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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow4 Nov 2024, 01:06 pm
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दिल्ली के कालकाजी मंदिर में नवरात्र के आखिरी दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी

New Delhi, Delhi:आज नवरात्र का आखिरी दिन है और आखिरी दिन दिल्ली के प्रसिद्ध कल्काजी मंदिर में माता कालका के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखा जा रहा है जहाँ आज सुबह से ही श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने के लिए लंबी लाइनों में लगकर माता कालका के दर्शन कर रहे हैं इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी लाइन में लगकर माता के भवन तक पहुंच रहे हैं और माता की जय कार्य करते हुए नवरात्र के आखिरी दिन माता कालका के दर्शन कर रहे हैं. वही हम आपको बता दे कालकाजी मंदिर में सालों भर माता कालका के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ देखी जाती है लेकिन नवरात्र के अवसर पर विशेष तौर पर कालकाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पूजा का विशेष आयोजन होता है इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने के लिए पहुंचता है जिसको देखते हुए बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्ध सैनिक बल की तैनाती की जाती है और मंदिर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे के साथ ही सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाता है आज नवरात्र का आखिरी दिन है ऐसे में श्रद्धालुओं के भेद नवरात्र के आखिरी दिन भी देखने को मिल रहा.
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कश्मीर के दुर्गानाग मंदिर में अष्टमी-नवमी का दुर्लभ संयुक्त उत्सव

Chaka, अष्टमी-नवमी का दुर्लभ संयोग पर कश्मीर में मंदिरों में धूम। कश्मीरी पंडितों ने ऐतिहासिक दुर्गानाग मंदिर में घर वापिस 90 के दशक से पहले वाले भाईचारे की प्रार्थना की। इस साल एक दुर्लभ और शुभ संयोग के चलते महा अष्टमी और महा नवमी एक ही दिन पड़े, जिससे नवरात्रि का नौवां दिन पूरे कश्मीर में एक बड़े उत्सव में बदल गया। कश्मीरी पंडितों ने इस अवसर को गहरी धार्मिक आस्था, विस्तृत अनुष्ठानों और सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं के साथ मनाया। इस दौरान समुदाय ने एक बार फिर अपने अतीत को याद किया और साथ ही बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जताई। इन उत्सवों का मुख्य केंद्र श्रीनगर का ऐतिहासिक दुर्गानाग मंदिर रहा, जो पूरी कश्मीर घाटी में माता दुर्गा की एकमात्र 'स्थापना' (मंदिर) है। 1990 के दशक से पहले, यह मंदिर बड़े उत्सवों का एक जीवंत केंद्र हुआ करता था, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते थे। आज भी यहाँ भक्तों का तांता लगा रहा, जिन्होंने प्रार्थना की और माता को फूल, फल तथा पारंपरिक कश्मीरी शाकाहारी व्यंजन अर्पित किए। दिन भर विशेष पूजा-अर्चना हुई, जिसमें लगातार मंत्रों का जाप और 'दुर्गा सप्तशती' का पवित्र पाठ किया गया। मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय था; हवा में धूप-अगरबत्ती की सुगंध और शंख की ध्वनि गूंज रही थी। कश्मीरी पंडितों के लिए, इस साल अष्टमी और नवमी का एक साथ पड़ना विशेष भावनात्मक महत्व रखता है। महा नवमी देवी दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। जो बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत को दर्शाती है। दशकों तक उथल-पुथल झेलने वाली इस भूमि पर, शक्ति, धैर्य और दैवीय सुरक्षा का संदेश लोगों के दिलों को छू गया। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ 'कन्या पूजन' किया, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी का साक्षात रूप मानकर उनकी पूजा की गई और उनसे सुख-समृद्धि, सुरक्षा तथा शांति का आशीर्वाद मांगा गया। कई नए मंदिर खुल रहे हैं और हालात हर दिन बेहतर हो रहे हैं। हम चाहते हैं कि ऐसा ही माहौल बना रहे। हमने उसी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के लिए प्रार्थना की, जिसके साथ हम कभी रहा करते थे। हमारी कामना है कि वह भाईचारा फिर से लौट आए। दुर्गानाग मंदिर में बुजुर्गों ने याद किया कि कैसे कभी यहाँ भव्य उत्सव हुआ करते थे, जो पूरी घाटी के लोगों को एक साथ ले आते थे। उन्होंने इच्छा जताई कि भक्ति और आपसी भाईचारे का वही माहौल न केवल इस पवित्र स्थल पर, बल्कि पूरे क Kashmir के सामाजिक ताने-बाने में भी जल्द लौट आए। कई अन्य लोगों ने भी यही भावना दोहराई और एक ऐसी उम्मीद का जिक्र किया जो भले ही शांत है, लेकिन लगातार बढ़ रही है। समुदाय की prarthnanाओं में अक्सर 'नब्बे के दशक से पहले के हालात' का जिक्र आता है। 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद बढ़ने से पहले, कश्मीर अपनी मिली जुली संस्कृति 'कश्मीरियत' के लिए जाना जाता था, जहाँ हिंदू और मुसलमान एक जैसी परंपराओं, त्योहारों और जीवनशैली को साझा करते थे। उन वर्षों में पंडित समुदाय के बड़े पैमाने पर पलायन ने गहरे जख्म दिए थे। आज, जैसे-जैसे सुरक्षा हालात बेहतर हो रहे हैं और मंदिरों का जीर्णोद्धार करके उन्हें फिर से खोला जा रहा है, समुदाय के कई लोग इसे सामान्य स्थिति की ओर धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से लौटने के संकेत के रूप में देख रहे हैं। हाल के वर्षों में पंडित समुदाय के साथ भरोसा फिर से कायम करने के लिए सरकार ने जो प्रयास किए हैं, जैसे पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार और धार्मिक आयोजनों में मदद करना उन्होंने इस सावधानी भरी उम्मीद को और बढ़ाया है। धार्मीअनुष्ठानों से परे, यह त्योहार सांस्कृतिक निरंतरता को बनाए रखने का एक शांत संदेश भी था। विस्थापन और तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी परंपराओं को जीवित रखने वाले इस समुदाय के लिए, ऐसे दिन उनके विश्वास को और मजबूत करते हैं। विस्तृत पूजा-अर्चना, सामूहिक प्रार्थना, और देवी तथा छोटी बच्चियों के प्रति सम्मान ये सब उस समुदाय के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं जो अपनी विरासत को सहेज कर रखना चाहता है। साथ ही, वे एक ऐसे क Kashmir के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जहाँ आपसी सद्भाव एक बार फिर से जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन जाए। दिन भर के अनुष्ठान पूरे होने पर, दुर्गानाग से एक स्पष्ट संदेश मिला। महा अष्टमी और महा नवमी ने कश्मीरी पंडितों को न केवल शक्ति और समृद्धि के लिए माता दुर्गा का आशीर्वाद पाने का अवसर दिया, बल्कि एक गहरी सामूहिक इच्छा को व्यक्त करने का मौका भी दिया: कि बीते समय का माहौल एक दिन फिर लौट आए, घाटी फिर से मिल-जुलकर मनाए जाने वाले त्योहारों और आपसी सम्मान की जगह बन जाए, और देवी की कृपा-दृष्टि के साये में 'कश्मीरियत' की भावना पूरी तरह से बहाल हो सके। फिलहाल, पूरी आस्था और दृढ़ता के साथ प्रार्थनाएं जारी हैं। इस शांत विश्वास के साथ कि हर बीतता दिन इस समुदाय को उस शांति के थोड़ा और करीब ला रहा है, जिसे वे कभी जानते थे।
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चिंतपूर्णी मंदिर में महाअष्टमी के साथ धूमधाम, भक्तों की भारी भीड़

Una, Himachal Pradesh:विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी के दरबार में आज शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। माँ के जयकारों से पूरा चिंतपूर्णी धाम गुंजायमान रहा। सुबह से ही देश-विदेश और विशेषकर पड़ोसी राज्य पंजाब, दिल्ली व हरियाणा से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। महाअष्टमी के विशेष उपलक्ष्य पर मंदिर प्रशासन और पुजारियों द्वारा माता रानी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। माँ चिंतपूर्णी को भव्य रूप से सजाया गया और उन्हें छप्पन भोग अर्पित किए गए। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित मुख्य हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां डाली गईं। परंपरा के अनुसार, लोक-कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना के साथ प्रतीकात्मक रूप से नारियल की बलि भी दी गई। पंचांग के अनुसार इस बार तिथियों का विशेष संयोग देखने को मिला। आज महाअष्टमी की तिथि सुबह 10:51 बजे तक ही थी, जिसके चलते सुबह के समय ही श्रद्धालुओं ने उपवास, दर्शन और पूजा के विधान पूरे किए। सुबह 10:51 बजे के ठीक बाद महानवमी की तिथि शुरू हो गई। इसके चलते कई श्रद्धालुओं ने दोपहर बाद से ही नवमी के पूजन की शुरुआत कर दी। माता चिंतपूर्णी के इस पावन मेले में पंजाब और अन्य राज्यों से आई दर्जनों सामाजिक व धार्मिक लंगर संस्थाओं ने श्रद्धालुओं की खूब सेवा की। महाअष्टमी के मौके पर इन संस्थाओं द्वारा पारंपरिक कन्या पूजन (कंजक पूजन) का आयोजन किया गया, जिसमें छोटी कन्याओं को पूड़ी, चना और हलवे का प्रसाद बांटकर उनसे आशीर्वाद लिया गया। कन्या पूजन की रस्म संपन्न होने के साथ ही बाहरी राज्यों से आईं लंगर समितियां अब अपने गंतव्यों की ओर वापस लौटने लगी हैं। मेलाधिकारी एवं एसडीएम पारस अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि माता चिंतपूर्णी का यह पावन नवरात्र मेला पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो गया है। उन्होंने कहा, "दुर्गा अष्टमी का पर्व बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रशासन, पुलिस और मंदिर न्यास के आपसी तालमेल की बदौलत श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन करवाए गए। पूरा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहीं."
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बारां कृषि मंडी में दशहरे के बाद नीलामी फिर शुरू, किसानों में तेजी

Baran, Rajasthan:बारां कृषि उपज मंडी में दो दिन बाद लौटी रौनक, कल दशहरे पर बंद रहेगी नीलामी बारां। स्थानीय कृषि उपज मंडी में दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फिर से रौनक लौट आई। शुक्रवार को जिंस का उठाव नहीं होने से शनिवार को मंडी बंद रही, जबकि रविवार को साप्ताहिक अवकाश था। दो दिन बंद रहने के बाद मंगलवार सुबह से ही मंडी में नीलामी शुरू होते ही किसानों और व्यापारियों की भारी चहल-पहल देखी गई। खरीफ सीजन की नई फसल की बंपर आवक के चलते मंडी परिसर खचाखच भरा रहा। त्योहारी सीजन के बावजूद सवा लाख से अधिक कट्टों की आवक हुई। प्लेटफॉर्म से लेकर शेड तक बोरियों के ढेर लगे रहे, वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी रहीं। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मंडी प्रशासन ने मेलखेड़ी रोड स्थित दूसरे गेट से वाहनों के प्रवेश की अलग व्यवस्था की। सोमवार को अधिकांश जिंसों के भावों में तेजी देखी गई। मंडी में अधिकतर फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बिकीं। मक्का की करीब 21 हजार क्विंटल आवक रही, जिसके भाव 1700 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। सोयाबीन की 13 हजार क्विंटल आवक के साथ 6150 से 7300 रुपये, धान की 10 हजार क्विंटल आवक के साथ 3600 से 4200 रुपये, उड़द की 4 हजार क्विंटल आवक के साथ 6800 से 8841 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। वहीं लहसुन 2500 क्विंटल आवक के साथ 5180 से 24500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। सोयाबीन, मक्का, धान और उड़द में अच्छी तेजी देखने को मिली। इधर मंडी प्रशासन ने सूचना जारी की है कि कल 20 अक्टूबर, मंगलवार को दशहरा पर्व, विजयादशमी के उपलक्ष्य में मंडी में पूर्ण अवकाश रहेगा। इस दिन अनाज मंडी सहित सभी जिंसों की नीलामी कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। मंडी अब सीधे बुधवार 21 अक्टूबर को खुलेगी। प्रशासन और व्यापार संघ ने किसानों से अपील की है कि वे मंगलवार को अपनी उपज लेकर मंडी न आएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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चित्तौड़गढ़ के नवरात्रि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के सोनियाणा में मां आसावरा माता मंदिर परिसर में आयोजित छह दिवसीय नवरात्रि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य कैलाश जाट पिपलवास सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। भजन गायक दिनेश नायक ने गणपति वंदना और सांवरिया सेठ के भजनों से भक्तिमय माहौल बनाया। वहीं कृष्णा जाट ने मां आसावरा और तेजाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुति दी। कॉमेडियन कमल थाला ने हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब गुदगुदाया, जबकि मुस्कान कोटा, शीला रंगीली और रियाना जयपुर की नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
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सोनीपत के रेहान की टाइगर श्रॉफ गाड़ी पर फायरिंग केस: गिरफ्तार

Sonipat, Haryana:टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में सोनीपत के रेहान की गिरफ्तारी, पिता बोले— कानून दे सख्त सजा सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले रेहान को मुंबई पुलिस ने जयपुर हाईवे से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रेहान ने बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाई थीं और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। इस मामले में इंडिया न्यूज़ की टीम जब सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी पहुंची, तो आरोपी के परिवार से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं। रेहान के पिता ने बेटे की कथित वारदात पर अनजान होने की बात कही और कहा कि कानून उसे जो सजा देना चाहे, देनी चाहिए। वीओ-1: सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी का रहने वाला रेहान इन दिनों मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर कथित फायरिंग के मामले को लेकर चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक़, वारदात के बाद वह फरार हो गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उसे जयपुर हाईवे से गिरफ्तार कर लिया। वीओ-2: ईदगाह कॉलोनी में पता चला कि रेहान के पिता अंसारुद्दीन यहां रहते हैं। पिता के मुताबिक, पिछले करीब 12 से 13 साल से उनका रेहान की मां के साथ संपर्क नहीं है। रेहान और उसका छोटा भाई अपनी मां के साथ रहते थे। पिता ने बताया कि उन्हें बेटे की इस कथित वारदात के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। वीओ-3: नौवीं कक्षा के बाद छोड़ दी पढ़ाई रेहान के पिता के अनुसार, उन्होंने बेटे को नौवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद आगे पढ़ने के लिए भी समझाया था, लेकिन उसने पढ़ाई छोड़ दी। पिता का कहना है कि वह चाहते थे कि रेहान उनके पास आकर काम सीखे और अपने पैरों पर खड़ा हो। उन्होंने रेहान को काम सिखाने की बात भी कही थी, लेकिन वह उनके पास आने के लिए तैयार नहीं हुआ। वीओ-4: पहले भी दर्ज हुआ था मामला पिता के बयान के मुताबिक, करीब चार से पांच महीने पहले उन्हें रेहान के खिलाफ आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले की जानकारी मिली थी। बताया गया कि गोहाना में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और बाद में उसे जमानत मिल गई थी। पिता के अनुसार, उस समय रेहान की मां उसे छुड़वाकर ले गई थीं। हालांकि, इन पुराने मामलों की विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना बाकी है। वीओ-5: गुड़गांव में काम सीखने की बात कहकर निकला था घर से रेहान के पिता ने बताया कि जमानत पर बाहर आने के बाद वह घर से यह कहकर निकला था कि गुड़गांव जाकर वेल्डिंग का काम सीखेगा। जब पिता ने उससे काम के बारे में पूछा, तो उसने वेल्डिंग सीखने की बात कही। इसके बाद वह घर से चला गया। पिता के मुताबिक, उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर वह इस तरह के गंभीर मामले में शामिल हो सकता है। वीओ-6: पिता ने कहा— कानून के अनुसार मिले सजा रेहान के पिता ने कहा कि यदि उनका बेटा दोषी पाया जाता है, तो कानून के मुताबिक उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न करे।
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बिहार विधान परिषद स्नातक-शिक्षक सीटों पर NDA की स्पष्ट जीत

Kishanganj, Bihar:राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दावा किया है कि बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत तय है। मंत्री ने कहा कि एनडीए पूरी तरह से एकजुट है। शिक्षक और स्नातक वर्ग के लिए सरकार ने जो काम किए हैं और जो चिंता जताई है, उस पर मतदाताओं का पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में मतदान आगामी 23 अक्टूबर को होना है और सभी एनडीए उम्मीदवारों की जीत निश्चित मानी जा रही है। कोशी निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए के उम्मीदवार डॉ. एन.के. यादव चुनावी मैदान में हैं। मंत्री ने दावा किया कि वे भी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे।
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पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के महायज्ञ में आशीर्वाद लिया

Patna, Bihar:गुवाहाटी कामाख्या स्थित षोडसी भवन में देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में आयोजित श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ में पहुंचे सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई रंजन गोगोई ने अपनी पत्नी के साथ लिया स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का आशीर्वाद Youth चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने किया जस्टिस रंजन गोगोई का स्वागत चार दिवसीय महायज्ञ हुआ संपन्न देश भर से हजारों श्रद्धालुओं का हुआ आगमन सिंदूर और मखाना से श्रद्धालुओं ने किया माता ललिता का अर्चन स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की भारत के हर गांव में होगा माता ललिता का भव्य महायज्ञ गुवाहाटी में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की भारत 2014 के बाद विश्व शक्ति बनके उभरा है स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की देश में अराजकता विदेश के इशारे पर नहीं है स्वीकार स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा देश प्रथम है व्यक्ति बाद में
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कांग्रेस में गुटबाजी तेज, मुख्यमंत्री सुक्खू के अपने गुट के नेता लामबंद

Mandi, Himachal Pradesh:कांग्रेस के गुट ही मुख्यमंत्री सुुक्खू के खिलाफ लामबंद : राकेश जम्वाल मुख्यमंत्री के अपने गुट के नेता ही कार्यप्रणाली से नाराज होकर दूसरे गुटों में हुए शामिल, अपनों के विरोध से अलग-थलग पड़े सुक्खू दूसरे को गुटबाजी का पाठ पढ़ाने वाले मुख्यमंत्री अब अपनी ही पार्टी के गुटों में घिरे, जनता को झूठी और भ्रामक बातों में उलझाने का आरोपभाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुन्दरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी अब इस स्तर तक पहुंच गई है कि मुख्यमंत्री के अपने ही गुट के नेता उनके खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। जिन नेताओं को मुख्यमंत्री ने अपने साथ रखा, जिन पर भरोसा जताया और जिन्हें मंत्री पद तक दिया, आज वही उनकी कार्यप्रणाली से नाराज होकर दूसरे गुटों के साथ मिलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष कितना गहरा हो चुका है और मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं। राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू लगातार गुटबाजी का राग अलापते रहे, लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं चला कि कब उनके अपने गुट के नेता ही उनसे नाराज होकर दूसरे गुटों में चले गए। दूसरों को गुटबाजी का पाठ पढ़ाने वाले मुख्यमंत्री आज अपनी ही पार्टी के गुटों के बीच घिर गए हैं। जिन नेताओं को कभी उनका करीबी और समर्थक माना जाता था, उनका ही विरोध अब मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जब अपने ही गुट के नेता साथ छोड़कर दूसरे गुटों में जाने लगें, तो मुख्यमंत्री को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में गुटों की लड़ाई अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रही। कभी दिल्ली में मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंदी दिखाई देती है, कभी अलग-अलग बैठकों के जरिए शक्ति प्रदर्शन होता है, तो कभी कैबिनेट बैठकों के बहिष्कार जैसी घटनाएं सामने आती हैं। रामपुर में मुख्यमंत्री के धुर विरोधियों के साथ हुए शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व सीपीएस रहे नीरज भारती की मौजूदगी भी पार्टी के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों पर सवाल खड़े करती है। ये घटनाक्रम संकेत देते हैं कि मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध केवल दूसरे गुटों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अपने खेमे के नेताओं में भी असंतोष बढ़ रहा है।
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नाभा विधायक देव मान के थप्पड़ वाले वीडियो पर सियासी तूफान

Nabha, Punjab:ਨਾਭਾ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਦੇਵ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਥੱਪੜ ਮਾਰਨ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ, ਵਿਧਾਇਕ ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਸਫ਼ਾਈ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਸਵਾਰ ਨੌਜਵਾਨ ਨਾਲ ਵਿਧਾਇਕ ਦੀ ਗੱਡੀ ਟਕਰਾਉਣ ਤੋਂ ਬਚੀ, ਬਿਨਾਂ ਨੰਬਰ ਪਲੇਟ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਲਾਇਸੈਂਸ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਚਲਾਉਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ。 ਨਾਭਾ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਗੁਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦੇਵ ਮਾਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਪਰਵਾਸੀ ਨੌਜਵਾਨ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਦੀ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ’ਤੇ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਵਿਧਾਇਕ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਥੱਪੜ ਮਾਰਦੇ ਹੋਏ ਦੇਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਿਆਸੀ ਚਰਚਾ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ ਹੈ。 ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਹ ਘਟਨਾ ਉਸ ਸਮੇਂ ਵਾਪਰੀ ਜਦੋਂ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਦਾ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਵਿਧਾਇਕ ਦੀ ਗੱਡੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਟੱਕਰ ਹੋਣ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਬਣ ਗਈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਗੱਡੀ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਕਾਬੂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਤਾਂ ਵੱਡਾ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰ ਸਕਦਾ ਸੀ। ਵਿਧਾਇਕ ਦੇ ਦਾਅਵੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਗੱਡੀ ਨਾਲ ਨੌਜਵਾਨ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਅੱਗੇ ਜਾ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ。 ਵਿਧਾਇਕ ਵੱਲੋਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਕਿ नੌजਵਾਨ ਬਿਨਾਂ ਨੰਬਰ ਪਲੇਟ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਤੋਂ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਚਲਾਇਆ ਚੁੱਕਾ ਸੀ। ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਵਿਧਾਇਕ ਵੱਲੋਂ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਥੱਪੜ ਮਾਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਮਾਤਾ ਨੇ ਵੀ ਆਪਣੀ ਗਲਤੀ ਮੰਨੀ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਲਤੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬੱਚੇ ਦੀ ਸੀ。 ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਿਆਸੀ ਚਰਚਾ ਇਸ ਘਟਨਾ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਵੱਲੋਂ ਵਿਧਾਇਕ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਥੱਪੜ ਮਾਰਨ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਵਾਲ ਉੱਠ ਰਹੇ ਹਨ。 ਵਿਧਾਇਕ ਦੇਵ ਮਾਨ ਨੇ ਰੱਖਿਆ ਆਪਣਾ ਪੱਖ ਵਿਧਾਇਕ ਦੇਵ ਮਾਨ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ’ਤੇ ਆਪਣਾ ਪੱਖ ਰੱਖਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਵੱਲੋਂ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਉਛਾਲਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਨੁਸਾਰ, ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਕਾਰਨ ਹਾਦਸੇ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਬਣੀ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਗੱਡੀ ਪਿੱਛੇ ਲਗਾਈ ਗਈ ਸੀ。 ਵਿਧਾਇਕ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਹਾਲਤ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਵਿਹਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੋਇਆ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਹੇਠ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਉੱਤਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਜਾਂ ਬਿਹਾਰ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੋਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਕਹੀ。 ਹਾਲਾਂਕਿ, ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਹੇਠ ਹੋਣ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਪੁਸ਼ਟੀ ਸਾਹਮਣੇ ਨਹੀਂ ਆਈ ਹੈ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ, ਬਿਨਾਂ ਲਾਇਸੈਂਸ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਨੰਬਰ ਪਲੇਟ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਚਲਾਉਣ ਦੇ ਦਾਅਵਿਆਂ ਦੀ ਵੀ ਸੁਤੰਤਰ ਪੁਸ਼ਟੀ ਹੋਣੀ ਬਾਕੀ ਹੈ。 ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਉਭਾਰਿਆ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਹੀ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਵੱਲੋਂ ਕਾਨੂੰਨ ਆਪਣੇ ਹੱਥ ਵਿੱਚ ਲੈਣ ਦੇ ਸਵਾਲ ’ਤੇ ਵੀ ਚਰਚਾ ਛੇੜ ਦਿੱਤੀ
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Kotkapura में Sandhwan के घर के बाहर प्रदर्शन, सीबीआई जांच और इस्तीफे की माँग

Kot Kapura, Punjab:ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ’ਚ ਇਨਸਾਫ਼ ਲਈ ਸਪੀਕਰ ਸੰਧਵਾਂ ਦੇ ਘਰ ਬਾਹਰ ਧਰਨਾ, ਮੰਗਾਂ ਸਬੰਧੀ ਸੌਂਪਿਆ ਲਾਹਨਤ ਪੱਤਰ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਸੰਧਵਾਂ ਵਿਖੇ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਐਕਸ਼ਨ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸੱਦੇ ’ਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਦੇ ਘਰ ਬਾਹਰ ਧਰਨਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਐਕਸ਼ਨ ਕਮੇਟੀ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਸਬੰਧੀ ਲਾਹਨਤ ਪੱਤਰ ਵੀ ਸੌਂਪਿਆ। ਧਰਨੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਦਾ ਕਤਲ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਇਸ ਪਿੱਛੇ ਹੋਰ ਵੱਡੀਆਂ ਤਾਕਤਾਂ ਦੇ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦਾ ਖ਼ਦਸ਼ਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬੇਨਕਾਬ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਐਕਸ਼ਨ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਡੀਜੀਪੀ ਗੌਰਵ ਯਾਦਵ ਦੇ ਅਸਤੀਫ਼ਿਆਂ, ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਸੀਬੀਆਈ ਜਾਂਚ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਆਗੂਆਂ ਮੁਤਾਬਕ, ਇਸ ਸੰਘਰਸ਼ ਦੇ ਸਮਰਥਨ ਵਿੱਚ ਸੂਬੇ ਭਰ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਬਾਹਰ ਧਰਨੇ ਦੇ ਕੇ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਸੌੰਪੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ, ਮਜ਼ਦੂਰ ਅਤੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਵੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਦੇ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ ਸੋਸਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਮੁਹਿੰਮ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਬੇਖ਼ੌਫ਼ ਹੋ ਕੇ ਆਪਣਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਵਿਰੋਧ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਕਤਲ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਸਮੂਹ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਐਕਸ਼ਨ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ ਅਤੇ ਬੀਜੇਗੇ ਅਗਲੇ ਸੰਘਰਸ਼ੀ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਪੂਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
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पंजाब में परमिंदर सिंह झोटा केस पर आम आदमी पार्टी विधायकों के घर घेराव जारी

Bhikhi, Punjab:परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब में विधायकों के घरों का घेराव परमिंदर Singh झोटा हत्याकांड मामले को लेकर आज एक्शन कमेटी और झोटा के समर्थकों द्वारा पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों के घरों का घेराव किया जा रहा है। इसी कड़ी में मानसा से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. विजय सिंगला के घर के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर अपना रोष जाहिर किया। वहीं, सरदूलगढ़ से विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली और बुधलाडा से विधायक प्रिंसिपल बुधराम के घरों का भी घेराव किया गया। प्रदर्शन के दौरान एक्शन कमेटी और झोटा के समर्थकों द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायकों के घरों के बाहर ‘लाहनत पत्र’ भी चिपकाए गए। प्रदर्शनकारियों की इस कार्रवाई के जरिए सरकार और सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के प्रति अपना विरोध जताया गया। परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर परिवार और समर्थकों की ओर से इंसाफ की मांग लगातार उठाई जा रही है। इसी के चलते अब विरोध प्रदर्शन का रुख आम आदमी पार्टी के विधायकों के घरों तक पहुंच गया है।
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