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ASAbdul SattarFollow10 Aug 2024, 03:31 am
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रोमानिया की महिला पर्यटक मंडावा में मौत: राजस्थान भ्रमण पर हड़कंप

Jhunjhunu, Rajasthan:मंडावा, झुंझुनूं मंडावा घूमने आई रोमानिया की महिला पर्यटक की मौत चूड़ी अजीतगढ़ स्थित विवाना होटल में ठहरी थी महिला पर्यटक होटल में ही अचानक बिगड़ी तबीयत, मुकुंदगढ़ अस्पताल ले जाया गया मुकुंदगढ़ से नवलगढ़ जिला अस्पताल किया गया रेफर नवलगढ़ अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित मध्यप्रदेश/अन्य सूचना: डीएसपी सुगन सिंह पहुंचे अस्पताल, दूतावास और परिजनों को दी जा रही सूचना मौत के कारणों का फिलहाल नहीं हुआ खुलासा झुंझुनूं जिले के मंडावा घूमने आए विदेशी पर्यटकों के दल में शामिल रोमानिया की एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। महिला चूड़ी अजीतगढ़ स्थित विवाना होटल में अपने ग्रुप के साथ ठहरी हुई थी। शनिवार सुबह होटल में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद होटल प्रबंधन उसे उपचार के लिए मुकुंदगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां से महिला को नवलगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार रोमानिया निवासी महिला पर्यटक करीना इएकैप राजस्थान भ्रमण पर आए पर्यटकों के दल के साथ झुंझुनूं पहुंची थी। दल मंडावा भ्रमण के लिए आया हुआ था और चूड़ी अजीतगढ़ स्थित विवाणा होटल में ठहरा हुआ था। सुबह महिला की तबीयत खराब होने पर होटल प्रबंधन उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी सुगन सिंह नवलगढ़ जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डीएसपी ने बताया कि महिला रोमानिया की निवासी थी और अपने ग्रुप के साथ विवlanden होटल में रुकी हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर होटल प्रबंधन उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था, जहां चिकित्सकों ने ब्रॉट डेड घोषित कर दिया।पुलिस की ओर से संबंधित दूतावास और महिला के परिजनों को सूचना दी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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झुंझुनूं में दीपावली पर मिट्टी के दीये-कलश की मांग बढ़ी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं दीपावली पर बाजार में स्वदेशी वस्तुओं की बढ़ी मांग मिट्टी के दीये और कलश की खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह डिजाइनर दीयों की बाजार में धूम, कुम्हारों के चाक की रफ्तार हुई तेज बढ़ती मांग से कुम्हारों के चेहरे खिले, दिन-रात सामान तैयार करने में जुटे दीयों की बिक्री से कुम्हार परिवारों को भी दीपावली पर अच्छी आमदनी की उम्मीद दीपावली के त्योहार पर बाजारों में इस बार स्वदेशी उत्पादों की रौनक देखते ही बन रही है। घरों को सजाने से लेकर पूजा-पाठ तक के लिए लोग स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर मिट्टी के दीयों और कलश की बढ़ती मांग ने वर्षों से इस परंपरा को संजोए रखने वाले कुम्हारों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ ही कुम्हारों के चाक की रफ्तार भी तेज हो गई है। चिकनी मिट्टी को हाथों के हुनर से अलग-अलग आकार और आकर्षक डिजाइन में ढालने का काम इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है। कुम्हार दिन-रात मिट्टी के दीये, कलश और अन्य सजावटी सामान तैयार करने में जुटे हैं। इस बार बाजार में पारंपरिक छोटे-बड़े दीयों के साथ डिजाइनर दीयों की भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है। वहीं, पूजा के लिए छोटे से लेकर बड़े आकार के मिट्टी के कलश भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।स्थानीय कुम्हारों का कहना है कि इस बार मिट्टी के उत्पादों की मांग अच्छी है। ग्राहकों की पसंद को देखते हुए उन्हें पहले से ज्यादा सामान तैयार करना पड़ रहा है। दरअसल, मिट्टी के दीये केवल दीपावली पर घरों को रोशन करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये कुम्हारों की पीढ़ियों से चली आ रही कला और संस्कृति के भी प्रतीक हैं। ऐसे में मिट्टी के दीयों की हर खरीदारी से एक तरफ स्वदेशी परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है, तो दूसरी तरफ कुम्हार परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिल रहा है। इस बार दीपोत्सव की खुशियां बाजारों के साथ कुम्हारों के घरों में भी रोशनी और समृद्धि की उम्मीद लेकर आई हैं। बाइट 01 : कुम्भकार (टी शर्ट पहने हुए) बाइट 02 : मिट्टी के बर्तन खरीदने आया व्यक्ति
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चिड़ावा बस स्टैंड पर पैर फिसले, युवक टायर के नीचे आकर घायल; झुंझुनूं

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा, झुंझुनूं चिड़ावा- प्राइवेट बस के नीचे आने से युवक गंभीर घायल बस में चढ़ते समय पैर फिसलने से टायर के नीचे आए युवक के पैर नूनिया गोठड़ा निवासी संदीप चिड़ावा टाइल्स फैक्ट्री में करता है काम चिड़ावा बस स्टैंड पर घर जाने के लिए बस में चढ़ते समय हुआ हादसा दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना घायल को चिड़ावा उपजिला अस्पताल से गंभीर हालत में झुंझुनूं किया रेफर झुंझुनूं जिले के चिड़ावा बस स्टैंड पर प्राइवेट बस में चढ़ते समय एक युवक हादसे का शिकार हो गया। पैर फिसलने से युवक के पैर बस के टायर के नीचे आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की पूरी घटना बस स्टैंड के पास एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।जानकारी के अनुसार नूनिया गोठड़ा निवासी संदीप चिड़ावा में टाइल्स फैक्ट्री में काम करता है। वह चिड़ावा से अपने गांव नूनिया गोठड़ा जाने के लिए बस स्टैंड पर प्राइवेट बस में चढ़ रहा था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह नीचे गिर गया और उसके पैर बस के टायर के नीचे आ गए। हादसे में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हादसे के बारे में बस चालक को जानकारी देने के बावजूद उसने बस नहीं रोकी। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तत्काल चिड़ावा उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।युवक की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए झुंझुनूं रेफर कर दिया。 बाइट : प्रत्यक्षदर्शी
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मधुबन जलाशय विवाद: ग्रामीणों का बड़ा पलटवार; नोटिस का जवाब, पट्टा रद्द करने की मांग

Saiki, Bihar:स्लग/सारंगढ़: मधुबन जलाशय विवाद पर ग्रामीणों का बड़ा पलटवार; नोटिस का दिया जवाब, मछुआरा समिति का पट्टा रद्द करने की मांग एंकर/सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जल संसाधन उपसंभाग द्वारा मधुबन जलाशय मामले में 6 ग्रामीणों को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब मामला पूरी तरह गर्मा गया है। नोटिस के जवाब में मधुबन गाँव के दर्जनों ग्रामीण भारी संख्या में अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) कार्यालय पहुँचे और अपना लिखित जवाब सौंपा। ग्रामीणों ने विभाग को सौंपे गए जवाब में स्पष्ट किया है कि उन्होंने जलाशय के गेट का दरवाजा नहीं तोड़ा है और न ही वहाँ किसी प्रकार की तोड़फोड़ की है। उन्होंने प्रशासन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया है। कार्यालय में अपनी बात रखते हुए ग्रामीणों ने दो टूक माँग रखी कि विभाग या तो किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराए या फिर मछुआरा समिति को व्यावसायिक मछली पालन के लिए जल आवंटन की व्यवस्था रोके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने संबंधित मछुआरा समिति का पट्टा तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का भी अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य समस्या को उजागर करते हुए बताया कि वे इस जलाशय के पानी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। लेकिन मछुआरा समिति द्वारा इसमें व्यावसायिक मछली पालन के कारण लगातार अपशिष्ट पदार्थ डाले जा रहे हैं, जिससे पूरा पानी प्रदूषित होकर पीने योग्य नहीं बचा है। प्रशासन द्वारा जारी नोटिस और ग्रामीणों के इस तीखे प्रतिवाद के बाद क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिके हैं कि जल संसाधन विभाग इस पूरे मामले में आगे क्या निष्पक्ष कदम उठाता है।
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