमेर के क्षेत्र में कैराकाल के वितरण और उसके प्राकृतिक आवास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। यह जानकारी भविष्य में कैराकाल के संरक्षण की रणनीति तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकती है। कैराकाल भारतीय मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में पाई जाने वाली दुर्लभ छोटी बिल्ली प्रजातियों में शामिल है। एक समय इसके इस क्षेत्र से विलुप्त होने की आशंका जताई जाती थी, लेकिन जैसलमेर में पिछले कुछ वर्षों में कैराकाल की साइटिंग एवं रेस्क्यू के मामले सामने आए हैं। इससे क्षेत्र में इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इससे पहले 25 जनवरी 2026 को एक नर कैराकाल को भी रेडियो कॉलर लगाकर प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया था। अब मादा कैराकाल की निगरानी से प्राप्त आंकड़ों को भी अध्ययन में शामिल किया जाएगा। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि कैराकाल अथवा किसी अन्य दुर्लभ वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया है। बाइट- कुमार सुभम, IFS, DFO, जैसलमेर0
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झाड़ोल में विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या, चार बच्चों की मां उजड़ गई
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के झाड़ोल से बड़ी खबर, एंकर -शराब की लत ने छीना चार बच्चों से मां का साया, विवाहिता ने फंदा लगाकर की आत्महत्या उदयपुर के झाड़ोल क्षेत्र से दुखद खबर सामने आई है। कोल्यारी पुलिस चौकी क्षेत्र के देवड़ावास गांव में एक विवाहिता ने घर के अंदर साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया, वहीं चार मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार घटना के वक्त मृतका अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली थी, जबकि उसका पति मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। बताया जा रहा है कि मृतका शराब का सेवन करती थी। इसी बीच उसने घर के अंदर साड़ी से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलने पर फलासिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को झाड़ोल मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद चारों बच्चों से मां का साया उठ गया है। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।0
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अवैध खनन रोकने Reach Ranger crushed by dumper, Pratap Singh dies
Pratapgarh, Rajasthan:अवैध खनन रोकने पहुंचे रेंजर को डंपर ने कुचला, प्रताप सिंह की मौत प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादी में देर रात अवैध खनन रोकने पहुंचे वन विभाग की टीम के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। घाटी वाले बालाजी क्षेत्र के चक सुखड़ में वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन की सूचना मिलने पर रेंजर प्रताप सिंह सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान डंपर को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से डंपर दौड़ा दिया और रेंजर प्रताप सिंह को बाइक सहित करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में रेंजर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल छोटी सादड़ी सामुदायिक चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए निम्बाहेड़ा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने प्रताप सिंह को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद वन विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ सुरेश अग्रवाल ने बताया कि विभाग की ओर से मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारी की मौत ने अवैध खनन गतिविधियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पुलिस द्वारा आरोपी डंपर चालक की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है。0
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अटरू नगरपालिका: उपाध्यक्ष पद के लिए प्रियंका सेन बनाम मनोज कुमार सुमन नामांकन
Baran, Rajasthan:अटरू नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद का मुकाबला तय, प्रियंका सेन और मनोज कुमार सुमन ने भरा नामांकन अटरू। नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव के बाद अब उपाध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा की ओर से निर्दलीय पार्षद प्रियंका सेन ने नामांकन भरा, जबकि कांग्रेस की ओर से पार्षद मनोज कुमार सुमन ने अपना नामांकन दाखिल किया। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के साथ ही उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला आमने-सामने का हो गया है। अब चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण के बाद मतदान कराया जाएगा। नगर पालिका के 25 पार्षद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान करेंगे। अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की निशा नेनीवाल निर्वाचित हुई थीं। अब उपाध्यक्ष पद के चुनाव में किस प्रत्याशी को पार्षदों का समर्थन मिलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। नामांकन के बाद नगर पालिका में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।0
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भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर तीन महीने के लिए ट्रस ब्रिज, जलमार्ग विकल्प शुरू
Naya Chak, Bihar:एंकर - भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक अक्टूबर से परिचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा। तीन मई की रात सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होकर गंगा में समा गया था। इसके बाद छोटे वाहनों के आवागमन के लिए बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया था। अब बेली ब्रिज को हटाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों पर ट्रस ब्रिज लगाया जाएगा। ट्रस ब्रिज के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर ट्रस ब्रिज के लिए गार्डर तैयार किए जा रहे हैं। करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से सेतु के चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर ट्रस ब्रिज इंस्टॉल किया जाएगा। दावा है कि करीब तीन महीने में ट्रस ब्रिज का काम पूरा कर सेतु को फिर से दुरुस्त कर दिया जाएगा। सेतु पर परिचालन बंद होने के बाद भागलपुर से नवगछिया और पूर्णिया-कटिहार की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंगा के रास्ते सफर कराया जाएगा। इसके लिए बड़े जहाजों का परिचालन शुरू करने की तैयारी है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस सेवा को निःशुल्क रखने की बात कही गई है। यानी अगले तीन महीने तक विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी और लोगों को सड़क मार्ग के साथ-साथ जलमार्ग के विकल्प का सहारा लेना होगा। प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से तय समय सीमा में ट्रस ब्रिज का काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द सेतु पर सामान्य परिचालन बहाल किया जा सके।0
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ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्स दिसंबर में शुरू: तीन दिन की विशेष रस्में
Ajmer, Rajasthan:सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि का 815 वा उर्स इस बार दिसंबर में शुरू होगा। रजब का चांद दिखाई देने पर 9 दिसंबर से उर्स की शुरुआत होगी और 16 दिसंबर को कुल की रस्म अदा की जाएगी। उर्स के आगाज़ में अब करीब दो महीने बाकी रह गए हैं। खादिम सैय्यद कुतुबुद्दीन सखी के मुताबिक़ अजमेर शरीफ दरगाह के खुद्दामे ख्वाजा की जानिब से उर्स की जानकारी डाक और सोशल मीडिया के जरिए अकीदत मंदो तक पहुंचाई जा रही है। उर्स के परचम कुशाई की रस्म 5 दिसंबर को बुलंद दरवाजे पर अदा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को चांद रात को जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। वही शाम को रजब महीने का चांद दिखाई देने पर उर्स की रस्म शुरू हो जाएगी। दरगाह के महफिल खाना में उर्स की पहली महफिल होगी और ख्वाजा गरीब नवाज की मजार शरीफ को गुस्ल देने का सिलसिला 6 रजब तक जारी रहेगा । खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि इस बार उर्स के दरमियान दो बार जुम्मे की नमाज अदा की जाएगी,पहला जुमा 11 दिसंबर और दूसरे जुम्मे की नमाज 18 दिसंबर को अदा की जाएगी । इस दरमियान 16 दिसंबर को छठी शरीफ की फातेहा और कुल की रस्म अदायगी होगी। जबकि 19 दिसंबर को बड़ा कुल खास ओ आम जायरीन मिलकर अदा करेंगे। उर्स नजदीक होने की वजह से खुद्दाम ए ख्वाजा ने मुल्कभर में जायरीन को उर्स का दावत नामा भेजना भी शुरू कर दिया है। दावत नामा में उर्स का तयशुदा प्रोग्राम के साथ ही दरगाह में होने वाली दीगर रसों रिवाज़ और रिवायत के बारे में जानकारी फराहम भी करवाई जा रही है। इसी तरह अस्ताना शरीफ के मामूल होने के बारे में भी बताया जा रहा है और खुद्दाम ए ख्वाजा भी अपने हाथों से अजमेर शरीफ आने वाले जायरीन को दावत नामा भी पेश कर रहे है।0
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घाटकुसुम्भा में बाढ़ से फसल नुकसान; किसानों को पहली बार मुआवजे की घोषणा
Sheikhpura, Bihar:गंगा की सहायक हरोहर नदी के उफान से घाटकुसुम्भा के पांच पंचायत व शेखपुरा प्रखंड के दो पंचायत में फसल का हुए नुकसान का पहले चरण का आकलन कर लिया गया है। जिसके तहत दो प्रखंड के सात पंचायत के 1342 हेक्टेयर में किसानों के लगे धान, मक्का सहित अन्य फसल डूबकर बर्बाद हो गए है। डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग ने फसल नुकसान का आकलन कर लिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए डीएम शेखर आनंद ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पहले चरण का फसल क्षति का आकलन कर लिया गया है। जिसमें घाटकुसुम्भा के पांच पंचायत का 26 गांव शेखपुरा प्रखंड के महसार और पुरैना पंचायत का दो गांव में फसल क्षति का आकलन किया गया है। पहले चरण के आकलन में इन 28 गांव में कुल 1342 हेक्टेयर फसल क्षति हुई है। जिन फसलों की क्षति हुई है उनमें धान, मक्का, अरहर, सब्जी एवं दलहन की फसल है। डीएम ने बताया कि फसल क्षति को लेकर पहले चरण में करीब चार सौ प्रभावित किसानों की पहचान की गई है। डीएम ने कहा कि फसल क्षति में किसानों को प्रति हेक्टेयर 17 हजार रुपये यानी एक बीघा फसल क्षति पर 4250 रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार से दो करोड़ 28 लाख रुपये की मांग की गई है। डीएम ने बताया कि फसल क्षति का मुआवजा लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन देना होगा। आपदा प्रबंधन विभाग के पोर्टल पर जाकर जमीन एवं फसल के ब्यौरे के साथ किसानों को आवेदन देना होगा। डीएम ने कहा कि सरकार से रुपया मिलते ही वितरण Ka काम शुरू कर दिया जायेगा। डीएम ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से किसानों को मुआवजा की राशि सीधे किसानों के खाते में दी जायेगी। रुपया दिये जाने से पहले दिये गये आवेदनों का सत्यापन कराया जायेगा और सत्यापन के बाद जो आवेदन सही पाया जायेगा उन्हें राशि का भुगतान कर दिया जायेगा। बताते चले कि पिछले साल भी घाटकुसुम्भा के किसानों को बाढ़ आने पर सरकार की ओर से फसल क्षति का मुआवजा दिया गया था। हरोहर नदी की धार तो सीधी हुई पर अब भी नदी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर। हरोहर नदी की धार भले ही सीधी हो गई हो और नदी का पानी अब गंगा नदी में जाने लगा है पर हरोहर नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार हरोहर नदी का जलस्तर अभी भी 45.60 मीटर पर है। जबकि हरोहर नदी में पानी का स्तर जब 44.90 मीटर से ऊपर होता है तो माना जाता है कि नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।0
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Srinagar के SSP ने क्राइम एंड सिक्योरिटी समीक्षा बैठक कर अपराध रोकथाम की रणनीतियाँ तय कीं
Srinagar, Uttarakhand:SSP Srinagar Chairs Comprehensive Crime & security review meeting. Senior Superintendent of Police (SSP), Srinagar, Dr. G.V. Sundeep Chakravarthy (IPS), chaired a high-level Crime and Security Review Meeting at the Police Control Room (PCR) Kashmir. The meeting aimed to assess the prevailing security scenario, review operational preparedness, and evaluate the disposal of crimes, with a specific focus on cases under the Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA), Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, and other social offenses. The review meeting was attended by Zonal Superintendents of Police, SP Headquarters, DySP Headquarters, Sub-Divisional Police Officers (SDPOs), Station House Officers (SHOs), and other senior officers of the Srinagar District Police. During the session, the overall crime landscape of Srinagar was reviewed in detail. Threadbare discussions were held to enhance the quality of investigations and prosecution to improve conviction rates across general crime, POCSO, crimes against women etc. SSP Srinagar conducted a meticulous performance audit across all Zones, Sub-Divisions, and Police Stations, laying special emphasis on the swift disposal of pending backlog cases and the robust implementation of the Nyaya Sanhita. Addressing the officers, Dr. G.V. Sundeep Chakravarthy directed intensified action against drug trafficking. He instructed officers to systematically dismantle NDPS hotspots, map forward and backward linkages in all Narcotics and Terror-funding cases, and strictly initiate financial investigations to freeze bank accounts and attach properties derived from illegal crime proceeds. While reviewing the security grid, the SSP evaluated the operational readiness and deployment of personnel across the city. He directed field formations to strengthen counter-insurgency operations, intensify area domination exercises, and increase checkpoint (naka) checking at vulnerable locations and inter-district borders. Stressing that security protocols must remain dynamic and responsive to emerging threats, the SSP concluded the meeting by ordering round-the-clock vigilance and seamless coordination among all field units to safeguard public order and maintain peace and public order across Srinagar. Srinagar Police remains committed to safeguarding the peace and security of the Nation.0
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श्रीनगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती चुनौती: 64,416 कुत्तों के सर्वे से ठोस योजना जरूरी
Aram Pora, Ganderbal, In a Post on X National Conference (NC) chief spokesman and MLA Tanvir Sadiq Said " The stray dog menace in Srinagar and across Kashmir needs urgent attention. As per my Assembly question today, the SMC survey according to the Lincoln- Petersen Formula estimates around 64,416 stray dogs within its jurisdiction. We need a sustained, humane and scientific approach to address this growing concern.0
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बांसवाड़ा नगर परिषद उपसभापति चुनाव आज: चंकी शाह की दावेदारी मजबूत
Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा: भाजपा के पार्षद चंकी शाह (वार्ड 9) और कांग्रेस के पार्षद फखरुद्दीन रतलामी (वार्ड 57) उपसभापति पद के प्रत्याशी हैं। आज पार्षद मतदान से दावेदारी पेश होगी। भाजपा के चंकी शाह तीन बार द पैर्षद रहे हैं; उनका कहना है कि उपसभापति बनने के बाद शहर की सफाई और टूटी सड़कों के समाधान उनकी प्राथमिकता होंगे। कांग्रेस के फखरुद्दीन रतलामी ने क्रॉस वोटिंग की संभावना बताई और कहा कि सभी को शहर के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। नगर परिषद में 60 वार्ड हैं, भाजपा के पास 36 और कांग्रेस के पास 24 पार्षद हैं; कुल मिलाकर चंकी शाह की उपसभापति बनना लगभग तय माना जा रहा है।0
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बेंगलुरु में वित्तीय स्थिति और विकास परियोजनाओं पर मंत्री-विधायक की बहस
Noida, Uttar Pradesh:BENGALURU (KARNATAKA): DR BHARAT SHETTY (BJP MLA), SATISH JARKIHOLI (KARNTAKA MINISTER) ON FINANCIAL CONDITION AND DEVELOPMENT PROJECTS / KPSC NEW SIR FORMATION / CAG AUDIT REPORT0
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अलवर नगर निगम: अजय पूनिया और कांग्रेस की ममता सैनी उपमहापौर पद के दावेदार
Alwar, Rajasthan:अलवर नगर निगम उप महापौर चुनाव: भाजपा के अजय पूनिया और कांग्रेस की ममता सैनी ने दाखिल किया नामांकन अलवर नगर निगम उप महापौर चुनाव समाचार अलवर। नगर निगम में उप महापौर पद के चुनाव को लेकर मंगलवार को सियासी हलचल तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड नंबर 49 से पांचवीं बार पार्षद बने अजय पूनिया को उप महापौर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। अजय पूनिया ने नगर निगम पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्षद मौजूद रहे। वहीं, कांग्रेस ने वार्ड नंबर 34 की पार्षद ममता सैनी को उप महापौर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। ममता सैनी नामांकन दाखिल करने से पहले नगर निगम परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नगर निगम पहुंचीं और निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत सहित पार्टी के कई नेता और समर्थक मौजूद रहे। गौरतलब है कि अलवर नगर निगम में भाजपा की सुमन अग्रवाल महापौर पद का चुनाव जीत चुकी हैं, जिसके बाद अब उप महापौर पद के लिए भाजपा ने पांचवीं बार पार्षद बने अजय पूनिया को मैदान में उतारा है。0
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