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Mohd TasleemMohd TasleemFollow22 Jan 2025, 02:08 pm
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कानपुर के मां आशा देवी मंदिर में खुले आकाश के नीचे दर्शन, छत नहीं बनी

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर\n\n( स्पेशल रिपोर्ट)-त्रेतायुग से जुड़ा ये मंदिर, ईट की धरन रखने से मनोकामना की होती है पूर्ति\n\nइस मंदिर में आज तक नहीं टिक पाई पक्की छत\n\nजानिये माता सीता से जुड़ा इतिहास\n\n–गर्भगृह पर आज तक नहीं डल पाई पक्की छत, ढह जाती है छत\n–मंदिर में स्थापित देवी की आकृति माता सीता ने खुद उकेरी थी\n\nकानपुर। त्रेता युग से जुड़े इस मंदिर में शारदीय नवरात्रि की के पहले दिन भक्तों का तांता लग गया। कल्याणपुर के प्रसिद्ध मां आशा देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी हुई है। नवरात्रि के इन खास दिनों में दूर-दराज से लोग आ रहे हैं और लंबी लाइनों में लगकर मां के दर्शन कर रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से आता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है। इस मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और इसका नाता सीधा त्रेता युग से माना जाता है।\n\nत्रेता युग और माता सीता से जुड़ा पुराना इतिहास\n\nमंदिर के पुजारी आशुतोष गिरी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने माता सीता का त्याग किया था, तब लक्ष्मण जी उन्हें बिठूर के जंगलों के पास छोड़कर आए थे। महर्षि वाल्मीकि के आश्रम जाने से पहले माता सीता कुछ समय के लिए इसी जगह पर रुकी थीं। यहीं बैठकर उन्होंने भगवान राम से दोबारा मिलने की उम्मीद लगाई थी, जिसके बाद से इस पवित्र जगह का नाम मां आशा देवी पड़ गया। मंदिर के गर्भगृह में मौजूद पुरानी शिला पर जो देवी की आकृति है, उसके बारे में कहा जाता है कि उसे खुद माता सीता ने अपने हाथों से पत्थर पर उकेरा था।\n\nक्या है मंदिर की छत का रहस्य?\n\nइस मंदिर की सबसे बड़ी और हैरान करने वाली बात यह है कि यहां माता रानी खुले आसमान के नीचे ही विराजमान हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुराने समय में दो बार इस मंदिर पर पक्की छत डलवाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जैसे ही काम पूरा होने को आता था, छत किसी न किसी वजह से गिर जाती थी। इसे चमत्कार माना गया कि मां खुद नहीं चाहती हैं कि वे किसी बंद कमरे या छत के नीचे रहें, बल्कि वे खुले आकाश के नीचे ही अपने भक्तों को दर्शन दें। आज भी मंदिर के ऊपर कोई पक्की छत नहीं है।\n\nमन्नत मांगने का अनोखा तरीका और ईंट रखने की परंपरा\n\nइस मंदिर की एक बहुत ही खास और अलग परंपरा यहां की मन्नत से जुड़ी है। ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त अपनी कोई मनोकामना लेकर आता है, वह मंदिर परिसर में एक ईंट रखकर अपनी अर्जी लगाता है। जब मां के आशीर्वाद से वह इच्छा पूरी हो जाती है, तो भक्त दोबारा यहां आकर उस ईंट को हटाते हैं या अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा करते हैं। इसके अलावा, खास तौर पर संतान सुख की प्राप्ति और परिवार की भलाई के लिए नए जोड़े और दूर-दराज से लोग यहां बड़ी संख्या में हाजिरी लगाने आते हैं।\n\n\nबाइट-आशुतोष गिरी-मंदिर पुजारी\n\nबाइट;-भक्त \n\nबाइट-भक्त
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शारदीय नवरात्र: माता मनसा देवी मंदिर में भक्तों की भीड़, 850 सुरक्षा कर्मी तैनात

Panchkula, Haryana:शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता मनसा देवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब शनिवार रात से ही लगी श्रद्धालुओं की कतारें, सुरक्षा के लिए 850 पुलिसकर्मी तैनात पंचकूला/चंडीगढ़। शारदीय नवरात्र के पहले दिन पंचकूला स्थित श्री माता मनसा देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शनिवार आधी रात से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को कोलकाता से मंगवाए गए फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में मैट बिछाए गए हैं। इस बार नवरात्र मेला 11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसे सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 850 पुलिसकर्मी तैनात नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पंचकूला पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 850 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 12 नाके स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों, बॉडी कैमरों और गश्ती टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। तीन एसीपी स्तर के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। पर्यटकों की मदद के लिए विशेष व्यवस्था हरियाणा की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट पर उपलब्ध टैबलेट में मौजूद सॉफ्टवेयर के माध्यम से दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। 110, 210 और 500 रुपये के प्रसाद पैकेट उपलब्ध माता मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए वीटा के स्टॉल पर तीन श्रेणियों में प्रसाद के पैकेट उपलब्ध करवाए गए हैं। श्रद्धालु 110, 210 और 500 रुपये के प्रसाद पैकेट खरीद सकेंगे। नवरात्र के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
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शाहजहांपुर:सड़क हादसे में सिपाही की मौत, ड्यूटी से लौट रहे सिपाही की कार दीवार से टकराई

SHIV KUMARSHIV KUMARFollow12m ago
Shahjahanpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में एक सड़क हादसे में पुलिस के जवान की जान चली गई है। ड्यूटी खत्म कर लौट रहे सिपाही की कार अनियंत्रित होकर सीधे पार्क की दीवार से जा टकराई। हादसे में सिपाही अंकित की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ​दर्दनाक हादसा थाना रोजा क्षेत्र स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास का है। ​जानकारी के मुताबिक, सिपाही अंकित रोजा थाने की मंडी चौकी पर तैनात थे। देर रात ड्यूटी पूरी करने के बाद जब वह अपनी कार से वापस लौट रहे थे, तभी महाराणा प्रताप चौक के पास उनकी कार अचानक बेकाबू हो गई और जोरदार धमाके के साथ दीवार में जा घुसी। ​टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और अंदर मौजूद सिपाही अंकित गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी बाद में मौत हो गई। ​मृतक सिपाही मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। साथी पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, मुजफ्फरनगर में मौजूद मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
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दिल्ली में धरना-प्रदर्शन से दिवाली सीजन में व्यापार पर असर

Noida, Uttar Pradesh:चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री - CTI 10 अक्टूबर के धरने-प्रदर्शन से दिल्ली में 2000 करोड़ का व्यापार ठप्प हुआ - CTI CTI ने CJP और सभी राजनैतिक दलों को पत्र लिखकर मांग की - दिवाली तक दिल्ली में कोई धरना-प्रदर्शन न करें आज से नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू , दिवाली का सीजन भी शुरू , दिल्ली का व्यापार और अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी - CTI चेयरमैन बृजेश गोयल नई दिल्ली - दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कहा है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए धरने-प्रदर्शन के कारण दिल्ली में लगभग 2000 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ । CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने CJP और तमाम राजनैतिक दलों को लिखा पत्र: CTI ने बताया कि CTI ने CJP के अभिजीत दीपके समेत तमाम राजनैतिक दलों को पत्र लिखकर मांग की है कि दिवाली तक दिल्ली में कोई भी धरना-प्रदर्शन न किया जाए। CTI ने पत्र में कहा है कि आज से नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू हो रही हैं, दिवाली का सीजन शुरू हो गया है, यह दिल्ली के 20 लाख व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा व्यापारिक सीजन है। धरने-प्रदर्शन से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और अगर यह धरना प्रदर्शन लंबा चला तो दिल्ली की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी और दिल्ली के 20 लाख व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा । दिल्ली में आज से रामलीलाएं भी शुरू हो रही हैं, दिल्ली में 650 रामलीलाएं होती हैं जिसमें कि लाखों लोगों को रोजगार मिलता है , अगर धरने प्रदर्शन के कारण रास्ते और मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे तो लोग रामलीलाओं में आने से कतराएंगे , CTI ने CJP और सभी राजनैतिक दलों से मांग की है कि दिवाली तक दिल्ली के अलावा किसी और शहर को धरने-प्रदर्शन के लिए चुना जा सकता है, ताकि दिल्ली का त्यौंहारी व्यापार बच सके और आम लोगों को परेशानी न हो。 10 अक्टूबर को व्यापार का हाल: 1. प्रमुख बाजार बंद जैसे: सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट जैसे बड़े बाजार बंद रहे, अन्य बाजारों में भी कामकाज नहीं के बराबर हुआ । 2. बाहर से ग्राहक नहीं: दिल्ली के बाहर से रोजाना 3 -4 लाख लोग खरीददारी के लिए आते हैं, वो लोग दिल्ली नहीं आए। 3. लोकल ग्राहक भी नहीं निकले: सुरक्षा और जाम के डर से दिल्ली के लोग भी खरीददारी के लिए नहीं निकले 4. मेट्रो स्टेशन बंद: ज्यादातर प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जिससे आवाजाही ठप्प हो गई। 5. सर्विस सेक्टर पर असर: पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ नहीं थी । होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून में बुकिंग कैंसिल हो गई। bृजेश गोयल ने कहा: "केवल रिटेल व्यापार ही नहीं, सर्विस सेक्टर, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म सब मिलाकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में 2000 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ। आज से नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू हो रही हैं, दिवाली का सीजन शुरू हो गया है। इसलिए हमने CJP और देश के तमाम राजनैतिक दलों से अनुरोध किया है कि दिवाली तक दिल्ली में धरना-प्रदर्शन न करें, किसी अन्य शहर में कार्यक्रम कर लें।"
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रायपुर में महिलाओं के शक्ति अभियान: सुरक्षा, अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन

Begun, Rajasthan:रायपुर दिल्ली की तरह रायपुर में भी युवतियों का प्रदर्शन.. रायपुर में आज महिलाओं का शक्ति अभियान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर प्रदर्शन दुष्कर्म, महिला उत्पीड़न और बच्चों से अत्याचार की घटनाओं के विरोध में जुटेंगी युवतियां महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम सौंपेंगी 15 सूत्रीय मांगपत्र स्कूल-कॉलेजों में CCTV, महिला सुरक्षा समितियां और दामिनी दल की तैनाती की मांग छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड और कार्यस्थलों पर पीरियड लीव की मांग भी शामिल साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग दोपहर 1 बजे महिला थाना चौक से निकलेगा मार्च, मोतीबाग प्रेस क्लब के पास सौंपेंगे ज्ञापन शक्ति अभियान के बैनर तले आयोजित होगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन
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भानपुर के आश्रम पद्धति विद्यालय में भोजन गुणवत्ता पर छात्र आक्रोश, प्रशासन जवाबदेही मांग

Basti, Uttar Pradesh:सरकारी बजट सरकारी व्यवस्था और सरकारी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले मासूमों की थाली सवाल है कि जब बच्चों के भोजन पर पैसा खर्च हो रहा है, तो उनकी थाली तक कथित तौर पर घटिया खाना कैसे पहुंच रहा है, बस्ती में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का गुस्सा ऐसा फूटा कि खाने से इनकार कर दिया, भोजन फर्श पर फेंक दिया और विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला भानपुर के आश्रम पद्धति विद्यालय का है, जहां बच्चों की नाराजगी के बाद अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। अब सवाल सिर्फ खाने की गुणवत्ता का नहीं, बल्कि उन जिम्मेदारों की जवाबदेही का भी है, जिनके भरोसे बच्चों की सेहत है। Basti जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। बताया जा रहा है कि मेस में परोसे जा रहे खाने से नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए बच्चों ने भोजन खाने से इनकार कर दिया और खाना फर्श पर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे, छात्रों की नाराजगी के पीछे भोजन की गुणवत्ता में कमी को मुख्य वजह बताया जा रहा है। बच्चों की मांग थी कि उन्हें बेहतर और गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाए। मामला सामने आने के बाद विद्यालय परिसर से लेकर संबंधित विभाग तक हलचल तेज हो गई। हालांकि, भोजन में भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। विवाद की सूचना मिलने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव के मुताबिक, अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। रात में ही दोबारा भोजन बनवाकर बच्चों को खिलाया गया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता में मिली कमियों को दूर करने के लिए वहां कार्यरत स्वयं सहायता समूह को निर्देश दिए। अधिकारी के मुताबिक, अगले दिन नाश्ते, दोपहर और शाम के भोजन के दौरान अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद बच्चे संतुष्ट नजर आए।
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छत्तीसगढ़ में नवरात्रि की जगमगाहट: रायपुर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ में आज से शक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है..अगले नौ दिनों तक माता के भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे.. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है. पर्व को लेकर राजधानी रायपुर में भी उत्साह और भक्ति का माहौल है. शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है. वहीं, शहरभर में जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं. अगले नौ दिनों तक राजधानी माता की भक्ति और आराधना में सराबोर रहेगी.
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865 करोड़ के सवाल पर राजभर से जवाब, अयोध्या से नामांकन की चुनौती

Noida, Uttar Pradesh:Om Prakash Rajbhar अखिलेश जी, आज भारत रत्न श्रद्धेय लोकनायक जय प्रकाश नारायण जी की पावन जयंती है। उन्हें सादर नमन करते हुए आप से बस यही पूछना चाहता हूं कि आखिर श्रद्धेय लोकनायक के नाम पर आपने जेपीएनआईसी जैसा लूट का अड्डा बनाने का जो हसीन सपना पाला था, उसे 865 करोड़ रुपए खर्च करके भी अधूरा क्यों छोड़ दिया? बता दीजिए 865 करोड़ में आपके जेब में कितना गया? जेपीएनआईसी की संचालन समिति में आपने खुद को रखा, डिंपल जी, धर्मेंद्र जी और सैफई परिवार को क्यों बैठा रखा? जनता के पैसों से बनी इमारत के संचालन में परिवार को क्यों घुसा रखा था? आखिर वहां बनने वाले होटल, क्लब, जिम की कमाई किसकी जेब में जानी थी? जवाब जरूर दीजिएगा! और हां... योगी जी ने अयोध्या जी से लड़ने की आपकी चुनौती स्वीकार कर ली है। अब पीछे नहीं भागिएगा। वरना आपके लोडर कहेंगे कि हमारा नेता एसी, पीसी और ट्विटर से बाहर ही नहीं निकलता है। आइये महाराज, भरिये अयोध्या जी से नामांकन। लड़िए। इसी बहाने आपको ज़मीनी सच्चाई तो पता चले कि इटावा मैनपुरी के यादवलैंड के बाहर आपकी स्थिति क्या है। बस आख़िर में इतना ही कि पीठ दिखाकर भागिएगा नहीं। जय भारत, जय श्रीराम, जय महाराजा सुहेलदेव。
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