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नोएडा एलिवेटेड रोड एक हफ्ते के लिए बंद, सेक्टर-62 से सेक्टर-18 यात्रा प्रभावित

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा एलिवेटेड रोड एक हफ्ते तक बंद रहेगा एक लेन, मरम्मत के चलते सेक्टर-62 से सेक्टर-18 जाने वाले वाहन चालकों की बढ़ेगी परेशानी नोएडा की एलिवेटेड रोड पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अगले एक सप्ताह तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के पास सड़क की मरम्मत के चलते सेक्टर-62 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले लेन को एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। डीसीपी ट्रैफिक सैयद अली अब्बास ने बताया कि मरम्मत कार्य के कारण इस मार्ग पर यातायात बंद रखा जाएगा। एलिवेटेड रोड पर एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार गड्ढा होने के बाद प्राधिकरण ने दोबारा मरम्मत कराने का फैसला लिया है। मौके पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और प्रभावित लेन पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं, सेक्टर-18 से सेक्टर-62 की ओर जाने वाले लेन पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक बनी करीब 4.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड पर रविवार को सड़क की ऊपरी परत धंस गई थी। मरम्मत के बाद यातायात शुरू कराया गया, लेकिन मंगलवार को उसी स्थान पर दोबारा गड्ढा होने से सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे। गड्ढे में सड़क के नीचे मौजूद सरिया भी दिखाई देने लगा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की और ब्रिज कॉररेशन के इंजीनियरों से तकनीकी जांच कराने का फैसला किया है। जांच में सड़क की ऊपरी परत के साथ नीचे मौजूद कंक्रीट और स्टील स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इससे बार-बार सड़क धंसने की वजह पता लगाने में मदद मिलेगी। एलिवेटेड रोड दिल्ली से नोएडा होते हुए गाजियाबाद, 7X सोसायटियों और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले लोगों के लिए प्रमुख मार्ग है। ऐसे में सेक्टर-62 से सेक्टर-18 की दिशा में एक लेन बंद रहने के दौरान वाहन चालकों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की जरूरत होगी। मरम्मत के दौरान इस दिशा में यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस एलिवेटेड रोड को वर्ष 2017 में आम लोगों के लिए खोला गया था। अब एक सप्ताह तक चलने वाले मरम्मत कार्य और प्रस्तावित तकनीकी जांच के बाद ही सड़क की स्थिति और गड्ढे की वजह को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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पिता की अर्थी पर आंसू, दर्दनाक हादसे में शंकरलाल शहीद

Kishanganj, Bihar:पिता को सौंपा तिरंगा, पांच साल के बेटे के सिर से उठ गया पिता का साया गुलाबपुरा में ड्यूटी से लौटते समय ट्रक की टक्कर से कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की मौत, गर्भवती पत्नी और मासूम बेटे को रोता छोड़ गए शहीद जवान जिस बेटे को पिता की अर्थी को कंधा देना था, आज उसी की अर्थी उठते देख पूरा गांव आंसुओं में डूब गया। वर्दी पहनकर जनता की सुरक्षा का जिम्मा निभाने वाले बांदर सिंदरी इलाके के मुंडोती गांव निवासी कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की जिंदगी एक सड़क हादसे में अचानक थम गई। पांच साल के बेटे ऋषि के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं सात माह की गर्भवती पत्नी ललिता की दुनिया उजड़ गई। बुधवार को जब शहीद जवान की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव मुंडोती पहुंची, तो हर आंख नम हो गई। भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाने में तैनात कांस्टेबल शंकरलाल टेपन मंगलवार देर रात गुलाबपुरा में रावण दहन कार्यक्रम की ड्यूटी पूरी कर बाइक से थाने की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि शंकरलाल की मौके पर ही मौत हो गई। जिस जवान ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी ड्यूटी निभाई, वही ड्यूटी से लौटते समय जिंदगी की जंग हार गया。 पिता को सौंपा तिरंगा, छलक उठीं आंखें बुधवार को कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव मुंडोती पहुंची। गांव में पहले से मौजूद परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर तरफ गमगीन माहौल था। परिवार के सदस्यों का विलाप देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के दौरान जवान के पिता कानाराम टेपन को तिरंगा सौंपा गया। बेटे की शहादत के सम्मान में मिला तिरंगा पिता के हाथों में था, लेकिन जिस बेटे को सीने से लगाना था, वह हमेशा के लिए विदा हो चुका था। पांच साल का बेटा और गर्भवती पत्नी छोड़ गए पीछे शंकरलाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनका पांच साल का बेटा ऋषि अभी इतना छोटा है कि शायद उसे पिता के हमेशा के लिए दूर चले जाने का पूरा अहसास भी नहीं होगा। दूसरी ओर, उनकी पत्नी ललिता सात माह की गर्भवती हैं। परिवार जिस घर में आने वाले नए मेहमान की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा होगा, वहां अब मातम पसरा है। शंकरलाल के परिवार में उनकी मां, पिता, छोटा भाई और दो बहनें हैं। पिता कानाराम टेपन अजमेर पुलिस लाइन में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। पिता स्वयं पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और अब उन्हें अपने जवान बेटे को अंतिम विदाई देनी पड़ी। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी。 वर्ष 2018 में पुलिस में हुए थे भर्ती कांस्टेबल शंकरलाल टेपन वर्ष 2018 में भीलवाड़ा पुलिस में भर्ती हुए थे। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं और वर्तमान में शंभूगढ़ थाने में तैनात थे। रावण दहन कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पूरी करने के बाद वे अपने कर्तव्य की ओर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। अंतिम विदाई में उमड़े जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी शंकरलाल टेपन की अंतिम विदाई में किशनगढ़ विधायक डॉ विकास चौधरी, गुलाबपुरा पुलिस उपाधीक्षक सतीश यादव, सीओ सिटी धर्मराज चौधरी, बांदरसिंदरी थाना प्रभारी बन्नालाल, भोजराज गुर्जर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया। मुंडोती की मिट्टी ने अपने बेटे को अंतिम विदाई दी, लेकिन उसके पीछे छूट गए परिवार के लिए यह बिछोह जिंदगीभर का दर्द बन गया। वर्दी में देश और समाज की सेवा करने वाले शंकरलाल की यादें अब उनके परिवार के पास शेष हैं। पिता के हाथों में सौंपा गया तिरंगा उस जवान की सेवा और बलिदान की निशानी बन गया, जिसकी घर वापसी का इंतजार अब कभी पूरा नहीं होगा।
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बेगूसराय में तेज रफ्तार टाटा पियागो से 65 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां तेज रफ्तार टाटा पियागो की ठोकर से 65 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसा इतना भीषण था कि महिला का एक पैर कट गया और उन्होंने घटनास्थलब दम तकड़ दिया। घटना नावकोठी थाना क्षेत्र के पहसारा पूर्वी पंचायत अंतर्गत पीरनगर की है। आपको बताते चले कि बेगूसराय में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नावकोठी थाना क्षेत्र के पहसारा पूर्वी पंचायत अंतर्गत पीरनगर का है, जहां बुधवार को टाटा पियागो की जोरदार ठोकर से 65 वर्षीय महिला सुंदरी देवी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि महिला का एक पैर कट गया।मृतका की पहचान पीर गांव के वार्ड संख्या आठ निवासी स्वर्गीय मनोग पासवान की पत्नी सुंदरी देवी के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि सुंदरी देवी घर से जलावन चुनने के लिए सड़क किनारे जा रही थीं। इसी दौरान मंझौल से बखरी की ओर जा रही तेज रफ्तार टाटा पियागो ने उन्हें जोरदार ठोकर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन भी सड़क किनारे गड्ढे में पलटने की स्थिति में पहुंच गया।घटना के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। महिला की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक को घेर लिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ ग्रामीण चालक के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए। हालांकि, ग्रामीणों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया। इसके बाद चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।बताया जाता है कि चालक ही वाहन का मालिक था और पटना से सोनमा आईटीआई कॉलेज जा रहा था। चालक ने पुलिस को बताया कि अचानक नींद आ जाने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ।इधर, सुंदरी देवी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। उनके पुत्र अरविंद कुमार, अरुण कुमार और रविंद्र कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, सुंदरी देवी मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करती थीं। उनकी मौत से परिवार ने अपना सहारा खो दिया है और अब परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है।घटना की सूचना मिलते ही नावकोठी थानाध्यक्ष मो. फिरदौस पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।घटनास्थल पर पूर्व मुखिया अनिल महतो, पहसारा पूर्वी पैक्स अध्यक्ष दिलीप कुमार महतो सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी।फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं एक महिला की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बाइट परिजन
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: तीन आरोपी कोर्ट में पेश, 10 दिनों पुलिस कस्टडी मिली

Noida, Uttar Pradesh:MUMBAI (MAHARASHTRA) THREE ACCUSED IN TIGER SHROFF FIRING CASE PRODUCED BEFORE COURT,COURT GRANTS 10 DAYS POLICE CUSTODY / VISUALS/ADV AJINKYA MIRGAL, ADV SATYAVRAT JOSHI, ADV SACHIN PATIL S/B मुंबई, महाराष्ट्र: अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की घटना | वकील अजिंक्य मिर्गल मधुकर कहते हैं, "टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में, तीन आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार किया गया और 48 घंटे के ट्रांज़िट रिमांड पर यहाँ लाया गया। हमने कोर्ट में दलील दी कि इन 48 घंटों के दौरान आरोपी पहले से ही मुंबई पुलिस की कस्टडी में थे। ट्रांज़िट ऑर्डर में सिर्फ यात्रा के लिए जरूरी समय की अनुमति दी गई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि इसका गलत इस्तेमाल हुआ है। उस दिन ट्रांज़िट ऑर्डर लगभग 6:00-6:30 बजे मिल गया था, लेकिन वे तुरंत रवाना नहीं हुए। इसके बजाय, उन्होंने अपना प्लान बदला और रात वहीं रुक गए। एक सिक्योरिटी एजेंसी की मदद से, वे पूरी रात वहीं रहे—आरोपियों के साथ रेलवे क्वार्टर में रुके—इस दौरान उनसे पूछताछ की गई और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस कस्टडी में आम तौर पर यह प्रक्रिया होती है कि पुलिस दिन में पूछताछ करती है, রাত में आरोपियों को लॉक-अप में रखती है, और अगले दिन फिर पूछताछ शुरू करती है। यहाँ ऐसा नहीं हुआ; आरोपी पूरे 48 घंटे तक पुलिस के साथ ही रहे। उन्होंने पूरा सहयोग किया और जो कुछ भी वे जानते थे, वह सब बता दिया, जिससे जांच में आगे और प्रगति हुई है... जांच आगे बढ़ी है: दिल्ली से चार लोगों—दो पुरुष और दो महिलाओं—को गिरफ्तार किया गया है, और दो अन्य लोगों को हरियाणा और गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। ये लोग अभी ट्रांज़िट रिमांड पर हैं और इन्हें यहाँ लाया जा रहा है... यहाँ पहुँचने के बाद, इन्हें मुंबई की अदालत में पेश किया जाएगा... दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जज ने 31 तारीख तक की कस्टडी मंजूर कर ली है।
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गुलाम अहमद मीर: 33% महिला आरक्षण और निष्पक्ष परिसीमन पर चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर कहते हैं, "...देश की अभी प्राथमिकता यह है कि ज्ञानेश्वर कुमार को उन कामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए, जिन्हें मैं संविधान और लोकतंत्र पर हमला मानता हूँ - जिसमें मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों का नाम हटाना भी शामिल है... महिलाओं के आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने हमेशा इस बिल का समर्थन किया है। हम मौजूदा सदन में 33% आरक्षण को तुरंत लागू करने का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। हम परिसीमन (डिलिमिटेशन) के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके लिए जो फॉर्मूला तय किया जाए, वह निष्पक्ष होना चाहिए और सभी राज्यों को स्वीकार्य होना चाहिए..." लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर कहा, "यह हकीकत है जो RSS से जुड़े लोग भी जानते हैं, हर भारतीय भी जानते हैं कि यह पुरुष प्रधान संस्थान है... उसे लेकर राहुल गांधी ने उन्हें बताया और उन्हें हमारे संगठन का हवाला भी दिया कि हमने हर स्तर पर महिलाओं को भागीदारी दी है। पंचायतों से लेकर नगर निकायों में भी 33% महिलाओं को हिस्सा दिया है कि निती निर्माण में महिलाओं की भागीदारी हो, ये राजीव गांधी की देन है... इसी इशारे में राहुल गांधी ने इस बात को उठाया..."
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समराला में वारिस पंजाब के इंचार्ज नियुक्ति पर भारी विरोध, प्रदर्शन तेज

Samrala, Punjab:Samrala ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਬੇਸ਼ੱਕ ਅਜੇ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਕੋਲ ਚੋਣ ਨਿਸ਼ਾਨ ਮਿਲਣ ਚ ਦੇਰੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਫਿਰ ਵੀ ਸਮਰਾਲਾ ’ਚ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਖਿੱਚੋਤਾਣ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਇਆਲੀ ਦਾ ਫੂਕਿਆ ਪੁਤਲਾ , ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਵਲੋਂ ਬਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਬਲੂ ਲੋਪੋ ਨੂੰ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਲਾਉਣ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਭ਼ੜਕਿਆ ਵਿਰੋਧ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੇ ਬਾਈਕਾਟ ਦਾ ਐਲਾਨ ਸਮਰਾਲਾ ਦੇ ਮੇਨ ਚੋਂਕ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਇਆਲੀ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕ ਕੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਹ ਵਿਰੋਧ ਬਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਬਲੂ ਲੋਪੋ ਨੂੰ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੇ ਇਸ ਫ਼ੈਸਲੇ ਅਤੇ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੀ ਕਾਰਜਸ਼ੈਲੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਦਾ ਬਾਈਕਾਟ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ।ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪੰਥਕ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰਦੇ ਆ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮੋਰਚਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਜੇਲ੍ਹ ਵੀ ਕੱਟ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਅਤੇ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ ਨੂੰ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਕੇ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਫ਼ੈਸਲਿਆਂ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਰੋਸ ਪਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ 24 ਤੋਂ 25 ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਸੰਗਤ ਤੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਦਾ ਬਾਈਕਾਟ ਕਰਨ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦਾ ਕੋਈ ਚੋਣ ਬੂਥ ਨਹੀਂ ਲੱਗਣ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਉਸ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਕਿਸੇ ਨਿੱਜੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਕਾਰਨ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲਿਆਂ ਅਤੇ ਭਾਈ ਈਸ਼ਰ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹੈ। Byte :- Return JSON only with the specified format.
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रामपुर में महंत मोहन भारती का बड़ा दावा: हिंदू राष्ट्र ही बनेगा भारत

Rampur, Uttar Pradesh:जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन भारती का बड़ा बयान,बोले भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना ही पड़ेगा, राहुल गांधी पर बरसे महंत मोहन भारती, संघ में रहकर ज्ञान लेने की दी सलाह, अखिलेश यादव औऱ राहुल गांधी पर तंज,बोले गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं, एंकर:उत्तर प्रदेश के रामपुर पहुंचे जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन भारती ने कई सियासी और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी,ज़ी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में महंत मोहन भारती ने हिंदू राष्ट्र, धर्मनिरपेक्षता, राहुल गांधी के आरएसएस पर दिए गए बयान, भारत- अमेरिका ट्रेड डील और विपक्षी नेताओं पर तीखे बयान दिए,महंत मोहन भारती ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की वकालत की,वहीं राहुल गांधी को संघ के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आरएसएस में समय बिताने की सलाह दी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता की गद्दी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि विरासत में नहीं, V/O:रामपुर में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन भारती का बड़ा बयान सामने आया है,डोनाल्ड ट्रंप के पेरिस को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में उन्होंने सनातनियों को सचेत और एकजुट होने की जरूरत बताई,महंत मोहन भारती ने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता के नाम पर चल रही राजनीति का पर्दा हटना चाहिए और हिंदुओं को एकजुट होना पड़ेगा, उन्होंने यूरोप के हालात का हवाला देते हुए कहा कि भारत को भी ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, महंत मोहन भारती ने यहां तक कहा कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की वकालत करते हैं,उन्होंने नागरिकता और देश में नागरिकों के दर्जे को लेकर भी विवादास्पद टिप्पणी की,हिंदू राष्ट्र, सनातनियों की एकजुटता और देश की सुरक्षा पर बयान, V/O2:- राहुल गांधी के बयान पर पलटवार आरएसएस को लेकर राहुल गांधी के उस बयान पर भी महंत मोहन भारती ने पलटवार किया, जिसमें संघ पर महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानने का आरोप लगाया गया था, महंत मोहन भारती ने कहा कि राहुल गांधी एक जिम्मेदार पद पर हैं और उन्हें कोई भी बयान सोच-समझकर देना चाहिए,उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि उन्हें अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण दिन संघ में बिताने चाहिए,ताकि उन्हें संगठन के बारे में बेहतर जानकारी और अनुभव मिल सके,महंत मोहन भारती ने राहुल गांधी के बयान को अनर्गल बताते हुए कहा कि किसी संगठन के बारे में टिप्पणी करने से पहले उसके बारे में जानकारी हासिल करना जरूरी है, V/O3:-भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर मोदी की तारीफ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर भी महंत मोहन भारती ने प्रतिक्रिया दी,उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि यह देश का सौभाग्य है कि उसे नरेंद्र मोदी जैसा दूरदर्शी प्रधानमंत्री मिला है,महंत मोहन भारती ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जा रही थीं और भारत को अमेरिका का गुलाम तक बताया गया था,लेकिन उनके मुताबिक भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूती दिखाई है,उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती ताकत देश के लिए गौरव की बात है, V/O4:-अखिलेश और राहुल पर मजाकिया अंदाज में तंज, वहीं परिसीमन के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान और विपक्षी दलों की भूमिका को लेकर भी महंत मोहन भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी,अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सत्ता की गद्दी विरासत में मिल सकती है,लेकिन बुद्धि कभी विरासत में नहीं मिल सकती,महंत मोहन भारती ने दोनों नेताओं को जमीन पर उतरकर मेहनत करने की सलाह दी,उनका कहना था कि राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए केवल विरासत नहीं, बल्कि समझ, अनुभव और मेहनत भी जरूरी है,कुल मिलाकर रामपुर में महंत मोहन भारती की इस एक्सक्लूसिव बातचीत ने हिंदू राष्ट्र, आरएसएस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष की राजनीति जैसे मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है,उनके बयानों पर अब सियासी प्रतिक्रियाएं कैसी आती हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी, विसुअल:1,2 टीटी महंत मोहन भारती, (अध्यक्ष,अन्तर्राष्ट्रीय जूना अखाड़ा,)
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दयाशंकर सिंह ने अखिलेश के शिक्षामित्र दावे पर कहा, सिर्फ लॉलीपॉप, कुछ नहीं

Ballia, Uttar Pradesh:एंकर- बलिया पहुंचे यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव पर जमकर निशान साधा। दरसअल अखिलेश यादव ने दावा किया है कि सत्ता में आने पर शिक्षामित्रों को सरकारी टीचर बनाएंगे। मंत्री दया शंकर सिंह ने अखिलेश यादव के इस दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव 5 साल मुख्यमंत्री रहे शिक्षामित्र को 3 हज़ार मिलता था। सुप्रीम कोर्ट ने इनकी नौकरी खा गई थी लेकिन योगी जी ने इन्हें रखा भी और 18 हज़ार रुपए भी रहे हैं। यह लोग सिर्फ लॉलीपॉप देते हैं और कुछ करते भी नहीं। +sपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बौद्ध दीक्षा समारोह के दौरान ब्रह्मा विष्णु महेश को न मानने वाले वायरल वीडियो पर कहा कि जब उनके nasional अध्यक्ष ही नहीं मान रहे है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अयोध्या में जाकर श्री राम का दर्शन नहीं करते राजकुमार भाटी तो उनके कार्यकर्ता हैं वह अपने अध्यक्ष से प्रेरणा लेकर हर काम कर रहे हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र यह बुद्धिजीवी वर्क का चुनाव है यह बेहतर ढंग से समाज को जानते हैं और विकास चाहते हैं। सभी शिक्षक और स्नातक भारतीय जनता पार्टी को वोट देंगे। काशी क्षेत्र के स्नातक और शिक्षक दोनों कैंडिडेट चुनाव जीतने जा रहे हैं। कथन- दयाशंकर सिंह, परिवहन मंत्री, यूपी सरकार
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झांसी के पिछोर में किन्नरों के दो गुटों के बीच हिंसा: थाने में फिनायल पीने का मामला

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के पिछोर इलाके में घरों से बधाई मांगने को लेकर किन्नरों के दो गुटों में हंगामा हो गया। एक गुट ने दूसरे गुट के किन्नरों के साथ मारपीट कर दी। कुछ किन्नर पकड़ कर ले जा रहे थे, तो एक किन्नर अपने चंगुल से छूटकर थाने पहुंचा। पुलिस दोनों गुटों के लोगों से पूछताछ कर रही थी; इसी दौरान अभिषेक उर्फ अंशिका ने थाना के अंदर फिनायल पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं अभिषेक बंशकार उर्फ अंशिका की मां ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को बबली किन्नर ने जबरन किन्नर बनाया, फिर मारपीट कर बाहर निकाल दिया। वह बस्ती में बधाई मांगने गया तो 50-60 लोगों ने लाठी-डंडे से उसके साथ मारपीट की। जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने थाने के अंदर फिनायल पी लिया।
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रूस में नौकरी के बदले युवक को म‍िली ह‍िरासत, भारत सरकार से पर‍िवार ने लगाई गुहार

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Ghar Kote,

जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी का एक परिवार गहरे सदमे में है। उनका इकलौता बेटा, जो परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, रूस पहुंचने के कुछ ही हफ्तों बाद वहां परिवार के अनुसार हिरासत में ले लिया गया है।

 

परिवार के अनुसार, बारामूला के उरी स्थित शियादपोरा का रहने वाला एजाज अहमद गिलानी, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले थे। रूस में उन्हें काम करते हुए अभी लगभग 20 दिन ही हुए थे कि 13 सितंबर को उन्हें कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया। परिवार को उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया के बारे कोई जानकारी नहीं दी गई है। उनकी मां, पत्नी, दो बहनें और छोटे बच्चे अब लगातार डर के साये में जी रहे हैं और भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वे उसे सुरक्षित घर वापस ले आएं।

 

पत्नी ने कहा, "वह 20 सितंबर को नौकरी के लिए यहां से निकले थे। उनका वीजा और टिकट सब ऑनलाइन आ गया था। वह 20 सितंबर को यहां से रवाना हुए और 22 तारीख को रूस पहुंच गए। वहां उनका काम भी शुरू हो गया था। हम सुबह-शाम वीडियो कॉल पर लगातार बात करते थे। दिन में बात नहीं हो पाती थी क्योंकि वह काम पर होते थे। 13 तारीख तक हमारी बातचीत होती रही। 13 तारीख को 10 बजे हमारी बात हुई थी। उसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ आने लगा। 13 तारीख के बाद 14 तारीख को उनसे बस थोड़ी सी बात हुई, जिसमें उन्होंने कहा, 'यहां कुछ दिक्कत हो गई है, इसलिए मेरा फोन ले लिया गया है, मैं आपसे बात नहीं कर सकता।'" उसके बाद हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें यहां से गए हुए पूरा एक महीना हो चुका है। आज 20 तारीख को एक महीना पूरा हो गया है। हमें कुछ भी पता नहीं है। हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। मैं मोदी जी, अमित शाह जी और जम्मू-कश्मीर सरकार से अपील करता हूँ कि कृपया उन्हें ढूँढ़ें, और जल्द से जल्द उन्हें घर वापस ले आएँ। वे फंस गए हैं।”

 

बेटे ने कहा, “मैं चौथी कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरी मोदी जी, अमित शाह जी और एस. जयशंकर जी से यही विनती है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएं, क्योंकि हम उनके बिना नहीं रह सकते। कृपया मेरे पिताजी को वापस ले आएँ। मेरे पिताजी अभी रूस में हैं। मुझे उनसे बात किए हुए एक हफ़्ता हो गया है। मेरी यही गुज़ारिश है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएँ।”

 

बेटी ने कहा, "मेरे पिता को यहाँ से रूस ले जाया गया है, और उन्हें वहाँ से वापस नहीं भेजा गया है। मोदी जी, अमित शाह जी और जयशंकर जी से मेरी बस यही गुज़ारिश है कि मेरे पिता को वापस ले आएँ। हमें और कुछ नहीं चाहिए, बस मेरे पिता को वापस ला दीजिए। एक हफ़्ता हो गया है; आखिरी बार हमारी उनसे 13 तारीख को बात हुई थी, उसके बाद से पापा से कोई बात नहीं हुई है।"

 

एजाज़ अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। उनके हिरासत में होने से पूरा परिवार गहरे संकट में है। रिश्तेदार बता रहे हैं कि वे रातों को सो नहीं पा रहे हैं और उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे रूसी अधिकारियों से बात करके इस मामले में दखल दें।

 

खालिद हुसैन 
जी मीडिया, कश्मीर
 

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बस्तर दशहरा 75 दिन: नक्सलवाद के बाद नया अध्याय, देवी-देवताओं का आमंत्रण

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर का विश्व प्रसिद्ध दशहरा 75 दिनों तक चलता है, बस्तर दशहरा की खासियत यह भी है कि बस्तर दशहरा में शामिल होने बस्तर के दूर दराज के क्षेत्रों से देवी देवता पहुंचते है, रियासतकालीन दौर से चली आ रही बस्तर दशहरा की परंपरा के तहत बस्तर राज परिवार बस्तर की ईष्ट देवी मां दंतेश्वरी को जगदलपुर आने का निमंत्रण देते है जिसके बाद दंतेवाड़ा से माता की डोली जगदलपुर पहुंचती है इसी तरह बस्तर के ग्रामीण इलाकों में स्थित सभी गुड़ी (मंदिरों) में आमंत्रण भेजा जाता है, जिसके बाद माता गुड़ी से देवी देवता ओं का आगमन बस्तर दशहरा में होता है, देवी मां का छत्र लेकर संबंधित पुजारी बस्तर दशहरा में पहुंचते है साथ ही आंगा विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र होते है, बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद इस साल अंदरूनी इलाकों में स्थित गुड़ी (मंदिरों) में भी आमंत्रण भेजे गए है, बस्तर रियासत के प्रमुख सदस्य कमलचंद भंजदेव का कहना है कि बस्तर से नक्सलवाद की समाप्ति के बाद इस वर्ष बस्तर दशहरा में नया अध्याय लिखा जा है, दशहरा के मौके पर मावली परघाव की रस्म पूरी हो चुकी है अब कुटुंब जात्रा रस्म में बस्तर दशहरा में शामिल होने आए देवी देवताओं को राज परिवार के सदस्यों द्वारा विधि विधान से पूजा पाठ कर विदाई दी जाती है। बाइट कमलचंद भंजदेव प्रमुख सदस्य राज परिवार बस्तर
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SDM पातड़ां ने मंडी का निरीक्षण कर धान खरीद सुचारू रहने की पुष्टि की

Patran, Punjab:SDM पातड़ां कलाराम कंसल ने मंडी का दौरा किया। उन्होंने धान की बोली, खरीद, तुलाई और लिफ्टिंग के कार्यों का निरीक्षण किया। मंडी में धान की खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही। मंडी में खरीद कार्यों के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। खरीद एजेंसियों के इंस्पेक्टर अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहे हैं। मार्केट कमेटी की ओर से भी किसानों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से अपील की कि वे मंडी में अपनी सूखी और साफ फसल लेकर आएं, ताकि उन्हें फसल बेचने के लिए अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। पिछले दिनों मौसम खराब रहने के कारण धान की आवक और खरीद के कार्यों पर कुछ असर पड़ा है। बारिश के कारण कुछ फसलों में नमी की मात्रा अधिक होने से खरीद में दिक्कत आती है। सरकारी निर्धारित मानकों के अनुसार नमी की मात्रा जांचने के बाद ही धान की खरीद की जा रही है। खरीदी गई फसल को बोरियों में भरकर रखने और उसकी लिफ्टिंग का कार्य भी जारी है। मार्केट कमेटी के सैकटरी अमनदीप सिंह ने बताया कि मंडी में खरीद, तुलाई और उठान के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पातड़ा़ं के मुख्य यार्ड समेत सभी खरीद केंद्रों में 111450 क्विंटल धान की ख़रीद का कार्य मुकम्मल कर लिया गया है। किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि मंडी में धान की खरीद का कार्य बेहतर ढंग से चल रहा है। सभी खरीद इंस्पेक्टरों की ओर से सरकार के निर्धारित नियमों और नमी के मानकों के अनुसार किसानों की फसल खरीदी जा रही है। मंडी में धान की आवक जारी है और खरीद के साथ-साथ तुलाई तथा लिफ्टिंग का कार्य भी सुचारू रूप से किया जा रहा है।
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सरकार ने तय किया: स्कूल बैग वजन कुल वजन का 10% से अधिक नहीं

Chamba, Himachal Pradesh:चंबा। सरकार ने स्कूली बच्चों के बैग (स्कूल बैग) के भार का वजन निर्धारित कर दिया है। यह वजन अगर अधिक हो तो बैग का भार किसी भी सूरत में बच्चों के बैग में नहीं डाला जा सकता। सरकार की ओर से बाकायदा एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसे सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को अमल में लाना होगा। अमल नहीं करने वालों पर विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम तौर पर स्कूल बैग का वजन अधिक होने के कारण बच्चे उसे उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं; कुछ माता-पिता अपने बच्चों का बैग उठाकर उन्हें स्कूल छोड़ते हैं, पर अधिकांश बच्चे खुद भारी बैग लेकर स्कूल जाते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर विपरीत असर पड़ सकता है। पहले सेहत को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने बैग वजन निर्धारित कर दिया है ताकि बच्चा आसानी से बैग उठा सके और माता-पिता को भी अपने बच्चों के लिए परेशानी नहीं हो। इससे अभिभावकों ने भी सरकार के निर्णय की सराहना की है। शिक्षा उपनिदेशक मनोहर लाल ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब बच्चे के कुल वजन का दस प्रतिशत ही स्कूल बैग के रूप में हो सकता है और यह अधिसूचना प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई है। सभी स्कूल Principals को अनुपालन के बारे में अवगत करा दिया जाएगा तथा पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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गुलाम हसन मीर ने NC सरकार पर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा में धोखे का आरोप

Aram Pora, Ganderbal, Apni Party Vice President Ghulam Hassan Mir has criticised the National Conference (NC) government over its performance during the past two years, accusing it of making promises beyond the powers of the Union Territory administration while failing to deliver on key issues, including employment, healthcare, education and local governance. Mir questioned the NC's promises regarding the restoration of Article 370 and statehood, arguing that these matters were beyond the legislative powers of the Jammu and Kashmir Assembly. Mir said the National Conference was aware of the limitations of a Union Territory government but continued to make promises about restoring Article 370 and statehood. Mir also questioned the significance of resolutions passed by the Assembly, stating that such resolutions alone could not guarantee the fulfilment of these demands. Criticising the government's performance in the education and healthcare sectors, Mir asked what significant changes had been introduced during the past two years. He also raised concerns over the alleged shortage of machinery and equipment in government hospitals. On employment, Mir questioned the progress made towards fulfilling the government's promise of providing one lakh jobs, claiming that only around 15,000 to 16,000 appointments had been made during the past two years. He said the government should focus on creating employment opportunities rather than making promises that remain unfulfilled. Mir also questioned the delay in holding Panchayat and municipal elections, arguing that the absence of elected local bodies was undermining democratic empowerment at the grassroots level. Accusing the BJP and the National Conference of benefiting politically from their mutual opposition, Mir alleged that both parties were avoiding local body elections for political reasons. He claimed that their political confrontations often strengthened their respective voter bases. Raising concerns over traffic congestion and sanitation in urban and rural areas, Mir questioned the government's initiatives to address these everyday problems. He also criticised the alleged discontinuation of sanitation-related initiatives undertaken during the previous administration, saying the government had failed to establish an effective alternative. Mir further questioned the implementation of the government's promise of providing 200 units of free electricity, seeking clarity on the proposed solar energy mechanism and the concrete steps taken to fulfil the commitment. Mir also criticised the government over the condition of healthcare infrastructure and questioned its claims of credit for projects initiated by previous administrations but completed during its tenure. Mir maintained that the government should focus on delivering measurable results in areas falling within its administrative powers rather than repeatedly blaming the Centre for issues such as the restoration of statehood.
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