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Kanpur Dehat: राहगीरों के लिए नहर पुल बना नासूर, रोजाना जाम से जूझते लोग
Jhinjhak, Uttar Pradesh:थाना मंगलपुर क्षेत्र के कस्बा झींझक स्थित नहर पुल के जर्जर होने के चलते नवीन पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। बड़े वाहनों के प्रवेश निषेध के चलते पुल के ऊपर बड़े पत्थर रखे गए हैं। मगर शाम होते ही यातायात पुलिस के हटते ही वाहन सवार आड़े तिरछे वाहन फंसा देते हैं। इससे राहगीरों को रोजाना जाम से जूझना पड़ता है। आज जाम की सूचना पुलिस को मिलते ही चौकी पुलिस झींझक ने पहुंचकर जाम खुलवाया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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कॉफी की मेज पर मतदान चर्चा: युवाओं में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ी
Baran, Rajasthan:कॉफी की चुस्कियों के साथ हुई लोकतंत्र की चर्चा बारां राष्ट्रीय कॉफी दिवस पर युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने की अनूठी पहल की गई。 जिला निर्वाचन अधिकारी बालमुकुंद असावा और स्वीप नोडल अधिकारी राजीव तोमर के निर्देशन में राजकीय कन्या महाविद्यालय में ‘कॉफी की मेज पर मतदान की चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित हुआ。 कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कॉफी और अल्पाहार के साथ मतदान के अधिकार, नैतिक मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया पर खुलकर चर्चा की। स्वीप प्रभारी अमित भार्गव ने कहा - "कॉफी से दिन बदलता है, लेकिन एक जागरूक मतदाता का एक वोट देश की दिशा बदल सकता है।" उन्होंने युवाओं से बिना किसी दबाव और प्रलोभन के विवेक से मतदान करने का आह्वान किया。 विद्यार्थियों को ‘मेरा वोट, मेरा अधिकार’, ‘नैतिक मतदान’ जैसे विषयों पर समूहों में बांटकर चर्चा कराई गई। ईवीएम, नोटा, KYC और सी-विजिल एप की जानकारी दी गई तथा ईसीआई नेट एप डाउनलोड करवाया गया। इस दौरान प्राचार्य अजय कुमार मीणा, परमेश्वर जाट, डॉ. शिखा शर्मा सहित स्वीप दल मौजूद रहा。0
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रामगंगा और कोसी नदियों में जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में प्रभावित
Noida, Uttar Pradesh:MORADABAD (UTTAR PRADESH): WATER LEVEL RISES IN RAMGANGA AND KOSI RIVERS, LOW-LYING AREAS AFFECTED0
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काम करने के लिए शानदार विचार
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महिला ने दरवाजा बंद किया: क्या मामला है?
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चंपारण तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा, चार जगह पानी फैलने की आशंका
Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां योगापट्टी के गोलाघाट के पास चंपारण प्रबंध टूटने से दर्जनों गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. करीब 80 फीट चौड़ा गठबंधन टूट गया है. टूटे तटबंध का अधिकारियों ने जायजा लिया है. गठबंधन टूटने से गांव में पानी फैल रहा है जिससे ग्रामीण दहशत में है. ग्रामीण तटबंध की मरम्मत की मांग कर रहे हैं. बता दे 24 घंटे के अंदर पश्चिम चंपारण में चार अलग-अलग जगह पर चंपारण तटबंध टूट गया है. तटबंध टूटने से जल संसाधन विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दो महीने पूर्व जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने यह दावा किया था कि चंपारण तटबंध और रिंग बांध पूरी तरह से सुरक्षित है और उसकी सतत निगरानी की जा रही है लेकिन चार जगह पर चंपारण तटबंध के टूटने से जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं0
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जमुई: अधिवक्ता संघ का धरना तीसरे दिन भी जारी, गिरफ्तारी पर विरोध तेज
Jamui, Bihar:जमुई में साइबर थाना पुलिस द्वारा अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह को घर से गिरफ्तार किए जाने के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष सीताराम सिंह और महासचिव अमित कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखते हुए कोर्ट परिसर में धरना दिया। राज्य बार काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता शर्मा चंद्र उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरने में शामिल हुए। अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस और जिला प्रशासन के किसी वरीय अधिकारी की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। लिहाजा बुधवार को भी कोर्ट आवर के दौरान अधिकारियों से वार्ता का इंतजार किया जाएगा। लगातार दूसरे दिन न्यायिक कार्य प्रभावित होने से आम लोगों और जेल में बंद कैदियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। महासचिव अमित कुमार ने दावा किया कि दो दिनों तक न्यायिक कार्य से अलग रहने के कारण संघ को करीब एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं, औसतन प्रतिदिन करीब एक दर्जन कैदियों की रिहाई की न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इधर, जिला जज के बुलावे पर मंगलवार को एसपी विश्वजीत दयाल कोर्ट पहुंचे। हालांकि, उस समय तक अधिवक्ता धरना स्थल से जा चुके थे। अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायालय के समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वे पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता का इंतजार करते रहे। समय बीतने के बाद वे वहां से चले गए। एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामले को सुलझाने के उद्देश्य से जिला जज ने उन्हें बुलाया था, लेकिन अधिवक्ता संघ की ओर से वार्ता के लिए कोई नहीं पहुंचा। समय को लेकर उन्होंने कहा कि कई तरह के कार्य रहते हैं, जिसके कारण विलंब हुआ। बुधवार को कोर्ट आवर में अधिवक्ताओं से वार्ता होगी या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि यह बुधवार को देखा जाएगा। अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि छात्रा से छेड़खानी मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को सदर अस्पताल में कथित वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के संबंध में उन्होंने अस्पताल के उपाधीक्षक से जवाब मांगा था। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए घर से गिरफ्तार किया। अधिवक्ता संघ इसी कार्रवाई को लेकर विरोध कर रहा है। महासचिव अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के अगले दिन अधिवक्ताओं ने साइबर थाना पहुंचकर दिनभर धरना दिया था और प्रतीकात्मक रूप से सभी अधिवक्ताओं को गिरफ्तार करने की मांग की थी। इसी दौरान साइबर डीएसपी के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया गया था। जिलाध्यक्ष सीताराम सिंह ने पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक सम्मानजनक तरीके से वार्ता कर मामले का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बहरहाल, अब बुधवार को पुलिस-प्रशासन और अधिवक्ता संघ के बीच होने वाली बातचीत पर सबकी नजर है।0
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जमशेदपुर चेकिंग के दौरान भागी कार के टायर फटे, चार युवक-युवतियां हिरासत में
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में लगातार हो रही अपराधी घटनाओं के बीच पुलिस का चेकिंग अभियान से भागी कार के दोनों टायर फटे, शराब और हॉकी समेत आपत्तिजनक सामान बरामद दो युवक व दो युवतियां हिरासत में जमशेदपुर सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के टिमकेन कंपनी रोड पर मंगलवार की रातको पुलिस चेकिंग के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार कार पुलिस को देखकर भागने लगी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान कार के दोनों टायर फट गए, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर रुक गया। इसके बाद पुलिस ने कार को अपने कब्जे में लेकर उसमें सवार लोगों को हिरासत में ले लिया。 थाना प्रभारी फ़ैज़ अहमद ने बताया कि, कार में दो युवक और दो युवतियां सवार थे। वाहन की तलाशी लेने पर करीब 10 पैकेट सिगरेट, हॉकी, स्टील की रॉड/बैट और शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। बरामद सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है。 कार सवारों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सभी लोग कहां से आ रहे थे और वाहन में हॉकी, स्टील की रॉड/बैट तथा शराब की बोतलों रखने का क्या कारण था। साथ ही पुलिस कार के कागजात और सवारों की पहचान से संबंधित जानकारी भी जुटा रही है。 घटना के बाद टिमकेन कंपनी रोड पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी。0
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बोतल को प्लास्टिक से ढंकना: नया ट्रेंड बन रहा है
Noida, Uttar Pradesh:Covering bottle with plastic0
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मसौढ़ी में ज्वेलर्स दुकान से 15 लाख के जेवरात चोरी, पुलिस खोज में
Masaurhi, Bihar:ज्वेलर्स दुकान का शटर उखाड़ कर चोरी। 15 लाख के जेवर और नगद ले भागे। मसौढ़ी धनरूआ थाना क्षेत्र के पभेड़ी मोड के समीप चोरों ने एक ज्वेलर्स दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बीते रात चोर दुकान के शटर को उखाड़ कर दुकान में घुंस आए और दुकान में रखे जेवरात और नगद ले भागे। घटना की जानकारी दुकानदार को अगले सुबह हुई जब वह दुकान पहुंचा। सूचना पर धनरूआ पुलिस पहुंची और फॉरेंसिक विभाग की टीम ने जांच शुरू की। दुकानदार का कहना था कि दुकान में रखे 15 लाख के जेवर और नगद की चोरी हुई है। चोर दुकान ने लगे सीसीटीवी की हार्ड डिस्क भी लेकर चले गए। फिलहाल पुलिस दुकान के रास्ते में लगे सीसीटीवी की छानबीन के साथ तकनीकी टीम की मदद से चोरों के सुराग में लगी है。0
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कांकेर: नक्सली डंप से मिले ₹20 लाख के गबन मामले में दो डीएसपी जांच के घेरे में
Kanker, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माओवादी डंप से बरामद 20 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि आमाबेड़ा क्षेत्र के जंगलों से जब्त नकदी को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। शिकायत और प्राथमिक खुलासे के बाद कांकेर एसपी ने मामले की जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। वर्तमान में दोनों अधिकारी अन्य जिलों में पदस्थ हैं और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई तय होगी।0
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मुज़फ्फरनगर में दो समाजवादी नेताओं के बीच रात की भिड़ंत, वीडियो वायरल
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग मुज़फ्फरनगर देर रात दो सपा नेताओं मे भिड़ंत दोनों मे सरेराह हुई जमकर मारपीट दोनों मे जमकर चले लात घुसे व बेल्ट सोशल मीडिया पर पोस्टबाजी क़ो लेकर हुई मारपीट पिछले दो दिन से कर रहे थे एक दूसरे के खिलाफ पोस्ट सपा छात्रसभा अध्यक्ष नदीम व सपा नेता इसरार मे मारपीट सपा नेता डॉ इसरार अल्वी ने गाड़ी पर बोला धावा न्यू कार क़ो लेकर पहुँचा था छात्र नेता नदीम मलिक नदीम मलिक की कार मे भी की तोड़फोड़ छात्र नेता नदीम मलिक क़ो आई मामूली चोटे मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल थाना खालापर क्षेत्र के मीनाक्षी चौक की घटना0
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रेवंत रेड्डी के धर्म पर सवाल, कांग्रेस पर भारी हमला
Noida, Uttar Pradesh:कांग्रेस के नेता इसी तरह की बायाँबाजिसनातन दरम के खिलाफ करते रहते है रेवंत रेड्डी को धर्म के बारे में जानकारी न हो तो नहीं बोलना चाहिए यह कांग्रेस को भारी पड़ेगी कांग्रेस पार्टी अपनी कमियों को न देखकर इलेक्शन कमीशन पर टारगेट कर रही है काम करते नहीं है सिर्फ भ्रम पैदा करना , लोगो को गुमराह करना यह कांग्रेस की आदत लग गई है0
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यूपी में बीजेपी का अक्टूबर पहले सप्ताह का मेगा प्लान; बैठकों से चुनावी तैयारी तेज
Noida, Uttar Pradesh:यूपी में भाजपा का अक्टूबर के पहले हफ्ते का मेगा प्लान भारतीय जनता पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में कई बड़ी संगठनात्मक बैठकें और चिंतन बैठक आयोजित कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और चुनावी तैयारियों को धार देना है. उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के पहले हफ्ते बहुत ज्यादा व्यस्त रहने वाली है। इसकी वजह है कि लखनऊ से लेकर मथुरा तक बैठकों का दौर जारी रहेगा। इन बैठकों के जरिए 2017 को फतह करने की योजना तैयार की जाएगी। लखनऊ संगठनात्मक बैठक (1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर): राजधानी लखनऊ में पार्टी की एक अहम संगठनात्मक बैठक होगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी मथुरा में उच्च-स्तरीय चिंतन बैठक (3-4 अक्टूबर): मथुरा में बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय उच्च-स्तरीय चिंतन बैठक होगी। मथुरा की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल होंगे। बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर पर संगठन की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक और विभिन्न क्षेत्रीय रणनीतियों पर विचार-विमर्श होगा। चुनावी रोडमैप: पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरणों के साथ-साथ अवध और पूर्वांचल के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी चुनावी मुद्दों पर चर्चा होगी 7 अक्टूबर को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के जरिये भी माहौल बनाया जाएगा। नितिन नबीन सीएम योगी मौजूद रहेंगे। भाजपा 2026 के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में कई बड़ी संगठनात्मक बैठकें और चिंतन बैठक आयोजित कर रही है। ऐसे में इन बैठकों में तमाम दिग्गजों के मौजूद रहने से यह साफ हो रहा है कि 2027 के लिहाज से अक्टूबर का पहला हफ्ता बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.0
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दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस में छात्राओं का प्रदर्शन, सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र-राज्य सवाल
New Delhi, Delhi:महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्राओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय कैंपस में विशाल मार्च निकालकर सिस्टम और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तस्वीरें नॉर्थ कैंपस की हैं, जहां DU की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर छात्राएं महिला सुरक्षा की मांग कर रही हैं। छात्राओं का कहना है कि कैंपस में लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। छात्राओं ने इस दौरान सिस्टम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब भी कोई घटना होती है, तो पाबंदी महिलाओं पर ही लगाई जाती है। कभी हॉस्टल टाइमिंग कम कर दी जाती है, तो कभी ऑनलाइन क्लास का फरमान सुना दिया जाता है। फिलहाल छात्राओं ने साफ कर दिया है कि उन्हें पाबंदियां नहीं, बल्कि आजादी से पढ़ने के लिए सुरक्षित माहौल चाहिए.0
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बष्ठी गांव: पहाड़ी इलाकों में सड़क के लिए ग्रामीण खुद कर रहे श्रमदान
Routhiya, Uttarakhand:पहाड़ के गांवों से पलायन की तस्वीरें तो आपने खूब देखी होंगी... लेकिन रुद्रप्रयाग के बष्ठी गांव की कहानी कुछ अलग है। यहां ग्रामीण गांव छोड़ना नहीं चाहते... बल्कि अपनी जमीन, अपने खेत और अपने हुनर के दम पर गांव में ही रोजगार खड़ा कर रहे हैं। 17 परिवार डेयरी, सेब, कीवी, सब्जी और मत्स्य पालन से अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। लेकिन इनकी मेहनत और बाजार के बीच सिर्फ करीब तीन किलोमीटर की सड़क खड़ी है। सड़क की दो किलोमीटर कटिंग के बाद काम ठप है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन को 20 दिन का समय दिया है... और काम शुरू नहीं हुआ तो खुद श्रमदान से सड़क काटने का फैसला किया है। देवरियाताल की तलहटी में बसा बष्ठी गांव...पहाड़ की ऊंचाइयों के बीच एक ऐसा गांव, जहां लोगों ने पलायन को नहीं... बल्कि मेहनत को अपना रास्ता बनाया है। किसी के खेत में सेब लहलहा रहे हैं... तो कहीं कीवी की फसल तैयार है। कोई सब्जियां उगा रहा है... तो कोई डेयरी और मत्स्य पालन से परिवार चला रहा है। गांव के 17 परिवार स्वरोजगार से जुड़े हैं। जमीन है... मेहनत है... उत्पादन है... लेकिन बाजार तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। कई बार जिस सामान को बाजार तक पहुंचाने में वाहन को कुछ ही मिनट लगने चाहिए... उसे ग्रामीणों को पीठ पर लादकर पैदल ले जाना पड़ता है। यही परेशानी दूध, सब्जी, फल और मछली के साथ-साथ बीमार और बुजर्ग लोगों के लिए भी है। बष्ठी गांव के लिए करीब तीन किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई। करीब दो किलोमीटर सड़क की कटिंग भी हुई... लेकिन इसके बाद काम रुक गया। अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं है... सवाल उन सपनों का है, जिन्हें ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से खड़ा किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क गांव तक पहुंच जाए तो सेब, कीवी, सब्जियां, दूध और मछली सीधे बाजार तक पहुंच सकेंगे। आमदनी बढ़ेगी... रोजगार बढ़ेगा... और गांव के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी।गांव के बुजुर्गों की उम्मीद भी छोटी सी है... जिंदगी के आखिरी पड़ाव में कम से कम इतना देख लें कि सड़क उनके गांव तक पहुंच गई। सड़क का इंतजार अब ग्रामीणों के सब्र का इम्तिहान बन चुका है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 20 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि अगर इस अवधि में सड़क का काम दोबारा शुरू नहीं हुआ... तो वे किसी और का इंतजार नहीं करेंगे। ग्रामीण खुद श्रमदान करेंगे और सड़क काटने का काम शुरू करेंगे। यानी जिन हाथों में खेती के औजार होने चाहिए... उन्हीं हाथों से ग्रामीण सड़क बनाने को मजबूर होने की तैयारी में हैं। राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान गेड-बष्ठी बष्ठी की कहानी सिर्फ एक सड़क की कहानी नहीं है... यह उन पहाड़ी गांवों की कहानी है, जहां लोग आज भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहकर आगे बढ़ना चाहते हैं। यहां पलायन रोकने के लिए बड़े-बड़े भाषण नहीं... बल्कि सड़क जैसी छोटी लेकिन जरूरी सुविधाओं की जरूरत है। क्योंकि जब खेत में फसल तैयार हो... घर में दूध और फल का उत्पादन हो... हाथों में हुनर हो... लेकिन बाजार तक पहुंचने का रास्ता न हो... तो मेहनत अधूरी रह जाती है। बष्ठी के ग्रामीणों ने अब अपना रास्ता खुद बनाने का फैसला कर लिया है... अब देखना होगा कि सरकार की सड़क पहले गांव तक पहुंचती है... या ग्रामीणों के हाथों में उठे फावड़े।0
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