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ASAbdul SattarFollow10 Jun 2024, 08:35 am
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बेगूसराय के सिमरिया धाम में युवक गंगा में गिरा, गोताखोरों की टीम ने जान बचाई

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय के सिमरिया धाम स्थित राजेंद्र पुल पर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब गंगा नदी का नजारा देख रहा एक युवक अचानक चक्कर आने से संतुलन खो बैठा और उफनती गंगा में जा गिरा। युवक के नदी में गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर युवक को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आपको बताते चले कि बेगूसराय के सिमरिया धाम स्थित राजेंद्र पुल की हैं... जहां गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और तेज बहाव के बीच एक युवक अचानक नदी में जा गिरा। बताया जा रहा है कि युवक गंगा का नजारा देख रहा था, तभी अचानक उसे चक्कर आया और संतुलन बिगड़ने से वह नदी में जा गिरा।नदी में गिरने के बाद युवक तेज धारा के बीच काफी दूर तक बहता चला गया। बताया जाता है कि करीब 500 मीटर दूर तक युवक पानी में बहता रहा। युवक को गंगा में गिरता देख घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर अनिल कुमार अपनी टीम के साथ युवक को बचाने के लिए नदी में उतर पड़े। हालांकि, गोताखोरों की मोटरबोट खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी सामने आई। इसके बावजूद गोताखोरों ने हिम्मत नहीं हारी और एक निजी लकड़ी की नाव की मदद से युवक का पीछा शुरू किया।तेज बहाव और उफनती गंगा के बीच काफी मशक्कत के बाद गोताखोर युवक के करीब पहुंचे। इसके बाद युवक की ओर रस्सी फेंककर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।बताया जा रहा है कि युवक की पहचान नीम कुमार के रूप में हुई है। समय रहते युवक को नदी से बाहर निकाल लिए जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। गोताखोरों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।फिलहाल इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवक गंगा की तेज धारा में बह रहा है और स्थानीय गोताखोर अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचाने में जुटे हुए हैं.
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बद्रीनाथ के ब्रह्मकपाल में पिंडदान के लिए भारी भीड़

Karnaprayag, Uttarakhand:आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो गये है, बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के लिए सुबह से ही भारी भीड़ है. बदरीनाथ धाम में स्थित ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण का विशेष महातम्य है. मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से अन्य तीर्थों के मुकाबले आठ गुना अधिक पुण्य मिलता है. यहां पर भगवान शिव को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी. भगवान शिव ने क्रोधित होकर भगवान ब्रह्ना का पांचवा सिर काट डाला जो भगवान शंकर के त्रिशूल पर चिपक गया था. ब्रह्मकपाल तीर्थ है जिसे कपाल मोचन तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. पितरों को मोक्ष के चलते बदरीनाथ धाम को मोक्ष धाम भी कहते है. यहां पर पिंडदान करने के पश्चात पितरों को मोक्ष मिलने के काऱण अन्य जगह पिंडदान और तर्पण करने की आवश्यकता नहीं होती. बद्रीनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर अलकनंदा नदी के किनारे ब्रह्मकपाल तीर्थ स्थित है. यहां पर पितृ तर्पण या पिंडदान करने का विशेष महत्व है. ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित संजय हटवाल और हरीश सती कहते हैं कि गया और काशी में भी पिंडदान किया जाता है लेकिन ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व है. श्राद्ध पक्ष में गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन दिया जाता है. इसके साथ ही श्राद्ध में चावल की खीर बनाई जाती है. चावल को देवताओं का अन्न माना जाता है. इसलिए चावल की खीर बनाई जाती है. देवताओं और पितरों को चावल प्रिय है. इसलिए यह पहला भोग होता है. साथ ही चावल, जौ और काले तिल से पिंडदान बनाकर पितरों को अर्पित किए जाते हैं. आज श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन धाम में खराब मौसम के चलते ब्रह्मकपाल क्षेत्र में अपने पित्रों के पिंड दान तर्पण के लिए दिल्ली, दक्षिण भारत, नेपाल, राजस्थान, बंगाल सहित देश के भिन्न भिन्न राज्यों से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने पित्रों के नाम का पिंड दान तर्पण किया है. बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल का कहना है कि वंश वृद्धि के लिए पित्रों का पूजन करना चाहिए, प्रथम पिंड गया से प्रारंभ होता है और अंतिम पिंड बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल से. ब्रह्मकपाल वो तीर्थ है जिस तीर्थ में ब्रह्मा की भी हत्या होने के बाद भगवान शंकर पर ब्रह्म हत्या लग गयी, ब्रह्मा का एक सिर कट गया और यही बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल में उनके त्रिशूल से छूट पड़ा. यानी कि ब्रह्म हत्या का पाप भी पूर्ण हो गया अर्थात वो क्षेत्र भी विशेष रूप से पित्र प्रतिक्षा करते हैं. महाभारत में ये भी कहा गया है कि इस क्षेत्र के दर्शन से पितृ खुश हो जाते है अगर कुछ नहीं कर सकते तो हाथ ऊपर खड़े करिए और पितृों को याद करिए.
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बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल के पिंडदान से पितरों को मोक्ष, श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Karnaprayag, Uttarakhand:आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो गये है, बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के लिए सुबह से ही भारी भीड़ है. बदरीनाथ धाम में स्थित ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण का विशेष महातम्य है. मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से अन्य तीर्थों के मुकाबले आठ गुना अधिक पुण्य मिलता है. यहां पर भगवान शिव को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी. भगवान शिव ने क्रोधित होकर भगवान ब्रह्ना का पांचवा सिर काट डाला जो भगवान शंकर के त्रिशूल पर चिपक गया था । बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल को लेकर ये है मान्यता भी है कि ब्रह्म हत्या के पाप के मुक्ति के लिए भगवान शिव तीनों लोक घूमे. अंत मे बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में ज्यो ही पहुचे, त्यों ही यह सिर त्रिशूल से छूट गया और यह तीर्थ ब्रह्मकपाल कहलाया. पितरो को मोक्ष के चलते बदरीनाथ धाम को मोक्ष धाम भी कहते है. यहां पर पिंडदान करने के पश्चात पितरों को मोक्ष मिलने के काऱण अन्य जगह पिंडदान और तर्पण करने की आवश्यकता नहीं होती. बद्रीनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर अलकनंदा नदी के किनारे ब्रह्मकपाल तीर्थ स्थित है. इसे कपाल मोचन तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर पितृ तर्पण या पिंडदान करने का विशेष महत्व है. ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित संजय हटवाल और हरीश सती कहते हैं कि गया और काशी में भी पिंडदान किया जाता है लेकिन ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व है. श्राद्ध पक्ष में गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन दिया जाता है. इसके साथ ही श्राद्ध में चावल की खीर बनाई जाती है. चावल को देवताओं का अन्न माना जाता है. इसलिए चावल की खीर बनाई जाती है. देवताओं और पितरों को चावल प्रिय है. इसलिए यह पहला भोग होता है. साथ ही चावल, जौ और काले तिल से पिंडदान बनाकर पितरों को अर्पित किए जाते हैं. आज श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन धाम में खराब मौसम के चलते ब्रह्मकपाल क्षेत्र में अपने पित्रों के पिंड दान तर्पण के लिए देश के भिन्न भिन्न राज्यों से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने पित्रों के नाम का पिंड दान तर्पण किया है. बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल का कहना है कि वंश वृद्धि के लिए पित्रों का पूजन करना चाहिए, प्रथम पिंड गया से प्रारंभ होता है और अंतिम पिंड बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल से. ब्रह्मकपाल वो तीर्थ है जिस तीर्थ में ब्रह्मा की भी हत्या होने के बाद भगवान शंकर पर ब्रह्म हत्या लग गयी, ब्रह्मा का एक सिर कट गया और यही बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल में उनके त्रिशूल से छूट पड़ा. यानी कि ब्रह्म हत्या का पाप भी पूर्ण हो गया अर्थात वो क्षेत्र भी विशेष रूप से पित्र प्रतिक्षा करते हैं. महाभारत में ये भी कहा गया है कि इस क्षेत्र के दर्शन से पितृ खुश हो जाते है अगर कुछ नहीं कर सकते तो हाथ ऊपर खड़े करिए और पितृों को याद करिए.
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छतरपुर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्थानीय प्रशासन ने एक दिन स्कूल बंद किए

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर जिले में बीते 24 घंटे से अधिक हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के बीच हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में स्कूलो का एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है ।,लगातार हो रही बारिश की वजह से जिले की सभी नदी-नाले उफान पर हैं और कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। बमीठा-खजुराहो मुख्य मार्ग पर भी घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।,इसी मार्ग पर खजुराहो घूमने आए विदेशी पर्यटकों की एक बस पानी में फंस गई है। बस में सवार टूरिस्टों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और बस को निकाला , मौसम विभाग ने अभी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है。
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यूपी में भारी बारिश से 15 की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त; राहत अभियान तेज

Lucknow, Uttar Pradesh:स्लग - यूपी के 63 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राहत-बचाव तेज करने के निर्देश 48 घंटे में 15 लोगों की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त राहत आयुक्त ने DM को प्रभावित परिवारों से सीधे मिलने के दिए निर्देश एंकर - उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश और आंधी-तूफान से अब तक 15 लोगों की मौत, 4 पशुहानि और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। वी ओ - उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में करीब 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश नहीं हुई। वी ओ - भारी बारिश और आंधी-तूफान से प्रदेश में बड़ा नुकसान हुआ है। 15 लोगों की जनहानि, 4 पशुहानि, 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा 5 लोग घायल हुए हैं। जनहानि के मामले में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक मौत हुई है। अयोध्या में 2 और लखिमीपुर खीरी में 4 लोगों की मौत की सूचना है। वी ओ — मकानों का नुकसान बारिश और आंधी से कई जिलों में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बस्ती में 32, जालौन में 21, सुल्तानपुर में 8, अयोध्या और पीलीभीत में 7-7, बहराइच में 5, जबकि गाजीपुर और कानपुर देहात में 3-3 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है। वी ओ - राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। घायलों के उपचार की व्यवस्था, बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे और प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता देने के भी निर्देश दिए गए हैं। फायर सर्विस, PAC, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और SDRF की सेवाएं जरूरत के मुताबिक लेने को कहा गया है। वी ओ - प्रशासन को कच्चे मकानों के आसपास की स्थिति पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी जलभराव वाले क्षेत्रों का तत्काल संज्ञान लेंगे। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। वी ओ - नेपाल में बारिश से बढ़ी चिंता नेपाल में जारी भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए संबंधित जिलों में बाढ़ राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वी ओ - मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 36 घंटे में मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन एवं मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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लिफ्ट के बहाने नाबालिग के साथ दुष्कर्म: तीन गिरफ्तार

Darbhanga, Bihar:लिफ्ट देने के बहाने नाबालिग छात्रा को बाइक पर ले जाकर ननिहाल ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोप में बिरौल थाना क्षेत्र में तीन गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य आरोपी प्रविंद्र मांझी और उसके पिता जामुन मांझी और एक सहयोगी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने 25 सितंबर की देर शाम थाने में आवेदन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों के ठिकानों पर छापा मारकर दो नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारियों के समय मुख्य आरोपी प्रविंद्र मांझी के पिता जामुन मांझी को भी गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने पीड़ित परिवार को धमकाने और झूठे केस में फंसाने का धमकी दी थी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्रा के लिफ्ट देकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप मुख्य आरोपी पर है। आवेदन में जामुन मांझी पर भी पीड़िता के परिजनों को डराने-धमकाने और केस उठाने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी परिवार और पीड़ित परिवार के बीच पारिवारिक संबंध हैं और प्रविंद्र मांझी का प्रेम प्रसंग का एंगल दिख रहा है। लेकिन चूंकि पीड़िता नाबालिग है, मामला गंभीर है, नाबालिग को बाइक से ले जाकर ननिहाल में एक रात रकha गया है, दुष्कर्म से जुड़ा है, इसलिए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। पीड़िता के बयान, घटना की परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मैनपुरी-करहल दो दिन की रिमझिम बारिश ने नगर पंचायत करहल की व्यवस्थाओं की खोल दी पोल !

Ajay KumarAjay KumarFollow11m ago
Rahan Kalan, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल में महज दो दिन की रिमझिम बारिश ने नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोटा माल मंदिर रोड पर बारिश का पानी इस कदर जमा हो गया कि सड़क और आसपास का क्षेत्र जलमग्न नजर आने लगा। हालात ऐसे हैं कि मोटा माल मंदिर महाराज का मंदिर परिसर भी नाले का गंदा पानी से भर गया,जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है- कि अगर दो दिन की बारिश में यह हाल है,तो लगातार बारिश होने पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है,लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था कर जलभराव की समस्या का जल्द समाधान कराया जाए। अब सवाल यही है—जब रिमझिम बारिश में ही करहल की सड़कें पानी-पानी हो गईं, तो तेज बारिश में हालात क्या होंगे ?
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कानपुर के इटर्रा गांव में बंबा की पटरी कटने से पानी गांव में घुसना शुरू

Kanpur, Uttar Pradesh:इटर्रा गांव में बंबा की पटरी कटी, गांव में घुसा पानी ग्रामीण परेशान, रात में खुद संभाला मोर्चा; प्रशासन को दी गई सूचना कानपुर के घाटमपुर इटर्रा गांव में बंबा की पटरी कट जाने से पानी गांव की ओर बढ़ने लगा, जिससे ग्रामीणों में परेशानी और चिंता बढ़ गई। पानी का बहाव रोकने के लिए ग्रामीणों ने रात में ही मौके पर पहुंचकर किसी तरह मिट्टी और बोरियों की मदद से अस्थायी इंतजाम किया。 ग्रामीणों की माने तो गांव में पानी बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर तत्काल टीम भेजकर कटी हुई पटरी की मरम्मत कराने और पानी को गांव में घुसने से रोकने की मांग की है। फिलहाल ग्रामीण खुद ही स्थिति संभालने में जुटे हुए हैं。
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बागपत के गांव में Zee हेल्पलाइन ने तालाब खुदवाई कराते पानी निकासी शुरू की

Baghpat, Uttar Pradesh:लोकेशन :: बागपत एंकर : Zee helpline ने एक बार फिर बागपत के गांव के लोगों को राहत दिलाई है जहां बड़ा शिव मंदिर के पास तालाब गंदगी अटा हुआ है और पानी की निकासी नहीं होने के चलते गांव की गलियों में जलभराव है जिसकी वजह से गांव के लोगों को पिछले काफी समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था काफी शिकायत के बाद भी जब जिले के अधिकारी ने नहीं सुनी तो Zee helpline ने मदद की ओर अब गांव में पानी निकासी कार्य शुरू किया गया है और जल्द ही तालाब की खुदाई कराकर समस्या का निस्तारण कराने की भी बात कही है। दरअसल आपको बता दें कि मामला बड़ौत तहसील क्षेत्र में बिनोली ब्लॉक के पुसार गांव का है जहां पुसार गांव में स्थित बड़ा शिव मंदिर के पास एक तालाब है जो पिछले काफी समय से गंदगी से अटा हुआ है जिसकी वजह से गांव में पानी निकासी नहीं हो रही थी और लोग गंदगी के पानी से गुजरने को मजबूर थे जिसका कारण गांव के लोगों ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ब्लॉक से लेकर जिले के अधिकारियों से ग्रामीणों ने गुहार लगाई लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ इतना ही नहीं किसान समरपाल सिंह ने बताया कि तालाब में गंदगी होने की वजह से पानी निकासी नहीं हो रही है और तालाब के उनके खेतों में भी पानी भरा हुआ है फसल पूरी तरह खराब हो गई थी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है लेकिन समाधान नहीं हुआ और अब Zee हेल्पलाइन से उन्हें उम्मीद जागी है। वही गांव के शिकायतकर्ता अमरपाल सिंह ने बताया कि गांव मंदिर के पास तालाब की शिकायत कई बार अधिकारियों से की थी लेकिन समस्या का समाधान नहीं जी हेल्पलाइन पर फोन किया तो अधिकारी हरकत में आए हैं और पानी निकासी के लिए पंप भेजा गया है और जल्द ही तालाब की खुदाई कराने की बात कह रहे हैं. ग्रामीणों ने Zee Media का धन्यवाद किया। वही Zee हेल्पलाइन की टीम ने जिले के डीएमSDM व तहसीलदार से बात की तो उन्होंने ऑन कैमरा बोलने से इंकार कर दिया और-off-camera कहा कि जल्द ही तालाब की खुदाई कराकर समस्या का निस्तारण कर दिया जायेगा.
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