मोंठ में किसान ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में पिया जहरिला पदार्थ
Moth, Uttar Pradesh:झांसी के मोंठ में अपने खेत में प्रशासन द्वारा नाला खोदने के विरोध में एक किसान ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही जहरिले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ गई और प्रशासन ने उसे तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया। वहां हालत नाजुक होने पर प्रशासन के अधिकारी उसे अपनी ही सरकारी गाड़ी से झांसी मेडिकल कॉलेज ले गए। फिलहाल किसान की हालत नाजुक बनी हुई है।
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जनता दर्शन में मिली श्रुति की पढ़ाई का जिलाधिकारी ने लिया फीडबैक, बोले—कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न हो
Orai, Uttar Pradesh:जालौन: जिलाधिकारी जालौन ने दिव्यांग बालिका का विद्यालय पहुंचकर जाना हाल, सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित, अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की अपील जनता दर्शन में अपने पिता के साथ पहुंची दिव्यांग बालिका श्रुति की शिक्षा की राह आसान बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल अब आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय, काशीराम कॉलोनी पहुंचे और विद्यालय में दाखिला लेने वाली श्रुति से मुलाकात कर उसकी पढ़ाई, विद्यालय में उपस्थिति और सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बच्चे को परिस्थितियों के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए और प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। कुछ दिन पूर्व जनता दर्शन में श्रुति अपने पिता के साथ पहुंची थी। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी को जानकारी हुई कि पारिवारिक परिस्थितियों और बालिका की शारीरिक स्थिति के कारण वह औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रही थी। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहल कर बालिका का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। अब श्रुति की पढ़ाई की स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी स्वयं विद्यालय पहुंचे और उससे बातचीत कर उसका उत्साह बढ़ाया।जिलाधिकारी समीर ने कहा कि सामान्य बच्चों के साथ नियमित रूप से विद्यालय आने और पढ़ाई करने से श्रुति में सीखने की रुचि विकसित होगी तथा उसे जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास केवल दाखिला कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि बालिका की शिक्षा निरंतर जारी रहे। उन्होंने कहा कि वह आगे भी श्रुति की पढ़ाई की जानकारी लेते रहेंगे, ताकि उसे शिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने विद्यालय का सामान्य निरीक्षण भी किया तथा प्रधानाचार्य को परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षित वातावरण और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए, जहां बच्चे उत्साह के साथ पढ़ाई करें और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि पारिवारिक या आर्थिक परिस्थितियां चाहे जैसी हों, लेकिन बच्चों को शिक्षा के अवसरों से वंचित नहीं रखना चाहिए। यदि माता-पिता को स्वयं जीवन में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए, तो उन्हें यह प्रयास करना चाहिए कि उनके बच्चों का भविष्य शिक्षा के अभाव में प्रभावित न हो। सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ अभिभावकों की जागरूकता और सहयोग भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि शासन की नीतियों के अनुरूप हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने तथा जीवन में आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
