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मिशन शक्ति फेज-6: कक्षा 8 की छात्रा भिनगा कोतवाली प्रभारी बनी

Shravasti, Uttar Pradesh:यूपी के श्रावस्ती जिले में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिला सशक्तिकरण और जागरूकता को लेकर अनूठी पहल की गई। भिनगा कोतवाली में कक्षा 8 की छात्रा माही सिंह को कोतवाली प्रभारी बनाया गया। इस दौरान सीओ और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भी मौजूद रहे। तस्वीरें श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली की हैं, जहां मिशन शक्ति फेज-6 के तहत बीएस एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल की कक्षा 8 की छात्रा माही सिंह को कोतवाली प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान सीओ और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में छात्रा माही सिंह ने थाने में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची महिला की शिकायत सुनी। छात्रा ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। मिशन शक्ति के तहत इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना और उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है。
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सचिन पायलट पंजाब दौरे से पहले ड्रग-गैंगस्टर मुक्त करने का आह्वान

Noida, Uttar Pradesh:चंडीगढ़ : सचिन पायलट ने पंजाब दौरे से पहले कहा कि जिस तरह से पंजाब में लगातार गैंगस्टरों के थर्ड पर पंजाब के लोग हैं और मारे जा रहे हैं उसमें उन पीड़ित परिवारों से वह मुलाकात करेंगे और आने वाले दिनों के बीच अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट में जाकर उन लोगों का हाल जाना जाएगा पुराने वाले दिनों के बीच कांग्रेस ही पंजाब में ड्रग और गैंगस्टर मुक्त कर सकती है। सचिन पायलट ने कांग्रेस के आपसी विवाद को लेकर कहा कि एकजुट होकर हम पंजाब में जाएंगे और लोगों को आम आदमी पार्टी ही नहीं बल्कि कांग्रेस से उम्मीद है जिसमें एक छूट होकर सभी आने वाले चुनाव में परफॉर्म करेंगे। अमित शाह को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि जिस तरह से वह आज पंजाब में नशा और गैंगस्टर खत्म करने की बात कह रहे हैं उसमें 12 से 13 साल हो चुके हैं लेकिन इससे पहले उन्हें पंजाब की याद नहीं आई अब ऐलान करने का नहीं बल्कि एक्शन करने का समय है
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मथुरा में अचानक बदले मौसम से धान की ढेरियां पानी में बहीं, सरसों पर खतरा

Mathura, Uttar Pradesh:अचानक बदले मौसम से धान बहा, सरसों की फसल पर संकट मथुरा। जिले में बृहस्पतिवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मंडी में जलभराव से धान की ढेरियां पानी में बह गईं और बोरियां भीग गईं। वहीं, खेतों में हाल ही में बोई गई सरसों की फसल पर भी बारिश के असर की आशंका जताई जा रही है। दोपहर को हुई बारिश से कृषि उत्पादन मंडी समिति में जलभराव हो गया। पानी में खुले में रखी धान की ढेरियां बह गईं और बोरियों में भरा धान भीग गया। इससे किसानों और आढ़तियों को काफी नुकसान हुआ है। मंडी प्रशासन ने पंप चलाकर पानी निकलवाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। दोपहर में तेज आंधी के बाद शहर में करीब दो घंटे रिमझिम बारिश हुई। छाता-कोसी क्षेत्र में पहले तेज बारिश हुई। आंधी से कई जगह तिरपाल, टीन और छप्पर उड़ गए। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। मंडी सचिव रेनू वर्मा ने बताया कि मंडी में जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। पंप पहले से चलवाए गए थे, लेकिन नालियों पर बोरियां रखे होने के कारण कुछ स्थानों पर पानी भर गया। मंडी प्रशासन व्यवस्था संभालने में जुटा रहा。 जिले में अब तक करीब 40 प्रतिशत सरसों की बुवाई हो चुकी है। खेतों में पानी भरने से हाल ही में बोए गए बीज खराब होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर आलू और मटर की अगेती बुवाई भी हुई है。 जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि छाता-कोसी क्षेत्र में नुकसान की आशंका है। शुक्रवार को सर्वे कराकर फसलों के नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
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किशनगढ़ के यज्ञनारायण अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा फिर से शुरू, तीन साल बाद राहत

Kishanganj, Bihar:किशनगढ़ के राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में पिछले करीब तीन साल से बंद पड़ी सोनोग्राफी जांच सुविधा आखिरकार फिर शुरू हो गई है। चिकित्सा विभाग की इस पहल से गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब मरीजों को सोनोग्राफी जांच के लिए निजी केंद्रों के चक्कर लगाने और अतिरिक्त खर्च उठाने से निजात मिलने की उम्मीद है। सोनोग्राफी सुविधा शुरू करवाने के लिए सीएमएचओ डॉ. ज्योत्सना रंगा यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचीं और जांच व्यवस्था शुरू करवाई। इस दौरान अस्पताल के पीएमओ डॉ. परसाराम चौधरी भी मौजूद रहे।अस्पताल में लंबे समय से सोनोग्राफी सुविधा बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस मुद्दे को लेकर पूर्व पार्षद किशन गुर्जर ने चिकित्सा विभाग को 19 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि तय समय तक सुविधा शुरू नहीं हुई तो 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। धरने की चेतावनी और लगातार उठ रही मांगों के बीच चिकित्सा विभाग सक्रिय हुआ और अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने से पहले ही सोनोग्राफी सुविधा शुरू कर दी गई।सोनोग्राफी सुविधा को सुचारू रखने के लिए भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए विधायक डॉ. विकास चौधरी ने अस्पताल की मेडिकल रिलीफ सोसायटी (एमआरएस) की बैठक में भुगतान का प्रस्ताव पारित करवाया था। अब एमआरएस फंड से भुगतान किया जाएगा, जिससे जांच सुविधा जारी रखने में मदद मिलेगी।करीब तीन साल से बंद पड़ी इस सुविधा के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अब सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि अस्पताल में सोनोग्राफी जांच नियमित रूप से उपलब्ध रहती है या नहीं, ताकि मरीजों को दोबारा परेशानी का सामना न करना पड़े।बाइट सीएमएचओ डॉ. ज्योत्सना रंगा
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अजमेर: पेंशनर्स समाज ने काली दिवाली का आह्वान, सरकार के खिलाफ विरोध तेज

Ajmer, Rajasthan:अजमेर में राजस्थान पेंशनर्स समाज ने काली दिवाली मनाने का आव्हान किया है..सरकार के खिलाफ आक्रोशित राज्य कर्मचारी पेंशनर्स समाज ने कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया..कलेक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र सेवानिवृत कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ चुनाव के कार्य निष्पादित कर रही हे जबकि राज्य कर्मचारियों के हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा दिवाली दशहरा जैसे बड़े त्योहारो पर भी अभी तक बोनस की घोषणा भी नहीं की गई है..अनेक मांगों को लेकर नाराजगी दर्ज करवा रहे पेंशनर्स समाज ने दीपावली बाद सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है।
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चंबल के बीहड़ में आस्था का धाम: बुढ़वा माता मंदिर की आह्लादित यात्रा

Dholpur, Rajasthan:कभी गोलियों से गूंजते थे बीहड़, आज घंटियों से गूंजता है बुढ़वा माता का दरबार धौलपुर: चंबल के नाम से आज भी लोगों के जेहन में घने बीहड़, गहरी खाइयां और बंदूकों की तड़तड़ाहट की तस्वीर उभरती है। लेकिन इन्हीं दुर्गम बीहड़ों के बीच आस्था का एक ऐसा धाम भी बसा है, जहां कभी बंदूकों की नहीं, बल्कि मंदिर की घंटियों और झालरों की गूंज सुनाई देती थी। हम बात कर रहे हैं धौलपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर नीम बसई गांव की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन बुढ़वा माता जी के मंदिर की。 चंबल के बीहड़ों की गोद में बसा यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इतिहास और लोक विश्वास का अनूठा संगम भी है。 स्थानीय निवासी रिंकू शर्मा बताते हैं मैं बचपन से ही माता के दर्शन करने आ रहा हूं। यह मंदिर हमारी आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। पुराने समय में जब बीहड़ों में बागियों का राज था, तब भी वे हथियार छोड़कर माता के दरबार में माथा टेकने आते थे। वे माता को अपनी आराध्य देवी मानते थे और अपनी मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में घंटा-झालर चढ़ाते थे। सबसे बड़ी बात यह थी कि बागी भी माता के सामने झूठ बोलने से डरते थे。 तात्या टोपे का भी रहा है नाता: इस मंदिर का संबंध इतिहास के पन्नों से भी जुड़ा है। बताते हैं कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महान क्रांतिकारी तात्या टोपे भी यहां आए थे। अंग्रेजों से बचते हुए जब उन्हें चम्बल के बीहड़ों को पार कर नदी के पार जाना था, तब मंदिर के तत्कालीन महंत भगवान दास जी महाराज ने उनकी मदद की थी और उन्हें सुरक्षित बीहड़ों से निकालकर चंबल पार कराया था。 नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब: पहाड़ी की चोटी पर स्थित होने के कारण यहां तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा कठिन जरूर है, लेकिन चारों ओर फैले चंबल के विहंगम बीहड़ और शांत वातावरण इस यात्रा को यादगार बना देते हैं। नवरात्र के दिनों में तो यहां का नजारा ही कुछ और होता है। धौलपुर ही नहीं, बल्कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांवों से श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं。 पहाड़ी पर गूंजते जयकारे और हवा में लहराती घंटियों की आवाज बताती है कि कैसे एक समय गोलियों की आवाज के लिए बदनाम चंबल के बीहड़ आज भी अपनी गोद में आस्था और विश्वास की ऐसी विरासत को संजोए हुए हैं。 यह मंदिर सिर्फ एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि चंबल की बदलती पहचान का प्रतीक है। कभी डकैतों की शरणस्थली रहे बीहड़ आज आस्था और शांति का संदेश दे रहे हैं
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झीलझिलमिल रिज़र्व खुला: 15 अक्टूबर से 30 जून तक पर्यटकों को मिलेगा दीदार

Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में स्थित रिजर्व वन क्षेत्र झिलमिल झील को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। सैलानी 15 अक्टूबर से 30 जून तक यहां की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। झिलमिल झील में गेट पर्यटकों के लिए खोले गए। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के प्रति पर्यटकों का आकर्षण लगातार बढ़ा है। झिलमिल झील में पर्यटकों को हाथी, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, चीतल और सांभर जैसे वन्यजीव देखने का मौका मिलता है। इसके साथ ही कई बार यहां बाघ की मौजूदगी भी पर्यटकों के रोमांच को बढ़ा देती है। प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर झिलमिल झील एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। वन विभाग को उम्मीद है कि इस सीजन में भी यहां पर्यटकों की अच्छी आवाजाही देखने को मिलेगी。
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सदर बाजार की बाढ़ जैसी स्थिति: चार दिनों से जलजमाव, राजनीतिक नुमाइंदे नदारद

New Delhi, Delhi:सदर बाजार को नरक बाजार यूं ही नहीं कहा जाता आप यहां की हालत देखकर खुद चौंक जाएंगे ना यह बाढ़ का पानी है और ना ही यह बारिश का पानी यह सीवर का पानी है पिछले 4 दिन से लगातार सदर बाजार के तेली वाडा और महावीर बाजार आप देख सकते हैं कि यहां पर किस तरह पानी भरा हुआ है घुटनों घुटनों तक आना-जाना लोगों का दुर्भर हो गया है ऐसे में जब त्यौहार चल रहे हैं और त्योहारों के समय महावीर बाजार से लेकर तेली वाडा चौक तक हालात दिखे की नरक से भी बदतर है लगातार चार दिन होने के बाद लोगों का आक्रोश फूटा लोग सड़कों पर बैठे है व्यापारी से लेकर यहां के स्थानीय निवासी तक परेशान हैं लोगों में गुस्सा आप देख सकते हैं कि किस कदर गुस्सा है आखिर इन हालातो के लिए कौन जिम्मेदार है लोगों का कहना है कि ना तो यहां पर सांसद महोदय ना ही विधायक महोदय और ना ही पार्षद महोदय नजर आती है जहां तक आपकी नजर जाएगी आपको अपनी ही पानी देखने को मिलेगा 2 किलोमीटर दूर तक यह नजारा है जहां सीवर का पानी सड़कों पर है लोगों का गुस्सा तो इस कदर पड़ा है कि लोगों ने अब उम्मीद ही छोड़ दी है
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NHM कार्यालय के बाहर एंबुलेंसकर्मी हड़ताल: 108 कर्मी मांगों पर अड़े

Ranchi, Jharkhand:NHM कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर 108 एंबुलेंस कर्मियों का जारी है हड़ताल अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है एंबुलेंस कर्मी राज्यभर में ठप रखी गई है 108 एंबुलेंस सेवा एंबुलेंस कर्मी की मांगे सिविल सर्जन के माध्यम से कराया जाए एंबुलेंस कर्मियों का मासिक भुगतान सरकारी स्तर पर हो संचालन सम्मान फाउंडेशन द्वारा हटाए गए कर्मियों को जल्द जल्द बहाल करने की मांग राज्यभर के एंबुलंस कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार पूर्ण रूप सुनिश्चित किया जाए
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ध्रुव राठी के बयान से केंद्र-सेना के खिलाफ उकसावे का आरोप; शिकायत दर्ज

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के एक वकील विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर, नार्थ डीसीपी DCP और रूप नगर थाना प्रभारी को शिकायत दी है शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ध्रुव राठी ने इंटरव्यू में भारतीय सेना और पुलिस को सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया शिकायतकर्ता का दावा है कि ध्रुव राठी के बयान देश और केंद्र सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश तथा साजिश से जुड़े हैं शिकायत में सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने ध्रुव राठी के आर्थिक स्रोतों और कथित संपर्को की जांच करने के साथ उनका पासपोर्ट जब्त करने की भी मांग की है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच करने की अपील की गई
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हांसी मंडी में धान खरीदी-उठान ठप, बारिश से संकट बढ़ा

Hansi, Haryana:हांसी मंडी में किसान परेशान, खरीद और उठान ठप होने से बढ़ी मुश्किलें आाने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना से बढ़ी चिंता, गेहूं की आवक शुरू होने पर छोटी मंडी में बढ़ सकता है दबाव हांसी की अनाज मंडी में धान की खरीद और उठान की धीमी प्रक्रिया किसानों व आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी में धान की आवक करीब 47 हजार क्विंटल तक पहुंच चुकी है, जबकि अब तक करीब 16 हजार क्विंटल धान की सरकारी खरीद हुई है। उठान की रफ्तार धीमी होने के कारण मंडी में धान के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं आढ़तियों को भी मंडी में जगह की कमी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दे कि आने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मंडी में बड़ी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। यदि बारिश होती है तो किसानों की मेहनत से तैयार की गई फसल भीगने और खराब होने का खतरा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का आरोप है कि धान की खरीद समय पर नहीं हो रही और निजी खरीद में भी फसल के भाव में कटौती की जा रही है। धानी धान की खरीद और उठान में देरी के बीच आने वाले समय में गेहूं की भारी आवक शुरू होने की संभावना भी मंडी प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकती है। हांसी की मंडी का क्षेत्र सीमित होने के कारण यदि धान का उठान समय पर नहीं हुआ और गेहूं की आवक बढ़ गई, तो फसल रखने के लिए जगह की कमी हो सकती है। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसान दिलबाग का कहना है कि धान की सरकारी खरीद में तेजी लाई जाए, निजी खरीद में उचित भाव सुनिश्चित किया जाए और मंडी में जमा फसल का जल्द उठान करवाया जाए, ताकि बारिश से फसल को बचाने के साथ-साथ आगामी गेहूं सीजन के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।
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जामताड़ा में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, बकाया मानदेय ने बढ़ाई तकरार

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा में साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित, नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी जामताड़ा। चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित कर्मियों ने سुभाष चौक, टावर चौक और मुख्य बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में कचरा फैलाकर अपना विरोध जताया। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे。 प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष से लेकर वरीय अधिकारियों तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण कर्मियों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया。 कर्मियों ने स्पष्ट कहा कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की。 वहीं, दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरा फैलने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। व्यस्त इलाकों में गंदगी के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। ऐसे में सफाईकर्मियों का आंदोलन नगर पंचायत प्रशासन के सामने चुनौती बन गया है。 अब सवाल यह है कि नगर पंचायत प्रशासन सफाईकर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान कब तक करता है और शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठाता है。
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